Category: sports

  • हमारे पास ये तीन गेंदबाज हैं अगर आपके पास हैं बुमराह-शमी तो- ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर

    [object Promise]

    नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज हो और बयानबाजी न हो, ऐसा हो नहीं सकता। मेजबान ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच तीन-तीन मैचों की वनडे और टी20 सीरीज के बाद चार मैचों की टेस्ट सीरीज होनी है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने दोनों टीमों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। कैरी ने कहा है कि अगर भारत के पास जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी हैं तो हमारे पास भी मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाज हैं।

    एलेक्स कैरी ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए कहा, “हम समझते हैं कि बुमराह और शमी कितने अच्छे हैं, लेकिन हम यह भी समझते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में हमारे पास कितने अच्छे और गुणवत्ता वाले खिलाड़ी हैं। डेविड वार्नर और शीर्ष पर आरोन फिंच को भारतीय तेज गेंदबाजों के खिलाफ कुछ सफलता मिली है। हम बुमराह और शमी… चहल और जडेजा और सभी भारतीय गेंदबाजों के बारे में चर्चा करेंगे, लेकिन पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क को दौड़ते हुए देखने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं।”

    कंगारू विकेटकीपर एलेक्स कैरी वास्तविकता से बहुत दूर नहीं है, क्योंकि दोनों टीमों का गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत है। बुमराह, हेजलवुड और कमिंस मौजूदा वनडे रैंकिंग में शीर्ष 10 गेंदबाजों में से एक हैं। स्पष्ट रूप से स्टार्क और शमी किस तरह के गेंदबाज हैं, इसके लिए रैंकिंग मायने नहीं रखती। हालांकि, डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ की वापसी के साथ मेजबान कंगारू टीम भारत के खिलाफ थोड़ी मजबूत दिखेगी।

    एलेक्स कैरी ने केएल राहुल की भी तारीफ की है। उन्होने कहा है, “मैं केएल के खिलाफ कई बार खेला हूं और वह वास्तव में बहुत खतरनाक हैं। मुझे लगता है कि इस समय इस भारतीय टीम में बहुत सारे अच्छे खिलाड़ी हैं। केएल का विकेट बहुत बड़ा है।” रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में, केएल राहुल भारत के लिए बल्लेबाजी की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। वहीं, नंबर 3 और नंबर 4 पर विराट कोहली और श्रेयस अय्यर दिखाई देंगे।

     

  • हमारे गेंदबाज बाउंसर का जवाब बाउंसर से देने की क्षमता रखते हैं: सुनील गावस्कर

    [object Promise]

    नई दिल्ली। भारतीय टीम एक संपूर्ण सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। ऐसे में भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पर पूरा भरोसा है। वह मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज अब बाउंसर का जवाब बाउंसर से देते हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुडे़ तमाम मुददों पर सुनील गावस्कर ने खुलकर बातचीत की…

    – ऑस्ट्रेलियाई टीम इस समय फॉर्म में है। वह शीर्ष टीम लग रही है, उनके सारे खिलाड़ी आ गए हैं, जो भारत के खिलाफ पिछली सीरीज में नहीं थे। आप इस बार के मुकाबले को कैसे देख रहे हैं?

    • भारत-ऑस्ट्रेलिया की सीरीज हमने जो देखी है, अगर आप 1977 से देखें तो पता चलेगा कि बड़े नजदीकी मामले होते हैं। इस साल भी वैसा ही होगा। यह नजदीकी मामला होगा। दोनों टीम के पास संतुलन है। ऑस्ट्रेलिया दो साल से थोड़ा मजबूत हो गई है। उनकी टीम में डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ आ गए हैं। मार्नस लाबुशाने ने काफी प्रगति की है। मैं समझता हूं कि यह दिलचस्प सीरीज होगी।

    – कोविड-19 चल रहा है। अभी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए मुसीबत बन गया है कि पहला टेस्ट कहां करे? अधिकतर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी लंबे समय से बायो-बबल में थे। पहले इंग्लैंड दौरा, फिर यूएई में आइपीएल और अब भारत के साथ सीरीज। पहले भारत जब जाता था तो स्लेजिंग का सामना करना पड़ता था। अब बायो-बबल का अलग मानसिक तनाव हो गया है। आप कैसे देखते हैं?

    • यह एक न्यू नॉर्मल हो जाएगा। दो साल तक ऐसा ही होगा। टीम को बबल में रहना होगा, क्योंकि टीम बबल में ही सबसे सुरक्षित है। अगर आपके पास अच्छी टीम है। आपकी टीम में ऐसे खिलाड़ी हों जो मस्ती, शरारत करें, तो टीम को मानसिक तनाव नहीं होगा। ऐसे में यह दो महीने आसानी से निकल जाएंगे। आइपीएल के दौरान हमारी कमेंटटर टीम प्रोडयूसर से अलग थी। हमारी यूनिट अलग थी और यह दो महीने फटाफट चले गए। अगर ऐसा ही रहेगा तो बबल का समय आसानी से निकल जाएगा। हां, इतना जरूर है यह आसान नहीं होगा। आप दोस्त से नहीं मिल सकते, बाहर खाना नहीं खा सकते। होटल के रेस्तरां का ही इस्तेमाल करना पड़ेगा। जैसा मैंने कहा टीम अच्छी हो तो आसानी से समय बीत जाएगा। कमेंटेटर के तौर पर मुझे भी मुश्किल होगी, लेकिन कुछ महीनों में इसकी आदत हो जाएगी।

    – विराट एक ही टेस्ट खेलेंगे, फिर वह निजी कारणों से वापस आ जाएंगे, तो ऑस्ट्रेलिया के पास बड़ा मौका है? भारत घर से बाहर डे-नाइट टेस्ट नहीं खेला है। यह भी दबाव बढ़ाएगा। क्या हम टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले ही 0-1 से शुरुआत करेंगे?

    • भारतीय टीम की गेंदबाजी पिछले तीन से चार सालों में जिस तरह की हुई है तो हम किसी भी टीम को जल्दी आउट कर सकते हैं। हमारे पास इशांत शर्मा हैं, मुहम्मद शमी हैं। यह दिग्गज गेंदबाज हैं। गुलाबी गेंद का इस्तेमाल तो हमारे गेंदबाजों ने कोलकाता में बांग्लादेश के खिलाफ शानदार ढंग से किया था तो ऐसा ही कुछ हम वहां कर सकते हैं। हां, गुलाबी गेंद के टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की हैं, लेकिन कभी वह हार भी सकते हैं। मैं नहीं मानता हूं कि गुलाबी गेंद की वजह से टीम के लिए हालात मुश्किल हो जाएंगे, हां थोड़ी कठिनाई जरूर होगी। भारतीय टीम के पास काबिलियत है कि वह इन मुश्किल हालात से सामजस्य बैठा सके।

    – विराट पहला टेस्ट खेलकर वापस लौट आएंगे। रोहित वहां होंगे, तो आपको क्या लगता है कि किसे कप्तानी करनी चाहिए?

    • उप कप्तान तो अजिंक्य रहाणे हैं। जब कोई कप्तान नहीं है तो उप कप्तान ही कप्तान बन जाता है। रहाणे कप्तान बनेंगे, क्योंकि चयनकर्ताओं ने उन्हें पहले ही उप कप्तान बना दिया है। हां, विराट की गैरमौजूदगी ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छी बात हो गई है, लेकिन हमारी टीम में केएल राहुल और रोहित आ जाएंगे। रोहित ओपनिंग में अच्छी शुरुआत दिला सकते हैं। वहीं, मयंक अग्रवाल ने जिस तरह से पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर बल्लेबाजी की थी, तो इन खिलाडि़यों के टीम में रहने से लगता है कि भारतीय टीम के पास काबिलियत है। रोहित को ओपनिंग ही करनी चाहिए। वह तीनों प्रारूपों में अब ओपनिंग ही कर रहे हैं। अब आगे क्या रणनीति बनेगी वह बाद की बात है।

    – रोहित की चोट को लेकर काफी विवाद रहा। टीम चयन के समय चयनकर्ताओं ने कहा रोहित फिट नहीं है, लेकिन वह उसी दिन अभ्यास मे उतर गए। क्या इस विवाद को अच्छे से संभाला जा सकता था?

    • अब इस बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं है क्योंकि यह बीती बात हो गई है। अभी हमें ऑस्ट्रेलिया दौरे के बारे में सोचना है। अभी रोहित बेंगलुरु चले गए हैं। हम यही आशा करते हैं कि वह 100 प्रतिशत फिट होंगे और भारत को फायदा ही होगा।

    – अगले दो विश्व कप को लेकर किस तरह तैयारी करनी चाहिए? रोहित जिस तरह आइपीएल में सबसे सफल कप्तान बनकर उभरे हैं, तो क्या उन्हें भारत की टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी जानी चाहिए?

    • यह सवाल तो चयन समिति के प्रमुख सुनील जोशी से पूछना चाहिए। वैसे भी विश्व कप तो बहुत आगे की बात है। पहले हमें ऑस्ट्रेलिया की सोचनी होगी। हमें कोविड-19 की वजह से आगे की सोचने में डर लगता है। कल की सोच सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरा है तो पहले उसके बारे में सोचें। फिर जो फैसला लिया जाएगा वह बाद की बात होगी।

    – लंबे दौरे पर गेंदबाजों के कार्य प्रबंधन की बात हो रही है। माना जा रहा है कि शमी या बुमराह में से किसी एक को सीमित ओवर सीरीज में आराम दिया जाए। आपका क्या सोचना है?

    • हां हो सकता है। अगर आपका लक्ष्य टेस्ट सीरीज है तो फिर यह रोटेशन करेंगे तो टीम के लिए अच्छा होगा। भारतीय टीम के पास दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं, जिनके पास काबिलियत है। उमेश यादव 50 ओवर क्रिकेट में अच्छा करते हैं। हालांकि टी-20 में वह इतने सफल नहीं है। मुझे लगता है कि अगर हार्दिक पांड्या गेंदबाजी करेंगे तो बुमराह और शमी के कंधों का बोझ हल्का हो जाएगा। अगर 10 ओवर नहीं चार पांच भी करेंगे, तो यह इन दोनों तेज गेंदबाजों के लिए काफी फायदेमंद होगा।

    – कुछ लोग आपकी हिंदी कमेंट्री पसंद कर रहे हैं और कुछ हैं जिन्हें आपकी कमेंट्री पसंद नहीं आ रही है। आपका क्या कहना है?

    • अब ऐसा तो होगा ही कुछ पसंद करते हैं और कुछ नापसंद करते हैं। अगर मुझे पता चले कि क्या अच्छा नहीं लगता है तो उसको मैं सुधारने की कोशिश करूंगा।

    – इंटरनेट मीडिया के आने की वजह से क्या आपको लगता है कि अब कमेंटेटर की टिप्पणी को भी गलत तरीके से पेश किया जाता है। अगर आप संजय मांजरेकर को ही लें तो उन्हें खिलाड़ी की शिकायत के बाद कमेंट्री पैनल से निकाल दिया गया?

     

    • आप यह कह रहे हैं कि खिलाडि़यों की शिकायत की वजह से कमेंट्री टीम से निकाला गया, क्या आपको अधिकारिक रूप से किसी ने बताया है या फिर यह चाय के साथ हुई चर्चा से उपजी हवाहवाई बात है। अधिकारिक तौर पर जब तक कुछ नहीं कहा जाता तो इस पर कैसे यकीन किया जाए। कई बार खिलाड़ी के कंधों पर रखकर भी गोली चलाई जाती है। मुझे लगता है कि पहले सही से समझने के बाद कोई भी टिप्पणी की जानी चाहिए।

    – आपने अभी तक जितना क्रिकेट देखा है तो क्या आपको लगता है यह भारत का सर्वश्रेष्ठ आक्रमण है?

    • जी बिल्कुल, तीन तेज गेंदबाज अलग शैली, अलग ताकत ऐसा बहुत कम दिखा है। पहले कपिल देव, मदन लाल, करसन घावरी। थे। देव स्विंग करते थे और उनकी बाउसंर भी बेहतरीन थी। मदन और घावरी भी अच्छे गेंदबाज थे, उनके पास गति नहीं थी। आज इशांत, बुमराह और शमी तेज गेंदबाजी कर सकते हैं। उमेश भी तेज गेंदबाजी कर सकते हैं। फायटिंग फायर विद फायर, हमारे पास भी ऐसे गेंदबाज हैं जो बाउंसरों का जवाब बाउंसर से देने का माद्दा रखते हैं। यह मैंने तो पहली बार होते देखा है। 1930 के दौर में कभी होता था, जब मुहम्मद निसार जैसे गेंदबाज थे, लेकिन अभी कुछ आठ से 10 सालों में मैंने पहली बार ऐसा देखा है।

  • रोहित और इशांत तीन-चार दिनों में ऑस्ट्रेलिया पहुंचें, अगर वे टेस्ट खेलना चाहते हैं: रवि शास्त्री

    [object Promise]

    सिडनी। टीम इंडिया के प्रमुख कोच रवि शास्त्री ने सीनियर खिलाड़ियों रोहित शर्मा और इशांत शर्मा की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगली टेस्ट सीरीज में भाग लेने पर आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें अगले कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलिया पहुंचना होगा। रोहित (हैमस्टि्रंग) और इशांत (साइड स्ट्रेन) दोनों मांसपेशियों में खिंचाव के कारण राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैबिलिटेशन पर हैं।

    भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री ने रोहित शर्मा और इशांत शर्मा की ऑस्टेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भाग लेने पर आशंका जता दी है। उनका कहना है कि इसके लिए उन्हें 3-4 दिन में यहां पहुंचे।

    हालांकि, बीसीसीआइ ने अभी उनके ऑस्ट्रेलिया जाने की तारीख के बारे में नहीं बताया है। ऑस्ट्रेलिया में 14 दिनों के जरूरी क्वारंटाइन को देखते हुए अगर वे सोमवार को भारत से रवाना नहीं हुए तो ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ छह से आठ दिसंबर के बीच खेले जाने वाले अभ्यास मैच में भाग नहीं ले पाएंगे।

    शास्त्री ने कहा कि यह पहले ही तय हो गया था कि चोट के कारण रोहित सीमित ओवरों की सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। वे यह देखना चाह रहे थे कि उन्हें कितने आराम की जरूरत है, क्योंकि आप ज्यादा लंबे समय तक विश्राम भी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर टेस्ट सीरीज में खेलना है तो आपको अगले तीन या चार दिनों में फ्लाइट में होना होगा। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो यह मुश्किल होगा।

    स्ट्रेंथ एवं कंडिशनिंग ट्रेनिंग कर रहे रोहित

    शास्त्री ने कहा कि एनसीए की मेडिकल टीम फिलहाल आकलन कर रही है कि रोहित का खेल से ब्रेक कब तक रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लंबे समय तक आराम करना पड़ा तो चीजें मुश्किल हो सकती हैं क्योंकि आपको क्वारंटाइन को भी ध्यान में रखना है। रोहित ने इससे पहले कहा था कि वह एनसीए में स्ट्रेंथ एवं कंडिशनिंग ट्रेनिंग कर रहे हैं। शास्त्री ने कहा कि इशांत का मामला भी रोहित की तरह ही है। आप वास्तव में नहीं जानते कि वे दोनों कब ऑस्ट्रेलिया रवाना होने के लिए तैयार होंगे। जैसा मैंने कहा, अगर किसी को टेस्ट सीरीज में खेलना है, तो उसे अगले चार या पांच दिनों में उड़ान भरनी होगी। नहीं तो, यह बहुत मुश्किल होगा।

    मयंक और शुभमन में होगी सलामी बल्लेबाज के लिए प्रतिस्पर्धा

    भारतीय टीम प्रबंधन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए बेहतर सलामी जोड़ी बनाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में शिखर धवन के जोड़ीदार के रूप में मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। सीरीज की शुरुआत 27 नवंबर से होनी है। भारतीय टीम ने अपनी पिछली वनडे सीरीज न्यूजीलैंड में खेली थी, जहां उन्हें 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। अग्रवाल वहां पर तीनों प्रारूप में खेले थे, लेकिन ज्यादा सफल नहीं हुए थे। जहां तक शुभमन के चयन का सवाल है तो यह फैसला कोच शास्त्री और कोहली को सिडनी की पिच को देखते हुए लेना होगा। शास्त्री ने रविवार को गिल के साथ लंबी बातचीत की थी।

     

  • रोहित और इशांत को टेस्ट खेलने हैं तो तीन-चार दिन में ऑस्ट्रेलिया पहुंचें : रवि शास्त्री

    [object Promise]

    सिडनी, प्रेट्र। टीम इंडिया के प्रमुख कोच रवि शास्त्री ने सीनियर खिलाड़ियों रोहित शर्मा और इशांत शर्मा की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगली टेस्ट सीरीज में भाग लेने पर आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें अगले कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलिया पहुंचना होगा। रोहित (हैमस्टि्रंग) और इशांत (साइड स्ट्रेन) दोनों मांसपेशियों में खिंचाव के कारण राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैबिलिटेशन पर हैं।

    हालांकि, बीसीसीआइ ने अभी उनके ऑस्ट्रेलिया जाने की तारीख के बारे में नहीं बताया है। ऑस्ट्रेलिया में 14 दिनों के जरूरी क्वारंटाइन को देखते हुए अगर वे सोमवार को भारत से रवाना नहीं हुए तो ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ छह से आठ दिसंबर के बीच खेले जाने वाले अभ्यास मैच में भाग नहीं ले पाएंगे।

    शास्त्री ने कहा कि यह पहले ही तय हो गया था कि चोट के कारण रोहित सीमित ओवरों की सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। वे यह देखना चाह रहे थे कि उन्हें कितने आराम की जरूरत है, क्योंकि आप ज्यादा लंबे समय तक विश्राम भी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर टेस्ट सीरीज में खेलना है तो आपको अगले तीन या चार दिनों में फ्लाइट में होना होगा। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो यह मुश्किल होगा।

    मयंक और शुभमन में होगी सलामी बल्लेबाज के लिए प्रतिस्पर्धा

    भारतीय टीम प्रबंधन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए बेहतर सलामी जोड़ी बनाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में शिखर धवन के जोड़ीदार के रूप में मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। सीरीज की शुरुआत 27 नवंबर से होनी है। भारतीय टीम ने अपनी पिछली वनडे सीरीज न्यूजीलैंड में खेली थी, जहां उन्हें 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। अग्रवाल वहां पर तीनों प्रारूप में खेले थे, लेकिन ज्यादा सफल नहीं हुए थे। जहां तक शुभमन के चयन का सवाल है तो यह फैसला कोच शास्त्री और कोहली को सिडनी की पिच को देखते हुए लेना होगा। शास्त्री ने रविवार को गिल के साथ लंबी बातचीत की थी।

     

    स्ट्रेंथ एवं कंडिशनिंग ट्रेनिंग कर रहे रोहित

    शास्त्री ने कहा कि एनसीए की मेडिकल टीम फिलहाल आकलन कर रही है कि रोहित का खेल से ब्रेक कब तक रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लंबे समय तक आराम करना पड़ा तो चीजें मुश्किल हो सकती हैं, क्योंकि आपको क्वारंटाइन को भी ध्यान में रखना है। रोहित ने इससे पहले कहा था कि वह एनसीए में स्ट्रेंथ एवं कंडिशनिंग ट्रेनिंग कर रहे हैं। शास्त्री ने कहा कि इशांत का मामला भी रोहित की तरह ही है। आप वास्तव में नहीं जानते कि वे दोनों कब ऑस्ट्रेलिया रवाना होने के लिए तैयार होंगे। जैसा मैंने कहा, अगर किसी को टेस्ट सीरीज में खेलना है, तो उसे अगले चार या पांच दिनों में उड़ान भरनी होगी। नहीं तो, यह बहुत मुश्किल होगा।

  • एक दूसरे के पूरक कोहली और रहाणे : वार्नर

    [object Promise]

    भारत के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज में मेजबान आस्ट्रेलिया को अपने घर में दो विभिन्न कप्तानों की चुनौती का सामना करना है और ऐसे में कंगारू अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अलग अप्रोच के साथ उतर सकते हैं। यह कहना है कि आस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर का। भारतीय कप्तान विराट कोहली अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण चार मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेलने के बाद स्वदेश लौट जाएंगे और उनकी जगह अजिंक्य रहाणे को बाकी तीन मैचों के लिए भारतीय टीम का कप्तान बनाए जाने की संभावना है।

    क्रिकइंफो ने सोमवार को वार्नर के हवाले से कहा, ” निश्वित रूप से विराट की कमी खलेगी। वह एक शानदार खिलाड़ी हैं। वह (रहाणे) बहुत शांत हैं और बहुत ही अच्छी अप्रोच के साथ आते हैं। उनके पास बहुत अच्छा क्रिकेटिंग दिमाग है।”

    34 वर्षीय वार्नर ने आगे कहा, ” वह काफी पेशेवर और आक्रामक है। जब आप वहां होते हैं तो वो कड़ा मुकाबला खेलते हैं। रहाणे शांत है। यह उन दोनों (कोहली और रहाणे) के रूप में चाक और पनीर की तरह हैं। एक खिलाड़ी के रूप में कोशिश करने और मैदान पर बने रहने के लिए वे काफी मेहनत करते हैं।”

    सलामी बल्लेबाज ने कहा, ” भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उनके पास तीन-चार अच्छे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी समय टीम की कप्तानी कर सकते हैं।”

    हालांकि टेस्ट सीरीज से पहले आस्ट्रेलिया और भारत के बीच तीन वनडे और इतने ही मैचों की टी20 सीरीज खेली जानी है।

  • इंग्लैंड ने 5 विकेट से द.अफ्रीका को हराया, 86 रन की तूफानी पारी खेली बेयरस्टो ने…

    [object Promise]

    नई दिल्ली। इंग्लैंड की टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज जीत के साथ किया है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम ने फाफ डु प्लेसिस के अर्धशतक के दम पर 6 विकेट पर 179 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने जॉनी बेयरस्टो 86 की तूफानी पारी की बदौलत 5 विकेट खोकर 19.5 ओवर में जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया। बेयरस्टो की शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पहले ही ओवर में ओपनर तेंबा बवुमा अपना विकेट गंवा बैठे। कप्तान क्विंटन डि कॉक और पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने पारी को संभाला। दोनों ने स्कोर को 83 रन तक पहुंचाया और इसी स्कोर पर डि कॉक 30 रन के स्कोर पर आउट हुए। इसके बाद अर्धशतक जमाने वाले डु प्लेसिस को सैम कुर्रन ने आउट किया।

    वान डेर डुसेन ने कुछ आकर्षक शॉट लगाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर साउथ अफ्रीका ने 179 रन बनाए। इंग्लैंड के लिए सैम कुर्रन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट हासिल किए जबकि जोफ्रा आर्चर, टॉम कुर्रन और क्रिस जॉर्डन को एक-एक सफलता मिली।

    खराब शुरुआत के बाद भी जीती इंग्लैंड

    लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही और दूसरी ही गेंद पर जेसन रॉय को डेब्यू मैच खेल रहे जॉर्ज डिंगा ने आउट कर दिया। रॉय बिना खाता खोले आउट हुए तो जोस बटलर महज 7 रन बनाकर लुंगी एंगिडी के शिकार हुए। इसके बाद डाविड मालान भी जल्दी ही अपना विकेट गंवा बैठे। 34 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद बेन स्टोक्स ने जॉनी बेयरस्टो के साथ पारी को संभाला।

    बेयरस्टो ने छक्के से दिलाई जीत

    स्टोक्स 37 रन बनाकर आउट हुए लेकिन बेयरस्टो ने अपना खेल जारी रखा। महज 48 गेंद पर 86 रन की नाबाद पारी खेलते हुए उन्होंने टीम की जीत पक्की की। एंगिडी के आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर शानदार छक्का लगाते हुए बेयरस्टो ने इंग्लैंड को जीत दिलाई। इससे पहले चौथी गेंद पर उन्होंने चौका जड़ा था।

     

  • ऑलराउंडर के चोटिल होने से दूसरे वनडे से पहले ऑस्ट्रेलिया को लगा झटका …

    [object Promise]

    नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला रविवार 29 नवंबर को खेला जाना है। इस मैच से पहले मेजबान को झटका लग सकता है। सिडनी वनडे के दौरान चोटिल हुए ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस के दूसरे मुकाबले से बाहर होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक उनकी चोट गंभीर है जिसकी वजह से उनका अगला दोनों मुकाबला खेलना मुश्किल लग रहा है।

    ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस का भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में खेलना संदिग्ध लग रहा है। खबरों के मुताबिक शुक्रवार को सिडनी में खेले गए पहले मैच के दौरान वह चोटिल हो गए हैं। स्टोइनिस मैच के दौरान अपना गेंदबाजी कोटा भी पूरा नहीं कर पाए थे। वह अपने 7वें ओवर की दूसरी गेंद को फेंकने के बाद दर्द में नजर आए जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। स्पिनर ग्लेन मैक्सवेल ने स्टोइनिस के ओवर के बचे चार गेंद को डाला।

    ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक स्टोइनिस के पेट में बाईं तरफ दर्द की शिकायत हुई जिसके बाद इसकी गंभीरता को जानने के लिए स्कैन कराने का फैसला लिया गया। मैच के बाद कमेंट्री पैनल ने भी इस बात की जानकारी दी कि उनकी चोट गंभीर है और अगले दोनों ही मुकाबलों में उनके खेलने पर संशय है।

    स्टोइनिस के दूसरे वनडे में नहीं खेलने पर ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन और मोइसेस हेनरिक्स में से किसी को मौका मिल सकता है। ये दोनों ही खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के दावेदार है।

    मैच के बाद स्टीव स्मिथ ने स्टोइनिस के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मुझे नहीं पता है कि इस वक्त स्टोइनिस कैसे हैं। उन्हें मैंने नहीं देखा है, लेकिन उम्मीद करता हूं कि वह ठीक हो जाएंगे। उनकी चोट अगर ठीक नहीं हो पाती है तो किसी ना किसी खिलाड़ी को मौका जरूर ही मिलेगा। उनकी जगह लेने के लिए ऐसे किसी को आना होगा जो गेंदबाज हो… शायद कैमरन (ग्रीन),’ ग्रीन शेफील्ड शील्ड के दौरान बल्ले और गेंद दोनों में अच्छे फॉर्म में हैं।

     

  • केन से कोहली ने कहा, क्या आप आ सकते हैं एक काउंटर अटैकिंग बल्लेबाज के रूप में

    [object Promise]

    नई दिल्ली | इंग्लैंड फुटबाल टीम के कप्तान हैरी केन ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें वे इंडोर नेट्स में टेनिस गेंद से बल्लेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में केन ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर को टैग किया है। कोहली ने भी इस पर मजाकिया लहजे में प्रतिक्रिया दी है। केन ने ट्वीट किया, “मुझे लगता है कि मुझ में एक अच्छी टी-20 पारी खेलने की काबिलियत है। आंखों में आंसूं। क्रिकेट का बल्ला और गेंद। क्या अगले आईपीएल सीजन के लिए टीम में जगह है आरसीबी, कोहली?”

    कोहली ने इस पर शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “हाहा..अच्छी बल्लेबाजी दोस्त। हम तम्हें काउंटर अटैकिंग बल्लेबाज के तौर पर शामिल कर सकते हैं।”

    केन के वीडियो पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने भी प्रतिक्रिया दी है और उस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के बारे में पूछा रहे हैं जिनकी बाउंसरों को केन खेल रहे हैं।

    बेंगलोर फ्रेंचाइजी ने केन के ट्वीट का जवाब देते हुए मजाक करते हुए पूछा है, “जर्सी नंबर-10.. आपके लिए हैरी कैन।”

  • अब BCCI की घरेलू क्रिकेट शुरू करने की योजना IPL के बाद, तैयार किया ब्लू प्रिंट

    [object Promise]

    मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने घरेलू क्रिकेट का आयोजन करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। बोर्ड ने सीमित मुकाबलों के सत्र के ढांचे पर राज्य संघों की सलाह मांगी है। घरेलू सत्र के आयोजन के लिए बोर्ड ने दिसंबर से मार्च के बीच देश भर में छह बायो-बबल (कोरोना से बचाव के लिए बनाए गए नियमों के तहत सुरक्षित माहौल) स्थल तैयार करने की योजना बनाई है।

    संघों को लिखे पत्र में बोर्ड ने घरेलू मुकाबलों के आयोजन को लेकर चार विकल्प दिए हैं जिसमें पहला विकल्प सिर्फ रणजी ट्रॉफी का आयोजन है। दूसरा विकल्प सिर्फ सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट का आयोजन है। तीसरे विकल्प में रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का संयोजन होगा, जबकि चौथा विकल्प दो सीमित ओवरों के टूर्नामेंट (सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी) के लिए विंडो तैयार करना है।

    पत्र के अनुसार बीसीसीआइ ने टूर्नामेंट के संभावित समय पर भी बात की है। रणजी ट्रॉफी (11 जनवरी से 18 मार्च) के लिए 67 दिन प्रस्तावित किए गए हैं। मुश्ताक अली ट्रॉफी के आयोजन के लिए 22 दिन (20 दिसंबर से 10 जनवरी) की जरूरत होगी, जबकि अगर विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन होता है तो यह 11 जनवरी से सात फरवरी के बीच 28 दिन में आयोजित हो सकता है।

    बीसीसीआइ 38 टीमों के घरेलू टूर्नामेंट के लिए छह स्थानों पर सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा। पत्र में कहा गया है, 38 टीमों को पांच एलीट समूह और एक प्लेट समूह में बांटा जाएगा। एलीट समूह में छह-छह टीमें होंगी जबकि प्लेट समूह में आठ टीमें होंगी।

    प्रत्येक बायो-बबल में तीन आयोजन स्थल होंगे और मैचों का डिजिटल प्रसारण किया जाएगा। बोर्ड ने हाल में इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन यूएई में कोरोना से सुरक्षित माहौल में किया था और अध्यक्ष सौरव गांगुली ने जोर देते हुए कहा था कि आम तौर पर अगस्त में होने वाले घरेलू सत्र भी शुरू किया जा सकता है।

     

  • कप्तान अच्छा है, खिलाड़ी साथ नहीं दे रहे: हरभजन सिंह

    [object Promise]

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर मिली लगातार दो हार के बाद कप्तान विराट कोहली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। फैंस और दिग्गजों ने इस बात की मांग भी करनी शुरू कर दी है कि कोहली को टीम की कप्तानी छोड़ देनी चाहिए। भारतीय टीम के अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह ने कोहली का बचाव किया है। उनका कहना है कि कप्तानी में वह अच्छे हैं लेकिन बाकी टीम के खिलाड़ी कोहली का साथ नहीं दे रहे।

    हरभजन ने एक हिन्दी न्यूज चैनल से बात करते हुए विराट कोहली का बचाव किया। उन्होंने साफ कहा कि वह अकेले भारत को मैच नहीं जिता सकते हैं। टीम में खेलने वाले बाकी लोगों को भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। कोहली के उपर कप्तानी का कोई दवाब नहीं है वो इसे चुनौती की तरह से लेते हैं और टीम के लिए बतौर कप्तान आगे बढ़कर उदाहरण पेश करते हैं।

    “मुझे तो नहीं लगता है कि कप्तानी करते हुए कोहली किसी भी तरह से दबाव में हैं। मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता कि यह उनके लिए कोई भार है। मुझे तो ऐसा लगता है कि वह ऐसी चुनौतियों को मजा उठाते हैं, वह एक नेता हैं जो आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करता है और टीम के लिए ऐसा उदाहरण पेश करता है जो भी जरूरी होता है सबकुछ करते हैं। वह टीम के लिए मैच जीतना चाहते हैं।”

    “मैं ऐसा नहीं मानता कि कप्तानी कोहली पर असर डालती है, यह बात भी तो सच है कि एक अकेला खिलाड़ी मैच नहीं जिता सकता है। जैसा कि मैंने कहा, विश्व कप के बाद भी जैसा सभी ने देखा कि आपके पास विराट कोहली और रोहित शर्मा थे जो सामने आते थे और टीम को आगे लेकर जाते थे। इन दोनों ही बल्लेबाजों ने ज्यादा से ज्यादा रन बनाए।”

    टीम के खिलाड़ियों से साथ नहीं मिल रहा

    “केएल राहुल को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखना सुखद है लेकिन आपको और भी कई लोगों के आगे आकर टीम इंडिया के लिए लगातार बेहतर खेल दिखाने की जरुरत होती है। इससे विराट के उपर से दबाव थोड़ा सा कम हो पाएगा और वह खुलकर बल्लेबाजी कर पाएंगे। कोहली वो सबकुछ कर पाएंगे जिसकी जरूरत है और वह इस खेल का मजा भी उठा पाएंगे।”