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  • दिल्ली कैपिटल्स आज सामना करेगी किंग्स इलेवन से…

    दिल्ली कैपिटल्स आज सामना करेगी किंग्स इलेवन से…

    दुबई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन के पहले मैच में एक ओर जहां दो सबसे सफल टीमों का सामना हुआ तो वहीं दूसरे मैच में आज दो ऐसी टीमें-दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब आमने-सामने होगी, जिनका आईपीएल में प्रदर्शन निरंतर और ज्यादा खास नहीं रहा है।

    पहले 11 सीजनों में अच्छा न करने वाली दिल्ली की फ्रेंचाइजी ने 12वें सीजन में अपना नाम बदल कर दिल्ली डेयरडेविल्स से दिल्ली कैपिटल्स कर दिया था और पिछले साल यह टीम सफल भी रही थी। वहीं पंजाब हमेशा से ऐसी टीम रही है जो लीग की शुरुआत से पहले कागजों पर तो मजबूत दिखती है लेकिन खिलाड़ी समय पड़ने पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।

    2019 में, सात साल के लंबे गैप के बाद दिल्ली ने प्लेऑफ में जगह बनाई थी लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से हार गई थी। पिछले साल बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद दिल्ली ने कप्तान श्रेयस अय्यर, विकेटकीपर ऋषभ पंत और कगिसो रबाडा सहित अपनी कोर टीम को बनाए रखा है।

    टीम ने कुछ अंडर परफॉर्मर खिलाड़ी जैसे कोलिन मुनरो, कोलिन इनग्राम और क्रिस मौरिस को रिलीज कर दिया। इन लोगों के बदले में दिल्ली ने अपनी टीम में एलेक्स कैरी, जेसन रॉय को ला कर अपनी बल्लेबाजी को मजबूत किया। क्रिस वोक्स, मोहित शर्मा, ललित यादव, तुषार देशपांडे को भी टीम शामिल कर मजबूत किया है। फ्रेंचाइजी ने शिमरन हेटमायेर और मार्कस स्टोइनिस को भी महंगी प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया है।

    इन लोगों के अलावा, दिल्ली ने अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन को भी खरीदा है। दिल्ली के पास अक्षर पटेल, मार्कस स्टोइनिस और क्रिस वोक्स जैसे ऑलराउंडर हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में रबाडा के अलावा ईशांत शर्मा, आवेश खान और हर्षल पटेल हैं।

    2019 में दिल्ली को सफलता शिखर धवन, पंत और श्रेयस की बल्लेबाजी के दम पर मिली थी। यह तीनों सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष-10 बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। गेंदबाजों में रबाडा ने 12 मैचों में 25 विकेट लिए थे। टीम प्रबंधन उम्मीद करेगा कि यह सभी इस सीजन भी वैसा ही प्रदर्शन करें जैसा पिछले सीजन में किया था।

    दिल्ली ने अश्विन को अपने साथ जोड़ अपने स्पिन विभाग को मजबूत किया है। लेग स्पिनर अमित मिश्रा के साथ मिलकर अश्विन यूएई की धीमी और नीची रहने वाली पिचों पर बाकी टीमों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

    वहीं, पंजाब के पास हमेशा से शीर्ष स्तर के खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन एक या दो संस्करणों को पीछे छोड़ दें तो अभी तक के सभी संस्करणों में टीम अपनी लय खो बैठती है। 2008 में खेले गए लीग के पहले संस्करण में टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी और 2014 में उप-विजेता रही थी और फाइनल में केकेआर से हार गई थी।

    किंग्स इलेवन पंजाब, दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के साथ तीसरी ऐसी टीम है जिसने अभी तक खिताब नहीं जीता है। इस बार ओपनर लोकेश राहुल टीम की कप्तानी कर रहे हैं। पंजाब ने ग्लेन मैक्सवेल, शेल्डन कोटरेल, जेम्स नीशाम, दीपक हुड्डा, रवि बिश्नोई, क्रिस जॉर्डन और ईशान पोरेल पर भरोसा दिखाया है।

    किंग्स इलेवन के पास टॉप ऑर्डर में क्रिस गेल भी हैं और वह अकेले मैच का पासा पलट सकते हैं। गेल के प्रदर्शन में निरंतरता न रहना पंजाब के लिए समस्या हो सकती है। और अगर वह सीजन की शुरूआत में ही लय में आ जाते हैं तो वह किसी भी चुनौती को ध्वस्त कर सकते हैं।

    काफी कुछ इस बात पर भी निर्भर करता है कि गेल और राहुल की ओपनिंग जोड़ी किस तरह से खेलती है। वहीं अनुभवी मोहम्मद शमी तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करेंगे। उनका साथ देने के लिए टीम में हर्डस विजोलेन और कॉटरेल भी होंगे। स्पिन अटैक में बिश्नोई, मुजीब उर रहमान और मुरुगन अश्विन टीम के पास हैं।

    जहां तक सपोर्ट स्टाफ की बात है तो वहां भी टीम के पास अनिल कुंबले के रूप में मुख्य कोच, जोंटी रोड्स जैसा फील्डिंग कोच, वसीम जाफर बतौर बल्लेबाजी कोच, सुनील जोशी बतौर स्पिन गेंदबाजी कोच के तौर पर हैं।

    टीमें (सम्भावित) :

    किंग्स इलेवन पंजाब – लोकेश राहुल (कप्तान), करुण नायर, मोहम्मद शमी, निकोलस पूरन, मुजीब उर रहमान, क्रिस गेल, मनदीप सिंह, मयंक अग्रवाल, हर्डस विजोलेन, दर्शन नालकंडे, सरफराज खान, अर्शदीप सिंह, हरप्रीत ब्ररार, मुरुगन अश्विन, के. गौतम, जे सुचीथ, ग्लेन मैक्सवेल, शेल्टन कॉटरेल, दीपक हुड्डा, ईशान पोरेल, रवि बिश्नोई, जेम्स नीशाम, क्रिस जॉर्डन, तेजिंदर ढिल्लन, प्रभसिमरन सिंह।

    दिल्ली कैपिटल्स – श्रेयस अय्यर (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, एलेक्स कैरी, जेसन रॉय, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), शिखर धवन, शिमरन हेटमायेर, अक्षर पटेल, क्रिस वोक्स, ललित यादव, मार्कस स्टोइनिस, कीमो पॉल, अमित मिश्रा, आवेश खान, हर्षल पटेल, ईशांत शर्मा, कागिसो रबाडा, मोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, संदीप लामिछाने, तुषार देशपांडे।

  • आईपीएल-13 : बल्लेबाजी क्रम में चाहेंगी चेन्नई, दिल्ली सुधार

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    दुबई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में आज चेन्नई सुपर किंग्स का सामना दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के साथ होगा। चेन्नई ने मुंबई को हराकर जीत के साथ शुरुआत की थी, लेकिन दूसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम को हरा दिया था।

    राजस्थान के खिलाफ टीम के गेंदबाजों ने काफी रन लुटाए थे और चेन्नई को जीत के लिए 217 रनों की चुनौती दी थी। चेन्नई काफी कोशिश की बाद 16 रनों से मैच हार गई थी।

    गेंदबाजी के अलावा बल्लेबाजी में भी टीम ने कुछ खास नहीं किया था। सिर्फ फाफ डु प्लेसिस का बल्ला चला था बाकी सभी असफल रहे थे।

    पहले मैच में फाफ के साथ टीम को जीत दिलाने वाले बल्लेबाज अंबाती रायडू दूसरे मैच में नहीं खेले थे। उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड को उतारा गया था जो पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे। रायडू के दूसरे मैच में खेलने पर अभी भी अनिश्चित्ता है और यह चेन्नई के लिए बड़ी मुश्किल साबित हो सकता है।

    पिछले दो मैचों में चेन्नई की सलामी जोड़ी असफल रही है। न मुरली विजय चले हैं और न ही शेन वाटसन। दूसरे मैच में टीम को बड़े स्कोर के सामने जिस तरह की शुरूआत चाहिए थी वो यह दोनों दे नहीं पाए थे।

    चेन्नई की समस्या मध्य क्रम की भी है। केदार जाधव, ऋतुराज खुद, धोनी कुछ खास नहीं कर पाए हैं। धोनी ने पिछले दोनों मैचों में इंग्लैंड के युवा सैम कुरैन को अपने से ऊपर भेजा था।

    चेन्नई के लिए धोनी का स्थान एक चर्चा का विषय है। धोनी ने पिछले मैच में नंबर-7 पर बल्लेबाजी की थी, लेकिन जब तक वो आए थे और जिस तरह से शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी कर रहे थे उससे कई सावल खड़े हुए थे। उन्होंने आखिरी ओवर में तीन छक्के जरूर लगाए थे, लेकिन टीम के लिए उनका मतलब नहीं रह गया था।

    अब देखना होगा कि रायडू की अनुपस्थिति में धोनी ऊपर आकर टीम को संभालने की जिम्मेदारी लेते हैं या फिर नीचे ही खेलते हैं।

    वहीं गेंदबाजी की बात की जाए तो पिछले मैच में चेन्नई के स्पिनरों ने खूब रना लुटाए थे। रवींद्र जडेजा ने चार ओवरों में 40 रन लिए थे और विकेट भी नहीं निकाल पाए थे। पीयूष चावला का अनुभव भी टीम के काम नहीं आया था। इस लेग स्पिनर ने चार ओवरों में 55 रन देकर एक विकेट लिया था।

    लुंगी नगिदी को आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने चार छक्के लगाए थे, इसको अगर हटा दिया जाए तो उनका प्रदर्शन ठीक रहा था। कुरैन और दीपक चहर भी औसत प्रदर्शन कर पाए थे।

    पूरी संभावना है कि धोनी गेंदबाजी आक्रमण में बदले हुए नामों के साथ उतरें।

    दूसरी तरफ दिल्ली कैपिटल्स का पहला मैच इस सीजन का अभी तक का सबसे दिलचस्प मैच था। मार्कस स्टोइनिस ने दिल्ली को बल्ले और गेंद दोनों से बचाया था। स्टोइनिस ने आखिरी तीन गेंदों पर किंग्स इलेवन पंजाब को एक रन नहीं बनाने दिया था और मैच सुपर ओवर में ले गए थे, जहां कागिसो रबादा ने दिल्ली का काम आसान कर दिया था।

    पंजाब के खिलाफ दिल्ली की बल्लेबाजी को पूरी तरह से फ्लॉप रही थी। पृथ्वी शॉ, शिखर धवन और शिमरेन हेटमायेर दोहरी संख्या में भी नहीं पहुंच सके थे।

    ऋषभ पंत और कप्तान श्रेयस अय्यर ने कुछ हद तक टीम को संभाला था, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे। अंत में अगर स्टोइनिस 21 गेंदों में 53 रनों की पारी नहीं खेलते तो दिल्ली का सम्मानजनक स्कोर पाना भी मुश्किल था।

    टीम प्रबंधन एक मैच के बाद प्लेइंग इलेवन में बदलाव की तो शायद ही सोचे, लेकिन यह जरूर चाहेगी कि उसके बल्लेबाज काम करें।

    गेंदबाजी में दिल्ली को राहत है। एनरिक नोर्टजे, रबादा ने तेज गेंदबाजी आक्रमण को संभाला था। यहां मोहित शर्मा जरूर थोड़े महंगे साबित हुए थे। गेंदबाजी में टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता रविच्रंदन अश्विन की चोट है। पंजाब के खिलाफ पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर अपनी टीम को मजबूत करने वाले अश्विन आखिरी गेंद पर रन रोकने के प्रयास में अपना कंधा चोटिल कर बैठे थे।

    वह मैदान के बाहर चले गए थे और फिर लौटे नहीं थे। अगर अश्विन फिट रहते हैं तो वह निश्चित तौर पर खेलेंगे, लेकिन नहीं तो उनके स्थान की भरपाई दिल्ली को करनी होगी। टीम के पास लेग स्पिनर अमित मिश्रा और संदीप लामिछाने के विकल्प हैं।

    टीमें :-

    दिल्ली कैपिटल्स : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, एलेक्स कैरी, जेसन रॉय, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), शिखर धवन, शिमरन हेटमायेर, अक्षर पटेल, क्रिस वोक्स, ललित यादव, मार्कस स्टोइनिस, कीमो पॉल, अमित मिश्रा, आवेश खान, हर्षल पटेल, ईशांत शर्मा, कागिसो रबाडा, मोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, संदीप लामिछाने, तुषार देशपांडे।

    चेन्नई सुपर किंग्स : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), केदार जाधव, रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला, ड्वायन ब्रावो, कर्ण शर्मा, शेन वाटसन, शार्दूल ठाकुर, अंबाती रायडू, मुरली विजय, फाफ डु प्लेसिस, इमरान ताहिर, दीपक चाहर, लुंगी नगिदी, मिशेल सैंटनर, केएम. आसिफ, नारायण जगदीशन, मोनू कुमार, रितुराज गायकवाड़, आर. साई किशोर, जोश हेजलवुड, सैम कुरैन।

  • बैडमिंटन 2020 सीजन पूरा होगा जनवरी 2021 में: बीडब्ल्यूएफ

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    कुआलालम्पुर| विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने घोषणा की है कि विश्व टूर 2020 का एशियाई चरण अगले साल जनवरी में होगा और इसका मतलब है कि 2020 का सीजन 2021 में समाप्त होगा। बीडब्ल्यूएफ ने शुक्रवार को कहा कि विश्व टूर के एशियाई चरण के टूर्नामेंटों को साजोसामान संबंधी जटिलताओं के कारण स्थगित कर दिया गया है।

    एशियाई चरण के मुकाबले पहले नवंबर में होने थे लेकिन अब इनका आयोजन जनवरी में बैंकॉक में किया जाएगा। इन टूर्नामेंटों में दो सुपर 1000 टूर्नामेंट और विश्व टूर फाइनल्स शामिल हैं।

    बीडब्ल्यूएफ के अध्यक्ष पोल-एरिक होयर लार्सन और इसके महासचिव थॉमस लुंड ने एक संयुक्त बयान में कहा कि टूर्नामेंट को स्थगित करने से विश्व रैंकिंग और अगले सीजन के बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट कैलेंडर पर असर पड़ेगा लेकिन यह सबसे अच्छा विकल्प था।

    बीडब्ल्यूएफ ने इस महीने ही थॉमस एंड उबर कप से कई देशों के हटने के बाद अब इस बैडमिंटन टूर्नामेंट को स्थगित करने की घोषणा की थी। थॉमस एंड उबर कप का आयोजन अगले महीने डेनमार्क में तीन 11 से अक्टूबर तक होना था।

    इस टूर्नामेंट की शुरुआत के साथ ही कोविड-19 महामारी के बाद पहली बार किसी शीर्ष स्तरीय बैडमिंटन टूर्नामेंट की शुरूआत होनी थी।

  • नाइट राइडर्स के सामने होगी राजस्थान रॉयल्स की चुनौती

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    दुबई। कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) को अगर इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में अपना अभियान पटरी पर बनाए रखना है तो उसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बुधवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। दोनों ही टीमें इस स्टेडियम में सत्र में पहली बार खेलेंगी।

    रॉयल्स को शुरू से छुपा रुस्तम माना जा रहा था और उसने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही अपना यह लक्षण जगजाहिर कर दिया। पिछले मैच में उसने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 224 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य को हासिल किया। रॉयल्स ने अपने दोनों मैच जीते हैं और उसने बड़ी आसानी से 200 रन की संख्या को पार किया है।

    फॉर्म में राजस्थान के बल्लेबाज : राजस्थान की इन सफलताओं में संजू सैमसन और राहुल तेवतिया का योगदान अहम रहा है, जो अब तक स्टार खिलाडि़यों पर भारी पड़े हैं। हरियाणा के ऑलराउंडर तेवतिया ने किंग्स इलेवन के खिलाफ पिछले मैच में 31 गेंदों पर 53 रन बनाकर मैच का पासा पलट दिया था। तेवतिया ने एक समय 19 गेंदों पर सिर्फ आठ और फिर 23 गेंदों पर 17 रन बनाए थे, लेकिन अचानक ही उनके अंदर का आक्रामक बल्लेबाज जाग उठा और उन्होंने तेज गेंदबाज शेल्डन कॉटरेल के एक ओवर में पांच छक्के लगाकर मैच का नक्शा बदल दिया।

    वहीं, केरल के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने लगातार दो अर्धशतक जमाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 214.86 है। इससे उन्होंने भारतीय टीम में विकेटकीपर कप्तान स्टीव स्मिथ ने भरोसमंद की भूमिका निभाई है। उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं, जबकि सलामी बल्लेबाज जोस बटलर से टीम को धमाकेदार पारी का इंतजार है।

    कोलकाता को रसेल व मोर्गन से उम्मीद : अगर केकेआर को रॉयल्स की बराबरी करनी है या उससे आगे निकलना है तो उसके सबसे बड़े स्टार आंद्रे रसेल और इंग्लैंड के विश्व कप विजेता कप्तान इयोन मोर्गन को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। मोर्गन और रसेल को अभी तक कम मौके मिले हैं, क्योंकि उन्हें बल्लेबाजी क्रम में पांचवें और छठे नंबर पर उतारा गया।

    केकेआर का टीम प्रबंधन इस मैच में उन्हें ऊपरी क्रम में उतार सकता है। केकेआर को अपने पहले मैच में मुंबई इंडियंस से शिकस्त मिली, लेकिन दूसरे मैच में उसने सनराइजर्स हैदराबाद की गलतियों का फायदा उठाकर अच्छी वापसी की। प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल के नाबाद अर्धशतक और मोर्गन की तूफानी पारी से केकेआर ने दो ओवर शेष रहते ही 145 रन के लक्ष्य को हासिल कर दिया था।

    टीम :

    कोलकाता नाइटराइडर्स : दिनेश काíतक (कप्तान), आंद्रे रसेल, कमलेश नागरकोटी, कुलदीप यादव, लॉकी फग्र्यूसन, नितिश राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, रिंकू सिंह, संदीप वॉरियर, शिवम मावी, शुभमन गिल, सिद्धेश लाड, सुनील नरेन, पैट कमिंस, इयोन मोर्गन, वरुण चक्रवर्ती, टॉम बेंटन, राहुल त्रिपाठी, क्रिस ग्रीन, एम सिद्धार्थ, निखिल नाइक, अली खान।

    राजस्थान रॉयल्स : स्टीव स्मिथ (कप्तान), जोस बटलर, रॉबिन उथप्पा, संजू सैमसन, बेन स्टोक्स, जोफ्रा आर्चर, यशस्वी जायसवाल, मनन वोहरा, काíतक त्यागी, आकाश सिंह, ओशाने थॉमस, एंड्रयू टाई, डेविड मिलर, टॉम कुर्रन, अनिरुद्ध जोशी, श्रेयस गोपाल, रियान पराग, वरुण आरोन, शशांक सिंह, अनुज रावत, महिपाल लोमरोर, मयंक मार्कंडेय।

    नंबर गेम-

    –05 मैच खेले गए हैं इस आइपीएल में दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में। इन पांचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें जीती हैं। इनमें सुपर ओवर के दोनों मुकाबले भी शामिल हैं।

    –20 मैच खेले गए हैं अब तक आइपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स व राजस्थान रॉयल्स के बीच। दोनों टीमें 10-10 मैच जीती हैं।

    –5 पिछले मुकाबले जो दोनों टीमों के बीच हुए हैं उनमें कोलकाता ने चार जीते हैं व राजस्थान को एक में जीत मिली।

  • परेशान कर सकती है हैदराबाद को मध्यक्रम की समस्या

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    अबु धाबी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें संस्करण में मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद का सामना बेहतरीन फॉर्म में चल रही दिल्ली कैपिटल्स से होगा। शेख जायेद स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच में दिल्ली की कोशिश जीत की हैट्रिक लगाने की होगी और हैदराबाद की कोशिश हार की हैट्रिक रोकने की। दिल्ली एक ओर जहां बेहतरीन प्रदर्शन कर रही ही, वहीं हैदराबाद को अभी तक जीत का इंतजार है।

    दिल्ली अपने पिछले दोनों मैच जीती है और हैदराबाद हारी है। दिल्ली के अभी तक दो मैचों में लगभग सब कुछ सही रहा है। पहले मैच में किस्मत भी उसके साथ थी, इसलिए किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ सुपर ओवर में जीत उसके हिस्से आई थी। दूसरे मैच में उसने अपने उम्दा प्रदर्शन से चेन्नई सुपर किंग्स को मात दी थी।

    चेन्नई के खिलाफ युवा पृथ्वी शॉ का बल्ला चला था। शॉ ने अर्धशतक जमाया था। शिखर धवन, ऋषभ पंत और कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी अच्छी पारियां खेली थीं। दिल्ली का बल्लेबाजी क्रम जिस तरह का है, उससे बड़ा स्कोर दूर नहीं लगता है और बहुत संभव है कि हैदराबाद के खिलाफ दिल्ली के स्कोरबोर्ड पर बड़े स्कोर देखने को मिल जाएं।

    शॉ ने पिछले मैच में 43 गेंदों पर 64 रन बनाए थे। धवन, अय्यर और पंत ने रन तो किए थे लेकिन उस अंदाज में नहीं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। इस मैच में दिल्ली चाहेगी की उसके यह तीनों बल्लेबाज खासकर पंत अपनी पुरानी लय में लौटे।

    गेंदबाजी में दिल्ली बेहद मजबूत नजर आ रही है। कैगिसो रबादा, एनरिक नोर्टजे ने पिछले मैच में भी अच्छा किया था। अक्षर पटेल और अमित मिश्रा भी प्रभावी रहे थे। रविचंद्रन अश्विन की क्या स्थिति है। इस पर अभी तक कुछ पता नहीं चला है। अगर अश्विन आते हैं तो अमित मिश्रा को बाहर जाना पड़ सकता है।

    हैदराबाद को अगर जीत चाहिए तो उसे अपने बल्लेबाजी क्रम की मुश्किलों को सुलझाना होगा। जॉनी बेयरस्टो, डेविड वार्नर और कुछ हद तक मनीष पांडे के बाद टीम के पास कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं है, जो टी-20 प्रारूपों की जरूरत को पूरा कर तेजी से रन बना सके।

    बीते दोनों मैचों में हैदराबाद को यही कमी ले डूबी है। वार्नर, बेयरस्टो चल जाते हैं तो टीम का स्कोर अच्छा रहता है लेकिन यह दोनों अगर जल्दी आउट हो गए तो टीम के लिए सम्मानजनक स्कोर बनाना भी मुश्किल होता है।

    मोहम्मद नबी कुछ हद तक तेजी दिखा सकते हैं लेकिन हैदराबाद को आंद्रे रसेल, कीरन पोलार्ड जैसे किसी खिलाड़ी की जरूरत है। प्रियम गर्ग, रिद्धिमाना साहा, अभिषेक शर्मा यह रोल नहीं निभा पा रहे हैं और न ही इनके पास वो अनुभव है जो टीम को निचले क्रम में चाहिए। यहीं हैदराबाद को काम करने की जरूरत है।

    जहां तक गेंदबाजी की बात है तो यहां हैदराबाद कुछ भी कर सकती है। उसके पास कम स्कोर को भी बचाने की काबिलियत है। भुवनेश्वर कुमार तेज गेंदबाजी आक्रामण की धुरी हैं। संदीप शर्मा उनका अच्छा साथ देते हैं।

    स्पिन में टीम के पास राशिद खान जैसा स्पिनर है और अगर टीम बदलाव नहीं करती है तो मोहम्मद नबी भी गेंद से अहम रोल निभा सकते हैं। टीम संयोजन पर भी हैदराबाद को काम करना पड़ेगा।

    टीमें (सम्भावित) :

    दिल्ली कैपिटल्स : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, एलेक्स कैरी, जेसन रॉय, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), शिखर धवन, शिमरन हेटमायेर, अक्षर पटेल, क्रिस वोक्स, ललित यादव, मार्कस स्टोइनिस, कीमो पॉल, अमित मिश्रा, आवेश खान, हर्षल पटेल, ईशांत शर्मा, कागिसो रबाडा, मोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, संदीप लामिछाने, तुषार देशपांडे।

    सनराइजर्स हैदराबाद : डेविड वार्नर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, बासिल थम्पी, भुवनेश्वर कुमार, बिली स्टेनलेक, जॉनी बेयरस्टो, केन विलियम्सन, मनीष पांडे, मोहम्मद नबी, राशिद खान, संदीप शर्मा, शाहबाज नदीम, श्रीवत्स गोस्वामी, सिद्धार्थ कौल, खलील अहमद, टी. नटराजन, विजय शंकर, रिद्धिमान साहा, विराट सिंह, प्रीयम गर्ग, जेसन होल्डर, संदीप बवांका, फाबियान ऐलेन, अब्दुल समद, संजय यादव।

  • ऑस्ट्रेलिया दौरा: संगरोध के संबंध में क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में बीसीसीआई

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    नई दिल्ली| भारत को अगले महीने आस्ट्रेलिया का दौरा करना है। सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम का क्वींसलैंड में 14 दिन तक क्वारंटीन में रहने का कार्यक्रम है और क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे संकेत दिए हैं कि भारतीय टीम के अनिवार्य क्वारंटीन प्रोटोकॉल में छूट मिल सकती है।

    क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है। प्रवक्ता ने कहा है कि क्वारंटीन पर विचार करने के लिए उसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीसीआई) से एक आवदेन मिला है।

    ऐसा माना जा रहा है कि बीसीसीआई अपने इस आवेदन के जरिए 14 दिन के क्वारंटीन अवधि में रियायत चाहता है। भारतीय टीम अगर 14 दिन के क्वारंटीन में रहती है तो वह सीमित ओवरों की सीरीज से पहले अभ्यास मैच खेलने में असमर्थ रहेगी। संभावित कार्यक्रम के अनुसार, भारत को 14 नवंबर से वनडे सीरीज की शुरुआत करनी है।

    प्रवक्ता ने कहा, ” क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से प्राप्त एक आवेदन की समीक्षा कर रहा है। इस पर आगे बढ़ने के रूप में हम टीम के साथ मिलकर काम करेंगे।”

    क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग से वनडे सीरीज से पहले क्वारंटीन अवधि और संभावित एक अभ्यास मैच को लेकर सवाल पूछे गए थे। हालांकि, प्रवक्ता ने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

    क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) ने इस साल के आखिर में भारत के साथ होने वाली घरेलू सीरीज के लिए अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया है।

    10 नवंबर को आईपीएल-13 के समाप्त होने के बाद भारत का पहला दौरा आस्ट्रेलिया का दौरा होगा। उस दौरे पर भारतीय टीम को 25 नवंबर से 19 जनवरी 2021 तक तीन वनडे, तीन टी-20 और चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।

    नियमों के मुताबिक, बाहर से आने वाले लोगों को क्वींसलैंड में 14 दिन तक अनिवार्य रूप से क्वारंटीन में रहना पड़ता है। इसका मतलब है कि वनडे सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम अपना अभ्यास मैच नहीं खेल पाएगी।

    ऐसा माना जा रहा है कि क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग आम लोगों की तुलना में एलीट स्पोर्ट्स को थोड़ा अलग नजरिए से देख सकता है। अगर ऐसा होता है तो अभ्यास मैच को भारत के कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है, लेकिन एक मानक संचालन प्रक्रिया के साथ, जैसा कि इन दिनों खेल की दुनिया में देखने को मिल रहा है।

    एलीट वर्ग के खिलाड़ियों की तुलना में, क्वींसलैंड सरकार ने हॉटस्पॉट क्षेत्रों से आने वाले सामान्य सदस्यों के लिए सख्त सीमा प्रतिबंध लगा दिए हैं।

    क्वींसलैंड सरकार की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है, “प्रतिबंध का मतलब है कि पिछले 14 दिनों के भीतर एक कोविड-19 हॉटस्पॉट में रहने वाले लोग हमारी सीमा से दूर हो जाएंगे। यह उन सभी पर लागू होता है जो पिछले 14 में एक कोविड-19 हॉटस्पॉट में रहे हैं।”

  • एक संपूर्ण क्रिकेटर हमारे लिए सैम कुरैन: धोनी

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    दुबई| आईपीएल के 13वें सीजन के 29वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 20 रनों से हराने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आलराउंडर सैम कुरैन की तारीफ की है। चेन्नई सुपर किंग्स ने मंगलवार को यहां के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए आईपीएल के 13वें सीजन के 29वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 20 रनों से हरा दिया।

    सैम ने बल्लेबाजी में 21 गेंदों पर 31 रन बनाने के अलावा गेंदबाजी में भी कमाल का प्रदर्शन किया और तीन ओवर में 18 रन देकर एक विकेट चटकाए।

    धोनी ने मैच के बाद कहा, “वह एक संपूर्ण क्रिकेटर हैं। आपको एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर चाहिए होता है। वह गेंद को अच्छी तरह हिट करते हैं, वह बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी कर सकते हैं, स्पिनर्स को भी अच्छा खेल सकते हैं।”

    उन्होंने कहा, “वह आपको तेज 15 से 40 रन दे सकते हैं। अगर आपको लय हासिल करनी हो तो आप करन को ऊपर बल्लेबाजी करने भेज सकते हैं और वह ऐसा करना भी चाहते हैं। इसके साथ ही वह बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करते हैं तो हमेशा से फायदे की बात होती है। बल्लेबाजों के लिए बाएं हाथ का गेंदबाज हमेशा परेशानी देने वाला होता।”

    कर्ण शर्मा से गेंदबाजी के बारे में धोनी ने कहा, “जैसे-जैसे टूर्नमेंट आगे बढ़ेगा वह डेथ ओवर्स फेंकने को लेकर अधिक सहज हो जाएंगे। इसी वजह से हमने सैम से डेथ ओवर्स में बोलिंग नहीं करवाई और शार्दूल व ब्रावो ने ही पारी के अंत में गेंदबाजी की।”

    चेन्नई की आठ मैचों में यह तीसरी जीत है और वह छह अंकों के साथ अंकतालिका में छठे नंबर पर पहुंच गई हैं। चेन्नई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 167 रनों का स्कोर बनाया और फिर उसने हैदराबाद को आठ विकेट पर 147 रनों पर रोक दिया।

    धोनी ने कहा, “मुझे लगता है कि आखिरकार आपको दो अंक मिले हैं और यह मायने रखता है। टी 20 में कुछ मैच आपके पक्ष में नहीं आते हैं और उसी समय कभी-कभी आप जीत हासिल नहीं करते हैं। लेकिन आज हमने अच्छा प्रदर्शन किया, बल्लेबाजी से भी। यह संभवत: एक अच्छा मैच था और आखिर में हम एक या दो ओवर में बेहतर हो सकते थे, लेकिन यह बहुत अच्छा मैच था।”

  • राहुल ने कहा- अंकतालिका में हम जहां हैं, हकीकत में…

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    शारजाह| किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान लोकेश राहुल ने कहा है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ मिली करीबी जीत से टीम के खिलाड़ियों को आत्मविश्वास मिलेगा। साथ ही कहा है कि उनकी टीम अंकतालिका में जिस स्थान पर काबिज है, हकीकत में उससे बेहतर है। आईपीएल में पंजाब को दो जीतें मिली हैं और दोनों जीतें उसे बेंगलोर के खिलाफ ही मिली हैं।

    राहुल ने मैच के बाद कहा, “अंकतालिका में हम जिस स्थान पर हैं हकीकत में उससे बेहतर हैं। आखिरी में यह मैच काफी करीबी हो गया था लेकिन जीत कर हम खुश हैं।”

    राहुल ने इस मैच में 49 गेंदों पर नाबाद 61 रनों की पारी खेली। इस पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्हीं के दम पर टीम ने आठ विकेट से जीत हासिल की।

    आखिरी के ओवर में मैच रोमांचक हो गया था और लग रहा था कि पंजाब को एक और सुपर ओवर खेलना होगा।

    राहुल ने कहा, “हृदय गति जितनी तेज हो सकती थी उतनी हुई। मैंने यो-यो टेस्ट दिया है और अपने करियर में काफी करीबी मैचों में शामिल रहा हूं। लेकिन इसके लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। हम जानते थे कि हमें एक बार जीत हासिल करनी है जिससे हमें आत्मविश्वास मिलेगा।”

    इस मैच में पंजाब की तरफ से क्रिस गेल भी खेले। यह गेल का इस सीजन का पहला मैच था। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए गेल ने 53 रनों की पारी खेली और राहुल के साथ 93 रन बनाए।

    राहुल ने कहा, “जरूरी है कि शेर भूखा रहे। वह जब भी बल्लेबाजी करते हैं, वह खतरनाक होते हैं। वह इसे चुनौती की तरह लेते हैं। वह जब नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने आए तो वह वही खिलाड़ी थे। यह आज काम किया और उम्मीद है कि आगे भी करेगा।”

  • गांगुली को भरोसा है, भारत ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा: सीए

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    सिडनी| क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) के प्रमुख अर्ल एडिंग्स ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उन्हें आश्वस्त किया है कि विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम आस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। अखबार ने एडिंग्स के हवाले से कहा, ” मैं 100 फीसदी आश्वस्त हूं कि वे आ रहे हैं। सौरव गांगुली और मैं इसके बारे में कई दिनों से बात कर रहे हैं और हम पहले से ही योजना बना रहे हैं कि हम एक बार उन्हें और ेउनकी टीम को यहां देख सकें।”

    रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दौरे की शुरुआत सीमित ओवरों की सीरीज के साथ होगी और फिर इसके बाद चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी।

    टेस्ट सीरीज की शुरुआत 17 से 21 दिसंबर को एडिलेड में होने वाली दिन-रात्रि टेस्ट मैच होगी। अन्य स्थानों में मेलबर्न (26 से 30 दिसंबर ), सिडनी (सात से 11 जनवरी) और ब्रिसबेन (15 से 19 जनवरी) शामिल हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम पर्थ या एडिलेड के बजाय सीधे ब्रिस्बेन पहुंचेगी और वह वहां क्वींसलैंड में जारी प्रतिबंधों के बावजूद क्वारंटीन को लेकर ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करेगी।

    गांगुली फिलहाल यूएई में हैं, जहां आईपीएल का 13वां संस्करण खेला जा रहा है।

    कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 2018 में आस्ट्रेलिया दौरे पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी और वो आस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाली पहली एशियाई टीम बनी थी।

  • 2021 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम को पाकिस्तान ने किया आमंत्रित

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    लंदन| पाकिस्तान ने इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम को 2021 में सीमित ओवरों की सीरीज के दौरे के लिए आमंत्रित किया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस बात की जानकारी दी। ईसीबी ने एक बयान में कहा, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से चर्चा के बाद, इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि ईसीबी को 2021 में इंग्लैंड की पुरुष टीम को सीमित ओवरों की सीरीज के छोटे दौरे के लिए पाकिस्तान से आमंत्रण मिला है।”

    बयान में आगे लिखा है, “हम इस बात का स्वागत करते हैं कि पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो रही है और हम इसमें जितनी मदद कर सकते हैं वो करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    इस दौरे को लेकर हालांकि अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है लेकिन ईसीबी ने कहा है कि वह पीसीबी के साथ मिलकर इस पर चर्चा करेगी। इंग्लैंड ने 2005 के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है और एफटीपी के मुताबिक उनका अगला दौरा 2022 में होना है।

    प्रस्तावित दौरे के सामने ईसीबी ने कोविड-10 बायो सिक्योर बबल, देश की पूर्ण सुरक्षा और इंग्लैंड क्रिकेट टीम का पहले से ही व्यस्त कार्यक्रम को चुनौतियां बताया है, लेकिन कहा है कि इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

    उन्होंने कहा, “इस समय किसी भी प्रस्तावित दौरे से पहले हमारे खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए कई ऐसी चीजें जिन पर ध्यान दिया जाना है जिसमें कोविड-19 के प्रोटोकॉल्स, टीम की सुरक्षा शामिल हैं।”

    पाकिस्तान ने कोविड-19 के बीच में ही इसी साल इंग्लैंड का दौरा किया था। इस दौर पर पाकिस्तान ने इंग्लैंड के साथ तीन टेस्ट, के अलावा इतने ही मैचों की टी-20 सीरीज खेली थी।