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  • मैनचेस्टर टेस्ट : इंग्लैंड की जीत की दास्तां लिखी बटलर-वोक्स के बल्ले ने

    मैनचेस्टर टेस्ट :  इंग्लैंड की जीत की दास्तां लिखी बटलर-वोक्स के बल्ले ने

    मैनचेस्टर । क्रिस वोक्स (नाबाद 84) और जोस बटलर (75) के बीच छठे विकेट के लिए हुई 139 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी के दम पर मेजबान इंग्लैंड ने यहां ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन शनिवार को पाकिस्तान को तीन विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी में 326 रन बनाकर इंग्लैंड को उसकी पहली पारी में 219 रन पर आलआउट कर दिया और पहली पारी के आधार पर 107 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में हालांकि पाकिस्तान की टीम कुछ ज्यादा कमाल नहीं कर सकी और मात्र 169 रन ही बना सकी और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 277 रनों का लक्ष्य रखा।

    इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड ने पहले सत्र में एक विकेट पर 55 रन बना लिए थे। लेकिन दूसरे सत्र में उसने जल्दी जल्दी अपने चार विकेट गंवा दिए और चायकाल तक उसका स्कोर 167 रन तक पांच विकेट हो चुका था।

    चायकाल के बाद हालांकि बटलर और वोक्स ने गजब की पारी खेलते हुए इंग्लैंड को जीत की मंजिल तक पहुंचा दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ खराब फॉर्म के कारण आलोचकों के निशाने पर आए बटलर ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और एक जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए अपने करियर का 17वां अर्धशतक पूरा किया।

    इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए 21 रनों की दरकार थी कि तभी बटलर यासिर शाह की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। बटलर ने 101 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाया। स्टुअर्ट ब्रॉड ने नौ गेंदों पर एक चौके की मदद से सात रन बनाए।

    ब्रॉड के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए डॉमिनीक बेस ने वोक्स के साथ मिलकर इंग्लैंड को तीन विकेटों से जीत दिला दी। पाकिस्तान की घर के बाहर यह लगातार सातवीं हार है।

    वोक्स ने अपने करियर का पांचवां अर्धशतक पूरा किया। वोक्स ने 120 गेंदों पर 10 चौके लगाए।

    उनके अलावा कप्तान जो रूट ने 42, डॉमिनीक सिब्ले ने 36, रोरी बर्न्‍स ने 10, बेन स्टोक्स ने नौ और ओली पोप ने सात रन बनाए।

    पाकिस्तान की ओर से याशिर शाह को चार जबकि शाहीन शाह अफरीदी, मोहम्मद अब्बास और नसीम शाह को अब तक एक-एक विकेट मिला।

  • ‘मैं आपका कप्तान था और अब राजनीति में भी दखल दूंगा’- इमरान से मियांदाद ने कहा…

    ‘मैं आपका कप्तान था और अब राजनीति में भी दखल दूंगा’- इमरान से मियांदाद ने कहा…

    कराची। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी व पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान को चुनौती दी है कि वह पाकिस्तान के हित के खिलाफ जाने पर प्रधानमंत्री के हर फैसले का विरोध करेंगे।

    मियांदाद ने इमरान खान पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि वह उन्हें खेल के मैदान ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि वह उनमें से एक हैं, जिन्होंने इमरान को देश का प्रधानमंत्री बनाया है। अपने यूट्यूब चैनल पर जावेद मियांदाद ने कहा कि वो इमरान खान के कप्तान थे। उन्होंने कहा कि वो राजनीति में शामिल होंगे और लोगों को बताएंगे कि वास्तविक राजनीति क्या होती है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद वो सच को सच कहेंगे।

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के कुप्रबंधन से परेशान पूर्व स्टार क्रिकेटर मियांदाद ने राष्ट्र के सामने कई मुद्दों पर इमरान को लताड़ा।

    उन्होंने कहा, “कृपया हमारे क्रिकेट का प्रबंधन करने के लिए विदेश से लोगों को न लाएं। पाकिस्तान में लोगों के योग्य होने की तलाश करें। पाकिस्तान के लोगों पर विश्वास करें।”

    जावेद मियांदाद ने पीसीबी चेयरमैन और वर्षों से लंदन में रहे एहसान मनी की ओर भी इशारा किया। मियांदाद बमिर्ंघम के पूर्व क्रिकेटर वसीम खान के काम से भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। वसीम और एहसान दोनों ही प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी बताए जाते हैं।

    मियांदाद ने कहा, “ये लोग (वसीम और एहसान) बाहरी हैं। मान लीजिए कि वे यहां किसी गलत काम में लिप्त हैं और बाद में पाकिस्तान से भाग जाते हैं, तो उनके कृत्य के लिए कौन जिम्मेदार होगा।”

    पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान की कार्यशैली से भी खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, “तुम खुदा बनकर बैठे हो। तुम्हें लगता है कि तुम्हारे अलावा यहां किसी को कुछ नहीं पता नहीं, क्योंकि आप (इमरान खान) को लगता है कि पाकिस्तान से कोई अन्य व्यक्ति कैम्ब्रिज या ऑक्सफोर्ड नहीं गया। वास्तव में आपको नहीं पता कि पाकिस्तान में क्या हो रहा है। दरअसल आपको इसका कोई अंदाजा नहीं है कि पाकिस्तान में क्या हो रहा है। आप केवल ऐसे लोगों (विदेशों से) पर भरोसा कर रहे हैं, जिनके इरादे बुरे हैं। आप नहीं जानते कि वह (वसीम और एहसान मनी) किस प्रकार के लोग हैं।”

    पिछले संघीय चुनावों के समर्थन के लिए इमरान खान को कराची में अपने घर आने की याद दिलाते हुए, जावेद मियांदाद ने कहा, “वह (इमरान) चुनाव की पूर्व संध्या पर मेरे घर आए थे। मैंने उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन दिया। मुझे उनका समर्थन किया। उन्हें यह महसूस करना चाहिए। इमरान इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि मैंने उनका समर्थन किया। लेकिन वह पाकिस्तान के लोगों के लिए अपना वादा पूरा करने में विफल रहे। इसलिए अब से मैं राजनीतिक मुद्दों पर भी बोलूंगा। मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं पाकिस्तान की बेहतरी के लिए बोलूंगा।”

    यही नहीं मियांदाद इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा पहला टेस्ट मैच हारने पर भी निराश दिखे। पाकिस्तान की हार के लिए उन्होंने पीसीबी में चल रही गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया।

    उन्होंने कहा, “चाहे वह क्रिकेट हो या हॉकी, खेल को चलाने के लिए बाहर से लोगों को लाने की आवश्यकता नहीं है। हमारे पास पाकिस्तान में पर्याप्त लोग हैं और उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए। इसलिए अब अगर कोई पाकिस्तानी को अनदेखा करता है और किसी बाहरी व्यक्ति को वरीयता देता है तो ऐसे एक कदम को राष्ट्र-विरोधी माना जाएगा।”

    मियांदाद ने एहसान मनी और वसीम खान का समर्थन करने के लिए इमरान खान पर चुटकी ली। वहीं पाकिस्तानी मीडिया ने भी इमरान खान की कार्यशैली पर जावेद मियांदाद की उग्र टिप्पणी को प्रमुखता से दिखाया है। अब प्रधानमंत्री कार्यालय को इस मुद्दे पर जवाब देना है, जो पाकिस्तान की सड़कों पर एक चर्चा का विषय बन गया है।

  • पहलवानों के लिए ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए चुनौतियां बढ़ीं: बजरंग

    पहलवानों के लिए ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए चुनौतियां बढ़ीं: बजरंग

    नई दिल्ली । एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा है कि जिन पहलवानों ने अब तक टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं किया है, उनके लिए अब यह और अधिक चुनौतीपूर्ण होने वाली है क्योंकि इस समय टूर्नामेंट नहीं हो रहे हैं। बजरंग इस समय कर्नाटक के बेलारी में इंस्पायर इंस्टिट्यूड ऑफ स्पोर्ट्स (आईआईएस) में जॉर्जियाई कोच शाको बेंटिनिडिस के साथ अभ्यास कर रहे हैं।

    बजरंग ने आईआईएस की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक वेबिनार में कहा, “मेरा एक ही स्पष्ट लक्ष्य है कि मुझे ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है। यह उन लोगों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण है, जिन्होंने अभी तक क्वॉलीफाई नहीं किया है। मैं नहीं कह सकता कि मेरे प्रदर्शन में सुधार हुआ है या नहीं क्योंकि कोई प्रतियोगिता नहीं हो रही है।”

    उन्होंने कहा, “हम सभी लॉकडाउन में हैं, लेकिन मैंने एक दिन भी अभ्यास नहीं छोड़ा। बहुत कुछ इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपके आस पास कैसे लोग हैं। वो आपको प्रेरित करते हैं या नहीं। मेरे आसपास अच्छे लोग हैं।”

    बेंटिनिडिस देश में पहले लॉकडाउन के समय जॉर्जिया चले गए थे, लेकिन अब वह इस महीने की शुरूआत में वापस आ गए हैं। बरजंग ने कहा कि बेंटिनिडिस की इस प्रतिबद्धता के लिए वह उनका आभारी हैं।

    बजरंग ने कहा, “भारत में बढ़ते मामलों के बावजूद बेंटिनिडिस का भारत वापस आने के लिए बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने मेरे लिए एक रणनीति तैयार की है और मुझे सुझाव दिया है कि मुझे अपनी तकनीक पर काम करने की जरूरत है क्योंकि प्रतिद्वंद्वी मेरे खेल को देख चुके हैं।

  • कोहली ने धोनी पर कहा- लोगों ने आपकी उपलब्धियां देखी हैं, मैंने आपको देखा है

    कोहली ने धोनी पर कहा- लोगों ने आपकी उपलब्धियां देखी हैं, मैंने आपको देखा है

    नई दिल्ली । भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास पर कहा है कि इस पूर्व कप्तान ने जो किया है वो हर किसी के दिल में रहेगा। धोनी ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए संन्यास का ऐलान किया।

    इस पर कोहली ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए धोनी की तारीफ की और कहा धोनी का योगदान न भुलाने वाला है।

    कोहली ने लिखा, “हर क्रिकेटर के सफर का एक दिन अंत होता है, लेकिन जब आपका कोई करीबी इस तरह का फैसला लेता है तो आप भावनात्मक रूप से ज्यादा महसूस करते हैं। आपने जो इस देश के लिए किया है वो हर किसी के दिल में रहेगा, लेकिन मैंने आपसे जो सम्मान और प्यार पाया है वो मेरे साथ ही रहेगा। पूरे विश्व ने आपकी उपलब्धियां देखी हैं मैंने आपको देखा है।”

    कोहली ने धोनी से ही कप्तानी के गुर सीखे हैं और मैदान पर कई बार उन्हें धोनी से मदद लेते हुए देखा गया है।

    धोनी ने अपने संन्यास की तमाम अटकलों पर स्वतंत्रता दिवस के दिन विराम लगा दिया।

    वहीं पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा, “उन जैसा खिलाड़ी होना ना मुमकिन। ना कोई है, ना कोई था और ना कोई होगा एमएस जैसा। खिलाड़ी आते हैं जाते हैं लेकिन कोई उनके जैसा शांत नहीं होगा। धोनी, लोगों से अपने जुड़ाव के कारण कई लोगों, युवा क्रिकेटरों की प्ररेणा हैं। ओम फिनिशाएय नम:।”

    सहवाग ने एक और ट्वीट में लिखा, “वो आजादी नहीं जो क्रिकेट प्रशंसक चाहते थे।”

    धोनी ने देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर संन्यास का ऐलान किया है।

    वहीं सहवाग के जोड़ीदार रहे गौतम गंभीर ने ट्वीट किया, “इंडिया-ए से भारतीय टीम तक। हमारी पूरा सफर सवालों, कोमा, ब्लैंक और एक्सक्लेमेशन मार्क से भरा रहा। अब जब आपने अपने अध्याय को खत्म कर दिया, मैं आपको अनुभव से कह सकता हूं कि नया सफर रोमांचक होगा। यहां डीआरएस की सीमाएं नहीं हैं। आप शानदार खेले माही।”

  • अलविदा, मुझे सेवानिवृत्त मानें – महेंद्र सिंह धोनी

    अलविदा, मुझे सेवानिवृत्त मानें – महेंद्र सिंह धोनी

    नई दिल्ली । भारत को दो विश्व कप दिलाने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। शांत स्वाभाव के लिए मशहूर धोनी ने अपनी अंदाज के मुताबिक ही इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए शांति से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया।

    धोनी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए बहुत शुक्रिया। आज शाम 7.29 बजे के बाद से मुझे रिटायर समझिए।”

    बीसीसीआई ने भी एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि कर दी है।

    बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, “भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया। रांची के एक लड़के ने 2004 में वनडे पदार्पण किया था और फिर अपने शांत स्वाभाव, खेल की तेज समझ और अपनी नेतृत्व क्षमता से भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदल दिया।”

    बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा, यह एक युग का अंत है। वह विश्व क्रिकेट और भारत के लिए शानदार खिलाड़ी रहे हैं। उनकी नेतृत्वक्षमता कीबराबरी करना काफी मुश्किल है, खासकर छोटे प्रारूपों में।”

    धोनी ने पहले ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उन्होंने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच पिछले साल 2019 में इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तब से वह टीम से बाहर चल रहे थे और उनके संन्यास की अटकलें तेज थी।

    उम्मीद थी की धोनी आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में खेलेंगे लेकिन कोविड-19 के कारण इसे टाल दिया गया था।

    धोनी की कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप-2007 जीता और 28 साल बाद 2011 में भारत को वनडे विश्व कप दिलाया। इसके अलावा धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी दिलाई और टेस्ट में टीम को नंबर-1 बनाया।

    धोनी दुनिया के इकलौते कप्तान थे जिन्होंने आईसीसी के सभी टूनार्मेंट्स- टी-20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीती।

  • BCCI ने किए बदलाव, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी पहले मैच से खेलेंगे IPL 2020 में

    BCCI ने किए बदलाव, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी पहले मैच से खेलेंगे IPL 2020 में

    नई दिल्ली। राजस्थान रॉयल्स के सीओओ जैक लुश मैक्रम ने शनिवार को बताया कि इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने अपने प्रोटोकॉल में अपडेट किया है। इसके परिणाम स्वरूप अब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी पहले मैच से ही आइपीएल में मौजूद रह सकेंगे। आइपीएल की शुरुआत 19 सितंबर से हो रही है, जिसमें विदेशी खिलाड़ियों के पहुंचने की उम्मीद कम लग रही थी।

    दरअसल, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन-तीन मैचों की टी-20 और वनडे सीरीज का आयोजन चार सितंबर से होना है। सीरीज का आखिरी मैच 16 सितंबर को खेला जाएगा। ऐसे में लग रहा था कि इन दोनों ही टीम के खिलाड़ी आइपीएल के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे, लेकिन खुद बीसीसीआइ ने इस मुश्किल को हल कर दिया है। बीसीसीआइ ने सभी टीमों को निर्देश जारी कर दिए हैं, जो कि खिलाड़ी क्वारंटाइन से आ रहा है। उसे क्वारंटाइन की जरूरत नहीं है।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें, विदेशी खिलाड़ियों को भी भारतीय खिलाड़ियों की तरह आइपीएल 2020 से ठीक पहले यूएई पहुंचकर एक सप्ताह तक क्वारंटाइन रहना होता। हालांकि, मैक्रम ने बताया कि बीसीसीआइ ने अपने क्वारंटाइन नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी बायो-सिक्योर बबल से दूसरे बायो-सिक्योर बबल में आ रहा है तो उसको क्वारंटाइन की जरूरत नहीं है, सिर्फ कोरोना टेस्ट से ही काम चल जाएगा।

    गौरतलब है कि बीसीसीआइ ने जो नियम आइपीएल को लेकर बनाए हैं। उसके मुताबिक हर खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य को यूएई में 6 दिन के लिए क्वारंटाइन में रहना होगा, जहां दो-दो दिन के अंतराल पर तीन कोरोना टेस्ट होंगे। इसके बाद ही खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होने वाले आइपीएल में जगह मिल पाएगी, लेकिन विदेशी खिलाड़ियों को छूट दी गई है, जो दूसरे बायो-सिक्योर बबल से आइपीएल के बायो बबल में प्रवेश करेंगे।

  • युवा ओलंपिक खेलों से कम दूरी पास के महत्व को जाना: विवेक

    युवा ओलंपिक खेलों से कम दूरी पास के महत्व को जाना: विवेक

    नई दिल्ली| भारतीय सीनियर पुरुष हॉकी टीम के मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद ने जनवरी 2018 में भारतीय सीनियर टीम में पदार्पण किया था। 20 साल के विवेक ने पिछले साल एफआईएच सीरीज फाइनल्स और एफआईएच ओलंपिक क्वालीफायर्स में भारत की जीत में अहम योदगान दिया था। वह तीसरे यूथ ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उनका मानना है कि यह पल हमेशा उनके करियर का सबसे खास पाल रहेगा।

    मिडफील्डर ने कहा कि उन्होंने उस प्रतियोगिता में कम दूरी के पास के महत्व को समझा।

    उन्होंने कहा, ” तीसरे युवा ओलंपिक खेलों में हमने तय किया कि हमें पिच पर कम दूरी के पास से आगे बढ़ना चाहिए। हमें लगा कि कम दूरी के पास से गुजरना हमेशा बेहतर होता है और हम टूर्नामेंट में इस रणनीति के साथ सफल रहे। यहां तक कि सीनियर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में, मैंने कम दूरी के पास की रणनीति लागू की और इससे मुझे मदद मिली। तीसरे युवा ओलंपिक खेलों से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला।”

    अपने करियर के शुरूआती मैचों के दौरान भारी संख्या में दर्शकों के सामने खेलने के लिए विवेक को जिन चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है, उनके बारे में उन्होंने अपने सीनियर्स से बात की।

    20 वर्षीय ने विवेक ने कहा, ” खचाखच भरे दर्शकों सामने खेलने के दौरान उत्साह और घबराहट की भावना होती है, विशेष रूप से जब हमारे घरेलू दर्शक हो। जब मैं शुरूआत में भारतीय टीम में शामिल हुआ, तो मैंने अपने सीनियर्स से दर्शकों के सामने खेलने के तरीके के बारे में बात की और उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं केवल अपने खेल पर ध्यान दूंगा तो मैं किसी और चीज से विचलित नहीं होऊंगा। अब, मैं दर्शकों के सामने खेलते हुए सहज हूं। “

  • लियोन को हराकर बायर्न म्यूनिख चैंपियंस लीग के फाइनल में पंहुचा

    लियोन को हराकर बायर्न म्यूनिख चैंपियंस लीग के फाइनल में पंहुचा

    लिस्बन| जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए लियोन को 3-0 से हराकर यूईएफए चैंपियंस लीग 2020 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। रिपोर्ट के अनुसार, क्वार्टर फाइनल में स्पेनिश क्लब बार्सिलोना को 8-2 से करारी मात देने वाली बायर्न म्यूनिख ने सेमीफाइनल में भी अपने धमाकेदार अंदाज में जीत दर्ज की।

    पांच बार की चैंपियन बायर्न म्यूनिख ने शुरू से ही दबाव बरकरार रखा। टीम को 18वें मिनट में इसका फायदा भी मिल गया। सर्ज नाबरी ने गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी। इसके 15 मिनट बाद ही नाबरी ने दूसरा गोल कर दिया।

    दूसरे हाफ में भी बायर्न म्यूनिख आक्रामक फुटबॉल खेली। 88वें मिनट में रॉबर्ट लेवेंडोस्की ने बायर्न के लिए तीसरा गोल दागते हुए फाइनल में बर्थ पक्की कर दी। लेवेंडोस्की का यह इस सीजन का 15वां गोल रहा।

    रविवार को फाइनल में अब बायर्न म्यूनिख का सामना पेरिस सेंट जर्मेन से होगा। बायर्न की टीम अपना पांचावां यूरोपियन खिताब पर कब्जा जमाने के लिए मैदान पर उतरेगी।

  • आपस में भिड़ गए धोनी-रोहित के प्रशंसक, सहवाग ने शांति की अपील की

    आपस में भिड़ गए धोनी-रोहित के प्रशंसक, सहवाग ने शांति की अपील की

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के कोल्हापुर में उस समय एक अलग ही घटना देखने को मिला जब पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सीमित ओवरों के उपकप्तान रोहित शर्मा के फैंस आपस में हाथापाई पर उतर आए। उनके इस हरकत को देख पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने उनसे एक दूसरे से झगड़ा नहीं करने की अपील की है। रोहित और धोनी के फैंस अपने-अपने हीरो के पोस्टर लेकर जोश में सड़कों पर निकले थे। जहां धोनी के फैंस उनके संन्यास की खबर के बाद ऐसा कर रहे थे वहीं रोहित के फैंस उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुने जाने का जश्न मना रहे थे।

    एक टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच कुछ अनजान लोगों ने रोहित शर्मा के पोस्टर फाड़ दिए, जिसके बाद दोनों फैंस आपस में भिड़ गए। इसी बीच एक फैन को कुछ लोगों ने खेत में जाकर जमकर पीटा।

    सहवाग ने इस घटना पर सभी फैंस से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    सहवाग ने ट्विटर पर कहा, ” क्या करते हो पागलों। खिलाड़ी आपस में एक-दूसरे को बहुत पसंद करते हैं या ज्यादा बात नहीं करते बस काम से काम रखते हैं। पर कुछ फैंस अलग ही लेवल के पागल है। झगड़ा-झगड़ी मत करो। टीम इंडिया को एक टीम के तौर पर याद रखो।”

    रोहित ने धोनी की कप्तानी में ही अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरूआत की थी। रोहित ने हाल में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले धोनी की तारीफ की थी।

  • वेस्टर्न और साउदर्न ओपन के उलटफेर के कारण सेरेना हुई बाहर

    वेस्टर्न और साउदर्न ओपन के उलटफेर के कारण सेरेना हुई बाहर

    न्यूयॉर्क| दो बार की चैम्पियन अमेरिका की दिग्गज महिला टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स यहां जारी वेस्टर्न एंड साउदर्न ओपन में उलटफेर का शिकार होकर बाहर हो गई हैं। 13वीं सीड मारिया सकारी ने अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए सेरेना को मात देकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

    अपने दौर के मुकाबले में अमेरिका की उभरती हुई खिलाड़ी कोको गॉफ को हराने वाली सकारी ने दो घंटे 17 मिनट तक चले मुकाबले में 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन सेरेना को 5-7, 7-6(5), 6-1 से शिकस्त दी।

    सकारी ने जीत के बाद कहा, ” मुझे अब भी इसका अहसास नहीं है। यह एक सुखद अहसास है क्योंकि विलियम्स मेरे जैसे उभरती हुई खिलाड़ियों के एक रोल मॉडल है और उन्होंने अब तक जो कुछ भी हासिल किया है वह बहुत बड़ा है।”

    सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए सकारी का सामना ब्रिटिश की नंबर 1 खिलाड़ी जोहाना कोंटा से होगा।