Category: sports

  • ,”विश्वास नहीं तुलना में”- कहा अजहर ने कोहली-आजम को लेकर

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    कराची। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने पाकिस्तान की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान बाबर आजम की तारीफ की है लेकिन जब उनसे भारतीय कप्तान विराट कोहली से तुलना करने को कहा गया तो उन्होंने इसे तवज्जो नहीं दी। विराट और आजम की लगातार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में तुलना की जा रही है। अजहर ने हालांकि माना कि आजम के पास शीर्ष स्तर के खिलाड़ियोें की सूची में शामिल होने की जरूरी काबिलियत है।

    क्रिकेट पाकिस्तान ने अजहरूद्दीन के हवाले से लिखा, “बाबर अभी भी युवा हैं और उनमें काफी क्रिकेट बची है। उनमें शीर्ष बल्लेबाज बनने और अपना नाम पाकिस्तान के महान बल्लेबाजों की सूची में शामिल करवाने की योग्यता है।”

    विराट और आजम की तुलना को लेकर अजहर ने कहा, “मैं तुलना में यकीन नहीं करता। अगर बल्लेबाज अच्छा है तो उसकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाओ, और किसी से तुलना करने की अपेक्षा उनकी तारीफ की जानी चाहिए।”

    आजम ने खुद कुछ दिन पहले कहा था कि वह कोहली से तुलना करना पसंद नहीं करते बल्कि वह चाहते हैं कि उनकी तुलना पाकिस्तान के महान बल्लेबाजों से की जाए।

  • सचिन पाजी को तोहफा था हमारी तरफ से 2011 विश्व कप खिताब : कोहली

    सचिन पाजी को तोहफा था हमारी तरफ से 2011 विश्व कप खिताब : कोहली

    नई दिल्ली। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के शो ओपन नेट्स विद मयंक में कोहली ने मैदान के अंदर और बाहर की कई सारी चीजों पर बात की। इस शो के दूसेर वीडियो में, जो बीसीसीआई ने बीसीसीआई डॉट टीवी पर अपलोड किया है, मयंक ने कोहली से कप्तान द्वारा सलामी बल्लेबाज को 2018 के आस्ट्रेलिया दौरे पर चुनने के बारे में पूछा।

    कोहली ने मजाक में कहा, “अबे तूने मुझे अपनी तारीफ करने के लिए बुलाया है क्या यहां पे। शो पे बुलाऊंगा और अपनी तारीफ करवाऊंगा।”

    कोहली ने कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ी बात यह होती है कि एक इंसान का खेल के प्रति रवैया क्या होता है। उदाहरण के तौर पर जब तुमने ओपनिग की थी, हमने तुम्हारे साथ में हनुमा विहारी को भी ओपनिंग के लिए भेजा था.. हमने विहारी को देखा था कि वह कैसे खेलते हैं। वह गेंद पर आगे आते हैं, वह बहादुर है और उन्हें अपने ऊपर भरोसा रहता है।”

    उन्होंने कहा, “पहला मौका जब उनके सामने आया तो उन्होंने कहा कि मैं करूंगा। यह मेरे लिए किसी और चीज से ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि मैंने भारत के लिए अपनी पहली सीरीज में ओपनिंग की थी और इससे पहले मैंने कभी ओपनिंग नहीं की थी। मैंने मौकों को हां कहा और चीजें मेरी बेहतरी के लिए हुईं।”

    उन्होंने कहा, “इसलिए जो खिलाड़ी मुश्किल स्थिति में जाता है वह या तो अपना सिर ऊंचा करके आएगा या कुछ सीख के आएगा। हार नहीं होती।”

    कोहली ने कहा, “मैंने तुम्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर में खेलते हुए देखा था और मैं जानता था कि तुम अंतर्राष्ट्रीय गेंदबाजों को खेल सकते हो। तुम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी लंबे समय से अच्छा कर रहे थे।”

    मंयक ने कप्तान से 2011 विश्व कप के उस मशहूर फोटो के बारे में पूछा, जिसमें वह ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद सचिन तेंदुलकर को उठा रहे हैं।

    कोहली ने कहा, “सबसे पहली भावना तो कतृज्ञता की थी कि हम विश्व कप जीत सके। हम सभी की भावनाएं पाजी पर केंद्रित थीं, क्योंकि हम जानते थे कि यह उनका विश्व कप जीतने का आखिरी मौका है।”

    उन्होंने कहा, “उन्होंने इतने वर्षो इस देश के लिए जो किया, जितने मैच जीते, उससे हमें प्ररेणा मिलती है।”

    कोहली ने कहा, “वो हमारी तरफ से उन्हें तोहफा था। इससे पहले, वह सिर्फ तोहफे दे रहे थे, लेकिन उस समय यह मकसद पूरा होने जैसा था।”

  • जगाना पड़ता है छठी इंद्री को सफल स्ट्राइकर बनने के लिए : भूटिया

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    नई दिल्ली। भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने कहा है कि सभी स्ट्राइकर के लिए लगातार गोल करने के लिए छठी इंद्री को जगाना जरूरी है। भूटिया ने कहा, “यह छठी इंद्री की बात है। आपको सूंघना पड़ता है कि गोल कहां से आ रहा है। विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकरों के पास यह क्षमता होती है। आपको स्थिति को पढ़ना होता है। जब तक आप छठी इंद्री को नहीं जगाते हैं तो आप सफल स्ट्राइकर नहीं बन सकते।”

    टीम के मौजूदा कप्तान सुनील छेत्री ने एक बार कहा था कि, ‘भूटिया भाई के लिए गोल करना जीने-मरने की बात थी।’ इस बात का हवाला देते हुए भूटिया ने कहा कि जब भी आपको लगे कि मौका है तो आपको कोशिश करनी चाहिए।

    उन्होंने कहा, “10 में से एक या दो स्थिति में आपको गोल करने का मौका मिलता है। लेकिन आपको यह लगातार करना होता है।”

    उन्होंने कहा, “एक स्ट्राइकर के तौर पर आपको भांपना होता है क्योंकि आपके पास गेंद को नेट में डालने के लिए सिर्फ एक सेकेंड चाहिए होता है। यहीं स्ट्राइकर को तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए।

    उन्होंने कहा, “कई बार स्ट्राइकर मेरे पास आते हैं और पूछते हैं कि जब हम गोल नहीं कर पा रहे होते हैं तो क्या करें। मैं सिर्फ उनसे यही कहता हूं कि चाहे कुछ भी हो आपको मौके के पीछे भागना होगा। अगर आप नौ बार असफल होकर हिम्मत हार जाते हो तो आप 10वीं बार गेंद के पास भी नहीं पहुंचोगे।”

    भूटिया ने कहा, “अगर आप रोनाल्डो और मेसी को देखेंगे तो पता चलेगा कि वह हर बार 3-4 डिफेंडरों को पार करते हैं। सभी स्ट्राइकर गेंद का इंतजार करते हैं और टच करते हैं। अंत में यह मौका भांपने की बात है, मैं दोबारा कहता हूं कि अगर आप लगातार कोशिश नहीं करेंगे, मौके नहीं बनाएंगे आप वो भांपने की आदत को नहीं जगा पाएंगे।”

  • BCCI ने बनाया प्लान क्रिकेट में धोखाधड़ी रोकने के लिए, भारतीय खिलाड़ियों को दी हिदायत

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने भारतीय क्रिकेट में चले आ रहे उम्र और मूलनिवास धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। बीसीसीआइ भारत में क्रिकेट के खेल के लिए गवर्निंग बॉडी के रूप में यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि एज ग्रुप टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक भागीदारी के लिए एक स्तर सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त जांच और प्रोटोकॉल अपनाए जाएं।

    क्रिकेट में उम्र और मूलनिवास धोखाधड़ी को रोकने के लिए BCCI ने अतिरिक्त उपायों को अपनाने का फैसला किया है, जो कि BCCI एज-ग्रुप टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी क्रिकेटरों के लिए सीजन 2020-21 से लागू होंगे। Voluntary Disclosure योजना के तहत, ऐसे खिलाड़ी जो स्वेच्छा से घोषणा करते हैं कि उन्होंने पूर्व में फर्जी या छेड़छाड़ किए गए दस्तावेजों को जमा करके अपनी जन्मतिथि में हेरफेर किया है, उन्हें निलंबित नहीं किया जाएगा और यदि वे अपनी वास्तविक जन्म तिथि (DOB) का खुलासा करते हैं तो उपयुक्त एज-ग्रुप स्तर पर भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।

    हालांकि, अगर पंजीकृत खिलाड़ी तथ्यों का खुलासा नहीं करते हैं और बीसीसीआइ द्वारा नकली या छेड़छाड़ किए गए डेट ऑफ बर्थ प्रूफ के दस्तावेज जमा किए गए पाए जाते हैं, तो उन्हें 2 साल के लिए बैन कर दिया जाएगा। 2 साल के निलंबन के पूरा होने के बाद उन्हें एज ग्रुप टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीसीसीआइ के आयु वर्ग के टूर्नामेंटके साथ-साथ राज्य इकाइयों द्वारा आयोजित आयु वर्ग के टूर्नामेंट से भी उनको निलंबित रखा जाएगा। ऐसा इसी सीजन से होगा।

    बीसीसीआइ ने साफ कर दिया है कि वरिष्ठ पुरुषों और महिलाओं सहित मूलनिवास() धोखाधड़ी करने वाले सभी क्रिकेटरों पर 2 साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा। स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना उन क्रिकेटरों के लिए लागू नहीं होती है, जिन्होंने मूलनिवास धोखाधड़ी की है। BCCI अंडर -16 आयु वर्ग के टूर्नामेंट के लिए, केवल उन खिलाड़ियों को पंजीकृत किया जाएगा, जिनकी आयु 14-16 वर्ष के बीच है। वहीं, अंडर 19 खेलने के लिए जमा किए किसी खिलाड़ी के दस्तावेज में दो साल का अंतर पाया जाता है तो उसको भी दो साल के लिए एज-ग्रुप से बैन किया जाएगा।

    इस बारे में बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है, “हम सभी आयु समूहों में एक समान मैदान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बीसीसीआइ उम्र में धोखाधड़ी का मुकाबला करने के लिए कदम उठा रहा है और अब आगामी घरेलू सत्र से भी सख्त कदम उठा रहा है। जो लोग अपने कुकृत्य का स्वेच्छा से खुलासा नहीं करते हैं उन्हें भारी सजा दी जाएगी और दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया जाएगा।” वहीं, सचिव जय शाह ने कहा है कि बीसीसीआइ ने इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का फैसला किया है।

  • ये खिलाड़ी है बेताब भारत की वनडे टीम में वापसी के लिए, कहा….ये खिलाड़ी है बेताब भारत की वनडे टीम में वापसी के लिए, कहा….

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    नई दिल्ली। अजिंक्य रहाणे भारतीय टेस्ट टीम सेटअप का एक अनिवार्य हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन जहां तक सीमित ओवरों के प्रारूप का सवाल है, तो उनको अंदर-बाहर होना पड़ता है। रहाणे का मानना है कि उनके वनडे के आंकड़े अच्छे हैं, लेकिन आंकड़े ये भी गवाही देते हैं कि रहाणे ने अच्छा प्रदर्शन सीमित ओवरों की क्रिकेट में नहीं किया है, जिसकी वजह से वे बाहर हुए हैं। हालांकि, अब मेहनत के दम पर अजिंक्य रहाणे वनडे टीम में वापसी के लिए बेताब हैं।

    आपको बता दें, अजिंक्य रहाणे ने 90 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 35.26 की औसत से 2962 रन बनाए हैं। इनमें से 843 रन उन्होंने 27 मैचों में 36.65 की औसत के साथ नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए बनाए हैं। वहीं, एकदिवसीय मैचों में सलामी बल्लेबाज के रूप में 54 मैचों से 1937 रन के साथ वे बेहतर स्थिति में हैं, क्योंकि यहां उन्होंने 3 शतक भी जड़े हैं। रहाणे ने अपना आखिरी वनडे मैच साल 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। उसके बाद से वे टीम से बाहर हैं।

    दाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा है, “मुझे लगता है कि मेरा पहला प्लान वनडे क्रिकेट में वापस आना है। मैं आमतौर पर अपने रिकॉर्ड के बारे में बात नहीं करता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि एक महत्वपूर्ण कारक मेरा रिकॉर्ड वास्तव में पिछले 3-4 वर्षों में वास्तव में अच्छा है जब मुझे ड्रॉप कर दिया गया था।” रहाणे ने ये भी कहा है कि वे किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।

    रहाणे ने कहा है, “चाहे बल्लेबाजी की शुरुआत(ओपनिंग) हो या नंबर 4 पर, मेरा रिकॉर्ड बहुत अच्छा था, मेरा स्ट्राइक रेट फिर से बहुत अच्छा था। मुझे लगता है कि मेरा उद्देश्य एकदिवसीय सेट-अप में वापस आना है। मुझे नहीं पता मुझे कब अवसर मिलेगा, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी, मैं सभी पहलुओं पर वास्तव में कड़ी मेहनत कर रहा हूं। मैं वास्तव में अपने बारे में आश्वस्त हूं। यह सब आत्मविश्वास रखने और सकारात्मक होने के बारे में है, निडर होने के बारे में है।”

  • MS Dhoni की टीम इंडिया में वापसी IPL 2020 के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है

    MS Dhoni की टीम इंडिया में वापसी IPL 2020 के प्रदर्शन पर  निर्भर नहीं है

    नई दिल्ली। IPL 2020 में एक बार फिर से MS Dhoni चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी के लिए तैयार हैं। धौनी के भविष्य को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है, लेकिन टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज व कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि उनके इंटरनेशनल क्रिकेट करियर पर आइपीएल के 13वें सीजन का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनका फॉर्म व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि चेन्नई सुपर किंग्स के लिए महत्वपूर्ण होगा। धौनी ने विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच खेला था।

    आकाश चोपड़ा ने क्रिकेट फैंस की गलतफहमी दूर करने की कोशिश की कि धौनी का टीम इंडिया में चयन उनके आइपीएल प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। एमएस धौनी ने आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ आइसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल में एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। दुर्भाग्य से, भारत मैच हार गया था और एमएस धौनी तब से क्रिकेट के मैदान से दूर हैं।

    आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि किसी व्यक्ति के दृष्टिकोण से, किसी बल्लेबाज के दृष्टिकोण से या करियर के दृष्टिकोण से यह उतना अहम नहीं है। वो अपने करियर में जिस मुकाम पर हैं, वह वास्तव में इस बात से अनजान नहीं है कि आइपीएल का हर मैच कैसा होगा या उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना जाएगा या नहीं। वो इन सारी बातों को पीछे छोड़ चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि अगर वो अच्छी फॉर्म में है तो फिर टीम को आगे ले जाना उनके लिए आसान होगा, लेकिन अगर वो रन नहीं बनाएंगे तो फिर वो खेल का मजा ज्यादा अच्छी तरह से नहीं ले पाएंगे। अगर मैं उनके दृष्टिकोण से देखूं तो हर मैच जो आप खेलते हैं महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि वो एक साल के बाद क्रिकेट खेलेंगे। लेकिन अगर आप टीम इंडिया में उनके करियर और वापसी को देखते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि इसका बहुत बड़ा असर होने वाला है। वह अब रन भी बनाएंगे और उनकी टीम भी अच्छा करेगी, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्होंने विकेटकीपर के तौर पर 634 कैच व 195 स्टंपिंग किए हैं।

     

  • “बहुत खास था वह”- कुंबले ने कहा अपने एकमात्र टेस्ट शतक को

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    बेंगलुरु। पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने कहा है कि उनका एकमात्र टेस्ट शतक उनके लिए बहुत ही खास था। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले कुंबले के नाम एक टेस्ट शतक भी दर्ज हैं, जोकि उन्होंने 2007 में ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। कुंबले ने भारतीय स्टार आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ यूट्यूब चैट शो ‘डीआएस विद एश’ में कहा, ” निश्चित रूप से शतक बहुत खास था क्योंकि मैंने इसकी कोशिश की थी। मैंने पहले मैच से ही कोशिश की थी और यह मुझे 117वें टेस्ट में जाकर हासिल हुआ। तो यह शायद मेरे लिए भी अनुमान था। अनुमान यही था कि गेंदबाज क्या करेगा और फिर मुझे 117वें टेस्ट मैच में सभी अनुमान सही लगे।”

    उन्होंने कहा, ” अगर आप ड्रेसिंग रूम को देखें तो मुझसे ज्यादा मेरे टीम साथी खुश थे। मुझे लगता है कि लक्ष्मण मेरे शतक का जश्न बनाने के लिए गिर गए थे।”

    कुंबले ने आगे कहा, ” मैं जानता था कि दूसरे छोर पर मेरे साथ अंतिम खिलाड़ी खड़ा था। श्रीसंत अतिम छोर पर अंतिम खिलाड़ी के रूप में खड़े थे। मैंने उनके साथ करीब 30 रन बनाए थे। मुझे पता था कि उन्होंने तीसरी या चौथी नई गेंद ली है, मुझे याद नहीं है। इसलिए मुझे पता था कि मुझे रन बनाने हैं और श्रीसंत को स्ट्राइक नहीं देना है।”

    पूर्व कप्तान ने कहा, ” इसलिए मैं कोशिश कर रहा था कि मैं कोशिश कर रहा था कि मैं केविन पीटरसन के बाद शॉट खेलने के लिए बाहर निकलूं। केपी ने इसे वाइड कर दिया। मेरे पास एक स्विंग थी। मुझे कि गेंद ने बल्ले का किनारा ले लिया है और इससे पहले स्टीव बकनर ने इसे बाई दे दिया। मैंने अपना हाथ ऊपर रखा और मैं कह सकता हूं कि मैंने शतक बना लिया।”

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  • युवा खिलाड़ियो को भूटिया की सलाह, जोखिम ले…

    युवा खिलाड़ियो को भूटिया की सलाह, जोखिम ले…

    नई दिल्ली। भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने देश के खिलाड़ियों पर बाहर खेलने पर जोर दिया है और युवा खिलाड़ियों को सलाह दी है कि अगर विदेशी क्लबों में खेलना जोखिम है तो यह उन्हे लेना चाहिए। भूटिया ने कहा, “मैं देश के युवा खिलाड़ियों को सलाह दूंगा कि वह जोखिम लें और विदेशी क्लबों में खेलें। आपको बलिदान देना होगा और हो सकता है कि आपको उतना पैसा नहीं मिले जितना भारत के शीर्ष खिलाड़ियों को मिलता है। एक बार जब आप 25-26 साल के हो जाते हो तो आप वित्तीय पहलू को देख सकते हो।”

    उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ियों को यूरोप की शीर्ष लीगों में खेलने की जरूरत नहीं है। वह लोग चीन, जापान, कोरिया कतर, संयुक्त अरब अमीरात जैसे एशियाई देशों में खेल सकते हैं। साथ ही बेल्जियम जैसे देशों में भी खेल सकते हैं।”

    उन्होंने कहा, “विदेशों में खेलने से आप काफी कुछ सीखते हैं। तकनीक रूप से नहीं तो आपको पता चलता है कि पेशेवर फुटबाल क्या है और फुटबाल किस तरह से काम करती है। एक खिलाड़ी के तौर पर आप ज्यादा सीखते हैं और सुधार करते हैं। मेरा बरी एफसी के साथ अनुभव अच्छा रहा था। इससे मुझे पता चला कि मैं किस तरह का खिलाड़ी हूं।”

  • मसूद और वोक्स को आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में फायदा

    मसूद और वोक्स को आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में फायदा

    दुबई। पाकिस्तानी बल्लेबाज शान मसूद और इंग्लैंड के आलराउंडर क्रिस वोक्स को मैनेचेस्टर टेस्ट की समाप्ति के बाद आईसीसी की ताजा रैंकिंग में फायदा हुआ है। इंग्लैंड ने इस मैच में पाकिस्तान को तीन विकेट से हराया था। पहली पारी में 156 रन की पारी खेलने वाले मसूद बल्लेबाजों की रैंकिंग में 14 स्थानों की लंबी छलांग लगाकर 19वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मसूद के करियर की यह सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हैं। वह बाबर आजम के बाद सर्वोच्च रैंकिंग पर पहुंचने वाले दूसरे पाकिस्तानी बल्लेबाज हैं। आजम छठे नंबर पर हैं।

    पहले टेस्ट में मैन आफ द मैच रहे वोक्स 18 स्थानों की लंबी छलांग लगाकर 78वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वोक्स ने विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर के साथ छठे विकेट के लिए 139 रनों की साझेदारी की थी और खुद 84 रनों की नाबाद पारी खेलकर इंग्लैंड को जीत दिलाया था।

    वोक्स आलराउंडरों की सूची में सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। बटलर 44वें स्थान से 30वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    गेंदबाजों की सूची में पाकिस्तान के लेग स्पिनर यासिर शाह और शादाब खान क्रमश: 22वें और 69वें नंबर पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।

  • बुमराह के लिए सभी प्रारूपों में खेलना गेंदबाजी एक्शन के कारण मुश्किल : अख्तर

    बुमराह के लिए सभी प्रारूपों में खेलना गेंदबाजी एक्शन के कारण मुश्किल : अख्तर

    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का मानना है कि अपनी गेंदबाजी एक्शन के कारण भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के लिए सभी प्रारूपों में खेलने के लिए खुद को उपलब्ध रखना मुश्किल होगा। अख्तर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ उनके यूट्यूब शो ‘आकाशवाणी’ में कहा, ” बुमराह के पास एक मुश्किल एक्शन है। वह सभी प्रारूपों में नहीं खेल सकते हैं।”

    उन्होंने कहा, ” यह उनकी बहादुरी है कि उन्होंने टेस्ट मैचों में अपना कौशल दिखाया। वह बहुत मेहनती लड़का है और बहुत फोकस्ड है। वह जानते हैं कि वह कहां जाना चाहता है। लेकिन क्या उनकी पीठ उनका समर्थन करेगी। तब तक जब उनकी पीठ पर इतना भार होगा।”

    अख्तर ने आगे कहा, ” मैं उनके मैच देख रहा था इससे पहले कि वह टूट गया। मैं अपने दोस्तों से कह रहा था कि वह टूट जाएगा। उन्होंने (दोस्तों) मुझे बताया कि यह सिर्फ 4-5 कदम रन-अप था। मैंने उन्हें बताया कि यह कदमों का सवाल नहीं है, बल्कि डिलीवरी स्ट्राइड के दौरान लोडिंग के बारे में है, उनकी पीठ इतने अधिक समय तक टिक नहीं पाएगी।”

    उन्होंने कहा, “एक झपकी आ जाएगी और वह हो गई। मुझे लगता है कि एक दो टेस्ट मैचों के बाद वह टूट गया। उसे बहुत सावधान रहना होगा और उनके कप्तान को भी क्योंकि आपको ऐसी बहुत कम प्रतिभाएं मिलती हैं।”