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  • दिग्गज कैरेबियाई ऑलराउंडर ने किया दावा, वर्ल्ड क्रिकेट पर वेस्टइंडीज की टीम कर सकती है राज

    दिग्गज कैरेबियाई ऑलराउंडर ने किया दावा, वर्ल्ड क्रिकेट पर वेस्टइंडीज की टीम कर सकती है राज

    नई दिल्ली। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने कोरोना वायरस महामारी के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली कर दी है। इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी के तौर पर देखी जा रही इस सीरीज के पहले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ वेस्टइंडीज ने 4 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज की टीम ने 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। इस जीत से खुश कैरेबियाई टीम के ही एक ऑलराउंडर ने बड़ा दावा कर दिया है।

    वेस्टइंडीज की टीम के सीमित ओवरों के दिग्गज ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट ने कहा है कि वेस्टइंडीज की टीम फिर से विश्व क्रिकेट पर राज कर सकती है। 20 साल में ये दूसरा मौका था, जब वेस्टइंडीज की टीम ने इंग्लैंड की सरजमीं पर कोई टेस्ट मैच जीता है। इससे पहले 2017 में जेसन होल्डर की ही कप्तानी में कैरेबियाई टीम ने मेजबानों को हराया था। कार्लोस ब्रैथवेट ने कहा है कि वेस्टइंडीज भले ही अभी आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सातवें नंबर पर है, लेकिन वो नंबर एक पर आ सकती है।

    बीबीसी के साथ इस टेस्ट सीरीज के लिए एनालिस्ट के रूप में जुड़े कार्लोस ब्रैथवेट ने कहा है, “अगर मैं पूरी तरह से ईमानदार हूं, तो मैं इस टीम को दुनिया की नंबर एक टीम देख सकता हूं। केवल एक चीज पर अब टीम को फोकस करना है वह है बल्लेबाजी। हमारी टीम के बल्लेबाजों को ठीक वैसा ही करने की जरूरत है जैसा कि जर्मेन ब्लैकवुड ने किया था – मैदान पर आओ, गति को देखो और दबाव वापस से गेंदबाजों पर डाल दो।”

    ब्रैथवेट ने कहा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़े स्कोर की तलाश करनी होगी। उन्होंने कहा, “आप देखे होंगे कि स्टीव स्मिथ ने एशेज सीरीज में क्या किया, उन्होंने मूल रूप से गेंदबाजों को निशाना बनाया और ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट जीता और वेस्टइंडीज के कुछ बल्लेबाजों को ऐसा ही करने की जरूरत है और 60 या 70 रन के साथ संतोष नहीं करना चाहिए, बल्लेबाजों को बड़े स्कोर की ओर देखना चाहिए। फिर हम वास्तव में दुनिया में नंबर एक या दो के लिए चुनौती दे सकते हैं और हम सभी मोर्चों पर फिर से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।”

     

  • भारत की सीरीज से टकराएगी BBL लीग, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने किया शेड्यूल का ऐलान

    भारत की सीरीज से टकराएगी BBL लीग, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने किया शेड्यूल का ऐलान

    नई दिल्ली। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने बुधवार को बिग बैश लीग सीजन की योजना बनानी शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने बीबीएल के फुल सीजन का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार लीग की शुरुआत दिसंबर में होनी है, लेकिन बोर्ड ने माना है कि स्वीकार किया कि शेड्यूल COVID-19 महामारी से प्रभावित हो सकता है। अगर ये लीग अपने निर्धारित समय पर शुरू होती है तो ये भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से टकराएगी।

    बीबीएल के दसवें सीजन की शुरुआत 3 दिसंबर से होनी है। कंगारू क्रिकेट की मानें तो 3 दिसंबर को एडिलेड स्ट्राइकर्स का सामना मेलबर्न रेनेगेज टीम से होगा। बिग बैश लीग 2020-21 में कुल 60 मैच आयोजित होंगे, जिसमें नॉकआउट मुकाबले भी शामिल हैं। देश के अलग-अलग स्टेडियमों में ये लीग खेली जाएगी, जबकि फाइनल मुकाबला 6 फरवरी को खेला जाएगा। इसके साथ-साथ वुमेंस बिग बैश लीग का शेड्यूल भी जारी हो गया है।

    17 अक्टूबर से 29 नवंबर के बीच वुमेंस बिग बैश लीग का आयोजन किया जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया प्रसारकों के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा और कम सामग्री के लिए दंड का सामना नहीं करेगा। हालांकि, शेड्यूल अभी भी समस्याओं का सामना कर सकता है, क्योंकि हाल ही में मेलबर्न और सिडनी में कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद ऑस्ट्रेलिया में अंतरराज्यीय यात्रा प्रतिबंधित है।

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग प्रमुख एलिस्टेयर डॉबसन ने कहा कि लीग सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह का पालन करेगी और जनता, खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल बनाएगी। डॉबसन ने कहा है, “कोरोना वायरस के समय में निर्धारण इसकी चुनौतियों के बिना नहीं है, जैसा कि हमने देखा है। लीग के बाहर ही कारक हैं जो बाद की तारीख में (शेड्यूल) को प्रभावित कर सकते हैं।”

    बता दें कि 3 दिसंबर से ही भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होनी है। 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज भी दोनों देशों के बीच होनी है। इस तरह ये भारतीय टीम का ये दौरा 17 जनवरी तक चलेगा। इसी बीच देश में बिग बैश लीग का आयोजन हो रहा है, जिससे इसके टकराव होगा। हालांकि, वुमेंस बिग बैश लीग को देखते हुए माना जा रहा है कि अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में ही होने वाला टी20 वर्ल्ड कप स्थगित हो सकता है।

  • इरफान पठान बोले- ‘बेन स्टोक्स’ जैसा ऑलराउंडर भारत को मिल जाए तो दुनिया में कोई टीम नहीं हरा पाएगी…

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    भारत के पूर्व गेंदबाज इरफान पठान (Irfan Pathan)  ने भारतीय टीम को लेकर एक ख़ास ट्वीट किया है। पठान ने ट्वीट में बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की तारीफ में कुछ बातें लिखी है जो सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रही है। जिसके बाद युवराज सिंह ने इरफान को ट्रोल करने की कोशिश की। भारत के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने लिखा कि ” भारतीय टीम (Indian Cricket Team) में बेन स्टोक्स के जैसा कोई ऑलराउंडर होगा तो टीम इंडिया अपराजेय बन जाएगी, दुनिया कि किसी भी टीम से नहीं हारेगी’। इरफान पठान का यह ट्वीट ख़ूब वायरल हो रहा है। जिसके बाद युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने ट्वीट पर कमेंट किया और लिखा कि’ आपके कहने का मतलब भारत के हमारे पास यानी भारतीय टीम के पास ऐसा ऑलराउंडर नहीं है जो मैन विनर हो’। इसके तुरंत बाद इरफान ने लिखा,’ भाई युवराज रिटायर हो चुके हैं’। बता दें कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट में स्टोक्स ने ग़ज़ब का परफॉर्मेंस करते हुए 254 रन बनाए और 3 विकेट भी झटके थे। दूसरे टेस्ट में स्टोक्स को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया था।

    स्टोक्स ने दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की दूसरी पारी में जिस अंदाज़ में अर्धशतक जमाया वह कमाल का रहा था। स्टोक्स केवल 36 गेंद पर अर्धशतक ज़माने में सफल रहे थे। स्टोक्स की पारी और गेंदबाजी के कारण दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड आसानी के साथ टेस्ट मैच जीतने में सफल रहा था। स्टोक्स इंग्लैंड के पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं जिन्होंने एक टेस्ट में 250 रन और 3 विकेट लेने का कमाल किया हो। इसके अलावा ऐसा कारनामा करने वाले स्टोक्स दुनिया के 8वें खिलाड़ी भी बने।

    बता दें कि स्टोक्स आईसीसी ऑलराउंडर टेस्ट रैंकिंग (ICC All Rounder test Ranking) में टॉप पर पहुँच गए हैं। स्टोक्स इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बाद ऐसा 14 साल बाद ऑलराउंडर की टेस्ट रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुँचे हैं। टेस्ट रैंकिंग के अलावा स्टोक्स बल्लेबाजी रैंकिंग में तीसरे नंबर पर पहुँच गए हैं। गौरतलब है कि इरफान पठान भारत के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शुमार किए जाते हैं।

    एक वक़्त ऐसा भी था जब इरफान को भारत के बेहतरीन ऑलराउंडर कहा जा रहा था लेकिन उनकी गेंदबाजी में अचानक से गिरावट आई जिसके बाद वह भारतीय टीम से बाहर हो गए. इसी साल इरफान ने इंटरनेशनल किकेट से संन्यास का ऐलान किया। इरफान ने अपने संन्यास लेने पर ये भी कहा कि चयनकर्ता उन्हें मौका नहीं दे रहे थे। उन्होंने रिटायरमेंट का फ़ैसला इसलिए किया जिससे वह दूसरे युवा खिलाड़ियों की मदद कर सके।

  • रूस प्रीमियर लीग में ईरान के अजमौन ने जीता गोल्डन बूट अवॉर्ड

    रूस प्रीमियर लीग में ईरान के अजमौन ने जीता गोल्डन बूट अवॉर्ड

    तेहतरान| ईरान के अंतर्राष्ट्रीयफुटबालर सरदार अजमौन ने रूस प्रीमियर लीग में गोल्डन बूट अवॉर्ड जीत लिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अजमौन और उनके जेनिट सेंट पीटसबर्ग के टीम साथी अर्टम डियूबा ने लीग में 28 मैचों में 17 गोल किए। लेकिन पेनल्टी से कम गोल करने के मामले में अजमौन, डियूबा से आगे रहे। अजमौन ने पेनल्टी से केवल एक गोल किया जबकि डियूबा ने सात गोल किए।

    अजमौन ने अपने इंस्टाग्राम पर कहा, “मैं उन सभी को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने मौजूदा सीजन में मेरा समर्थन किया है। मैंने इस पुरस्कार को जीतने के लिए कड़ी मेहनत की।”

    अजमौन रूस प्रीमियर लीग में खेलने वाले ईरान के पहले खिलाड़ी हैं। वह लीग में खिताब जीतने वाले ईरान के पहले खिलाड़ी हैं।

    25 वर्षीय अजमौन रूस प्रीमियर लीग में जेनिट सेंट पीटसबर्ग क्लब के खेलते हैं। उन्होंने 2018-19 सीजन में क्लब के लिए 16 मैचों में 12 गोल दागे थे।

    एशियाई फुटबाल परिसंघ (एएफसी) ने पिछले महीने ही अजमौन को रूस प्रीमियर लीग में एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में नामित किया था।

  • 6-6 उंगलियों के साथ यह क्रिकेटर हुआ था पैदा ,पहली बार 6 गेंदों में लगाए थे 6 छक्के

    6-6 उंगलियों के साथ यह क्रिकेटर हुआ था पैदा ,पहली बार 6 गेंदों में लगाए थे 6 छक्के

    इस महान क्रिकेटर के दोनों हाथों में जन्म से ही एक-एक उंगली ज्यादा थी, यानी कुल मिलाकर 12 उंगलियां उनके हाथों में थीं. जी हां! बात हो रही है सर गैरी सोबर्स की. विजडन के सदी (20वीं शताब्दी ) के पांच सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर्स में शुमार सर गैरी आज 84 साल के हो गए. उनका जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था. आधुनिक क्रिकेट डब्ल्यूजी ग्रेस की देन है, जबकि सोबर्स क्रिकेट को नई ऊंचाइयां देने के लिए याद किए जाते हैं.

    ‘गैरी सोबर्स: माय ऑटोबायोग्राफी’ में उन्होंने उस ‘खासियत (12 उंगली) ‘ का जिक्र किया है. सोबर्स ने लिखा, ‘दूसरे बच्चे कहेंगे कि मैं क्रिकेट में बहुत अच्छा था क्योंकि मेरे हाथ में छह उंगलियां थीं … दरअअसल, पहली अतिरिक्त उंगली काफी जल्दी गिर गई, जब मैं लगभग 9 या 10 साल का था. मैंने 11 उंगलियों के साथ पहली बार क्रिकेट खेला और इसके बाद 14 या 15 साल की उम्र में दूसरे हाथ की उंगली को खुद निकलवा लिया था.’

    बेहतरीन ऑलराउंडर सोबर्स क्रिकेट की हर विधा में पारंगत रहे. उन्होंने एक और जहां अपनी बल्लेबाजी से धूम मचाई, वहीं अपनी लेग स्पिन, चाइनामैन और मध्यम गति की तेज गेंदबाजी से चौंकाया. सोबर्स ने 1958 में महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही शतक को ट्रिपल सेंचुरी में तब्दील कर दिया था. तब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ किंग्सटन में नाबाद 365 रन बना डाले थे, जो विश्व रिकॉर्ड था. 36 साल बाद ब्रायन लारा ने उस स्कोर को पीछे छोड़ने में कामयाबी पाई.

    1966 में सोबर्स ने अपने दम पर वेस्टइंडीज को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जिताई थी. उस दौरान उन्होंने न सिर्फ 160 रनों से ऊपर के तीन शतकों के अलावा 94 रनों की पारी खेली, बल्कि गेंदबाजी करते हुए 20 विकेट भी चटकाए थे.

    सोबर्स के नाम 1968 में एक अद्भुत कारनामा जुड़ा. उन्होंने इंग्लिश काउंटी में नॉटिंघमशायर से खेलते हुए ग्लेमॉरगन के मैलकम नैश के ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़े थे. तब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ऐसा पहली बार देखने को मिला था. 1985 में रवि शास्त्री ने बड़ौदा के तिलकराज को 6 छक्के लगाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी की थी.

    महान सोबर्स ने 1974 में क्रिकेट को अलविदा कहा. 93 टेस्ट मैचों के करियर में उन्होंने 57.78 की औसत से 8032 रन बनाए, साथ ही 235 विकेट भी झटके. उनके नाम 26 शतक और 30 अर्धशतक हैं.

    सोबर्स का भारतीय अभिनेत्री अंजू महेंद्रू से प्रेम संबंध रहा. कहा जाता है कि अंजू और सोबर्स की शादी लगभग पक्की थी. दोनों की सगाई भी हुई, पर शादी नहीं हो पाई. अंजू के पेरेंट्स को इस रिश्ते से नाराजगी थी. आखिरकार सोबर्स ने ऑस्ट्रेलियन गर्ल प्रू किर्बे से 1969 को शादी की. दोनों का अब तलाक हो चुका है. दोनों के दो बेटे हैं. उन्होंने एक बेटी को भी गोद लिया था.

  • होंठ पर चोट खा बैठा विकेटकीपर गेंद पकड़ने की कोशिश में, अंपायर ने गेंद को किया सेनेटाइज

    होंठ पर चोट खा बैठा विकेटकीपर गेंद पकड़ने की कोशिश में, अंपायर ने गेंद को किया सेनेटाइज

    ENGvWI 3rd Test: इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच आखिरी टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरू पारी में 2 विकेट पर 10 रन बना लिए हैं. वेस्टइंडीज को जीत के लिए 389 रनों का लक्ष्य है. बता दें कि इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 2 विकेट पर 226 रन बनाकर घोषित कर दी थी, जिसके कारण वेस्टइंडीज को जीत के लिए 399 रनों का लक्ष्य दिया है. अभी भी 2 दिन का खेल शेष हैं, ऐसे में वेस्टइंडीज को टेस्ट में हार और सीरीज में अपनी हार के बचाने के लिए यह टेस्ट मैच हार हाल में जीतना होगा. वैसे, ऐसा माना जा रहा है कि इंग्लैंड की टीम यह टेस्ट मैच चौथे दिन आसानी के साथ जीत लेगी. इंग्लैंड की ओर से दूसरी पारी में रॉरी बर्न्स ने सबसे ज्यादा 90 रन बनाए तो वहीं डॉम सिबली ने 56 रनों की पारी खेली. इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) ने नाबाद 68 रन बनाए. वेस्टइंडीज के लिए इस समय क्रीज पर क्रैग ब्रैथवेट 2 और शाई होप 4 रन बनाकर नाबाद हैं.

    वेस्टइंडीज विकेटकीपर शेन डॉवरिच (Shane Dowrich) के होंठ पर लगी गेंद, अंपायर को गेंद सेनेटाइज करना पड़ा

    इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान एक हादसा टल सा गया. हुआ ये कि इंग्लैंड की दूसरी पारी में 8वें ओवर में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शैनन ग्रैबिएल (Shannon Gabriel) की तीसरी गेंद वेस्टइंडीज के विकेटीकपर डॉवरिच (Shane Dowrich) अच्छी तरह से पकड़ नहीं पाए और गेंद उनके होंठ पर जा लगी, वो तो भला हो कि गेंद उनके सिर पर नहीं लगी, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था. हालांकि होंठ पर लगी चोट से डॉवरिच परेशान नजर आए. जिसके बाद उनकी जगह स्थानापन्न खिलाड़ी शाई होप ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली. बता दें कि जब गेंद डॉवरिच के होंठ पर लगी तो उनके होंठ से खून निकल रही थी. ऐसे में शाई होप को फिर विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभानी पड़ी. गेंद होंठ से टच हुई थी जिसके कारण अंपायर को गेंद सेनेटाइज करनी पड़ी. गेंद को सेनेटाइज करने के बाद खेल फिर शुरू हुआ.

    बता दें कि पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज को 4 विकेट से जीत मिली थी तो वहीं दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 113 रनों से हराया था. यह टेस्ट मैच जो जीतेगा वह टेस्ट सीरीज भी जीतने में सफल रहेगा. वैसे, इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट में निश्चित ही नजर आ रही है. गौरतलब है कि यह आखिरी बार है जब विजडन टेस्ट सीरीज (Wisden Trophy) खेली जा रही है. इसके बाद से भी कभी भी विजडन (Wisden Trophy) के नाम से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट सीरीज नहीं खेली जाएगी. बता दें कि यह टेस्ट सीरीज इंग्लैंड या फिर वेस्टइंडीज की टीम जीते, ट्रॉफी को लॉर्ड्स स्थित मेरिलबोन क्रिकेट क्लब म्यूजियम (MCC Museum) में हमेशा के लिए रख दिया जाएगा. विजडन ट्रॉफी की शुरूआत साल 1963 से हुई थी. अब से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच जब कभी भी टेस्ट सीरीज खेली जाएगी तो उसका नाम रिचर्ड्स-बॉथम ट्रॉफी के नाम से जाना जाएगा.

  • निगेटिव आया बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली का कोविड-19 टेस्ट

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    कोलकाता। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का कोविड-19 टेस्ट निगेटिव आया है। पूर्व भारतीय कप्तान के करीबी सूत्र ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी। गांगुली के बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया था और वह अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। तब से गांगुली भी होम क्वारंटीन में थे।

    सूत्र ने कहा, “उनका टेस्ट निगेटिव आया है। उन्होंने सावधानी के लिए टेस्ट कराया था।”

    वहीं बेले व्यू क्लीनिक में भर्ती उनके बड़े भाई स्नेहाशीष अब ठीक हो रहे हैं।

    बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष अभिषेक डालमिया भी इस समय होम क्वारंटीन हैं क्योंकि वह भी स्नेहाशीष के संपर्क में आए थे।

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  • विराट ने कहा- IPL 2012 ने मुझे बदल दिया, पहले 4-5 दिन में 40 टॉफियां खाता था’, पागल की तरह सोता था

    विराट ने कहा-  IPL 2012 ने मुझे बदल दिया, पहले 4-5 दिन में 40 टॉफियां खाता था’, पागल की तरह सोता था

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली वर्ल्ड क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के लिए तो जाने ही जाते हैं साथ ही साथ उनकी फिटनेस की पूरी दुनिया कायल है। विराट अपनी फिटनेस को लेकर बहुत ही सजग रहते हैं और अपने खान-पान से लेकर अपनी एक्सरसाइज पर विशेष ध्यान देते हैं। विराट कोहली के निरंतर प्रदर्शन के पीछे उनकी फिटनेस का भी अहम योगदान है तो वहीं एक वक्त ऐसा भी था जब वो फिटनेस पर ज्यादा ध्यान हीं देते थे। हाल ही में उन्होंने अपने उस वक्त को याद किया जब उन्हें अहसास हुआ कि वो उच्चतम स्तर पर सफल होने के लिए पर्याप्त मेहनत नहीं कर रहे हैं।

    हाल ही में उन्होंने बताया कि आइपीएल 2012 सीजन के बाद वो खुद को देखकर निराश थे और फिर उन्होंने फैसला किया कि वो जिस तरह से ट्रेनिंग कर रहे हैं उसमें बदलाव करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया की सभी टीमें बदल रही थी खास तौर पर ट्रेनिंग को लेकर जबकि टीम इंडिया फिटनेस को लेकर उनसे काफी फीछे थी जो बात उन्हें परेशान करती थी।

    विराट कोहली ने बताया कि उनका डायट कितना खराब था और वो आइपीएल के दौरान 4-5 दिन में 40 टॉफियां खा जाते थे। उन्होंने कहा कि उनके सामने जो भी होता था वो खा जाते थे और वो बहुत ही ज्यादा सोते थे जिसमें परिवर्तन करने की जरूरत थी। विराट के लिए आइपीएल 2011 काफी अच्छा रहा था और उन्होंने 16 मैचों में 557 रन बनाए थे जबकि अगले सीजन यानी 2012 में 16 मैचों में वो 364 रन की बना पाए। 2012 आइपीेएल सीजन में किए अपने प्रदर्शन के बाद ही विराट का अपने फिटनेस के प्रति मन बदला और उन्होंने अपने डायट व ट्रेनिंग में बदलाव किए।

    विराट ने कहा कि आइपीएल 2012 के प्रदर्शन ने मुझे निराश किया और मैंने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया। उस वक्त मेरे सामने जो आता था खा लेता था। हम ज्यादातर आइटीसी गार्डेनिया में रुकते थे जहां मेरे पास टॉफी का पैकेज होता था जिसमें 40 टॉफियां होती थी और मैं इसे 4-5 दिन में खा लेता था। उस वक्त वही मेरा डायट हुआ करता था। उन्होंने कहा कि मैं उस वक्त पागल इंसान की तरह सोता था क्योंकि उस समय मुझे सफलता मिली थी और सबकुछ अच्छा हो रहा था और मैं आइपीएल भी खेलने लगा था। हालांकि 2012 सीजन के प्रदर्शन की वजह से मुझे अहसास हुआ का मुझे बदलने की जरूरत है। मैं घर वापस गया और मुझे महसूस हुआ कि जिस तरह से मैं तैयारी कर रहा हूं उसे बदलने की जरूरत है। इसके बाद मैंने अगले ही दिन से सबकुछ बदल दिया।

  • IPL 2020 का शेड्यूल किया जा सकता है 2 अगस्त को फाइनल…

    IPL 2020 का शेड्यूल किया जा सकता है 2 अगस्त को फाइनल…

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन के आयोजन का ऐलान हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने इस बात की जानकारी दे दी है कि आइपीएल 2020 UAE में 19 सितंबर से 8 नवंबर तक खेला जाएगा। हालांकि, अभी आइपीएल के इस सीजन का शेड्यूल फाइनल नहीं हुआ है, जिसके लिए आइपीएल की गवर्निंग काउंसिल और बीसीसीआइ की बैठक 2 अगस्त को होनी है। इसी बैठक में आइपीएल के शेड्यूल के अलावा लीग से जुड़ी कई अन्य चीजों पर भी चर्चा होगी।

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग को लेकर बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने बताया है, “हम 2 अगस्त को IPL गवर्निंग काउंसिल की बैठक कर रहे हैं और इस बैठक में लीग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।” इस साल IPL का आयोजन 29 मार्च से होना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस लीग को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया था, लेकिन अब आइपीएल चेयरमैन बृजेश पटेल ने बताया है कि 19 सितंबर से यूएई में लीग का आयोजन होगा।

    आइपीएल की गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में स्थानों, तिथियों और अन्य क्वारंटाइन उपायों पर चर्चा करने की जाएगी। आइपीएल की तैयारियों के लिए लीग के चेयरमैन बृजेश पटेल और बीसीसीआइ के वरिष्ठ अधिकारियों को भी यूएई जाना होगा, क्योंकि ये पूरे टूर्नामेंट के दौरान वहां रहेंगे। इनके अलावा बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह के भी टूर्नामेंट के आयोजन और इस कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़ने की उम्मीद है। हालांकि, इन दोनों का कार्यकाल समाप्त हो गया, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से इनको राहत मिल सकती है।

    उधर, सोमवार को अमीरात क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने खुलासा किया कि उसे यूएई में आइपीएल की मेजबानी के लिए बीसीसीआइ से एक आशय पत्र(लेटर ऑफ इंटेट) मिल चुका है। आइपीएल चेयरमैन ने साफ कर दिया है कि अब ईसीबी और बीसीसीआइ मिलकर आइपीएल की तैयारियां शुरू करेंगे।

  • रिजिजू से मिली आर्थिक मुश्किल में फंसे वुशू चैम्पियन को मदद

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    नई दिल्ली। कोविड-19 के चलेत आर्थिक तंगी के कारण परिवार चलाने के लिए मजदूरी करने को विवश हरियाणा की राष्ट्रीय वुशू चैम्पियन शिक्षा को केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू से पांच लाख रुपये की मदद मिली है। 22 साल की शिक्षा ने राज्य स्तर पर वुशू चैम्पियनशिप में कुल 24 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्हें यह मदद पंडित दिनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय फंड से दी गई है।

    स्पोर्ट्स साइंस में बीएससी कर रहीं शिक्षा ने अपने रोहतक स्थित घर से बात करते हुए कहा कि वह खेल मंत्री की आभारी हैं और उम्मीद करती हैं कि वह जल्दी से जल्दी ट्रेनिंग पर लौटेंगी।

    उन्होंने कहा, मेरे पास खेल मंत्री द्वारा की गई मदद और इस मुश्किल समय में पांच लाख रुपये भेजने के लिए कोई शब्द नहीं है। मैं जल्दी से जल्दी ट्रेनिंग पर लौटूंगी। मैं आप सभी से वादा करती हूं कि मैं अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतूंगी।

    उन्होंने कहा, “मेरा सपना अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का है और मेरे माता-पिता ने मुझे यहां तक पहुंचाने के लिए काफी कुछ किया है। दुर्भाग्यवश इस महामारी ने चीजों को रोक दिया था और मेरी ट्रेनिंग रुक गई थी इसलिए मुझे अपने माता-पिता की मदद करने के लिए मजदूरी करनी पड़ी। एक बार जब यह सब खत्म हो जाए तो मैं दोबारा ट्रेनिंग पर लौटूंगी क्योंकि मेरा एक मात्र लक्ष्य अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।” (आईएएनएस)

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