Category: sports

  • जोफ्रा आर्चर का दूसरा कोरोना टेस्ट रहा नेगेटिव तो जुड़ सकते हैं इंग्लैंड की टीम के साथ

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    लंदन। इंग्लैंड की टीम के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर गुरुवार 25 जून को टीम के ट्रेनिंग कैंप में जुड़ सकते हैं, जो कि बंद दरवाजों के पीछे जारी है। हालांकि, इसके लिए उनका दूसरे कोरोना टेस्ट का परिणाम नेगेटिव आना चाहिए। इंग्लैंड की टीम का कैंप वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए जारी है। इसी कैंप में आर्चर को शामिल किया जाना है, लेकिन सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनके दो कोरोना टेस्ट का परिणाम नेगेटिव आना चाहिए।

    इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अपने एक बयान में कहा है, “जोफ्रा आर्चर और उनके घर में काम करने वाले कर्मचारियों का कोविड 19 टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। जोफ्रा आर्चर का दूसरा टेस्ट कल (बुधवार 23 जून) को होगा और अगर इस टेस्ट का परिणाम नेगेटिव आता है तो वे गुरुवार से इंग्लैंड के ट्रेनिंग कैंप में शामिल हो सकते हैं।”

    बाकी टीम के खिलाड़ी और इंग्लैंड प्रबंधन टीम साउथेम्प्टन में मंगलवार दोपहर को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले अपनी तैयारी शुरू करने के लिए उतरेगी। मेजबान इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला इसी मैदान पर 8 जुलाई से होना है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने ट्रेनिंग कैंप में सिर्फ 30 खिलाड़ियों को रखा है, जबकि टेस्ट सीरीज के लिए इसमें से 20 खिलाड़ियों को चुना जाएगा।

    कोरोना वायरस महामारी के कारण मार्च से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन जुलाई में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट के शुरू होने की तैयारी है। इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज सीरीज के साथ टेस्ट क्रिकेट की वापसी होगी। वेस्टइंडीज टीम दौरे के सात सप्ताह के दौरान “जैव-सुरक्षित” वातावरण में रह रही है। इस बीच कैरेबियाई टीम यहां ट्रेनिंग और प्रैक्टिस कर रही है। सभी खिलाड़ी और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक चिकित्सा और संचालन की योजना भी बनाई गई है।

  • सचिन तेंदुलकर बोले- मेरी जिंदगी में एक ऐतिहासिक इवेंट था 1983 का वर्ल्ड कप फाइनल

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    नई दिल्ली। 1983 विश्व कप जीत के बारे में याद करते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने गुरुवार को कहा कि यह ‘मेरे जीवन में एक ऐतिहासिक घटना’ थी। गुरुवार 25 जून 2020 को भारत और कपिल देव एंड कंपनी ने वर्ल्ड कप 1983 की जीत की 37वीं वर्षगांठ मनाई। गुरुवार को ज्यादातर भारतीय क्रिकेटरों ने अपने-अपने अंदाज में वर्ल्ड कप 1983 की जीत को याद किया, जिसमें पूर्व क्रिकेटर भी शामिल थे।

    क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने ट्विटर अकाउंट पर वर्ल्ड कप 1983 को लेकर ट्वीट किया और लिखा है, “कई लोगों के लिए वर्ल्ड कप 1983 का फाइनल कुछ और रहा हो, लेकिन मेरे जीवन में यह एक ऐतिहासिक घटना थी। फिर भी मैं अपने दोस्तों को याद करता हूं और बीएस संधू की एपिक डिलीवरी से लेकर कपिल पाजी की कैच तक सभी विकेट का जश्न मनाता हूं। हम कूद गए और प्रत्येक विकेट के पतन का जश्न मनाया! वो क्या शाम थी।”

    बता दें कि भारतीय टीम ने 25 जून 1983 को लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और भारत ने दो बार की विश्व चैंपियन टीम वेस्टइंडीज को 43 रन से हराया था। भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारतीय टीम ने कैरेबियाई टीम को 140 रन पर ढेर कर दिया था और अपना पहला विश्व कप का खिताब जीता था। भारत ने दूसरा खिताब 28 साल के बाद साल 2011 में एमएस धौनी की कप्तानी में श्रीलंका को हराकर जीता था।

    विश्व कप का खिताब जीतने के बाद टीम के कप्तान कपिल देव ने लॉर्ड्स की बालकनी में जो ट्रॉफी उठाई थी, वो तस्वीर आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जहन में जिंदा है। फाइनल मैच में मोहिंदर अमरनाथ प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे, जिन्होंने पहले 26 रन की दमदार पारी खेली और फिर तीन विकेट लेकर वेस्टइंडीज की कमर तोड़ दी थी। भारत ने इससे पहले 1975 और 1979 का भी वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन सेमीफाइनल तक का सफर भी तय नहीं किया था।

  • फैन की गाली भारत-पाकिस्तान मैच से पहले, मेरा पहला अनुभव : शंकर

    फैन की गाली भारत-पाकिस्तान मैच से पहले, मेरा पहला अनुभव : शंकर

    नई दिल्ली। भारतीय आलराउंडर विजय शंकर ने पिछले साल मैनचेस्टर में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए विश्व कप मैच को एक बार फिर से याद किया है। शंकर ने ‘द भारत आर्मी पॉडकास्ट’ में ‘क्रिकेट विश्व कप 2019 रिवाइंड’ शो में खुलासा किया है कि पिछले साल 16 जून को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए ग्रुप मैच से पहले एक पाकिस्तानी फैन ने भारतीय खिलाड़ियों को गाली दी थी।

    शंकर ने कहा, ” मैच से एक दिन पहले ही हमारे कुछ खिलाड़ी कॉफी के लिए बाहर गए थे, तब एक फैन हमारे पास आ गए थे और उन्होंने हमें गालियां दी थीं। मेरे लिए भारत-पाकिस्तान मैच का यह पहला अनुभव था।”

    उन्होंने कहा, ” वह हमें गालियां दे रहे थे और इसकी रिकॉडिर्ंग भी हो रही थी। लेकिन हमने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।”

    29 वर्षीय खिलाड़ी ने साथ ही बताया कि मैच से उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक के साथ कुछ समय व्यतीत किया था और इससे उन्हें दबाव से निपटने में मदद मिली।

    आलराउंडर ने कहा, ” एक कमरे में बैठना और कुछ न करना, मेरे लिए बहुत मुश्किल था। मैं कॉफी के लिए बाहर जाना चाहता था और दिनेश कार्तिक भी मेरे साथ थे। हमने कुछ मस्ती की, जोकि काफी महत्वपूर्ण है। मैच से पहले हम अपने लिए कुछ समय चाहते थे।”

    शंकर ने विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ पदार्पण किया था। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लेकर सबको हैरान कर दिया था। उन्होंने बल्ले से भी नाबाद 15 रनों की पारी खेली थी।

    भारत ने डकवर्थ लुईस नियम के अनुसार यह मैच 89 रन से जीता था।

  • BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बताया, शुरू नहीं होगा अगस्त से पहले टीम इंडिया का ट्रेनिंग कैम्प

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    भारत समेत पूरे विश्व भर के लोग इस समय कोरोना वायरस के आतंक के साए में जी रहे हैं। इसकी वजह से लगभग हर क्षेत्र प्रभावित हो रखा है। क्रिकेट के दीवाने भारत देश में लोगों को लगभग तीन महीने से लाइव क्रिकेट देखने का मौका नहीं मिला है। हर क्रिकेट फैन्स इंतजार कर रहा है कि जल्द ही कोरोना वायरस की वैक्सीन बने और एक बार फिर से उन्हें अपने स्टार खिलाड़ी को मैदान पर चौके-छक्के मारते देखने का मौका मिले। इस बीच बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने संकेत दिए हुए बताया है कि क्रिकेट मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की कब वापसी हो सकती है।

    ‘अगस्त से पहले टीम इंडिया का कैम्प शुरू होने की संभावना नहीं’
    गांगुली ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए बताया कि भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के कैम्प को अगस्त से पहले तो शुरू किए जाने की उम्मीद नहीं है लेकिन इसके बाद ऐसा किया जा सकता है। रविवार को चैनल से बात करते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा अगस्त से पहले टीम इंडिया का कैम्प शुरू होने की कोई संभावना नहीं है। बता दें कि अभी कुछ टीम इंडिया के कुछ क्रिकेटर प्रैक्टिस करते दिख चुके हैं। इसमें मोहम्मद शमी, चेतेश्वर पुजारा और मोहम्मद शमी का नाम प्रमुख है।

    इस साल आईपीएल विंडो पर BCCI की नजर
    बता दें कि अब तक टीम इंडिया को जून में श्रीलंका का दौरा करना था। इसके अलावा भारत को अगस्त में जिम्बाब्वे के साथ टी-20 सीरीज खेलनी थी लेकिन बोर्ड कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए दोनों सीरीज को स्थगित करने का फैसला किया। ये दोनों सीरीज अब कब होंगी, यह समय बताएगा। बीसीसीआई इस समय लगातार प्रयास कर रही है कि उसे इस साल आईपीएल के लिए विंडो मिल जाए। यह तभी संभव हो सकता है जब इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप स्थगित हो जाए।

  • पीएसडी बैंक नोर्ड टेनिस ओपन जीता सुमित नागल ने

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    बर्लिन । देश के उभरते हुए टेनिस स्टार सुमित नागल कोरोनाकाल में अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी में पीएसडी बैंक नोर्ड ओपन ट्रॉफी अपने नाम की है।

    नागल इस समय भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं। उन्होंने पिनबर्ग टेनिस क्लब के फाइनल में दूसरी सीड जर्मनी के डेनियल मासुर को 6-1, 6-3 से से हरा खिताब जीता।

    नागल ने जीतने के बाद कहा, “चार महीने बाद यहां वापसी करना अच्छा लगा। इस समय इस टूर्नामेंट में खेलना अच्छा भी है और हकीकत से परे भी। यह अच्छा छोटा से टूर्नामेंट था जिसमें 60 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और यह जगह जहां मैं ट्रेनिंग करता हूं उससे दूर भी नहीं हैं। इसिलए मैंने सोचा कि मैं इसमें खेलता हूं।”

    नागल ने इससे पहले अपना अंतिम मैच डेविस कप में क्रोएशिया के खिलाफ मार्च में खेला था।

    नागल ने कहा कि उन्होंने पहले जितने टूर्नामेंट खेले हैं उनके मुकाबले इस टूर्नामेंट का अनुभव अलग था। खिलाड़ियों का तापमान चैक किया गया और कोर्ट पर जाने से पहले उन्हें हाथ धोने पड़े।

    उन्होंने कहा, “हर किसी को कम से कम दो मीटर दूर रहना था। यह ऐसी चीज है, जिसके बारे में आपको बार-बार याद करना पड़ता है जैसे की आप हाथ सैनेटाइज करते हैं।”

  • 2007 T20 वर्ल्ड कप Dhoni ने जीता था ‘टेंशन दो, लो नहीं’ का फंडा अपनाकर

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    नई दिल्ली। एम एस धौनी की कप्तानी में जब टीम इंडिया साल 2007 में टी20 वर्ल्ड चैंपियन पहली बार बनी थी तब टीम के मैनेजर लालचंद राजपूत थे। राजपूत ने इस टीम को काफी करीब से देखा था और धौनी की कप्तानी की कला को भी। अब उन्होंने बताया कि आखिरकार वो कौन सी बात थी जिसके साथ माही ने अपनी कप्तानी में पहली बार में ही टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया था। राजपूत के मुताबिक इस अहम टूर्नामेंट के दौरान धौनी ने जो फंडा अपनाया था वो ये कि टेंशन दो, लो मत।

    राजपूत ने बताया कि 2007 टी20 वर्ल्ड कप में एम एस धौनी साउथ अफ्रीका में काफी रिलैक्स थे। उन्होंने बताया कि वो किस तरह से अपनी टीम के खिलाड़ियों से उनका सर्वश्रेष्ठ निकालने में सफल हो पाए। धौनी का मूलमंत्र था, टेंशन लो मत, सिर्फ दो। राजपूत ने एक वेबसाइट से बात करते हुए कहा कि किसी भी टीम के रूप में ड्रेसिंग रूप का माहौल अच्छा होना चाहिए जहां पर खिलाड़ी को किसी भी तरह का दवाब महसूस ना हो और वो प्रेरित हों। वर्ल्ड कप में हमारी थीम थी- टेशन लो मत, टेंशन दो।

    लालचंद राजपूत ने कहा कि उस वर्ल्ड कप में धौनी ने भारतीय टीम के खिलाड़ियों से कहा था कि आप ये मत सोचों की लोग आपके बारे में क्या कहते हैं, आप सिर्फ अपनी ताकत पर भरोसा रखें। राहुल द्रविड़ की कप्तानी के बाद धौनी को टीम की कमान दी गई थी और उन्होंने कमाल कर दिखाया। उन्होंने कहा कि धौनी में ये आदत थी कि अगर वो किसी खिलाड़ी में थोड़ी सी भी क्षमता देखते थे तो उसे मौका देते थे। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की मानसिकता को बदल दिया और इसके साथ ही आगे बढ़े।

    आपको बता दें कि 2007 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों के साथ खेलने गई थी। टीम सचिन, गांगुली, द्रविड़ जैसे बल्लेबाजों के बिना ही मैदान पर उतरी थी। भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को रोमांचक तरीके से 5 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था।

  • ‘अजहर की सेना’ कैसे जीत सकती है इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज, बताया पाकिस्तानी दिग्गज ने

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    इस्लामाबाद। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रमीज राजा का मानना है कि पाकिस्तान की टेस्ट टीम के मौजूदा कप्तान अजहर अली के लिए इंग्लैंड का ये दौरा काफी अहम है। रमीज राजा ने कहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अजहर अली को बतौर कप्तान निखरने का सुनहरा मौका है। पाकिस्तान की टीम को मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई के आखिर में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में उतरना है।

    रमीज राजा ने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा है, “क्रिकेट में कप्तानी बहुत मायने रखती है, क्योंकि किसी को विपक्षी टीम और उसके खेल को पढ़ना और खिलाड़ियों के संयोजन और रणनीति तक पहुंचना होता है। यदि एक कप्तान अच्छा है, तो वह एक कमजोर टीम आकाश से भी ऊंची उठ सकती है, लेकिन अगर कप्तान सही नहीं है, तो एक मजबूत टीम भी कुछ नहीं कर सकती है।”

    रमीज ने कहा कि टेस्ट कप्तान अजहर अली के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा कि वह अपने को साबित करें। उन्होंने कहा है, “आपको खोने का डर नहीं होना चाहिए और एक निडर दृष्टिकोण के साथ जाना चाहिए। अजहर को अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहिए जब वह बल्लेबाजी के लिए जाता है और उसे कप्तानी का अतिरिक्त पैकेज नहीं लेना चाहिए। बस आपको लगता है कि आप एक बल्लेबाज हैं और आपको रन और एक शतक बनाना है।”

    पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि पाकिस्तान इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ 1992 की सीरीज के प्रदर्शन को भी दोहरा सकता है, जिसे पाकिस्तान की टीम ने जीता था। उन्होंने कहा है, “उस समय वसीम अकरम, वकार यूनुस और मुश्ताक अहमद की पसंद पर हमारे पास बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण था। वर्तमान टीम में, हमारे पास शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और स्पिनर यासिर शाह हैं।” रमीज राजा ने कहा है कि अगर अजहर अच्छी कप्तानी करते हैं तो हम जीत सकते हैं।

  • हरभजन सिंह ने ICC से की ये नियम बदलने की मांग, सचिन तेंदुलकर का किया समर्थन

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    नई दिल्ली। भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने अपनी टीम के पूर्व साथी खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का समर्थन इस बात के लिए किया है, क्योंकि उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आइसीसी से lbw के नियमों में बदलाव करने की सिफारिश की थी। इसके बाद अब हरभजन सिंह ने कहा है कि जब भी कोई टीम LBW के निर्णय के बारे DRS लेती है तो वो टीम ‘अंपायर्स कॉल’ से बचना चाहती है। इसी अंपायर्स कॉल को भज्जी ने के बदलने की मांग की है। दिग्गज स्पिनर ने ये भी कहा है कि अच्छे खेल के लिए कुछ नियमों में बदलाव होने चाहिए।

    क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने डीआरएस कॉल पर एक अपना एक वीडियो बनाया है, जिसे ट्वीट भी किया है। इसी ट्वीट को रिट्वीट करते हुए हरभजन सिंह ने लिखा है, “आप के साथ सहमत हूं पाजी, आप 1000 प्रतिशत सही हो। गेंद स्टंप को छू रही है, तो इसे आउट दिया जाना चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि गेंद के कितने हिस्से विकेट से टकराए हैं। खेल की बेहतरी के लिए खेल में कुछ नियम बदलने चाहिए। यह निश्चित रूप से उनमें से एक है।”
    इससे पहले तेंदुलकर ने कहा था कि अगर गेंद स्टंप्स से टकरा रही है तो बल्लेबाज को आउट दिया जाना चाहिए। तेंदुलकर ने ट्वीट किया था, “अगर गेंद स्टंप्स से हिट हो जाती है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर DRS हमें दिखाता है कि गेंद स्टंप्स से टकराने वाली है, तो उसे आउट दे दिया जाना चाहिए।” अपने वीडियो में सचिन कहते हैं, “आइसीसी के साथ मैं एक बात मैं सहमत नहीं हूं, वह डीआरएस है, जिसका वे काफी समय से उपयोग कर रहे हैं। यह LBW निर्णय है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक गेंद को ऑन-फील्ड निर्णय के लिए स्टंप से टकराना होगा।”
    सचिन ने कहा है, “एकमात्र कारण यह है कि वे (बल्लेबाज या गेंदबाज) निराश हो जाते हैं, क्योंकि वे ऑन-फील्ड निर्णय से नाखुश हैं, इसलिए जब निर्णय तीसरे अंपायर के पास जाता है, तो तकनीक को संभालने दें, जैसे टेनिस में होता है कि अगर ऐसा है तो है फिर। वहां बीच में कुछ भी नहीं होना चाहिए।” कई पूर्व खिलाड़ियों द्वारा अंपायर्स कॉल को हटाने की सिफारिश की गई है। जब भी कोई फैसला ‘अंपायर्स कॉल के रूप में पॉप अप होता है, तो ऑन-फील्ड अंपायर का निर्णय नहीं बदला जाता है, लेकिन टीमें अपनी रिव्यु भी नहीं खोती हैं।

  • रोहित रहते हैं क्रीज पर लंबे समय तक : गोवर

    रोहित रहते हैं क्रीज पर लंबे समय तक : गोवर

    नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज डेविड गोवर ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा की सफलता का राज उनका लंबे समय तक क्रीज पर रहना है। गोवर ने कहा कि रोहित काफी खूबसूरती से खेलते हैं लेकिन वो क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिकते तो इनमें से कोई भी चीज मायने नहीं रखती।

    गोवर के हवाले से लिखा, “महेला जयवर्धने या कोई भी जो काफी खूबसूरती से खेलता हो-आपको वो खूबसूरती देखने को नहीं मिलती अगर वो क्रीज पर नहीं रहते। क्रिकेट की महान सच्चाई यह है कि आप रन तभी बना सकते हो जब क्रीज पर हो। इसलिए रोहित को क्रीज पर रहना होगा। मुझे क्रीज पर रहना था। महेला को क्रीज पर रहना था। सर्वकालिक महान खिलाड़ी, चाहे उनकी शैली या बल्लेबाजी की खूबसूरती कैसी भी हो उन्हें क्रीज पर रहना पड़ा था।”

    उन्होंने कहा, “इस समय हम हर समय रोहित की प्रतिभा देख रहे हैं क्योंकि वह काफी सारे रन बना रहे हैं। आपको इसके लिए समर्पण, तकनीक, शांति और एकाग्रता चाहिए- यह सभी आपको लंबे समय तक क्रीज पर समय बिताने को चाहिए।”

  • दुनिया की सबसे विस्फोटक टी-20 XI चुनी मूडी ने, रोहित को दी कप्तानी

    दुनिया की सबसे विस्फोटक टी-20 XI चुनी मूडी ने, रोहित को दी कप्तानी

    कोलकाता। आस्ट्रेलिया के पूर्व आलराउंडर और मौजूदा समय में आईपीएल की टीम सनराइजर्स हैदराबाद के कोच टॉम मूडी ने अपनी विश्व टी 20 एकादश टीम चुनी है, जिसमें उन्होंने भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को भारतीय कप्तान विराट कोहली से ऊपर रखा है और रोहित को अपनी टीम का कप्तान चुना है। मूडी ने साथ ही भारत के विश्व विजेता कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को विकेटकीपर के लिए अपनी टीम से बाहर रखा है और उनकी जगह वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन को टीम में जगह दी है। लेकिन, उन्होंने इसके साथ साफ कर दिया है कि उनकी टीम हालिया अतीत की नहीं बल्कि इसी वक्त की है।

    मूडी ने क्रिकबज पर क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले के साथ साक्षात्कार में कहा, ” मैं वह टीम चुन रहा हूं, जो अगले तीन सप्ताह में खेलेगी। मेरी इच्छा तो जोस बटलर को लाने की थी लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए मैं यहां एक लेफ्टहैंडर बल्लेबाज खिलाना चाहूंगा, तो इसलिए निकोलस पूरन को मैं यह मौका दूंगा। ”

    मूडी ने धोनी को लेकर कहा, ‘ धोनी को इस टीम में नहीं चुना है क्योंकि मेरा ध्यान आज की टीम चुनने पर है। धोनी का मैं भी बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। एक कप्तान और खिलाड़ी के रूप में उन्होंने जो हासिल किया है वह अविश्वसनीय है।”

    टॉम मूडी की विश्व टी 20 एकादश : रोहित शर्मा (कप्तान), डेविड वॉर्नर, विराट कोहली, अब्राहम डिविलियर्स, निकोलस पूरन, आंद्रे रसेल, सुनील नरेन, मिशेल स्टार्क, राशिद खान, जसप्रीत बुमराह, जोफ्रा आर्चर। रवींद्र जडेजा (12वें खिलाड़ी)।