Category: sports

  • सबसे अच्छी याद 2019 विश्व कप की भारत को हराना : नीशम

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    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के हरफनमौला खिलाड़ी जिम्मी नीशम ने कहा कि 2019 विश्व कप में उनकी सबसे अच्छी याद भारत को हराकर अपनी टीम के साथियों के साथ ड्रेसिंग रूम में बैठना है। नीशम ने अपनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम किंग्स इलेवन पंजाब के ट्विटर हैंडल पर अपने प्रशंसकों के सवाल के जबाव देते हुए कहा, “सेमीफाइनल में भारत को हराने के बाद अपनी टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में बैठना।”

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया पहला सेमीफाइनल बारिश के कारण दो दिन तक चला था। भारत ने न्यूजीलैंड को आठ विकेट के नुकसान पर 239 पर सीमित कर दिया था, लेकिन न्यूजीलैंड टीम के गेंदबाजों ने भारत को 221 रनों पर ऑल आउट कर दिया था।

    इस मैच में भारत ने 92 रनों पर ही अपने छह विकेट खो दिए थे लेकिन इशके बाद रवींद्र जडेजा ने 59 गेंदों पर 77 रनों का पारी खेली और महेंद्र सिंह धोनी के साथ 116 रनों की साझेदारी कर भारत को मैच में वापस ला दिया था लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। धोनी 49वें ओवरों में आउट हो गए थे और इसी के साथ मैच भारत की गिरफ्त से निकल गया था।

  • स्कूल से भाग गए थे सुरेश रैना सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी देखने…

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के महान बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी का हर कोई दीवाना था। टीम इंडिया के बल्लेबाज सुरेश रैना ने इस बात का खुलासा किया है कि उन्होंने बचपन में अपने स्टार की शारजाह की पारी देखने के लिए स्कूल से छुट्टी मारी थी। रैना ने यादों को ताजा करते हुए बताया कि वो मास्टर ब्लास्टर के कितने बड़े फैन थे।

    साल 1998 सचिन के करियर के बेहतरीन सालों मे से एक रहा था। उन्होंने इस साल वनडे इंटरनेशनल में कुल 9 शतक जमाया थ। शारजाह में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार शतकीय पारी खेली थी। रैना ने इस बात का खुलासा किया है कि उन्होंने सचिन की पारियों को देखने के लिए स्कूल से छुट्टी मारी थी।

    रैना ने बताया, “हमारे पास घर पर एक पुराना टीवी हुआ करता था, लेकिन इसमें सिर्फ एक दूरदर्शन चैनल ही आता था। हम स्कूल की आखिरी दो पीरियड को छोड़कर भागा करते थे, क्योंकि तब शारजाह में टूर्नामेंट खेला जा रहा था। सचिन पा जी उस दौर में पारी की शुरुआत किया करते थे। हम तब सिर्फ सचिन पा जी या तो फिर द्रविड़ भाई की बल्लेबाजी देखते थे। सचिन आउट होते थे और हम देखना छोड़ देते थे।”

    सचिन ने इस सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों में लगातार शतक जड़ा था। फाइनल से पहले 143 रन की पारी जिसे ‘The Desert Storm’ के नाम से जाना जाता है। यह मैच भारत हार गया था, लेकिन टीम फाइनल में पहुंची थी। इसके बाद फाइनल में उन्होंने 134 रन की बेमिसाल पारी खेली थी जिससे टीम ऑस्ट्रेलिया को हरा कोका कोला कप पर कब्जा करने में कामयाब हुई थी।

    “हम तब बच्चे थे। मैं तो सिर्फ 12 साल का ही था उस समय और सातवीं क्लास में पढ़ता था। सचिन तेंदुलकर बहुत बड़ा नाम था। पा जी ने दो शतक बनाए थे। माइकल कासप्रोविज की गेंद पर छक्के जड़े थे। इन सबसे उपर टोनी ग्रेग का कमेंट्री, जो कि खुद एक बड़ा नाम था। जिस फॉर्म में पा जी थे और जैसी कमेंट्री उसमें हुई, वह काबिलेतारीफ थी। हालांकि, हमारी अंग्रेजी उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन उस आवाज से उत्साह बढ़ने जाता था और जोश कुछ ज्यादा ही बढ़ता था।”

     

  • टायबू ने कहा- आंख-हाथ संयोजन और मानसिक मजबूती धोनी के पास शानदार है

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    हरारे। जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान टटेंडा टायबू ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी के पास विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की अलग तकनीक है, लेकिन उनका आंख-हाथ का संयोजन और मानसिक ताकत उन्हें वो बनाती है जो वो हैं। टायबू ने फैन प्ले स्पोटर्स रूलर ‘इनसाइड आउट बैग्स’ के यूट्यूब चैनल पर कहा, “पहली बार जब मैंने धोनी को देखा था, अगर मैं ईमानदारी से कहूं तो.. वह इंडिया-ए की टीम से खेल रहे थे। मुझे लगा था कि दिनेश कार्तिक, धोनी से ज्यादा नैसर्गिक खिलाड़ी थे। और कीपिंग में वो ज्यादा स्वाभाविक हैं। बल्लेबाजी में भी वो ज्यादा स्वाभाविक हैं।”

    उन्होंने कहा, “धोनी जिस तरह से अपने हाथ रखते हैं वो अलग है, वे अपने हाथ एक साथ नहीं रखते हैं, जैसे रखे जाते हैं, दोनों छोटी उंगलियां चिपकाकर। जब वो गेंद को पकड़ते हैं तो उनके हाथ हमेशा ऐसे नहीं रहते।”

    उन्होंने कहा, “लेकिन वो हमेशा गेंद को पकड़ने में और तेजी से अपने पास लाने में सफल होते हैं जो एक अलग तकनीक है..जो काफी अलग।”

    पूर्व विकेटकीपर ने कहा, “यही बात उनकी बल्लेबाजी में भी लागू होती है.. उनकी अलग तकनीक है, उनके आंख-हाथ का संयोजन शानदार है। लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ आंख-हाथ का संयोजन नहीं, बल्कि उनकी मानसिक ताकत भी है।”

    जिम्बाब्वे के पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि ट्रेनिंग कैसे करनी है इसे लेकर उन्होंने भारत के महान बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ से काफी कुछ सीखा है।

  • इरफान पठान ने कहा- सिर्फ त्वचा के रंग तक सीमित नहीं नस्लवाद

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    नई दिल्ली। पूर्व भारतीय हरफनमौला क्रिकेटर इरफान पठान ने जोर देकर कहा है कि नस्लवाद सिर्फ त्वचा के रंग तक सीमित नहीं है। भारत के लिए 120 वनडे और 29 टेस्ट मैच खेलने वाले इरफान ने ट्विटर पर कहा, “नस्लवाद सिर्फ आपकी त्वचा के रंग तक सीमित नहीं है। अगर आपका विश्वास अलग है और उसकी वजह से सोसाइटी में घर नहीं मिलता, वो भी एक नस्लवाद है।”

    अमेरिका के मिनोपोलिस शहर में पुलिस हिरासत में मारे गए अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरी दुनिया में नस्लवाद को लेकर चर्चा जोरों पर है।

    नस्लवाद की घटना से खेल का मैदान भी अछूता नहीं रहा है। वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान डैरेन सैमी ने हाल ही में कहा था कि उन्हें आईपीएल में कालू के नाम से बुलाया जाता था।

    सैमी ने कहा था कि जब वह सनराइजर्स हैदराबाद में खेलते थे तब उन्हें और श्रीलंका के थिसारा परेरा को कालू बुलाया जाता था। सैमी ने इस पर गुस्सा जाहिर की थी।

    सैमी के इस दावे की पुष्टि भारतीय टेस्ट टीम के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा की 2014 में इंस्टाग्राम की पोस्ट ने की है।

    ईशांत ने उस समय के सनराइजर्स के खिलाड़ी भुवनेश्वर कुमार, डेल स्टेन, सैमी के साथ की एक फोटो साझा की है जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है, ” मैं, भुवी, कालू और गन सनराइजर्स।”

  • ICC नजर रखेगी T-20 विश्व कप के भविष्य को लेकर स्थिति पर

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    दुबई। आईसीसी ने बुधवार को हुई अपने बोर्ड की बैठक में इसी साल आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप के भविष्य को लेकर रूकने और इंतजार करने की नीति अपनाने का फैसला किया है। आईसीसी इस टूर्नामेंट पर फैसला लेने से पहले स्थिति को अच्छे से परखना चाहती है। इसी साल 18 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच आस्ट्रेलिया को टी-20 विश्व कप की मेजबानी करनी है लेकिन कोरोनावायरस के कारण इस टूर्नामेंट पर काले बादल मंडरा रहे हैं। आईसीसी और क्रिकेट आस्ट्रेलिया इस बात को सुनिश्चित करने के लिए काफी मेहनत कर रही हैं कि यह टूर्नामेंट तय समय पर हो सके।

    आईसीसी ने अपने बयान में कहा, “आईसीसी बोर्ड ने आज फैसला किया है कि वो टी-20 विश्व कप-2020 और अगले साल होने वाले महिला विश्व कप को लेकर विकल्पों पर चर्चा जारी रखेंगे और अगले महीने तक जब स्थिति और साफ हो जाएंगी तो इस पर चर्चा की जाएगी।”

    बयान में कहा गया है, “बोर्ड ने फैसला किया है कि वो कोविड-19 के कारण लगातार बदल रही स्थितियों की समीक्षा करना चाहेगी और अपने सभी हितधारकों जिसमें सरकार भी शामिल है, के साथ मिलकर इस बात पर चर्चा करेगी कि किस तरह से टूर्नामेंट से जुड़े लोगों के स्वास्थ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट आयोजित किया जा सकता है।”

    बयान के मुताबिक, “इस रणनीति में हम लगातार स्वास्थ, सुरक्षा, क्रिकेट, साझेदार और मेजबानों की स्थिति को परखेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि जो भी फैसला लिया जाए वो खेल, सदस्य और प्रशंसकों को ध्यान में रखकर लिया जाए।”

    आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु स्वाहने ने कहा, “इस महामारी को लेकर स्थिति लगातर बदल रही है और पूरे खेल को लेकर सही फैसला लेने से पहले हम अपने आप को सर्वश्रेष्ठ मौका देना चाहते हैं। इसमें जुड़े हर इंसान का स्वास्थ हमारी प्राथमिकता है और बाकी की चीजें उसके बाद हैं।”

    उन्होंने कहा, “हमें फैसला लेने का सिर्फ एक मौका मिलेगा और यह सही होना चाहिए और इसलिए हम अपने सदस्यों, प्रसारणकर्ता, साझेदारों, सरकारों और खिलाड़ियों से सलाह लेना जारी रखेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि हम सभी को सूचित करने के बाद सही फैसला लें।”

    आईसीसी बार-बार यह कहती आ रही है कि वह अपनी संभावित प्लानिंग पर काम कर रही है वहीं 28 मई को हुई बैठक से पहले यह पता चला था कि क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) ने इस साल टूर्नामेंट की मेजबानी करने में अपनी असमर्थता जाहिर की है।

    अपने पत्र में सीए ने लिखा था कि इस विश्व कप को स्थगित करने के बजाए आस्ट्रेलिया को अगले साल यानी 2021 में होने वाले टी-20 विश्व कप की मेजबानी दे देनी चाहिए। 2021 टी-20 विश्व कप की मेजबानी भारत को करनी है। लेकिन बीसीसीआई अधिकारी के मुताबिक भारतीय बोर्ड मेजबानी की अदला बदली करने के मूड मे नहीं हैं।

    आईसीसी ने वहीं पहले मना करने के बाद अब बीसीसीआई को टी-20 विश्व कप -2021 में टैक्स छूट संबंध में जानकारी देने के लिए दिसंबर तक समय दिया है। आईसीसी ने पहले भारतीय बोर्ड की इस संबंध में समय सीमा बढ़ाए जाने की अपील को नकार दिया था।

    बयान के मुताबिक, “बोर्ड ने आईसीसी टूर्नामेंट में टैक्स छूट वाले मुद्दे पर भी चर्चा की और वह बीसीसीआई को इस संबंध में दिसंबर तक का समय देने के लिए राजी हो गए।”

  • विक्रम सोलंकी सरे काउंटी क्रिकेट क्लब के मुख्य कोच बने

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    लंदन। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज विक्रम सोलंकी को सरे काउंटी क्रिकेट क्लब का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। सोलंकी मिशेल डी वेनुटो का स्थान लेंगे। पहले सोलंकी मिशेल के सहायक कोच थे। सोलंकी ने 2016 में खेल को अलविदा कह दिया था और तब से वह सरे के साथ ही कोचिंग कर रहे हैं।

    सोलंकी ने 2000 से 2007 के बीच में इंग्लैंड के लिए 54 वनडे और टी-20 मैच खेले हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 325 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं।

    सोलंकी ने एक बयान में कहा, “मैं मुख्य कोच बनकर काफी खुश हूं। हमारे पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल है. हम सभी प्रारूप में अच्छा करने की कोशिश करेंगे।”

  • पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी कोरोना वायरस पॉजिटिव

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    पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण हो गया है. इसकी जानकारी उन्होंने ट्विटर के जरिए दी है, उन्होंने लिखा है कि, ‘मैं गुरुवार से ही अच्छा महसूस नहीं कर रहा था, मेरे शरीर में काफी दर्द हो रहा था, मैंने अपना टेस्ट करवाया और बदकिस्मती से में कोविड पॉजिटिव पाया गया. जल्द सेहतमंद होने के लिए आपके दुआओं की जरुरत है, इंशा अल्लाह.’

    कोरोना वायरस का कहर पाकिस्तान में भी देखने को मिला है. इस मुल्क में करीब 1 लाख 32 हजार से ज्यादा लोग इस जानलेवा महामारी की चपेट में आ गए हैं. पाकिस्तानी सरकार के लॉकडाउन घोषित करने से लोगों के भूखे मरने की नौबत आ गई थी. ऐसे लोगों की मदद के लिए पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी आगे आए थे.

    अफरीदी लगातार अपने फाउंडेशन की मदद से लोगों की मदद कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कराची के मशहूर श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में भी राहत सामग्री बांटी थी. ऐसा लग रहा है कि राहत कार्यों के दौरान वो संक्रमण का शिकार हो गए हैं. उनका इलाज जारी है, फैंस उनके जल्द सेहतमंद होने की उम्मीद कर रहे हैं.

  • बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहते थे सचिन, इसलिए बनाया गया सौरव को कप्तान : चंदू बोर्डे

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    नई दिल्ली। इसमें कोई दो राय नहीं है कि सचिन तेंदुलकर कप्तान के रूप में अपने करियर को आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं थे और इसी कारण सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया था। लेकिन अब पूर्व चयनकर्ता प्रमुख चंदू बोर्डे ने खुलासा किया है उन्होंने सचिन को टीम का कप्तान बने रहने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन पूर्व बल्लेबाज उस समय अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहते थे। बोर्डे ने स्पोटर्सक्रीडा से कहा, ” देखिए, अगर आपको याद हो तो हमने उन्हें कप्तान के तौर पर आस्ट्रेलिया दौरे पर भेजा था। उन्होंने वहां टीम की कमान संभाली लेकिन जब लौटकर आए तो कप्तानी नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कहा था, नहीं मैं अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहता हूं। मैंने उनसे कहा था कि आप कुछ लंबे समय के लिए कप्तानी करें क्योंकि हमें नए कप्तान को ढूंढ़ना होगा।”

    पूर्व चयनकर्ता प्रमुख ने कहा, “लेकिन सचिन ने कहा कि वो अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहते हैं क्योंकि वह टीम के लिए वैसा नहीं खेल पा रहा हैं, जैसा वो खेलना चाहते हैं। अंत में हमने गांगुली को कप्तान चुना।”

    इससे पहले, पूर्व भारतीय कप्तान क्रिस श्रीकांत ने कहा था, ” गांगुली काफी सक्रिय थे। वह ऐसे खिलाड़ी थे जो टीम संयोजन बनाने की काबिलियित रखते थे। जैसे 1976 में क्लाइव लायड ने विजेता वेस्टइंडीज टीम का संयोजन बनाया था। सौरव ने सही टीम को एक साथ रखा और फिर उन्हें प्रेरित किया। इसलिए गांगुली बहुत सफल कप्तान थे, विदेशी सरजमीं पर भी। उन्होंने विदेशों में जीतना शुरू किया। गांगुली में यह काबिलियत जन्म से ही थी।”

  • निराधार और फर्जी है मेरी मौत की खबरें : मोहम्मद इरफान

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    लाहौर। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने कार दुर्घटना में अपनी मौत होने की अफवाहों को बकवास बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें फर्जी और निराधार है। रविवार को सोशल मीडिया पर इरफान की मौत को लेकर कई सारे पोस्ट देखने को मिले थे। हालांकि पाकिस्तानी गेंदबाज ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर इसका खंडन किया और लोगों से फर्जी खबरें न फैलाने का अनुरोध किया।

    इरफान ने ट्विटर पर लिखा, “सोशल मीडिया आउटलेट्स पर यह आधारहीन खबर फैल रही है कि एक कार दुर्घटना में मेरी मौत हो गई है। इसने मेरे परिवार और दोस्तों को काफी परेशान कर दिया और मुझे इसे लेकर लगातार फोन आ रहे हैं। कृपया इन चीजों से दूर रहें और कोई दुर्घटना नहीं हुई हम सुरक्षित हैं।”

    38 वर्षीय तेज गेंदबाज ने पाकिस्तान के लिए अपना पिछला मैच पिछले साल नवंबर में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्होंने पाकिस्तान के लिए अब तक चार टेस्ट, 60 वनडे और 22 टी 20 मैच खेले हैं, जिसमें कुल मिलाकर उन्होंने अब तक 109 विकेट चटकाए हैं।

    गौरतलब है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मूक बधिर क्रिकेटर मोहम्मद इरफान के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया था। पीसीबी ने इसे लेकर अपना शोक संदेश ट्वीट किया था और फैन्स ने इसे गलती से लेकर पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान समझ लिया।

  • आखिर किस बात की मिल रही रोहित को बधाई, करने लगे अचानक ट्विटर पर ट्रेंड…

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर रोहित शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 13 साल पूरे कर लिए हैं। 23 जून को ही हिटमैन ने टीम इंडिया की तरफ से अपना पहला मैच खेला था। रोहित के इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 13 साल पूरे होने पर उनके फैंस ने शानदार बना दिया है। एक दिन पहले से ही सोशल मीडिया पर बधाई संदेश देकर चाहने वालों ने रोहित को ट्रेंड कर दिया।

    23 जून 2007 को रोहित शर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ वनडे मुकाबले से अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेलने उतरे रोहित को इस मैच में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिल पाया था।

    आयरलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 193 रन पर सिमट गई थी। बारिश से बाधित इस मैच में भारत के सामने 171 रन का संशोधित लक्ष्य रखा गया जिसे सौरव गांगुली और गौतम गंभीर की अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने 1 विकेट खोलकर हासिल कर लिया था।

    रोहित को फैंस करियर के 13 साल पूरे होने पर अपने तरीके से बधाई दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में उनके जमाए चार शतक को एक फैंस ने याद किया और इसकी तस्वीर साझा की।

    रोहित को छक्कों के लिए जाना जाता है और वनडे में वह भारत की तरफ से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजी हैं। एक फैन ने इस जानकारी को भी साझा किया।

    एक फैन ने रोहित के टी20 में किए गए कमाल को बारे में बताते हुए लिखा, वह अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने पहले मैच में एक भी गेंद नहीं खेला और उसके बाद इस फॉर्मेट में शतक बनाने में कामयाब हुए।