Category: sports

  • कप्तान कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला वनडे हारने के बाद बोले ऐसा

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    मुंबई। ऑस्ट्रेलियाई टीम जब भारत आई थी तो सभी को पता था कि यह टीम मजबूत है, लेकिन इतनी मजबूत की भारत को उसी के घर में पहले वनडे में 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 विकेट से हरा दे, यह शायद किसी ने नहीं सोचा था। भारतीय कप्तान विराट कोहली भी मान गए हैं और उन्होंने कहा है कि यह टीम काफी मजबूत है और इसके खिलाफ वापसी चुनौतीपूर्ण है।

    ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने मंगलवार को वानखड़े स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे में टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। उनके गेंदबाजों ने मेजबान टीम को 49.1 ओवरों में 255 रनों पर ऑल आउट कर दिया। इस लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने बिना विकेट खोए हासिल कर 10 विकेट से मैच जीता। डेविड वार्नर ने नाबाद 128 रन बनाए और कप्तान फिंच ने नाबाद 110 रन।

    मैच के बाद कोहली ने कहा कि उन्होंने खेल के तीनों विभागों में हमें नतमस्तक कर दिया। यह बेहद मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम है और अगर आप इनके खिलाफ अच्छा नहीं खेले तो यह आपको नुकसान पहुंचाएंगे। हमने उनके गेंदबाजों का सम्मान किया और मैच को करीब से अपने पक्ष में नहीं लिया। हमारे लिए एक और चुनौती यहां से वापसी करने की होगी।

    भारत के लिए शिखर धवन ने 74 और लोकेश राहुल ने 47 रनों की पारी खेलीं लेकिन मध्य क्रम एक बार फिर पूरी तरह से विफल रहा। मध्य क्रम पर कोहली ने कहा, यह युवा मध्य क्रम के बल्लेबाजों के लिए मौका है कि वो शानदार गेंदबाजों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाएं और मैच जिताऊ पारी खेलें। कोहली इस मैच में नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने आए थे क्योंकि रोहित शर्मा ने धवन के साथ पारी की शुरुआत की और राहुल नंबर-3 पर खेले।

    नंबर-4 पर खेलने पर कोहली ने कहा, हमने इसे लेकर पहले भी चर्चा की है। जिस तरह से राहुल बल्लेबाजी करते आ रहे हैं तो हमने सोचा की उन्हें ऊपर खिलाना चाहिए। यह खिलाडिय़ों को लाने और उन्हें परखने की बात है। लोगों को धैर्य रखने की जरूरत है घबराने की नहीं। आज का दिन हमारा नहीं था। दूसरा वनडे राजकोट में 17 जनवरी को है।

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  • पहला वनडे : रिकॉर्डों की वानखेड़े में लगी झड़ी, इन्हें पछाड़ा वार्नर-फिंच की जोड़ी ने

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    मुंबई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मंगलवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए वनडे मैच में रिकॉर्डों की झड़ी लग गई। ऑस्ट्रेलिया के हिस्से जो आया, उससे उसे आत्मविश्वास मिलेगा तो भारतीय टीम के हिस्से ऐसे रिकॉर्ड आए हैं जिन्हें टीम दोबारा देखना नहीं चाहेगी। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान फिंच ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी के लिए बुलाया।

    शिखर धवन (74) और लोकेश राहुल (47) को छोडक़र भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने ज्यादा कुछ नहीं कर सके और 49.1 ओवरों में 255 रनों पर ढेर हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी सलामी जोड़ी डेविड वार्नर (नाबाद 128) और आरोन फिंच (नाबाद 110) की बेहतरीन साझेदारी से यह आसान सा लक्ष्य 37.4 ओवरों में बिना कोई विकेट खोए हासिल कर लिया और इसी बीच हुई रिकॉर्डों की पतझड़।

    यह वनडे इतिहास में तीसरा मौका है जब कोई टीम 250 या उससे ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 विकेट से जीती है। रोचक बात यह है कि हारने वाली तीनों टीमें एशियाई हैं। मैन ऑफ द मैच चुने गए डेविड वार्नर और फिंच की सलामी जोड़ी ने भारत में दूसरी बार पहले विकेट के लिए 200 से ज्यादा रनों की साझेदारी की है।

    इससे पहले इन दोनों ने 2017 में बेंगलुरू में 231 रन की साझेदारी की थी। यह भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए अभी तक सबसे बड़ी साझेदारी है। वहीं, यह ऑस्ट्रेलिया के लिए पहले विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी है। इससे पहले भारत के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी 242 रनों की थी, जो स्टीवन स्मिथ और जॉर्ज बैली ने 2016 में पर्थ में बनाई थी।

    भारतीय टीम को वनडे में चौथी बार 10 विकेट से हार मिली, जबकि यह दूसरा मौका है जब भारतीय टीम घर में 10 विकेट से हारी हो। वहीं इस स्टेडियम पर भारतीय टीम पहली बार 10 विकेट से हारी है। इस स्टेडियम में दोनों टीमों के बीच यह चौथा मैच था जिसमें से तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया को जीत मिली है। वार्नर ने अपने वनडे करियर का 18वां और फिंच ने 16वां शतक पूरा किया।

    वार्नर ने 112 गेंदों का सामना कर सात चौके और तीन चौके मारे। फिंच ने 114 गेंदों का सामना कर 13 चौके और दो छक्के लगाए। उम्मीद थी कि भारतीय कप्तान इस मैच में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के घर में सबसे ज्यादा शतक लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे लेकिन कोहली सिर्फ 16 रन बनाकर आउट हो गए। अब इसके लिए भारतीय प्रशंसकों को शुक्रवार का इंतजार करना पड़ेगा जब यह दोनों टीमें राजकोट में भिड़ेंगी।

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  • BCCI ने जताया दुख विराट कोहली की 87 साल की फैन चारुलता पटेल के निधन पर

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    गांधीनगर। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की 87 वर्षीय सुपर फैन चारुलता पटेल का निधन हो गया है। विश्वकप के दौरान चारुलता ने विराट कोहली को आशीर्वाद दिया था। आपको बताते जाए कि आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम को चीयर करने स्टेडियम पहुंची और ‘सुपरफैन दादी’ के नाम से मशहूर हुईं 87 वर्षीय क्रिकेट फैन चारुलता पटेल का निधन होने पर बीसीसीआई ने ट्वीट किया है।

    ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि टीम इंडिया की सुपरफैन चारुलता पटेल जी हमेशा हमारे दिलों में बनी रहेंगी। खेल के लिए उनका जुनून हमें प्रेरित करता रहेगा और उनकी आत्मा को शांति मिले।
    चारुलता पटेल उस समय टीम इंडिया की खास फैन बन गईं जब उन्होंने इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियम में पहुंच कर टीम इंडिया को सपोर्ट किया था।

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    इस दौरान टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा ने स्टैंड में जाकर उनसे मुलाकात भी की थी। इतना ही नहीं विराट कोहली और उप-कप्तान रोहित शर्मा ने उनसे आशीर्वाद भी लिया था। वे जिस तरह टीम इंडिया का हौसला बढ़ा रही थीं, उसने सभी को मुरीद बना लिया था। विराट कोहली ने उन्हें कुछ मैचों के टिकट भी गिफ्ट किया था।

    वर्ल्ड कप में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए मैच के बाद चारुलता पटेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं और हर कोई उनके बारे में बात कर रहा था। चारुलता पटेल के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी उनके निधन की पुष्टि कर दी है।

    इनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा गया कि बहुत दुख के साथ आप सभी को बताना पड़ रहा है कि हमारी दादी ने 13 जनवरी को शाम 5:30 बजे आखिरी सांस ली है।

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  • शोक की लहर लगातार 21 मेडेन ओवर डालने वाले बापू नाडकर्णी के निधन से

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    नई दिल्ली। एक टेस्ट मैच में लगातार 21 मेडेन ओवर डालने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले पूर्व भारतीय टेस्ट ऑलराउंडर रमेशचंद्र गंगाराम बापू नाडकर्णी के निधन पर क्रिकेट जगत ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। नाडकर्णी बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिनर थे। उन्होंने 1955 से लेकर 1968 तक भारत के लिए 41 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 1414 रन बनाने के अलावा 88 विकेट भी हासिल किए थे।

    नाडकर्णी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। अब तक के सबसे किफायती गेंदबाज रहे नाडकर्णी ने अपने टेस्ट करियर में 9165 गेंदें फेंकी, जिनमें उन्होंने केवल 2559 रन ही खर्च किए थे। नाडकर्णी ने 1964 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेले गए टेस्ट मैच में लगातार 21 मेडेन ओवर गेंदबाजी की थी। उन्होंने उस मैच में कुल 32 ओवर फेंके थे, जिसमें से 27 ओवर मेडेन थे।

    उन्होंने इन 32 ओवरों में केवल पांच रन ही दिए थे। उन्हें हालांकि कोई विकेट नहीं मिला था। नाडकर्णी के निधन पर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू से लेकर क्रिकेटर सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर सहित कई क्रिकेटरों ने शोक व्यक्त किया है। वेंकैया ने नाडकर्णी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, शानदार क्रिकेटर और ऑलराउंडर बापू नाडकर्णी के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच में लगातार 21 मेडेन ओवर फेंकने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। मेरी संवदेनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति है।

    सुनील गावस्कर ने कहा कि कई दौरों में सहायक प्रबंधक के रूप में साथ आए। वे बहुत ही प्रोत्साहित करने वाले थे। उनका प्रिय वाक्य था छोड़ो मत। वे ²ढ़ क्रिकेटर थे, जिन्होंने तब खेला जब दस्ताने और थाई पैड अच्छे नहीं होते थे, गेंद लगने से बचाने के लिए सुरक्षा उपकरण नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद वे छोड़ो मत पर विश्वास करते थे। सचिन ने लिखा, बापू नाडकर्णी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ।

    मैं उनके लगातार 21 मेडेन ओवर कराने के रिकॉर्ड को सुनकर बड़ा हुआ। मेरी संवदेनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति है। बीसीसीआई ने ट्विटर पर उनकी फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, बीसीसीआई बापू नाडकर्णी के निधन पर शोक व्यक्त करता है। मोहम्म्मद कैफ, रविचंद्रन अश्विन, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण ने भी नाडकर्णी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, क्रिकेट जगत के रत्न, ऑलराउंडर नाडकर्णी ने कल दुनिया को अलविदा कह दिया। आपने टेस्ट मैच में लगातार 21 मेडेन ओवर फेंकने का जो वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया, उसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया। आपके बिना क्रिकेट जगत स्वयं को सदैव अधूरा महसूस करेगा। विनम्र श्रद्धांजलि।

  • IND VS AUS LIVE : 287 रनों का ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दिया लक्ष्य

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    बेंगलोर। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच ने यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को भारत के खिलाफ तीसरे व अंतिम वनडे में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। अंतिम समाचार मिलने तक ऑस्ट्रेलिया के 50 ओवर में 286/9 रन हो गए थे।

    फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। भारतीय टीम में कोई बदलाव नहीं है। पिछले मैच में चोटिल होने वाले दोनों ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन टीम में हैं। कंगारू टीम में केन रिचर्डसन की जगह जोश हैजलवुड को शामिल किया गया है।

    भारत : विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, लोकेश राहुल, मनीष पांडे, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।

    ऑस्ट्रेलिया : आरोन फिंच, डेविड वार्नर, स्टीवन स्मिथ, मार्नश लाबुशाने, एलेक्स कैरी, एश्टन टर्नर, एश्टन एगर, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हैजलवुड, एडम जम्पा।

  • बेंगलुरु : उड़े कंगारू रोहित-कोहली के तूफान में, 2-1 से जीती भारत ने वनडे सीरीज

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    बेंगलोर। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच ने यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को भारत के खिलाफ तीसरे व अंतिम वनडे में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 286 रन बनाए। वहीं जवाब में भारत ने 47.3 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 289 रन बना लिए हैं। श्रेयस अय्यर (44 रन) और मनीष पांडे (8 रन) क्रीज पर हैं।

    फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। भारतीय टीम में कोई बदलाव नहीं है। पिछले मैच में चोटिल होने वाले दोनों ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन टीम में हैं। कंगारू टीम में केन रिचर्डसन की जगह जोश हैजलवुड को शामिल किया गया है।

    भारत : विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, लोकेश राहुल, मनीष पांडे, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।

    ऑस्ट्रेलिया : आरोन फिंच, डेविड वार्नर, स्टीवन स्मिथ, मार्नश लाबुशाने, एलेक्स कैरी, एश्टन टर्नर, एश्टन एगर, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हैजलवुड, एडम जम्पा।

  • भारतीय टीम उतरी बापू के सम्मान में काली पट्टी बांधकर

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    बेंगलुरू। भारतीय क्रिकेट टीम रविवार को यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में अपने बाजूओं पर काली पट्टी बांधकर मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरी। बापू का शुक्रवार को निधन हो गया था। वह 86 साल के थे।

    भारतीय टीम के खिलाड़ी एक टेस्ट मैच में लगातार 21 मेडेन ओवर डालने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले पूर्व भारतीय टेस्ट आलराउंडर रमेशचंद्र गंगाराम ‘बापू’ नाडकर्णी के निधन पर उन्हें सम्मान देने के लिए अपने बाजूओं पर यह काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे।

    नाडकर्णी बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिनर थे। उन्होंने 1955 से लेकर 1968 तक भारत के लिए 41 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 1414 रन बनाने के अलावा 88 विकेट भी हासिल किए थे। नाडकर्णी ने 1964 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेले गए टेस्ट मैच में लगातार 21 मेडेन ओवर गेंदबाजी की थी।

    नाडकर्णी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। अबतक के सबसे किफायती गेंदबाज रहे नाडकर्णी ने अपने टेस्ट करियर में 9165 गेंदें फेंकी, जिसमें उन्होंने केवल 2559 रन ही खर्च किए थे।

  • नहीं मिला मनु भाकर को बाल पुरस्कार, पिता ने उठाए सवाल चयन प्रक्रिया पर

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    दिल्ली। भारत के लिए ओलम्पिक कोटा हासिल कर चुकी युवा महिला निशानेबाज मनु भाकर को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार न मिलने पर उनके पिता रामकिशन भाकर ने सवाल खड़े किए हैं।

    मनु के पिता ने कहा है “वो कौन से पैमाने हैं, जिनके आधार पर मनु को बाल पुरस्कार से वंचित रखा गया।” मनु के पिता ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय में फोन कर और ई-मेल से भी इस बाबत जवाब मांगा लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

    रामकिशन ने आईएएनएस से कहा “पीएम बाल पुरस्कार अवाॅर्ड मनु को नहीं मिला। मैं बस यह सवाल कर रहा हूं कि ऐसे कौन से पैमाने थे कि मनु को यह अवाॅर्ड नहीं दिया गया। वो 18 साल से कम की है। पिछले 3 सालों में उसने कई सारे पदक जीते हैं। ऐसा कौन सा क्राइटेरिया बना दिया है कि मनु को अवाॅर्ड नहीं मिला। मैं सवाल पूछ रहा हूं तो कोई जवाब नहीं दे रहा है।”

    उन्होंने कहा “मैं 20 दिन से मंत्रालय में बात करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन कोई मेरी बात ही नहीं करवा रहा। सचिव रवींद्र हैं उनके पीए से, संयुक्त सचिव हैं आस्था उनके पीए से, आरपी सिंह हैं सह सचिव उनके पीए से बात हुई, इनमें से कोई भी मेरी आगे बात ही नहीं करवा रहे। कह देते हैं कि साहब मीटिंग में हैं। इस विभाग की केंद्रीय स्मृति ईरानी के ऑफिस में पीए से भी बात हुई लेकिन कोई जवाब ही नहीं दे रहा।”

    रामकिशन ने कहा कि उन्होंने मेल करके भी जवाब मांगा लेकिन इसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा “मैंने मेल भी लिखे हैं, जिसमें लिखा है कि क्या क्राइटेरिया है जिसके कारण मनु को अवाॅर्ड नहीं मिला। मैं 20 दिन से लगातार यही कर रहा हूं।”

    रामकिशन ने अवार्ड में धांधली का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा “मंत्रालय अगर नहीं समझता है तो इसका मतलब है कि अवाॅर्ड में धांधली हो रही है। एक उम्र का क्राइटेरिया होता है कि 18 साल से कम होनी चाहिए तो वो मनु है। प्रदर्शन की बात करें तो, 4- 5 बच्चों को मिलता है तो क्या उसमें भी मनु का नंबर नहीं है, ऐसा थोड़ी होता है।”

    उन्होंने कहा “नहीं तो हमें जस्टीफाई करो कि मनु का नाम इसलिए नहीं आया। हम तो सवाल कर रहे हैं मेल लिख के पूछ रहे हैं तो बताएं तो कि इस क्राइटेरिया में पीछे हैं।” मनु ने 2018 में गोल्ड कोस्ट में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है। पिछले साल वह रियो डी जनेरिया, म्यूनिख, बीजिंग और दिल्ली में आयोजित विश्व कप में भी पदक जीते हैं।

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  • इस बार टी-20 विश्व कप फाइनल में पहुंचेगी हमारी टीम: रोड्रिगेज

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    दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज जेम्मिाह रोड्रिगेज को उम्मीद है कि उनकी टीम इस बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचेगी। ऑस्ट्रेलिया अगले महीने टी-20 विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया जाएगी और मेजबान तथा इंग्लैंड के साथ त्रिकोणिय सीरीज खेलेगी।

    आईसीसी की वेबसाइट पर रोड्रिगेज के हवाले से लिखा गया है, “मुझे लगता है कि तैयारियां अच्छी चल रही हैं। हमने कुछ अच्छे मैच खेले हैं। अब हम ऑस्ट्रेलिया जाएंगे और त्रिकोणीय सीरीज खेलेंगे। इसलिए मुझे लगता है कि टूर्नामेंट से पहले हमें अच्छी मैच प्रैक्टिस मिल जाएगी।”

    उन्होंने कहा “हां, मैं अपनी बल्लेबाजी को सुधारने में कुछ खास एरिया में कड़ी मेहनत कर रही हूं।”

    भारत के लिए 34 टी-20 और 16 वनडे खेल चुकीं 19 साल की रोड्रिगेज को उम्मीद है कि महिला विश्व कप में भी अच्छी खासी भीड़ आएगी। उनके साथ ही उम्मीद है कि उनका मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में विश्व कप फाइनल खेलने का सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा “हम जहां भी जाते हैं, हमें भारतीय प्रशंसक मिलते हैं। हमें कभी भी ऐसा नहीं लगता है कि हम घर से बाहर खेल रहे हैं। हमें ऑस्ट्रेलिया में अच्छे खासे समर्थन की उम्मीद है और यह हमारे लिए बड़ी बात होगी।”

    उन्होंने कहा “एक युवा की तरह मैंने हमेशा विश्व कप फाइनल खेलने का सपना देखा है, सिर्फ खेलने का नहीं बल्कि उसमें अच्छा करने का। वो भी खचाखचे भरे स्टेडियम में। यह अभी तक मेरे साथ नहीं हुआ है। मैं 2017 विश्व कप में टीम में नहीं थी।”

    उन्होंने कहा “मैं आपको शब्दों में बयां नहीं कर सकती कि मेरे लिए उस भारतीय टीम का हिस्सा बनना कितना अहम होगा जो विश्व कप फाइनल खेलेगी। यह बेहद रोचक है, मैं इसके लिए तैयार हूं।”

  • कोहली ने कहा, नेतृत्व क्षमता का आंकलन हमेशा नहीं होता परिणाम के आधार पर

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    ऑकलैंड। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि कप्तान होने के नाते उनका फोकस टीम को आगे ले जाने पर रहता है और इस दौरान वे परिणाम के बारे मे अधिक नहीं सोचते क्योंकि किसी भी व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता का आंकलन हमेशा परिणाम के आधार पर नहीं होता। भारतीय टीम अभी न्यूजीलैंड दौरे पर है, जहां वह पांच मैचों की टी20 सीरीज के साथ अपना लंबा दौरा शुरू कर रही है।

    टी20 सीरीज की शुरुआत शुक्रवार से ईडन पार्क मैदान पर होने वाले मुकाबले से होगी। मैच पूर्व संवाददाता सम्मेलन में कोहली ने कहा कि मैंने हमेशा से एक काम पर फोकस किया है कि मैं टीम के लिए क्या-क्या कर सकता हूं। मेरे लिए परिणाम अहम नहीं है।

    मैं टीम को आगे ले जाना चाहता हूं क्योंकि मेरा मानना है कि परिणाम कभी भी किसी की नेतृत्व क्षमता के आंकलन का एकमात्र आधार नहीं हो सकता। कोहली की इस बात को लेकर आलोचना होती रही है कि कप्तान बनने के बाद से वे भारत के लिए एक भी आईसीसी इवेंट नहीं जीत सके हैं। इसी के जवाब में कोहली ने यह बात कही।

    31 साल के कोहली मानते हैं कि जब भी कोई टीम किसी टीम को हराती है तो हारने वाली टीम को एक साथ हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और भविष्य के लिए अपने खेल में सुधार का प्रयास करना चाहिए। कोहली ने कहा, अगर कोई टीम आपको हरा देती हो तो एक साथ मिलकर हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सुधार की कोशिश करनी चाहिए।

    इसे सिर्फ और सिर्फ नेतृत्व की नाकामी नहीं माना जाना चाहिए। कोहली की कप्तानी में इस साल भारत को टी20 विश्व कप में खेलना है। बीते साल आयोजित आईसीसी 50 ओवर विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार मिली थी।

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