Category: sports

  • नहीं थमने वाला सिर्फ ब्रॉन्ज़ मेडल पर मेहनत रखूँगा जारी- बजरंग पुनिया

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    भारत के लिए यहां जारी विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के 65 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करने वाले बजरंग पुनिया ने कहा कि वह इस पदक को जीत न मानकार आने वाली चुनौतियों का सामना करेंगे। पुनिया ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में मंगोलिया के तुल्गा ओचिर को एक करीबी मुकाबले में 8-7 से पराजित किया।

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘कुछ हार ऐसी सीख सिखा जाती है, जो जीतने पर शायद कभी न मिले। इस ब्रॉन्ज मेडल को जीत न मानकर, मैं आने वाली चुनौतियों के लिए इसे एक स्मारिक बनाकर प्रेरित होता रहूंगा।’ पुनिया ने उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उनका समर्थन किया।

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं आप सभी को तह-ए-दिल से धन्यवाद करता हूं। मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। जो लगातार आप सभी ने मुझे प्यार और समर्थन दिया है। इस उपलब्धि का हकदार हर वो इंसान है जिसने इस सपने को साकार करने के लिए अपना योगदान दिया है।’

    ओचिर के खिलाफ हुए मुकाबले में पुनिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। एक समय वह 0-6 से पीछे थे, लेकिन बाद में उन्होंने वापसी करते हुए पदक अपने नाम कर लिया।

  • सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को TNCA को चुनावों के लिए दी अनुमति

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    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन (TNCA) चुनावों के लिए 28 सितंबर को कराने की अनुमति दे दी है। इसके साथ एन. श्रीनिवासन की विरासत को असोसिएशन में जारी रखने की तैयारी भी पूरी की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, असोसिएशन के प्रतिनिधि चाहते हैं कि श्रीनिवासन की बेटी रूपा गुरुनाथ नए टीएनसीए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालें। अगर ऐसा होता है, जिसकी शतप्रतिशत संभावना है, तो वह बीसीसीआई के किसी भी स्टेट असोसिएशन की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला होंगी।

    सूत्रों की मानें तो अब तक, रूपा को किसी भी चुनौती का सामना करने की संभावना नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि विपक्षी में उनके किसी के खड़े होने की संभावना नहीं के बराबर है। माना जा रहा है कि सोमवार को होने वाली कार्यकारिणी समिति की बैठक में ऑफिशली रूप का नाम घोषित किया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो प्लान के अनुसार वह मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल कर देंगी।

    हाल ही में टीएनसीए की अनौपचारिक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें रूप का नाम उभरकर सामने आया। क्लब के प्रतिनिधि चाहते हैं कि श्रीनिवासन की विरासत जारी रहे और इसीलिए उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडिया सीमेंट्स का पूर्णकालिक निदेशक राज्य संघ में है। असोसिएशन से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘भले ही वह क्रिकेट की राजनीति में नई हैं, लेकिन रूपा सीमेंट बिजनस से पहले से जुड़ी रही हैं। हमें विश्वास है कि वह हर चुनौती के लिए तैयार होगी।’

    सुप्रीम कोर्ट ने किया था यह फैसला
    उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि राज्य क्रिकेट निकाय ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए संविधान को पूरी तरह से नहीं अपनाया है। बावजूद इसके वह निश्चित रूप से चुनाव आयोजित करा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि तमिलनाडु क्रिकेट निकाय के चुनाव परिणाम उसके अंतिम आदेशों के अधीन होंगे। हालांकि, कोर्ट के इस फैसले से प्रशासकों की समिति (सीओए) पूरी तरह सहमत नहीं है।

    पति फंस चुके हैं स्पॉट फिक्सिंग में
    रूपा इंडिया सीमेंट के ओनर एन. श्रीनिवासन की बेटी हैं। श्रीनिवासन बीसीसीआई के प्रेजिडंट और आईसीसी के चेयरमैन रह चुके हैं। रूपा की शादी गुरुनाथ मयप्पन से हुई है। मयप्पन वहीं शख्स हैं, जिनका नाम आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में सामने आया था। हालांकि, फिलहाल वह क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन से सीधे नहीं जुड़े हैं।

  • IND vs SA T20I: भारत परेशान पंत के प्रदर्शन से, आज होगी ‘फाइनल’ फाइट सा. अफ्रीका से

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    पिछली दस टी20 इनिंग्स में से ऋषभ पंत सात इनिंग्स में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके हैं, इसके बावजूद उन्हें ऑस्ट्रेलिया में होने वाले अगले टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का मुख्य हथियार माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट ने इस युवा प्रतिभाशाली बल्लेबाज पर अपना पूरा भरोसा जताया है, लेकिन पंत फिलहाल इस भरोसे पर खरा उतरने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि पंत को जिस चौथे बल्लेबाजी क्रम पर उतारा जा रहा है वह उनके खेल के मुफीद सटीक क्रम नहीं है।

    आउट होने का खौफ
    पंत को पांचवें क्रम पर उतारने की सलाह देते हुए एक्सपर्ट चौथे क्रम पर श्रेयस अय्यर को उतारने की सिफारिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि पंत के खेल में पावर है और उस पावर का इस्तेमाल तभी सही से किया जा सकता है जब उनके मन से आउट होने का खौफ बाहर हो जाए। चौथे क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए उन्हें कई बार दस ओवर के पहले ही मैदान पर उतरना पड़ गया, जिससे वह पारी को बनाने और तेजी से रन बनाने के बीच किसी एक चीज को चुनने में नाकाम रहे। पांचवें क्रम पर पंत विध्वंसक साबित हो सकते हैं, अलबत्ता वह अपना शॉट चयन सही से करें।

    एक और सीरीज मुट्ठी में!
    कप्तान विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम इस सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है और उसका इरादा 2-0 के स्कोर के साथ सीरीज पर कब्जा जमाने का होगा। धर्मशाला में पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था और दूसरे मैच में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन व कोहली की बेहतरीन पारी से भारत ने सात विकेट से जीत हासिल कर 1-0 से बढ़त बनाई। मोहाली में साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों के पास कोहली की बल्लेबाजी का भी कोई जवाब नहीं था और अब यह अंतिम मैच ऐसे मैदान पर हो रहा है जिससे भारतीय कप्तान भली भांति वाकिफ हैं और वह यहां एक और बेहतरीन पारी खेलना चाहेंगे।

    युवा पेसर्स छोड़ रहे प्रभाव
    मध्यक्रम में भारत के पास प्रतिभाशाली श्रेयस अय्यर के बाद हार्दिक पंड्या और रविंद्र जडेजा मौजूद हैं। भारतीय टीम प्रबंधन हालांकि इस बात से संतुष्ट है कि तेज गेंदबाज जैसे दीपक चाहर और नवदीप सैनी ने नियमित जसप्रीत बुमरा और भुवनेश्वर कुमार की अनुपस्थिति में अच्छा प्रदर्शन किया। इन्हें भले ही इंटरनैशनल स्तर पर वर्षों का अनुभव नहीं हो लेकिन वॉशिंगटन सुंदर, चाहर और सैनी ने दिखा दिया कि वे साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों को चुनौती दे सकते हैं। साउथ अफ्रीका के नए कप्तान क्विंटन डि कॉक को फिर से बल्ले से जिम्मेदारी उठानी होगी और वे डेविड मिलर और रीजा हेंड्रिक्स से सहयोग की उम्मीद लगाए होंगे।

    नंबर्स गेम

    • 2 टी20 मैच जीते हैं भारत ने बेंगलुरु में और इतने ही मैच उसने गंवाए हैं इस मैदान पर
    • 3 बार जूनियर डाला ने रोहित शर्मा को आउट किया है। दोनों कुल 7 मैच में आमने-सामने हुए हैं
    • 4 रन बनाते ही शिखर धवन टी20 इंटरनैशनल में अपने 7000 रन पूरे कर लेंगे। ऐसे करने वाले वह चौथे भारतीय बल्लेबाज होंगे
      संभावित प्लेइंग इलेवन
      भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, क्रुणाल पंड्या, रविंद्र जाडेजा, नवदीप सैनी, दीपक चाहर
      साउथ अफ्रीका: क्विंटन डि कॉक (कप्तान और विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, तेंबा बावुमा, रॉसी वॉन डर डुसेन, डेविड मिलर, ड्वेन प्रिटोरियस, एंडिले फेहलुकवायो, कागिसो रबाडा, जूनियर डाला, तबरेज शम्सी, ब्योर्न फोर्चुइन

  • फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बॉक्सर बने अमित पंघाल, रच सकते है आज एक और इतिहास

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    एशियन चैंपियन अमित पंघाल (52 किग्रा) शुक्रवार को कजाखस्तान के साकेन बिबोसिनोव को हराकर वर्ल्ड मेंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बॉक्सर बने। दूसरे वरीय पंघाल ने इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 3-2 से जीत हासिल की। फाइनल में आज उनका सामना उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन जोइरोव से होगा, जिन्होंने फ्रांस के बिलाल बेनामा को दूसरे सेमीफाइनल में शिकस्त दी।

    उधर, कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट कौशिक ने अपनी पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्हें क्यूबा के शीर्ष वरीय और पिछले चरण के गोल्ड मेडलिस्ट व मौजूदा पैन अमेरिकी खेलों के चैंपियन एंडी गोमेज क्रूज के हाथों 0-5 से शिकस्त मिली।

    गोल्ड पर निगाहें
    सेमीफाइनल में जीत के बाद अमित पंघाल बोले- मुकाबला मेरे लिए अच्छा रहा, हालांकि मैंने जितना सोचा था मुझे उससे ज्यादा जोर लगाना पड़ा। यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि है और मुझे जो समर्थन मिल रहा है, उसका शुक्रगुजार हूं। अब मैं गोल्ड जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।’

    पहली बार दो मेडल
    भारत ने कभी भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के एक चरण में एक से ज्यादा ब्रॉन्ज मेडल हासिल नहीं किए हैं लेकिन पंघाल और मनीष कौशिक (63 किग्रा) ने सेमीफाइनल में पहुंचकर इसे बदल दिया। इससे पहले विजेंदर सिंह (2009), विकास कृष्ण (2011), शिव थापा (2015) और गौरव बिधुड़ी (2017) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।

    लगातार चढ़ा है ग्राफ
    भारतीय बॉक्सिंग में पंघाल के ऊपर चढ़ने का ग्राफ शानदार रहा है जिसकी शुरुआत 2017 एशियाई चैंपियनशिप में 49 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल से हुई थी। वह इसी साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू करते हुए क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचे थे और फिर उन्होंने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित स्त्रांद्जा मेमोरियल में लगातार गोल्ड मेडल हासिल किया और फिर वह 2018 में एशियन चैंपियन बने। इस साल उन्होंने एशियन चैंपियनशिप का गोल्ड अपने नाम किया और फिर 49 किग्रा के ओलिंपिक्स कार्यक्रम से हटने के बाद 52 किग्रा में खेलने का फैसला किया।

  • वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: सिल्वर मेडल से संतोष करना होगा चोटिल दीपक पूनिया को

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    युवा भारतीय पहलवान दीपक पूनिया के वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीदों को झटका लगा है। 86 किग्रा वेट कैटिगरी के फाइनल में पहुंचे थे और उन्हें खिताबी मुकाबले में आज ईरान के ओलिंपिक चैंपियन हसन यजदानी के खिलाफ खेलना था, लेकिन उन्होंने इस मैच में नहीं उतरने का फैसला किया है। उन्हें टूर्नमेंट के पहले ही दौर के बाउट में बाएं पैर में चोट लगी थी। उसमें अब सूजन बढ़ गई है और वह वजन नहीं संभाल पा रहा है। इस तरह 20 साल के भारतीय खिलाड़ी को अपनी पहली सीनियर विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

    उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, ‘टूर्नमेंट के पहले बाउट में ही मुझे चोट लग गई थी। अब भी मेरे बाएं पैर में सूजन है। मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना चाहता, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो सका। मुझे लगा था कि खिताबी बाउट से पहले मैं ठीक हो जाऊंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’ बता दें कि रेसलर दीपक चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के सबसे युवा पहलवान हैं।

    ओलिंपिक में नहीं करूंगा निराश
    20 वर्षीय इस पहलवान ने कहा, ‘चोट खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा होता है। ओलिंपिक कोटा हासिल करना मेरे लिए गौरव की बात है। इसके लिए मैं उत्साहित भी हूं और वादा करता हूं कि मैं देश को निराश नहीं करूंगा।’

    2016 में वर्ल्ड कैडेट का खिताब जीतने वाले रेसलर दीपक पूनिया कुछ दिनों पहले ही जूनियर वर्ल्ड चैंपियन में गोल्ड जीत चुके हैं। आज उनके पास इस साल गोल्डन डबल करने का शानदार मौका था। दीपक ने 86 किग्रा कैटिगरी के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही ओलिंपिक कोटा भी हासिल कर लिया। वह ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने वाले चौथे भारतीय रेसलर हैं।

    नंबर्स गेम

    • 4 मेडल अब तक भारत पक्का कर चुका है जो चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 2013 में भारत ने तीन मेडल जीते थे
    • 1 गोल्ड चैंपियनिशप में अब तक भारत को मिला है जो 2010 में सुशील कुमार ने जीता था

  • गेल के नाम है T20 के सबसे ज्यादा रिकॉर्ड, हैं यूनिवर्स बॉस

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    वेस्ट इंडीज के तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल आज अपना 40वां जन्मदिन (21 सितंबर, 1979) मना रहे हैं। कैरेबियाई धरती का यह विस्फोटक बल्लेबाज इस उम्र में भी दुनियाभर के दिग्गज गेंदबाजों के लिए नाइटमेयर साबित हो रहा है। जब वह मैदान पर उतरते हैं तो विपक्षी टीम की कोशिश उन्हें जल्द से जल्द आउट करने की होती है। दरअसल, टीमें जानती हैं कि अगर यह बल्लेबाज रंग में आ गया तो चौके-छक्के की बौछार तय हैं।

    ऐसा करने वाले इकलौते क्रिकेटर

    क्रिस गेल दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट में ट्रिपल सेंचुरी, वनडे में डबल सेंचुरी और इंटरनैशनल टी-20 में सेंचुरी लगाई है। क्रिकेट इतिहास में अब तक ऐसा कोई नहीं कर सका है।

    T20 में सबसे अधिक रन
    टी-20 (इंटरनैशनल सहित) में सबसे अधिक रन बनाने का रेकॉर्ड क्रिस गेल के नाम ही है। उन्होंने 391 मैचों की 383 पारियों में 13021 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 175 है, जो वर्ल्ड रेकॉर्ड है। इस दौरान उनका औसत 38.86 का रहा है।

    टी-20 में सबसे अधिक छक्के

    टी-20 (इंटरनैशनल सहित) में सबसे अधिक छक्के गेल के ही नाम हैं। उन्होंने 2005-2019 के बीच अब तक कुल 959 छक्के लगाए हैं, जो वर्ल्ड रेकॉर्ड है। उनके बाद कायरन पोलार्ड का नंबर आता है, जिन्होंने 626 छक्के जड़े हैं।

    वनडे और T20I में सबसे अधिक रन

    इंटरनैशनल लेवल पर लिमिटेड ओवर के क्रिकेट (वनडे और T20I) में गेल वेस्ट इंडीज के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। वनडे में वेस्ट इंडीज की ओर से खेलते हुए उनके नाम 10480 रन दर्ज हैं, जबकि इंटरनैशनल टी-20 में उन्होंने अब तक 58 मैचों में 1627 रन बनाए हैं।

    T20 में फास्टेस्ट सेंचुरी का रेकॉर्ड
    क्रिस गेल ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2013 सत्र में 23 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ओर से खेलते हुए पुणे वॉरियर्स के खिलाफ महज 30 गेंदों में सेंचुरी जड़ दी थी, जो टी-20 इतिहास की सबसे तेज शतक है। यही नहीं, इस मैच में उन्होंने महज 66 गेंदों में 13 चौके और रेकॉर्ड 17 छक्के की मदद से नाबाद 175 रन बनाए थे, जो टी-20 के किसी मैच में बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है।

    T20 में सबसे अधिक शतक और अर्धशतक

    क्रिस गेल ने अपने टी-20 करियर में कुल 22 शतक और 80 अर्धशतक लगाए हैं, जो वर्ल्ड रेकॉर्ड है। उनके बाद सबसे अधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के मिशेल क्लिंगर (8 शतक) हैं, लेकिन वह गेल के रेकॉर्ड से कोसों दूर हैं और कोई अन्य बल्लेबाज उनके आस-पास भी नहीं दिखता है।

  • IND vs SA T20I: बारिश कर सकती है भारत vs साउथ अफ्रीका T20 बेंगलुरु मैच का मजा किरकिरा

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    कप्तान विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय टीम रविवार को यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दक्षिण अफ्रीका को पस्त कर सीरीज 2-0 से जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। धर्मशाला में पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था और दूसरे मैच में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन व कोहली की बेहतरीन पारी से भारत ने सात विकेट से जीत हासिल कर 1-0 से बढ़त बनाई थी। हालांकि, फैन्स के लिए एक बैड न्यूज यह है कि यहां मैच के दौरान बारिश आ सकती है।

    पिच और मौसम
    सीरीज में बारिश एक बार फिर विलेन साबित हो सकती है। वेदर रिपोर्ट की मानें तो यहां बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर कभी तेज और कभी धीमी बारिश होने की पूरी आशंका है। खासकर रात में। यह मैच भी रात में ही होना है। यहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री तक रहने की संभावना है। यहां कि पिच पर बाउंस और गति दोनों देखने को मिलते हैं, जिससे गेंद बल्लेबाज तक अच्छी तरह से पहुंचती है। गेंद में ज्यादा मूवमेंट नहीं होने की वजह से बल्लेबाजों के लिए यहां बल्लेबाजी थोड़ी आसान हो जाती है।

    आईसीसी रैंकिंग्स

    • भारत 3
    • साउथ अफ्रीका 5

      आमने-सामने

    • कुल मैच 14
    • भारत जीता 9
    • साउथ अफ्रीका जीता 5

    नंबर्स गेम

    • 2 टी20 मैच जीते हैं भारत ने बेंगलुरु में और इतने ही मैच उसने गंवाए हैं इस मैदान पर
    • 3 बार जूनियर डाला ने रोहित शर्मा को आउट किया है। दोनों कुल 7 मैच में आमने-सामने हुए हैं
    • 4 रन बनाते ही शिखर धवन टी20 इंटरनैशनल में अपने 7000 रन पूरे कर लेंगे। ऐसे करने वाले वह चौथे भारतीय बल्लेबाज होंगे

      संभावित प्लेइंग इलेवन
      भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, क्रुणाल पंड्या, रविंद्र जाडेजा, नवदीप सैनी, दीपक चाहर
      साउथ अफ्रीका: क्विंटन डि कॉक (कप्तान और विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, तेंबा बावुमा, रासी वान डर डुसेन, डेविड मिलर, ड्वेन प्रिटोरियस, एंडिले फेहलुकवायो, कागिसो रबाडा, जूनियर डाला, तबरेज शम्सी, ब्योर्न फोर्चुइन

  • शुरुआती दिनों में थे अल्लहड़ और बेपरवाह इतिहास रचने वाले अमित पंघाल

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    विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शनिवार को सिल्वर मेडल जीत कर इतिहास रचने वाले भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल (52 किग्रा) शुरुआत दिनों में प्रशिक्षण के लिए देर से पहुंचने के लिए जाने जाते थे। एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके रोहतक के इस छोटे कद के खिलाड़ी को रूस के एकातेरिनबर्ग में चल रही प्रतियोगिता के फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन जोइरोव से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।

    थैर्य की कमी थी, छोड़ देता था कैंप

    उन्होंने खुद बताया कि शुरुआती दिनों में वह अपने रवैये को लेकर काफी बेपरवाह थे जिससे कई बार कोच भी निराश हो जाते थे। सेना में सूबेदार के पद पर तैनात 23 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, ‘यह सच है, मैं सप्ताहांत (छुट्टी के दिनों) में शिविर छोड़ देता था। मेरे पास धैर्य की कमी थी। कोच मुझ पर गुस्सा करते थे लेकिन मैं ज्यादा परवाह नहीं करता था। उस समय मुझे लगता था कि हमें छुट्टियां कम मिल रही हैं और मैं हमेशा से उसका पूरा इस्तेमाल करना चाहता था।’

    पढ़ें: बॉक्सिंग: फाइनल हारकर भी अमित ने रचा इतिहास

    अनुशासनहीन थे, पर खेल शानदार था
    राष्ट्रीय कोच सीए कटप्पा ने भी पंघाल की इस हरकत को याद करते हुए कहा, ‘हां, हम उनसे परेशान रहते थे। वह छुट्टियों से समय पर वापस नहीं आते थे, अभ्यास के लिए भी समय पर नहीं पहुंचते थे, लेकिन उनका खेल शानदार था, हम सिर्फ अनुशासनहीनता के कारण उन्हें खोना नहीं चाहते थे।’ यह बात है 2016 की, लेकिन अगले साल पंघाल ने पहली बार एशियाई चैंपियनशिप में भाग लेते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    कोचों का शुक्रगुजार हूं
    पंघाल ने कहा, ‘मैं उन सभी कोचों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने बेपरवाह रवैये के बाद भी मुझे नहीं छोड़ा। उनके धैर्य के कारण ही मैंने अपने खेल को अधिक गंभीरता से लेना शुरू किया। फिर ऐसा समय भी आया जब मैं महीने में एक बार घर जाता था। वह भी तब, जब कोच मुझे खुद छुट्टी लेने के लिए कहते थे।’

    देर से पहुंचने पर लगा था जुर्माना
    पुरानी आदत जल्दी नहीं छूटती और पंघाल को प्यार से बच्चू बुलाने वाले कटप्पा ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी वह एक बार प्रशिक्षण के लिए देरी से पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘देर से पहुंचने पर मैंने उनसे जुर्माने के रूप में एक हजार रुपये देने की मांग की, फिर उनका प्रशिक्षण शुरू हुआ।’ इस बारे में पूछे जाने पर पंघाल ने कहा, ‘अब मैं अभ्यास शिविर से सबसे बाद में जाता हूं। हर कोई वहां से चला जाता है लेकिन, मैं अभ्यास जारी रखता हूं। समय खत्म होने के बाद भी मैं उन्हें (कोचों को) अभ्यास के लिए साथ रहने के लिए मजबूर करता हूं। प्रशिक्षण को लेकर अब मेरा दृष्टिकोण काफी बदल गया है। अब मैं कोचों को परेशान कर रहा हूं।’

    अब हो चुका है बहुत सुधार
    ओलिंपिक कार्यक्रम से 49 किग्रा भार वर्ग के हटने के बाद उन्होंने 52 किग्रा में खेलने का फैसला किया। इस बदलाव के बारे में पूछे जाने पर पंघाल ने कहा कि उन्हें अभी अपने खेल में काफी सुधार करना है। उन्होंने कहा, ‘ मैंने जितना सोचा था, यह उतना मुश्किल नहीं है लेकिन इसमें सामंजस्य बिठाने में मुझे समय लगा। अभी पूरी तरह से सामंजस्य नहीं बैठा है। मैं अपनी पूरी क्षमता का केवल 65 से 70 प्रतिशत इस्तेमाल कर पा रहा हूं।’

    ओलिंपिक मेडल है लक्ष्य
    उन्होंने बताया, ‘मुझे अपनी पंच को तकतवार बनाना होगा ताकि कम कद के कारण होने वाले नुकसान की भरपायी कर सकूं। यह जरूरी है क्योंकि इस वर्ग में ज्यादातर मुक्केबाज मेरे से ज्यादा लंबाई के हैं। लेकिन मैं मेहनत कर रहा हूं।’ पंघाल ने कहा कि अब उनकी नजरें ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है। उन्होंने कहा, ‘ मेरा अगला लक्ष्य ओलिंपिक के लिए जगह पक्का करना है। मेरे लिए यह पहली बार होगा।’

  • ‘हाउडी मोदी’ में PM मोदी और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच दिखी जोरदार बॉन्डिंग,एनबीए मैच में इंटरेस्टेड प्रेजिडेंट ट्रंप

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    ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच जोरदार बॉन्डिंग देखने को मिली। ह्यूस्टन के एनआरजी एरिना में बड़ी संख्या में जमा हुए भारतीय-अमेरिकियों ने दोनों नेताओं का जबरदस्त स्वागत किया। इस दौरान ट्रंप और पीएम मोदी ने दोनों देशों से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान मौका देख ट्रंप ने अगले महीने भारत आने और मुंबई में होने वाले एनबीए मैच को देखने की इच्छा जताई।

    भारत में पहली बार अगले महीने 4 और 5 अक्‍टूबर को मुंबई में एनबीए के दो मैच होंगे। ये दोनों मुकाबले सेक्रेमेंटो किंग्‍स (Sacramento Kings) और इंडियाना पेसर्स (Indiana Pacers) के बीच खेले जोंगे। 50 हजार से अधिक संख्या में मौजूद भारत-अमेरिकियों के सामने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्‍हें इन मैच के लिए बुलाते हैं तो वह आ सकते हैं।

    उन्‍होंने कहा, ‘अगले सप्ताह मुंबई में हजारों लोग एनबीए बास्केटबॉल मैच, जो भारत में पहली बार हो रहा है, देखने के लिए इकट्ठा होंगे।’ इसके बाद उन्होंने हंसते हुए पीएम मोदी से पूछा, ‘क्‍या मैं इसे देखने के लिए आ सकता हूं पीएम मोदी? मैं आ सकता हूं… हैरान मत होइए… मैं आ सकता हूं।’ बता दें कि दो मैचों के लिए एनबीए ने रियलायंस फाउंडेशन जूनियर एनबीए प्रोग्राम के तहत 3000 बच्चों (गर्ल्स ऐंड बॉयज) को मैच देखने के लिए बुलाया है।

    राष्ट्रपति ट्रंप की बात सुनकर पीएम मोदी भी हंसते दिखाई दिए। बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने भी अपने भाषण में अमेरिका में 2020 में होने वाले आगामी चुनाव के लिए ट्रंप के समर्थन में स्लोगन दिया- अबकी बार, ट्रंप सरकार..। यह स्लोगन, अबकी बार मोदी सरकार, पीएम मोदी ने भी अपने चुनावी अभियान में इस्तेमाल किया था। इस दौरान ट्रंप मंच पर ही मौजूद थे।

  • सानिया मिर्जा की बहन अनम जल्द कर सकती हैं अजहरूद्दीन के बेटे असद से शादी

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    टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की बहन अनम मिर्जा अपने नए रिलेशनशिप को लेकर चर्चा में हैं। खबरों की माने तो, अनम भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन के बेटे असद को डेट कर रही हैं। यह कपल अक्सर अपने डेट्स की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करता रहता है। अनम ने हाल ही में एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें उनके पीछे Bride To Be (होने वाली दुल्हन) लिखा हुआ था।

    कर सकते हैं जल्द शादी

    इस तस्वीर के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद से माना जा रहा है कि असद और अनम जल्द ही शादी कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में दोनों ही फैमिली की ओर से कोई ऑफिशल बयान नहीं आया है।

    बेस्ट कपल

    इस कपल के द्वारा पोस्ट की गईं तस्वीरों पर ढेरों लोगों ने कॉमेंट करते हुए जोड़े को ‘बेस्ट कपल’ बताया है। साथ ही वे जानना चाहते हैं कि यह कपल शादी कब कर रहा है।

    सानिया मिर्जा भी होती हैं साथ

    इस कपल के साथ कभी-कभी अनम की बड़ी बहन सानिया मिर्जा भी होती हैं। माना जा रहा है कि इस रिलेशनशिप को सानिया मिर्जा की हरी झंडी मिल चुकी है।

    अनम की 2016 में हुई थी शादी

    अनम की शादी 2016 में हैदराबाद के बिजनसमैन अकबर राशिद से हुआ था, जिसमें में फिल्म, राजनीति और फैशन जगत की कई हस्तियां शामिल हुई थीं। हालांकि, शादी के दो साल बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और दोनों ने अलग होने का फैसला किया।

    पिता की राह पर हैं असद
    वहीं असल पिता की ही तरह क्रिकेटर बनना चाहते हैं और वह फिलहाल गोवा रणजी टीम का हिस्सा हैं। असद भी अपने पिता की तरह एक अच्छे क्रिकेटर बनना चाहते हैं, जिसके लिए वह जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं।

    फैशन डिजाइनर हैं अनम

    दूसरी, ओर सानिया की बहन अनम पेशे से एक फैशन डिजाइनर हैं और अपना फैशन आउटलेट भी चलाती हैं।