Category: sports

  • Davis Cup:भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तान में न खेलने पर कुरैशी ने की आलोचना

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    पाकिस्तान के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी एसाम उल हक कुरैशी ने आगामी डेविस कप मुकाबले पाकिस्तान में खेलने से बचने के लिए भारतीय खिलाड़ियों की आलोचना की है। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) से यह मुकाबले को कहीं और स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। कुरैशी इस समय अमेरिका में हैं जहां वह साल के अंतिम ग्रैंड स्लैम अमेरिकी ओपन की तैयारियों में व्यस्त हैं।

    कुरैशी ने अमेरिका से पाकिस्तानी अखबार ‘द नेशन’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ये खिलाड़ी कई बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने पाकिस्तान टेनिस महासंघ (पीटीएफ) की ओर से अच्छी मेहमान नवाजी का आनंद उठाया है।

    कुरैशी ने कहा, “आईटीएफ की सुरक्षा टीम पहले ही पाकिस्तान का दौरा कर चुकी है और उन्होंने यहां की सरकार द्वारा उठाए गए सुरक्षा प्रबंधों पर संतुष्टि जाहिर की है। पीटीएफ पहले ही यह आश्चासन दे चुकी हैं कि वे भारतीय प्रतिनिधिमंडल को रेड बॉक्स सुरक्षा मुहैया कराएगी तो फिर वे लोग क्यों ऐसा बहाना बना रहे हैं।”

    पाकिस्तानी खिलाड़ी ने कहा कि भारत अगर ऐसे ही बहाना बनाता है तो आईटीएफ को उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों से अनुरोध किया वे अपने दिमाग का इस्तेमाल करें और देखें कि वे लोग पहले भी पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं और वे यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह से अवगत हैं।

    कुरैशी ने कहा, “ भारतीय टीम पाकिस्तान से ज्यादा मजबूत और संतुलित टीम है और कागजों पर वे शतप्रतिशत जीत के दावेदार हैं। उनके पास ऐसे खिलाड़ी हैं , जो टॉप-100, टॉप-200 और टॉप-50 में हैं, जो बड़े टूर्नामेंटों में खेलते हैं।”

    पाकिस्तान की टीम को प्रतियोगिता के एशिया-ओसेनिया ग्रुप-आई के टाई में 14 और 15 सितंबर को इस्लामाबाद के पाकिस्तान स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में भारत का सामना करना है।

    उन्होंने कहा, “हमारी जीत की संभावना ना के बराबर हैं, लेकिन हम किसी भी विपक्षी टीम के खिलाफ खेलने से नहीं डर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दिखाने का यह सबसे बड़ा अवसर है कि भारत-पाकिस्तान डेविस कप में खेल रहे हैं। यह टेनिस और दोनों देशों के लोगों के लिए बहुत अच्छा होगा।”

     

  • न्यूजीलैंड को हराकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जीता ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट

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    भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने राउंड रॉबिन चरण में मिली हार का बदला चुकता करते हुए न्यूजीलैंड को फाइनल में 5-0 से हराकर ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट जीत लिया है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह (सातवां मिनट) ने पहला गोल किया जबकि शमशेर सिंह (18वां), नीलाकांता शर्मा (22वां), गुरसाहिबजीत सिंह (26वां) और मनदीप सिंह (27वां) ने बाकी गोल दागे।

    भारत को राउंड रॉबिन चरण में न्यूजीलैंड ने 1-2 से हराया था। दोनों टीमों ने संभलकर खेलना शुरू किया। भारत को सातवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर गोल नहीं हो सका। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत ने उसी मिनट मिले दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके टीम को बढ़त दिलाई।

    भारतीय टीम ने गेंद पर नियंत्रण जारी रखा और पहले क्वार्टर में 1-0 की बढ़त कायम रही। शमशेर ने 18वें मिनट में भारत के लिये दूसरा गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागा। न्यूजीलैंड की टीम दूसरे क्वार्टर में दो बार सर्कल में घुसने में कामयाब रही, जबकि भारत ने तीन और गोल दाग दिए।

    नीलाकांता ने 22वें मिनट में तीसरा गोल किया। इसके बाद गुरसाहिबजीत सिंह और मनदीप ने लगातार गोल दागे। इसके बाद तीसरे और चौथे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका। आखिरी क्वार्टर में भारतीय डिफेंडरों ने दमदार प्रदर्शन करके न्यूजीलैंड को कोई मौका नहीं दिया।

    बता दें कि एफआईएच (FIH) ओलिंपिक क्वॉलिफायर का विजेता 2020 टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic 2020) में अपना स्थान पक्का कर लेगा। यह क्वॉलिफायर इस साल के अंत में नंवबर में आयोजित होने हैं। ओलंपिक क्वॉलिफायर से पहले हॉकी टीमों को इस ओलंपिक टेस्ट इवेंट में खेलना था।

  • BWF World Championship: ओलम्पिक पदक विजेता सिंधु प्रतियोगिता के दूसरे दौर में

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    भारत की शीर्ष एकल महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप-2०19 के अपने पहले मुकाबले में बुधवार को जीत हासिल करके प्रतियोगिता के दूसरे दौर में जगह बना ली है। टूर्नामेंट में पाचवीं सीड सिंधु ने चीनी ताइपे की पाई यू पो को 21-14, 21-15 से मात दी।

    भारतीय खिलाड़ी ने 43 मिनट में यह मुकाबला जीता। इस जीत के साथ ही सिंधु ने वर्ल्ड नंबर-45 पो के खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड 3-0 का कर लिया है। रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता सिंधु और पो के बीच पहले गेम की शुरुआत में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लेकिन सिंधु ने इसके बाद 11-7 और फिर 14-9 की बढ़त बनाने के साथ 21-14 से पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु एक समय 7-4 से आगे थी।

    पो ने हालांकि गेम को रोमांचक बनाने की कोशिश की, जब उन्होंने स्कोर को 9-1० तक कर दिया। लेकिन ओलम्पिक पदक विजेता सिंधु ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए पहले तो 19-14 की बढ़त बनाई और फिर 21-15 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया।

     

  • एमएस धोनी के उत्तराधिकार की दौड़ में ऋषभ पंत सबसे आगे

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    युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत एमएस धोनी के उत्तराधिकार की दौड़ में सबसे आगे हैं। टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंदर सहवाग भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। सहवाग का मानना है कि पंत धोनी का बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
    हमारे सहयोगी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में सहवाग ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ऋषभ पंत बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित किया है और अब वह वनडे और टी20 में फिर से खुद को साबित करेंगे। महेंद्र सिंह धोनी की जगह लेने के लिए वह बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।’

    धोनी ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टेस्ट मैच से अपने संन्यास की घोषणा की थी और तब से ही टीम और सिलेक्शन कमिटी उनके रिप्लेसमेंट के लिए एक उपयुक्त खिलाड़ी की खोज कर रही थी। इस जगह को भरने के लिए ऋद्धिमान साहा के पास बेहतरीन मौका था लेकिन चोटों की वजह से वह ऐसा कर पाने में नाकाम रहे। उनकी अनुपस्थिति में दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल को मौका दिया गया लेकिन वे भी अपनी छाप छोड़ने में सफल नहीं हो पाए।

    सहवाग ने कहा, ‘पंत को थोड़ा समय लगेगा। अगर वह अपने शॉट सिलेक्शन को दुरुस्त कर लेते हैं तो वह लंबे समय तक टीम इंडिया को अपनी सेवाएं दे पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि आने वाले तीन से चार साल में आप पंत को टीम के लिए ओपनिंग करते देखेंगे। उनमें सीमित ओवरों के प्रारूप की पारियों के आगाज की क्षमता है।’

  • सिंधु की ‘अंतिम’ व कड़ी चुनौती ओकुहारा

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    ओलिंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स। इन चार मेगा इवेंट में भारतीय स्टार शटलर सिंधु ने महिला एकल बैडमिंटन के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन एक बार भी वह गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब नहीं हो सकीं। पांचवीं वरीयता प्राप्त सिंधु और तीसरी वरीय ओकुहारा के बीच अब तक 15 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें सिंधु का करियर रेकॉर्ड 8-7 है।

    जीत चुकी हैं चार मेडल
    सिंधु ने शनिवार को ऑल इंग्लैंड चैंपियन चेन यु फेइ पर सीधे गेमों में मिली जीत से लगातार तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया। सिंधु ने इस प्रतिष्ठित टूर्नमेंट के पिछले दो चरण में लगातार सिल्वर मेडल हासिल किए, इसके अलावा उनके नाम दो ब्रॉन्ज मेडल भी हैं। हैदराबादी खिलाड़ी ने 40 मिनट तक चले सेमीफाइनल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी चेन को 21-7, 21-14 से शिकस्त दी।

    सिंधु और ओकुहारा में कड़ी टक्कर
    अब सिंधु के सामने एक बार फिर जापानी चुनौती है। दोनों के बीच अब तक करियर मुकाबलों की बात करें तो सिंधु का रेकॉर्ड बेहतर है। सिंधु और ओकुहारा के बीच अब तक कुल 15 मुकाबले खेले गए, जिसमें 8 बार सिंधु और 7 बार ओकुहारा ने जीत दर्ज की। पिछले 5 मुकाबलों की बात करें तो 3 बार सिंधु जीतीं जबकि 2 बार ओकुहारा विजेता रहीं।

    इसी साल तीसरी भिड़ंत
    ओकुहारा और सिंधु के बीच इस साल यह तीसरी भिड़ंत होगी। सिंधु ने पिछले महीने इंडोनेशिया ओपन के क्वॉर्टर फाइनल में ओकुहारा को लगातार गेमों में हराया था लेकिन सिंगापुर ओपन के सेमीफाइनल में भारतीय शटलर को 2 गेमों में शिकस्त झेलनी पड़ी।

    2018 में 4 में से 3 बार जीतीं सिंधु
    पिछले साल वर्ल्ड टूर फाइनल्स में सिंधु ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए ओकुहारा को फाइनल में हराकर खिताब जीता था। सिंधु ने यह मुकाबला लगातार गेमों में 21-19, 21-17 जीता था। पिछले साल ही वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वॉर्टर फाइनल में सिंधु ने ओकुहारा को हराया था। साल 2018 के ऑल इंग्लैंड ओपन के क्वॉर्टर फाइनल में ओकुहारा के खिलाफ सिंधु जीतीं, लेकिन थाइलैंड ओपन के फाइनल में उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी।

    2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ओकुहारा ने तोड़ा सिंधु का सपना
    स्कॉटलैंड में 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में सिंधु का गोल्ड जीतने का सपना ओकुहारा ने तोड़ा था, तब सिंधु को जापानी शटलर ने 21-19, 20-22, 22-20 से कड़े संघर्ष में जीत दर्ज की थी। इसी साल जापान ओपन के दूसरे राउंड में सिंधु को ओकुहारा ने हराया। इसी साल कोरिया ओपन के फाइनल में सिंधु ने ओकुहारा को हराकर खिताब जीता था। वहीं, सिंगापुर ओपन के शुरुआती दौर में सिंधु ने ओकुहारा को मात दी थी।

    ओलिंपिक सेमीफाइनल में भी जीतीं सिंधु
    ओकुहारा के खिलाफ रियो ओलिंपिक के सेमीफाइनल में ओकुहारा को सिंधु ने लगातार गेमों में मात दी। तब ओकुहारा के छठी वरीयता मिली थी और 9वीं वरीय सिंधु ने 21-19, 21-10 से सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाई जहां उन्हें स्पेन की कैरोलिना मारिन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

    यूथ वर्ग में भी जीतीं सिंधु
    साल 2015 के मलयेशिया मास्टर्स के सेमीफाइनल में सिंधु को ओकुहारा ने 19-21, 21-13, 21-8 से हराया। इससे पहले 2014 के हॉन्ग कॉन्ग ओपन के दूसरे राउंड में ओकुहारा ने सिंधु को हराया। साल 2012 में एशिया यूथ अंडर-19 चैंपियनशिप में लड़कियों के एकल वर्ग में सिंधु ने ओकुहारा को 3 गेमों में मात दी थी।

  • IND VS WI: टेस्ट मैच के दूसरे दिन जडेजा का शानदार अर्धशतक

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    एंटीगा
    भारत और वेस्ट इंडीज के बीच चल रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन ऑल राउंडर रविंद्र जडेजा ने शानदार अर्धशतक जड़ा। शुक्रवार को खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘जब मिडिल ऑर्डर में मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो मेरा पूरा ध्यान साझेदारी पर था। मैं अपने खेल को लेकर थोड़ा डरा हुआ था लेकिन मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहा था।’

    विकेट कीपर ऋषभ पंत क्रीज पर लंबे समय तक टिकने में नाकाम रहे। इसके बाद इशांत शर्मा बल्लेबाजी करने आए और उन्होंने जडेजा के साथ मिलकर 60 रनों की पारी खेली और इससे टीम इंडिया को राहत मिली।

    जडेजा के सिलेक्शन पर पूर्व क्रिकेटर्स ने जताई थी नाराजगी
    जडेजा ने कहा, ‘मेरा ध्यान पार्टनरशिप पर था। जब ऋषभ आउट हुए, मैं इशांत से बीच में रहने और साझेदारी बनाने के बारे में बात कर रहा था। हम एक समय में एक ओवर के बारे में सोच रहे थे।’ उन्होंने आगे कहा, विपक्षी टीम के लिए यह अच्छा नहीं होता कि लोअर ऑर्डर के खिलाड़ी लगातार रन स्कोर करें, तो यह हमारी तरह से गेम प्लान था।

    बता दें जडेजा को पहले टेस्ट के लिए आर अश्विन की जगह पर लिया गया है। कई पूर्व क्रिकेटर्स इस फैसले को लेकर नाराजगी भी जता चुके हैं।

    जडेजा ने कहा, ‘निश्चित तौर पर जब आपका कप्तान आप पर विश्वास करता है और मुख्य खिलाड़ी के तौर पर देखता है, तो आप अच्छा महसूस करते हैं। किस्मत से अच्छा परफॉर्म करके मैंने उस विश्वास को कायम रखा है।’

    टीम इंडिया के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए इशांत
    जब इंडियन टीम गेंदबाजी के लिए उतरी तो इशांत कप्तान कोहली के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए। इशांत ने अच्छे लाइन और लेंथ के साथ बोलिंग की जिससे उन्होंने 5 विकेट झटके और दूसरे दिन का मैच खत्म होने तक वेस्ट इंडीज की टीम 8 विकेट पर 189 रन बना सकी।

    जडेजा ने कहा, ‘इशांत ने अच्छी बोलिंग की। हर उस ओवर में इशांत का लय बेहतर हुआ जिसमें उन्होंने बोलिंग की। अगर उन्होंने दोनों कैच नहीं पकड़े होते तो स्थितियां काफी अलग होतीं। दोनों कैचों से हमारी टीम अधिक मजबूत हुई।’

  • …जसप्रीत बुमराह हो रहे हैं अब लाल गेंद से भी माहिर

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    नई दिल्ली
    इन दिनों इंग्लैंड में एशेज और वेस्ट इंडीज में भारत-वेस्ट इंडीज की टेस्ट सीरीज की चर्चा जोरों पर है। टेस्ट क्रिकेट में फास्ट बोलिंग एक बार अपने अलग ही मुकाम पर दिखने लगी है। इंग्लैंड में जोफ्रा आर्चर बल्लेबाजों की नींद उड़ा रहे हैं, तो वहीं कैरिबियाई जमीन पर टीम इंडिया के युवा फास्ट बोलर जसप्रीत बुमराह ने धूम मचा दी है। सफेद बॉल (सीमित ओवर) की क्रिकेट में बुमराह ने अपनी पहचान डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट के रूप में बनाई थी। लेकिन जल्दी ही वह टेस्ट क्रिकेट में नई गेंद के भी माहिर बोलर बन चुके हैं।

    एंटीगा टेस्ट में वेस्ट इंडीज के खिलाफ मात्र 7 रन देकर 5 विकेट चटकाने वाले बुमराह ने बता दिया कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए खुद को तैयार कर चुके हैं। टेस्ट क्रिकेट के लिए बुमराह ने लेट-आउटस्विंग की कला भी सीख ली है और विंडीज के खिलाफ मैच की चौथी पारी में जब उन्होंने अपने इस हथियार का इस्तेमाल किया, तो लेट आउटस्विंग पर ही उन्होंने 5 बल्लेबाजों को पविलियन की राह दिखाई।

    बुमराह के 5 विकेटों में साफ दिखा कि उनकी गेंद राइटहैंडर बल्लेबाज से दूर जा रही है और लेफ्टहैंडर के खिलाफ करीब आ रही है। अपनी इस शानदार परफॉर्मेंस के बाद बुमराह ने कहा, ‘मैं शुरुआत में इंस्विंगर बोलिंग ही करता था लेकिन जैसे-जैसे में टेस्ट मैच खेलता चला गया तो मैंने आउटस्विंगर का इस्तेमाल करना भी सीख लिया। खासतौर से इंग्लैंड दौरे से। इस बोलिंग को सीखने के लिए मैंने खूब मेहनत की। मैं हमेशा खुद की स्किल्स को और मजबूत करने पर ध्यान देता हूं।’

    जिस समय बुमराह अपना आग उगलता स्पेल फेंक रहे थे, तो वहीं कॉमेंट्री बॉक्स में बैठे पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा उनके इस स्पेल का लुत्फ ले रहे थे। नेहरा बुमरहा और भारतीय पेस अटैक के बाकी गेंदबाजों को देखकर काफी प्रभावित दिख रहे थे।

    भारतीय पेस बोलिंग के अटैक की तारीफ करते हुए नेहरा ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, ‘जब बुमराह ने साल 2016 में अपने इंटरनैशनल करियर की शुरुआत की थी। तब वह विनम्र थे और हर दिन अपने बोलिंग में कुछ नया सीखने के लिए आतुर रहते थे। रविवार को उन्होंने पिच का सही अंदाजा लगाया और हवा की गति के साथ तालमेल बैठाने में कामयाबी पाई। उन्होंने बोलिंग का वह छोर चुना जहां से हवा उनकी दाईं ओर से बाईं ओर बह रही थी। बुमराह ने इन परिस्थितियों का जमकर लाभ उठाया।’

    नेहरा ने यहां इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी की भी तारीफ की। नेहरा ने कहा कि अब टीम के सभी खिलाड़ी अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। यह उनके प्रदर्शन में साफतौर पर झलक रहा है। नेहरा ने कहा कि भले ही इशांत शर्मा ने कामयाब फास्ट बोलर बनने में कुछ समय लिया लेकिन अब उन्होंने वह कला सीख ली है और वह लगातार सही चीजें कर रहे हैं।

  • US Open: फेडरर को कड़ी टक्कर देकर भी हार का सामना करना पड़ा नागल को

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    न्यू यॉर्क
    भारतीय क्वॉलिफायर सुमित नागल अपने पहले ग्रैंडस्लैम मैच में रोजर फेडरर के खिलाफ पहला सेट जीतने में कामयाब रहे लेकिन यूएस ओपन में सोमवार की रात खेले गए मैच में आखिर में उन्हें स्विस दिग्गज से हार का सामना करना पड़ा।

    आर्थर ऐस स्टेडियम में खेल रहे विश्व में 190वें नंबर के नागल ने बेहतरीन शुरुआत की और फेडरर को पहले सेट में हरा दिया लेकिन रेकॉर्ड 20 ग्रैंडस्लैम विजेता ने शानदार वापसी की।

    नागल ने आखिर में यह मैच 6-4, 1-6, 2-6, 4-6 से गंवाया। झज्जर में जन्में 23 वर्षीय नागल ने क्वालीफाईंग राउंड में तीन मैच जीतकर मुख्य ड्रा में जगह बनाई थी।

  • पूनिया और जडेजा नहीं हो पाएंगे शामिल राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में

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    गुरुवार शाम को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार दिए जाएंगे। इस समारोह में बजरंग पूनिया शामिल नहीं हो पाएंगे। पूनिया रूस में वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रहे हैं। बजंरग को इस साल राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह देश में खेल का सबसे बड़ा पुरस्कार है। पैरालंपियन दीपा मिलक को खेल रत्न दिया गया है।

    हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बजरंग ने खेल मंत्रालय को इस बारे में सूचित कर दिया है। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप से लौटने के बाद खेलमंत्री किरन रिजिजू के हाथों यह सम्मान लेंगे। इस टूर्नमेंट के जरिए 2020 तोक्यो ओलिंपिक में क्वॉलिफाइ होने का मौका भी मिलेगा। वर्ल्ड चैंपियनशिप 14 से 22 सितंबर तक नूर-सुल्तान, कजाकिस्तान में खेली जाएगी।

    महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में दुनिया की नंबर दो शूटर अंजुम मोद्गिल भी इस समारोह का हिस्सा नहीं होंगी। वह आईएसएसएफ के चौथे और आखिरी वर्ल्ड कप में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह टूर्नमेंट बुधवार को शुरू हुआ है। अंजुम ने भारत के लिए पहले ही तोक्यो ओलिंपिक का कोटा हासिल कर लिया है। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है।

    क्रिकेटर रविंद्र जडेजा भी इस समारोह का हिस्सा नहीं होंगे। वह वेस्ट इंडीज में टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं। इसके साथ ही 400 मीटर दौड़ के विशेषज्ञ धावक मोहम्मद अनस, जो लखनऊ में 59वें नैशनल इंटर-स्टेट सीनियर ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग ले रहे हैं भी दिल्ली नहीं आ पाएंगे अनस पहले ही दोहा में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वॉलिफाइ कर चुके हैं। गुरुवार को वह 4×400 रीले दौड़ में हिस्सा लेंगे। उनकी कोशिश इस प्रतिस्पर्धा में भी दोहा के लिए क्वॉलिफाइ करने का मौका होगा।

    सूत्रों के अनुसार, बजरंग फिलहाल रूस में जॉर्जिया के कोच शाको बेंतिनिदिस के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। वह वहां से कजाकस्तान जाएंगे। वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने प्रदर्शन से वह ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करना चाहेंगे।

    एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘बजरंग के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए मेडल जीतना पहली प्राथमिकता है। उन्हें लगता है कि चूंकि वह पुरस्कार के लिए चुने जा चुके हैं इसलिए वह इंतजार कर सकता है।’

  • राजीव गांधी खेल रत्न से राष्ट्रपति ने भारतीय महिला ऐथलीट Deepa Malik को किया सम्मानित

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    नई दिल्ली।  दीपा मलिक (Deepa Malik) खेल रत्न हासिल करने वाली पहली महिला पैरा-एथलीट बन गई हैं। भारतीय सरकार ने शनिवार को दीपा को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड देने का फैसला किया है। इसी के साथ दीपा इस अवॉर्ड को हासिल करने वाली दूसरी पैरा-एथलीट बन गई हैं।

    दीपा ने रियो पैरालम्पिक-2016 में शॉट पुट (गोलाफेंक) में रजत पदक हासिल किया था। इसके अलावा वह एशियाई खेलों में भालाफेंक और शॉटपुट में कांस्य जीत चुकी हैं।

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रियो पैरालिंपिक-2016 में पदक जीतने वालीं पहली भारतीय महिला ऐथलीट दीपा मलिक को गुरुवार को राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया।

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    भारतीय महिला ऐथलीट दीपा मलिक राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित

    एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहलवान बजरंग पूनिया भी इस अवॉर्ड के लिए चुना गया लेकिन वह भारत में नहीं हैं और उन्हें बाद में यह अवॉर्ड सौंपा जाएगा।

    हरियाणा के सोनीपत में जन्मीं दीपा मलिक ने 2016 में रियो पैरालिंपिक में शॉट पुट में सिल्वर मेडल जीता था। इसके अलावा उन्होंने एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था। राष्ट्रपति भवन में एक सादे समारोह में दीपा को इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

    साइना नेहवाल और लक्ष्य सेन जैसे स्टार शटलरों को कोचिंग देने वाले विमल कुमार को द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। टेबल टेनिस कोच संदीप गुप्ता, रामबीर सिंह खोकर (कबड्डी), मेजबान पटेल (हॉकी) और संजय भारद्वाज (क्रिकेट) को द्रोणाचार्य अवॉर्ड (लाइफ टाइम कैटिगरी) से सम्मानित किया गया।

    वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले शटलर बी साई प्रणीत, स्वप्ना बर्मन (हेप्टैथलॉन), एस. भास्करन (बॉडी बिल्डिंग), सोनिया (बॉक्सिंग), पूनम यादव (क्रिकेट), रेसलर पूजा ढांडा, प्रमोद भगत (पैरा-बैडमिंटन), हरमीत देसाई (टेटे) , फवाद मिर्जा (घुड़सवारी) को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    राष्ट्रपति ने मैनुअल फैडरिक्स (हॉकी), अरूप बसक (टेबल टेनिस), मनोज कुमार (कुश्ती), नितेन किर्रताने (टेनिस) और लालरेमसानगा (तीरंदाजी) को ध्यानचंद अवॉर्ड से सम्मानित किया।

    जो खिलाड़ी और कोच इस समारोह में शिरकत नहीं कर सके, उन्हें बाद में यह अवॉर्ड सौंपा जाएगा। इनमें बजरंग पूनिया के अलावा क्रिकेटर रविंद्र जडेजा, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदकधारी गोला फेंक ऐथलीट तेजिंदर पाल सिंह तूर और 400 मीटर स्पर्धा के रजत पदक मोहम्मद अनस और निशानेबाज अंजुम मोद्गिल शामिल रहे।

    जडेजा इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ वेस्ट इंडीज में हैं जबकि तूर और अनस इस समय लखनऊ में चल रही राष्ट्रीय अंतरराज्यीय ऐथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।

    खेल रत्न में 7.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि जबकि अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करने वालों को प्रशस्ति पत्र के साथ 5-5 लाख रुपये दिए जाते हैं।

    खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कारों के अलावा राष्ट्रपति ने कोचों को द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार, तेनजिंग नार्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रोफी और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए।

    मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल, खेल सचिव राधे श्याम जुलानिया, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान, भारतीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा और महासचिव राजीव मेहता इस समारोह में उपस्थित थे।

    इन खिलाड़ियों को सम्मान
    राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड: बजरंग पूनिया- कुश्ती, दीपा मलिक- पैरा ऐथलीट

    द्रोणाचार्य अवॉर्ड- रेगुलर कैटिगरी: विमल कुमार (बैडमिंटन), संदीप गुप्ता (टेबल टेनिस), मोहिंदर सिंह ढिल्लों (ऐथलेटिक्स)

    लाइफ टाइम कैटिगरी: मेजबान पटेल- हॉकी, रामबीर सिंह खोखर- कबड्डी , संजय भारद्वाज- क्रिकेट

    अर्जुन अवॉर्ड: तेजिंदरपाल सिंह तूर- ऐथलेटिक्स , मोहम्मद अनस याहिया- ऐथलेटिक्स , एस. भास्करन- बॉडी बिल्डिंग , सोनिया लाथर- बॉक्सिंग , रविंद्र जडेजा- क्रिकेट , चिंगलेनसाना सिंह कंगुजम- हॉकी, अजय ठाकुर- कबड्डी , गौरव सिंह गिल- मोटर स्पोर्ट्स, प्रमोद भगत पैरा स्पोर्ट्स (बैडमिंटन) , अंजुम मोद्गिल- शूटिंग, हरमीत राजुल देसाई- टेबल टेनिस, पूजा ढांढा- रेसलिंग, फवाद मिर्जा- घुड़सवारी, पूनम यादव- क्रिकेट , स्वप्ना बर्मन- ऐथलेटिक्स, सुंदर सिंह गुर्जर- पैरा स्पोर्ट्स (ऐथलेटिक्स) , साई प्रणीत- बैडमिंटन , सिमरन सिंह शेरगिल- पोलो

    ध्यानचंद अवॉर्ड : मैनुअल फैडरिक्स- हॉकी , अरूप बसक- टेबल टेनिस, मनोज कुमार- कुश्ती, नितेन किर्रताने- टेनिस और लालरेमसानगा- तीरंदाजी

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    भारतीय महिला ऐथलीट दीपा मलिक राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित