Category: sports

  • Davis Cup: ITF से भारत ने मांगा पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन

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    अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) कार्यकारी निदेशक जस्टिन एलबर्ट को एक पत्र लिखकर इस्लामाबाद में होने वाले डेविस कप मुकाबले को लेकर सुरक्षा इंतजाम के बारे में पूछा है। भारत ने हालांकि मैच का स्थान बदलने की मांग नहीं की है। इस बात की जानकारी एआईटीए के सचिव हिरनमॉय चटर्जी ने दी। चटर्जी ने कहा, “डेविस कप टीम वहां के पहले के सुरक्षा इंतजामात से खुश हैं लेकिन यह कश्मीर मुद्दे के उठने से पहले की बात है। इसलिए अब हमने वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए पत्र लिखा है।”

    एलबर्ट ने इस मुकाबले को लेकर एआईटीए को लिखे पत्र में कहा था कि आईटीएफ के लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और मुकाबला इस्लामाबाद में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। यदि एआईटीए आधिकारिक रुप से आईटीएफ को अपनी चिंता से अवगत कराता है तो उसे यह जल्द कर लेना होगा क्योंकि मुकाबला पांच सप्ताह दूर ही है। एलबर्ट ने साथ ही कहा कि भारत को खिलाड़ियों के वीजा और अन्य तैयारियों को लेकर आवश्यक प्रबंध जारी रखने चाहिए। एलबर्ट के पत्र के जवाब में एआईटीए ने आईटीएफ को पत्र लिखकर कहा है कि आईटीएफ ने इस्लामाबाद में सुरक्षा जांच की है और उसका मानना है कि यह मुकाबला इस्लामाबाद में सुरक्षित आयोजित हो सकता है।

    इससे पहले चटर्जी ने कहा था कि पाकिस्तान की स्थिति भारतीय टीम के लिए खेलने के लिहाज से अनुकूल नहीं है। चटर्जी ने कहा था, “हम दो दिन का इंतजार करेंगे कि स्थिति किस तरह की रहती है और इसके बाद अगर हो सका तो आईटीएफ से बात करेंगे और कोशिश करेंगे कि स्थान बदला जा सके और कोई तटस्थ स्थान पर मैच कराया जाए। इस समय स्थिति खिलाड़ियों के लिहाज से अच्छी नहीं है कि वो लोग पाकिस्तान जाकर खेल सकें।”

    अगर भारत ने खेलने से मना कर दिया तो उस पर हांग कांग की तरह प्रतिबंध लग सकता है जिसने पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था। इसी कारण हांग कांग की टीम निचली डिविजन में चली गई थी। भारतीय टेनिस टीम इससे पहले 1964 में पाकिस्तान गई थी और वहां 4-0 से जीत हासिल की थी।

    इस मुकाबले का ड्रॉ फरवरी में आ गया था और तभी पुलवामा में आतंकवादी हमला हुआ था। इसलिए इस तरह की चर्चा तभी से हो रही थी कि भारत पाकिस्तान जा कर खेलेगा या नहीं।

    लेकिन जब आईटीएफ ने पाकिस्तान को मैच की मेजबानी सौंपी तो एआईटीए ने खिलाड़ियों को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी। खेल मंत्रालय ने भी भारत के पाकिस्तान जाकर खेलने के रास्ते को साफ कर दिया है। दोनों टीमें डेविस कप में 2006 से नहीं भिड़ी हैं।

    बता दें कि भारत को 14 और 15 सितंबर को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया ओसनिया जोन ग्रुप ए का मुकाबला खेलना है। इसके लिए भारतीय टीम की घोषणा की जा चुकी है। लेकिन कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में फिर से कड़वाहट आ गई है जिसके बाद भारत का 55 साल बाद पाकिस्तान का दौरा अधर में अटक गया है।

     

  • कुश्ती खिलाड़ी का हैंडग्रेनेड के साथ फोटो वायरल, हिरासत में लिया

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    स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर हैंडग्रेनेड व हथियारों के जखीरे के साथ बाघू गांव निवासी मोनू नामक युवक के फोटो वायरल होने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। सोशल साइट पर वायरल फोटो में युवक ने हाथ में हैंडग्रेनेड (बम) लेकर सेल्फी ली है, जबकि दूसरी तस्वीर में वह हथियारों के जखीरों का प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। उसके पास मस्कट, तमंचे व राइफल समेत काफी कारतूस हैं। युवक राष्ट्रीय स्तर का कुश्ती खिलाड़ी भी बताया जा रहा है।  पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इससे पहले भी युवक के हथियारों का प्रदर्शन करते फोटो वायरल हुए थे लेकिन जांच के बाद उसे छोड़ दिया गया था।

    बुधवार को बागपत के बाघू गांव निवासी मोनू नामक युवक का सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुआ। हैंडग्रेनेड व हथियारों के जखीरे के साथ फोटो को देखकर लोगों में दहशत व्याप्त है। ट्विटर पर एक पोर्टल वेबसाइट ने युवक के तीन फोटो वायरल किए हैं। पुलिस ने बाघू गांव के मोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जाता है कि फिलहाल गुफा मंदिर स्थित सोना अखाड़े पर पहलवानी करता है। 
    एसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि युवक के वायरल फोटो चार से पांच साल पुराने बताए गए हैं। हालांकि अभी तक पुलिस की जांच जारी है। पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है, लेकिन पुलिस अभी तक हथियार बरामद नहीं कर सकी है। मामले की गहनता से जांच के बाद ही पुलिस कार्रवाई करेगी।

    लगातार पांच दिनों से वायरल हो रहे फोटो 
    एसपी ने बताया कि इस युवक के सोशल मीडिया पर पिछले चार पांच दिनों से अलग अलग फोटो वायरल हो रहे हैं। इससे पहले भी इसके पिस्टल का प्रदर्शन करते हुए फोटो वायरल हुए थे। वहीं कई फोटो उनके पास डाक के जरिए भी पहुंचे। कहा कि पुलिस ने उसे दो दिन पूर्व भी हिरासत में लिया था। जांच में उसके पास लाइसेंसी पिस्टल, इसके अलावा एक खिलौना पिस्टल (लाइटर) व एक शूटिंग रेंज पिस्टल की पुष्टि हुई थी। जिसे पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया था लेकिन बुधवार को उसके हैंडग्रेनेड के साथ फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे दोबारा से उठा लिया। एसपी ने बताय कि जांच कराई जा रही है कि कहीं कोई और तो युवक को फंसाने का प्रयास नहीं कर रहा। फोटो से कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

    युवक पर है 307 का मुकदमा 
    एसपी ने बताया कि युवक पर गांव के ही एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के मामले में करीब दो वर्ष पूर्व धारा 307 का मुकदमा दर्ज हुआ था। वह तभी से ही अपने रिश्तेदारी में रहता है। कहा कि उसके फोटो वायरल होने की उसे भी सूचना है, लेकिन वह भागा नहीं। पुलिस उसे दो बार हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है।

    हैंडग्रेनेड के फटने से हो चुकी बदमाश की मौत 
    जिले में पूर्व में भी हैंडग्रेनेड के कई मामले सामने आ चुके है। बताया जाता है कि वर्ष 2013 में हैंडग्रेनेड के जेब में फटने से टीकरी के जंगल में छिपे वाजिदपुर गांव निवासी एक बदमाश की मौत हो गई थी। इसके अलावा किरठल गांव निवासी एक कुख्यात के घर पर भी हैंडग्रेनेड फेंका गया था। हालांकि वह फटा नहीं था।

     

  • विश्व पुलिस गेम्स में प्रतापगढ़ की इस लड़की ने जीता स्वर्ण पदक

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    प्रतापगढ़ की रहने वाली और लखनऊ खेल छात्रावास की एथलीट खुशबू गुप्ता ने कमाल कर दिया है। उन्होंने चीन के चेंगडू शहर में हो रहे विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 किलोमीटर क्रासकंट्री में स्वर्ण पदक जीता है। खुशबू गुप्ता के पिता राम आसरे की प्रतापगढ़ के दहिलामऊ में फुटपाथ पर जूते-चप्पल की दुकान है।

    खुशबू ने इसी साल दिल्ली में हुई अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कमाल का प्रदर्शन करते हुए 1500 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज का स्वर्ण पदक जीता था। इसी गोल्डेन डबल का इनाम उन्हें भारतीय पुलिस टीम में चयन के रूप में मिला है। इसमें दुनिया भर की पुलिस के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। खुशबू इस बार वर्ल्ड पुलिस गेम्स में हिस्सा लेने वाली उत्तर प्रदेश की पहली महिला एथलीट हैं। चेंगडू में खुशबू ने सोमवार को 5 किलोमीटर क्रासकंट्री दौड़ में 21 मिनट का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था।

    छह साल पहले राम आसरे ने अपनी बेटी खुशबू को लखनऊ स्पोर्ट्स हॉस्टल में सिर्फ इसलिए भर्ती कराया था कि उसे भरपेट भोजन मिलेगा। पढ़ाई-लिखाई मुफ्त में होगी। पर राम आसरे की आठ वेटियों में पांचवें नम्बर की खुशबू ऐसा कमाल कर दिखाया कि वह न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर की चैंपियन एथलीट बनी बल्कि पिछले सास सशस्त्र सेवा बल में सिपाही की नौकरी भी हासिल की।

    खुशबू की धावकी हॉस्टल की कोच बिमला सिंह और बीके बाजपेयी की देखरेख में परवान चढ़ी। वह कई मर्तबा जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन रहीं। विजयवाड़ा जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने नए कीर्तिमान के साथ 3000 मीटर स्टीपल चेज का स्वर्ण पदक जीता।

    यही खुशबू ने कई राष्ट्रीय स्तर व अखिल भारतीय स्तर की क्रासकंट्री दौड़ और मैराथन दौड़ भी जीतीं। वह इसी साल जारी जूनियर राष्ट्रीय रैंकिंग में 3000 मीटर स्टीपलचेज में देश की नम्बर एक धाविका बनी थीं। खुशबू वर्ल्ड पुलिस गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुश है। अभी उसे 500 मीटर दौड़ और 3000 मीटर, 1500 मीटर  स्टीपलचेज में भी हिस्सा लेना है।

     

  • बीसीसीआई की मान्यता क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को

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    बीसीसीआई ने उत्तराखंड में क्रिकेट के संचालन को अपनी मान्यता दे दी। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) राज्य में क्रिकेट के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी। ‘सीएयू’ बीसीसीआई की पूर्णकालिक सदस्य होगी। बीसीसीआई के प्रशासकों की कमेटी ने सीएयू को 14 सितंबर से पहले चुनाव कराने को कहा है।

    बीसीसीआई की मान्यता पर मंगलवार को प्रशासकों की कमेटी (सीओए) ने मुहर लगा दी। इससे अब क्रिकेट को बतौर करिअर चुनने वाले उत्तराखंड के युवाओं के लिए सारे रास्ते खुल जाएंगे।

    14 सितंबर तक कराना होगा चुनाव
    बीसीसीआई ने ‘सीएयू’ से 14 सितंबर से पहले बीसीसीआई के संविधान के अनुसार चुनाव कराने के लिए कहा है। चुनाव के बाद कमेटी बीसीसीबाई की पूर्णकालिक सदस्य की तरह क्रिकेट का संचालन कर सकेगी।

    एसोसिएशनों की जोर आजमाइश खत्म
    उत्तराखंड में बीसीसीआई की मान्यता के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के बीच जोर आजमाइश चल रही थी। जून में 17 और 18 तारीख को मान्यता कमेटी के सदस्यों ने तीनों एसोसिएशन से दस्तावेज मांगे थे। इस रिपोर्ट को सीओए के पास भेजा गया। सीओए ने 15 जुलाई को एसोसिएशनों की बैठक बुलायी थी। इसमें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने दस्तावेज पेश किये। इसके बाद सीओए ने प्रदेश सरकार से मिल रही मदद का ब्योरा मांगा था और 25 जुलाई तक का समय दिया गया था। अब सीओए ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को मेल भेजकर मान्यता दिए जाने पर मुहर लगा दी है।

    लंबे इंतजार के बाद मिली सफलता
    उत्तराखंड ने क्रिकेट की मान्यता के लिए लंबा इंतजार किया। क्रिकेट एसोसिएशनों की तनातनी में कई साल गुजर गए। इस बीच उत्तराखंड से कई क्रिकेट प्रतिभाएं पलायन कर गईं। लेकिन मान्यता को लेकर उम्मीदें बनी रही। पिछले दो साल में मान्यता के मामले ने तेजी पकड़ी। क्रिकेट को लेकर एसोसिएशनों ने भी एका दिखाई तो अब बीसीसीआई की मान्यता मिल गई।

    नई टीम का गठन होगा चुनौती 
    क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को मान्यता मिलने के बाद राज्य क्रिकेट के सामने चुनौतियां अभी बाकी हैं। सीएयू को नई टीम का गठन करना है। एसोसिएशन को इस मुकाम तक पहुंचाने वाले मौजूदा अध्यक्ष पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट और सचिव पीसी वर्मा 70 की उम्र पार कर चुके हैं। बीसीसीआई नियमों के तहत उन्हें पद छोड़ना है। ऐसे में नई टीम बनाकर एसोसिएशन के सामने विजय हजारे ट्रॉफी के सफल आयोजन की जिम्मेदारी भी रहेगी।

    यह वर्षों की तपस्या का नतीजा है, अब युवाओं का मौका मिलेगा। पक्ष-विपक्ष को जोड़कर उत्तराखंड क्रिकेट को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे। –हीरा सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

    आज इंतजार खत्म हो गया। जो तपस्या हमने की थी, उसका फल अब हमारे प्रदेश की भावी पीढ़ी को मिलेगा। –पीसी वर्मा, सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

     

  • पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से भारतीय क्रिकेट का खास नाता

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    पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। पाकिस्तान अपनी आजादी का जश्न आज ही के दिन मनाता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए यह दिन एक खास वजह से यादगार है। भारतीय क्रिकेट की दृष्टि से देखा जाए तो उसने पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस विश्वभर में एक बेहद अलग वजह से यादगार बनाया, जिसका बिगुल किसी और ने नहीं बल्कि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बजाया। इस दिन भारत समेत दुनिया ने जाना कि इंटरनेशनल क्रिकेट में ‘क्रिकेट का भगवान’ आ चुका है।

    टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने स्वर्णिम करियर में कई रिकॉर्ड्स तोड़े, जिसमें इंटरनेशनल क्रिकेट में व्यक्तिगत 100 शतकों का कीर्तिमान शामिल है। 2013 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने से पहले तेंदुलकर ने टेस्ट में 51 जबकि वन-डे में 49 शतक जमाए। सचिन तेंदुलकर ने ठीक 28 साल पहले दुनिया को दिखाया कि वह भविष्य में ‘क्रिकेट के भगवान’ का तमगा हासिल करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रेफोर्ड में खेले गए दूसरे टेस्ट में तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल करियर का पहला शतक जमाया और टीम इंडिया के लिए मैच सुरक्षित किया। यह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

    इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और पहली पारी में 519 रन का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में तेंदुलकर (68) और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (179) की पारियों की बदौलत भारत ने 432 रन बनाए। मगर टीम इंडिया 87 रन से पीछे रह गई। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 320/4 के स्कोर पर घोषित की और भारत के सामने 408 रन का लक्ष्य रखा। टीम इंडिया की दूसरी पारी में हालत खराब रही और वह एक समय 127 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी।

    तभी 17 साल के सचिन तेंदुलकर क्रीज पर आए।इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाज युवा तेंदुलकर के सामने संघर्ष करते दिखे। सचिन ने 17 चौकों की मदद से इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पहला शतक जमाया। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 119 रन बनाए और मनोज प्रभाकर के साथ क्रीज पर जमे रहे, जिन्होंने अर्धशतक जमाया। आखिरी दिन स्टंप्स की घोषणा के सामने टीम इंडिया ने 6 विकेट खोकर 343 रन बना लिए थे। सचिन तेंदुलकर ने न सिर्फ टीम इंडिया के लिए मैच बचाया बल्कि वह टेस्ट शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बने। उनकी उम्र तब 17 साल 112 दिन थी तेंदुलकर ने टेस्ट करियर में कुल 51 शतक जमाए, जिसमें से इंग्लैंड के खिलाफ 32 मैचों में 7 शतक जमाए। सचिन ने ‘थ्री लायंस’ के नाम से जानी जाने वाली इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में लीड्स में खेले गए टेस्ट में 193 रन की पारी खेली। यह मैच भारत ने एक पारी और 46 रन से जीता। इंग्लैंड के खिलाफ सचिन तेंदुलकर की यह सर्वश्रेष्ठ पारी भी रही।

  • महिलाओं के इवेंट्स पुरुषों से ज्यादा राष्ट्रमंडल खेल-2022 में

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    बर्मिंघम में 2022 में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की पदक स्पर्धाएं पुरुषों की स्पर्धाओं से ज्यादा होंगी। इन खेलों में हाल ही में महिला क्रिकेट, बीच वॉलीबाल और पैरा टेबल टेनिस को शामिल किया गया है, जिससे महिलाओं की पदकों स्पधार्ओं की संख्या 135 हो गई है। जबकि पुरुषों की 133 है। बर्मिंघम में होने वाला यह पहला आयोजन होगा, जिसमें महिलाओं की पदक स्पर्धाएं पुरुषों से ज्यादा होंगी। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में पिछले साल आयोजित किए गए राष्ट्रमंडल खेलों में दोनों वर्गों में समान पदक स्पर्धाएं थीं।

    राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) की अध्यक्ष डेम लाउइसे मार्टिन ने हालांकि कहा है कि ऐसा सोच कर नहीं किया गया, बल्कि यह इत्तेफाक से हो गया। उन्होंने कहा कि सीजीएफ को यह तब पता चला जब उन्होंने खेलों के पूरे कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। उन्होंने हालांकि इस बात को माना कि यह चीज बहुत पहले उनके दिमाग में चल रही थी।

    उन्होंने कहा, “यह हमेशा से मेरे दिमाग में चल रहा था, क्योंकि हम काफी पीछे थे। जब मैं खेला करती थी तब महिलाओं की सिर्फ दो प्रतिस्पर्धा एथलेटिक्स और तैराकी हुआ करती थीं। लेकिन समय के साथ इसमें बढ़ोत्तरी हुई है।”

    उन्होंने कहा, “पदकों में संतुलन बनाए रखना हमारे दिमाग में नहीं था। हमारा ध्यान सिर्फ इस बात पर था कि कौनी-सी स्पधार्एं कार्यक्रम में ठीक बैठेंगी। इसे पूरा करने के बाद जब हमने देखा तो हमें पता चला कि इसमें महिलाओं की पदक स्पधार्एं पुरुषों से ज्यादा हैं। हमें दोबारा देखना पड़ा। पिछले सप्ताह हम इस बात को लेकर सुनिश्चित हुए।”

    2022 राष्ट्रमंडल खेलों में महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है। क्रिकेट का सबसे छोटा प्रारूप टी-20 इन खेलों में आयोजित किया जाएगा।

     

  • खाली हाथ लौटेगी टीम,तीन साल में पहली बार हुआ ऐसा

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    भारती बघेल 3-1 से बढ़त हासिल करने के बावजूद शुक्रवार को यहां किर्गीस्तान की नुराइदा अनारकुलोवा से हार गई। जिससे भारतीय महिला टीम को विश्व जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में तीन साल में पहली बार खाली हाथ लौटना होगा।

    भारती ने 57 किग्रा के इस मुकाबले में आक्रामक रवैया अपनाया और उन्होंने 2-0 की बढ़त बना ली। पहले पीरियड के बाद वह 2-1 से बढ़त पर थी। उन्होंने इसके बाद अपने खाते में एक और अंक जोड़, लेकिन नुराइदा ने इसके बाद शानदार वापसी करके स्कोर 3-3 से बराबर किया। नुराइदा ने आखिरी अंक बनाया था इसलिए उन्हें विजेता घोषित किया गया।

    पूजा के पास भी पदक की दौड़ में पहुंचने का मौका था लेकिन वह रेपेचेज में उज्बेकिस्तान की शोखिदा अखमेदोवा से 1-6 से हार गई। इस साल केवल भारती और अंशु मलिक ही पदक दौर में पहुंची थी।

    पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन में दो बार के पदक विजेता सजन भानवाल 77 किग्रा में ईरान के मोहम्मद अजीज से 3-7 से हार गए, लेकिन वह कांस्य की दौड़ में बने हुए हैं। इसी तरह से सुनील कुमार (87 किग्रा) और अवेश कुमार (130 किग्रा) को भी रेपशेज दौर में खेलना होगा।

     

  • सिनसिनाटी मास्टर्स: जीता खिताब डेनिल मेदवेदेव और मेडिसन कीज ने

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    रूस के डेनिल मेदवेदेव ने सिनसिनाटी मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है, जबकि महिला एकल वर्ग में अमेरिका की मेडिसन कीज को खिताबी जीत मिली है। मेदवेदेव ने रविवार को खेले गए फाइनल में बेल्जियम के डेविड गोफिन को 7-6(3), 6-4 से मात दे फाइनल की ट्रॉफी उठाई। यह उनका पहला एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब है।

    इस नौवीं वरीयता प्राप्त रूसी खिलाड़ी ने अंतिम गेम में ब्रेक प्वॉइंट बचाने के बाद ऐस जमाकर जीत दर्ज की। इससे पहले वह वॉशिंगटन में निक किर्गियोस और मॉन्ट्रियल में राफेल नडाल से फाइनल मुकाबला हार गए थे। मेदवेदेव ने सेमीफाइनल में मौजूदा चैंपियन नोवाक जोकोविच को हराया था।

    “इस जीत के लिए मुझे शब्द नहीं मिल रहे हैं। यह उस मेहनत का नतीजा है जो मैं इतने दिनों से कर रहा था। लगातार तीन फाइनल हारना सही नहीं होता, इसलिए मैं इस जीत के लिए काफी खुश हूं।” उन्होंने कहा, ”आखिर में ट्रॉफी जीतना एक शानदार अहसास है। मैं काफी थक चुका हूं। मैं अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं, लेकिन दर्शकों ने मेरे अंदर ऊर्जा का संचार किया।”

    कुजनेत्सोवा को हराकर मेडिसन कीज बनी चैंपियन
    महिला एकल वर्ग के फाइनल में कीज ने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा को 7-5, 7-6(5) से हराकर इस सीजन का अपना दूसरा खिताब जीता। वर्ष 2017 में यूएस ओपन के फाइनल में पहुंचने वाली कीज के करियर का यह पांचवां और इस सत्र का दूसरा खिताब है। उन्होंने अप्रैल में चार्ल्सटन ओपन का खिताब जीता था।

    चोट से उबरने के बाद वापसी कर रही कुजनेत्सोवा की कीज ने दोनों सेट में 10वें गेम में सर्विस तोड़ी। विंबलडन में दूसरे दौर में बाहर होने और हाल में दो टूर्नामेंट में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ने वाली कीज ने कहा, ”अगर मेरी टीम एक सप्ताह पहले मुझसे कहती कि मैं यहां चैंपियन बनूंगी तो मैं उनकी हंसी उड़ा देती।”

    मैच के बाद कीज ने कहा, “यह निश्चित तौर पर मेरे द्वारा अभी तक जीता गया सबसे बड़ा खिताब है। शुरुआत से काफी मुश्किल ड्रॉ था। पहले राउंड से ही मैंने कई बड़ी खिलाड़ियों का सामना किया। मुझे निश्चित तौर पर लगता है कि मैंने इस सप्ताह लगातार अच्छी टेनिस खेली है।”

     

  • PKL 2019 : जयपुर पिंक पैंथर्स को यूपी योद्धा ने हराया

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    यूपी योद्धा ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सातवें सीजन में सोमवार को यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जयपुर पिंक पैंथर्स को 31-24 से शिकस्त दी। यूपी की यह नौ मैचों के बाद तीसरी जीत है और वह 22 अंकों के साथ आठवें नंबर पहुंच गई है। जयपुर की यह दूसरी हार है और टीम अभी भी 31 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर कायम है।

    यूपी के लिए सुरेंदर गिल ने आठ प्वॉइंट्स जबकि जयपुर पिंक पैंथर्स की ओर से कप्तान दीपक हुड्डा ने नौ अंक बटोरे। यूपी योद्धा की टीम पहले हाफ में 16-1० से आगे थी। टीम ने दूसरे हाफ में भी अपनी बढ़त को कायम रखते हुए जीत अपने नाम कर ली। यूपी को रेड से 18, टैकल से 11 और ऑलआउट से दो अंक मिले। जयपुर को रेड से 11 और टैकल से नौ अंक हासिल हुआ।

    वहीं एक अन्य मुकाबले में हरियाणा स्टीलर्स की टीम ने विकास कंडोला के एक और शानदार प्रदर्शन के दम पर प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सातवें सीजन में सोमवार को यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए लीग के अपने नौंवे मैच में यू-मुम्बा को 30-27 से मात दी।

    इस जीत के बाद हरियाणा की टीम अंक तालिका में नौ मैचों में पांच जीत के साथ 26 अंक लेकर पांचवें नंबर पर पहुंच गई है। यू-मुम्बा की टीम ने मैच की शुरुआत में ही तीन प्वॉइंट्स की बढ़त बना ली।

     

  • ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट के फाइनल में भारत

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    स्ट्राइकर मनदीप सिंह की हैट्रिक की मदद से भारतीय हॉकी टीम ने जापान को 6.3 से हराकर ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। भारत को तीसरे मैच में न्यूजीलैंड ने 2.1 से हराया था। अब फाइनल में बुधवार को भारतीय टीम का सामना न्यूजीलैंड से ही होगा। मनदीप ने नौवें, 29वें और 30वें मिनट में गोल दागे जबकि नीलाकांता शर्मा ने तीसरे, नीलम संजीप सेस ने सातवें और गुरजंत सिंह ने 41वें मिनट में गोल किए।

    जापान के लिए केंतारो फुकुडा (25वां), केंता तनाका (36वां) और काजुमा मुराता (52वां) ने गोल किए। नीलाकांता ने भारत को शानदार शुरूआत दिलाते हुए तीसरे ही मिनट में फील्ड गोल दागा। शुरूआती बढत बनाने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय टीम ने जापानी डिफेंस पर दबाव बनाये रखा। भारत को सातवें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर नीलम ने बढ़त दुगुनी कर दी।

    भारत ने लगातार आक्रामक खेल जारी रखा और नौवें मिनट में मनदीप ने टीम का तीसरा गोल किया। जापान ने पहले क्वार्टर के आखिरी मिनटों में जवाबी हमले में पेनल्टी कॉर्नर बनाया, लेकिन गोल नहीं कर सका।

    दूसरे क्वार्टर में जरमनप्रीत सिंह का शॉट पोस्ट के बाहर से निकल गया। वहीं कप्तान हरमनप्रीत सिंह के सटीक शॉट को जापानी गोलकीपर तकाशी योशिकावा ने बखूबी बचाया। जापान के लिए पहला गोल 25वें मिनट में फुकुडा ने किया। इसके बाद हालांकि मनदीप ने लगातार दो गोल करके भारत की बढत 5.1 की कर दी।

    जापान ने तीसरे क्वार्टर की आक्रामक शुरूआत की। तनाका ने 36वें मिनट में फील्ड गोल किया। भारत के लिये गुरजंत ने 41वें मिनट में छठा गोल दागा। जापान के लिए तीसरा गोल मुराता ने हूटर से आठ मिनट पहले किया।

    बता दें कि भारत ने प्रतियोगिता के पहले मैच में मलेशिया के खिलाफ 6-0 से शानदार जीत दर्ज की थी, लेकिन दूसरे मैच में उसे न्यूजीलैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। एक करीबी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 2-1 से हराया था। भारत इस जीत के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया जबकि न्यूजीलैंड शीर्ष पर है।