Category: sports

  • PKL 2019 : 20-20 से टाई तेलुगू टाइटंस, यूपी योद्धा का मैच

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    प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सीजन-7 में शुक्रवार को तेलुगू टाइटंस और यूपी योद्धा का मैच बराबरी पर समाप्त हुआ। एनएससीआई सीएवीपी स्टेडियम में खेले गए इस मैच का स्कोर 2०-2० रहा। टाइटंस के लिए सिद्धार्थ देसाई ने पांच अंक लिए जबकि फरहाद मिलातघारदान और अबोजर मिघानी ने चार-चार अंक अपने खाते में डाले।

    यूपी के लिए अमित, श्रीकांत जाधव और नितेश कुमार ने चार-चार अंक अपने खाते में डाले। मैच शुरू से ही रोमांचक रहा और दोनों टीमें एक दूसरे को पीछे करने की कश्मकश में अधिकतर समय स्कोर बराबर कर बैठीं।

    पहले हाफ में आठवें मिनट तक टाइटंस की टीम 7-3 से आगे थी, लेकिन 12वें मिनट तक योद्धा ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। टाइटंस फिर 11-7 से आगे हुई, लेकिन योद्धा ने चार मिनट में चार अंक लेकर पहले हाफ का अंत 11-11 के स्कोर के साथ किया।

    दूसरे हाफ में मुकाबला और रोचक हो गया। स्कोर 14-14 से बराबर था। यहां से फिर 35वें मिनट तक टाइटंस ने 18-15 की बढ़त ले ली थी। कुछ ही मिनटों में योद्धा ने फिर स्कोर 18-18 से बराबर कर दिया और इस मुकाबले का अंत भी बराबरी पर ही समाप्त हुआ।

     

  • तीन महीने का लगा बैन स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी पर

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    अर्जेंटीना के महान फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉस से तीन महीने के लिए बैन कर दिया गया है। कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में चिली के खिलाफ तीसरे पायदान के लिए खेले गए मैच में मेसी को रेड कार्ड मिला था, जिसके बाद उन्होंने कहा था टूर्नामेंट को ब्राजील के लिए फिक्स किया गया है। बीबीसी के अनुसार, 32 साल के मेसी पर प्रतिबंध के अलावा, कोनमेबोल ने 50,000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। मेसी के पास इस प्रतिबंध के खिलाफ अपील करने के लिए सात दिनों का समय है।

    इस बैन के कारण मेसी सितंबर और अक्टूबर में चिली, मेक्सिको और जर्मनी के खिलाफ होने वाले दोस्ताना मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे। अर्जेंटीना अगले साल मार्च में अपने 2022 विश्व कप क्वॉलिफाइंग अभियान की शुरुआत करेगी।

    बता दें कि मेसी खेल के 37वें मिनट में चिली के गैरी मेडल से भिड़ गए थे। इन दोनों को बाहर कर दिया गया था। अर्जेंटीना ने यह मैच 2-1 से जीता था। दक्षिण अमेरिका में विश्व कप क्वॉलिफाईंग मैच अगले साल मार्च से शुरू होंगे।

    मेजबान टीम के खिलाफ सेमीफाइनल में दो मौकों पर पेनल्टी नहीं मिलने से खफा मेसी ने कहा था कि ब्राजील इन दिनों सीओएनएमईबीओएल में बहुत कुछ नियंत्रित कर रहा है। ब्राजील ने इस मुकाबले में अर्जेंटीना को 2-0 से हराया था। अगले मुकाबले में रेफरी ने उन्हें मैदान से बाहर कर दिया जिसके बाद वह अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख सके। टीम की 2-1 से जीत के बाद उन्होंने आरोप लगाया, ”भ्रष्टाचार और रेफरी लोगों को फुटबॉल का लुत्फ से रोक रहे हैं और वे इसे बर्बाद कर रहे हैं।”

    सीओएनएमईबीओएल ने अपनी वेबसाइट के जरिये जारी बयान में कहा कि यह प्रतिबंध उनके अनुशासनात्मक नियमों की धारा 7.1 और 7.2 से संबंधित है। इस धारा का मतलब आक्रामक, अपमानजनक व्यवहार या किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन से हैं।

    एक अन्य धारा में न्यायिक निकायों के निर्णयों, निर्देशों या आदेशों का उल्लंघन करना शामिल हैं। इस प्रतिबंध का उन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि इस दौरान अर्जेंटीना को कुछ दोस्ताना मुकाबले खेलने है। अर्जेंटीना का अगला प्रतिस्पर्धी मैच 2022 विश्व कप के लिए दक्षिण अमेरिकी क्वालीफायर में होगा जो अगले साल मार्च में शुरू होगा।

     

  • मुक्केबाजी : लवलिना बोरगोहेन और नीरज ने हासिल किये स्वर्ण पदक

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    भारत की महिला मुक्केबाज लवलिना बोरगोहेन और नीरज ने शनिवार को रूस के कासपियस्क में मोगामेड सलाम उमाखानोव मेमोरियल अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूनार्मेंट में अपने-अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल की। लवलिना ने 69 किलोग्राम भारवर्ग और नीरज ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीते।

    पुरुष वर्ग में गौरव सोलंकी को 56 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। लवलिना ने इटली की असुंटा कैनफोरा को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से मात देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन्हीं कैनफोरा ने इंडिया ओपन में लवलिना को मात दी थी, जिसका बदला आज भारतीय मुक्केबाज ने लिया।

    सेमीफाइनल में पूर्व विश्व विजेता को मात देने वाली नीरज ने फाइनल में रूस की मलिका शाखीडोवा को 3-0 से मात दी। इस मैच में दो रैफरियों ने दोनों मुक्केबाजों को बराबर 28-28 अंक दिए हैं। पुरुष वर्ग में गौरव सोलंकी 56 किलोग्राम भारवर्ग में उज्बेकिस्तान के अब्दुलखाए शाराखामाटोव से 0-5 से हार कर रजत पदक पर ही रुक गए।

    एशियाई चैम्पियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता पूजा रानी 75 किलोग्राम भारवर्ग में स्थानीय खिलाड़ी एना एनफिनोजेनोवा से सेमीफाइनल में मात खाकर कांस्य पदक तक ही सीमित रह गईं। पुरुष वर्ग में गोविंद सहानी (49 किलोग्राम भारवर्ग) और जॉनी (60 किलोग्राम भारवर्ग) को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।

  • PKL 2019: बेंगलुरु ने बंगाल से पवन के 29 अंकों के दम पर छीनी जीत

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    पवन सहरावत के शानदार 29 अंकों के दम पर मौजूदा चैंपियन बेंगलुरु बुल्स ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सातवें सीजन के रोमांचक मैच में यहां पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में शनिवार को बंगाल वॉरियर्स को 43-42 से हरा दिया।

    बंगाल की टीम पहले हाफ की समाप्ति तक 21-18 से आगे थी। दूसरे हाफ के 1०वें मिनट में भी बंगाल की टीम के पास 10 अंकों की बढ़त थी और उसका स्कोर 35-25 था। लेकिन बेंगलुरु ने दूसरे हाफ के अंतिम मिनटों में जोरदार वापसी की।

    मैच के 36वें मिनट में बेंगलुरु ने 40-40 से बराबरी हासिल कर ली और फिर उसने लगातार तीन अंक लेते हुए बंगाल के मुंह से जीत छीन ली।  बेंगलुरु की जीत के हीरो रहे पवन ने मैच में सबसे ज्यादा 29 अंक लिए। उनके अलावा सौरभ नंदल ने छह अंक लिए। बेंगलुरु की चार मैचों में यह दूसरी जीत है।

    बेंगलुरु को रेड से 31, टैकल से आठ और ऑलआउट से चार अंक मिले। बंगाल के लिए के प्रापंजन ने 12 और मनिंदर ने 11 अंक लिए। टीम को रेड से 29, टैकल से छह, आलआउट से चार और तीन अतिरिक्त अंक मिले।

     

  • जुनून : 2 गोल्ड व 1 सिल्वर मेडल झटके घर से भागकर आए दृष्टिहीन तैराक ने

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    पांच साल पहले घर से भागकर दिल्ली आए दृष्टिहीन मुन्ना शाह ने दिल्ली पैराओलंपिक तैराकी स्पर्धा में दो स्वर्ण और एक रजत पदक झटका। बिहार के छपरा से दिल्ली पहुंचे मुन्ना की स्वर्णिम सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और लगन शामिल है। तैराकी प्रतियोगिता दिल्ली के रोहिणी में 4 अगस्त को समाप्त हुई। वह कबड्डी के भी बेहतर खिलाड़ी हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इस खेल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

    वर्तमान में बरौला में रह रहे मुन्ना शाह ने दिल्ली पैरालंपिक तैराकी के 50 और 100 मीटर फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 50 मीटर बैक स्ट्रोक में रजत जीता। वह राष्ट्रीय पैरालंपिक कबड्डी में दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2017 में दिल्ली को इस प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला था। वहीं राष्ट्रीय तैराकी पैरालंपिक 2017 में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया है। मुन्ना छपरा के तिवारी टोला गांव के निवासी हैं।

    मुन्ना बताते हैं कि 2014 में भाई-भाभी से लड़कर दिल्ली भाग आया। यहां मेरे एक भाई रहते थे। उनके घर रहा। इससे पहले मैं आठवीं पास कर चुका था, लेकिन आंखें खराब होने के बाद आगे नहीं पढ़ सका। जब मैं दिल्ली आया तो मेरी उम्र 21 साल थी। मैंने ओपन से दसवीं की पढ़ाई की। इसके बाद बैंक में नौकरी के लिए आवेदन किया। यहां दो साल से स्वच्छता सहायक के रूप में काम कर रहा हूं।

    पहली बार दूसरा स्थान मिला : मुन्ना शाह बताते हैं कि जब मैं दिल्ली आया तो निजामुद्दीन के पास नेत्रहीनों के स्कूल में भाई ले गए, लेकिन अधिक उम्र को देखते हुए मुझे वहां विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण देना शुरू किया गया। इसके बाद मुझे बताया गया कि ओपन से मैं परीक्षा दे सकता है। ऐसे में दसवीं कक्षा की परीक्षा दी और पास हो गया। वर्ष 2016 में एक मित्र ने मुझे रोहिणी में प्रदेश पैरालंपिक तैराकी प्रतियोगिता के बारे में बताया। इसमें भाग लिया, लेकिन दूसरा स्थान मिला। इसके बाद 2017 में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो रजत पदक जीता।

    14 की उम्र में गई आंखों की रोशनी 

    एक गंभीर बीमारी के कारण 14 साल की उम्र में ही मुन्ना की आंखों की रोशनी चली गई थी। इससे पहले वह नियमित रूप से तालाब में तैराकी किया करते थे। आंखों की रोशनी जाने के बाद भी वह तैराकी करते रहे, जिसका लाभ उन्हें प्रतियोगिताओं में मिला। इससे पहले भी मुन्ना तैराकी की कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। मुन्ना बताते हैं कि उनकी आंखों की नसें सूख गई थीं और इसके कारण ही रोशनी चली गई।

     

  • डेविस कप मुकाबले के लिए पाकिस्तान के खिलाफ सभी भारतीय टीम का ऐलान

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    प्रजनेश गुणेश्वरन की अगुआई में सभी शीर्ष खिलाड़ियों को सोमवार को भारत की डेविस कप टीम में जगह दी गई जो पाकिस्तान के खिलाफ उसी की सरजमीं पर खेलने जाएगी। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की चयन समिति के अध्यक्ष रोहित राजपाल ने हालांकि कहा कि वे सुमित नागल की अनुपलब्धता के मामले पर गौर करेंगे। शीर्ष एकल और युगल खिलाड़ियों का चयन लगभग तय था, जिसके कारण टीम में किसी हैरान करने वाले नाम को जगह नहीं मिली।

    प्रजनेश गुणेश्वरन और रामकुमार रामनाथन एकल में भारत की चुनौती की अगुआई करेंगे, जबकि इस्लामाबाद में 14-15 सितंबर को ग्रास कोर्ट पर होने वाले मुकाबले में रोहन बोपन्ना और दिविज शरण युगल जोड़ी बनाएंगे। चोट के कारण नागल के खुद को अनुपलब्ध रखने के कारण पांच सदस्यीय समिति ने माइनेनी को चुना जो रैंकिंग में अगले सर्वश्रेष्ठ भारतीय खिलाड़ी हैं और एकल तथा युगल दोनों मुकाबलों में खेल सकते हैं।

    युवा और प्रतिभावान शशि कुमार मुकुंद को रिजर्व सदस्य के रूप में चुना गया है। राजपाल और बलराम सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया जबकि जीशान अली, नंदन बल और अंकिता भांबरी टेलीकांफ्रेंस के जरिये जुड़े।

    माइनेनी भारत के पिछले मुकाबले की टीम में शामिल थे, जब भारत ने पिछले साल कलकत्ता साउथ क्लब के ग्रास कोर्ट पर इटली की मेजबानी की थी और टीम को 1-3 से हार झेलनी पड़ी। उन्होंने हालांकि इस मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला था। माइनेनी पिछली बार सितंबर 2018 में खेले थे जब भारत ने विश्व ग्रुप प्ले आफ के लिए सर्बिया का दौरा किया था। माइनेनी और बोपन्ना की जोड़ी को तब निकोला मिलोजेविच और डेनिलो पेत्रोविच की जोड़ी के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा था।

    माइनेनी ने पिछले हफ्ते हमवतन अर्जुन काधे के साथ मिलकर चेंग्दू चैलेंजर का खिताब जीता था, लेकिन एकल में उनका प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा है और चैलेंजर टूर पर वह 14 टूर्नामेंटों में सिर्फ एक बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे।

    राजपाल ने कहा, ”इस बार चयन में अधिक माथापच्ची नहीं हुई। हमें एक ऑलराउंडर की जरूरत थी इसलिए माइनेनी को चुना गया। उसकी सर्विस दमदार है और वह घास पर अच्छा खेलता है। नागल की अनुपलब्धता के बारे में पूछने पर राजपाल ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी ने उन्हें लिखा है कि जर्मनी में उनका टखना मुड़ गया था।

    राजपाल ने कहा, ”उसने ईमेल भेजा है कि वह चोटिल है। चोटिल खिलाड़ी को मुकाबले के लिए ले जाना सबसे बदतर स्थिति होगी लेकिन हम सिर्फ पत्र को स्वीकार नहीं करने वाले। वे दिन लद गए। हम चिकित्सकीय प्रमाण पत्र मांगेंगें। अगर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम से खुद को अनुपलब्ध रख रहे हैं तो यह गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा, ”हमें देखना होगा कि यह वास्तविक मामला है। अगर वह वास्तव में चोटिल है तो ठीक है लेकिन अगर वह चोट का झूठा बहाना बना रहा है तो मैं इसे रिकॉर्ड में लाऊंगा और इस मामले को एआईटीए की कार्यकारी समिति के समक्ष उठाऊंगा। हम देख रहे हैं। यह स्वीकार्य नहीं है।

    भारत को अब तक पाकिस्तान के खिलाफ छह डेविस कप मुकाबलों में एक बार भी हार का सामना नहीं करना पड़ा है और माना जा रहा है कि यह रिकॉर्ड बरकरार रहेगा क्योंकि पाकिस्तान के एक भी खिलाड़ी को एटीपी रैंकिंग में जगह नहीं मिली है। भारत के प्रजनेश एकल रैंकिंग में दुनिया के 90वें जबकि रामकुमार 184वें नंबर के खिलाड़ी हैं। माइनेनी की रैंकिंग 271 है।

    पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी युगल में दुनिया के 55वें नंबर के खिलाड़ी हैं। बोपन्ना और ऐसाम ने एक समय मजबूत जोड़ी बनाई थी जिसे मीडिया ने ‘इंडो-पाक एक्सप्रेस का नाम दिया था। इस जोड़ी ने 2010 में अमेरिकी ओपन के फाइनल में जगह बनाई लेकिन ब्रायन बंधुओं माइक और बाब के खिलाफ हार गए।

    राजपाल ने कहा, ”निश्चित तौर पर हमारी टीम मजबूत है लेकिन हम पाकिस्तान को हल्के में नहीं लेंगे। यह पूछने पर कि क्या घास पर अच्छा खेलने वाले माइनेनी को मुकाबले के पहले दिन खेलने को मिलेगा, कोच जीशान अली ने कहा, ”हम मुकाबले से पहले हालात और खिलाड़ियों की फॉर्म देखेंगे। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। एशिया/ओसियाना ग्रुप एक मुकाबले का विजेता अगले साल विश्व ग्रुप क्वॉलिफायर में जगह बनाएगा।

    भारतीय टीम इस प्रकार है:

    प्रजनेश गुणेश्वरन, रामकुमार रामनाथन, साकेत माइनेनी, रोहन बोपन्ना और दिविज शरण।
    कप्तान: महेश भूपति
    कोच: जीशान अली।

     

  • भूटिया राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के चयन के लिये 12 सदस्यीय पैनल में मेरीकाम

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    परंपरा से हटते हुए खिलाड़ियों और कोचों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार देने का फैसला इस साल एक 12 सदस्यीय पैनल द्वारा किया जायेगा जिसमें छह बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज एम सी मेरीकाम और पूर्व फुटबाल कप्तान बाईचुंग भूटिया शामिल हैं। खेल पुरस्कार 29 अगस्त को हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के मौके पर दिये जाते हैं जिसे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ”इस साल हम सभी पुरस्कारों के लिये एक चयन समिति के विचार को आजमा रहे हैं। हमें लगता है कि ज्यादा समितियां गैर-जरूरी हैं क्योंकि इससे चीजें मुश्किल ही होती हैं और विवाद उत्पन्न होते हैं। इस 12 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुकुंदकम शर्मा करेंगे जिसमें खेल सचिव राधे श्याम झूलानिया, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान, टारगेट ओलंपिक पोडियम प्रणाली (टॉप्स) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमांडर राजेश राजागोपालन, मेरीकाम, भूटिया, महिला क्रिकट की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा, लंबी कूद की पूर्व एथलीट अंजू बॉबी जार्ज और टेबल टेनिस कोच कमलेश मेहता शामिल हैं।

    इसके अलावा समिति में मीडिया से भी दो प्रतिनिधित्व होंगे जो टाइम्स ग्रुप (डिजिटल) के प्रधान संपादक राजेश कालरा और मशहूर खेल कमेंटेटर चारू शर्मा हैं। पिछले चरणों के विपरीत यह समिति सभी राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों -राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार (कोचों के लिये), ध्यानचंद्र पुरस्कार (लाइफटाइम अचीवमेंट) और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार- के विजेताओं का चयन करेगी।

    इतने विलम्ब के बाद बुधवार को चयन समिति तय की गयी। सूत्र ने कहा, ”हां, हम जानते हैं कि इस समिति को गठित करने में हमें थोड़ी देर हो गयी लेकिन अभी पुरस्कार विजेताओं को चुनने के लिये हमारे पास काफी समय है। अधिकारी ने यह भी बताया कि चयन समिति की पहली बैठक अगले हफ्ते के शुरू में होगी। हफ्ते के अंत तक विजेताओं के नाम की घोषणा की संभावना है।

     

  • उसेन बोल्ट और विराट कोहली के क्लब में हुईं शामिल दुती चंद

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    स्पोर्ट्स ब्रांड प्यूमा ने भारतीय महिला धावक दुती चंद के साथ करार किया है। दुती पहली बार किसी एक्सल्यूसिव ब्रांड से जुड़ी हैं। दुती हर एक दिन तेज, मजबूत और बेहतर धावक बनने के लिए प्यूमा के कस्टम-मेड परफॉर्मेंस गियर का उपयोग करेंगी। 23 वर्षीय दुती ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व किया है और रिकॉर्ड बनाते हुए कई पदक भी जीते हैं। वह ओलम्पिक में महिलाओं की 100 मीटर रेस के लिए क्वालीफाई करने वाली तीसरी भारतीय महिला धावक हैं। वह विश्व यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट भी हैं। उन्होंने इस प्रतियोगिता में हाल में 11.32 सेकंड का समय निकालते हुए सबको चौंका दिया।

    उसेन बोल्ट और विराट कोहली भी हैं प्यूमा के ब्रैंड एंबेसडर
    दुती ने कहा, ‘मैं पहली बार किसी एक्सक्लूसिव ब्रैंड से जुड़ी हूं और मैं रोमांचित हूं कि क्योंकि यह एक ऐसी कम्पनी है जिसने उसेन बोल्ट जैसे दिग्गज एथलीटों के साथ काम किया है। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि प्यूमा विभिन्न एथलीटों को प्रोत्साहित करता है और भारत में ब्रांड का प्रतिनिधित्व करने के लिए मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए मैं उनकी आभारी हूं। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है और मैं प्यूमा के साथ अपने जुड़ाव को लेकर उत्साहित हूं।’ प्यूमा इंडिया के प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली ने कहा, ‘दुती की सफलता ट्रैक पर उनकी असाधारण शक्ति और असाधारण एथलेटिक क्षमताओं का परिणाम है। वह उन सब गुणों का प्रतिनिधित्व करती है जो एक ब्रांड के रूप में हममें मौजूद हैं।’

     

  • महिला टेनिस: सेरेना पहुंची रोजर्स कप के सेमीफाइनल में, हालेप रिटायर हर्ट

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    अमेरिका की महान टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने यहां रोजर्स कप के महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, सिमोना हालेप रिटायर्ड हर्ट हो गए हैं। विलियम्स ने शुक्रवार रात शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान की नाओमी ओसाका को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 से पराजित किया। पूरे मैच में विलियम्स का खेल शानदार रहा और ओसाका एक बार भी उनकी सर्विस ब्रेक नहीं कर पाई। फ्लशिंग मिडोज पर अमेरिकी ओपन की तैयारियों में जुटी सेरेना इस तरह अपने चौथे टोरंटो खिताब की उम्मीद लगाए हैं, जिस पर उन्होंने 2001, 2011 और 2013 में जीत हासिल की थी।

    इस हार के बावजूद ओसाका डब्ल्यूटीए रैंकिंग में पहले पायादन पर बनी रहेंगी। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए इस मैच के दौरान तेज हवाएं चल रही थीं, लेकिन विलियम्स ने अपने खेल का स्तर गिरने नहीं दिया।

    पहले सेट में आसान जीत दर्ज करने के बाद दूसरे सेट में भी विलियम्स ने बेहतरीन शुरुआत की और 2-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद, उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ओसाका के खिलाफ सेरेना की यह पहली जीत है, दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक तीन मुकाबले हो चुके हैं।

    विलियम्स ने कहा, “हम न्यूयॉर्क के बाद से नहीं खेले, पिछले मैच में ओसाका का प्रदर्शन दमदार रहा था। मैं इस बार सिर्फ  मैच खेलकर जीतना चाहती थी क्योंकि वह मुझे दो बार मात दे चुकी हैं इसलिए मैं आज अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी।” सेमीफाइनल में विलियम्स का सामना चेक गणराज्य की मैरी बोउजकोवा के खिलाफ होगा।

     

  • कश्मीर के फुटबॉलरों ने घर बात नहीं हुई तो भेजे संदेश रिकॉर्ड करके

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    जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद उपजे हालात में रियाल कश्मीर फुटबॉल क्लब से खेल रहे राज्य के फुटबॉलरों का संपर्क भी अपने परिवारों से कट गया। चार दिन से बात न हो पाने के बाद खिलाडि़यों ने अपने संदेश रिकॉर्ड करके परिजनों को भेजे हैं।

    आईलीग में खेलने वाले कश्मीर के पहले फुटबॉल क्लब की टीम फिलहाल कोलकाता में है। खिलाड़ी अनुच्छेद 370 हटने से एक दिन पहले ही डूरंड कप खेलने के लिए कोलकाता आए थे, पर अचानक हालात बदल गए। टीम में पांच खिलाड़ी श्रीनगर के हैं, जबकि एक का परिवार जम्मू में है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक क्लब के मालिक शमीम मेहराज और संदीप चाटू ने खिलाडि़यों की परेशानी को दूर करने के लिए गुरुवार को अपने एक अधिकारी को कोलकाता से कश्मीर भेजने का फैसला किया। जो वहां जाकर उनका हाल-चाल पता करेगा और खिलाडि़यों के रिकॉर्ड किए हुए संदेश भी परिवार वालों तक पहुंचाएगा। वह परिजनों के संदेश लेकर 10 अगस्त को कल्याणी वापस पहुंचेगा। हालांकि इस सबका असर टीम ने प्रदर्शन पर नहीं आने दिया। कश्मीर ने बुधवार को डूरंड कप के अपने पहले मैच में आई लीग की चैंपियन चेन्नई को 1-0 से मात दी थी।

    कश्मीर का पहला राष्ट्रीय फुटबॉल क्लब
    रियाल कश्मीर आई लीग में भाग लेने वाला राज्य का पहला फुटबॉल क्लब बना। इस क्लब की जीत कश्मीरियों के लिए खुशी का जरिया बन गई। टीम के मैचों के दौरान स्थानीय दर्शक बड़ी तादाद में श्रीनगर के टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (टीआरसी) मैदान में पहुंचते हैं। 15 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस मैदान पर घरेलू टीम के सभी मैच होते हैं।

    हिन्दू और मुस्लिम एकता की बेहतरीन मिसाल 
    रियाल क्लब सांप्रदायिक एकता की बेहतरीन मिसाल है। क्लब के मालिक शमीम मेहराज और संदीप चाटू ने स्थानीय युवाओं को मौका देने के लिए क्लब का गठन किया। उन्होंने स्कॉटलैंड के नामी कोच डेविड रॉबर्टसन के मार्गदर्शन में बेहतरीन टीम तैयार की। बाद में सरकार से भी उन्हें मदद मिली। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पिछले दिनों टीम को दो करोड़ रुपये का चेक दिया था। शमीम कहते हैं कि टीम को लंबा सफर तय करना है। हम टीम को देश और बाहर शीर्ष पर देखना चाहते हैं।

    यह भी जानें
    – 2016 में स्नो लेपर्ड्स के नाम से मशहूर इस क्लब स्थापना में हुई थी
    – आई-लीग में भाग लेने वाला कश्मीर का पहला क्लब बना
    – 2016 में टीम ने डूरंड कप में भाग लिया था और अच्छी सफलता मिली
    – 1960 के दशक के बाद से जम्मू-कश्मीर में फुटबॉल सबसे लोकप्रिय रहा है

    शुरू से कमाल
    – 2017-18 में आई-लीग के सेकेंड डिविजन का खिताब जीता
    – 2018-19 में सीजन में फर्स्ट डिविजन में जगह बनाई
    – 37 अंकों से साथ टीम आई-लीग के पिछले सत्र में तीसरे स्थान पर रही