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  • ICC ने चुनी अपनी वर्ल्ड कप टीम , विराट कोहली को इस टीम में जगह नहीं

    ICC ने चुनी अपनी वर्ल्ड कप टीम , विराट कोहली को इस टीम में जगह नहीं

    नई दिल्ली । इंग्लैंड में संपन्न हुए वर्ल्ड कप 2019 के बाद आईसीसी ने अपनी वर्ल्ड कप टीम की चुनी है। इस टीम में सबसे ज्यादा इंग्लैंड से 4 खिलाड़ी चुने गए हैं। भारत से भी 2 खिलाड़ी यहां टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।

    लेकिन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को इस टीम में जगह नहीं मिली है। भारत की ओर से इस टूर्नमेंट में शानदार फॉर्म में रहे रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह को जगह मिली है।

    न्यू जीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को ICC ने अपनी वर्ल्ड कप टीम का कप्तान चुना है। इस टीम में सबसे ज्यादा 4 खिलाड़ी इंग्लैंड से, 2 भारत, 2 ऑस्ट्रेलिया, 1 बांग्लादेश से जबकि कप्तान विलियमसन समेत 3 खिलाड़ी न्यू जीलैंड से हैं। हालांकि ट्रेंट बोल्ट को 12वें खिलाड़ी के तौर पर इस टीम में जगह मिली है।

    ICC ने अपनी वर्ल्ड कप टीम में उन खिलाड़ियों को चुना है, जिन्होंने 7 सप्ताह तक चले इस टूर्नमेंट में अपने खेल से सभी को लगातार प्रभावित किया। भारत के ओपनिंग बल्लेबाज रोहित शर्मा ने टूर्नमेंट में 5 शतक समेत सर्वाधिक 648 रन बनाए। उनके बाद दूसरे ओपनर के तौर पर इंग्लैंड के जेसन रॉय को चुना गया। रॉय ने टूर्नमेंट में 115. 36 के स्ट्राइक रेट से 443 रन अपने नाम किए। वह वर्ल्ड कप के कुछ मैचों में चोट के कारण खेल भी नहीं पाए थे।

    नंबर 3 के लिए कीवी कप्तान केन विलियमसन को जगह मिली है। उन्हें कप्तान के रूप में चुना गया है। विलियमसन ने इस टूर्नमेंट में 578 रन अपने नाम किए। इस टूर्नमेंट में 82.57 के औसत से खेलने वाले विलियमेसन ने वर्ल्ड कप एक एडिशन में बतौर कप्तान सर्वाधिक रन बनाने की उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने श्रीलंका के माहेला जयवर्धने (2007) के रेकॉर्ड को अपने नाम किया।

    नंबर 4 पर यहां बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को जगह मिली है। शाकिब ने यहां बांग्लादेश के लिए नंबर 3 पर बैटिंग करने का फैसला किया था और उन्होंने 56.57 के औसत से 606 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने यहां 11 विकेट भी अपने नाम किए।

    टूर्नमेंट में 556 रन बनाने वाले जो रूट को 5वें स्थान पर चुना गया है। इसके अलावा इंग्लैंड को बेन स्टोक्स को छठे नंबर पर, ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी को 7वें नंबर, उनके तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को 8वें खिलाड़ी के तौर पर यहां जगह मिली है। इसके अलावा

    नंबर 9 पर इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप से ठीक पहले अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने वाले जोफ्रा आर्चर को भी जगह मिली है। नंबर 10 पर न्यू जीलैंड के लोकी फर्ग्युसन और 11 पर भारत के जसप्रीत बुमराह को जगह मिली है। 12वें खिलाड़ी के तौर पर तेज कीवी गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट को चुना गया है।

    हैरानी की बात ही कि आईसीसी की वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज विराट कोहली ने इस वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली है। कोहली ने इस वर्ल्ड कप में 442 रन बनाए थे। विराट ने इस वर्ल्ड कप में लगातार 5 हाफ सेंचुरी बनाई थीं। लेकिन इस वर्ल्ड कप में वह अपनी किसी भी पारी को शतक में तब्दील नहीं कर पाए।

     

  • ‘गोल्डन गर्ल’ बनी हिमा दास, ब्रैंड वैल्यू डबल, बरसा पैसा

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    नई दिल्ली। असम की 19 वर्षीय तेज धावक फीस एक ब्रैंड के लिए सालाना 30-35 लाख रुपये थी, जो अब 60 लाख रुपये सालाना पहुंच गई है। नीरव ने बताया कि आईओएस अब हिमा के लिए वॉच ब्रैंड, टायर, एनर्जी ड्रिंक ब्रैंड, कुकिंग ऑयल और फूड जैसी कैटेगरी के ब्रैंड से नई डील के लिए बात कर रहा है।

    फिलहाल, हिमा के मौजूदा एंडोर्समेंट में एडिडास स्पोर्ट्सवियर, एसबीआई, इडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉर्थ-ईस्ट की सीमेंट ब्रैंड स्टार सीमेंट शामिल हैं। यूरोप में एक महीने के भीतर लगातार पांचवां गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय धावक हिमा दास की एंडोर्समेंट फीस तीन हफ्तों के भीतर दोगुनी हो गई।

    हिमा का एक्सक्लूसिव तौर पर प्रतिनिधित्व करने वाली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फर्म आईओएस के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरव तोमर ने बताया, ‘पिछले तीन हफ्तों में लगातार शानदार प्रदर्शन करने की वजह से हिमा की ब्रैंड वैल्यू दोगुनी हो गई है। ब्रैंड एंडोर्समेंट का सीधा जुड़ाव प्रदर्शन और सेलिब्रिटी के नजर आने से जुड़ा होता है।

    उनकी दुनियाभर में सभी प्लेटफॉर्म पर चर्चा हो रही है।’ इंडस्ट्री पर नजर रखने वाले और टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों का कहना है कि भारत में किसी अन्य खेल के मुकाबले क्रिकेट खिलाड़ियों की फीस काफी ज्यादा है। हालांकि, अब अन्य खेलों के खिलाड़ियों के लिए स्थिति तेजी से बदल रही है।

    हिमा भारत में किसी स्पोर्ट्स ऐथलीट की ब्रैंड वैल्यू में सबसे तेज बढ़ोतरी है।ह्यूलेट पैकर्ड और पेप्सिको में मार्केटिंग के हेड रहे और बिजनेस और मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट लॉयड मैथायस मैथायस का कहना है, ‘ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर हिमा की हालिया सफलताएं असाधारण हैं। वह अगले साल होने वाले ओलिंपिक में और भी ज्यादा सफलता के लिए तैयार हैं।

    क्रिकेट के अलावा दूसरे खेल के खिलाड़ियों को भी क्रिकेटरों की तरह सम्मान और स्पॉन्सरशिप मिलनी चाहिए।’ महेंद्र सिंह धोनी इसके एक उदाहरण हैं। अपनी कप्तानी में 2007 और 2011 में वर्ल्ड कप जिताने वाले धोनी एक साल के एंडोर्समेंट के अमूमन 5-8 करोड़ रुपये लेते हैं।तोमर ने कहा, ‘चार शीर्ष क्रिकेटरों को छोड़कर ब्रैंड्स बड़े पैमाने नॉन-क्रिकेट स्पोर्ट्स को नोटिस कर रहे हैं।

    उन्हें अच्छी कीमत मिलती है और वे ब्रैंड्स को उनके इनवेस्टमेंट पर अच्छा रिटर्न देते हैं।’ सनसनीखेज धावक के रूप में उभरी हिमा को ‘धींग एक्सप्रेस’ भी कहा जाता है। उन्होंने शनिवार को चेक गणराज्य की नोव मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में सीजन-बेस्ट 52.09 सेकेंड के साथ अपना पांचवां स्वर्ण जीता। इसके बाद टाबर ऐथलेटिक्स मीट में 200 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।

  • Badminton:जापान ओपन से बाहर श्रीकांत और समीर

    Badminton:जापान ओपन से बाहर श्रीकांत और समीर

    भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी के श्रीकांत का खराब फॉर्म जापान ओपन में भी जारी रहा। उन्हें बुधवार को यहां पहले दौर में ही हमवतन एच एस प्रणय से हार का सामना करना पड़ा।
    समीर वर्मा भी पहले दौरे से आगे नहीं बढ़ पाए और डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसेन से सीधे गेम में हार गए। गैरवरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी को 46 मिनट तक चले मैच में 17-21, 12-21 से पराजय का सामना करना पड़ा।

    एचएस प्रणय ने अपने से अधिक रैंकिंग के श्रीकांत को 13-21, 21-11, 22-20 से हराया। यह मैच 59 मिनट तक चला। आठवीं वरीयता प्राप्त श्रीकांत का प्रणय के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतर रहा है। उन्होंने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया।

    प्रणय ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की और फिर रोमांचक मोड़ पर पहुंचे तीसरे और निर्णायक गेम में महत्वपूर्ण मौकों पर अंक बटोरे। वह दूसरे दौर में डेनमार्क के रासमुस गेमके का सामना करेंगे।

    विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत इस सत्र में फॉर्म से जूझ रहे हैं। वह पिछले सप्ताह इंडोनेशिया ओपन में दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे। इस बीच प्रणव जेरी चोपड़ा और सिक्की रेड्डी की जोड़ी भी मिश्रित युगल से बाहर हो गई है। उन्हें चीन के झेंड सी वेइ और हुआंग या कियोंग ने 21-11, 21-14 से हराया।

  • Russian Boxer Maxim Dadashev Died : रूसी मुक्केबाज मैक्सिम दादाशेव फाइट के दौरान पड़ा ऐसा पंच की मुकाबले के बाद मौत

    Russian Boxer Maxim Dadashev Died : रूसी मुक्केबाज मैक्सिम दादाशेव फाइट के दौरान पड़ा ऐसा पंच की मुकाबले के बाद मौत

    मास्को।रूसी मुक्केबाज मैक्सिम दादाशेव की मेरीलैंड में एक मुकाबले के दौरान सिर में चोट लगने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। खेल के मैदान में अक्सर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जो खेल जगत को अंदर तक हिला कर रख देती हैं. फिर चाहे क्रिकेट के मैदान में फिल ह्यूज की मौत हो या बॉक्सिंग रिंग में मैक्सिम दादाशेव का दुनिया को अलविदा कहना हो। रूस के 28 साल के मुक्केबाज मैक्सिम को फाइट के दौरान सिर में ऐसी चोट लगी कि तुरंत सर्जरी करवानी पड़ गई. हॉस्पिटल में मौत से संघर्ष करते रहे और पिछले 13 मुकाबले में अजेय रहने वाला मुक्केबाज आखिर जिंदगी से हार गया।

    आईबीएफ जूनियर वेल्टरवेट टाइटल के एलिमिनेटर बाउट में सुब्रिल मटियास से फाइट के दौरान उन्हें चोट आई थी. सिर में से खून बहने के बाद मेरीलैंड के एक हॉस्पिटल में उनकी सर्जरी हुई. लेकिन एक दिन बाद शनिवार को डॉक्टर्स ने कहा कि मुक्केबाज का ब्रेन डैमेज हो गया है और मंगलवार को उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई।

    मटियास और दादाशेव के बीच आक्रामक फाइट चल रही थी, लेकिन 11वें राउंड के बाद दादाशेव के ट्रेनर ने फाइट रुकवा दी। उन्होंंने देखा कि दादाशेव काफी अधिक चोटिल हो गए हैं । जब ट्रेनर मैकग्रिथ ने बताया कि उन्होंने फाइट रुकवा दी है ताे दादाशेव ने अपना सिर हिलाया. ट्रेनर ने कहा कि अगर वह नहीं रुकवाते तो रैफरी रुकवा देते।

    अधिक चोटिल होने के कारण यह मुक्केबाज उल्टियां भी करने लगा। ‘मैड मैक्स’ के नाम से मशहूर दादाशेव ड्रेसिंग रूम तक जाने की स्थिति में भी नहीं थे और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके मस्तिष्क में सूजन आ गई थी जिसका आपरेशन किया गया था. स्ट्रेचर पर इन्हें ए‌रिना से बाहर ले जाया गया. दादाशेव इससे पहले 13 मुकाबलों में अजेय थे।

  • युवा क्रिकेटरों से रणजी ट्रॉफी में चयन के नाम पर धोखाधड़ी,जाने पूरा मामला

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    रणजी ट्रॉफी और अन्य टूर्नामेंटों में चयन के नाम पर युवा क्रिकेटरों के साथ धोखाधड़ी के मामले में दो कोचों को गिरफ्तार किया गया है. क्राइम ब्रांच ने पीतमपुरा में फ्रेंड्स एकेडमी में आरोपी कोच रवि दलाल और उसके साथी हरीश जमाल, जो एक स्कूल में पार्ट टाइम कोच है, इन्हें गिरफ्तार किया है.अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई में इंटीग्रिटी मैनेजर अंशुमान उपाध्याय ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से शिकायत की थी कि कुछ लोग युवा खिलाड़ियों को रणजी टीम में जगह दिलाने के नाम पर उनके साथ ठगी कर रहे हैं.

    जांच के दौरान पाया कि दो युवा खिलाड़ी कनिष्क गौर और शिवम के साथ धोखाधड़ी की गई है. रवि दलाल ने कनिष्क गौर से 11 लाख रुपये लेकर उसे गेस्ट प्लेयर के तौर पर खिलाने का वादा किया और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पर दूसरे राज्य से अंडर 19 में स्थानीय खिलाड़ी के रूप में केवल दो मैच खेलने का मौका दिया.इसके अलावा यह भी पाया गया कि शिवम से भी चार लाख रुपये वसूले गए हैं. दलाल ने यह पैसा गौर से लेकर जमाल को दे दिया था.

  • कब चुना जाएगा भारतीय क्रिकेट का कोच, अगस्त में होगा चयन

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    भारतीय टीम के वर्तमान कोच रवि शास्त्री ने फिर मुख्य कोच पद पर दावा जताने के संकेत दिए हैं। उनका इंटरव्यू वेस्टइंडीज दौरे के बीच में होगा। यह इंटरव्यू एडहॉक क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) स्काइप के जरिए लेगी। बोर्ड ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि मुख्य कोच और सपोर्ट स्टाफ के चयन की प्रक्रिया 15 अगस्त तक निपटा ली जाएगी। यही नहीं दो को छोड़कर शास्त्री की पूरी टीम एक बार फिर से सपोर्ट स्टाफ के लिए दावा जताएगी। इनमें शास्त्री के खास और गेंदबाजी कोच भरत अरुण केअलावा बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ भी शामिल हैं।

    बोर्ड कोच और सपोर्ट स्टाफ का चयन ज्यादा लंबे समय तक नहीं खीचना चाहता है। बताया जा रहा है कि 29 जुलाई या उसके आसपास टीम वेस्टइंडीज दौरे के लिए रवाना होगी। तीस जुलाई कोच और सपोर्ट स्टाफ के आवेदन की अंतिम तिथि है। इसके बाद आए हुए आवेदनों की छानबीन की जाएगी। सभी योग्य उम्मीदवारों का सीएसी के समक्ष इंटरव्यू दो से तीन दिन के अंदर कराने की योजना है। ये सभी इंटरव्यू खुद सामने पेश होकर या फिर स्काइप, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किए जाएंगे। 15 अगस्त तक नया कोच टीम इंडिया के सामने होगा। उस दौरान टीम वेस्टइंडीज में होगी। सूत्र बताते हैं कि शास्त्री ने दोबारा दावा जताने के संकेत दिए हैं। उन्होंने बोर्ड से अब तक दावेदारी के लिए इंकार नहीं किया है। उन्हें आवेदन नहीं करने की छूट दी गई है। शास्त्री को सीधे इंटरव्यू देना होगा।

    कई दिग्गज जता सकते हैं दावा
    मुख्य कोच के लिए कई नामी दिग्गज दावा जता सकते हैं। इनमें सबसे प्रमुख सनराइजर्स हैदराबाद के कोच टॉम मूडी प्रमुख हैं। उन्होंने पिछली बार भी दावा जताया था। बताया जाता है कि मूडी का प्रस्तुतिकरण सीएसी के समक्ष बेहद शानदार था। वहीं बल्लेबाजी कोच के लिए प्रवीण आमरे की ओर से भी दावा जताने की बात सामने आई है, जबकि फील्डिंग कोच के लिए जोंटी रोड्स भी आवेदन कर सकते हैं। 26 जुलाई तक यह कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की सीएसी पर सीओए की मुहर लगने की उम्मीद है, लेकिन यह सीएसी सिर्फ कोच का चयन करेगी। चयनकर्ताओं के चयन का जिम्मा नई सीएसी को दिया जाएगा।

    शास्त्री व कोहली की सीओए के सामने अब तक नहीं हुई पेशी
    विश्व कप के सेमीफाइनल में मिली हार के बाद सीओए चेयरमैन विनोद राय का बयान आया था कि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली से पूछताछ की जाएगी, लेकिन सूत्र बताते हैं कि सीओए की दोनों के साथ अब तक कोई बैठक नहीं हुई है। इस सप्ताह भी दोनों के साथ मुलाकात की उम्मीद नहीं है। इसके बाद टीम वेस्टइंडीज दौरे के लिए रवाना हो जाएगी। सूत्र बताते हैं कि टीम इंडिया सेमीफाइनल में जरूर हार गई, लेकिन सीओए टीम के प्रदर्शन से खुश हैं।

  • अभिनव बिंद्रा नहीं हैं राष्ट्रमंडल खेल-2022 के बहिष्कार के पक्ष में

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    ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता अभिनव बिंद्रा ने रविवार को कहा कि राष्ट्रमंडल खेल-2022 का बहिष्कार करना एक विकल्प नहीं है। बिंद्रा ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को सलाह दी है कि वे निशानेबाजी को राष्ट्रमंडल खेलों के कोर खेल में शामिल कराने की दिशा में काम करें।

    बिंद्रा ने ट्वीट कर कहा, “बहिष्कार से आपका प्रभाव नहीं बढ़ता। यह सिर्फ आपको अप्रासंगिक बना देता है और इसकी सजा अन्य खिलाड़ियों को मिलती है। बेहतर होता अगर आईओए अभियान चलाकर राष्ट्रमंडल खेलों की समितियों में समर्थन हासिल करता और भविष्य में निशानेबाजी को कोर खेलों की सूची में शामिल कराने का प्रयास करता।

    भारत की दिग्गज निशानेबाज हिना सिद्धू ने हाल ही में कहा था कि भारत को 2022 में बर्मिघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार के बारे में विचार करना चाहिए।

    हिना के बयान के बाद आईओए के अध्यक्ष नरेंदर बत्रा ने कहा था कि खेलों का बहिष्कार एक विकल्प हो सकता है। बत्रा ने खेल मंत्री किरण रिजिजू को ई-मेल लिखकर इस बात की जानकारी दे दी है कि आईओए सदस्यों के बीच इस बात पर अनऔपचारिक चर्चा शुरू हो चुकी है।

    बत्रा ने जो मेल लिखा है उसकी एक प्रति आईएएनएस के पास है। पत्र में लिखा है, “यह आईओए के महासचिव के मई-2019 में दिए गए बयान के सबंध में है जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रमंडल खेल-2022 में हिस्सा न लेने के विचार पर चर्चा की जा सकती है। इस मुद्दे पर अब अनौपचारिक तौर पर आईओए सदस्यों के बीच चर्चा जारी है और वह आईओए के महासचिव राजीव मेहता के विचारों से सहमत हैं।”

    जून में राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने फैसला किया था कि 2022 में होने वाले खेलों में निशानेबाजी को जगह नहीं दी जाएगी। 1970 के बाद से ऐसा पहली बार होगा कि राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी नहीं होगी।

    इससे भारत को बड़ा झटका लगा है क्योंकि इन खेलों में अगर भारत मेडल तालिका में आगे रहता है तो इसके पीछे एक बड़ी वजह निशानेबाजी में जीते मेडल होते हैं।

    राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने रविवार को कहा कि वे चाहते हैं कि भारत 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने पर इन खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है, जिसके बाद सीजीएफ ने यह प्रतिक्रिया दी। सीजीएफ ने कहा कि वे निकट भविष्य में आईओए अधिकारियों से मिलना चाहते हैं जिससे कि चिंताओं का हल निकाला जा सके।

    सीजीएफ के मीडिया एवं कम्यूनिकेशन मैनेजर टास डीगन ने पीटीआई को ईमेल पर दिए जवाब में कहा, ”हम चाहते हैं कि भारत 2022 बर्मिंघम खेलों में हिस्सा ले और आगामी महीनों में भारत में अपने साथियों के साथ बैठक को लेकर उत्सुक हैं जिससे कि उनकी चिंताओं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हो सके।

  • PKL 2019 : गुजरात फॉच्यूर्जाएंट्स को सुरेंदर, अभिषेक के दम पर यू-मुम्बा ने दी मात

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    सुरेंदर सिंह के नौ और अभिषेक सिंह के छह अंकों की बदौलत यू-मुम्बा ने शुक्रवार को प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सीजन-7 में गुजरात फॉच्यूर्जाएंट्स को 32-2० से हरा दिया। इस मैच में न गुजरात का डिफेंस चला और न ही अटैक। उसके लिए सबसे ज्यादा तीन-तीन अंक जीबी मोरे और अंकित ने लिए।

    मुम्बा ने पहले ही मिनट ने अपना दबदबा बनाया और 3-1 की बढ़त ले ली। गुजरात ने स्कोर 3-3 से बराबर किया। यहां से दोनों टीमें बराबरी का खेल खेल रही थीं और स्कोर 4-4, 5-5 तक चल रहा था।

    मुम्बा ने लगातर अंक ले स्कोर में बढ़ोतरी की और स्कोर 8-5 कर लिया। वह अपनी बढ़त को पहले हाफ के अंत तक कायम रखने में सफल रही। पहले हाफ का अंत मुम्बा ने 9-7 के स्कोर के साथ किया। दूसरे हाफ में आने के कुछ ही देर बाद मुम्बा की टीम 15-9 से आगे हो गई। 3०वें मिनट तक पूर्व विजेता ने स्कोर 18-11 तक पहुंचा दिया।

    जिस तरह का खेल मुम्बा खेल रही थी उससे गुजरात की वापसी बेहद मुश्किल लग रही थी। एक तरफ जहां मुम्बा लगातार अंक ले रही थी तो गुजरात के हिस्से में कभी कभार ही अंक आ रहे थे। नतीजन उसे 12 अंकों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

     

  • सबूतों के अभाव में फुटबॉल खिलाड़ी नेमार पर लगे रेप के आरोपों की जांच बंद

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    ब्राजील पुलिस ने फुटबॉल खिलाड़ी नेमार पर लगे बलात्कार के आरोपों की जांच सबूतों के अभाव के कारण बंद कर दी है। साओ पाउलो अटॉर्नी जनरल के कार्यायल ने सोमवार को यह जानकारी दी। साओ पाउलो अटॉर्नी जनरल के कार्यालय की प्रवक्ता ने ‘एएफपी को बताया कि पुलिस के इस फैसले को मंगलवार को अभियोजन पक्ष को सौंपा जाएगा, जिसके पास मामले का मूल्यांकन करने के लिए 15 दिन का समय है।

    मामले पर अंतिम फैसला न्यायाधीश द्वारा ही लिया जाएगा। नेमार के प्रवक्ता ने कहा कि वह पुलिस के फैसले पर कोई टिप्पणी करने को अभी तैयार नहीं हैं। साओ पाउलो पुलिस मामले पर मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन करेगी।

    ब्राजील की एक महिला ने नेमार पर मई में पेरिस के एक होटल में उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। नेमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है।

    नेमार ने कहा था, “उस दिन जो हुआ वो एक मर्द और औरत के बीच चारदिवारी के भीतर होने वाला रिश्ता था, जो हर कपल के बीच होता है। आगे भी कुछ नहीं हुआ। हमने बस संदेश साझा किए।”

    उन्होंने कहा, “मुझ पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। यह एक बहुत बड़ा और बेहद गंभीर शब्द है, लेकिन अभी यहीं हो रहा है। मैं यह सुनकर चौंक गया, यह सुनना बहुत बुरा है क्योंकि जो मेरे चरित्र को जानते हैं उन्हें पता होगा कि मैं ऐसा कभी नहीं कर सकता।”

    नेमार ने कहा, “यह एक जाल है, जिसमें मैं फंस गया। लेकिन इससे मुझे बहुत सीखने को मिली जो आगे काम आएगा। कुछ लोग हैं जो दूसरे लोगों को धमकी देकर उनका फायदा उठाना चाहते हैं। यह बहुत दुखद है।”

     

  • डेविस कप: पाकिस्तान में मांगा कप्तान महेश भूपति और खिलाड़ियों ने सुरक्षा का भरोसा

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    भारतीय टेनिस खिलाड़ी डेविस कप के आगामी मुकाबले के लिए पाकिस्तान दौरे को लेकर रोमांचित है, लेकिन वे चाहते है कि उनके इस्लामाबाद पहुंचने से पहले सुरक्षा की सारी औपचारिक्ताएं पूरी हो जाएं। चोटिल सुमित नागल को छोड़कर सभी खिलाड़ी पाकिस्तान की राजधानी में 14-15 सितंबर को खेले जाने वाले मुकाबले के लिए उपलब्ध है।

    भारतीय दल की अगुवाई गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति की देखरेख में देश शीर्ष एकल खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन के करने की संभावना है। पिछले 55 साल में भारतीय टेनिस टीम की यह पहली पाकिस्तान यात्रा होगी। खिलाड़यों से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ”हम चिंतित नहीं है। हम इस मुकाबले के लिए उपलब्ध और उत्साहित है लेकिन हम सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय से सभी प्रकार की मंजूरी को लेकर आश्वासन चाहते है।”

    यह पता चला है कि भूपति ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें यात्रा के दौरान टीम की सुरक्षा के बारे में पूछा गया है। एआईटीए के महासचिव हिरणमय चटर्जी ने पीटीआई से कहा कि उन्होंने कप्तान की सभी चिंताओं का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा, ”हां उन्होंने कुछ सवाल किये थे लेकिन हमने उन्हें जवाब दे दिया है।”

    जब उनसे पूछा गया कि क्या महासंघ ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी है तो उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ”हम खेल मंत्रालय के अंतर्गत आते है और उन्होंने हमारे पाकिस्तान जाने पर कोई सवाल नहीं उठाया है। हमें किसी और मंत्रालय में जाने की जरूरत नहीं है। आईटीएफ ने सुरक्षा को लेकर कड़े नियम बनाये हैं जिसे मेजबान देश को मानना होता है।”

    मार्च 1964 के बाद किसी भी भारतीय डेविस कप टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। लाहौर में आयोजित उस मुकाबले को भारत ने 4-0 से जीता था। दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला 13 साल पहले मुंबई के ब्रेबोन स्टेडियम मे खेला गया था जिसे भारत ने 3-2 से जीता था।