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  • युवराज ‘सिक्सर किंग’ ने क्रिकेट को कहा अलविदा

    युवराज ‘सिक्सर किंग’  ने क्रिकेट को कहा अलविदा

    नई दिल्ली : टीम इंडिया के चैंपियन ऑलराउंडर युवराज सिंह ने आज क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। युवराज सिंह भारत की दो वर्ल्ड चैंपियन (2007 में वर्ल्ड टी20 और 2011 में वर्ल्ड कप) टीमों का हिस्सा रहे और दोनों ही टूर्नमेंट्स में उन्होंने अपने प्रदर्शन से खास छाप छोड़ी थी। 2017 के बाद से ही उनका चयन भारतीय टीम में नहीं हो पा रहा था। बताया जा रहा है कि 37 वर्षीय युवराज आईसीसी से मान्यता प्राप्त विदेशी टी20 लीग में बतौर फ्रीलांस क्रिकेटर करियर बनाना चाहते हैं। उन्हें जीटी20 (कनाडा), आयरलैंड और हॉलैंड में यूरो टी20 स्लैम में खेलने के ऑफर मिल रहे हैं। युवराज ने कहा कि काफी समय से लग रहा था कि अब आगे बढ़ने का वक्त आ गया है।

    यह स्टालिश लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज आखिरी बार भारत के लिए फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनैशनल मैच में खेले थे। इससे पहले वह चैंपियंस ट्रोफी 2017 और उसके बाद वेस्ट इंडीज दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। उन्होंने अपने करियर का आखिरी वनडे मैच 30 जनवरी 2017 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ एंटीगुआ में खेला था।

    युवराज ‘सिक्सर किंग’  ने क्रिकेट को कहा अलविदा
    युवराज ‘सिक्सर किंग’ ने क्रिकेट को कहा अलविदा

    अपनी इस रिटायरमेंट का ऐलान युवराज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने बताया, ‘बचपन से मैंने अपने पिता का देश के लिए खेलने का सपना पूरा करने की कोशिश की।’ उन्होंने यहां अपने क्रिकेट करियर को याद करते हुए कहा, ‘अपने 25 साल के करियर और खास तौर पर 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला ले लिया है। इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, गिरना है, फिर उठना है और आगे बढ़ जाना है।’

    https://www.facebook.com/yuvirajsinghofficial/videos/441793356656939/

     

    युवी ने यहां एक क्रिकेटर के तौर पर कामयाब होने का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने जिंदगी में कभी हार नहीं मानी। मैंने अपने पिता का सपना पूरा किया।’

    संन्यास पर सचिन से बात
    रिटायर होने के बाद युवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि आईपीएल के दौरान वह सचिन से रिटायरमेंट पर बात कर रहे थे। युवी बोले, ‘सचिन ने मुझसे कहा था कि तुम्हें तय करना है कि कब अपना करियर खत्म करना है, तुमसे बेहतर कोई भी यह फैसला नहीं ले सकता।’

    युवराज ‘सिक्सर किंग’  ने क्रिकेट को कहा अलविदा
    युवराज ‘सिक्सर किंग’ ने क्रिकेट को कहा अलविदा

    पंत को सराहा, बताया किस बात का मलाल
    युवराज से पूछा गया कि उन्हें किस बात का मलाल रहेगा। इसपर वह बोले कि उन्हें ज्यादा टेस्ट मैच न खेलने का मलाल रहेगा। अगले सवाल में उनसे पूछा गया कि किस खिलाड़ी में वह अपनी छवि देखते हैं। इसपर वह बोले कि ऋषभ पंत अच्छे खिलाड़ी हैं और उनमें उन्हें अपनी छवि दिखती है।

    टीम इंडिया की वर्ल्ड कप 2011 जीत में वह सबसे बड़े हीरो साबित हुए थे और इस टूर्नमेंट में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से खुद को बार-बार साबित किया था। उस विश्व कप में उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द टूर्नमेंट चुना गया था। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने 362 रन और 15 विकेट अपने नाम किए थे।

    2007 वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में लगातार 6 छक्के और इस मैच में सिर्फ 12 बॉल पर बनाए अर्धशतक का वर्ल्ड रेकॉर्ड आज भी उनके नाम है। इस चैंपियन खिलाड़ी ने अपने इंटरनैशनल करियर में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20  मैच खेले। 304 वनडे में से युवराज ने भारत के लिए 301, जबकि बाकी 3 वनडे एशिया XI के लिए खेले।

    40 टेस्ट की 62 पारियों में युवी के नाम कुल 1900 रन हैं, जिसमें 3 शतक और 11 हाफ सेंचुरी उनके नाम हैं। वहीं उनके वनडे करियर की बात करें तो युवराज ने 278 पारियों में कुल 8701 रन अपने नाम किए। इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 52 अर्धशतक निकले। 58 टी20I में 1177 रन बनाने वाले युवराज ने नाम यहां 8 हाफ सेंचुरी दर्ज हैं। उन्होंने टेस्ट में कुल 9, वनडे में 111 और टी20I में 28 विकेट अपने नाम किए हैं।

    वर्ल्ड कप 2011 के बाद युवराज की सेहत से जुड़ी जो खबर सामने आई थी, उसने उनके फैन्स और भारतीय टीम को झकझोर दिया था। युवराज सिंह के फेफड़े में कैंसर ट्यूमर डिटेक्ट हुआ था और उन्हें इसके इलाज के लिए लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। युवराज इस ट्यूमर की पीड़ा के साथ ही वर्ल्ड कप में खेले थे और उन्होंने तब यह बात किसी को जाहिर नहीं की थी। तब वह भारत के लिए हर मैच में खुद को लगातार साबित कर रहे थे।

    युवराज इस साल आईपीएल में मुंबई इंडियंस (MI) की ओर से खेले थे लेकिन उन्हें अधिक मौके नहीं मिले और संभवत: यही कारण है कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार करने के बाद यह निर्णय लिया।

  • भारतीय टीम ने हर लिहाज से दोयम साबित किया: कप्तान फिंच

    भारतीय टीम ने हर लिहाज से दोयम साबित किया: कप्तान फिंच

    लंदन : भारत के हाथों द ओवल मैदान पर हुए आईसीसी विश्व कप मुकाबले में मिली 36 रनों की हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम ने उनकी टीम को हर लिहाज से दोयम साबित किया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शिखर धवन (117) की शानदार शतकीय पारी की मदद से पांच विकेट पर 352 रन बनाए, जबकि मौजूदा चैंपियन टीम 316 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

    भारत की यह दो मैचो में दूसरी जीत है, जबकि ऑस्ट्रेलिया को तीन मैचों में पहली हार मिली। फिंच ने कहा कि यह उन मैचों में से एक है, जिसमें उन्होंने (भारत) ने हमें दोयम साबित किया है। हमने इस मैच में ज्यादा रन दे दिए थे। यही हमारी हार का कारण बना। भारतीय बल्लेबाजों ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप में अब तक का सबसे बड़ा और विश्व कप में अपना चौथा सबसे बड़ा योग खड़ा किया।

    भारत ने विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथी जीत दर्ज की। अब तक दोनों टीमों के बीच कुल 12 मुकाबले हुए हैं, जिनमें से आठ बार ऑस्ट्रेलिया जीता है। इसमें 2003 विश्व कप का फाइनल मुकाबला भी शामिल है। ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने अगले मैच में बुधवार को पाकिस्तान का सामना करेगी।

  • ICC world cup 2019 : India टीम की किस्मत बदलने की जिम्मेदारी ‘विराट’ के कंधों पर

    ICC world cup 2019 : India टीम की किस्मत बदलने की जिम्मेदारी ‘विराट’ के कंधों पर

    नई दिल्ली। इंग्लैंड की धरती पर दोनों टीमों के बीच अब तक तीन वनडे मैच खेले गए हैं तीनों में कीवी टीम को ही जीत मिली है। बात अगर इंग्लैंड की धरती की हो तो यहां पर न्यूजीलैंड की टीम का आंकड़ा भारतीय टीम पर भारी है। 12वें विश्व कप में अब तक टीम इंडिया ने दो मैच खेले हैं और तीसरे मैच में विराट की टीम का सामना न्यूजीलैंड के साथ नाटिंघम में गुरुवार को होना है।

    न्यूजीलैंड की टीम का प्रदर्शन भी इस टूर्नामेंट में अब तक कमाल का रहा है और उसने भी अपने पहले तीनों मैच जीते हैं। यानी दोनों टीमें कमाल की हैं और शानदार आत्मविश्वास के साथ एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। कमाल की बात ये है कि दोनों टीमों का तीनों बार मुकाबला विश्व कप के दौरान ही खेला गया।

    अब चैथी बार इन दोनों टीमों के बीच यहां पर वनडे मैच खेला जाएगा और इस मैच में विराट पर ये जिम्मेदारी है कि वो इतिहास बदलें। विश्व कप की बात करें तो दोनों टीमों के बीच सात मैच खेले जा चुके हैं जिसमें न्यूजीलैंड ने चार और भारत ने तीन मैचों में जीत दर्ज की है। दोनों टीमों के बीच विश्व कप में आखिरी मुकाबला वर्ष 2003 में सेंचुरियन में खेला गया था जहां गांगुली की कप्तानी वाली भारतीय टीम को सात विकेट से जीत मिली थी।

    इंग्लैंड में इससे पहले चार विश्व कप का आयोजन हो चुका है और इसमें तीन बार भारत व न्यूजीलैंड का मैच खेला जा चुका है। 1983 में जब टीम इंडिया ने विश्व कप जीता था उस बार भारत का सामना कीवी टीम के साथ नहीं हुआ था।

    भारत व न्यूजीलैंड के बीच इंग्लैंड में विश्व कप का पहला मैच 14 जून 1975 में मैनचेस्टर में खेला गया था। इस मैच में कीवी टीम को चार विकेट से जीत मिली थी। दूसरी बार 13 जून 1979 को दोनों टीमों का सामना इंग्लैंड में हुआ था।

    इस मैच में भी कीवी टीम ने बाजी मारी और लीड्स में भारत को आठ विकेट से हरा दिया। तीसरी बार दोनों टीमें इंग्लैंड में 12 जून 1999 में भिड़ी थी और नॉटिंघम में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड को पांच विकेट से जीत दर्ज की थी। अब दोनों टीमों के बीच 13 जून को होने वाले इस मैच में टीम इंडिया अपनी हार का सिलसिला तोड़ पाती है या नहीं ये देखना दिलचस्प होगा।

  • FIH सीरीज :: Indian Women Hockey Team ने जीता स्वर्ण पदक

    FIH सीरीज :: Indian Women Hockey Team ने  जीता स्वर्ण पदक

    हिरोशिमा। ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर के पेनल्टी कार्नर पर दो शानदार गोलों की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों की चैंपियन जापान को रविवार को 3-1 से हराकर पिछले साल एशियाई खेलों के फाइनल में मिली हार का बदला चुका लिया और एफआईएच सीरीज फाइनल्स का स्वर्ण पदक जीत लिया।

    भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने के साथ ही इस साल के अंत में होने वाले ओलंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट का टिकट हासिल कर लिया था और उसने फाइनल में जापान को शिकस्त दे दी।

    भारतीय टीम की तरफ से कप्तान रानी ने एक और गुरजीत कौर ने दो गोल दागे। भारतीय महिला हॉकी टीम को 2020 के टोक्यो ओलंपिक टीम के मेजबान जापान से एशियाई खेलों के फाइनल में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था।लेकिन इस बार भारत ने जापान को स्वर्ण जीतने का मौका नहीं दिया।

    FIH सीरीज :: Indian Women Hockey Team ने  जीता स्वर्ण पदक
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  • लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !

    लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !

    स्टेडियम में प्रवेश करते ही सभी कैमरों की नजरें लॉरिसा पर जा टिकती हैं और जिन्हें फुटबॉल की सबसे ग्लैमरस प्रशंसक होने का खिताब दिया जा चुका है।

    लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !
    लॉरिसा रिक्यूल्मी – Photo Credit- Social Media

    पराग्वे की यह दिलकश मॉडल फिलहाल कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट में अपनी टीम की हौसलाअफजाई करने में जुटी है। इंग्लैंड में खेला जा रहा आईसीसी क्रिकेट विश्व कप अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ने लगा है। इसे लेकर पूरी दुनिया में क्रिकेट प्रशंसकों के बीच जोश और जुनून का माहौल है।

    लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !
    लॉरिसा रिक्यूल्मी – Photo Credit- Social Media

    लेकिन इसके बाद भी इसका रंग फुटबॉल के किसी बड़े टूर्नामेंट के मुकाबले सोशल मीडिया पर फीका दिख रहा है। इसका एक कारण है लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक। 34 वर्षीय लॉरिसा जब राष्ट्रीय टीम की जर्सी में अपनी टीम का हौसला बढ़ाती हैं तो खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने हो जाते हैं।

    लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !
    लॉरिसा रिक्यूल्मी – Photo Credit- Social Media

    उन्होंने हर मैच में टीम का उत्साह बढ़ाया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ और उनकी टीम अगले दौर में जगह नहीं बना सकी। लेकिन सोशल मीडिया से लेकर हर जगह सिर्फ लॉरिसा के ही चर्चे थे।

    लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !
    लॉरिसा रिक्यूल्मी – Photo Credit- Social Media

    यहां तक की कुछ क्रिकेट प्रशंसक इस बात से दुखी थे कि काश, लॉरिया जैसी कोई प्रशंसक क्रिकेट में भी होती, फिर भले ही वह किसी भी टीम के लिए चीयर्स करती। कुछ प्रशंसकों ने लॉरिसा की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, कि काश पराग्वे भी क्रिकेट खेलना शुरू कर दे।

    लॉरिसा रिक्यूल्मी जैसी हॉट और दिलकश प्रशंसक, खिलाड़ियों से ज्यादा लोग उनके दीवाने, देखें फोटोज !
    लॉरिसा रिक्यूल्मी – Photo Credit- Social Media

  • हारते-हारते पाकिस्तान ने जीता आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर मैच

    हारते-हारते  पाकिस्तान ने जीता आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर मैच

    नई दिल्ली। आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 के सांस रोक देने वाले मुकाबले में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को 3 विकेट से हरा दिया। आखिरी ओवर तक चले इस रोमांच मुकाबले में अफगानिस्तान ने 227 रनों का छोटा स्कोर खड़ा किया था। पाकिस्तान ने अच्छी शुरूआत करते हुये अफगानिस्तान का पहला विकेट कप्तान गुलबदीन नायब के रूप में जल्द हासिल कर लिया जो 15 रन ही बना सके. आफरीदी ने गुलबदीन को कप्तान सरफराज अहमद के हाथों विकेट के पीछे कैच कराया. उन्होंने पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर गुलबदीन को आउट करने के बाद अगली ही गेंद पर हशमतुल्लाह शहीदी को शून्य पर इमाद वसीम के हाथों कैच करा दूसरा विकेट भी हासिल कर लिया. हालांकि वह हैट्रिक से चूक गये. एक छोर पर खड़े हुये ओपनर रहमत शाह ने 43 गेंदों में पांच चौके लगाकर 35 रन की पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें मदद नहीं मिली और अफगानिस्तान कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    पाकिस्तान की तरफ से इमाम उल हक ने 36, बाबर आजम ने 45 और हारिस सोहैल ने 27 रन बनाये. अफगानिस्तान की तरफ से मुजीब उर रहमान और मोहम्मद नबी ने दो-दो विकेट लिए. अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ भी जीत का मौका गंवाया था और अब पाकिस्तान के खिलाफ भी उसने जीत का मौका गंवाया। इससे पहले मध्यक्रम के बल्लेबाजों असगर अफगान(42 रन) और नजीबुल्लाह जादरान(42 रन) की पारियों की बदौलत अफगानिस्तान ने नौ विकेट पर 227 रन बनाये. सेमीफाइनल की होड़ से पहले ही बाहर हो चुकी अफगानिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।

    अन्य मैचों की तरह इस बार भी अफगानिस्तान के बल्लेबाज बहुत प्रभावशाली स्कोर नहीं बना सके लेकिन ओपनरों के सस्ते में निपटने के बाद पांचवें नंबर के बल्लेबाज असगर ने 35 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के लगाकर 42 रन और नजीबुल्लाह ने 54 गेंदों में छह चौकों की मदद से 42 रन की पारियों से टीम को कुछ संतोषजनक स्थिति में पहुंचाया। पाकिस्तान के लिये शाहीन शाह आफरीदी ने 10 ओवर में 47 रन देकर सर्वाधिक चार विकेट निकाले जबकि इमाद वसीम ने 48 रन देकर दो विकेट और वहाब रियाज ने 29 रन पर दो विकेट लिये. शाहदाब खान को 44 रन पर एक विकेट मिला।

    लगातार दो मैचों में जीत के बाद ऊंचे मनोबल के साथ उतरी पाकिस्तान ने अच्छी शुरूआत करते हुये अफगानिस्तान का पहला विकेट कप्तान गुलबदीन नायब के रूप में जल्द हासिल कर लिया जो 15 रन ही बना सके. आफरीदी ने गुलबदीन को कप्तान सरफराज अहमद के हाथों विकेट के पीछे कैच कराया। उन्होंने पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर गुलबदीन को आउट करने के बाद अगली ही गेंद पर हशमतुल्लाह शहीदी को शून्य पर इमाद वसीम के हाथों कैच करा दूसरा विकेट भी हासिल कर लिया। एक छोर पर खड़े हुये ओपनर रहमत शाह ने 43 गेंदों में पांच चौके लगाकर 35 रन की पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें मदद नहीं मिली और अफगानिस्तान कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सका. रहमत को इमाद ने 57 के स्कोर पर तीसरे बल्लेबाज के रूप में आउट कराया।

    इसके बाद इकरम आफरीदी (24) और असगर अफगान(42) ने चौथे विकेट के लिये 64 रन की अर्धशतकीय साझेदारी से टीम को संभाला. असगर का अहम विकेट शादाब ने निकाला. अफगानिस्तान ने 125 के स्कोर तक पांच विकेट गंवा दिये और मुश्किल स्थिति में पहुंच गयी। मोहम्मद नबी और नजीबुल्लाह ने छठे विकेट के लिये 42 रन की साझेदारी कर टीम को राहत पहुंचायी. नबी ने 16 रन जोड़े जबकि नजीबुल्लाह ने 42 रन की पारी खेली. निचले क्रम में शमीउल्लाह शेनवारी ने 32 गेंदों में एक चौका लगाकर नाबाद 19 रन बनाये. आईपीएल के स्टार खिलाड़ी राशिद खान निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाज माने जाते हैं लेकिन वह बल्ले से कोई योगदान नहीं दे सके और आठ रन बनाकर आफरीदी की गेंद पर फखर जमान के हाथों लपके गये।

    हामिद हसन(एक) को वहाब ने आउट कर अफगानिस्तान का नौवां और पारी का आखिरी विकेट निकाला. लगातार दो मैचों में जीत के बाद ऊंचे मनोबल के साथ उतरी पाकिस्तान ने अच्छी शुरूआत करते हुये अफगानिस्तान का पहला विकेट कप्तान गुलबदीन नायब के रूप में जल्द हासिल कर लिया जो 15 रन ही बना सके. आफरीदी ने गुलबदीन को कप्तान सरफराज अहमद के हाथों विकेट के पीछे कैच कराया. उन्होंने पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर गुलबदीन को आउट करने के बाद अगली ही गेंद पर हशमतुल्लाह शहीदी को शून्य पर इमाद वसीम के हाथों कैच करा दूसरा विकेट भी हासिल कर लिया. हालांकि वह हैट्रिक से चूक गये।

    एक छोर पर खड़े हुये ओपनर रहमत शाह ने 43 गेंदों में पांच चौके लगाकर 35 रन की पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें मदद नहीं मिली और अफगानिस्तान कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सका. रहमत को इमाद ने 57 के स्कोर पर तीसरे बल्लेबाज के रूप में आउट करायाइसके बाद इकरम आफरीदी (24) और असगर अफगान(42) ने चौथे विकेट के लिये 64 रन की अर्धशतकीय साझेदारी से टीम को संभाला. असगर का अहम विकेट शादाब ने निकाला. अफगानिस्तान ने 125 के स्कोर तक पांच विकेट गंवा दिये और मुश्किल स्थिति में पहुंच गयी

    मोहम्मद नबी और नजीबुल्लाह ने छठे विकेट के लिये 42 रन की साझेदारी कर टीम को राहत पहुंचायी. नबी ने 16 रन जोड़े जबकि नजीबुल्लाह ने 42 रन की पारी खेली। निचले क्रम में शमीउल्लाह शेनवारी ने 32 गेंदों में एक चौका लगाकर नाबाद 19 रन बनाये. आईपीएल के स्टार खिलाड़ी राशिद खान निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाज माने जाते हैं लेकिन वह बल्ले से कोई योगदान नहीं दे सके और आठ रन बनाकर आफरीदी की गेंद पर फखर जमान के हाथों लपके गये. हामिद हसन(एक) को वहाब ने आउट कर अफगानिस्तान का नौवां और पारी का आखिरी विकेट निकाला।

  • महेंद्र सिंह धोनी मेरे लिए हमेशा कप्तान ही रहेंगे : विराट कोहली

    महेंद्र सिंह धोनी मेरे लिए हमेशा कप्तान ही रहेंगे : विराट कोहली

    टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली का कहना है कि जब वह पहली बार ड्रेसिंग रूम में गए थे तब महेंद्र सिंह धोनी उनके कप्तान थे और इसी कारण वह (धौनी) हमेशा मन से उनके कप्तान बने रहेंगे। आईसीसी ने धौनी की उपलब्धियों पर उनके जन्मदिन से एक दिन पहले ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कोहली ने यह बात कही है। कोहली ने वीडियो में दशार्ए गए अपने हिस्से में पूर्व भारतीय कप्तान और टीम के सीनियर खिलाड़ी धौनी की जमकर तारीफ की और उन्हें एक महान खिलाड़ी करार दिया। कोहली ने कहा, जब मैं पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में गया था तब धौनी मेरे कप्तान थे। आज बेशक मैं भारतीय टीम का कप्तान हूं लेकिन मेरे लिए वह हमेशा मन से मेरे कप्तान बन रहेंगे। धौनी बाहर से जैसे दिखते हैं, अंदर से उससे बिल्कुल भिन्न हैं।

    बकौल विराट कोहली, किसी व्यक्ति के बारे में आप जो कुछ भी बाहर से देखते हैं, चीजें काफी उससे अलग होती है। धौनी भी ऐसे ही हैं। कप्तान ने कहा कि धौनी इसलिए महान हैं क्योंकि वह दबाव में भी सटीक निर्णय ले सकते हैं। विराट ने कहा, उनमें (धौनी) मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद को शांत रखने का गजब का कौशल है, इसलिए वह महान हैं। दबाव में भी उनमें अच्छे निर्णय लेने की क्षमता है। उनसे काफी कुछ सीखा जा सकता है। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 में धीमी बल्लेबाजी को लेकर धौनी आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। लेकिन कोहली ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा धौनी पर विश्वास रहता है क्योंकि वह हालात को बखूबी समझते हैं। हम सब उन्हें टीम में देखना पसंद करते हैं। मैदान पर वह हर लम्हें का आनंद लेते हैं। पिछले कई वर्षों से हमारी समझ काफी अच्छी रही है।

    जब मैं टीम में गया था तो उन्होंने मुझे इसलिए मौका दिया क्योंकि उन्हें विश्वास था कि मेरी सोच सही है। मैं एकजुट होकर टीम के लिए कुछ भी कर सकता हूं। मैदान के बाहर भी हम दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं।’ हाल के दिनों में धौनी पर जब भी धीमी बल्लेबाजी को लेकर आलोचनाओं के बाउंसर चले तो कोहली ने सबसे पहले उनका बचाव किया। कोहली के लिए भारतीय टीम में धौनी की मौजूदगी ही एक तरह की सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है क्योंकि वह हर समय खिलाड़ियों को कुछ नया देने और कुछ नया करने की सीख देते हैं और साथ ही प्रेरित करते हैं। आईसीसी ने विडियो में कहा, महेंद्र सिंह धौनी सिर्फ एक नाम नहीं है। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भी धौनी की तारीफ करते हुए कहा, जब मैं 2016 में पहली बार भारतीय टीम में आया था तो वह मेरे कप्तान थे, इसलिए मेरे लिए यह बहुत बड़ी राहत थी।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स : सीनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता Mira Bai Chanu ने

    कॉमनवेल्थ गेम्स : सीनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता Mira Bai Chanu ने

    आपिया। पूर्व विश्व चैम्पियन मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैम्पियनशिप के पहले दिन मंगलवार को स्वर्ण पदक जीता. भारतीय दल ने आठ स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य समेत 13 पदक अपने नाम किये।

    मीराबाई ने महिलाओं के 49 किलो वर्ग में 191 किलो (84 प्लस 107) वजन उठाया. यहां से मिले अंक 2020 तोक्यो ओलंपिक की अंतिम रैंकिंग में काफी उपयोगी साबित होंगे. मीराबाई ने अप्रैल में चीन के निंगबाओ में एशियाई चैम्पियनशिप में 199 किलो वजन उठाया था, लेकिन मामूली अंतर से पदक से चूक गई थी।

    ओलंपिक 2020 की क्वालीफिकेशन प्रक्रिया 18 महीने के भीतर छह टूर्नामेंटों में भारोत्तोलकों के प्रदर्शन पर निर्भर है. इसमें से चार सर्वश्रेष्ठ नतीजों के आधार पर निर्धारण होगा।

    झिल्ली डालाबेहरा ने 45 किलो वर्ग में 154 किलो वजन उठाकर पीला तमगा जीता. सीनियर 55 किलो वर्ग में सोरोइखाइबाम बिंदिया रानी और मत्सा संतोषी को स्वर्ण और रजत पदक मिले. पुरुष वर्ग में 55 किलो वर्ग में रिषिकांता सिंह ने स्वर्ण पदक जीता।

  • टीम इंडिया वर्ल्ड कप खिताब की दौड़ से बाहर

    टीम इंडिया वर्ल्ड कप खिताब की दौड़ से बाहर

    मैनचेस्टर।  वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में न्यू जीलैंड से हारकर टीम इंडिया का सफर यहीं पर समाप्त हो गया है। कीवी टीम ने पहले खेलते हुए 240 रन का लक्ष्य दिया था लेकिन भारतीय टीम 18 रन से यह मैच हार गई। एक वक्त 92 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी टीम इंडिया की खराब शुरुआत के बाद रविंद्र जडेजा (77) और एमएस धोनी (50) ने भारतीय पारी को पटरी पर लाने की शानदार कोशिश की। दोनों ने 7वें विकेट के लिए 116 रन की साझेदारी निभाई। लेकिन दोनों ही बल्लेबाज अंतिम पलों में अपने विकेट गंवा बैठे और भारत को यहां 18 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ न्यू जीलैंड ने फाइनल में एंट्री कर ली है। अब वह खिताब से सिर्फ एक कदम दूर है।

    टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली इस अहम सेमीफाइनल मुकाबले में केवल एक रन ही बना पाए. आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज विराट कोहली को बड़े मैचों का खिलाड़ी कहा जाता है । बल्लेबाजी के तमाम रिकॉर्ड्स या तो विराट कोहली के नाम दर्ज हैं या फिर उनके निशाने पर हैं. विराट 236 वनडे मैचों में 59.40 की औसत से 11286 रन बना चुके हैं। 41 सेंचुरी विराट के नाम दर्ज है, लेकिन जब हम बात विश्व कप में नॉकआउट मुकाबलों की करते हैं तो विराट के ये सारे रिकॉर्ड्स धरे के धरे रह जाते हैं।

    नॉकआउट मैचों में नहीं चलता विराट का बल्ला, शर्मनाक हैं आंकड़े

    विराट कोहली ने अभी तक आईसीसी विश्व कप में छह नॉकआउट मैच खेल चुके हैं और इस दौरान उनके नाम एक हाफसेंचुरी तक दर्ज नहीं है, सेंचुरी तो बहुत दूर की बात है। वर्ल्ड कप नॉकआउट मैचों में विराट का बेस्ट स्कोर 35 रनों का है, जो उन्होंने 2011 विश्व कप के फाइनल मैच में श्रीलंका के खिलाफ बनाए थे। विराट अपना तीसरा विश्व कप खेल रहे हैं, इससे पहले वो 2011 और 2015 विश्व कप खेल चुके हैं। आईसीसी विश्व कप के 6 नॉकआउट मैचों में विराट ने 12.16 की औसत से महज 73 रन बनाए हैं।

  • PM नरेंद्र मोदी की टीम का हिस्सा बन सकते हैं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

    PM नरेंद्र मोदी की टीम का हिस्सा बन सकते हैं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

    नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय पासवान ने कहा कि धोनी बीजेपी जॉइन कर सकते है और इस बारे में काफी लंबे समय से बात चल रही है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद राजनीति में कदम रख सकते हैं।

    ऐसी खबरें हैं कि धोनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम का हिस्सा बन सकते हैं। वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यू जीलैंड के हाथों मिली हार के बाद यह अटकलें तेज हो गईं हैं कि शायद धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं।

    उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे पर काफी लंबे पर काफी वक्त से बात चल रही है, हालांकि इस पर कोई फैसला धोनी के संन्यास के बाद ही लिया जाएगा।’

    उन्होंने कहा, ‘धोनी मेरे परिचित हैं, वह विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी हैं और उन्हें पार्टी के साथ जोड़ने की कोशिशें जारी हैं।’लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने अपने ‘संपर्क फॉर समर्थन’ कार्यक्रम के दौरान मुलाकात की थी।

    धोनी के गृहराज्य झारखंड में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसी भी अटकलें हैं कि धोनी आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी हो सकते हैं।