नई दिल्ली. पहला टेस्ट टीम इंडिया से हारने के बाद वेस्टइंडीज टीम की खराब पारी को लेकर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया गया. यहां तक की हरभजन सिंह ने भी ट्विटर पर वेस्टइंडिज टीम की हार को लेकर ट्वीट किया. जिसके बाद अब पूर्व वेस्टइंडीज खिलाड़ी टिनो बेस्ट ने भज्जी के ट्वीट का जवाब दिया है. टीम इंडिया के खिलाफ पौने तीन दिन में पहला टेस्ट गंवाने के बाद वेस्टइंडीज टीम की जमकर मिट्टी पलीद हुई।
हरभजन सिंह ने भी ट्विटर पर मजाक बनाते हुए इस कैरेबियाई टीम को रणजी ट्रॉफी में भी क्वालीफाय होने के लायक नहीं बताया। जिसके बाद अब पूर्व वेस्टइंडीज खिलाड़ी टिनो बेस्ट ने भज्जी की बोलती बंद कर दी।
बेस्ट ने कहा कि भज्जी पर पलटवार करते हुए कहा कि, ‘हे ब्रो, इस तरह के अहंकारी ट्वीट्स इंग्लैंड के खिलाफ देखने को नहीं मिले, लेकिन कोई बात नहीं युवा टीम सीख जाएगी।’ याद दिला दें कि ये वही टीनो बेस्ट हैं जिन्होंने कभी दावा किया था कि वह 500 से 650 लड़कियों के साथ शारीरिक संबंध बना चुके हैं।
दरअसल, इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कुछ साल पहले आई अपनी ऑटोबॉयोग्राफी में खुद को पुरुष वेश्या बताते हुए कहा था कि वह 500 से 650 लड़कियों के साथ शारीरिक संबंध बना चुके हैं। ब्रिटिश डेली, डेली मेल में छपी उनकी ऑटोबायोग्राफी के कुछ अंश में इसका खुलासा हुआ था।
टीनो ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, ‘मैं लड़कियों से प्यार करता हूं और लड़कियां मुझे।’ टीनो ने यह भी लिखा है कि बिना सिर के बालों वाले वह दुनिया के सबसे हेंडसम पुरुष हैं। लड़कियां उन्हें ब्लैक ब्रेट पिट भी कहकर बुलाती हैं। उन्होंने यह भी लिखा है कि वह 500 से 650 लड़कियों के साथ संबंध बना चुके हैं।
टीनो के अनुसार, उनके पहले प्यार मेलिसा से उनकी खूबसूरत बेटी है। जिसका नाम तमानी है। हालांकि अब दोनों अलग हो चुके हैं।अपनी किताब में वह आगे बताते हैं कि मेलिसा और उनके बीच संबंध आगे अच्छे नहीं चल रहे थे, लेकिन उन्हीं दिनों बारबाडोस के लिए खेलते हुए एक विकेट मिलते ही मेलिसा उनके पास वापस आ गई थी।
टीनो ने बताया कि कैसे मेलिसा के साथ रिश्ता खत्म होने के बाद वे प्लेब्वॉय बन गए। बकौल टीनो, जब उन्हें कोई लड़की पसंद आती है तो वह सीधा उससे बात करते हैं और अगर वह सिंगल है तो अपनी बात आगे बढ़ाते हैं। टीनो ने लड़कियों से अपना परिचय का अंदाज भी बताया।
वेस्टइंडीज के लिए 25 टेस्ट मैच खेलने वाले इस खिलाड़ी ने खुलासा किया था कि वह जब भी विदेशी दौरों पर जाते थे वहां की लड़कियों के साथ सेक्स संबंध बनाते कई बार उन्होंने एक साथ 2-3 लड़कियों के साथ भी सेक्स संबंध बनाए। अपने खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन से परेशान होकर एक बार डिजीसेल के प्रवक्ता ने यहां तक कह डाला था कि हमारे खिलाड़ियों फोन में जितनी लड़कियों के नंबर हैं उतने रन भी बना ले तो वेस्टइंडीज को कोई नहीं हरा सकता।
टीनो की गिनती उनके दौर के सबसे तेज गेंदबाजों में की जाती थी। मैदान पर वे इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ से लेकर पाकिस्तान के शोएब मलिक और शाहिद आफरीदी और हम वतन कीरोन पोलॉर्ड संग भिड़ चुके हैं।
जकार्ता। भिारत को यहां जारी पैरा-एशियाई खेलों में गुरुवार को बड़ी सफलता हासिल हुई है। भारतीय ऐथलीटों ने एक ही स्पर्धा में तीनों पदकों पर कब्जा जमाया है। भारतीय ऐथलीटों ने पुरुषों की ऊंची कूद टी-42ध्63 स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। भारत के शरद कुमार ने इस स्पर्धा में गेम रेकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। बिहार के शरद जब दो साल के थे तो उनका बायां पैर लकवाग्रस्त हो गया था. पोलियो रोधी अभियान के दौरान मिलावटी दवा लेने के कारण उनकी यह स्थिति हुई.।
इससे पहले भाला फेंक एथलीट सुंदर सिंह गुर्जर ने पुरुषों के एफ-46 वर्ग में भारत के लिए रजत पदक जीता जबकि पैरालिंपिक में दो बार के स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया चैथे स्थान पर रहे. इसी स्पर्धा में रिंकू ने कांस्य पदक हासिल किया. एफ-46 विकलांगता शरीर के ऊपरी हिस्से के किसी अंग की कमजोरी से जुड़ा है. भारत ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ टी-13 वर्ग में भी कांस्य पदक जीता और यह पदक अवनिल कुमार ने अपने नाम किया. टी-13 आंखों में कम रोशनी से जुड़ा वर्ग है.।
भाला फेंक में गुर्जर ने अपने पांचवें प्रयास में 61.33 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया. गुर्जर ने इन खेलों से पहले 22 दिन फिनलैंड में अभ्यास किया था. रिंकू ने 60.92 मीटर भाला फेंका जो उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन भी है. श्रीलंका के दिनेश हेराथ ने 61.84 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता. झाझरिया को हालांकि निराशा हाथ लगी. पिछली बार के रजत पदक विजेता और खेल रत्न झाझरिया ने इस सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 59.17 मीटर भाला फेंका लेकिन यह पदक जीतने के लिए पर्याप्त नहीं था.।
पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में अवनिल कुमार ने 52 सेकेंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता. ईरान के ओमिद जारिफसनायेई ने 51.41 सेकेंड के साथ स्वर्ण जबकि थाइलैंड के सोंगवुट लैमसन ने रजत पदक जीता. कुमार मामूली अंतर से रजत से चूक गए.।
ट्रैक एवं फील्ड के अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए. आनंदन गुणसेकरम ने पुरुषों के टी44, 62ध्64 वर्ग में रजत जबकि विनय कुमार ने कांस्य हासिल किया. इसी स्पर्धा के टी 45ध्46ध्47 वर्ग में संदीप मान ने कांस्य पदक जीता. यह दोनों ही वग पैर के ऊपरी हिस्से के विकलांगता से जुड़ा है. महिलाओं के 400 मीटर के टी12 (दृष्टिबाधित) वर्ग में राधा वेंकटेश ने कांस्य पदक हासिल किया. भारत तालिका में आठ स्वर्ण, 17 रजत और 25 कांस्य पदक के साथ नौवें स्थान पर कायम है. भारत के कुल 50 पदक हो गए हैं. वहीं, चीन 137 स्वर्ण, 69 रजत, 49 कांस्य सहित कुल 255 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है.।
मुंबई . भारत ने सोमवार को यहां ब्रेब्रॉन क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए चौथे वनडे मैच में वेस्टइंडीज को 224 रनों से हरा दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के सामने 378 रनों का लक्ष्य रखा था। विंडीज की टीम इस विशाल लक्ष्य के सामने ताश के पत्तों की तरह विखर गई और 36.2 ओवरों में 153 रनों पर ढेर होकर मैच हार गई। यह भारत की वनडे में रनों के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी जीत है।
भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में रोहित शर्मा और अंबाती रायडू का अहम योगदान रहा। रोहित ने 137 गेंदों में 20 चौके और चार छक्कों की मदद से 162 रनों की पारी खेली। वहीं रायडू ने 81 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाते हुए 100 रन बनाए। रोहित का यह वनडे करियर का 21वां शतक है जबकि रायडू का तीसरा। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 211 रनों की साझेदारी की। अंत में महेंद्र सिंह धोनी ने 15 गेंदों में दो चौके मार 23 रन बनाए। केदार जाधव 16 और रवींद्र जडेजा ने सात रन बनाकर नाबाद रहे।
विंडीज के लिए कीमर रोच ने दो विकेट अपने नाम किए। एशले नर्स और कीमो पॉल को एक-एक सफलता मिली।विशाल लक्ष्य सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज एक-एक कर ढेर होते चले गए। उसके लिए सबसे ज्यादा नाबाद 54 रन कप्तान जेसन होल्डर ने बनाए। भारत के लिए खलील अहमद और कुलदीप यादव ने तीन-तीन विकेट लिए। भुवनेश्वर कुमार और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। दो खिलाड़ी रन आउट हुए।
बड़ौदा । डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 319 गेंदों का सामना करते हुए 556 रनों की तूफानी पारी खेलकर हर किसी को हैरान कर दिया है। प्रियांशु ने मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए अपनी विशाल पारी के दौरान 98 चौके जड़े। हालांकि उसके बल्ले से एक ही छक्का निकला। प्रियांशु की इस पारी की बदौलत अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को एक पारी और 690 रनों से बुरी तरह शिकस्त दी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दो दिवसीय टूर्नामेंट के दौरान योगी क्रिकेट एकेडमी को पहली पारी में 52 रनों पर समेटने के बाद अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी ने प्रियांशु की विशाल पारी की बदौलत 4 विकेट पर 826 रन बनाकर पारी घोषित की। इसके बाद खेलने उतरी योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ही ढेर हो गई। प्रियांशु ने ऑलराउंडर प्रदर्शन करते हुए अपनी ऑफ स्पिन के सहारे पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 2 विकेट भी चटकाए।
क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं. वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा. मुझे उसका जुनून पसंद है।’ गौरतलब है क इससे पहले भारतीय टेस्ट टीम में जगह बना चुके पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब इतने ही साल के प्रियांशु ने अपनी जबरदस्त पारी सभी को चौंकाया है।
नई दिल्ली। वेस्टइंडीज में चल रहे महिला टी-20 वर्ल्डकप में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराकर अपना विजय रथ को जारी रखा है। इस हाइवोल्टेज मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और पाकिस्तान को 20 ओवर में केवल 133 रन ही बनाने दिए, जवाब में भारत ने मिताली राज के अर्धशतक की बदौलत 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। मिताली ने 47 गेंद पर 7 चौकों की मदद से 56 रन की पारी खेली।
लक्ष्य का पीछा करते हुए मिताली राज और स्मृति मंधाना ने भारत को ठोस शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 73 रन जोड़े। मारूफ ने मंधाना (26) को पैवेलियन लौटाया। इसके बाद मिताली के साथ मिलकर जेमिमा रॉड्रिगेज (16) स्कोर को 101 तक ले गई।
जेमिमा को निदा दार ने आउट किया। मिताली ने 42 गेंदों में 7 चैकों की मदद से फिफ्टी पूरी की। मिताली 56 रन बनाकर आउट हुई, इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत और वेदा ने भारत को जीत दिलाई। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया ।
पाकिस्तान को अरुंधति रेड्डी ने पहले ही ओवर में झटका दिया जब उन्होंने आयशा जफर को वेदा कृष्णमूर्ति के हाथों झिलवाया। ओमैमा सोहैल 3 रन बनाकर रन आउट हुई। कप्तान जवेरिया खान भी 17 रन बनाकर रन आउट हुई और पाकिस्तान 30 रनों पर 3 विकेट गंवाकर मुश्किल में घिर गई। इससे पहले बिस्माह मारूफ और निदा दार को छोड़कर कोई भी पाकिस्तानी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का प्रतिकार नहीं कर पाई।
बिस्माह और निदा ने चौथे विकेट के लिए 94 रनों की भागीदारी कर पारी को संभाला। दयालान हेमलता ने इन दोनों को एक ही ओवर में आउट किया। बिस्माह 49 गेंदों में 4 चैकों की मदद ससे 53 रन बनाकर वेदा को कैच दे बैठी जबकि निदा ने 35 गेंदों में 5 चैकों और 2 छक्कों की मदद से 52 रन बनाए, वे हरमनप्रीत द्वारा लपकी गई।
गयाना. स्मृति मंधाना (83) के बाद स्पिन गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला टीम ने शनिवार को प्रोविडेंस स्टेडियम में खेले गए टी-20 विश्व कप के ग्रुप-बी के अपने आखिरी मैच में आस्ट्रेलिया को 48 रनों से हरा दिया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मंधाना की आतिशी पारी के दम पर 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 167 रन बनाए. यह भारत का खेल के सबसे छोटे प्रारुप में आस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर भी है. आस्ट्रेलियाई टीम हालांकि इस मजबूत स्कोर के सामने दो गेंद पहले ही 119 रनों पर ढेर हो कर मैच हार गई. आस्ट्रेलिया की यह इस विश्व कप में पहली हार है. वहीं भारत ने अपने विजयी क्रम को जारी रखते हुए जीता चौका लगाया. दोनों टीमें हालांकि पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं.
मिताली राज को भारत ने आराम दिया और मंधाना ने अनुभवी खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी लेते हुए इस विश्व कप में अपना पहला अर्धशतक जमाया. मंधाना ने 55 गेंदों में नौ चौके और तीन छक्कों की मदद से आतिशी पारी खेली. मंधाना ने इस मैच में टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए हैं. वह मिताली राज के बाद सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं. मंधाना के बाद अनुजा पाटिल, दीप्ती शर्मा, पूनम यादव और राधा यादव की स्पिन चौकड़ी ने परेशान किया. इन चारों गेंदबाजों ने आपस में नौ विकेट बांटे. एलिसे हिली चोटिल होने के कारण बल्लेबाजी करने नहीं आईं. अनुजा ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए बाकी तीन गेंदबाजों ने दो-दो विकेट अपने नाम किए.
आस्ट्रेलिया के लिए एलिसे पैरी ने सबसे ज्यादा नाबाद 39 रन बनाए. उन्होंने 28 गेंदों की अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया. उनके बाद एशले गार्डनर 20 रनों के साथ टीम की दूसरी सर्वोच्च स्कोरर रहीं. इससे पहले, भारतीय ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंधाना का अच्छा साथ दिया और तीसरे विकेट के लिए 68 रन जोड़े. यह साझेदारी तब आई जब भारत ने 49 रनों के स्कोर पर ही अपनी दो बल्लेबाजों को खो दिया था.
मिताली की अनुपस्थिति में मंधाना के साथ तन्या भाटिया को पारी की शुरुआत के लिए भेजा गया. तान्या (2) पांच के कुल स्कोर पर आउट हो गईं. जेम्मिाह रोड्रिगेज (6) भी कुछ खास नहीं कर पाईं. यहां से कप्तान और मंधाना ने भारतीय पारी को आगे बढ़ाया और तेजी से रन बटोरे. कौर अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रही थीं, तभी डेलिसा किममिंसे ने उन्हें 117 के कुल स्कोर पर आउट कर दिया. उन्होंने अपनी आतिशी पारी में 27 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौकों के साथ इतनी ही छक्के लगाए.
कप्तान के जाने के बाद मंधाना अकेली पड़ गईं और एक बार फिर टीम के मध्य क्रम और निचले क्रम की कमजोरी उजागार हुई. वेदा कृष्णामूर्ति (3), डायलाना हेमलता (1) का बल्ला फिर नहीं चला. मंधाना की पारी का अंत 154 के कुल स्कोर पर 19वें ओवर की पहली गेंद पर हुआ. दीप्ती ने आठ रन बनाए. राधा एक रन बनाकर नाबाद रहीं.
आस्ट्रेलिया के लिए पैरी ने तीन विकेट लिए. गर्डनर, डेलिसे किममिंसे ने दो-दो विकेट लिए. मेगन शट को एक सफलता मिली.
नई दिल्ली । सुपरमॉम एमएसी मेरी कॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में खिताबी सिक्सर लगाते हुए इतिहास रच दिया। दिल्ली के केडी जाधव हॉल में हुई 48kg कैटिगरी के फाइनल फाइट में उन्होंने यूक्रेन की हन्ना ओकोता को 5-0 से हराया और वर्ल्ड रेकॉर्ड छठी बार महिला विश्व कप का खिताब जीतने का गौरव हासिल किया। यह दूसरा मौका है, जब वह खिताबी फाइट के लिए घरेलू फैंस के सामने थीं। इससे पहले 2006 घरेलू दर्शकों के सामने रिंग में उतरी थीं। यहां उन्होंने लाइट फ्लाइवेट (48kg) में रोमानिया की स्टेलुटा दुता को हराकर अपना 5वां वर्ल्ड क्राउन अपने नाम किया था।
इस जीत के साथ ही 35 वर्षीय स्टार भारतीय बॉक्सर आयरलैंड की कैटी टेलर को पछाड़कर सबसे अधिक 6 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर बन गईं। इससे पहले मेरी और टेलर 5-5 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतकर बराबरी पर थीं। मेरी कॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप्स के इतिहास में 6 खिताब जीतने के वर्ल्ड रेकॉर्ड (महिला और पुरुष) की बराबरी भी कर ली। 6 बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव उनसे पहले पुरुष बॉक्सिंग में क्यूबा के फेलिक्स सेवोन के नाम था। सेवोन ने 1997 में बुडापेस्ट में आयोजित हुई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर यह रेकॉर्ड अपने नाम किया था।
आज खेले गए फाइनल फाइट में दोनों बॉक्सरों की बात करें, तो दोनों की उम्र में 13 साल का अंतर है। यूक्रेन की बॉक्सर हन्ना अभी 22 साल की हैं, लेकिन अपने उम्दा खेल की बदौलत उन्होंने ‘हंटर’ नाम से अपनी पहचान बना ली है। उन्होंने यूरोपियन यूथ चैंपियनशिप्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। पहले राउंड में मैरी हावी रहीं। रिंग में उतरते ही वह विपक्षी पर मुक्के बरसाने लगीं। हालांकि, अधिक आक्रामकता की वजह से एक बार वह हेन्ना के साथ ही रिंग में गिर गईं। लेकिन उठते ही उन्होंने एक बार फिर विपक्षी पर मुक्के बरसाना शुरू कर दिया। मेरी कॉम ने जबरदस्त शुरुआत की है। उन्होंने विपक्षी को राइट हुक से एक के बाद एक कई पंच लगाते हुए दबाव बना दिया।
दूसरे राउंड के लिए मेरी कॉम रिंग में। मेरी यहां न केवल बेहतरीन फाइट कर रही हैं, डिफेंस पर भी मजबूत हाथ बनाए रखा है। विपक्षी के पंचेज से बच रही हैं। मेरी को चियर करने के लिए यहां काफी संख्या में क्राउड मौजूद है। लगातार शोर के साथ फैंस अपने देश के स्टार बॉक्सर को चियर कर रहे हैं। आखिरी राउंड में मेरी कॉम पहले से कहीं अधिक आक्रामक दिख रही हैं। उन्होंने विपक्षी को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनकी जीत पक्की दिख रही है।
भुवनेश्वर. भारत ने शनिवार को कनाडा को 5-1 से मात देकर ओडिशा पुरुष हॉकी विश्वकप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. कलिंगा स्टेडियम में खेले गए पूल-सी के मैच में भारत के लिए ललित उपाध्याय (47वें और 57वें मिनट में) ने दो गोल किए. उनके अलावा हरमनप्रीत सिंह ने 12वें, चिंग्लेनसाना सिंह ने 46वें और अमित रोहिदास ने 51वें मिनट में गोल किए.
कनाडा के लिए सोन फ्लोरिस वान ने 39वें मिनट एकमात्र गोल किया. भारत ने तीन मैचों से सात अंक जुटा लिए हैं. भारत ने अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से हराया था और इसके बाद बेल्जियम के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला था.
एडिलेड. विश्व की नंबर एक टीम इंडिया ने सांसों को रोक देने वाले उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए ऑस्ट्रेलिया की चुनौती को आखिर तोड़ कर नया इतिहास रच दिया. भारत ने पहला टेस्ट पांचवें और अंतिम दिन रविवार को 31 रन से जीतकर चार टेस्टों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. भारत के टेस्ट इतिहास में यह पहली बार है जब उसने ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर सीरीज का पहला टेस्ट जीता है.भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 323 रन का लक्ष्य रखा जिसका पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर 104 रन से आगे खेलना शुरू किया और मेजबान टीम की पारी भारतीय सांसों को थमने के बाद 291 रन पर समाप्त हुई.
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के नौ विकेट 259 रन पर गिरा दिए थे लेकिन नाथन लियोन और जोश हेजलवुड की आखिरी जोड़ी अड़ गयी और उन्होंने रन बटोरने शुरू कर दिया. भारतीय कप्तान विराट कोहली के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होने लगी थीं लेकिन ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हेजलवुड को जैसे ही स्लिप में लोकेश राहुल के हाथों कैच कराया पूरा भारतीय खेमा इस ऐतिहासिक जीत की ख़ुशी में उछल उठा. सभी भारतीय खिलाडिय़ों ने अश्विन को बधाई दी.
भारत की एडिलेड मैदान पर यह दूसरी जीत और ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर ओवरआल छठी जीत है. भारत को इस मैदान में इससे पहले जो एकमात्र जीत मिली थी वह उसे सौरभ गांगुली के नेतृत्व में दिसंबर 2003 में मिली थी. चेतेश्वर पुजारा को उनके पहली पारी के शतक के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया. पुजारा ने दोनों पारियों में 123 और 71 रन बनाये.
भारत ने 10 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच जीता है. आखिरी बार भारत को 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में जीत मिली थी. एडिलेड ओवल की बात करें, तो भारत को 15 साल बाद यहां जीत मिली है. आखिरी बार एडिलेड में भारत 2003 में टेस्ट मैच जीता था. जब द्रविड़ ने टीम इंडिया को 4 विकेट से यादगार जीत दिलाई थी. एडिलेड ओवल में भारत अपना 12वां टेस्ट मैच खेलने उतरा था.
स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप 14 दिसंबर को हैदराबाद में शादी के बंधन में बंध गए। साइना ने कश्यप के साथ अपनी शादी की घोषणा ट्विटर पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए की।
साइना ने अपनी शादी का फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। साइना ने कश्यप के साथ फोटो शेयर करते हुए # जस्टमैरेड हैशटैक के साथ लिखा- मेरे जीवन का सर्वश्रेष्ठ मैच।
Shuttlers Saina Nehwal and Parupalli Kashyap get married. (Pictures courtesy- Saina Nehwal’s Twitter account) pic.twitter.com/K2jGSqjppE
कश्यप के साथ अपने रिलेशनशिप के बारे में बात करते हुए साइना ने कहा था कि वह और पारुपल्ली कश्यप एक दूसरे को 10 साल से जानते हैं और हमेशा एक-दूसरे से बातचीत के दौरान सहज महसूस करते हैं।
खबरों के मुताबिक साइना की शादी 16 दिसंबर को होने वाली थी, लेकिन दोनों ने 14 दिसंबर को ही बड़े ही सादगी तरीके से अपनी शादी रचाई। बता दें कि साइना और कश्यप की पहली मुलाकात साल 2005 में हैदराबाद में पुलेला गोपीचंद अकादमी में हुई थी।