भारत के चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हिस्सा ना लेने के फैसले के बाद से ही इस टूर्नामेंट को लेकर तूफ़ान मचा हुआ है! क्या पाकिस्तान में ये टूर्नामेंट होगा या नहीं, इस सस्पेंस से क्रिकेट की दुनिया हैरान है। लेकिन आईसीसी की एंट्री ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है! क्या होगा इस टूर्नामेंट का भविष्य? आइये जानते हैं पूरी कहानी।
हाइब्रिड मॉडल की उलझन: भारत बनाम पाकिस्तान
पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आयोजन को लेकर बड़ा विवाद है। भारत ने साफ़ कर दिया है कि वो पाकिस्तान में नहीं खेलेगा। इस समस्या के समाधान के लिए, आईसीसी ने एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ सुझाया है, जिसमें भारत के मैच यूएई या किसी अन्य तटस्थ स्थान पर आयोजित किए जा सकते हैं। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) इस मॉडल से सहमत नहीं दिख रहा है, वे चाहते हैं कि चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में ही पूर्ण रूप से खेला जाये!
वित्तीय प्रलोभन का खेल
सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी पाकिस्तान को इस हाइब्रिड मॉडल के लिए मनाने की पूरी कोशिश कर रहा है, और इसमें पैसे का बड़ा रोल है! खबर है कि आईसीसी पाकिस्तान को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन देने की पेशकश कर रहा है ताकि वो इस मॉडल को स्वीकार कर लें। यह प्रोत्साहन काफी बड़ा बताया जा रहा है।
मैचों के स्थान को लेकर विवाद
यहाँ सिर्फ़ मॉडल को लेकर ही नहीं, मैचों के स्थान को लेकर भी विवाद है। पीसीबी चाहता है कि भारत-पाकिस्तान के मैच और फाइनल पाकिस्तान में ही हों, भले ही हाइब्रिड मॉडल अपना लिया जाए। लेकिन बीसीसीआई इसके लिए तैयार नहीं है और भारत के सभी मैच दुबई में कराने की मांग कर रहा है। यह एक बहुत बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है!
क्या बोर्ड की बैठक सुलझा पाएगी उलझन?
आईसीसी ने इस जटिल मामले पर विचार करने के लिए 26 नवंबर को एक कार्यकारी बोर्ड की बैठक बुलाई है। यह बैठक वर्चुअल होगी, और उम्मीद है कि इसके बाद इस मुद्दे पर कुछ स्पष्टता आएगी। लेकिन, पाकिस्तान की ओर से अभी भी स्पष्ट इनकार मिल रहा है।
पीसीबी चीफ़ का रुख
पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने अभी तक इस शेड्यूल में देरी पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनका अडिग रुख है कि चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में तय शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित की जाएगी, भले ही हाइब्रिड मॉडल लागू न हो पाए!
2017 के बाद फिर चर्चा में चैम्पियंस ट्रॉफी
2017 के बाद से ये पहला मौका है जब चैंपियंस ट्रॉफी वापसी कर रही है, और इस बार विवादों में घिरकर! यह टूर्नामेंट 19 फरवरी से 9 मार्च तक होना प्रस्तावित है, लेकिन यह किस रूप में होगा, यह अभी भी अनिश्चित है। पाकिस्तान ने 2017 में इंग्लैंड में इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था, लेकिन 2025 में क्या होगा? क्या ये पाकिस्तान के लिए दूसरा खिताब बन पाएगा, ये समय ही बताएगा।
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास
भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई है, लेकिन आईसीसी टूर्नामेंटों में दोनों देश एक-दूसरे से भिड़ते रहे हैं। पिछले साल एशिया कप का आयोजन भी हाइब्रिड मॉडल में हुआ था, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था, और भारत ने श्रीलंका में अपने मैच खेले थे।
क्या आगे भी जारी रहेगा ये विवाद?
चैंपियंस ट्रॉफी का विवाद दोनों देशों के राजनैतिक तनावों का ही प्रतिबिंब है। देखना दिलचस्प होगा कि आईसीसी यह स्थिति कैसे संभालता है और क्या चैंपियंस ट्रॉफी बिना किसी बाधा के समय पर हो पाएगी या फिर आगे भी ये विवाद जारी रहेगा।
टेक अवे पॉइंट्स
- भारत के चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में न खेलने के फैसले ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
- आईसीसी पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल अपनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दे रहा है।
- भारत के सभी मैचों को यूएई या किसी अन्य तटस्थ स्थान पर कराने को लेकर विवाद है।
- आईसीसी ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए 26 नवंबर को कार्यकारी बोर्ड की बैठक बुलाई है।
- चैंपियंस ट्रॉफी का भविष्य अभी अनिश्चित है।









