रोचक:- आज के समय में सोशल मीडिया काफी पॉपुलर प्लेटफार्म है। यह देश विदेश के लोगो को एक दूसरे से जोड़ने का काम करता है। लेकिन कई बार हमने सुना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से दो लोगो मे प्रेम हो जाता है और वह बाद में शादी के बंधन में बधं जाते हैं। वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी लव स्टोरी के बारे में जिसे सुनकर आप दंग रह जायेगें।
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56 साल के करोड़पति के प्यार में पागल हुई 26 साल की लड़की
असल मे खबर यह है कि सोशल मीडिया पर एक 26 साल की लड़की को एक 56 साल के करोड़पति से प्रेम हो गया और दोनो अब एक दूसरे के साथ है। लड़की का कहना है कि अगर उसका बॉयफ्रेंड दिवालिया भी घोषित कर दिया जाए तब भी वह उससे प्रेम करती रहेगी। लड़की की मुलाकात उसके बॉयफ्रेंड से टिंडर पर हुई थी।लड़की के बॉयफ्रेंड का नाम जेफ विन है। यह अपनी गर्लफ्रेंड अलाना से टिंडर पर मिले और इन्होंने अपना रिश्ता पक्का कर लिया और हाल ही में दोनो की सगाई हुई है। इन दोनों कपल के बीच मे 33 साल का एज गैप है। दोनो को उनके रिलेशनशिप के चलते कई प्रकार की बातों को सुनना पड़ रहा है।जेफ विन की गर्ल फ्रेंड अलाना का कहना है कि उन्होंने जेफ से इसलिए इंगेजमेंट नही की है कि वह करोड़पति है। बल्कि उन्होंने उनसे इंगेजमेंट इसलिए की है क्योंकि वह उनसे प्यार करती है। जानकारी के लिए बता दें यह कपल 11 बेडरूम के आलीशान घर में रहते हैं. जेफ अक्सर गर्लफ्रेंड को कीमती गिफ्टस देते रहते हैं। जेफ अपनी गर्ल फ्रेंड अलाना को खूब पसंद करते हैं इन्होंने उन्हें दूसरी डेट पर डायमंड रिंग गिफ्ट की है। जेफ अलाना से काफी बड़े है अलाना का कहना है कि कई बार उन्हें उनके रिलेशनशिप को लेकर काफी कुछ सुनाते हैं लेकिन उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता है। -
India Travel । झरने और पहाड़ियों को छोड़ यहाँ लोग भूकंप का मजा लेने आते हैं
डेस्क। पूरी दुनिया में ऐसे लाखों रहस्य छिपे हैं जिनके बारे में जाने की चेष्टा भी इंसानो की समझ से परेह है। इनमें से कुछ ऐसे रहस्य भी है जो समय-समय पर सामने आते रहते हैं पर उनकी गुत्थी को सुलझाना हमारे बस में नहीं है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला रहस्य भारत के छत्तीसगढ़ में मौजूद है, यहाँ पर एक ऐसी जगह है जहां इंसान के कूदने पर धरती कांपने लगती है मानो की जैसे भूकंप आ गया हो।
यहाँ पर छत्तीसगढ़ सरकार ने बोर्ड भी लगाया है। जिस पर लिखा हुआ है, यहां अजूबा है, यहां धरती कांपती है। आप आसानी से जीवन का आनंद ले सकते हैं।
बता दें यह अनोखा अजूबा आपको छत्तीसगढ़ के मैनपाट में एक जगह पर देखने को मिलेगा। जब भी कोई यहाँ पर कूदता है तो यहां की धरती ऐसे हिलने लगती है जैसे मानो भूकंप आ रहा हो।
यहां पर रहने वाले स्थानीय लोगों और वैज्ञानिकों की इस जगह के बारे में अलग-अलग राय है। साथ ही स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां कभी जलस्रोत रहा होगा। जो अब पूरी तरह सूख चुका है। और शायद से अंदर की जमीन पूरी तरह दलदली है, जिस वजह से ऐसा होता है।
पर दूसरी ओर, वैज्ञानिक ऐसा नहीं मानते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इस जमीन के नीचे का आंतरिक दबाव और खाली जगह पानी से भरी होने के कारण यहां का स्थान स्पंजी हो गया है। इसलिए जब भी कोई इस जगह पर कूदता है तो ऐसा लगता है जैसे की पूरी जमीन हिलने लगी हो।
कई लोग वहां पर सिर्फ इसी जमीन का मजा लेने के लिए आते हैं और मस्ती करते हुए जमीन को हिला कर मजे करते नज़र आते है। हर साल हजारों की संख्या में सैलानी इस जगह पर घूमने और कूदने के लिए पहुँचते है।
यह खूबसूरत पर्यटन स्थल लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आता है। खूबसूरत घाटियों और झरनों के कारण यहां का मौसम भी बेहद ठंडा रहता है। इसलिए लोग यहां गर्मी के मौसम में अक्सर घूमने आते हैं।
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बनावट ऐसी की इस किले का नाम पड़ गया साँपो का किला
डेस्क। वैसे तो हमारे भारत देश में आज भी सैकड़ों किले और हवेलियां मौजूद हैं। इनमें से ज्यादातर किलों में कोई नहीं रहता है और इन पर भारत सरकार का कब्जा है और भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) इन किलों की देखरेख करता है। वहीं देश में कुछ किले ऐसे भी हैं जिनकी देखभाल कोई नहीं करता और यह किला आज भी अपनी भव्यता की कहानी कहते हैं। ज्यादातर इन बंद किलों को या तो प्रेतवाधित किया जाता है या फिर सांपों और बिच्छुओं का निवास स्थान माना जाता है। ऐसा ही एक किला महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है जिसे स्नेक हाउस के नाम से भी जाना जाता है।
महाराष्ट्र में यह किला कोल्हापुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित पन्हाल दुर्ग का निर्माण 1178 से 1209 ईस्वी के दौरान हुआ था। जिसे शिलाहार शासक भोज द्वितीय द्वारा बनवाया गया था।
ऐसा कहा जाता है कि इस किले के साथ ‘जहां राजा भोज, कहां गंगू तेली’ कहावत भी जुड़ी हुई है। इस किले के नाम के अलावा पन्हाला किले को पन्हालागढ़, पनाला और पहाला के नाम से भी बुलाया जाता है। बता दें, पन्हाला एक बहुत छोटा सा कस्बा और हिल स्टेशन है, लेकिन इसका इतिहास शिवाजी महाराज से जुड़ा है। बता दें कि यह किला यादव, बहमनी और आदिल शाही जैसे कई राजवंशों के अधीन रहा है, साथ ही साल 1673 ई. में शिवाजी महाराज को इस पर अधिकार प्राप्त हुआ। शिवाजी महाराज पन्हाला किले में सबसे लंबे समय तक रहे। उन्होंने यहां 500 से अधिक दिन भी बिताए। बाद में यह किला अंग्रेजों के कब्जे में आ गया।
पन्हाला किले को ‘सांपों का किला’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी संरचना बहुत ही टेढ़ी-मेढ़ी है, यानी ऐसा लगता है जैसे कोई सांप चल रहा हो। यहाँ पर कुलदेवी तुलजा भवानी का मंदिर भी है जो इस किले के पास जूना राजबारा में स्थित है, जिसमें एक गुप्त सुरंग भी बनाई गई है, जो 22 किमी दूर पन्हाला किले के लिए सीधे खुलती है।
पर अब इस टनल को बंद कर दिया गया है। इस किले में तीन मंजिला इमारत के नीचे एक गुप्त कुआं भी बना हुआ है, जो अंधार बावड़ी के नाम से प्रसिद्ध है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस बावड़ी का निर्माण मुगल शासक आदिल शाह ने करवाया था।
इसके निर्माण का कारण यह था कि जब भी दुश्मन किले पर हमला करता है, तो वह पास के कुओं या तालाबों में मौजूद पानी में आसानी से जहर घोल सकता था।
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रहस्य। अंडे देती है चीन की ये चट्टान, लोग लेकर जातें हैं भाग
वैसे तो दुनिया में कई अजीबोगरीब और अनोखी चीजें मौजूद हैं। जिसका जवाब वैज्ञानिकों के पास भी नहीं है। प्रकृति की इन चीज़ों को देखकर आम इंसान सिर्फ हैरान ही हो सकता है। वैज्ञानिक भी कई सालों से इनके जवाब ढूंढने की कोशिश में लगे हैं लेकिन जिसना परते उतारने की कोशिश कीं उतना ही अंदर डूबते चले गएं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला रहस्य छुपा है चीन की चट्टानों के बीच। बता दें कि एक रहस्य्मयी चट्टान चीन के गिझोउ प्रांत में स्थित है।
यह चट्टान किसी को भी हैरान कर दें क्योंकि यह हर तीस साल (30 years) में एक अंडे देती है। इसे अंडा देने वाली चट्टान के नाम से भी जाना जाता है।
क्यों आप भी हैरान हो गए न! आजतक आपने मुर्गी और बत्तख को आमतौर पर अंडे देने वाले जीवों की सूची में सुना होगा। लेकिन चीन का स्थित यह चट्टान भी अंडे देती है। जानकारी के अनुसार यह हर 30 साल में एक अंडा देती है। बता दें कि ये चट्टान तीस साल तक अंडे को अपने अंदर रखकर सेती रहती है फिर तीस साल पूरे हो जाते ही अंडे अपनेआप चट्टान से अलग हो जाते हैं।
इस चट्टान की ऊंचाई करीब 19 फीट है और ये 65 फीट लंबा भी है। बता दें कि अंडे चट्टान के अंदर ही पैदा होते हैं और अपने आप तीस साल के बाद बाहर गिर जाते हैं।
चीन के इस रहस्य्मयी चट्टान को चन दन या के नाम से भी जाना जाता है। यह पूरी की पूरी चट्टान काले रंग की है। और यह चट्टान जो अंडे देती है, वो भी काले रंग के ही होते है। 30 सालों के समय के बाद अपनेआप चट्टान की सतह से धीरे-धीरे बाहर की तरफ अण्डे निकलने लगते हैं। वैज्ञानिक भी इस पूरे प्रॉसेस को समझने की कोशिश में लगे थे लेकिन किसी को अभी तक इसमें सफलता नहीं मिली है। उल्टा जिसने जितना समझना चाहा वो उतना ही उलझ गया।
चट्टान का चीनी नाम चन दन या है, जिसका हिंदी में मतलब होता है- अंडे देने वाला पत्थर। बता दें कि इस चट्टान से निकले वाले अंडे को लोग ख़ुशी का प्रतीक मानते हैं। और जैसे ही अंडे जमीन पर गिरते हैं लोग इन्हें लेकर भाग जाते हैं। ये अंडे काले रंग व ठंडी एवं चिकनी सतह के होते हैं।
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लड़के Google पर सबसे ज्यादा Search करते हैं Sex से जुड़ी ये बात
डेस्क। What Men Search the Most on Google। आजकल गूगल का इस्तेमाल हर कोई करता है। लोग हर समस्या का समाधान गूगल पर ही ढूंढते है। वैसे तो गूगल पर सर्च हिस्ट्री (Google Search History) को आसानी से साफ किया जा सकता है, लेकिन ये सारा डाटा गूगल अपने पास सेव कर लेता है। इसके बाद इसका इस्तेमाल सर्वे और रिपोर्ट के लिए किया जाता है। ऐसी ही एक रिपोर्ट सामने आई है।
जिसमें पता चला था कि गूगल पर लड़के और पुरुष सबसे ज्यादा किस बारे में और क्या सर्च (Men Search the Most on Google) करते हैं। इस रिपोर्ट के बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
Mars.com की एक रिपोर्ट की माने तो पुरुषों द्वारा Google पर सबसे अधिक खोज की जाने वाली चीजों में से एक Sexuality है। रिपोर्ट के मुताबिक हर साल करीब 68 हजार पुरुष सर्च करते हैं कि वे नपुंसक तो नहीं है। इसके अलावा लड़के गूगल पर शेविंग करने से उनकी दाढ़ी के बाल ज्यादा बढ़ते हैं या नहीं और दाढ़ी को घना कैसे बनाया जाए, क्या उपाय हैं। इसके बारे में भी ज्यादातर लोग सर्च करते हैं।
क्या टोपी से बालों पर प्रभाव पड़ता है?
पुरुषों को यह जानने की उत्सुकता रहती है कि टोपी पहनने से उनके बालों पर क्या प्रभाव पड़ता है। वर्कआउट रूटीन, बॉडी बिल्डिंग कैसे करें और कौन सा प्रोटीन शेक पीना अच्छा होता है… ये सब भी लड़कों के गूगल सर्च में शामिल हैं।
Breast Cancer
इस रिपोर्ट में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुरुषों के टॉप गूगल सर्च (Top Google Search) में ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) भी शामिल रहता है। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में आम है, लेकिन लड़के जानना चाहते हैं कि क्या लड़कों को भी ब्रेस्ट कैंसर होता है या नहीं; और यदि हां, तो यह कैसे होता है और इसकी कितनी संभावना रहती है। साथ ही इसको कैसे रोकें।
मर्द लड़कियों के बारे में ये जानना चाहते हैं
रिपोर्ट के अनुसार लड़के गूगल पर लड़कियों के बारे में कई बातें जानना चाहते हैं। जैसे लड़कियों को कैसे इंप्रेस करते है, लड़कियां इतनी खुश कैसे रहती है और उन्हें क्या पसंद नापसंद होता है। लड़के यह भी जानना चाहते हैं कि शादी के बाद लड़कियों को कैसे खुश रखा जाए।
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James Webb Telescope: नासा ने एक ग्रह पर खोजा पानी, बादल व धुंध , जाने पूरी स्टोरी
रोचक:- पृथ्वी के अलावा किसी अन्य ग्रह पर जीवन को तलाशने में कई सालों से वैज्ञानिक लगे हुए हैं। वही नासा कोई न कोई अनोखा खुलासा करने लोगो को चकित कर रहा है। अब खबर है कि नासा ने एक ग्रह पर पानी की खोज कर ली है। नासा के अनुसार नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) ने एक हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक विशाल ग्रह पर पानी, बादल और धुंध का पता लगाया है।
नासा का कहना है कि उन्होंने जिस ग्रह का पता लगाया है यह सूर्य जैसे ग्रह की परिक्रमा कर रहा है। नासा ने ग्रह डब्ल्यूएएसपी-96 b के वातावरण का वेब टेलीस्कोप ने विश्लेषण किया है। नासा का कहना है कि यह अब तक की बड़ी उपलब्धि है। वही WASP-96 b ग्रह आकाशगंगा में मौजूद 5,000 से अधिक ग्रहों में से एक है। नासा का दावा है कि यह ग्रह दक्षिणी-आकाश नक्षत्र फीनिक्स से लगभग 1,150 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है।यह एक ऐसा ग्रह है जहां बहुत अधिक मात्रा में गैस मौजूद हैं। इसका वजन बृहस्पति का आधा व व्यास बृहस्पति से 1.2 गुना अधिक है। यह हमारे ग्रह की तुलना में काफी उभरा हुआ है जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं। इस ग्रह का तापमान 538 डिग्री सेल्सियस से अधिक है जो वास्तव में बहुत ज्यादा है। बता दें जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अब अंतरिक्ष से जुड़े रहस्यों को खोलना शुरू कर दिया है ओर अब इसके माध्यम से ऐसी तस्वीरों को देखा जा रहा है जो वास्तव में हमने कभी कल्पना नही की थी। -
IAS Success:- अंग्रेजी नहीं आने पर लोगो ने उड़ाया था माजक, आज IAS बन उन लोगो को दिया जवाब
IAS Success:- सिविल सेवा की परीक्षा को पास करना कोई आसान काम नही है। इसके लिए लोगो को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है ओर अपने सपने को पूरा करने के लिए रातों रात जगना पड़ता है। दुनिया की चहल पहल से दूर रहकर अपने सपने को जीना पड़ता है। लेकिन कॉम्पटीशन के इस दौर में हर कोई सिविल सेवा की परीक्षा में सफल नही हो पाता है। लाखो लोगो मे से यह सफलता का ताज कुछ गिने चुने लोगो के सर पर सजता है। वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं आईएएस अफसर सुरभि गौतम की कहानी।
सुरभि गौतम ने पहले ही प्रयास मे सफलता हासिल की ओर लोगो को चौंका दिया। सुरभि गौतम ने अपनी काबिलियत के मुताबिक अपनी रणनीति बनाई ओर उसी रणनीति के आधार पर अपनी सफलता का मार्ग तय किया। सुरभि मध्यप्रदेश की रहने वाली है यह बचपन से ही अपने करियर को लेकर काफी सजग थी। 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में उन्होंने अपने बलबूते पर 90 फीसदीं अंक प्राप्त किये। वही अगर हम इनके परिवार की बात करे तो इनके पिता कोर्ट में सिविल वकील थे और इनकीं मां एक टीचर थी।सुरभि अपने गांव की पहली लड़की थी जो उच्च शिक्षा के लिए शहर पढ़ने गई थी। उन्होंने स्टेट इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की थी ओर उन्होंने भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग पूरी की, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय में टॉप किया और अपने प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त किया। टॉपर सुरभि गौतम ने सिविल सेवा में जाने से पहले अन्य कई परीक्षाओ को पास किया। सुरभि गौतम ने एक साल तक बीएआरसी में न्यूक्लियर साइंटिस्ट के तौर पर काम किया था. उन्होंने गेट, इसरो, सेल, एमपीपीएससी पीसीएस, एसएससी सीजीएल, दिल्ली पुलिस और एफसीआई जैसी परीक्षाओं को भी पास किया. इतना ही नहीं, सुरभि ने 2013 में हुई IES परीक्षा में AIR 1 हासिल किया था।लेकिन सुरभि गौतम को अंग्रेजी में कमजोर होने के कारण कई बार आलोचनाओ का सामना करना पड़ा। सुरभि का कहना है कई बार जब वह प्रवाह के साथ बढिया अंग्रेजी नही बोल पाती थी तो क्लास में उनका मजाक बनाया जाता था। उनके साथी उनपर हंसते थे। कई बार इसकी वजह से वह हताश हो जाती थी लेकिन उन्होंने हार नही मानी ओर आज वह अपने अपने सपने के साथ है। -
IndiGo ने वसूला क्यूट चार्ज, लोग बोले अब सुंदर दिखने का भी पैसा देना होगा
डेस्क। इंडिगो एयरलाइन की ओर से यात्रियों से टिकट पर वसूले जा रहे ‘क्यूट चार्ज’ को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद होता दिखाई दे रहा है। यूजर्स तरह-तरह के मीम्स बना कर सोशल मीडिया इसको लेकर आपत्ति जताते हुए नज़र आ रहें हैं। दूसरी ओर लोगों इस तरह के चार्ज वसूलने पर एयरलाइन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। एक यूजर्स के द्वारा शेयर किए गए टिकट के स्क्रीनशॉट में क्यूट चार्ज की जानकारी सामने आई है, इंडिगो ने इसके लिए 100 रुपए का शुल्क भी आदमी से वसूला है।
शांतनु नाम के ट्विटर यूजर की ओर से शेयर किए गए एक पोस्ट में टिकट के स्कीनशॉट में टिकट के किराये के ब्रेकअप में “क्यूट चार्ज” के आगे 100 रुपए लिखा हुआ था। यह “क्यूट चार्ज” हाइलाइट किए गए स्क्रीनशॉट को भी साझा करते हुए, शांतनु ने मजाक में लिखा, “मुझे पता है कि मैं उम्र के साथ और अधिक सुंदर होता जा रहा हूं पर कभी नहीं सोचा था कि इंडिगो मुझसे इसके लिए शुल्क ले लेगा”।
आमतौर पर हवाई किराया शुल्क, सीट शुल्क, सुविधा शुल्क, हवाई अड्डे की सुरक्षा शुल्क और उपयोगकर्ता विकास शुल्क वसूला जाता है। इस वायरल पोस्ट को ट्वीट पर अभी तक 9 हजार से अधिक लाइक्स और 333 रिप्लाई मिल चुके है।
इस ट्वीट के वायरल होने के बाद एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “कोई बात नहीं, अगर कोई मुझे क्यूट बता रहा है तो मैं 100 रुपए का भुगतान कर दूंगा”।
एक अन्य यूजर्स ने लिखा कि ”अब वह दिन दूर नहीं जब सुरक्षा शुल्क, ग्राउंड स्टाफ, बोर्डिंग पास शुल्क, पायलट और सह-पायलट सेवा के लिए शुल्क, एयर होस्टेस सेवा, जल आपूर्ति शुल्क, शौचालय सेवा शुल्क, ट्रॉली सेवा शुल्क आदि भी आपसे लिया जाएगा “।
बता दें कि एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (Airports Authority of India) यात्रियों से CUTE फीस वसूल करता है, जिसका मतलब होता है ‘कॉमन यूजर टर्मिनल इक्विपमेंट’ (CUTE)। CUTE शुल्क को ज्यादातर यात्री हैंडलिंग शुल्क के नाम से जानते हैं।
इसके बाद से ही कई छिपे हुए शुल्क और करों पर भी बहस शुरू हुई है जो ग्राहकों को उनकी उड़ान टिकट की कीमत के अलावा भुगतान करना पड़ता है।
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क्या आप भी करते हैं सार्वजनिक जगहों पर पेशाब, अब मत करना वर्ना पड़ सकता है भारी
डेस्क। देश में लंबे समय से स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा हैं और साफ़-सफाई पर खासा बल दिया जा रहा है। पर आज भी कई सड़कें और जगहें ऐसी हैं जो कचरे का ढेर बनी रहतीं हैं। इसी के साथ दीवारें पान और गुटके से रंगी भी मिल जाएगी।
आपने आमतौर पर देखा होगा कि कुछ दीवारों पर लिखा होता हैं कि ‘यहां पेशाब करना मना है’। लेकिन लोगो को उसे नजरअंदाज करते हुए वहीँ पर पेशाब करने की आदत होती है।
वैसे तो यह एक शर्मनाक हरकत हैं और इसे रोकने के कई उपाय भी किए गए हैं। ऐसे में आप जरा सोचिए कि कोई ऐसी तरकीब निकाली जाए कि पेशाब करने वाले खुद दीवार पर पेशाब करने से डरे।
सोचिए क्या हो अगर पेशाब करने वाले के ऊपर दिवार से बाउंस होकर पेशाब आ जाए। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे होता हैं! तो आपको बता दें कि जर्मनी ने इस समस्या को गंभीरता को समझते हुए एक ऐसी तरकीब निकाली हैं जिसकी बदौलत अब कोई भी दीवार पर पेशाब करने की गलती करने की सोचेगा भी नहीं।
जर्मनी के हैमबर्ग में सेंट पॉली के नाइटक्लब डिस्ट्रिक्ट में आने वाले लोगों को दीवार गीली करने पर सबक सिखाने के लिए इस अनोखे तरीके को निजाद किया है।
वैसे तो हैमबर्ग में सेंट पॉली की गलियों में लोग शराब पीकर यहां की दीवारों पर पेशाब कर उन्हें गंदा कर देते थे। यहां लोगों ने अपने घरों की दीवारों पर पेशाब करने वालो से निपटने के लिए एक खास तरह का पेंट लगाया है।
लोगों ने अपनी दीवारों पर स्पेशल वॉटर रेपलेंट पेंट लगाया है। शिपबिल्डिंग में इस्तेमाल होने वाले इस पेंट की खास बात है कि जो लोग दीवारों पर पेशाब करते हैं उन लोगों पर उनका पेशाब बाउंस होकर वापस गिरने लग जाता है।
अब आप समझ लीजिए की अगर आप भी सार्वजानिक जगहों की दीवारों पर पेशाब करते है तो जरा सम्भल कर करना। आप पेशाब करेंगे दीवार पर पर अपने ही पेशाब से खुद भीग जाएंगे।
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सौरमण्डल के उबलते ग्रह पर उतरने को तैयार है चीन
रोचक: चीन को वैसे तो पूरी दुनिया चतुर चीन के नाम से जानती है। चीन सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होने के बाबजूद हर क्षेत्र में तरक्की करता जा रहा है। आज चीन का व्यापार हर देश मे फैला हुआ है। तकनीकी के क्षेत्र में चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां के वैज्ञानिक आय दिन कुछ नया करने की फिराक में रहते हैं। वही अब खबर है कि चीन सौरमण्डल के सबसे गर्म ग्रह के लिए बड़ी योजना बना रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चीन शुक्र पर अपना नया मिशन लॉन्च करने की रणनीति बना रहा है।
जानकारों का कहना है कि चीन इस बड़े मिशन के तहत यह जानने की कोशिश करेगा कि ग्रह का निर्माण आखिर होता कैसे है। चीन ने शुक्र के लिए वीनस वोल्केनो इमेजिंग एंड क्लाइमेट एक्सप्लोरर (VOICE) नाम का मिशन तैयार किया है। कहा जा रहा है कि चीन अपने इस मिशन को 2026 तक लॉन्च कर देगा और साल 2027 में चीन शुक्र पर कदम रखेगा। कहा जा रहा है कि यह सर्कुलर पोलर ऑर्बिट में 350 किलोमीटर के एल्टीट्यूड पर घूमेगा, यानि शुक्र की सतह से 350 किलोमीटर ऊपर उड़ता हुआ यह ग्रह पर होने वाली थर्मल और केमिकल प्रोसेस का पता लगाएगा।विज्ञान के जानकारों का कहना है चीन इस मिशन के माध्यम से खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करना चाहता है। इस मिशन के माध्यम से चीन वातावरण और ग्रह के मध्य चलने वाली क्रियाओ से लेकर शुक्र पर जीवन का पता लगाएगा।चीन के वीनस वोल्केनो इमेजिंग एंड क्लाइमेट एक्सप्लोरर (VOICE) में साइंस इंस्ट्रूमेंट्स इस्तेमाल होंगे उनमें एक एस-बैंड पोलरीमीट्रिक सिंथेटिक अपर्चर रडार होगा। यह रडार शुक्र के वातावरण में मौजूद बादलों के पार देख सकेगा और सतह की मैपिंग कर सकेगा। इसके अलावा मिशन में एक मल्टीस्पेट्रल इमेजर भी ले जाया जाएगा जो ग्रह की निगरानी अल्ट्रावॉइलेट, विजिबल और नियर इंफ्रारेड वेवलेंथ में भी करने में सक्षम होगा।