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  • श्राप ने बना दिया गांववालो को बौना, बस एक-दो फिट के होते हैं लोग

     

    दुनिया में कई ऐसे रहस्य है जिनको जानना इंसान के बस में ही नहीं। बड़े बड़े विज्ञान के ज्ञाता भी इन्हें देख कर सर पकड़ लेते हैं। जिनका पता आज तक कोई नहीं लगा पाया है। इन रहस्यों को जितना जानने की कोशिश की गई इंसान उसमें उतना ही उलझता चला गया। ऐसे ही एक रहस्य से भरा गांव हैं जिसे देख बड़े से बड़े साइंटिस्ट भी असमंजस में पड़ गए।

    इस अजीबोगरीब गाँव में बच्चे के जन्म के 7 साल बाद ही उनकी लंबाई बढ़ना बंद हो जाती है। खास बात यह है कि यहां बच्चा पैदा तो नॉर्मल होता है सब कुछ एकदम आम रहता हैं। साथ ही करीब 7 साल तक उसकी हाइट भी एक नॉर्मल बच्चे की तरह बढ़ती है, पर फिर बच्चें की हाइट अचानक से बढ़ना बंद हो जाती है। 

    इसी कारण से; 7 साल की उम्र के बाद हाइट न बढ़ने से इस गांव को शापित गांव के नाम से जाना जाता है। बता दें कि यह अनोखा गांव चीन में स्थित है। यह गांव दुनिया के लिए एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। जो भी इसके रहस्य को जानने गया उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा। इस गांव को बौनों का गांव भी कहा जाता है। बौने लोगों का यह गांव चीन के सिचुआन में स्थिति है। पर इस गांव का असल नाम यांग्शी है।

    इस गांव में रहने वाले 50 फीसदी लोगों की हाइट 2 से 3 फीट है। जानकारी के मुताबित जब यहां किसी बच्चे का जन्म होता है तो सब सामान्य रहता है। साथ ही शुरुआत में 5 से 7 साल तक बच्चों की हाइट सामान्य तौर से बढ़ती है। पर इसके बाद इसमें ब्रेक लग जाता है। 

    अगर आस पास के लोगों की माने तो उनके अनुसार इस गाँव पर किसी बुरी शक्ति का साया है। वहीं कुछ लोग कहते हैं कि ऐसा एक श्राप के कारण है और यह गांव कई दशकों से शापित है। बता दें कि पिछले कुछ दशकों से वैज्ञानिकों ने इसके रहस्य पर से पर्दा उठाने की पुरजोर कोशिश की है लेकिन सभी प्रयास असफल रहें।

  • सबसे अमीर जिलों की लिस्ट में टॉप 2 पर ट्रेड किया बेगूसराय, जाने अमीर जिलों की लिस्ट

    रोचक:- जब कभी भी भारत मे सबसे अमीर राज्य की बात होती है तो हमारी जुबान पर पंजाब और हरियाणा का नाम आता है। वही जब हम बेहतरीन शिक्षा की बात करते हैं हमे केरल और मणिपुर दिखाई देते हैं। वही बिहार को हम अक्सर कमजोर आंकते है और उसे एक ग्रामीण स्टेट के नाम से भी सम्बोधित करते हैं। कई लोगो ने बिहार की छवि अविकसित राज्यो के रूप में अपने मस्तिष्क में बना रखी है। लेकिन आज हम आपको बिहार से जुड़े एक ऐसे जिले के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने सबसे अमीर जिलों की लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल कर रखा है।

    असल मे हम बात कर रहे हैं बिहार के औद्योगिक जिला बेगूसराय की जो अमीर जिलों की लिस्ट में दूसरे नम्बर पर है। हमने देहात के लोगो को कहते सुना है कि अगर यूपी बिहार के लोग काम करना छोड़ दे तो उद्योग धंधे ठप पड़ जाएं। लेकिन लोग यूपी बिहार के लोगो को कम आंकने से बाज नहीं आ रहे। यह दोनो राज्य अपने अपने स्तर पर काफी तरक्की कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जहाँ यूपी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। 
    वही बिहार अर्थव्यवस्था का मनी ऑर्डर इकोनॉमी बना है। बिहार का जिला सबसे अमीरो की लिस्ट में टॉप 2 पर है जो बिहार के लोगो के लिए बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2019-20 के आर्थिक सर्वेक्षण के हिसाब से प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद पटना में सबसे अधिक 1.31 है। वही अगर हम बिहार के सबसे गरीब जिले की बात करें तो यह शिवहर है जिसका सकल घरेलू उत्पाद 0.19 है। 
    बिहार का सबसे अमीर जिला:- 
    अगर हम बिहार के सबसे अमीर जिले की बात करे तो वह बिहार की राजधानी पटना है। पटना जिले का कुल क्षेत्रफल करीब 3200 वर्ग किलोमीटर है जबकि इसकी कुल जनसंख्या 58.38 लाख है. पटना में प्रति व्यक्ति आय ₹131.100 हजार है। पटना अपने उद्योग और संस्कृति के लिए पूरे देश मे विख्यात है। लोग पटना की सराहना करते हैं। वही अगर बात बेगूसराय की करे तो कहना ही क्या। क्योंकि बेगूसराय अमीर जिलों की सूची में दूसरे स्थान पर है। बेगूसराय का क्षेत्रफल 1918 वर्ग किलोमीटर है जबकि इसकी कुल जनसंख्या 29.70 लाख है. बेगूसराय जिले में प्रति व्यक्ति आय 51.4 हजार रुपए है। 

    जाने क्यों पॉपुलर है बेगूसराय:- 

    अगर हम बेगूसराय के पॉपुलर होने की बात करे तो यह अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ रिफाइनरी, फर्टिलाइजर और छोटी-मोटी कई इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है। नेशनल हाईवे पर बसे होने के कारण बेगूसराय में कारोबार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध है। जिसके चलते यह इतना पॉपुलर है और यह अमीर जिलों की सूची में दूसरे नम्बर पर है। 
    जानकारी के लिए बता दें अमीर जिलों की सूची में तीसरे नम्बर पर मुंगेर , चौथे नम्बर पर भागलपुर का नाम है। 
    पांचवें नंबर पर रोहतास, छठे नंबर पर मुजफ्फरपुर, सातवें पर औरंगाबाद, आठवें पर गया, नौवें पर भोजपुर और दसवें नंबर पर वैशाली है।

  • इस त्योहार में कब्र से लाशें निकालकर उनका किया जाता है मेकअप, लाशों के साथ नाचते हैं लोग

    रोचक:- हमने अलग अलग देशो के अलग अलग त्योहार के बारे में खूब सुना है। कही होंली के बाद जूतों की होंली तो कही दीवाली के बाद पत्थर फेंकने का त्योहार। किसी देश में टमाटरों का फेस्टिवल तो कहीं बियर का जश्न। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे फेस्टिवल के बारे में बताने जा रहे हैं जिंसमे लोग लाशों को कब्र से निकालकर उसको नए कपड़े पहनाते है और उसका पूरा मेकअप कर अपने यहां के फेस्टिवल को सेलीब्रेट करते हैं। 

    असल मे यह इंडोनेशिया का फेस्टिवल है जिसका नाम है मा’नेने फेस्ट‍िवल। इसे इंडोनेशिया के टोरेजन जनजति के लोग सेलीब्रेट करते हैं। इस त्योहार पर लोग अपने परिजनों को कब्र से खोदकर बाहर निकालते हैं फिर उनको नहलाकर उसका पूरा मेकअप करते हैं उन्हें नए कपड़े पहनाते है फिर उनकी लाश को सामने रखकर नाचते गाते हैं। इंडोनेशिया में जिस दिन यह जनजातियां लाशों को खोदकर यह फेस्टिवल मनाती है उस दिन उनके यहां तरह तरह के पकवान बनते हैं और उन पकवानों को लाशों के सामने रखा जाता। जश्न के बाद उस पकवान को उस जनजाति के लोग प्रसाद के रूप में खाते हैं। 
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    यह जनजाति इंडोनेशिया के टाना टोराजा की पहाड़ियों में रहती है। इस जनजाति के लोगो का कहना है कि जब वह ऐसा करते हैं तो उनके परिजनों की आत्मा को खुशी मिलती है। उन्हें ऐसा लगता है कि हम लोग उनकी मृत्यु के बाद भी उनके साथ है और उनकी केयर करते हैं। वही हमारे समुदाय में यह त्योहार 100 साल से मनाया जाता है। हम प्रत्येक शव को निकालकर उनकी खुशी के लिए ऐसा करते हैं। इस त्योहार के इतिहास पर गौर करे तो इसकी शुरुआत बरुप्पु गांव से हुई थी, जब लाश का आशीर्वाद लेने के लिये ऐसा किया गया। लोग कब्र से लाश को बाहर निकालते हैं और उसे सजाने के बाद उसके साथ नाचते हैं।वही जब त्योहार की सभी परम्पराएं पूरी हो जाती है तो वह खुद नए कपड़े पहनते हैं और लाश के सामने रखे पकवान को खाते हैं।

  • क्या है पिता बनने की सही उम्र, जानिए यहां, इसके बाद…

    Male Fertility नई दिल्ली । अक्सर यह माना जाता है कि महिलाओं के लिए बच्चे पैदा करने की एक सही उम्र होती है, जबकि पुरुष किसी भी उम्र में बच्चे पैदा कर सकते हैं। हालाँकि, यह पूरी तरह सच नहीं है। बच्चे पैदा करने के लिए महिलाओं की उम्र उतनी ही मायने रखती है जितनी पुरुषों की उम्र। इसका कारण यह है कि बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में स्पर्म काउंट और उसकी क्वालिटी गिरने लगती है।

    पिता बनने की सही उम्र – जानकारों के मुताबिक पुरुषों के लिए पिता बनने के लिए 20 से 30 साल की उम्र सही होती है। हालाँकि, पुरुषों के बच्चे हो सकते हैं, भले ही वे 50 या उससे अधिक उम्र के हों। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, एक आदमी ने 92 साल की उम्र में बच्चे को जन्म दिया। शोधकर्ताओं का कहना है कि बच्चे को जन्म देने के लिए पुरुषों की उम्र का बहुत महत्व होता है। 40 की उम्र के बाद पुरुषों में पिता बनने की संभावना कम होने लगती है।

    जैविक घड़ी-विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में शुक्राणु का उत्पादन कभी नहीं रुकता है, लेकिन उम्र के साथ शुक्राणु के डीएनए के क्षतिग्रस्त होने की संभावना काफी बढ़ जाती है, जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है। इससे होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

    कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि जब पुरुष बड़ी उम्र में पिता बन जाते हैं, तो इससे बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर हो सकता है। 2010 के एक अध्ययन में पाया गया है, कि जो पुरुष 40 साल की उम्र के बाद पिता बने, उनके बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकसित होने का जोखिम 5 गुना था।

    शुक्राणु का उत्पादन किस उम्र के बाद बंद हो जाता है – विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वीर्य के कुछ मानदंड निर्धारित किए हैं जिनसे स्वस्थ शुक्राणु का निर्धारण किया जाता है। इसमें स्पर्म काउंट, शेप और मूवमेंट शामिल हैं। इसके अनुसार जैसे ही वे 35 की उम्र के करीब पहुंचते हैं, पुरुषों में यह स्पर्म पैरामीटर खराब होने लगता है।

    इस समय पुरुष सबसे ज्यादा फर्टाइल होते हैं – 22 से 25 साल के बीच पुरुष सबसे ज्यादा फर्टाइल होते हैं। ऐसे में उन्हें 35 साल की उम्र से पहले बच्चे पैदा करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस उम्र के बाद प्रजनन क्षमता बिगड़ने लगती है। अगर आप 45 की उम्र के बाद बच्चे पैदा करने की सोच रहे हैं तो पहले डॉक्टर से संपर्क करें।

    इस उम्र में पिता बनना खतरनाक हो सकता है – जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित एक शोध में पाया गया कि 25 साल की उम्र से पहले पिता बनने से पुरुषों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर पुरुष कम उम्र में पिता बनने के लिए मानसिक और आर्थिक रूप से तैयार नहीं होते हैं और इसका खामियाजा बाद में भुगतना पड़ता है।

  • इस नदी में एक साथ बहता है पांच रंगों का पानी, देखकर उड़ जाते हैं होश

    डेस्क । वैसे तो आपने बारिश के मौसम में आसमान में इंद्रधनुष जरूर देखा होगा। इन्द्रधनुष में दिखने वाले सात रंगों की खूबसूरती को कुछ देख बैठकर निहारा भी होगा। पर क्या आप ये जानते हैं कि दुनिया में एक नदी ऐसी भी है जिसमें पांच रंगों का पानी इंद्रधनुष की तरह बहता नज़र आता है। इसको देखने के बाद लोगो की आँखे खुली की खुली ही रह जातीं थी।

    बता दें कि यह सुनने के बाद आपको हैरानी भी हो सकती है, लेकिन यह एकदम सच है। इस नदी की खूबसूरती सभी को अपनी ओर मोहित कर देती है। इसके बारे में सोचने पर ही आपके मन मे इसके प्रति लालसा जाग उठेगी। इसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग जाते हैं। 

    आज हम बात कर रहे हैं कैनो क्रिस्टल नदी की। यह नदी दक्षिण अमेरिका के कोलंबिया में है। कैनो क्रिस्टल्स नदी न केवल कोलंबियाई बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को अपने रंगों के मायाजाल से चकित कर देती है। बता दें कि इस नदी में पांच अलग-अलग रंगों का पानी बहता है। इनमें पीला, हरा, लाल, काला और नीला रंग शामिल हैं। पानी के पांच रंगों के कारण इस नदी को पांच रंगों वाली नदी के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ ही इसे लिक्विड रेनबो के नाम से भी बुलाया जाता है।

    पानी के पांच रंगों के कारण इस नदी को दुनिया की सबसे खूबसूरत नदी भी माना जाता है। इस तरल इंद्रधनुषी नदी की खूबसूरती जून के महीने से लेकर नवंबर के बीच देखने को मिलती है। इस समय इस नदी को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।

    आपको बता दें कि यहां के पानी का रंग कैसे बदलता है। आप हैरान हो जाएंगे ये जानकर की यहां नदी के पानी का रंग नहीं बदलता । बल्कि नदी में मौजूद एक मकाक क्लेविगेरा नाम का एक विशेष पौधा इस नदी में पानी का रंग बदलने का कारण है। इन पौधों की वजह से ही ऐसा लगता है मानो पूरी नदी प्राकृतिक रूप से रंगीन हो होकर इंद्रधनुषी हो गई हो। 

    यह पौधे नदी के तल पर मौजूद है। इस पौधे पर जैसे ही सूरज की रोशनी पड़ती है, इसके ऊपर की धारा सूखी लाल रंग की हो जाती है। धीमी और तेज रोशनी के आधार पर इस पौधे का रंग नदी के पानी पर परावर्तित होकर नज़र आता है। बैंगनी से लेकर चमकीले लाल तक सभी मिश्रित रंग दिन के अलग-अलग समय पर इस नदी में दिखाई देते हैं।

  • एक साथ अस्पताल की 14 नर्सों को किसने कर दिया गर्भवती, जानकर हैरान हो जाएंगे आप

    डेस्क। कई बार दुनिया में ऐसी अजीबोगरीब (Weird) घटनाएं देखने को मिलती हैं, जो लोगों को काफी हैरान कर देतीं हैं।

    इसी क्रम में एक ऐसा मामला सामने आया जिसको सुनने वाला हर इंसान चौक गया। बता दें यह मामला महिलाओं की गर्भावस्था से जुड़े है जिसने लोगों को कई बार सोचने पर मजबूर कर दिया। 

    आपने ऐसे कई मामलों के बारे में सुना ही होगा, जिसमें महिलाओं ने एक साथ कई बच्चों को जन्म देकर दुनिया को हैरान कर दिया साथ ही कई बार आपने कई बार अजीबोगरीब प्रेग्नेंसी के बारे में भी सुना ही होगा।

    बता दें इसी कड़ी में अब गर्भावस्था से ही जुड़ा एक मामला लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। यह मामला अमेरिका के एक अस्पताल में काम करने वाली 14 नर्सें एक साथ गर्भवती होने का है। जिसके बाद पूरी दुनिया में उनकी चर्चा हो रही है। और लोग इसके बारे में जानकर अजीब अजीब से प्रतिक्रिया भी दे रहें हैं। 

    बता दें एक साथ काम करने वाली 14 नर्सों के एक साथ गर्भवती होने का यह मामला अमेरिका के मिसौरी में स्थित सेंट ल्यूक ईस्ट अस्पताल (Saint Luke’s East Hospital) से सामने आया है। सबसे हैरान करने वाली बात ये ही है कि सभी नर्सें एक साथ अस्पताल के डिलीवरी सेंटर में काम किया करती थीं। 

    अस्पताल के आधिकारिक ने फेसबुक अकाउंट पर इन सभी नर्सों की एक ग्रुप फोटो शेयर कर इस बात की जानकारी दी हैं।

    फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट की माने तो, इनमें से एक नर्स ने बच्चे को जन्म भी दे दिया है। उस नर्स का नाम कैटलिन हॉल (Caitlin Hall) बताया गया है। कैटलिन एक बेटी को जन्म दिया है।

    मई के महीने में भी ऐसा ही मामला सामने आया था हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब एक ही अस्पताल की कई सारी नर्सें एक साथ गर्भवती हुई हो। पिछले महीने भी अमेरिका के मिसौरी में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां के लिबर्टी अस्पताल में काम करने वालीं 11 मेडिकल स्टाफ एक साथ गर्भवती हुई थी जिसमें 10 नर्सें और एक डॉक्टर भी शामिल हैं। 

  • पुरुष SHO ने पुरुष कॉस्टेबल के साथ किया सेक्स, वायरल हुई वीडियो

    Rajasthan News नई दिल्ली । राजस्थान में समलैंगिक संबंध बनाकर ब्लैकमेल करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मामला नागौर जिले का है। जहां एक आरक्षक थाना प्रभारी को ब्लैकमेल कर रहा था. दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उसके बाद एक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 57 वर्षीय एचएचओ और 32 वर्षीय कांस्टेबल के बीच अश्लील वीडियो चैटिंग के वीडियो वायरल हो रहे हैं। 

    कांस्टेबल प्रदीप और खिनवसर थाने के एसएचओ के बीच यह रासलीला करीब 8 महीने से चल रही है. दोनों ड्यूटी के दौरान अलग-अलग कमरों में जाते थे और कपड़े उतारकर वीडियो चैट करते थे। वीडियो चैट में अश्लीलता की हदें पार की गईं. बताया जा रहा है कि कई बार दोनों के बीच संबंध भी बन चुके हैं, हालांकि इस विषय की पड़ताल की जा रही है. लेकिन इस पूरी घटना ने खाकी को शर्मसार कर दिया है. नागौर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिनों से दोनों में पैसों को लेकर मारपीट होने लगी थी। 

    कुछ दिन पहले प्रदीप ने एसएचओ से कुछ पैसे मांगे थे। एसएचओ ने रुपये देने से मना कर दिया था। उस पर प्रदीप ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के साथ ही यह वीडियो अधिकारियों को भेजने की धमकी दी। प्रदीप ने यह धमकी देकर कई बार एसएचओ से ढाई लाख रुपये ठगे थे। इस बात की जानकारी एसएचओ ने कुछ दिन पहले पुलिस अधिकारियों को दी थी।

    प्रदीप ने कहा था कि अगर वह कार और 500000 रुपये नहीं देता है तो यह वीडियो वायरल हो जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर नागौर एसपी ने कहा कि एक तरफ से शिकायत मिली है. एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि एसएचओ ने शिकायत दी है. घटनाक्रम बेहद चौंकाने वाला है, फिलहाल दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है और निलंबन के बाद कांस्टेबल प्रदीप को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इस पूरे घटनाक्रम की जांच सीओ विनोद कुमार को सौंपी गई है। विनोद कुमार ने सबूत के तौर पर दोनों पुलिसकर्मियों से वीडियो और अन्य दस्तावेज लिए हैं. उनकी जांच की जा रही है।

  • प्रथा के चलते यहां शादी के लिए लड़कियों को उठा ले जाते हैं पुरुष, रोकने की हर कोशिश रही नाकाम

     

     

    डेस्क। दुनिया के हर देश की अपनी अलग परंपरा और रीति-रिवाज होते हैं। कई देशों की परंपराओं के बारे में जानकर आप हैरान भी हो जाएंगे। हम आपको आज ऐसे ही एक देश की एक अनोखी और हैरतअंगेज परंपरा के बारे में बताएंगे। जिसको सुनने के बाद आपके पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी।

    यह परंपरा इतनी ऊटपटांग है कि जिसके बारे में आपने आज तक नहीं सुना होगा। हम बात करने जा रहे हैं इंडोनेशिया के सुंबा आइलैंड की एक परंपरा के बारे में। इस जगह को अपनी खूबसूरती के अलावा पूरी दुनिया में अपनी विवादास्पद प्रथाओं के लिए भी जाना जाता है। ऐसे ही एक प्रथा है कि इस आइलैंड पर शादी करने के लिए लड़कियों को अगवा किया जाता है।

    बता दें कि इस प्रथा को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यहां से शादी के लिए लड़की के अपहरण की कहानियां सामने आती है। बता दें कि यहां कुछ लोगों ने एक बच्ची का अपहरण कर लिया। 

    इस प्रथा को यहां पर कविन तांगकाप कहा जाता है, जो सुंबा द्वीप पर एक विवादास्पद प्रथा के रूप में फॉलो की जाती रही है। इस प्रथा की उत्पत्ति कहां से हुई, इसको लेकर भी विवाद हैं। इस प्रथा में महिलाओं से शादी करने के इच्छुक पुरुषों के परिवार या दोस्तों को जबरदस्ती अपहरण कर ले जाया जाता है।

    बता दें यहां पर महिला अधिकार समूह लंबे समय से इस प्रथा को रोकने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद सुंबा के कुछ हिस्सों में यह फॉलो की जाती है। हाल में ही दो महिलाओं के अपहरण की घटना के वीडियो में कैद होने और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई और अब इस पर सख्ती से काबू करने की कोशिश की जा रही है।

    बता दें कि महिला अधिकार समूह पेरूती ने पिछले चार वर्षों में महिलाओं के अपहरण की सात ऐसी घटनाएं भी दर्ज की हैं। जहां समूह का मानना ​​है कि इस दौरान द्वीप के सुदूर इलाकों में और भी कई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। 

    हाल में यहां से तीन अपहरण के मामले सामने आए थे जिसमें से एक ने इस तरह से हुई शादी में रहने का फैसला मान लिया। रिपोर्ट के अनुसार पेरूवियन की स्थानीय प्रमुख अप्रिसा तरानाउ कहती हैं, ‘वह शादियां इसलिए करती हैं क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है। 

  • इस शहर में बैन है मोबाइल समेत किसी भी टेक्निकल डिवाइस को चलाना

     

    डेस्क। जहां एक ओर दुनिया पूरी तरह से डिजिटल हो गई है, साथ ही लोग हर चीज के लिए डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं देखा जाए तो रेडियो और टेलीविजन दुनिया भर में सूचना का माध्यम बन गए हैं और जहां स्मार्टफोन आज एक आवश्यकता और अनिवार्यता बना हुआ हैं।

    ऐसे में दुनिया का एक शहर ऐसा भी है जहां पर आप घर के कामों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, माइक्रोवेव और बच्चों के रिमोट कंट्रोल कार जैसी चीजो का इस्तेमाल भी नहीं कर सकते। 

    इस शहर का नाम ग्रीन बैंक सिटी है। इस शहर में केवल 150 लोग ही रहते हैं। यह शहर पोकाहोंटस, वेस्ट वर्जीनिया, यूएसए में है। यहां पर आप किसी भी इलेक्ट्रॉनिक आइटम का उपयोग नहीं कर सकते। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको जेल भी हो सकती है। आपको पता है इसके पीछे का कारण यहां बनी दूरबीन है। जो कि दुनिया का सबसे बड़ा स्टीयरेबल रेडियो टेलीस्कोप है।

    इस टेलीस्कोप का निर्माण 1958 में शुरू हुआ था। यहां बने टेलीस्कोप के कारण शहर को ग्रीन बैंक सिटी टेलीस्कोप के नाम से दुनिया भर में जाना जाता है। वहीं, शहर में अन्य टेलिस्कोप भी हैं जोकि ग्रेविटी से लेकर ब्लैक होल तक पर रिसर्च करते हैं।

    यह सबसे बड़ा टेलीस्कोप है जो 485 फीट लंबा है और इसका वजन 7600 मीट्रिक टन का है। यह दुनिया का सबसे बड़ा स्टीयरेबल रेडियो टेलीस्कोप है यह कितना बड़ा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसमें फुटबॉल का गेम भी खेला जा सकता है। इस विशालकाय दूरबीन की सबसे बड़ी बात यह है कि यह अंतरिक्ष से 13 अरब प्रकाश वर्ष दूर तक के संकेतों को भी देख सकती है। और एक जगह से दूसरी जगह भी भेजा जा सकता है। 

    यहां के शोधकर्ता अंतरिक्ष से पृथ्वी पर आने वाली तरंगों की तलाश एवं रिसर्च पर लगे रहते हैं जिस कारण से टीवी, रेडियो, मोबाइल फोन, आईपैड, वायरलेस हेडफोन, रिमोट कंट्रोल खिलौने और माइक्रोवेव का यहां पर उपयोग प्रतिबंधित है। 

  • वापस लौटे यात्री ने किया खुलासा स्पेस स्टेशन में आती है बदबू, वजह जान दंग रह जाएंगे आप

     

    डेस्क। अंतरिक्ष (Space) हमेशा से इंसानों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा है। एक समय था जब लोग सोचा करते थे कि काश कोई ऐसा रास्ता होता, जिससे वो अंतरिक्ष में जा सकें और चांद-तारों को एकदम नजदीक से देख पाएं, लेकिन अब तो विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि लोग आराम से अंतरिक्ष में जाकर इसको देख सकते हैं।

    बता दें कि अंतरिक्ष के अनंत रहस्यों को जानने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) भी बनाया गया है, जिसको अंतरिक्ष यात्रियों का घर भी कहा जाता है। अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) यही रहकर अंतरिक्ष के रहस्यों का पता लगाने की कोशिश करते हैं। पर आम आदमी के लिए स्पेस आजभी उतना ही कौतूहल का विषय है, जितना कि यह पहले था।

    लोग अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में तरह-तरह की बातें जानने की कोशिश करते रहते हैं।कि वो अंतरिक्ष में कैसे रहते होंगे, कैसे खाना खाते होंगे आदि। अंतरिक्ष यात्री समय-समय पर इसके बारे में दुनिया को बताते भी हैं।

    जानकारी के अनुसार अंतरिक्ष यात्री की सुविधाएं का भी खास ध्यान रखा जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई तरह की समस्याएं अक्सर बनी रहती हैं। ऐसी ही एक समस्या के बारे में अंतरिक्ष से लौटे एक यात्री ने दुनिया को बताया, जिसे जानने के बाद लोग हैरान भी हुए और उनकी हंसी भी निकल आई।

    बता दें कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में एक अच्छा खासा वक्त गुजारने के बाद धरती पर लौटे एक अंतरिक्ष यात्री ने इस बात का खुलासा किया है कि ऑर्बिट में अंतरिक्ष यात्री गैस ज्यादा पास करते हैं, इसीलिए स्पेस स्टेशन में भयंकर बदबू आती रहती है जिसको सुनने के बाद लोग हैरान हो गए। 

    डेली स्टार की रिपोर्ट अनुसार टिम पीक नाम के एक अंतिरक्ष यात्री ने यह हैरान करने वाली बात बताई। जो साल 2016 में स्पेस स्टेशन पर 186 दिन बिता कर आए थे। एक पॉडकास्ट के दौरान टिम पीक से यह सवाल पूछा गया था कि हेलमेट पहनने के बाद अगर अंतरिक्ष में डकार आए तो कैसा महसूस होता है?

    इसके जवाब में उन्होंने बताया था कि अंतरिक्ष में डकार आती ही नहीं है, क्योंकि जब हम खाना खाते हैं तो शरीर उसे पचाने की प्रक्रिया में लग जाता है और इस दौरान शरीर में गैस का बहुत ज्यादा उत्पादन भी होता है और वो सिर्फ एक ही रास्ते से शरीर से बाहर निकलता है और वो है जब इंसान गैस पास करता है। टिम ने बताया कि इस गैस की वजह से ही स्पेस स्टेशन में अजीब सी गंध भी आती रहती है।