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  • 2022 World Bicycle Day:-आज पूरा देश मना रहा है साइकिल दिवस जाने इसका इतिहास

    2022 World Bicycle Day:- आज यानी 3 जून को पूरा देश साइकिल दिवस मना रहा है। साइकिल दिवस के जरिए जन जागरूकता बढ़ाई जा रही है और इसके उपयोग से होने वाले फायदे को लोगो को बताया जा रहा है। साइकिल के फायदे की बात करें तो यह सरल साधन है इसके उपयोग से न तो प्रदूषण फैलता है और न पेट्रोल डीजल का खतरा बढ़ता है साथ ही इससे व्यक्ति के शरीर की एक्सरसाइज हो जाती है और व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। 

    साइकिल चलाने के सन्दर्भ में विशेषज्ञयों का कहना है कि इसके उपयोग से शारीरिक और मानसिक सेहत अच्छी रहती है वही रोजाना आधा घंटा साइकिलिंग करना हमें मोटापे, हृदय रोग, मानसिक बीमारी, मधुमेह और गठिया आदि कई बीमारियों से बचा सकता है।
    अगर हम साइकिल दिवस के इतिहास की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र (United Nations) महासभा ने 3 जून 2018 के दिन को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी और तब से हर साल इसे दुनियाभर में आज के दिन सेलिब्रेट किया जा रहा है। इस दिन को मनाने का प्रस्‍ताव अमेरिका के मोंटगोमरी कॉलेज के प्रोफेसर लेस्‍जेक सिबिल्‍सकी ने याचिका के तौर पर रखा था।
    उन्होंने बताया 1990 तक साइकिल का दौर काफी अच्‍छा था लेकिन धीरे-धीरे इसका महत्‍व घटता चला गया. दोबारा इसके महत्‍व को बताने के लिए विश्‍व साइकिल दिवस को मनाने पर विचार किया गया और साइकिल के उपयोग को बढ़ावा दिया गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस दिवस को मनाने के पीछे सदस्य राज्यों को विभिन्न विकास रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने और अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, उपराष्ट्रीय, क्षेत्रीय विकास नीतियों और कार्यक्रमों में साइकिल को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

  • Google ने रचनात्मक Doodle बनाकर सत्येंद्र नाथ बोस को दी श्रद्धांजलि

    Satyendra Nath Bose Google Doodle:- आज भारतीय भौतिक विज्ञानी और गणितज्ञ सत्येंद्र नाथ बोस की जयंती है। उनकी जयंती पर गूगल ने उन्हें अनोखा डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है। गूगल ने बेहद रचनात्मक तरीके से इनका डूडल बनाया है। जानकारी के लिए बता दें वर्ष इस दिन 1924 में, गणितज्ञ सत्येंद्र नाथ बोस ने अपने क्वांटम फॉर्मूलेशन अल्बर्ट आइंस्टीन को भेजे, जिन्होंने तुरंत इसे क्वांटम यांत्रिकी (quantum mechanics) में एक महत्वपूर्ण खोज के रूप में मान्यता दी।

    कैसा बनाया गूगल ने डूडल:-

    गूगल ने अनोखा डूडल बनाकर भारतीय भौतिकी वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस को श्रद्धांजलि दी है उसने बेहद रचनात्मक तरीके से डूडल बनाया है और सत्येंद्र नाथ बोस को एक प्रयोग करते हुए दुखाया है। बोस को इतिहास में 
    बोस को अल्बर्ट आइंस्टीन के साथ विद्युत चुम्बकीय विकिरण के गैस जैसे गुणों (gaslike qualities of electromagnetic radiation) के बारे में एक सिद्धांत विकसित करने में सहयोग के लिए जाना जाता है।

    जाने गणित को लेकर बोस के बारे में तत्व:-

    सत्येंद्र नाथ बोस के बारे कहा जाता है कि उन्होंने इंटरमीडिएट की गणित परीक्षा में 100 में से 110 अंक हासिल किए थे। परीक्षा के दौरान बोस ने प्रश्न पत्र में पूछे गए सभी प्रश्नों का जवाब सही दिया और कई सवालों को अलग अलग तरीकों से हल किया था। इसके बाद जब उनकी कॉपी जांची गई तो उन्हें 100 में से 110 अंक दिए गए।

  • इस रहस्यमय गर्म पानी में नहाने से दूर हो जाता है हर रोग

    डेस्क। वैसे तो इस दुनिया में कई रहस्यमयी जगह मौजूद है जो किसी को भी अचंभित दें। भारत में भी इसी तरह के तमाम रहस्य छुपे हैं। जिनके बारे में कोई नहीं जनता हमेशा से वैज्ञानिक इनके पीछे के रहस्य को जानने में लगें हैं। पर आजतक कोई यह पता नहीं लगा पाया कि आखिर इनका रहस्य है क्या? आज हम ऐसी ही एक रहस्यमय जगह के बारें में बात करेंगे जो तुर्की में स्थित है। 

    तुर्की की पमुक्कले पहाड़ियों में भी इसी तरह का एक रहस्य छिपा हुआ है, जिसको जानने की कोशिश ही होती है। कभी कोई इसको जान नहीं सका। इसको, खासियत कहें या हैरान करने वाली बात पर यह जगह अपने आपमें एक अजूबा है। 

    इस पहाड़ी पर प्राकृतिक रूप से कई स्विमिंग पूल या छोटे छोटे तालाब बने हुए हैं, जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ लोगों को हैरान भी कर देते है। क्योंकि झरने का पानी यहां आकर अपने आप गर्म हो जाता है। जो आजभी वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बना हुआ है। 

    यहां गर्म पानी के सरोवरनुमा झरने हजारों सालों से मौजूद हैं। इतना ही नहीं यहां मौजूद पानी का तापमान 37 डिग्री से 100 डिग्री के बीच रहता है। गर्म पानी की खासियत के साथ ही या झरने देखने मे काफी खूबसूरत हैं। ऐसी मान्यता है कि इस पानी में नहाने से कई तरह की बीमारियां खत्म हो जाती है।

    माना जाता है कि इसमें नहाने से स्किन संबंधी कई तरह की बीमारियां दूर हो जाती हैं। इस जगह की सबसे बड़ी पहेली ये है कि यहां मौजूद गर्म पानी के तालाब अपने आप बने हैं या फिर बनाए गए हैं, इसके बारे में कोई कुछ नहीं जनता। इसपर कई रिसर्च हुई हैं मगर असलियत अभी तक सामने नहीं आई हैं।

  • आपका बॉयफ्रेंड आपको कर रहा है इस्तेमाल, ऐसे बचें…

    नई दिल्ली । बहुत से लोग ऐसे रिश्ते में शामिल हो जाते हैं जहां उन्हें खुशी या आराम से ज्यादा परेशानी और अज्ञानता मिलती है। आप अपना दिल तोड़ने या उस व्यक्ति से दूर होने के विचार से इन बातों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन ऐसा करना गलत है। कई बार ऐसा होता है कि कोई रिश्ता सिर्फ एक शख्स की वजह से टिका होता है और वह रिश्ते को चला रहा होता है। यहां सवाल उठता है कि जब दूसरे व्यक्ति को दिलचस्पी नहीं है तो वह इस रिश्ते में क्यों रहता है? यह जवाब सुनकर दिल जरूर टूट सकता है, लेकिन कई मामलों में ऐसा होता है कि वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिश्ता बनाए रखता है। ऐसे में सावधान रहें क्योंकि वह सिर्फ अपनी जरूरत या अपना काम पाने के लिए आपका साथ दे रहा है। अगर आप भी अपने रिश्ते में ऐसा महसूस कर रहे हैं तो आप इन संकेतों से इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि आपका पार्टनर आपका इस्तेमाल कर रहा है…

    हमेशा एक ही बिल का भुगतान करें

    अगर आप और आपका पार्टनर शॉपिंग करने जा रहे हैं या कहीं जा रहे हैं और हर बार कोई इतना ही खर्च करता है तो समझ लें कि आपका पार्टनर आर्थिक सुविधाओं का फायदा उठा रहा है। यह बात सिर्फ लड़कों पर ही नहीं बल्कि लड़कियों पर भी लागू होती है।

    हमेशा व्यस्त रहें और काम के दौरान कॉल करें

    अगर आपका पार्टनर हमेशा बिजी रहता है और किसी काम के दौरान ही आपको याद करता है तो समझ लें कि वह सिर्फ आपका इस्तेमाल कर रहा है। पूरा दिन या कई दिन बीत जाने के बाद भी वह आपके बारे में नहीं पूछता और हर बार जब आप बात करना शुरू करते हैं तो आपको इस रिश्ते के बारे में फिर से सोचना चाहिए।

    भविष्य में कभी दिलचस्पी न लें

    जब भी आप अपने भविष्य के बारे में बात करना चाहते हैं और पार्टनर कभी भी इस तरह की बात करने में दिलचस्पी नहीं दिखाता है, तो यह भी एक संकेत है कि वह आपके बारे में गंभीर नहीं है और केवल आपका उपयोग करना चाहता है।

    भावनाओं को नहीं समझना

    रिलेशनशिप का मतलब सिर्फ ट्रैवल करना या शॉपिंग करना नहीं होता बल्कि एक-दूसरे से इमोशनली कनेक्ट होना भी होता है। अगर वह आपकी भावनाओं को नहीं समझता है और जब आपको उसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है लेकिन वह आपको कभी महत्व नहीं देता है, तो आपको शांत हो जाना चाहिए। यह उनकी चिंता नहीं है, लेकिन यह बात करने जैसा है जब आपका मन करता है।

  • इस बियर को बनाया जाता है मूत्र और नाले के पानी से जाने ब्रांड का नाम

    रोचक:- आज के समय मे शराब पीना और बियर पीना लोगो का शौक बन गया है लोग अब अपने स्वैग के चलते शराब और बियर का सेवन करते हैं और अपनी लाइफ एन्जॉय करते हैं। आज मार्केट में इसका ट्रेंड इतना बढ़ गया है कि अब वहां डिफरेंट डिफरेंट टाइप के ड्रिंक मिलते हैं लेकिन क्या अपने कभी सोचा है जिस शराब और बियर को हम इतने मजे से पीते हैं और अपनी लाइफ एन्जॉय करते हैं वह आखिर बनती कैसे है।

    आम तौर पर अगर हम बियर की बात करे तो यह फलों और सब्जियों के रस से बनती है लेकिन अब नए नए प्रयोग हों रहे हैं लोग नई नई चीजो का उपयोग कर बियर बना रहे हैं और इसी उपयोग के चलते सिंगापुर में एक अनोखी बियर लॉन्च गई जो इस समय काफी ट्रेंड में है। इस अनोखी बियर का नाम है न्यूब्रू है जो की सीवेज के पानी से बनाई जा रही है बताया जा रहा है यह बियर ईको फ्रेंडली है। 
    अगर हम इस बियर की बात करें तो इसे नाले के पानी और अपशिष्ट को रिसाइकिल किया जाता है और फिल्टर कर तैयार किया जाता है। इस खास लिक्विड का नाम नीवॉटर है। यह बियर करीब 95 प्रतिशत नीवॉटर से बनी है। इस बियर को बनाने का उद्देश्य पानी की समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। लेकिन इस बीच यूरीन से बनी बियर भी काफी लोकप्रियता हासिल कर रही है और पानी की जागरूकता के संदर्भ में इस तरह के अनेको प्रयोग किए जा रहे हैं।

  • क्या बोतल के रंग का पड़ता है बियर के टेस्ट पर असर, केवल हरी-भूरी क्यों होतीं हैं

     

    आपने बियर की बोतलें तो जरूर देखीं होगी, पर क्या आपने कभी इनपर खासा गौर किया हैं। आप भले ही बीयर पीते हो या ना पीते हों। कभी सड़क के किनारे तो कभी किसी डस्टबिन में वर्ना किसी पिच्चर में तो देखा ही होगा। लेकिन क्या आपने कभी नोटिस किया है कि बियर की बोतल हरे या भूरे रंग की ही क्यों होती हैं।

    कई लोग तो एल्कोहल की बोतलों को काफी आकर्षक मानते हैं। वैसे शराब का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक होता है। इसके लगातर सेवन से व्यक्ति कई तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। एल्कोहल आपकी जानलेवा बीमारियों का कारण भी बनती हैं। इसके दुष्परिणाम जानने के बाद भी कई लोग एल्कोहल का सेवन करने से नहीं चूकते।

    एल्कोहल में भी आजकल डिस्ट्रिलड और अनडिस्ट्रिलड कटेगरी की कई वैरायटी देखने को मिलतीं हैं, किसी को रम पसंद होती है, किसी को व्हिस्की तो कोई सिर्फ बीयर पीना ही पसंद करता है। भारतीय बाजार में अभी टकीला, शाम्पैन आदि की उतनी मांग नहीं है। भले ही आप शराब नहीं पीते हो पर आपने नोटिस जरूर किया होगा कि बीयर की बोतल हमेशा हरे या फिर भूरे रंग की ही होती है। क्या आपने कभी इसकी वजह जाननी चाही। आज हम आपको इसकी ख़ास वजह से रूबरू करवाएंगे।

    एक इंडिपेंडेंट सर्वे की हाल की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि शराब पीने वाले सौ लोगों में से अस्सी लोग बियर पीना पसंद करते हैं लेकिन शायद ही कभी किसी ने इस बात को नोटिस किया हो कि इसकी बोतल हमेशा हरे या भूरे रंग की ही क्यों होती है। 

    बीयर को क्यों कभी सफ़ेद या अन्य रंग की बोतल में नहीं रखा जाता? क्या है कारण

    बीयर को हरे या भूरे रंग के बोतल में पैक करने के पीछे एक बड़ी वजह होती है। आज से कई साल पहले बीयर की बोतलों का निर्माण इजिप्ट में हुआ था। पहले तो यहां पर बीयर को ट्रांसपेरेंट बोतल में ही रखा जाता था। इसपर कुछ समय बाद बीयर बनाने वाली कंपनियों ने नोटिस किया कि जब इन ट्रांसपेरेंट बोतलों पर सूर्य की रोशनी पड़ती थी, तब उसके अंदर भरा एसिड अल्ट्रा वायलेट रेज की वजह से तेजी से रियेक्ट करने लगता था। 

    इससे होता यह था कि बियर में कैमिकल चेंज आ जाता था और पीने वाले लोगों पर इसके दुष्प्रभाव पड़ते दिखाई पड़ते थे। जिस कारण लोग इससे दूरी बनाने लगे और कंपनियों को काफी नुकसान होने लगा।

    बियर कंपनियों को भारी घाटा होने लगा तो उन्होंने इस समस्या को हल करने के कई उपाय निकले पर कोई भी तरीका कारगर साबित नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने इसकी बोतलों पर भूरा रंग लगाना शुरू कर दिया। जब यह उपाय काम कर गया और कंपनियों को समझ में आया कि भूरे रंग की बोतलों में रखी बीयर खराब नहीं होती इसपर सूरज की रोशनी का कोई असर नहीं पड़ता। इसके बाद सूरज की रोशनी को भूरे के अलावा हरे रंग की बोतल भी बीयर तक नहीं पहुंचने दे रही थी। जिसके बाद से ही बीयर की बोतल हरे और भूरे रंग में आती हैं।

    बात अगर इसके टेस्ट की करें तो सफेद बोतलों में कैमिकल चेंज आने के कारण इसके टेस्ट में फर्क आता था।

  • एलियंस कर रहे हैं इंसान का अपरहण:- अल्बर्टो कैबलेरो

    रोचक:- आज के समय मे तकनीकी में तेजी से विकास हों रहा है हर कोई नई तकनीकी से जुडकर रहना चाहता है। वही हर किसी को यह ललक रहती है कि वह ब्रह्माड में छुपे रहस्यों को उजागर करें। वही अगर हम बात एलियंस की करें तो कहना ही क्या इनके सच को जानने के लिए कई वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं और कई वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अब एलियंस पृथ्वी पर आ चुके हैं और हम उनसे संपर्क साधने की कवायद में लगे हुए हैं। वही अब एलियंस से सम्पर्क साधने वाले वैज्ञानिकों को पॉपुलर अंतरिक्ष वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है।

    अंतरिक्ष की दुनिया के महान वैज्ञानिक माने जाने वाले अल्बर्टो कैबलेरो ने कहा है कि जो वैज्ञानिक एलियंस से संपर्क साधने की कोशिश में लगे हुए हैं उन्हें अब सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि एलियंस पृथ्वी के लिए ठीक नहीं है यह पृथ्वी को अपना शत्रु मानते हैं और अगर हमने इनसे सम्पर्क साधा और इनकीं कनेक्टिविटी पृथ्वी के साथ बढ़ी तो यह पृथ्वी पर आक्रमण करेंगे और पूरी पृथ्वी को नष्ट कर देंगे। 
    अंतरिक्ष शोधकर्ता अल्बर्टो कैबलेरो ने पृथ्वी ग्रह को खतरे में डालने वाले खतरनाक एलियंस के पृथ्वी पर हमला करने की संभावनाओं को लेकर गणना की है और फिर उनका रिसर्च प्रकाशित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अब वैज्ञानिकों को पृथ्वी की रक्षा हेतु सजग हों जाना चाहिए और एलियंस पर हो रहे शोधों को विराम देना चाहिए क्योंकि यह किसी अन्य के लिए नहीं बल्कि हमारे प्लेनेट के लिए खतरनाक साबित होगा। 
    अल्बर्टो ने कहा की एलियंस धरती को अपना शत्रु समझते हैं यह धरती पर हमला उसी प्रकार कर सकते हैं जिस प्रकार जैसे की ऐस्टेरॉयड के हमले में पृथ्वी को नष्ट किया जा सकता है। दूसरे ग्रहों पर रहने वाली सभ्यता के साथ संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे संदेशों को भेजकर पृथ्वी पर हमले की संभावनाओं को बढ़ाया जा रहा है और इससे बचने की कोशिश की जानी चाहिए। पहली बार 1977 में रेडियो टेलीस्कोप के माध्यम से इसका पता लगाया गया था। जिसमें रेडियो ऊर्जा का एक मिनट लंबा विस्फोट दर्ज किया गया था। 
    डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है कि एलियन किसी अन्य प्लेनेट पर रहते हैं उनकी सभ्यता और संस्कृति अलग है वह अलग तरह का सोचते हैं और उनके ब्रेन में अलग प्रकार के कैमिसिल होते हैं। जो हमारे मन और हमारे व्यवहार के अनुकूल नहीं होते हैं वह हमारे प्रति उम्दा व्यवहार नहीं रखते हैं उन्हें हमारे प्रति कोई सहानुभूति नहीं रहती है। उन्होंने वैज्ञानिकों को चेतावनी दी कि वे METI, यानि मैसेजिंग एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस’ को तैनात करने में सावधानी बरतें, क्योंकि वो इस आक्रमण को और भड़का सकता है।
    उन्होंने कहा है कि एलियंस धरती पर हमले की तैयारी कर रहे हैं लेकिन इससे पहले वे इंसानों का अपहरण करके उनका माइंड कंट्रोल कर रहे हैं। इंसान ने कई जगहों पर जीत दर्ज की है अब वही नीति एलियन भी अपना रहे हैं। सभी प्लेनेट्स को जीतने के उद्देश्य से एलियन अब मनुष्य का अपरहण कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी बात ऐसे कई लोगों से हुई, जिनका एलियंस ने अपहरण किया था और उन्हें कहा कि वे उनसे भविष्य में काम लेंगे।ऐसे तमाम लोगों ने बताया कि उन्हें क्राउड कंट्रोल का इंस्ट्रक्शन दिया जा सकता है।

  • घर में घुसकर सिर्फ पुरुषों के अंडरवियर चुराता है ये चोर, लोग हो गए हैरान-परेशान

     

    अगर आप सुबह नहाने जा रहें हो और आपको पता चले कि आपकी अंडरवियर चोरी हो गई है। और अगर ऐसा एक बार नहीं बार-बार होने लगे तो आप क्या करेंगे। वैसे तो आपने कई अजीबोगरीब चोर देखे होंगे, लेकिन क्या आपने अंडरवियर चुराने वाले चोर के बारे में सुना है। आज हम आपके ऐसे ही एक अंडरवियर चोर के बारे में बताएंगे। जो पूरे मोहल्ले की अंडरवियर चुरा लिया करता था। इस जगह आधी रात के बाद लोगों के घरों से पुरुषों की अंडरवियर चोरी हो जाया करती थी।

    जब यह घटना सामने आई तो पहले तो लोगों को इसपर विश्वास नहीं हुआ। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि कोई घर में घुसकर सिर्फ पुरुषों के अंडरवियर ही क्यों चुराएगा।

    बता दें कि पारक के कैंपर हाउसिंग कॉलोनी के लोग काफी परेशान थे क्योंकि यहां आधी रात के बाद लोगों के घरों से कीमती सामान की जगह पुरुषों के अंडरवियर चोरी हो रहे थे। यह सभी को सोचने पर मजबूर कर रहा था। पर चोर के दिमाग मे क्या है यह कोई भी भाप नहीं पाएगा।

    यह बात सभी को सोचने पर मजबूर कर रही थी कि ये कौन सा चोर है, जो महंगी चीजों की जगह के बजाए सिर्फ अंडरवियर चुरा रहा है। इस घटना के बाद चोर को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।

    सीसीटीवी कैमरे लगते ही चोर दुनिया के सामने आ गया। सीसीटीवी से साफ  पता चला कि एक आदमी जो आधी रात में लोगों के घरों में घुसकर पुरुषों के अंडरवियर चुरा रहा था। पर सीसीटीवी कैमरा लगने के बाद भी युवक की पहचान न हो पाई, क्योंकि वह चेहरे पर मास्क लगाकर अंडरवियर चुराने जाता था। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि वह चोर एक घर की बाउंड्री को पार कर उसके अंदर चला जाता है। इसके बाद वह सूखे हुए कपड़ों को देखता है। और उसमें से अंडरवियर निकाल लेता है।

    चोर उसमें से पुरुषों का अंडरवियर चुरा कर वहां से भाग जाता है। इस वीडियो के आने के बाद भले ही उस शख्स की शिनाख्त नहीं हो पाई हो लेकिन उसकी हरकत को फेसबुक पर शेयर कर दिया गया। ऐसे में यह कारण भी अभी गुत्थी ही बना हुआ है कि इतने रिस्क लेकर लोगों के घरों में घुसकर चोर सिर्फ पुरुषों के अंडरवियर क्यों चुराता हैं।

  • बिजली के तार पर बैठने के बाद भी क्यों पक्षियों को नहीं लगता करंट

    रोचक:- हमने कई बार देखा है कि पक्षी जब बिजली के तार पर बैठते हैं तो चलती बिजली में भी उन्हें करंट नहीं लगता है और वह आराम से उस बिजली के नंगे तार पर बैठे रहते हैं। उन्हें देखकर हमारे मन मे अनेको सवाल।आते हैं कि आखिर पक्षियों में ऐसा क्या होता है कि उन्हें करंट नहीं लगता है और अगर हम बिजली के तार को स्पर्श करते हैं तो हम करंट से झुलस जाते हैं। 

    असल मे बिजली में 2 तार होते हैं वही कई उपकरण ऐसे होते हैं जिनमे एक अर्थिंग तार भी लगा होता है। लेकिन ज्यादातर हम 2 तारो वाले उपकरणों का उपयोग करते हैं इन तारो में एक निगेटिव और एक पॉजिटिव तार होता है। 
    वही जब तक हम दोनों तारो का उपयोग नहीं करते हैं हमारा उपकरण काम नहीं करता है। ठीक यही लॉजिक पक्षियों पर लागू होता है। पक्षी जब बिजली के तार पर बैठते हैं तो वह केवल एक तार पर बैठते हैं और उनको करंट नहीं लगता है। अपने कभी भी पक्षियों को दोनो तारो के सम्पर्क में आते हुए नहीं देखा होगा।
    अगर हम इसे बिजली के प्रवाह से समझे तो बिजली चालक के भीतर इलेक्ट्रॉन्स एक जगह से दूसरी जगह पर गति करते हैं. जब भी ये इलेक्ट्रोन्स एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं तो इससे बिजली का प्रवाह होता है. पक्षी के शरीर की कोशिकाएं और ऊतक अवरोध पैदा करती है. इसलिए भी उन्हें करंट नहीं लगता और यह बिजली के तार पर आसानी से बैठे रहते हैं।

  • कालाढूंगी के जंगलों में मौजूद है इंसानों की तरह रियेक्ट करने वाला एकलौता पेड़

     

    डेस्क। इंसानों की तरह पेड़-पौधौं में भी जीवन होता है बस पेड़ हमारी चल फिर नही सकते। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आप गलत हैं। क्योंकि आज हम आपको ऐसे रहस्यमय पेड़ के बारे में बताएंगे जो इंसानों की तरह ही रियेक्ट करता है। भारत में कई पेड़-पोधौं की पूजा भी की जाती है और उन्हें ईश्वर को दर्जा भी प्राप्त है। 

    उत्तराखंड के नैनीताल में के एक जंगल में भी एक ऐसा ही रहस्य छिपा हुआ है जिसके बारे में सुनने मात्र से लोगों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है। बता दें कि उत्तराखंड के नैनीताल में एक पेड़ है जो इंसानों जैसी हरकते करता है। पर इसके लिए आपके उसे इंसानों की तरह ही गुदगुदी करनी होगी।

    नैनीताल के कालाढूंगी के जंगलों में एक ऐसा पेड़ है जो बिल्कुल इंसानों की तरह ही हरकते करता है। कहते हैं कि इस पेड़ को इंसानों की तरह गुदगुदी भी होती है। जब भी कोई इस पेड़ को हाथ लगाता है तो पेड़ को गुदगुदी शुरू हो जाती है। उसकी टहनियां और पत्तियां हंसने लगती है। इस पेड़ के तने में अगर अंगुलियां रगड़ी जाएं तो इसकी शाखाएं अपने आप हिलने लगती है।

    इसी वजह से इस पेड को हंसने वाला पेड़ के नाम से भी जाना जाता है। दूर दूर से लोग इस जंगल में इस पेड़ को देखने के लिए आते हैं। इस हंसने वाले पेड़ का वानस्पतिक नाम ‘रेंडिया डूमिटोरम’ है। इस पेड़ को हाथ लगाने पर इसे गुदगुदी क्यों होती है, वैज्ञानिक इस पर कई तरह के शोध कर रहे हैं।

    वहीं नैनीताल आने वाला हर व्यक्ति इस गुदगुदी वाले पेड़ को देखने के लिए जरूर आता हैं। कई लोगों ने खुद इस पेड़ को गुदगुदी करते हुए पाया कि इस पेड़ के सारे तने जोर जोर से हिलने लगते हैं।