Category: socially-viral

  • 1600 का सिक्का बना दुनिया का सबसे महंगा, इतने में बिका

    डेस्क। दुनिया में कई ऐसी चीज़ें मौजूद हैं। जो आपको आश्चर्य में डाल दें। कई बेशकीमती चीज़े बहुत महेंगी होती है पर कई ऐसी चीज़े भी मौजूद है जो अपने कम दामों के बाद भी बहुत ही कीमती मानी जाती हैं। आपने अक्सर सुना होगा की कई कीमती चीजे लोगों को रातोरात अरबपति बना देतीं हैं। वहीं कई लोग रातोरात महलों से रोड पर आ गए हैं।

    इसी कड़ी में बात करें तो लोगों को कई पुरानी चीजें को कलेक्ट करने का शौक भी होता है। जहां कई लोग पुराने स्टैम्प कलेक्ट करते हैं तो वहीं कई ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें पुराने सिक्के जमा करने का काफी शौक होता है।

    आज हम आपको एक ऐसे दुर्लभ और कीमती सिक्के के बारे में बताएंगे जिसकी मार्केंट वेल्यू (Market Value) तकरीबन 1000-1600 रुपए तक की है लेकिन जब इस सिक्के को दुनिया के सामने नीलाम किया गया तो इसकी कीमत इतनी ज्यादा निकली ये दुनिया का सबसे महंगा सिक्का निकला। 

    हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे महंगे सिक्के, डबल ईगल गोल्ड कॉइन की, जिसकी मार्केट वेल्यू तो हजारों में थी पर जब इसको नीलामी के लिए रखा गया था। 

    साथ ही इसको खरीदने के लिए लोग अरबों रुपए खर्च करने के लिए तैयार है।

    यह एक अमेरिकी सिक्का है जिसे 1933 में बनाया गया था और अब इसकी नीलामी की जा रही है। आपको जानकर ये हैरानी होगी कि इस सिक्के को नीलामी के लिए बाजार में लाया गया तो इसे 1 अरब 44 करोड़ 17 लाख 95 हजार 9 सौ पचास रूपये में बेचा जाएगा, पर असलियत में एक्सचेंज रेट के हिसाब से इसकी कीमत सिर्फ सोलह सौ है।

    1600 का सिक्का इतना महंगा कैसे हुआ

    इस सिक्के के एक तरफ यूएस की लेडी लिबर्टी की तस्वीर बनी हुई है और इसके दूसरे साइड अमेरिकी ईगल छपा हुआ है और इस सिक्के को लेकर सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि इसे बनाया तो गया लेकिन उसे कभी इस्तेमाल नहीं किया गया था। और फिर यूएस में सोने के सिक्के बनने बंद हो गए थे। साथ ही सरकार ने इसे नष्ट करने का आदेश दे दिया। लेकिन किसी कारण वश यह सिक्का बच गया और अब इसकी कीमत इतनी है कि ये दुनिया का सबसे महंगा सिक्का बन चुका हैं।

  • Vastu Shastra : घर में करें ये बदलाव होगा माता लक्ष्मी समेत सुख समृद्धि और शांति का वास

    आज के समय में घर बनवाते समय लोग अच्छी डिज़ाइन, इंटीरियर कई अलग-अलग तरह के डेकोर को ध्यान में रखते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि हमारे पूर्वज घर की नक्काशी के ज्यादा उसकी वस्तु कला को ध्यान में रखते थे। हमारे पूर्वजों का मानना था कि घर में लक्ष्मी, शांति, सुख और सकारात्मकता को बनाए रखने के लिए घर की वास्तु कला का ठीक होना बहुत आवश्यक है। अगर घर वास्तु कला के हिसाब से नहीं बना है तो घर में नकारात्मक ऊर्जा आकर विद्यमान हो जाती है। और ये ऊर्जा घर से निकले नहीं निकलती।

    जीवन में धन-धान्य की कभी कोई भी कमी महसूस न हो और, सबकुछ बढ़ियां से चलता रहे। इसके लिए वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में कुछ चीजों को लगाने से पॉजिटिव ऊर्जा के साथ-साथ खुशहाली भी आती है। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। वास्तु से सिर्फ आप इमोशनल ही नहीं बल्कि नौकरी और बिजनेस में भी लाभ ले सकते है। इससे आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलता है।

    स्वस्तिक 

    स्वास्तिक का चिह्न घर में लगाना या बनना बेहद शुभ माना जाता है। पुराणों में स्वास्तिक को माता लक्ष्मी और भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। 

    स्वास्तिक शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के सु और अस्ति शब्द से मिलकर हुई है, जिसका अर्थ होता है ‘शुभ’। कहा जाता है कि स्वस्तिक का चिह्न माता लक्ष्मी (धन) को अपनी ओर आकर्षित करता है और घर में माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा ही बनी रहती है। हिन्दू धर्म में ज्यादातर पूजा – पाठ के समय रोली से स्वस्तिक बनाया जाता है।

    माता लक्ष्मी के चरण

    घर में सुख-समृद्धि को बनाये रखने के लिए लक्ष्मी जी के चरणों को घर के मुख्य द्वार पर लगाने की मान्यता है। कहा जाता है कि जिस घर में धन की देवी माता लक्ष्मी की चरण पादुका स्थापित होती है, वहां से सभी तरह का दु:ख-दारिद्रय दूर हो जाता है और मां का वास होता है। इन चरणों को घर में स्थापित करने से खुशहाली का भी आगमन होता है। 

    तुलसी

    पूजा पाठ और हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। ऐसा भी कहा जाता है कि मां तुलसी माता लक्ष्मी का ही प्रकृति रूप है। ऐसा माना जाता है कि अगर नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा की जाए, तो मृत्यु के बाद सद्गति की प्राप्ति होती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने के बाद भी अशांति नहीं आती और घर धन धान्य और पॉसिटीवी से हमेशा भरा रहता है। अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो आप नए साल के आगमन से पहले जरूर अपने घर में तुलसी का पौधा लगाए। हो सके तो इसे घर के आंगन में स्थापित करें। रोज सुबह नहाने के साथ ही नियमित रूप से तुलसी के पौधे में जल देने के साथ माता की आरती करें।

    घर में मोर पंख

    हिन्दू धर्म में मोर पंख का बड़ा महत्व है। मोर पंख न सिर्फ भगवान श्री कष्ण का बल्कि माता लक्ष्मी, इंद्रदेव सहित कई देवी देवताओं को प्रिय माना जाता है। साथ ही हिन्दू धर्म में मोर के पंख को बेहद ही शुभ बताया गया है। आपने देखा होगा कुछ लोग मोर पंख को घर सजाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। वहीं कई लोग इसको अपनी पुस्तक में रखते हैं।कुछ लोग इसको पूजा घर मे भी स्थापित करते हैं। बता दें कि यदि आप अपने घरों में खुशहाली को बरकरार रखना चाहते हैं तो घर में मोर पंख लाकर जरूर रखें। मान्यताओं के अनुसार तिजोरी या तो आप उस स्थान पर मोरपंख रखें जहां आपका धन रखा जाता है। 

    चांदी का हाथी

    वास्तु शास्त्र में चांदी के हाथी को बहुत शुभ माना गया है। इसका काफी सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। इसके अलावा यदि आपके घर पर राहु-केतु का बुरा प्रभाव है तो वह भी हट जायेगा। चांदी का हाथी रखने से व्यापार और नौकरी में काफी तरक्की होती है। इससे घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।

  • इस गांव में पैदा होने के कुछ समय बाद बच्चे हो जाते हैं अंधे, पेड़ का प्रकोप

    डेस्क। दुनिया में कई ऐसी जगहें मौजूद हैं जिनके रहस्य से जितना पर्दा उठाने की कोशिश की जाए वो उतना ही उलझते जाते है। आज हम ऐसी ही एक रहस्यमय जगह के बारे में बात करेंगे। यह जगह अपने अंदर कई रहस्यों को समेटे हुए है। जिनपर से जितना पर्दा उठाने की कोशिश की गई दुनिया उसमें उतनी और उलझती चली गई।यहां तक वैज्ञानिक भी इन सवालों के जवाब अभी तक नहीं तलाश पाएं हैं।

    दुनिया में ढेरो ऐसी जगह मौजूद हैं जिनके बारे में जानकर आम लोगों के साथ ही वैज्ञानिक भी भौचक्के रह गएं। इस जगहों के बारे में सुनकर लोग सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? लोगों के लिए इनपर विश्वास कर पाना मुश्किल होता है। ऐसा ही एक अजीब गांव है जिसके बारे में हम आज बात करेंगे। 

    दुनिया की इन अजीब रहस्यमयी जगहों में मैक्सिको का एक गांव का नाम भी आता है। इस गांव बच्चों के जन्म के बाद कुछ ऐसा घटित होता है जो बेहद डराने वाला है। इस गाव में जन्म लेते वक्त तो बच्चे ठीक और स्वस्थ रहते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद में ही उनकी आंखों की रोशनी चली जाती है। ऐसा सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जानवरो के साथ भी होता है। जन्म लेने के कुछ समय बाद नवजात अंधे हो जाते हैं।

    इसीलिए मैक्सिको के इस गांव को अंधों के गांव के नाम से भी जाना जाता है। यह गांव अपने इसी रहस्य के चलते पूरी दुनिया में जाना जाता है। वैसे असल में इस गांव का नाम टिल्टेप है जिसे आम तौर पर अंधों का गांव भी कहा जाता है। 

    जानकारी के लिए बता दें कि टिल्टेपक गांव दुनिया के सबसे रहस्यमयी गांवों में से एक है। इस गांव में जेपोटेक नामक जनजाति रहती है।

    इस गांव में रहने वाली जनजाति के लोग खुद के अंधा होने की वजह एक शापित पेड़ को मानते हैं जिस कारण स्वस्थ बच्चें की भी आंखों की रोशनी चली जाती है।

    ग्रामीणों का मानना है कि यहां मौजूद लावजुएला नाम के एक पेड़ को देखने के बाद इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक सभी अंधे हो जाते हैं। बता दें यह पेड़ इस गांव में सालों से मौजूद है। वहीं कई लोगों इसे सिर्फ अंधविश्वास करार देते हैं।

  • ये मकड़ियां देखते ही देखते चट कर जाती है सांप को

    Viral news:- हमने अक्सर देखा है कि हमारे घर मे मकड़ी जाल बना कर रहती है और यह अपना पेट छोटे छोटे कीड़े मकोडो को खाकर भरती है। लेकिन आज हम आपको आपको मकड़ी से जुड़ा एक ऐसा राज बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। क्योंकि आज तक आपको यह नहीं पता होगा की मकड़ी साँप ने बेहतर शिकारी होती है सांप का शिकार करने वाली मकड़ियां सामान्य मकड़ियों की भांति ही होती है और इन्हें पूरे विश्व मे पाया जाता है। 

    सांप का शिकार करने वाली मकड़ियां अपने से तकरीबन 3 गुना बड़े सांप का शिकार करती है और उन्हीं से अपना पेट भरती है यह मकड़ियां इतनी खतरनाक होती है कि देखते ही देखते यह सांप को चट कर जाती है। इन मकड़ियां में अगर हम बात ऑस्ट्रेलियाई रेडबैक की करें तो इसका साइज 1 सेंटीमीटर से कम होता है जो की किसी भी सांप या इंसान की जान एक पल में ले लेती है। 
    यह एक ऐसी मकड़ी होती है जो कि भरे रंग के सांप का शिकार करना पसंद करती है और इसे खाकर अपना पेट भारती है। जानकारी के लिए बता दें भूरे रंग के साँप दुनिया के सबसे खतरनाक सांप होते हैं और इनका शिकार करते समय यह मकड़ी सबसे ज्यादा आनंद महसूस करती है। यह सांप इन मकड़ियों से डर के रहते हैं और इनके जाल में फंसने के बाद सांप जिंदा नहीं बच सकता। 
    जानकारी के लिए बता दें यह मकड़ी सांप का शिकार करने के लिए अपने चिपचिपे जाल का ताना बाना बुनती है इसका यह ताना बाना ऐसा होता है कि सांप आसानी से इसके जाल में फस जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। सांप जब इस जाल की गिरफ्त में आता है तो इससे निकलने के लिए अथक प्रयास करता है लेकिन वह अपने मंसूबों में सफल नहीं होता और दलदल की भांति उसके जाल में फंसता ही चला जाता है। 
    स्विट्जरलैंड में बेसल विश्वविद्यालय के मकड़ी जीवविज्ञानी मार्टिन न्याफेलर ने बताया की जब मकड़ियां सांप का शिकार करती है तो वह बेहद दिलचस्प तरीके का उपयोग करती है उनकी जान लेने के लिए। मकड़ियों की 11 प्रजातियां ऐसी है जो दिखने में एकदम सामान्य मकड़ी की तरह होती है लेकिन उनका एक डंक जान लेने के लिए काफी होता है। वही जब मकड़ी के डंक से सांप की मौत हो जाती है तो वह उसके नॉर्मल अंग को सूप बनाकर खाते हैं और अपने जहर को और जहरीला बनाते हैं।

  • रेगिस्तान में मिला ऐसा कंकाल की वैज्ञानिक बोले भरोसा नहीं होता ऐसा भी पॉसिबल है

    डेस्क। दुनिया में कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जिनको देखकर आप हैरान हो जाएंगे। वैज्ञानिकों को कुछ न कुछ रोज मिलता ही रहता है। इसी कड़ी में एक ऐसा कंकाल मिला है जिसे देखकर आम इंसान ही नहीं बड़े बड़े वैज्ञानिक भी भवचक्के रह गए। इस कंकाल को देखकर पुरातत्व टीम के अधिकारी भी हैरत में पड़ गए हैं। आप सोच रहे हो होंगे ऐसा क्या हुआ क्योंकि अक्सर खुदाई या खोज के दौरान पुरातत्व विभाग को कंकाल मिलना तो आम है।

    दुनिया के अलग-अलग हिस्से में इससे भी पुराने कंकाल मिलते रहे हैं, मगर यह कंकाल कुछ ऐसा है, जिसे देखकर पहली सभी लोग चौंक गए। क्योंकि यह कंकाल दूसरे कंकालों से बिल्कुल अलग है।

    मिले ममिफाइड कंकाल ने कपड़े पहने हुए हैं। इसके सिर पर बाल और इसकी चमड़ी सूखी हुई है, देखने पर लग रहा है कि कोई पतली से परत है। बता दें कि, रिसर्च टीम का कहना है कि यह कंकाल 5020 बीसी का है। यह करीबन सात हजार साल पुराना कंकाल है। सोशल मीडिया पर इस कंकाल को आर्कियों हिस्ट्रीज (Archaeo Histories) नाम के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया गया है। इस पोस्ट में जानकारी दी गई है कि यह कंकाल 5020 बीसी का है। अध्यन के अनुसार यह पुराने समय में शवों को कृत्रिम तरीके से ममी बनाने का उदाहरण है। इसे चिंचोरो ममी के नाम से जाना जाता है।

     

  • यहाँ बुलेट बाइक की होती है पूजा, एक्सीडेंट है वजह

    डेस्क। वैसे तो कई अजीबोगरीब चीज़े इस दुनिया में मौजूद हैं साथ ही कुछ ऐसा होता और किया भी जाता है जो रोचक होने के साथ ही बड़ा दिलचस्प होता है। कई लोग ऐसी चीज़ें करते हैं जिसको सुनकर आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे साथ ही इसको सुनने के बाद इसे जानने की उत्सुकता भी आपके मन में बढ़ती जाएगी। भारत एक विविधताओं वाला देश है। अलग-अलग जाती धर्म और मान्यताओं से भरे इस देश में विभिन्न प्रथाएं भी देखने को मिलतीं हैं। 

    अपनी आस्था से लोग विभिन्न देवी-देवताओं, महापुरुषों, ग्रंथो, प्रकृति आदि की पूजा करते हैं। भारत में लाखों मंदिर हैं और इन मंदिरों में लोगों की अपनी आस्था है, हर मंदिर की अपनी एक कहानी है। आज हम राजस्थान के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बात करेंगे जिसको जानने के बाद आप कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ जाएगे।

    राजस्थान में एक ऐसा मंदिर है, जहां पर लोग बुलेट बाइक की पूजा करते हैं। इस मंदिर के कहानी बहुत ही दिलचस्पी भारी है। यहाँ तक इस मंदिर के सामने से गुजरने वाले लोग हमेशा यहां से सर झुका के निकलते हैं।

    कहां स्थित है ये मंदिर

    यह मंदिर जोधपुर-पाली हाईवे से करीब 20 किमी की दूरी पर है। 

    बता दें कि साल 1988 में राजस्थान के पाली शहर के पास चोटिला गांव निवासी ओम बन्ना नाम का शख्स गोली लेकर ससुराल से अपने घर जा रहा था। ऐसा कहा जाता है कि यह उनका दुर्भाग्य था कि उनकी यात्रा कभी पूरी नहीं हो सकी और ओम बन्ना की रास्ते में एक सड़क दुर्घटना के कारण मृत्यु हो गई। 

    ओम बन्ना की बाइक पेड़ से टकरा गई और उन्होंने वहीं प्राण त्याग दिए। हादसे के बाद पुलिस वहां पहुंची और बाइक को कब्जे में लेकर थाने ले आई पर मौके से बाइक लाने के बाद थाने से बाइक गायब देखकर पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। 

    ऐसा बताया जाता है कि बाइक उसी जगह पहुंच गई जहां ओम बन्ना की मौत हुई थी। पहले पुलिस को लगा कि कोई बाइक को वापस उसी जगह पर ले गया हो। फिर पुलिस बाइक को वापस थाने ले आई। लेकिन अगले ही दिन फिर वही हुआ इसके बाद फिर पुलिस बाइक को थाने ले आई। 

    जब यह घटना बार बार दोहराई गई तो परेशान पुलिस कर्मियों ने बाइक को जंजीर से बांध दिया। पुलिस ने सोचा कि बाइक को चेन से बांधने के बाद अब वह वापस उस जगह नहीं पहुँच सकेगी। पर अगली सुबह बाइक फिर उसी जगह पहुंच गई।

    ऐसे में पुलिस और स्थानीय लोगों ने उस बाइक को उसी जगह लगा दिया जहां ओम बन्ना के साथ हादसा हुआ था। और इसे एक चमत्कार करार दिया।

    इसके बाद लोगों ने उस बाइक की पूजा करना शुरू कर दिया और वहां मंदिर भी बनवाया गया। इतना ही नहीं इस हादसे में मारे गए ओम बन्ना की भी लोग आज पूजा करते हैं। और यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति हमेशा यहां से सर झुका कर निकलता है। 

  • पोता करता था अपनी मरी हुई दादी से बात, भूतिया टेलीफोन बूथ

     

    डेस्क। जब आपको किसी की याद आती है और वो इंसान दूर होता है तो सामान्य तौर पर आप उसे फ़ोन कर लेते होंगे। पर अगर कोई हमारा अपना इस दुनिया से चला जाता है तो हमें उसकी गैरमौजूदगी का एहसास होता है। जब उसकी याद आती है तो कई बार ऐसा मन होता है कि आप उस शख्‍स (जिसे आपने खोया है) से बात कर पाते, उनकी आवाज़ सुन पाते, कुछ अधूरा बता पातें। काश हम अपने दिल का हाल सुना सकते और अपनी भावनाएं उनतक पहुँचा पातें।

    इसी कड़ी में आपको जानकर आश्चर्य होगा कि एक ऐसा टेलीफोन बूथ है जिससे लोग अपने मृत परिजनों से कॉल पर बात करते हैं। यह टेलीफोन बूथ एक कब्रिस्तान में मौजूद है। यह टेलीफोन बूथ जापान के ओत्‍सुची शहर में प्रशांत महासागर के पास में स्थित है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नार्मल बूथ था। इस टेलीफोन बूथ पर एक छोटा बच्चा रोज आता था, जब लोगों ने उस बच्चे से पूछा कि वह यहां रोजाना क्यों आता है तो उस बच्चे ने जवाब दिया जिसको सुनकर सभी लोग हैरत में पड़ गए। उसने बताया कि वो अपने मृत दादाजी से बात करने के लिए वहा पर आता है। साल 2015 में आई जापान की सुनामी में इस बच्चे के दादा की मौत हो गई थी। 

    जब बच्चे की बात पर यकीन करके अन्य लोग भी इस टेलिफोन बूथ का किया तो सभी लोग हैरत में पड़ गए। ऐसे लोग यहां आने लगे जिनके परिजनों को यहां दफनाया गया था दावा किया जाता रहा है कि लोगों ने महसूस किया कि वह अपने परिजनों से बात कर सकते हैं।

    बता दें कि इस टेलीफोन बूथ को कब्रिस्तान के अंदर इतारु सासाकी नामक एक व्यक्ति ने अपने भाई की याद में लगवाया था। इस बूथ में फोन के साथ ही एक नोटबुक रखी रहती है जिसमें अपनों के लिए संदेश लिखा जाता है। कई लोग इस टेलीफोन बूथ पर अपने मृत परिजनों से बात करने के लिए आते हैं और कई लोगों ने अपने और मृत परिजनों के बिच होने वाली बातचीत का दावा भी किया है।

    सबसे हैरान करने वाली बात की इतारु सासाकी के इस फोन का कहीं से कोई भी कनेक्‍शन नहीं है। इसका वायर बूथ की दूसरी तरफ लटका हुआ पड़ा रहता है। फिर भी लोग यहाँ अपने परिजनों से बात करते हैं। इसके बाद लोग पास रखे नोटबुक में अपना मैसेज लिखते हैं और चले जाते हैं।

    मीडिया संस्थान इस खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता, यह बस कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के दावे के आधार पर लिखी गई खबर है।

  • शादी में दुल्हन के साथ इतने लोगों ने लिए फेरे

    डेस्क। शादी के मौके को हर इंसान अपनी लाइफ का सबसे यादगार पल बनाना चाहता है। कोई इसको अपने कैमरे में कैद करने चाहता है तो कोई इस पल को खुलकर जीना चाहता है। पर इन्ही सब के बीच कुछ ऐसा भी हों जाता है जो आपको हँसा-हँसा के पागल कर दे। इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सबको हैरत में डाल दिया।

    सोशल मीडिया पर शादी के दौरान का एक ऐसा मजेदार वीडियो सामने आया है जिसे देख कर लोगों का हंसते-हसंते पेट फूल जाएगा। आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि दूल्हा और दुल्हन सात फेरे ले रहे हैं। जिस दैरान कैमरामैन और लाइट मैन भी रिकॉर्डिंग करते हुए साथ ही सात फेरे लेने लग जाता है।

    बता दें कि इस वीडियो को यूट्यूब के पेज dulhaniyaa पर शेयर किया गया है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर भी पड़ा हुआ है। जिसे देखने के बाद लोगों की आंखें की फटी रह जा रही हैं। इस वीडियो को अब तक कई सारे लोग देख चुके हैं। इसके साथ ही कई लोगों ने वीडियो पर रियेक्ट भी किया है।

  • शादी के एक दिन बाद ही किन्नर क्यों हो जातें हैं विधवा

    डेस्क। शादी का समय हर व्यक्ति के लिए बहुत ही सुखमय और विशेष होता हैं। शादी के समय आप लंबे जीवन आने वाले पलों के सपने सजाने लगते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि किन्नर समाज के लोग विधवा होने के लिए ही विवाह करते हैं। यह जानते हुए की दूसरे दिन विधवा होना है किन्नर किस्से और ऐसा क्या करने के लिए विवाह करते हैं।

    हमारी तरह ही किन्नर जाति भी विवाह करती है। आमतौर पर आपने सुना होगा कि किन्नर अपनी दुनिया में बहुत ही अकेले होते है। पूरा जीवन उनका साथ देने वाला कोई नहीं होता है। वह केवल एक ही क्षमता पर जीते है और वो है उनकी एकजुटता, किन्नर समाज के लोग एक दूसरे के प्रति जुड़ाव की भावना रखते हैं।

    आपने सुना होगा कि जब समाज में किसी नए किन्नर का जन्म होता है तो सारे किन्नर उसे काफी धूमधाम से मानते है। और साथ ही यदि किसी किन्नर की मृत्य हो जाए तो अलग-अलग स्थानों से काफी संख्या में किन्नर अंतिम संस्कार के लिए आते हैं और किन्नरों के अंतिम संस्कार की विधि भी दुनिया से काफी अलग होती है। हम सभी यही जानते है की एक किन्नर की शादी नहीं होती है, लेकिन हमारी ये मान्यता गलत है किन्नर समाज भी शादी करता है।

    एक किन्नर की भी शादी होती है पर सिर्फ एक दिन के लिए ही वह विवाहित होती है उसके बाद वो विधवा हो जातीं हैं। 

    क्यों एक दिन में किन्नर हो जातीं हैं विधवा

    यह एक प्रथा का हिस्सा है जो महाभारत के समय से चली आ रही है। मान्यताओं के अनुसार,  जब पांडवों को एक विशेष युद्ध पर जाने के लिए एक राजकुमार की बलि देनी थी। इस दौरान पांडवों ने कई प्रयास किये लेकिन कोई भी राजकुमार अपनी बलि देने के लिए तैयार नहीं था। तब इरावन इस बलि के लिए तैयार हो गया | बता दें कि इरावन धनुर्धर अर्जुन और नाग कन्या उलूपी का पुत्र था। पर इस बलि से पहले उसने एक शर्त रखी। उसकी शर्त थी कि वह बलि से पहले विवाह करना चाहता है। अब राजा युधिष्ठिर चिंतित हो गए | क्योंकि, एक दिन के लिए इरावन से शादी कौन करता।

    तब इस समस्या का निवारण करने के लिए स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने मोहिनी रूप धारण किया और इरावन से शादी की। इसके ठीक एक दिन बाद इरावन की बलि दी गयी तो, शादी के अगले ही दिन मोहिनी रूपी श्री कृष्ण विधवा हो गए। इसके बाद मोहिनी रूप में प्रभु ने विलाप भी किया और विधवा रूप में सभी रीति-रिवाजों का पालन भी किया।

    इसी घटना को प्रथा के रूप में मानकर किन्नर जाति खुद को भगवान श्री कृष्ण का मोहिनी रूप मानती है और इरावन रुपी प्रतिमा से शादी भी करती है। इसके बाद जब एक दिन गुजर जाता है तो विवाहित किन्नर इरावन की प्रतिमा को तोड़ देती है। इसके बाद वह भी भगवान श्री कृष्ण की तरह घोर विलाप करती है। 

  • सोने की खदान के बीच मिली खून की नदी, जब खुला रहस्य तो रह गए दंग

    रोचक खबर:- हम जिस धरती पर निवास करते हैं वह वास्तव ने रहस्यों से भरी हुई है। वही जब से न्यू मीडिया का ट्रेंड आया है इन रहस्यमयी सच का खुलासा जनता के सामने होने लगा है और सोशल मीडिया पर हम अक्सर दुनिया से जुड़े रहस्यों की कहानी सुनते रहते हैं। वही अभी हाल ही में अमेरिका से कुछ तस्वीरे वायरल हुई और लोग उन तस्वीरों का कनेक्शन खून की नदी से जोड़ने लगे लोग यह दावा करने लगे की अमेरिका में खून की नदी की खोज हुई है वही लोगो के दावों पर जब इस बात की तह तक पहुंचा गया तो इसका सच कुछ और ही निकला। 

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका में लोगो ने रेडिट पर साउथ डकोटा में एक खून की नदी को स्पॉट किया था । जिसके कई स्क्रीन शार्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए इन स्क्रीन शॉर्ट में जो चित्र दिखाया जा रहा था वह लाल खून की नदी सा लग रहा था। लोगो ने दावा किया की अमेरिका के जंगल स्टेट के वेस्ट में खून की नदी स्थित है।
    जानकारों ने इस जगह के संदर्भ में कहा की यह जगह पर्यटकों से भरी रहती है इस जगह पर सोने का भंडारण भी है यहां भारी मात्रा में सोना पाया जाता है। वही लोगो ने उस इलाके में लाल नदी के होने का दावा भी किया और इसे खून की नदी बताया। लेकिन बाद में खुलासा हुआ की यह खून की नदी नहीं है यहां एक नदी थी जिसका पानी लाल हो गया था क्योंकि वहां बहुत फैक्ट्रियां हैं उनसे खतरनाक केमिकल निकलते रहते हैं, जो जाकर इस नदी में मिलते हैं। इस वजह से उसका रंग लाल हो गया है। जब भी दूर से कोई उसे देखता है तो वो एकदम खून के रंग की नजर आती है। इसी वजह से लोगों को गलतफहमी हो
     रही है।
    जानकारी के लिए बात दें लोगो ने जिस इलाके में खून की नदी होने का दावा किया है वहां वहां पर सोने, बालू, पत्थर आदि के भंडार मौजूद हैं, जिस वजह से वहां पर माइनिंग होती रहती है। पहले ये इलाका सोने की खदान के लिए फेमस था, लेकिन स्थानीय मीडिया के मुताबिक 2001 में उन खदानों को बंद कर दिया गया।