Viral:- ,वैज्ञानिक द्वारा की गई अनोखी खोज हमेशा ही हमे चौंका देती है और हम वैज्ञानिकों की खोज देखकर ताज्जुब में पड़ जाते हैं कि आखिर यह सम्भव कैसे हुआ। अब इसी संदर्भ में वैज्ञानिकों ने एक ओर खोज की है जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान हैं क्योंकि । यूटा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मृत डोनर की आंखों को दोबारा जिंदा कर दिया है। वही वैज्ञानिक यह दावा कर रहे हैं कि आंखों को जिंदा करने की साइंस पर काम करके वह जल्द ही मनुष्य के दिमाग को भी जिंदा कर लेंगे।
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वैज्ञानिकों को मिली बड़ी उपलब्धि अब मरे हुए लोग पुनः होंगे जिंदा
शोधकर्ताओं की इस खोज के संदर्भ में लोगो का कहना है कि इससे अब मृत्यु को जीता जा सकता है और मृत्यु को एक पल के लिए परिवर्तित किया जा सकता है। इस संदर्भ में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि रेटिना में कोशिकाएं प्रकाश के प्रति प्रतिक्रिया करती हैं यह कोशिकाएं मौत के पांच घंटे बाद भी प्रतिक्रिया देती हैं।नेचर जर्नल में प्रकाशित इस खोज में बताया गया है कि रेटिना में प्रकाश संवेदनशील कोशिकाएं मृत्यु के पांच घंटे बाद तक प्रकाश का जवाब देने और एक-दूसरे के साथ संवाद करने में सक्षम थीं, जो जीवित लोगों के समान विषयों से रिकॉर्ड किए गए संकेत भेजे थे।इस खोज के बाद अब वैज्ञानिकों के हौसले बुलंद हो गए हैं। लोगों को लगता है कि मृत्यु के बाद लोगो को जीवित नहीं किया जा सकता है। लेकिन इस खोज के माध्यम से अब मृत व्यक्ति को जीवित करने की एक उम्मीद जगी है। क्योंकि रेटिना में ये न्यूरॉन्स केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) का हिस्सा होते हैं, जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी शामिल होती है। -
मरकर वापस आए लोगों ने बताया मौत का सच, डॉक्टर थॉमस की 2000 मरनेवालों पर रिसर्च
मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य है। जो भी इस धरती पर आया है उसका मरना भी तय है। पर क्या आप जानते है कि कई बार मौत को छूकर वापस आने का भी चमत्कार हुआ है। कई लोग मरकर वापस इस धरती पर जन्म लेते हैं। और कई लोग इस जीवन-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।
आज हम इसपर बात करेंगे की मौत दर्दनाक होती है या सरल। मर कर वापस आने वाले लोग मौत को किस तरह से बयां करते है।
कई लोगों ने कुछ सेकेंड या मिनट के लिए मरकर वापस आने के दावा किया हैं। हालांकि उन सबके अनुभव बहुत अलग-अलग रहे। आज तक कोई भी पुख्ता तौर पर यह नहीं बता पाया कि मौत होते वक्त आखिर कैसा लगता है। वहीं मौत होने के बाद आखिर क्या होता है आत्मा कहा जाती है। इस बारे में भी लोगों ने अपने अलग अनुभव बताए हैं।
कई लोगों के लिए मृत्यु के बाद शैतानों से प्रताड़ित किया जाने का दावा भी किया गया है। साथ ही कई मरने वालों ने सुकून भरी दुनिया देखने का दावा किया है।
मौत को जीवन की साइंटिफिक थ्योरी की बात करें तो डॉक्टर थॉमस फ्लेसचैमन ने करीब 2000 लोगों को अपनी आंखों से मरता हुआ देखा हैं। और मरते मरीजों के अनुभव के आधार पर उन्होंने मौत के 5 चरण बताए हैं।
1. उनके अनुसार, मौत के समय इंसान का सारा दर्द, चिंताएं, डर खत्म हो जाता है। उसे कोई शोर सुनाई नहीं देता और हर तरफ शांति महसूस होती है। उनके अनुसार कुछ लोगों ने मरते वक्त अजीब सी खुशी को महसूस करने की बात कही।
2. डॉक्टर थॉमस ने जानकारी दी कि इस चरण में लोगों को अलग ही अनुभव होता है जिसको जाहिर करना बहुत मुश्किल होता है। कई लोगों ने कहा कि हवा में उड़ने जैसी अनुभूति होती है और कुछ लोगों को लगता है कि शरीर बहुत हल्का हो चुका है।
3. आगे उन्होंने रिपोर्ट में दावा किया कि यह चरण इंसान को राहत देने वाला होता है। इसमें 98 फीसदी लोगों का कहना था कि उन्हें बहुत आराम मिलता है। साथ ही 2 प्रतिशत लोगो ने बताया कि यह उन्हें बहुत भयानक आवाजें, गंध और खौफनाक जीव दिखाई दिए।
4. चौथे चरण में मरने वालो ने बताया कि शख्स को बहुत तेज रोशनी दिखाई देती है और वो बेहद तेज, गर्म और अपनी तरफ खींचने वाली रोशनी होती है और पास जाते हुए यह धीरे-धीरे काले अंधकार में तब्दील हो जाती है।
5.आखरी चरण में मृत्यु के बाद वापस आने वाले 10 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्हें एक खूबसूरत दुनिया दिखी। जहां सुंदर सुंदर रंग और सुंदर संगीत सुनाई दे रहे थे। वहां पहुंचने के बाद प्यार भारी अजीब सी अनुभूति होती थी।
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पुरुषों के लिंग जैसा दिखता है यह फूल, इससे लड़कियां करती हैं ये काम
Hindi News नई दिल्ली । यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह सच है, कि कंबोडिया की सरकार ने ऐसा फैसला लिया है जिसकी चर्चा हो रही है। दरअसल कंबोडिया में एक प्रकार का पौधा पाया जाता है, जिसका फूल पुरुषों के प्राइवेट पार्ट जैसा दिखता है, इसीलिए कंबोडिया में इसे पेनिस प्लांट कहा जाता है। वहां की सरकार ने फैसला किया है, कि लड़कियों को इसका फूल नहीं तोड़ना है।इस पौधे से दूर रहें लड़कियां
दरअसल डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंबोडियाई सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिसमें देखा गया था कि कुछ लड़कियां इस प्लांट से छेड़छाड़ कर रही हैं। इसके बाद सरकार ने इस दुर्लभ लिंग के पौधे से छेड़छाड़ को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। कंबोडियाई सरकार ने कहा है कि लोगों को इस दुर्लभ मांसाहारी पौधे से दूर रहना चाहिए।जो किया वह गलत
कंबोडियाई पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में अनुरोध किया कि इन दुर्लभ पौधों को अकेला छोड़ दिया जाए। पर्यावरण मंत्रालय ने 11 मई को एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वे जो कर रहे हैं वह गलत है और कृपया भविष्य में ऐसा दोबारा न करें। मंत्रालय की ओर से किए गए पोस्ट में कुछ तस्वीरें भी जारी की गई हैं जिनमें लड़कियां इन पौधों के साथ नजर आ रही हैं।पेनिस प्लांट के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा बहुत ही दुर्लभ प्रजाति है, जो विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। ऐसे में सरकार को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर इस प्लांट के साथ लगातार छेड़छाड़ की गई तो यह जल्द ही विलुप्त हो सकता है। कोण से देखने पर यह पौधा मानव लिंग जैसा दिखता है। कुछ रिपोर्टों का दावा है कि यह पौधा नेपेंथेस होल्डेनी नामक प्रजाति का है, जबकि यह वास्तव में नेपेंथेस बोकोरेंसिस नामक प्रजाति से निकटता से संबंधित है। -
सोने के बाद भविष्य में झांकती है आत्मा, भम्रण पर जाता है सूक्ष्म शरीर
डेस्क। उलझने को कई सवाल हैं, जिनके जवाब मिल पाना काफी कठिन है। इसी कड़ी में आज हम एक ओर रहस्य पर से पर्दा उठाएंगे। आज का सवाल है कि सोने के बाद आत्मा कहां जाती है ? क्या हमारी आत्मा शरीर में ही रहती है या हमारी आत्मा मानव शरीर से अलग हो जाती है। यह लेख इसी प्रश्न का उत्तर देगा पर कुछ भौतिकतावादी लोग इस बात को अस्वीकार कर इसे पाखंड कहेंगे। पर वो ये नहीं जानते कि आत्मा कोई पाखंड नहीं है।
कुछ थ्योरी की माने तो सोने के बाद आत्मा पता नहीं कहां कहां की यात्रा करती है। लेकिन असल मे आत्मा इधर उधर नही जाती यह तो सिर्फ मन करता है। कई कथाओं में मनुष्य को तीन शरीरों में बांटा गया है। जो है, मानव देह, आत्मा और सूक्ष्म शरीर। यही सूक्ष्म शरीर ही हमारा मन होता है।
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: ।
न चैनं क्लेदयन्तापो न शोषयति मारुत: ।
इस श्लोक में भगवान क्रष्ण कहते हैं कि हे पार्थ आत्मा को ना शास्त्र काट सकते हैं , ना आग जला सकती है ना उसे हवा उडा सकती है और ना ही उसे कोई दुख होता है। आत्मा तो सदा अचल है। आत्मा के अचल होने का अर्थ है कि यह हर जगह मौजूद है। आत्मा का अंश जीव और निर्जीव सभी में होता है।
क्या सोने के बाद मानव देह छोड़ देती है आत्मा
यदि आप यह सोच रहे हैं कि सोने के बाद आपकी आत्मा भ्रमण करने के लिए जाती है तो आप गलत सोच रहे हैं। भगवान कृष्ण के अनुसार आत्मा हर जगह पर सुलभ है । पूरे संसार मे जितने भी लोग है सबकी आत्मा एक है, हम सभी ईस्वर का अंश है बस कुछ कर्मों और कपड़ो(शरीरों) के कारण ये सभी अलग अलग हैं।
अगर आप इस कर्म के ढांचे से मुक्त हो जाते हैं तो आपकी आत्मा और मेरी आत्मा जैसी कोई चीज नहीं होती है। इससे प्रमाणित होता है कि सोने के बाद आपकी आत्मा कोई गति नहीं करती। न ही उसे कही जाने की जरूरत होती है। बस आपका मन (सूक्ष्म शरीर) गति करता है। इसी गति को हम अपनी आत्मा की गति समझ लेते हैं।
सोने के बाद आपकी आत्मा भविष्य में झाक सकती है-
आत्मा कही नही जाती, सोने के बाद आपका अचेतन मन आत्मा के सहारे भविष्य के अंदर कदम रखता है। उसके अंदर भविष्य को देखने की क्षमता होती है । कई बार जब आप बहुत ज्यादा शांत होते है तो सोने के बाद हमारा अचेतन मन भविष्य के अंदर चला जाता है।
इसी लिए आपको कई ऐसे सपने आते हैं जो बाद मे सच हो गए । इस तरह के सपने हमें तब आते हैं जब हमारा अचेतन मन भविष्य के अंदर जा चुका होता है। ऐसा मुख्य रूप से ब्रम्हमुहूर्त में होता है, इसी समय आत्मा भविष्य का दरवाजा खटखटाती है।
इसका क्या आधार है ? यह बता पाना बहुत ही मुश्किल है। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि जो भौतिक जगत के अंदर घटित होता है। वह उससे पहले ही सूक्ष्म जगत के अंदर घटित हो जाता है। सूक्ष्म शरीर का असर भौतिक शरीर के उपर पड़ता है। तभी तो कई बार कुछ बुरा होने से पहले मन विचलित हो जाता है। और हम कई बार भाप लेते हैं कि सब अच्छा ही होगा।
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नींद के दौरान मनुष्य का मस्तिष्क करता है अनेको प्रतिक्रिया:- शोध
रोचक खबर:- मनुष्य का शरीर एक अपने अंदर कई कहानियों को समेटे हुए हैं वही अगर हम बात मानव मस्तिष्क की करें तो यह रहस्यों की पोटली है। कई वैज्ञानिकों ने मानव मस्तिष्क के संदर्भ में अलग अलग प्रकार की टिप्पणी की हैं और कहा है कि मस्तिष्क में होने वाली गतिविधियों के कारण ही आज मनुष्य जिंदा है अर्थात यदि मनुष्य का स्थिर हो जाए तो मनुष्य का पूरा शरीर शिथिल हो जाएगा और मनुष्य मृत हो जाएगा।
[object Promise]वही अब मनुष्य के मस्तिष्क से जुड़े रहस्य का खुलासा करने के लिए चूहों पर वैज्ञानिकों ने शोध किया है। क्योंकि चूहों का मस्तिष्क मनुष्य के मस्तिष्क के समान होता है। इस शोध में वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया है कि मनुष्य का मस्तिष्क सोते वक्त अपनी अगले दिन की भावनाओं को नियंत्रित करता है और यह निर्धारित करता है कि वह आने वाले नए दिन में किन भावनाओं के साथ खड़ा होगा।[object Promise]वैज्ञानिकों ने कहा की दिमाग नींद में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन नींद के वक़्त जब मनुष्य रैपिड आई मूवमेंट से गुजरता है तो यह यादों को मजबूत करता है और रात की चीजो को व्यक्ति लम्बे समय तक याद रखता है। लेकिन अभी तक वैज्ञानिक इस कार्यप्रणाली की कार्यविधि की खोज नहीं कर पाए हैं और न यह पता लगा पाए हैं कि वास्तव में यह किस तरह कार्य करती है।[object Promise]अगर हम दिमाग की भावनात्मक कार्य प्रणाली की बात करें तो भावनात्मक कार्य प्रणाली में मस्तिष्क के प्रिफ्रंटल कोर्टेक्स की बड़ी भूमिका होती है। फिर भी REM नींद के दौरान कुछ तंत्रिकाएं, जिन्हें पिरामिडल तंत्रिकाएं कहते काम करती है। यह वैसे तो काफी आश्चर्य की बात है कि रात को जहां पूरा शरीर स्थिर रहता है लेकिन हमारा मस्तिष्क पूरी रात काम करता रहता है। -
शादी में देवर ने भाभी की करी ठुकाई, फिर दूल्हे को आया गुस्सा, मचा बवाल
Devar-Bhabhi Viral Video – भारत में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। इस दौरान सोशल मीडिया पर हमें शादियों के कई वीडियो (Devar Bhabhi Relation Video) देखने को मिल जाते हैं.हमारे देश में शादी के दौरान तरह-तरह की रस्में निभाई जाती हैं। (Devar-Bhabhi Video) इनमें से कुछ रस्में बेहद अजीब हैं। कई रस्में दूल्हा और दुल्हन के साथ की जाती हैं (Devar Bhabhi Video), जबकि कुछ रस्में परिवार के सदस्यों द्वारा की जाती हैं.दूल्हे के भाई को आया गुस्सा
आज हमें सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब शादी समारोह का वीडियो मिला है। जो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार वाले शादी के बाद एक रस्म निभाते नजर आ रहे हैं.इस दौरान कुछ ऐसा होता है कि सब कुछ उल्टा हो जाता है। दरअसल, इस रस्म के दौरान दूल्हे के भाई को गुस्सा आ जाता है, जिससे वह अपनी भाभी की हत्या करने लगता है. उसके बाद माहौल अपने आप बदल जाता है।वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक परिवार में शादी की रस्में चल रही हैं. इस दौरान महिलाओं को गीत गाते हुए सुना जाता है। वहीं अन्य लोग भी खड़े नजर आ रहे हैं। समारोह में दूल्हे के भाई और दुल्हन नजर आ रहे हैं.वीडियो में आप देख सकते हैं कि देवर और भाभी इधर-उधर घूम रहे हैं और एक दूसरे को पतली डंडों से मार रहे हैं. यह एक प्रकार का अनुष्ठान है, जो किया जाता है।शादी समारोह का माहौल
वीडियो में देखा जा सकता है कि इस दौरान देवर को एक छड़ी थोड़ी तेज लग जाती है. इसके बाद उसे बहुत गुस्सा आता है। देवर को इतना गुस्सा आता है कि वह दुल्हन को डंडे से मारने लगता है। ऐसा होते देख परिवार के बाकी लोग सदमे में हैं।वहां अपनी दुल्हन को पीटता देख दूल्हा वहां आ जाता है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि दूल्हा अपनी नई दुल्हन को बचाने के लिए अपने भाई की हत्या करने लगता है.इसके बाद शादी समारोह का माहौल ही गंभीर हो जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लोग देख रहे हैं. लोग इसे खूब शेयर भी कर रहे हैं. -
डॉक्टर ने भैंस के अंदर डाला सांड का वीर्य, हुआ बछड़े का जन्म, अखिलेश बोले घोटाला
UP News उत्तरप्रदेश । राजनीति में हर किसी का अपना नजरिया होता है। मामला जिस भी क्षेत्र से जुड़ा है, राजनेता उसमें अपना पक्ष देने में जरा भी देर नहीं लगाते। ताजा मामला बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के असेगा गांव का है। (Buffalo) राजनीति की वजह से सुर्खियों में रहने वाला यह इलाका इस बार एक अलग ही मामले में चर्चा में है। हालांकि मामला अलग है, लेकिन राजनीति जारी है।भैंस से बछड़े के जन्म को अखिलेश यादव ने बताया घोटाला
एसेगा गांव में एक किसान की भैंस ने गाय के बछड़े को जन्म दिया है। यह न केवल रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ-साथ क्षेत्रीय लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस पर टिप्पणी करने में देरी नहीं की। (Cau Dung)अपने आधिकारिक ट्वीट से खबर पोस्ट करते हुए उन्होंने टैग लाइन लिखी ‘यह भी घोटाला हुआ…’डॉक्टर ने भैंस में डाला सांड का वीर्य
एसेगा गांव के किसान सत्येंद्र यादव के घर एक काली भैंस ने भूरे और सफेद गाय के बछड़े को जन्म दिया है। दिखने में भी बछड़े के समान ही है। इस ‘आश्चर्य’ को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग आ रहे हैं। सत्येंद्र के मुताबिक उन्होंने एक निजी डॉक्टर से भैंस का वीर्य सिलवाया था। आशंका जताई जा रही है कि शायद डॉक्टर ने भैंस में सांड का वीर्य डाल दिया हो, जिससे गाय के बछड़े का जन्म हुआ हो। सत्येंद्र ने इसे प्रकृति का करिश्मा नहीं बताया है। हालांकि डॉक्टरों की राय है कि भैंस में सांड का वीर्य डालना स्वीकार्य नहीं होगा।बता दें, जहां लोगों के बीच इसकी चर्चा हो रही थी, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट ने इसे और सुर्खियों में बना दी हैं। बलिया के एसेगा गांव से एक अनोखा मामला सामने आया है। गांव में एक भैंस ने गाय के बछड़े को जन्म दिया है। इस वायरल हो रही खबर के साथ अखिलेश यादव ने टैगलाइन लिखी है। -
तिजोरी में रखें ये पांच चीजें, कोरोना की तरह बढ़ेगा धन
Astro Money Tips नई दिल्ली । हर व्यक्ति चाहता है कि उस पर मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहे। इसके साथ ही उसे जीवन में सभी भौतिक सुख मिलते रहना चाहिए। आपको बता दें कि मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है। अर्थात मां लक्ष्मी की कृपा के बिना धन की प्राप्ति संभव नहीं है। वहीं आपने देखा होगा कि लोग मेहनत तो करते हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलती और उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। यहां हम आपको तिजोरी से जुड़े कुछ ज्योतिषीय उपाय बताने जा रहे हैं। जिसे करने से आप अपने धन में वृद्धि कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में…पीली कौड़ी सिद्ध करके रखेंदीपावली या धनतेरस के दिन श्रीसूक्त के मंत्रों से 7 कौड़ियों को सिद्ध करके इन कौड़ियों को उस आलमारी में रखना चाहिए या जहाँ आप धन रखते हैं। ऐसा करने से धन में वृद्धि होती है। यदि आप दीपावली या धनतेरस पर कौड़ी नहीं रख सकते हैं, तो आप शुक्रवार को भी कौड़ी रख सकते हैं। क्योंकि शुक्रवार का संबंध मां लक्ष्मी से माना जाता है।कमल का फूल रखना शुभ और फलदायीमाँ लक्ष्मी को कमल का फूल बहुत प्रिय है। इसलिए जिस अलमारी या प्रतिष्ठान में आप पैसा रखते हैं, वहां कमल का फूल रखना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।हल्की गांठों से दूर होंगी आर्थिक तंगीआर्थिक तंगी को दूर करने के लिए हल्दी की गांठ का उपाय अचूक है। गुरुवार या शुक्रवार के दिन आपको हल्दी की 5 छोटी गांठ लेकर लाल या पीले रंग के कपड़े में पैसे लेकर रखना है। ऐसा करने से आप पर हमेशा मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।तिजोरी में रखें एक नारियलज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर एक भी नारियल को सिद्ध करके घर या दुकान की तिजोरी में रख दिया जाए तो वह हमेशा शुभ रहता है। साथ ही जिस घर में एक नारियल की पूजा की जाती है, उस घर के लोगों पर तांत्रिक क्रियाओं का प्रभाव नहीं पड़ता और उस परिवार के सदस्यों को मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है।कुबेर यंत्र को तिजोरी में रखेंभगवान कुबेर को स्थायी धन का देवता माना जाता है, इसलिए कुबेर यंत्र या श्री यंत्र को तिजोरी में रखना चाहिए। श्री यंत्र को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे आपके घर में हमेशा समृद्धि बनी रहती है और कभी भी धन की कमी नहीं होती है। -
समुद्र के बीच तैरते घर बनाकर बसा लिया गांव, नौ हजार लोगों का बसेरा
यह दुनिया अपनी हैरान करने वाली चीज़ों से सुसज्जित है। कई चीज़े आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी तो कई चीज़ों को देखने के बाद अपनी विचार करने की क्षमता ही खत्म हो जाएगी। कुछ चीज़ों के आगे आप सोच ही न सकेंगे। ऐसे ही एक अजीब गांव के बारे में आज हम बात करने जा रहें हैं। क्या आपने कभी समुद्र के बीचो-बीच में पूरा का पूरा गांव बसा देखा है?
आज हम ऐसे ही अजीब पर दिलचस्पी और रोमांचक गांव की बात करेंगे। दुनिया में एक ऐसा देश है जहां के लोगों ने समुद्र के बीचो-बीच पूरा गांव बस रखा है। और ये लोग समुद्र में ही जीवन व्यापन भी करते हैं।
कहां है ये हैरान करने वाला गांव
बता दें कि चीन में एक पूरा गांव समुद्र के बीचो-बीच में बसा हुआ है। और सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इस गांव तैरती नावों पर बसाया गया है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि यहाँ घरों की संख्या 2000 से भी अधिक है। चीन के फुजियान प्रांत में निंगडे शहर में हजारों लोगों की बस्ती पानी में तैरती नज़र आती है।
दुनिया की यह इकलौती ऐसी जगह है जो समुद्र के ऊपर रहने के लिए बसाई गई, ये बस्ती कोई साल-दो साल पुरानी नहीं, बल्कि इसे बसे हुए 1300 साल हो चुके हैं। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि इस बस्ती में करीब आठ हजार लोग रहते हैं।
ये लोग मछली मारकर अपनी आजीविका चलाते हैं। और अपना पेट पालते हैं। गांव के लोगों को टांका नाम से पुकारा जाता है।
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630 फीट गहरे सिंक होंल के नीचे मिला जंगल
रोचक:- दुनिया रहस्यों का खजाना है यहां इतने रहस्य छुपे हुए हैं कि उनके खुलासे अक्सर लोगो को चकित कर देते हैं। वही अब चीन में वैज्ञानिकों की टीम ने विशाल सिंकहोल की खोज की है यह सिंकहोंल ऐसा है जिसके नीचे जंगल है। सूत्रों का कहना है की वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए इस सिंक होंल की गहराई 630 फीट है। इस सिंक होंल के अंदर गई वैज्ञानिकों की टीम ने जो भी देखा वह काफी हैरान करने वाला था क्योंकि उन्हें इस सिंक होंल में तीन एंट्री पॉइंट नजर आए।
इसके अलावा इन सिंक होंल में वैज्ञानिक को 40 फीट तक पेड़ पौधे दिखाई दिए। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पेड़ सूर्य की रोशनी प्राप्त करने हेतु अपनी लंबी शाखाओं का उपयोग करते हैं। जानकारी के लिए बता दें चीन के गुआंग्शी ज़ुआंग ऑटोनॉमस रीजन की लेये काउंटी में इन पेड़ों और जंगल की खोज की गई है। माना जा रहा है कि इनमें ऐसी प्रजातियां भी हो सकती हैं, जिन्हें अभी तक खोजा नहीं गया है।इस खुलासे के बाद वैज्ञानिकों की टीम को लीड कर रहे चेन लिक्सिन ने कहा है कि इस खोज में हमारी टीम ने जिन प्रजातियों को खोजा है उनका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। हर कोई इसे देखकर दंग है हम अभी इसकी खोज कर रहे हैं जल्द हम इसके सन्दर्भ में कुछ ऐसी प्रजातियों की खोज करेंगे जो सभी को चकित कर देंगी। इन गुफाओं में जीवन है और यहां पानी का बेहतर सोर्स भी जो लोगो को आकर्षित कर सकता है।