Category: socially-viral

  • इस जगह पर महिलाएं टांग देती हैं अपने बाल

    डेस्क।। कप्पाडोसिया के एवनोस शहर में एक अनोखा संग्रहालय है जिसे हेयर म्यूजियम के नाम से भी जाना जाता है। वहीं यह जगह देखने में बहुत ही दिलचस्प भी लगती होगी और हेयर म्यूजियम का नाम सुनकर आप यह सोच रहे होंगे कि इसे हेयर म्यूजियम क्यों कहा जाता है।
    तो पहले यह जान लें कि इसकी स्थापना गैलीप ने की थी, वहीं जो अपने कलम नाम चेज़ गैलीप से जाने भी जाते थे। तो हर साल सैकड़ों पर्यटक इस संग्रहालय में आते भी हैं और अपने बालों के कुछ टुकड़े यहां छोड़ जाते हैं। और यह संग्रहालय दुनिया के 15 सबसे दिलचस्प संग्रहालयों में 6वें स्थान पर काबिज है। और आज संग्रहालय में 16,000 महिलाओं के बाल मौजूद हैं।
    संग्रहालय का उद्घाटन
    संग्रहालय की एक दिलचस्प कहानी है जो कि 35 साल पुरानी है। एक फ्रांसीसी महिला ने अपने पीछे छोड़े बालों को संग्रहालय में बदल भी दिया।
    संग्रहालय की कहानी
    35 साल पहले, कप्पाडोसिया जाने वाली एक फ्रांसीसी महिला एक पत्थर काटने वाले से मिलती थी ये महिलाएं करीब 3 महीने तुर्की में रहती हैं और इसी दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार भी हो जाता है।
    यहीं से बाल काटने की परंपरा शुरू हो गई
    एक दिन जब उस औरत के जाने का समय हुआ तो उसने उसके बाल काटकर वर्कशॉप की दीवार पर ही लटका दिए। तब से यहां आने वाली और इस कहानी को सुनने वाली हर महिला अपने बाल काटकर दीवार पर टांग भी देती है। इस प्रकार यह स्थान धीरे-धीरे बालों का संग्रहालय बन गया है।
    बालों का संग्रहालय
    उस दौरान केवल एक महिला के बालों से शुरू हुआ हेयर म्यूजियम आज हजारों-लाखों महिलाओं से सुशोभित हो गया है। इस म्यूजियम का नाम 1998 में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया जा चुका है।
    संग्रहालय के मालिक
    संग्रहालय के मालिक और संस्थापक गैलीप हर साल पर्यटकों के बीच एक लॉटरी का आयोजन भी करते हैं और 20 भाग्यशाली लोगों को कप्पाडोसिया की सैर कराते भी हैं।

  • भारत में यात्रियों को यहां मिलती है फ्री ट्रेन सेवा

    डेस्क। ट्रेन से यात्रा करना देश में यात्रा के सबसे आरामदायक और किफायती तरीकों में से एक माना जाता है। भारत का रेलवे नेटवर्क बहुत ही बड़ा है और रोजाना लाखों यात्री ट्रेन से यात्रा भी करते हैं। यात्रियों के यात्रा करने के लिए ट्रेनों में विभिन्न श्रेणी (सामान्य, स्लीपर और एसी) के विकल्प दिए हुए हैं और उनके शुल्क भी अलग-अलग हैं।
    पर क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसी ट्रेन भी चलती है, जिसमें यात्रा बिल्कुल मुफ्त (Indian Railway Free Train) में ही होती है और लोगों को टिकट के लिए पैसे भी नहीं देने होते हैं।
    जानिए, यह ट्रेन किस रूट पर चलती है?
    यह ट्रेन पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर चलाई जाती है, जिसमें यात्रियों से कोई किराया नहीं लिया जाता है और इसका नाम भाखड़ा-नंगल ट्रेन है।
    दरअसल, इस ट्रेन का प्रबंधन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड करता है और यह ट्रेन भाखड़ा और नंगल के बीच चलती है और 13 किलोमीटर की दूरी भी तय करती है।
    भाखड़ा-नांगल ट्रेन सतलुज नदी और शिवालिक पहाड़ियों से होकर गुजरती के है। इसमें सफर करने वाले यात्रियों से कोई किराया भी नहीं लिया जाता है।लोग मुफ्त में अपनी यात्रा का आनंद भी लेते हैं। इतना ही नहीं इस ट्रेन में टिकट चेक करने के लिए कोई टीटीई मौजूद नहीं है।
    जानिए, फ्री में क्यों चलाई जाती है ये ट्रेन?
     विश्व प्रसिद्ध भाखड़ा-नंगल बांध सबसे ऊंचे सीधे गुरुत्वाकर्षण बांध के रूप में प्रसिद्ध है और इसे देखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं।
    इन्हीं पर्यटकों के लिए यह विशेष भाखड़ा-नंगल ट्रेन चलाई भी जाती है। भाखड़ा-नंगल बांध देखने आने वाले सभी लोग इस ट्रेन में मुफ्त यात्रा का आनंद भी उठा सकते हैं।
    भाखड़ा-नंगल ट्रेन की शुरुआत 1948 में हुई थी और शुरुआत में यह ट्रेन भाप के इंजन से चला करती थी, वहीं अब यह डीजल इंजन से चलती है। और पहले इस ट्रेन में 10 कोच होते थे साथ ही अब इसे कम कर दिया गया है और इस ट्रेन में सिर्फ 3 बोगियों का इस्तेमाल भी किया जाता है।
    जानकारी के लिए बता दें वर्ष 2011 में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने आर्थिक नुकसान को देखते हुए नि:शुल्क सेवा बंद करने का निर्णय लिया था और बाद में इसे आय का स्रोत न मानकर विरासत के रूप में चलाने का निर्णय भी लिया गया।

  • अब ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर पढ़ाए जाएंगे भारतीय ज्ञान परंपरा के पाठ

    शिक्षा मंत्रालय देशभर में स्कूली छात्रों के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी शिक्षा पर जोर देता रहा है। हालांकि भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी शिक्षा का दायरा ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन तक बढ़ने जा रहा है। यूजी और पीजी स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा के कई नए कोर्स सुझाए गए हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित इन नए पाठ्यक्रमों में फाउंडेशन और कुछ ऐच्छिक कोर्स हैं। ऐच्छिक कोर्स में भारतीय भाषा विज्ञान, भारतीय वास्तु शास्त्र, भारतीय तर्कशास्त्र, धातु शास्त्र, आदि हैं। इनमें भारतीय ज्योतिषीय उपकरण, मूर्ति विज्ञान, बीज गणित, भारतीय वाद्य यंत्र, पूर्व ब्रिटिशकालीन का जल प्रबंधन भी है। फाउंडेशन कोर्स में वेदांग, भारतीय सभ्यता व साहित्य, भारतीय गणित, ज्योतिष, भारतीय स्वास्थ्य विज्ञान व भारतीय कृषि जैसे विषय हैं। इसके अलावा देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए मूर्ति पूजा, औषधि प्रणाली, ज्योतिषीय उपकरण, वेदांग दर्शन, साहित्य, स्वास्थ्य दर्शन और कृषि से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।

    शैक्षणिक सत्र 2023-24 से ग्रेजुएशन और पोस्ट क्रिएशन दोनों ही स्तरों पर छात्रों के लिए यह पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। यह नई पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। यूजीसी ने इसके लिए एक विशेष मसौदा भी तैयार किया है। यूजीसी के मुताबिक देशभर के सभी विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों और सभी राज्यों को भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पाठ्यक्रमों का मसौदा भेज दिया गया है। विभिन्न राज्य व शिक्षण संस्थान 30 अप्रैल तक इस विषय पर यूजीसी को अपने सुझाव भेज सकते हैं। बीजेपी का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों का मसौदा यूजीसी की उच्चस्तरीय समिति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के तहत तैयार किया है। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में एफवाईयूपी यानी 4 ईयर अंडर ग्रेजुएशन प्रोग्राम के तहत दाखिले होंगे। अंडर ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों के इन छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े एक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले छात्रों को कम से कम पांच प्रतिशत क्रेडिट भारतीय ज्ञान आधारित पाठ्यक्रम से मिलेंगे।

    यूजीसी का मानना है कि इसलिए यह आवश्यक है कि छात्रों को इस नए पाठ्यक्रम के प्रति प्रोत्साहित किया जाए। इसलिए छात्रों को इस कोर्स की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को स्नातक प्रोग्राम के पाठ्यक्रम के पहले चार सेमेस्टर में भारतीय ज्ञान परंपरा के कोर्स को रखना होगा। हालांकि यह ऐच्छिक कोर्स होगा।वहीं भारतीय वैदिक गणित तो जल्द ही एक विषय के रूप में आईआईटी व ऐसे ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के छात्रों का सिलेबस बन सकता है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों समेत कई अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भारतीय वैदिक गणित को लाने की तैयारी की गई है। भारतीय वैदिक गणित, भारतीय दर्शनशास्त्र, भारतीय संस्कृत और विज्ञान एवं भारतीय सौंदर्यशास्त्र, उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाए जाएंगे। इसके लिए बकायदा शिक्षा मंत्रालय की ओर से बड़ी पहल की गई है।

    इन विषयों को आने वाले नए शैक्षणिक सत्र से ही लागू किया जा सकता है। इसके लिए प्रारंभिक कदम भी उठाए गए हैं जिसके अंतर्गत देश भर के सभी आईआईटी संस्थानों, सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति व समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों से आधिकारिक तौर पर संपर्क किया है। इन सभी को यूजीसी ने बकायदा एक पत्र भेजा है। पत्र में यूजीसी की ओर से कहा गया है कि यह कदम संस्कृत के विकास और गुणवतापूर्ण ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन संस्कृत शिक्षण अधिगम सामग्री को विकसित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

  • टमाटर की Z प्लस सुरक्षा करते दिखे सिक्योरिटी गार्ड

    डेस्क। Tomato Price Hike: क्या कभी किसी ने ये सोचा था कि टमाटर की कीमतें इतनी बढ़ जाएंगी कि उसकी सुरक्षा को लेकर बाउंसर भी लगाने पड़ेंगे। आपका उत्तर होगा- नहीं? लेकिन ऐसा ही उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देखने को मिल रहा है। यहां एक सब्जी विक्रेता ने टमाटर की रखवाली के लिए दो बाउंसर हायर किए हैं कि वो उन ग्राहकों को महंगे टमाटर से एकदम दूर रखें, जो इसकी कीमत को लेकर दुकानदार से बहस करते हैं।
    वहीं इसका एक वीडियो सामने आया है। जिसमें उनकी दुकान के सामने दो बाउंसर साफ़ देखे जा सकते हैं। ये बाउंसर दुकान की ओर बढ़ रहे एक ग्राहक को रोकते हैं और हिदायत देते हैं कि वह टमाटर को दूर से ही देखें। छूने की कोशिश बिल्कुल भी न करें।
    बाउंसर हायर करने को लेकर सब्जी विक्रेता अजय फौजी ने न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए बोला है कि, ‘टमाटर की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है जिस कारण से मैंने बाउंसरों को हायर किया है। क्योंकि टमाटर को लेकर लोग हिंसा कर रहे हैं, यहां तक की टमाटर को लूट भी रहे हैं। हमारे पास दुकान में टमाटर हैं, हम कोई बहस नहीं चाहते हैं, इसलिए हमने यहां पर बाउंसर रखे हैं। टमाटर 160 रुपये किलो बिक रहा है और कोई 50 ग्राम, कोई 100 ग्राम खरीद रहा है।’

  • लिसा ने जीता विक्टोरिया सीक्रेट का मंच

    लिसा का विक्टोरिया सीक्रेट शो में जलवा: एक यादगार प्रदर्शन

    ब्लैकपिंक की लिसा के विक्टोरिया सीक्रेट फैशन शो 2024 में 15 अक्टूबर की रात को अपने शानदार प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके अद्भुत लुक और प्रस्तुति ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। स्टेज पर बाइक पर बैठकर उन्होंने जो पोज़ दिया, वह आने वाले शानदार परफ़ॉर्मेंस का संकेत देता था। रॉकस्टार जैसी उनकी पहली एंट्री चमड़े और चेन से जड़े सेक्सी आउटफिट और काले बूट्स में हुई, जिसमें उन्होंने अपने हिट ट्रैक “रॉकस्टार” पर परफॉर्म किया। इसके बाद उन्होंने “मूनलाइट फ्लोर” गाने के लिए गोल्डन विंग्स वाले लेसी आउटफिट पहना, जिसमें उन्होंने आइकॉनिक ‘एन्जेल लुक’ अपनाया। लिसा के विक्टोरिया सीक्रेट डेब्यू ने इंटरनेट पर तूफ़ान ला दिया, लोग उनके लुक की जमकर तारीफ़ करते नज़र आए।

    लिसा का कातिलाना रैंप लुक

    लिसा का रैंप लुक उनके प्रशंसकों के लिए एक खास तज़ुर्बा था। उनके पहले आउटफिट में चमड़े और चेन का संयोजन था, जो उनके रॉकस्टार इमेज को परिभाषित करता था। इसके बाद गोल्डन विंग्स वाले लेसी आउटफिट ने उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगा दिए। उन्होंने दोनों ही आउटफिट्स को बेहद आत्मविश्वास के साथ कैरी किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके डांस मूव्स भी बेहद अद्भुत थे, जिन्होंने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रत्येक हरकत परफेक्शन की मिसाल थी।

    सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया

    लिसा के परफॉर्मेंस ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। सोशल मीडिया पर हज़ारों लोगों ने उनकी तारीफ़ की और उनके वीडियो वायरल हुए। लोग उनके लुक और डांस को बहुत पसंद कर रहे थे। लोगों ने उनकी तस्वीरें और वीडियो शेयर करके अपनी एक्साइटमेंट ज़ाहिर की। विक्टोरिया सीक्रेट के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर भी लिसा के वीडियोज़ शेयर किए गए।

    रेड कार्पेट पर चकाचौंध

    रेड कार्पेट पर लिसा का लुक भी काफी आकर्षक था। सिल्वर ब्रा और ब्लैक शॉर्ट्स के साथ उन्होंने एक खूबसूरत श्रग पहना था, जिससे उनकी खूबसूरती और भी निखर उठी। उनका ये लुक भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। उनकी पर्सनैलिटी और कॉन्फिडेंस ने सबका दिल जीत लिया।

    अन्य कलाकारों से अलग

    लिसा ने अपने परफॉर्मेंस से सबको इम्प्रेस किया। अपने आत्मविश्वास और टैलेंट के बल पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। अन्य कलाकारों के मुकाबले लिसा का स्टाइल और अंदाज़ अलग था, जिसने उन्हें और भी ख़ास बनाया।

    फैंस की जोरदार प्रतिक्रियाएँ

    लिसा के परफ़ॉर्मेंस को देखकर उनके फैंस बेहद खुश हुए। सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की और लिसा की जमकर तारीफ़ की। कुछ लोगों ने उनके वीडियोज़ शेयर किए, तो कुछ ने उनकी तारीफ़ करते हुए ट्वीट किए। लोगों ने लिसा के लुक और डांस को बेहद पसंद किया और उन्होंने उनके प्रदर्शन को “अविश्वसनीय” और “शानदार” बताया।

    अंतर्राष्ट्रीय पहचान

    इस शो ने लिसा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई। उनके प्रदर्शन ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें और ज़्यादा प्रसिद्धि मिली। यह विक्टोरिया सीक्रेट के लिए भी एक बड़ी सफलता थी।

    मुख्य बातें:

    • लिसा ने विक्टोरिया सीक्रेट फैशन शो 2024 में शानदार प्रदर्शन किया।
    • उनका रैंप लुक और रेड कार्पेट लुक दोनों ही बेहद आकर्षक थे।
    • सोशल मीडिया पर उनके प्रदर्शन की खूब तारीफ हुई और वीडियो वायरल हुए।
    • इस शो ने लिसा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रसिद्धि दिलाई।
  • जिन का ‘हैप्पी’ एल्बम: वेंडी संग जोड़ी ने मचाया धमाल

    जिन का ‘हैप्पी’ एल्बम: वेंडी संग जोड़ी ने मचाया धमाल

    जिन के पहले सोलो एल्बम ‘हैप्पी’ में रेड वेलवेट की वेंडी के साथ सहयोग से उत्साह का माहौल बन गया है। बीटीएस के सदस्य जिन के अप्रत्याशित कारनामों के लिए जाने जाते हैं, और उनके पहले सोलो एल्बम ने प्रशंसकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। इस एल्बम में रेड वेलवेट की वेंडी के साथ एक सहयोग सामने आया है, जिससे प्रशंसकों में और भी ज्यादा उत्साह पैदा हो गया है। यह सहयोग जिन के संगीत में विविधता और रचनात्मकता को दर्शाता है, और उनके संगीत के प्रति जुनून को और गहरा करता है। यह सहयोग न केवल दोनों कलाकारों के प्रशंसकों के लिए एक उत्साहजनक खबर है, बल्कि कोरियाई संगीत उद्योग में एक उल्लेखनीय घटना भी है।

    जिन का पहला सोलो एल्बम: ‘हैप्पी’

    जिन का बहुप्रतीक्षित पहला सोलो एल्बम, ‘हैप्पी’, 15 नवंबर को रिलीज़ होने जा रहा है। इस एल्बम में छह ट्रैक शामिल हैं जो जिन की खुशी की खोज की यात्रा को दर्शाते हैं। एल्बम के रिलीज़ होने से पहले ही, यह बीटीएस के प्रशंसकों के बीच एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।

    एल्बम की विशेषताएँ:

    • छह गाने शामिल हैं जो जिन के संगीत कौशल को प्रदर्शित करते हैं।
    • यह एल्बम जिन की व्यक्तिगत भावनाओं और अनुभवों को दर्शाता है।
    • एल्बम के गीतों में विविधता और संगीत शैली है।

    रेड वेलवेट की वेंडी का सहयोग: एक अप्रत्याशित खुशी

    जिन के एल्बम में रेड वेलवेट की वेंडी का शामिल होना एक पूरी तरह से अप्रत्याशित खुशी के रूप में सामने आया है। यह सहयोग दोनों कलाकारों के प्रशंसकों को समान रूप से उत्साहित करता है। वेंडी की शक्तिशाली आवाज़ और जिन की भावपूर्ण गायन शैली का मेल, एक शानदार संगीत अनुभव पेश करने की उम्मीद है।

    प्रशंसकों की प्रतिक्रिया:

    सोशल मीडिया पर, प्रशंसकों ने इस सहयोग पर अपनी खुशी जाहिर की है। कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ सोशल मीडिया पर साझा की हैं, और वेंडी और जिन के मिलन पर उत्साह व्यक्त किया है। कुछ प्रशंसकों ने कहा कि यह सहयोग कोरियाई संगीत के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

    एल्बम की अपेक्षाएँ और प्रभाव

    ‘हैप्पी’ एल्बम से जिन की संगीत प्रतिभा और विविधता का एक और नज़ारा दिखाई देगा। यह एल्बम जिन के प्रशंसकों को निराश नहीं करेगा और साथ ही नई पीढ़ी के प्रशंसकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। वेंडी के सहयोग ने एल्बम को और अधिक आकर्षक बना दिया है, जिससे इसकी बिक्री में और वृद्धि की उम्मीद है।

    संगीत उद्योग पर प्रभाव:

    यह सहयोग कोरियाई संगीत उद्योग पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, और भविष्य में इस तरह के और सहयोग को बढ़ावा दे सकता है। यह सहयोग दो अलग-अलग समूहों के प्रशंसकों को एक मंच पर लाकर संगीत प्रेमियों की एक बड़ी संख्या को जोड़ेगा।

    जिन के सोलो डेब्यू का महत्व

    जिन के लिए, यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो उनके व्यक्तिगत संगीत कैरियर की शुरुआत करता है। बीटीएस के अन्य सदस्यों के सोलो डेब्यू के बाद यह उनके लिए अपने संगीत को व्यक्त करने और नए रचनात्मक क्षितिज का अन्वेषण करने का एक मौका है।

    बीटीएस के भविष्य पर प्रभाव:

    हालांकि सभी सदस्य अभी सैन्य सेवा में हैं, जिन का सोलो डेब्यू बीटीएस के समग्र भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि सदस्य अपने संगीत करियर में व्यक्तिगत रूप से आगे बढ़ने और अपनी कलात्मक पहचान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    मुख्य बिन्दु:

    • जिन का पहला सोलो एल्बम ‘हैप्पी’ 15 नवंबर को जारी किया जाएगा।
    • इस एल्बम में रेड वेलवेट की वेंडी के साथ एक सहयोग शामिल है।
    • प्रशंसकों ने इस सहयोग पर अपनी उत्साहजनक प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
    • यह एल्बम जिन के संगीत कैरियर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
    • यह सहयोग कोरियाई संगीत उद्योग पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
  • खगोलीय घटना: शिकारी चाँद की अद्भुत रोशनी

    खगोलीय घटना: शिकारी चाँद की अद्भुत रोशनी

    अक्टूबर का शिकारी चाँद (हंटर मून) 2024: यह अक्टूबर का पूर्णिमा का चाँद है, जिसे शिकारी चाँद या सुपरमून के नाम से भी जाना जाता है। यह खगोलीय घटना न केवल खगोल विज्ञान प्रेमियों और चाँद के प्रति आकर्षण रखने वालों के लिए रोमांचक है, बल्कि अलौकिक घटनाओं में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए भी विशेष महत्व रखती है। सोशल मीडिया पर, इस चाँद को लेकर तरह-तरह के मज़ेदार मीम्स और तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जो इसकी खूबसूरती को दर्शाते हैं। यह अक्टूबर पूर्णिमा 17 अक्टूबर को शाम लगभग 4:56 बजे (IST) होगी। यह 2024 का तीसरा पूर्णिमा चाँद है, और वर्ष में कुल चार पूर्णिमाएँ होंगी, जिसमे से चौथा पूर्णिमा 15 नवंबर को होगा।

    शिकारी चाँद और लोक विश्वास

    अलौकिकता से जुड़े विश्वास

    शिकारी चाँद के आगमन के साथ ही सोशल मीडिया पर अलौकिक शक्तियों, जादू टोने और भूत-प्रेतों से जुड़े तरह-तरह के संदेश और चर्चाएँ देखने को मिली हैं। कई लोगों ने इस पूर्णिमा को अपने अनुष्ठानों और जादू-टोने के लिए शुभ माना है। लोगों ने इस खास रात को अपनी ऊर्जा को चार्ज करने, क्रिस्टल को सक्रिय करने और यहां तक कि नग्न नृत्य करने की बात भी कही। यह दर्शाता है कि शिकारी चाँद सदियों से कई संस्कृतियों में रहस्यमय और शक्तिशाली घटनाओं से जोड़ा गया है।

    शिकारी चाँद और इतिहास

    ऐसा माना जाता है कि शिकारी चाँद का नाम शिकारियों के काम से जुड़ा है। पतझड़ के मौसम में, जब पत्ते गिर जाते हैं और शिकार को आसानी से देखा जा सकता है, तो शिकारी चाँद की रोशनी से शिकारियों को रात में शिकार करने में मदद मिलती थी। इसलिए, इस चाँद को शिकारी चाँद कहा जाने लगा। इतिहास में, इस चाँद को अनेक नामों से पुकारा गया है और यह कई संस्कृतियों में विशेष महत्व रखता रहा है। यह केवल खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि संस्कृति और इतिहास का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    शिकारी चाँद: सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

    सोशल मीडिया पर तस्वीरें और मीम्स

    सोशल मीडिया पर, लोग शिकारी चाँद की मनमोहक तस्वीरें साझा कर रहे हैं। दुनिया के विभिन्न स्थानों से खींची गई इन तस्वीरों ने चाँद की खूबसूरती और उसके रहस्यमय आकर्षण को दर्शाया है। इसके साथ ही, अलौकिकता से जुड़े कई मीम्स और मज़ेदार टिप्पणियाँ भी साझा की जा रही हैं, जिससे लोगों का इस खगोलीय घटना के प्रति उत्साह और रुचि दिखाई देती है। सोशल मीडिया ने लोगों को अपनी प्रतिक्रियाएँ और विचार साझा करने का एक मंच प्रदान किया है, जिससे यह घटना और भी यादगार बन गई है।

    लोगों की प्रतिक्रियाएं

    लोगों ने अपने अनुभवों और विचारों को सोशल मीडिया पर साझा किया है, जैसे कि शिकारी चाँद के साथ जुड़े अपने अनुष्ठानों के बारे में, चाँद के नीचे टहलने की अपनी योजनाएँ बताना या इसके खूबसूरती के बारे में प्रशंसा करना। यह दर्शाता है कि यह खगोलीय घटना लोगों पर कितना गहरा प्रभाव डालती है और कैसे यह उनकी जिंदगी को प्रभावित करती है। सोशल मीडिया ने इस अनुभव को और बढ़ाया है, लोगों को एक दूसरे के साथ जुड़ने और अपनी भावनाएँ व्यक्त करने का मौका प्रदान किया है।

    शिकारी चाँद: वैज्ञानिक दृष्टिकोण

    सुपरमून की परिभाषा

    सुपरमून एक ऐसी घटना है जब पूर्णिमा चाँद पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है। इस स्थिति में, चाँद सामान्य पूर्णिमा से बड़ा और उज्जवल दिखाई देता है। शिकारी चाँद, 2024 के चार सुपरमून्स में से एक है। इसकी दूरी और आकार के कारण, यह आकाश में एक असाधारण और आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है।

    सुपरमून का वैज्ञानिक महत्व

    खगोलीय घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन न केवल हमें ब्रह्मांड के बारे में और जानने का मौका देता है, बल्कि इन घटनाओं से पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों का भी अध्ययन करने का मौका देता है। सुपरमून की दूरी और उसके परिणामस्वरूप गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ज्वार-भाटा और अन्य प्रभावों में मामूली परिवर्तन आ सकते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन इन प्रभावों और उनके महत्व की पहचान करते हैं और इस प्रकार खगोलीय घटनाओं और पृथ्वी पर उनके प्रभाव के बीच संबंध समझते हैं।

    मुख्य बातें

    • अक्टूबर का शिकारी चाँद 2024 का तीसरा पूर्णिमा चाँद है।
    • यह चाँद कई लोक विश्वासों और परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
    • सोशल मीडिया पर इस घटना के प्रति व्यापक उत्साह और प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, यह एक सुपरमून है, जो पृथ्वी के सबसे नजदीक होने के कारण बड़ा और चमकदार दिखाई देता है।
  • 8 सेकंड में ढूँढ़ें छिपी मछली: एक रोमांचक दृष्टि भ्रम

    8 सेकंड में ढूँढ़ें छिपी मछली: एक रोमांचक दृष्टि भ्रम

    क्या आप तेज दिमाग और तीव्र अवलोकन क्षमता रखते हैं? आइए, आज एक रोमांचक दृष्टि भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूज़न) के माध्यम से अपनी क्षमताओं का परीक्षण करें! नीचे दी गई छवि में कई प्यारे ऑक्टोपस एक तालाब में तैर रहे हैं, लेकिन इन आठ भुजाओं वाले जीवों के बीच एक शरारती प्राणी छिपा हुआ है जो ऑक्टोपस नहीं है, बल्कि एक मछली है! इस मछली को ऑक्टोपस के बीच ढूँढ़ने का प्रयास करें, लेकिन ध्यान रहे, आपके पास केवल 8 सेकंड हैं! क्या आप इस चुनौती को स्वीकार करते हैं? आइए शुरू करते हैं। यह चुनौती आपके अवलोकन कौशल और एकाग्रता को परखेगी।

    ऑप्टिकल इल्यूज़न: छिपी हुई मछली को खोजें

    यह दृष्टि भ्रम आपको कई ऑक्टोपसों की एक तस्वीर दिखाता है, जिनके बीच एक छोटी सी मछली छिपी हुई है। समय सीमा सिर्फ़ आठ सेकंड है। क्या आप इस मछली को इतने कम समय में ढूँढ़ पाएँगे? ज़्यादातर लोग इस चुनौती में थोड़ा समय लेते हैं, क्योंकि मछली ऑक्टोपसों के बीच इतनी कुशलता से छिपी हुई है कि इसे पहचानना मुश्किल है। इस ऑप्टिकल इल्यूज़न को हल करने के लिए, आपको एक तीव्र दृष्टि और बेहतरीन अवलोकन क्षमता की आवश्यकता होगी।

    चुनौती के नियम

    • चित्र में एक मछली को ढूंढें।
    • आपके पास केवल 8 सेकंड हैं।
    • अपनी अवलोकन क्षमता को परीक्षण करें।

    समाधान और व्याख्या

    ज़्यादातर लोगों के लिए, 8 सेकंड के अंदर इस मछली को ढूंढ पाना मुश्किल होता है। मछली ऑक्टोपस के रंग और आकार के बहुत मिलती-जुलती है। अगर आपको समय कम पड़ गया तो घबराएं नहीं, यहाँ मछली को लाल रंग से चिह्नित किया गया है, ताकि आप अपना उत्तर जांच सकें। मछली के पास ‘होंठ’ जैसे दिखने वाले एक छोटे भाग के होते हैं, और यही संकेत आपको इसे खोजने में मदद कर सकता है। यह इल्यूज़न हमें याद दिलाता है कि कैसे हम कभी-कभी सबसे स्पष्ट चीज़ों को भी अनदेखा कर देते हैं, खासकर जब हमारा ध्यान किसी अन्य चीज़ पर केंद्रित होता है।

    क्यों हैं ये दृष्टि भ्रम महत्वपूर्ण?

    ये दृष्टि भ्रम केवल मनोरंजन के लिए नहीं हैं; वे हमारे दिमाग के काम करने के तरीके को समझने और बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इन चुनौतियों से हमारी अवलोकन क्षमता, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और समस्या-समाधान कौशल में सुधार होता है। हर बार किसी दृष्टि भ्रम को हल करते समय, हम अपने मस्तिष्क को प्रशिक्षित करते हैं, जिससे यह और तेज़ और अधिक प्रभावी रूप से कार्य करता है।

    मानसिक कौशल को बेहतर बनाने के अन्य तरीके

    दृष्टि भ्रम के अलावा, अपनी मानसिक तीव्रता और अवलोकन क्षमता को बढ़ाने के लिए कई अन्य तरीके हैं। जैसे की :

    नियमित व्यायाम:

    नियमित व्यायाम न केवल आपके शरीर के लिए फायदेमंद है, बल्कि आपके दिमाग के लिए भी। व्यायाम मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, जो मानसिक कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    पहेलियाँ और खेल:

    सुडोकू, क्रॉसवर्ड पहेलियाँ और अन्य तार्किक खेल आपके दिमाग को सक्रिय रखते हैं और आपकी समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ाते हैं।

    पर्याप्त नींद:

    ठीक से सोना आपके मानसिक कार्य के लिए बहुत ज़रूरी है। पर्याप्त नींद आपके दिमाग को फिर से ताज़ा करने और बेहतर ढंग से काम करने में मदद करती है।

    ध्यान:

    ध्यान करने से आपका ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बेहतर होती है और आप अधिक एकाग्रता से काम कर पाते हैं।

    निष्कर्ष

    यह दृष्टि भ्रम हमें याद दिलाता है कि कैसे कभी-कभी छोटी-छोटी चीजें भी हमारी आँखों से छिपी रह जाती हैं। नियमित अभ्यास और मानसिक गतिविधियाँ, जैसे कि पहेलियाँ और दृष्टि भ्रम हल करना, हमारी मानसिक तीव्रता, ध्यान और अवलोकन क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। तो, अपने दिमाग को सक्रिय रखें और अपनी अवलोकन क्षमता को नियमित रूप से परीक्षण करें!

    मुख्य बातें:

    • ऑप्टिकल इल्यूज़न मनोरंजन के साथ-साथ हमारे मानसिक कौशल को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं।
    • मछली को ढूँढना इस बात का प्रमाण है कि हम कभी-कभी स्पष्ट चीजों को भी नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
    • अपनी मानसिक तीव्रता को बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम, पहेलियाँ, पर्याप्त नींद और ध्यान का अभ्यास करें।
  • जे-होप की वापसी: आर्मी का जश्न और वायरल एडिट

    जे-होप की वापसी: आर्मी का जश्न और वायरल एडिट

    जे-होप की सेना से वापसी ने फैंस में मचाई खुशी की लहर: जे-होप के सेना से लौटने की खबर ने उनके लाखों प्रशंसकों के दिलों में खुशी की लहर दौड़ा दी है। गांगवॉन प्रांत के वोनजू से उनकी अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी होने के बाद, 17 अक्टूबर को उनका स्वागत किया गया। बिग हिट म्यूज़िक ने यह घोषणा पहले ही कर दी थी और प्रशंसकों से किसी भी विशेष समारोह में शामिल होने से परहेज़ करने का अनुरोध किया था। परन्तु इस बात ने BTS आर्मी के उत्साह को कम नहीं किया, उन्होंने जे-होप के स्वागत में अपनी तरह से जश्न मनाया। ख़ासकर एक बेहद मज़ेदार वीडियो एडिट ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया।

    जे-होप का शानदार स्वागत और वायरल वीडियो एडिट

    जे-होप के सेना से वापस आने पर उनके स्वागत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में उनके प्रशंसकों का उत्साह साफ़ देखा जा सकता है। जे-होप ने भी अपने प्रशंसकों के लिए एक प्यारा सा वीडियो शेयर किया और उन्हें “मेरी उम्मीद” कहकर संबोधित किया। इसके अतिरिक्त, एक बेहद रचनात्मक और मज़ेदार वीडियो एडिट ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। इस एडिट में जे-होप को बॉलीवुड फिल्म “कभी खुशी कभी ग़म” की शैली में जिन के पास भागते हुए दिखाया गया है, जिसमें जिन को जया बच्चन के किरदार में दिखाया गया है। यह वीडियो ‘2103jiminot7′ नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया गया और 5 हज़ार से भी ज़्यादा लाइक्स मिले।

    वीडियो एडिट की लोकप्रियता

    यह मज़ेदार वीडियो एडिट लोगों को खूब पसंद आया। लोगों ने इस एडिट की सराहना करते हुए कमेंट्स में अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कीं। कई लोगों ने इसे बहुत सटीक बताया, जबकि दूसरों ने BTS आर्मी की रचनात्मकता की तारीफ़ की। कमेंट सेक्शन में लोगों ने मज़ेदार टिप्पणियाँ भी कीं। कुछ ने लिखा, “कम से कम अंत में जिन अकेला नहीं है।” किसी ने लिखा, “दुनिया तब तक अच्छी थी जब तक आर्मीज़ को एडिटिंग आना शुरू नहीं हुआ।” कई लोगों ने आर्मीज़ के ह्यूमर की तारीफ़ की।

    BTS आर्मी का अनोखा उत्साह और रचनात्मकता

    BTS आर्मी अपनी रचनात्मकता और समर्थन के लिए जानी जाती है। जे-होप के वापसी के अवसर पर उनके उत्साह और रचनात्मकता का प्रदर्शन काफी ज़ाहिर है। यह वायरल वीडियो एडिट इसी का एक उदाहरण है। उनकी इस रचनात्मकता ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त चर्चा को जन्म दिया है।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

    सोशल मीडिया पर लोगों ने इस वायरल वीडियो पर अपनी अपनी प्रतिक्रियाएँ दर्ज़ कीं। कुछ लोगों ने इस एडिट को बहुत मज़ेदार बताया, तो कुछ ने BTS आर्मी की रचनात्मकता की तारीफ़ की। कई लोगों ने इस एडिट पर मज़ाकिया कमेंट्स भी किए। यह साफ़ है कि BTS आर्मी का अपना एक अलग ही अंदाज़ है जो उन्हें दूसरों से अलग करता है।

    BTS सदस्यों की सैन्य सेवा और भविष्य की योजनाएँ

    जे-होप सेना से वापस आने वाले दूसरे BTS सदस्य हैं। जिन सबसे पहले सेना सेवा पूरी करके वापस आए थे। बाकी सदस्यों की सेवा अभी जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी सदस्यों के वापस आने के बाद 2025 में ग्रुप की कमबैक की उम्मीद है। इस समय तक सभी सदस्यों का सैन्य सेवा पूरा हो जाएगा और फिर से वे अपने प्रशंसकों के लिए नई संगीत और परफॉर्मेंस लेकर आएँगे।

    प्रशंसकों की अपेक्षाएँ

    जे-होप के वापसी से BTS के प्रशंसक बेहद खुश हैं और वे 2025 में ग्रुप के कमबैक का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। इस लंबे इंतज़ार के बाद BTS के वापस आने पर उनके संगीत और परफॉर्मेंस के प्रति प्रशंसकों का उत्साह और भी ज़्यादा बढ़ सकता है। यह समय उनके लिए और भी खास और यादगार होगा।

    निष्कर्ष

    जे-होप की सैन्य सेवा के पूरा होने और उनके स्वागत का जश्न BTS आर्मी के बेहतरीन समर्थन और रचनात्मकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके वायरल वीडियो एडिट्स और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं से यह साफ़ है कि BTS का दुनिया भर में कितना बड़ा प्रभाव है। जे-होप के वापसी और 2025 में ग्रुप की संभावित कमबैक से प्रशंसकों को और ज़्यादा उत्साहित करने की उम्मीद है।

    मुख्य बातें:

    • जे-होप की सैन्य सेवा 17 अक्टूबर को पूरी हुई।
    • उनके स्वागत का वीडियो और एक मज़ेदार एडिट वायरल हुए।
    • BTS आर्मी ने रचनात्मकता से जे-होप का स्वागत किया।
    • 2025 में BTS ग्रुप की कमबैक की उम्मीद है।
  • कोलकाता का हैरान करने वाला फ़ैन्टा ऑमलेट: वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी!

    कोलकाता का हैरान करने वाला फ़ैन्टा ऑमलेट: वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी!

    कोलकाता में एक स्ट्रीट फ़ूड वेंडर द्वारा बनाई गई “फ़ैन्टा ऑमलेट” की एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इस वीडियो में, वेंडर को ऑमलेट बनाने के लिए तेल की जगह फ़ैन्टा का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। वह अंडे को फ़ैन्टा से भरे पैन में फोड़ता है और फिर उसमें कटे हुए टमाटर, प्याज और हरी मिर्च डालता है। इस अनोखे कॉम्बिनेशन ने सोशल मीडिया पर खूब हंगामा मचा दिया है, कई लोगों ने इसे “घृणित” और “खाने लायक नहीं” बताया है। वीडियो को इंस्टाग्राम पर “Subrata Samaddar” नाम के हैंडल से शेयर किया गया था और इसे 2 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं, ज़्यादातर लोग इस अजीबोगरीब व्यंजन को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं। आइए इस वायरल वीडियो और लोगों की प्रतिक्रियाओं पर विस्तार से विचार करें।

    वायरल वीडियो: फ़ैन्टा ऑमलेट का अनोखा प्रयोग

    वीडियो का विवरण और प्रतिक्रियाएँ

    वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक स्ट्रीट वेंडर तेल की जगह फ़ैन्टा का इस्तेमाल करके ऑमलेट बना रहा है। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि वह अंडे को सीधे फ़ैन्टा में फोड़कर, फिर उसमें सब्जियाँ डालकर ऑमलेट बनाता है। इस अनोखे कॉम्बिनेशन ने लोगों को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के शेयर होने के बाद, यूज़र्स ने मज़ेदार और आलोचनात्मक दोनों तरह की टिप्पणियाँ की हैं। कई लोगों ने इसे “अजीबोगरीब”, “घृणित” और “खाने लायक नहीं” बताया है। कुछ यूज़र्स ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि यह ऑमलेट “नरक से 69 मिस्ड कॉल्स” भेज सकता है या फिर यह “विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, एल्यूमीनियम, प्लैटिनम, प्लूटोनियम, यूरेनियम, एक्वेरियम, स्टेडियम, टाइटेनियम, पॉइज़ोनियम, डायरियम, हॉस्पिटेलियम और फिर क्रीमेटोरियम” से भरपूर है। कुछ लोगों ने इसे बेहद मज़ेदार और रचनात्मक पाया है, जबकि कई लोग इसे बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं मानते। यह एक बहस का विषय बना हुआ है जिस पर दो तरह के विचार रखे जा रहे हैं।

    स्ट्रीट फ़ूड संस्कृति और प्रयोगात्मक व्यंजन

    भारत में स्ट्रीट फ़ूड की संस्कृति काफी लोकप्रिय है और विभिन्न क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडर्स अनेक तरह के नए-नए व्यंजन बनाने में जुटे रहते हैं। कभी-कभी यह रचनात्मकता नई-नई डिशेस की तरफ ले जाती है जो लोगों को खूब पसंद आती हैं लेकिन दूसरी तरफ यह ऐसे प्रयोग भी हो सकते हैं जिनसे कुछ अनचाही चीज़ें पैदा हो जाये। फ़ैन्टा ऑमलेट का मामला एक विवादास्पद प्रयोग है। कुछ लोगों के अनुसार यह एक रचनात्मक और मज़ेदार प्रयोग है, जबकि अन्य लोग इसे अस्वास्थ्यकर और घृणित मानते हैं। स्ट्रीट फ़ूड की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि यह स्वच्छ, स्वादिष्ट और सेहत के लिए भी उपयुक्त हो, तभी यह लोगों में लोकप्रिय होगा। नये नये कॉम्बिनेशन बनाना अच्छा है लेकिन बिना सुरक्षा मानदंडो के ऐसे प्रयोग कभी-कभी उल्टे नतीजे भी दे सकते हैं। यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और इस तरह के नए कॉम्बिनेशन बनाते वक़्त सतर्क रहने की सलाह दी जानी चाहिए।

    सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया और वायरलिटी

    इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर जमकर तूफान मचाया है। लगभग सभी बड़े प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो वायरल हुआ और लाखों लोगों ने इस वीडियो को देखा। सोशल मीडिया यूज़र्स के हज़ारो रिएक्शन देखने लायक हैं। कुछ ने इस ऑमलेट के लिए कुछ हास्यास्पद टिप्पणी लिखी हैं, तो कुछ ने चिंता जताई हैं, वहीं कुछ ने इस प्रयोग को बेहद मूर्खतापूर्ण बताया है। यह वायरल होने के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है जिससे इसके प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों ने इस घटना को अपने तरीके से दिखाते हुए, मीम्स और चुटकुलों का सृजन किया है और यही कारण है कि यह वीडियो वायरल हो पाया है। अनोखे कॉम्बिनेशन की यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों के बीच लगातार सुर्खियों में है और एक दिलचस्प विषय बन गई है। इस तरह के वायरल वीडियो की प्रतिक्रियाएँ और चर्चाएं एक समाज के स्वभाव और प्रवृत्ति को समझने में बहुत काम आती हैं।

    खाद्य सुरक्षा और सावधानी

    इस घटना के बाद एक बात यह भी सामने आती है कि खाने को बनाने के लिए जिन भी सामग्री का उपयोग किया जाता है उनकी सुरक्षा, गुणवत्ता और स्वच्छता पर गौर करना अत्यंत आवश्यक है। इस फ़ैन्टा ऑमलेट के वीडियो से एक चिंता यह भी जगी है की कच्चे माल का प्रयोग कैसे किया जा रहा है और क्या इसकी कोई जांच परख हो रही है। खाने की सुरक्षा को लेकर सभी सावधानियाँ बरतना चाहिए। स्ट्रीट फ़ूड में कई प्रकार के खतरे हो सकते हैं, जैसे कि अस्वच्छता से फैलने वाले संक्रमण। स्ट्रीट फ़ूड खाने से पहले कई बातों पर ध्यान देना चाहिए ताकि किसी तरह का नुकसान न हो। फ़ैन्टा ऑमलेट जैसा एक्सपेरिमेंट स्वादिष्ट लग सकता है लेकिन सुरक्षा के मामले में यह एक बहुत बड़ा जोखिम है। इसलिए स्ट्रीट फ़ूड या घर पर कुछ भी खाने के लिए यह ध्यान में रखना ज़रूरी है की प्रयोग भले ही आकर्षक हो लेकिन खाद्य सुरक्षा को भी महत्व देना चाहिए।

    टेक अवे पॉइंट्स:

    • कोलकाता में फ़ैन्टा ऑमलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
    • अधिकांश लोगों ने इस अनोखे कॉम्बिनेशन को “घृणित” और “खाने लायक नहीं” बताया।
    • इस वीडियो ने स्ट्रीट फ़ूड संस्कृति और खाद्य सुरक्षा पर चर्चा छेड़ दी है।
    • सोशल मीडिया पर इस वीडियो की वायरलिटी और प्रतिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि ऐसे विवादास्पद विषय कितनी तेज़ी से इंटरनेट पर फैल सकते हैं।
    • खाद्य सुरक्षा को गंभीरता से लेना आवश्यक है, और किसी भी तरह के जोखिम भरे प्रयोग से बचना चाहिए।