Category: socially-viral

  • महिला ने चर्च के बाहर करवाया न्यूड फोटोशूट मच गया बवाल

    Half-naked photoshoot in front of church : हॉलीवुड हो या बॉलीवुड हर तरफ न्यूड फोटोशूट का चलन शुरू हो चूका है। वहीं एक्टर्स-एक्ट्रेस और मॉडल्स लगातार न्यूड फोटोशूट करवा रहे हैं।
    साथ ही इन दिनों सोशल मीडिया में कुछ तस्वीरें वायरल हो रही है। इन तस्वीरों में एक महिला ने कैथेड्रल के सामने अर्धनग्न होकर फोटोशूट भी करवाया है। ब्रिटिश इन्फ्लुएंसर के हाफ-न्यूड फोटोशूट के बाद बवाल भी मच गया।
    वहीं एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इटली के अमालफी में ईसाई धर्म से जुड़ी कई ऐतिहासिक साइट्स मौजुद हैं। इनमें से एक साइट पर एक ब्रिटिश इनफ्लुएंसर ने फोटो शूट भी कराया है, जिसपर बवाल मच गया है। 
    ब्रिटिश इनफ्लुएंसर ने एक कैथेड्रल के सामने अर्द्धनग्न होकर ये फोटो शूट कराया है। इस दौरान मॉडल ने किसी तरह की ड्रेस नहीं पहनी और सिर्फ एक लाल रंग के कपड़े से अपने बदन को ढका हुआ था वहीं उसने इस तरह फोटो शूट करा कर स्थानीय लोगों को भी चौंका दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मॉडल ने कहा कि उसने ये सब कुछ एक पर्सनल मेमोरी के लिए किया।
    एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दो अन्य टूरिस्ट ने उसकी इस फोटोशूट में मदद भी की। अपनी सफाई में उसने कहा भी कहा कि ये मेमोरी बहुत खास रही, क्योंकि आस-पास से गुजरने वाला हर कोई रुक जा रहा था। वहीं इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें दिख रहा है कि सुबह ही सुबह कैथेड्रल की सीढ़ियों पर इस तरह के फोटोशूट को देख कर हर कोई रुक गया था। 
    उन्होंने यह भी बताया कि हर किसी ने अपना फोन निकाला और इस घटना को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। वहीं साथ ही इस घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला जिस दरवाजे के सामने खड़ी है उसके ऊपर यीशु का चित्र भी बना है।

  • इस गुटखे की दुकान का नाम सुनकर हर कोई चौक गया, लोग बोले

     

     

    डेस्क। वैसे तो हर कोई यह जनता है कि गुटखा खाना सेहत के लिए हानिकारक होता है पर लोग कभी भी इस बात को गंभीरता से नहीं लेते। आपको सड़कों पर, बस या ट्रेनों में, ऑफिस में, आसानी से लोग गुटखा खाते हुए दिख जायेंगे।
    जहां ये सब खाकर लोग अपना स्वास्थ्य बिगाड़ते हैं, वहीं साथ ही जगह-जगह उसे थूककर गंदगी भी फैलते हैं। साथ ही इसे बेचने वाले छोटे दुकानदारों को भी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके ग्राहकों की सेहत बिगड़ती जा रही है, क्योंकि उनके लिए तो तंबाकू या यूं कहें कि कैंसर बेचना उनका रोजगार है जिससे उनका घर चलता है।
    पर हर दुकानदार एक जैसा नहीं होता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक गुटखे की दुकान की फोटो काफी तेजी से वायरल हो रही है।  इस दुकान का नाम इतनी सच्चाई और ईमानदारी से रखा गया है कि हर कोई इसकी सराहना कर रहा है। 
    आपको बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर हाल ही में Dr. Mayilvelnathan Vivekananthan नाम के एक यूजर ने काफी मजेदार फोटो पोस्ट की है। इसके साथ ही इस फोटो में एक गुटके की दुकान दिखाई दे रही है। इस फोटो को शेयर करने के साथ ही शख्स ने लिखा- ये सबसे सच्ची दुकान है।
    यह सड़क के किनारे पर लगी तंबाकू की छोटी सी स्टॉल जैसी दुकान है। फोटो में आप यह दिख रहा होगा कि दुकान में अलग-अलग तरह के पान-मासले टंगे हुए हैं। दुकान का नाम है ‘कैंसर हब’, यानी वो जगह जहां ‘ कैंसर मिलता है’ रखा गया है। वहीं हकीकत भी यही है कि गुटखे और तंबाकू के सेवन से कैंसर होता है ऐसे में अगर दुकानदार खुद ही इस बात को मानकर दुकान का नाम ये रख दे तो इसकी तारीफ करना तो बनता है।

  • आखिर क्यों वैज्ञानिक सूरजमुखी को नही मानते फूल

    रोचक– सूरजमुखी का फूल सबसे अलग सबसे आकर्षक और सबसे अधिक मनमोहक है। इसे कई लोगो ने वास्तव में नही देखा होगा। लेकिन जिन लोगो ने इसे देखा है वह इसकी तारीफ करने से नही थकते। 
    धरती पर यह एक मात्र ऐसा फूल है। जो एक ही दिशा में स्थिर नही रहता। इसकी दिशा सूर्य के घूमने में साथ बदलती रहती है। यानी जिधर सूर्य होता है यह भी उधर घूम जाता है। इसका यह स्वाभाव लोगो को खूब आकर्षित करता है। 
    लेकिन वैज्ञानिक सूरजमुखी के फूल को फूल नही मानते। विज्ञानकों का कहना है कि यह फूल की परिभाषा पर खरा नही उतरता है। इस कारण यह फूल तो नही हो सकता है।
    वैज्ञानिक इसे फूलों का गुच्छा कहते हैं। क्योंकि विज्ञानकों के मुताबिक फूल में पंखुड़ी होती है जो भरे रंग के भाग से जुड़ती है। लेकिन इसमे अनेको पंखुड़ियां है। 
    विज्ञानकों ने दावा किया है कि फूल में एक बीच विकसित होता है। लेकिन सूरजमुखी के एक गुच्छे में हजारों बीच होते हैं। 
    इस कारण यह एक फूल नही फूलों का गुच्छा है। इसे फूल कहना विज्ञानकों दृष्टिकोण से अनुचित है सूरजमुखी के फूल के नाम गिनीज रिकॉर्ड भी दर्ज है. दुनिया का सबसे लम्‍बा सूरजमुखी 30 फीट का रहा है।

  • भारत मे 24 फीसदी देखे जाते न्यूज चैनल, 49 फीसदी लोगो को पसन्द न्यूज बुलेटिन

    देश– भारत के लोगो को टीवी देखना काफी पसन्द है। भारत मे लोग खाली होते हैं तो उन्हें सबसे पहले यही लगता है कि वह टीवी पर अपना पसंदीदा शो देखे और अपने खाली समय को एन्जॉय कर सके। 
    वही क्या आप जानते हैं कि भारत के लोग आखिर टीवी पर कौन सा शो सबसे अधिक देखना पसंद करते हैं। अगर नही तो आज हम आपको बताएंगे की टीवी पर लोग क्या देखना पसंद करते है।
    भारतीय रिसर्च इंस्‍टीट्यूट ‘सेंटर फॉर द स्‍टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज’ ने अध्‍ययन किया और बताया की भारत के 49 फीसदीं लोग ऐसे है। जिन्हें न्यूज बुलेटिन देखना पसंद है।
    वही पश्चिम भारतीय सबसे ज्यादा टीवी देखने के शौकीन हैं। इसके बाद पूर्वी भारतीय आते हैं। भारत के 54 फीसदीं लोग टीवी का उपयोग मनोरंजन के शो देंखने हेतु करते हैं। वही 24 फीसदी लोग न्यूज चैनल देखते है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत के 49 फीसदी लोग न्यूज बुलेटिन में दिलचस्पी रखते हैं।
    वही भारत के 44 फीसदी लोग टीवी सीरियल व फ़िल्म देखने मे रुचि रखते हैं। लेकिन भारत मे अंतरराष्ट्रीय खबरों के बारे में जानने की जिज्ञासा बहुत कम है। आकड़ा सामने आया है कि भारत के 7 फीसदी युवा ऐसे हैं जो इस बात की रुचि रखते हैं कि उन्हें अंतराष्ट्रीय खबरे देखनी है।

  • Baba Vanga Predictions: भारत पर होने वाला है बड़ा हमला

    Attack in India Baba Vanga Predictions: बुल्गारिया की भविष्यवेत्ता बाबा वेंगा (Baba Vanga) ने अपनी मौत से पहले भारत समेत दुनियाभर के कई देशों के लिए भविष्यवाणियां की थी, जिसमें से अब तक कई सच भी साबित हो चुकी हैं।
    इस कड़ी में बाबा वेंगा ने साल 2022 में भारत के लिए एक डरावनी भविष्यवाणी भी की थी, जो अगले 2 महीने में सच भी हो सकती है। वहीं बाबा वेंगा ने साल 2022 के लिए कुल 6 भविष्यवाणियां की थी, जिनमें से अब तक 2 सच रही हैं।
    भारत में आकाल जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है
    बाबा वेंगा (Baba Venga) ने साल 2022 के लिए भारत को लेकर बहुत ही डराने वाली भविष्यवाणी की थी और बताया था कि भारत में आकाल जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। वहीं बाबा वेंगा के अनुसार, इस साल दुनियाभर में तापमान में गिरावट आएगी और इस वजह से टिड्डियों का प्रकोप भी बढ़ जाएगा। वहीं टिड्डियों का आतंक भारत में देखने को मिलेगा और फसलों को भारी नुकसान भी हो सकता है। वहीं इस वजह से देश में अकाल और भुखमरी जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। साथ ही अब साल 2022 में सिर्फ 2 महीने बचे हैं जिस वजह से बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।
     वेंगा ने साल 2022 के लिए की 6 भविष्यवाणियां
    एक रिपोर्ट के अनुसार, बाबा वेंगा (Baba Vanga) ने साल 2022 के लिए कुल 6 भविष्यवाणी की थी, जिनमें साइबेरिया में एक नया वायरस आना वहीं एलियन हमले, टिड्डियों के आक्रमण और वर्चुअल रिएलटी में वृद्धि की भविष्यवाणी भी शामिल है । इसके साथ ही बाबा वेंगा ने कुछ एशियाई देश और ऑस्ट्रेलिया में बाढ़ के अलावा कई शहरों में पानी की कमी की भविष्यवाणी भी की थी।
    बाबा वेंगा ने 12 की उम्र में ही गंवा दी थी दोनों आंखें
    क्या आप जानते हैं कि बाबा वेंगा (Who is Baba Vanga) एक फकीर थीं और उनका जन्म साल 1911 में बुल्गारिया में हुआ था। साथ ही सिर्फ 12 साल की उम्र में बाबा वेंगा ने अपनी दोनों आंखें भी गंवा दी थी और वह आखों से कुछ देख नहीं सकती थीं, पर इसके बाद वह भविष्य देख सकती थी। साल 1996 में निधन से पहले बाबा वेंगा ने दुनियाभर के लिए कई बड़ी भविष्यवाणियां की थी, जिनमें से अब तक कई सच भी साबित हो चुकी हैं। ऐसा कहा जाता है कि बाबा वेंगा ने अपनी भविष्यवाणियां कहीं लिखी नहीं थी बस उन्होंने इसे अपने अनुयायियों को बताया था।

  • सबसे ज्यादा धमकी देने वाला प्लेटफार्म इंस्टाग्राम, लोगो को नही पसन्द सोशल मीडिया पर पाबंदी

    देश– सोशल मीडिया आज के युग का सबसे लोकप्रिय प्लेटफार्म बन गया है। लोग अपना ज्यादातर वक्त इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर के साथ व्यतीत करते हैं। इसके माध्यम से लोग खबरों से जुड़ते हैं और अपने अनुभव भी लोगो के साथ साझा करते हैं।
    लेकिन आज के दौर में सोशल मीडिया खतरा भी बनता जा रहा है। लोगो को इसपर धमकियां मिल रही है। तेजी से फेक न्यूज प्रसारित की जा रही है और इसकी विश्वसनीयता नीचे गिरती जा रही है। वही अभी हाल ही में यह दावा किया गया है कि इंस्टाग्राम फेसबुक और ट्विटर की तुलना में लोगो को अधिक धमकियां दे रहा है।
    रिसर्च इंस्‍टीट्यूट CSDS ने इस संदर्भ में एक अध्ययन किया और बताया की सबसे ज्यादा धमिकियां लोगो को इंस्टाग्राम के माध्यम से दी जा रही है। वही 47 फीसदी यूजर ऐसे हैं जिन्हें सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भ्रामक खबरे दी गई है। वह इसको लेकर चिंता में भी है।
    वही रिपोर्ट में सबसे चौकाने वाला खुलासा तब हुआ जब यह बात सामने आई की सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरे फैलाने वाले 55 फीसदी लोग पढ़े लिखे हैं। वही आज भी सोशल मीडिया पर कही न कही कुछ पाबंदी लगी हुई है। 
    इन पाबन्दियों के चलते कई लोग अपनी बात प्रखरता से सोशल मीडिया पर नही रख पाते हैं। देश के 46 फीसदी लोग सोशल मीडिया को पूर्ण स्वतंत्र प्लेटफार्म के रूप में देखना चाहते हैं। उन्हें लगता है की इसपर कोई नियंत्रण नही होना चाहिए।

  • पृथ्वी पर एक जानवर ऐसा भी है जो कभी नही मरता

    रोचक– दुनिया मे कई ऐसे जीव है जो अपने व्यवहार से सभी को चकित कर देते हैं। लोग उनके व्यवहार को जानने के लिए कई शोध करते हैं। लेकिन वह यह नही समझ पाते हैं कि आखिर उनका व्यवहार ऐसा क्यों है।
    वही आज हम आपको एक ऐसे जीव के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसकी मौत कभी नही होती। या यह कहे इस जीव को अमर जीव के नाम से जाना जाता है। 
    असल में इस जीव का नाम जैली फिश है। यह कभी नही मरता है। बल्कि इसका शरीर ऐसा होता है की इसके जितने भाग काटे जाते हैं वह उतने नए रूप धारण कर लेती है।

  • श्मशान जा रही थी अर्थी, रास्ते में ही दहाड़ने लगा शव

    डेस्क। महाराष्ट्र (Maharashtra) के अकोला के विवरा गांव में लोगों को एक युवक के निधन की सूचना मिली तब लोग युवक के घर पर जुटने लगे।  इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए युवक के शव को श्मशान ले जाया जा रहा था
    पर तभी जिसे श्मशान ले जाया जा रहा था, वो अंतिम संस्कार से पहले उठकर बैठ गया और मिली जानकारी के मुताबिक परिवार वाले उसकी अर्थी एक तांत्रिक के पास ले गए थे, जहां पर उसमें कथित तौर पर जान आ गई।
    मुर्दा आदमी के जिंदा हो जाने की ये खबर या फिर इसे अफवाह कह लीजिए, आग की तरह पूरे में फैली गई। तभी तांत्रिक और परिवार वालों ने इसे चमत्कार बताया, तो वहीं  गांव के कई लोगों ने इस पूरी घटना को झूठ और अंधविश्वास  बताया। वहीं पुलिस ने भी मामले का संज्ञान में  लिया और पूछताछ के बाद उस तांत्रिक के खिलाफ महाराष्ट्र जादू टोना एक्ट के तहत केस भी दर्ज किया गया है।
    वहीं आजतक के धनंजय साबले की रिपोर्ट के मुताबिक 25 साल का प्रशांत मेसरे कुछ दिनों से बीमार चल रहा था साथ ही उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया पर अस्पताल से लौटने के बाद प्रशांत के घर वालों की ओर से 26 अक्टूबर को गांव में यह संदेश पहुंचाया गया कि प्रशांत की मौत हो गई थी और उसका अंतिम संस्कार होने जा रहा है। 
     धनंजय साबले की रिपोर्ट के मुताबिक 25 साल का प्रशांत मेसरे कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन अस्पताल से लौटने के बाद प्रशांत के घर वालों की ओर से 26 अक्टूबर को गांव में यह संदेश पहुंचाया गया कि प्रशांत की मौत हो गई है और उसका अंतिम संस्कार होने जा रहा है. 
    इसकी सूचना मिलते ही लोग प्रशांत के घर पहुंचने लग गए अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी हो चुकी थी। और शव को श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। साथ ही  अंतिम संस्कार से पहले शव को एक तांत्रिक दीपक बोर्ले के पास लाया गया और तांत्रिक के मुताबिक प्रशांत को भगवान के आगे रखने के बाद उसमें जान भी आ गई और वो उठकर बैठ गया। 
    पुलिस ने तांत्रिक को किया अरेस्ट 
    तांत्रिक दीपक बोर्ले ने कहा कि प्रशांत का उठना देवी का चमत्कार है तो गांव के कई लोगों ने इसे अंधविश्वास बताते हुए प्रशासन से एक्शन लेने की बात कही। जब इस मामले की सूचना पुलिस को मिली तो प्रशांत, उसके माता-पिता और तांत्रिक को थाने बुला कर पूछताछ भी की गई।
    इसी बीच अकोला के बाहर तांत्रिक द्वारा युवक को जिंदा करने की अफवाह भी फैलने लगी और इसके बाद पुलिस ने तांत्रिक दीपक बोर्ले के खिलाफ महाराष्ट्र जादू टोना एक्ट के तहत मामला भी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
     पुलिस का यह कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • जाने क्या है हैलोवीन का कद्दू कनेक्शन

    रोचक– कई देशों में हैलोवीन फेस्टिवल सेलीब्रेट किया जाता है। इस दिन लोग आम त्योहारों की तरह खुद को तैयार नही करते बल्कि अपना लुक बिगाडते है।
    वही हैलोवीन में आधे कटे कद्दू का बड़ा प्रचार प्रसार होता है। लोग कद्दू में लाइट लगाते हैं और इसका यूज करते हैं। लेकिन आज हम आपको इसके पीछे के सच को बताने जा रहे हैं। की आखिर हैलोवीन का कद्दू कनेक्शन क्या है।
    हैलोवीन स्वीजरलैंड और आयरलैंड का प्रमुख फेस्टिवल है। इस दिन लोग भूतिया कपडे पहनते हैं और एन्जॉय करते हैं। कहते हैं कि भूतों का गेटअप करने से पूर्वजों की आत्‍माओं को शांति मिलती है. इसे हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है.
    लोग हैलोवीन के दिन कद्दू का इस्तेमाल उसको भूतिया लुक देने के लिए करते हैं।19वीं शताब्दी में, जब बहुत सारे आयरिश अमेरिका में आकर बस गए, तो वे आत्माओं को डराने के लिए सब्जियों का उपयोग करने की हैलोवीन परंपरा लेकर आए. 
    कहा जाता है कि अमेरिका में आयरिश ने एक नई सब्जी कद्दू की खोज की, जिसे पतझड़ में काटा जाता है और बुरी आत्माओं को डराने के लिए इसका उपयोग करना शुरू कर दिया.

  • शख्स ने जीती 29.9 मिलियन डॉलर की लॉटरी, पर घरवालों को नहीं हुई कानोकन खबर

    डेस्क। China News: आदमी अगर एक रुपया भी जीत ले तो उसका ढिंढोरा वो पूरी दुनिया में पीटने लग जाता है, पर दक्षिणी चीन में एक शख्स ने ढाई सौ करोड़ रुपये से ज्यादा जीतकर भी उसकी भनक अपनी पत्नी और बच्चों को नहीं होने दी।
    वहीं अब लॉटरी जीतने वाले उस शख्स ने ‘खजाना’ मिलने की इस खबर को अपनी पत्नी और बच्चों से क्यों छिपाए रखा उसकी उसने बड़ी वजह बताई है।
    बता दें मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी चीन में एक व्यक्ति ने लॉटरी में 219 मिलियन युआन (29.9 मिलियन डॉलर) जीते और उसने अपनी पत्नी और बच्चे को कुछ भी नहीं बताया। अब लॉटरी जीतने वाले शख्स ने यह भी कहा है कि, उसने लॉटरी जीतने की बात इसलिए अपने परिवारवालों से छिपाकर रखी, क्योंकि उसे डर था, कि इतने पैसे मिलने के बाद वो आलसी हो जाएगा और वो अपना सारा काम धंधा बंदकर घर में बैठ सकते हैं। 
    नैनिंग इवनिंग न्यूज की रिपोर्ट की माने तो लॉटरी जीतने वाले शख्स का नाम ली है और वो दक्षिणी चीन के गुआंग्शी के दक्षिणी क्षेत्र नाननिंग के लॉटरी ऑफिस में अकेला ही गया हुआ था। तस्वीर में उसे लॉटरी बोर्ड के साथ भी देखा जा सकता है और उसके सिर को पीले रंग के एक इमोजी से ढंक दिया गया है, ताकि उसकी पहचान आसानी से छिपाकर रखी जा सके।
    लॉटरी जीतकर क्या बोला शख्स?
    पिछले हफ्ते लॉटरी जीतने वाले ली ने चीनी अखबार को दिए गये एक इंटरव्यू में कहा कि, “मैंने अपनी पत्नी और बच्चे को इस डर से लॉटरी की बात नहीं बताई, कि वो अमीर बनने की खबर मिलने के बाद सारा काम काज ही बंद कर देंगे और आलसी भी हो जाएंगे। वो फिर भविष्य में कोई काम नहीं करेंगे या कोई कड़ी मेहनत का काम भीं नहीं करना चाहेंगे”। 
    रिपोर्ट की माने तो ली ने अपनी लॉटरी की रकम से 5 मिलियन युआन का दान कर दिया और अभी तक उन्होंने ये तय भी नहीं किया है, कि वो जीते हुए पैसों के साथ क्या करने वाले हैं। साथ ही आपको बता दें कि, चीन की केंद्र सरकार, कल्याण और खेल के लिए धन जुटाने के लिए लॉटरी भी चलाती है। बता दें गुआंग्शी में खिलाड़ी लाल गेंद पर छह नंबर और नीली गेंद पर एक नंबर चुनते हैं। उस व्यक्ति ने कहा कि, उसके जीतने वाले नंबर वही थे जो वह सालों से खेल रहा था, 2, 15, 19, 26, 27, 29 और 2।