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  • पता भी नहीं चलता और बॉडी में जाकर कैंसर जैसी बीमारियां देता है ये खतरनाक केमिकल

    डेस्क। लाइफ स्टाइल के साथ-साथ पर्यावरण में प्रदूषक तत्वों की मात्रा काफी बढ़ गई  हैं।। इतना ही नहीं ये खतरनाक तत्व औद्योगिक प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप हवा, मिट्टी, भूजल, झीलों और नदियों में भी प्रवेश कर रहे हैं, जिस कारण से पर्यावरण काफी दूषित हो चुका है।

    आपको यह जान कर  भी थोड़ी हैरानी होगी कि नॉनस्टिक पैन जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं में उपयोग किए जाने वाले फॉरएवर केमिकल्स (Forever Chemicals) आपको गंभीर बीमारियों दे सकते हैं।। जिनका इलाज तक पॉसिबल नही।

    हाल ही में एक साइंस जर्नल में प्रकशित शोध से पता चला है कि अमेरिका और चीन ने प्रदूषण फैलाने वाले कंपाउंड पीएफएएस को नष्ट करने का एक बेहतर तरीका खोज निकाला है। जो लंबे समय से पर्यावरण, पशुओं और मनुष्यों के लिए एक बड़ा खतरा बने हुए थे। यह शोध के सफल होने के बाद नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ लेखक विलियम डिचटेल ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह भी कहा कि यही कारण है कि ‘मैं विज्ञान में रूचि रखता हूं, ताकि मैं दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव बना सकूं।’

    क्या होता है पीएफएएस ?

    पीएफएएस या पॉलीफ्लूरोकाइल पदार्थ पहली बार 1940 के दशक में विकसित किए गए थे जो अब विभिन्न प्रकार के उत्पादों में पाए जाते हैं। जिनमें नॉनस्टिक पैन, वाटरप्रूफ कपड़े और आग बुझाने वाला फोम भी शामिल हैं। इतना ही नहीं रसायन विज्ञान में कार्बन-फ्लोराइड बॉन्ड को सबसे मजबूत बॉन्ड भी माना जाता है। जिस वजह से पीएफएएस को नष्ट करना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता रहा है।

    जानिए इसको कैसे नष्ट किया जाएगा

    पीएफएएस को नष्ट करने के लिए वर्तमान में कोई भी आसान उपाय नहीं है क्योंकि इसके लिए बहुत उच्च तापमान पर भस्मीकरण या अल्ट्रासोनिक तरंगों के साथ उन्हें रेडिएट करने की आवश्यकता होती है। साथ ही जलाने के दौरान यह पर्यावरण को धुएं से दूषित कर देता है। वहीं अध्ययन के दूसरे भाग में अणुओं को नष्ट करने के लिए टीम ने उसके कमजोर छोर को भी पा लिया है। जिस कारण से इस कंपाउंड को अब कम तापमान में भी नष्ट किया जा सकेगा।

  • 66 करोड़ साल से छुपा था गड्ढा सामने आया तो दंग रह गए वैज्ञानिक

    रोचक खबर: दुनिया मे कुछ जगहें ऐसी है जिनका रहस्य जब सामने आता है तो उसे सुनकर हम चौंक जाते हैं। कई बार विज्ञान हमारे सामने ऐसे रहस्य खोल कर रख देता है कि हमे उसकी खोज पर विश्वास नही होता। वही अब वैज्ञानिकों ने अपनी खोज के दौरान अटलांटिक महासागर में एक बड़ा सा गड्ढा देखा है। इस गड्ढे को देखकर वैज्ञानिक हैरान हैं। 

    यह गड्ढा 8.5 किलोमीटर चौड़ा बताया जा रहा है। यह वेस्ट अफ्रीका से महज 400 किलोमीटर दूर है। वैज्ञानिकों का कहना है हमने कल्पना नही की थी कि अटलांटिक महासागर में इतना बड़ा गड्ढा होगा। हम इसके पीछे के रहस्य को खोज रहे हैं। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह गड्ढा 66 करोड़ साल पुराना है और यह पानी के नीचे है। अगर कोई गलती से इसके सम्पर्क में आ जाए तो उसे कोई नही बचा सकता है।
    वैज्ञानिक यह भी अंदाजा लगा रहे हैं कि यह गड्ढा एस्टेरॉइड के नीचे गिरने की वजह से हुआ होगा। क्योंकि इतना बड़ा गड्ढा महज इससे ही सम्भव है। उन्होंने आगे कहा, जब यह गड्ढा हुआ होगा तब इससे एक किलोमीटर ऊंची सुनामी उठी होगी और रिक्टर स्केल पर 6.5 की तीव्रता वाला भूकंप भी आया होगा।

  • इस गांव में फ्री में मिलती है दूध की हर चीज , दूध बेचना पाप समझते हैं लोग

    Shocking: महंगाई दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। दूध हो या दही सभी के दाम आसमान छू रहे हैं। वही त्योहारों के सीजन में दूध की कीमत फर्राटेदार बढ़ जाती है। लेकिन इन सबके बीच आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे जिले के बारे में जहां लोगो को दूध फ्री में मिलता है। अगर आप इस गांव में किसी से दूध मांगते हैं तो उसके लिये आपको पैसे नही चुकाने पड़ते हैं।  

    असल मे हम आज बात कर रहे है महाराष्ट्र के जिले हिंगोली के गांव के गवली की जहां दूध से बनी सभी चीजो को फ्री में बंटा जाता है। इस गांव में लोग दूध का व्यापार नही करते हैं। लोगो अपने आप को श्री कृष्ण का वंशज मानते हैं। लोगो का कहना है कि उनके लिये दूध बेचना पाप है। वही कोई भी यह पाप जानबूझकर नही करता है।
    यहां के लोग दूध से बनी हुई चीजें उन लोगो को फ्री में देते हैं जिनको इसकी जरूरत रहती है। इस गांव में दूध के साथ किसी भी प्रकार की मिलावट नही की जाती है। लोग शुद्ध दूध का सेवन करते हैं इसलिए यहां के लोग काफी मजबूत है और उनका स्वास्थ्य बेहतर है। 
    गवली गांव के लोग कहते हैं कि प्रभु श्री कृष्ण ने कहा था कि दूध का कभी भी व्यापार नही करना चाहिए। हम सब उनकी आज्ञा का पालन कर रहे है और उनकी कही बात हमारे लिए पत्थर की लकीर है। वही हम कभी भी यह नही सोचते की हम दूध का व्यापार करे और उससे पैसा कमाएं।

  • कपड़े बदलने के झंझट से परेशान होकर महिला ने बनवाए पूरे शरीर पर टैटू, अब इस तरह रहती है

    डेस्क। पिछले कुछ सालों में टैटू( Tattoo) का ट्रेंड बड़ी तेजी से फैल रहा है। इसको लेकर लोगों की दिवानगी खूब बढ़ी है। जहां कुछ लोग इसे शौक तक सीमीत रखते हैं, वहीं कुछ के इसे दीवानगी और पागलपन की हद तक पहुंच दिया है।

    बता दें कि सोशल मीडिया के जमाने में फेमस होने के लिए कुछ भी कर गुजरने से पीछे नहीं हटते हैं। ऐसा ही कुछ खुमार केर्स्टिन ट्रिस्टन पर भी देखने को मिला है। वहीं बार-बार कपड़े बदलने की झंझट से आजादी चाहती केर्स्टिन ट्रिस्टन ने इसका एक गजब तरीका भी निकाला।

    जर्मनी की रहने वाली केर्स्टिन ट्रिस्टन को बार-बार कपड़े बदलने में बहुत आलस आता था । जिससे परेशान होकर वो कोई ऐसा तरीका खोज रही थी, जिससे उसे इसके जंझट से आजादी मिल सके। वहीं केर्स्टिन ट्रिस्टन ने दिमाग लगाया और 24 लाख रुपए खर्च करके पूरे शरीर पर रंग बिरंगे टैटू बनवा डाले। 

    केर्स्टिन ट्रिस्टन ने पूरी बॉडी पर ये टैटू बनवाने में 24 लाख रुपए का खर्च किया। जिससे केर्स्टिन ट्रिस्टन का पूरा जिस्म टैटू से भरा है। फेस छोड़कर शरीर के सभी हिस्सों को उसने रंगीन टैटू करवा लिया और टैटू बनवाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर भी शेयर की है।

    इस कड़ी में जब आपको केर्स्टिन ट्रिस्टन के उम्र के बारे में पता चलेगा तो आप और भी दंग रह जाएंगे। केर्स्टिन ट्रिस्टन 50 साल की महिला है, लेकिन टैटू को लेकर उनकी दीवानगी देखकर लोग हैरान हैं। 

    वायरल होने के बाद अब क्रेर्स्टिन एक टैटू मॉडल के तौर पर काम कर रही है। साथ ही टैटू मॉडल के तौर पर अच्छी कमाई भी कर रही है। वहीं इंस्टाग्राम पर उसके 189K फॉलोअर्स हैं जो इनको खूब पसंद करते हैं।

  • मारने के 12 घंटे के बाद जाग उठी बच्ची, मां से बोली

    डेस्क। मेक्सिको में रहने वाली तीन साल की बच्ची के साथ ऐसा करिश्मा हुआ कि डाॅक्टर तो क्या जिसने भी इसको सुना वो हैरान रह गया। किसी का भी इस पर यकीन कर पाना बहुत मुश्किल था। यहां पर तीन साल की कैमिलिया रोक्साना मौत के 12 घंटे के बाद जीवित हो उठी जिसे देखने वालो की आँखे फटी की फटी रह गईं।

    आपको बता दें कि ये मामला 17 अगस्त का है जहां मेक्सिको में रहने वाली 3 साल की कैमिलिया रोक्साना के पेट में इन्फेक्शन हो गया जिसके चलते इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया था। पर इसके बाद जब कैमिलिया का अंतिम संस्कार किया जा रहा था उस दौरान बच्ची की मां को लगा कि उसकी बच्ची जाग गई है ऐसे में जैसे ही ताबूत को वापस खोला गया तो बच्ची ताबूत में उठकर बैठ गई।

    ऐसे में मृत घोषित किये जाने के 12 घंटे बाद फिर से जिन्दा हुई बच्ची को देख वहां खड़े लोग सहम से गए। बता दें कि पेट के इन्फेक्शन के बाद बच्ची को वहां के Salinas de Hildalgo Community Hospital में एडमिट करवाया गया था और इलाज के दौरान उसकी दिल की धड़कन रुक जाने के कारण से मौत हो गई थीं। लेकिन बच्ची को मां को एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि उसकी बच्ची मर गई है हो वह बार बार चिल्लाती रही कि उसकी बच्ची मरी नहीं है ऐसे में परिवार वालों ने भी बच्ची की मां को उसकी बॉडी से काफी दूर रखा और अगले दिन जब अंतिम संस्कार के लिए बच्ची को ले कर जाया गया तो कैमिलिया की मां कहने लगी कि उसकी बच्ची ताबूत में हिल रही है पर किसी ने उस पर विश्वास नहीं किया इसके बाद उसके बार बार कहने पर जब ताबूत को खोला गया तो बच्ची अंदर से रोने लगी और अपनी मां को आवाज देने लगी जिसे देख कर सभी लोग हैरान रह गए।

  • मजदूरों को खुदाई के दौरान मिले 1 करोड़ के सिक्के पर फिर जो हुआ

    डेस्क। मध्यप्रदेश के धार में खुदाई के दौरान 8 मजदूरों को खजाना मिला। खुदाई के दौरान इन मजदूरों को लगभग 1 करोड़ रुपये के 86 सोने के सिक्के मिले। पर इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि सबकी आँखे फटी की फटी रह गईं।  बता दें खुदाई के दौरान मजदूरों को मिट्टी के कलश में 86 सोने के सिक्के मिले।

    पर क्या आप जानते हैं कि किस्मत से ज्यादा और कम किसी को नहीं मिला है। ये कहावत भी इन मजदूरों की किस्मत पर बिलकुल सटीक बैठती है क्योंकि प्लॉट कि खुदाई के दौरान 8 मजदूरों को मिट्टी के कलश में 86 सोने के सिक्के मिले पर सोने के सिक्के मिलने के बाद इन लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि इन स‍िक्‍कों की कीमत करीब एक करोड़ रुपये की है।

    इन मजदूरों की यह खुशी चंद पल बाद ही खत्म हो गई क्योंकि सिक्के बांटने के दौरान मजदूरों के बीच झगड़ा हो गया है और मामला थाने जा पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने सभी मजदूरों को गिरफ्तार कर लिया और सोने के सिक्कों को भी जब्त कर लिया है। वहीं पुरातत्व विभाग ने जब्त सिक्के की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये से अधिक बताई है।

  • महिला रिपोर्टर के साथ लाइव टेलीकास्ट के दौरान ऐसा क्या हुआ कि एंकर भी हो गई हैरान

    डेस्क। लोगों को अक्सर ऐसा लगता है कि पत्रकारों के लिए सड़कों पर माइक पकड़कर खबर बताना बहुत ही आसान होता होगा पर वो रिपोर्टिंग की मुश्किलों और रिपोर्टर्स की समस्याओं को कभी समझ नहीं सकते। 

    जहां एक ओर रिपोर्टिंग करने के लिए खबर के बारे में पता होना जरूरी है वहीं अपने आसपास के माहौल को समझ पाना भी बहुत ही आवश्यक होता है।

    हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक महिला पत्रकार की चुनौतियां साफ दिखाई दे रही हैं।

    ट्विटर अकाउंट @MorissaSchwartz पर अक्सर ऐसे हैरान करने वाले वीडियो पोस्ट किए जाते हैं जिसे देख आप भौचक्के रह जाएंगे। वहीं हाल ही में इस अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया गया है जिसमें एक महिला पत्रकार सड़क किनारे खड़ी रिपोर्टिंग करती हुई नजर आ रही है, वहीं अचानक उसके साथ एक मजेदार हादसा होता दिखाई देता है जिसे देखकर आपको बहुत हंसी भी आएगी। 

    वहीं इसे देखकर स्टूडियो में बैठी एंकर भी इस घटना काफी हैरान हो जाती है।

    इस वायरल वीडियो में एक रिपोर्टर सड़क किनारे खड़ी होकर रिपोर्टिंग कर रही होती है। टीवी पर बगल में एक विंडो में महिला न्यूज एंकर दिखाई देती हैं। रिपोर्टर खबर को बता ही रही थी कि अचानक वहां एक गोल्डेन रीट्रीवर डॉग पहुंच जाता है और माइक छीनकर भागने लग जाता है। उसके बाद रिपोर्टर भी पीछे-पीछे भागती है मगर वो कुत्ता माइक लेकर वहां से दूर चला जाता है। इसपर एंकर का रिएक्शन भी देखने लायक रहा जो इस पूरे दृश्य को काफी हैरानी से देख रही है।

     

  • शिवपुरी में जन्मे इस बच्चे का लिंग देखकर चौंक गए लोग

    डेस्क। शिवपुरी के पिछोर के मनपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से,  हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक बच्चे ने जन्म लिया है।

    पैदा हुआ ये बच्चा बाकियों से असमान्य है। देखने में ये बच्चा बिल्कुल इंसानों जैसा है। पर उसके लिंग का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है।

     इसके साथ ही ये बच्चा जलपरी या जलमछली की तरह दिखाई दे रहा है। इस बच्चे को देख परिजनों के साथ ही डॉक्टर्स भी हैरान है। अब इस बच्चे का उपचार जारी है।

    बता दें कि नवजात के इंसानों के शिशु की तरह दो हाथ और सिर सभी अंग सही सलामत है। पर नवजात के दोनों पैर पूरे तरीके से विकसित नहीं हो सके हैं जिसके बाद बच्चे को जन्म के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने तत्काल जच्चा सहित शिवपुरी जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां जिला अस्पताल के शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर नवजात पर विशेष नजर बनाए हुए हैं।

    बता दें कि भोड़न गांव की रहने वाली भावना पत्नी अरविंद्र पाल को प्रसव पीड़ा के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनपुरा में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद शाम साढ़े सात बजे प्रसूता भावना ने एक नवजात को जन्म दिया। यह बच्चा सामान्य नहीं था। नवजात पूर्ण विकसित पैदा नहीं हुआ जिस कारण से उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जच्चा बच्चा को शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया था। 

  • टीचर ने बच्चों को दिया टास्क: स्पर्म से भरा कंडोम लेकर आओ

    किसी के भी जीवन मे एक शिक्षक का ओहदा काफी बड़ा होता है। जहां एक ओर बच्चे को सही-गलत की पहचान करवाने में टीचर का काफी बड़ा योगदान बताया जाता है। वहीं बच्चे घर से ज्यादा आज के समय में अपना ज्यादातर वक्त स्कूल में ही बिताते हैं। बच्चों और टीचर्स में एक अजब से बॉन्डिंग हो जाती है।

    घर पर वर्किंग पेरेंट्स की वजह से कई चीजें बच्चें  स्कूल में ही सीखते हैं पर आप क्या करेंगे अगर उन्हें वही टीचर उलटा-सीधा ज्ञान देने लगे? 

    बता दें ऐसा ही एक मामला बोल्विया (Bolivia) से सामने आया है जहां पर एक महिला टीचर ने जो किया वह शर्मनाक था।

    बोल्विया के Juana Azurduy de Padilla नाम के स्कूल से यह शर्मनाक मामला सामने आया है। बता दें यहां पढ़ाने वाली महिला टीचर María Inés Peredowho के ऊपर केस दर्ज किया गया है, इस महिला टीचर ने अपनी क्लास के मेल स्टूडेंट्स को स्पर्म से भरा कंडोम लाने का असाइनमेंट दिया जैसे ही ये खबर सामने आई, लोग हैरान रह गए। इतना ही नहीं ऐसा कोई भी असाइनमेंट स्कूल के सिलेबस में नहीं था। मारिया ने खुद ही बच्चों को टास्क दे दिया था। 

    मारिया स्कूल में सेक्स एजुकेशन की टीचर है और उसने अपने क्लास के मेल बच्चों को सीमेन से भरा कंडोम लाने का टास्क दिया था।

    वहीं  जब पेरेंट्स को इसकी भनक पड़ी, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर गया और मेल रिप्रोडक्टिव चैप्टर के अंदर दिया गया ये टास्क कई पेरेंट्स को नागवार रहा साथ ही उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट से इसकी शिकायत भी की। जिसपर टीचर पर एक्शन लिया गया है। सबसे पहले तो मारिया को उसकी जॉब से हाथ धोना पड़ा और अब उसके ऊपर पुलिस कार्यवाई की जा रही है।

  • जाने क्यों चमकता है सूर्य और अगर पृथ्वी को बनाया जाए सूर्य तो क्या होगा

    खास खबर– चमकता हुआ सूरज हर किसी के लिए रहस्यमयी बना हुआ है। लोग कई सालों से यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर सूर्य में ऐसा क्या है कि वह इतना चमकता रहता है और उसका तेज कोई भी सहन नही कर पाता है। वही अब इस मामले पर एक खोज सामने आई है। इस खोज में यह दावा किया गया है कि सूर्य की चमक का कारण न्यूक्लियर रिएक्शन है। जिसे फ्यूजन कहा जाता है।

    दावा किया गया है कि अगर वही फ्यूजन पृथ्वी पर भी करवाया जा सके। तो उसका बहुत अधिक लाभ होगा और पृथ्वी को अधिक ऊर्जा प्राप्त होगी। पृथ्वी भी सूर्य की तरह एनर्जी से भर जाएगी। वही इस फ्यूजन को करवाने के लिए बीते 100 सालों से प्रयास किया जा रहा है। वही अब दावा भी किया जा रहा है कि विज्ञान अपने बलबूते पर अगले दशक तक इस लक्ष्य को हासिल कर लेगा।
    फरवरी महीने में इंग्लैंड के वैज्ञानिकों ने इस मामले में दावा किया है कि वह इस फ्यूजन को 1 मिनट तक करवाने में सफल हुए हैं। वही अब उन्हें इसका पूर्ण महत्व पता है। जल्द ही वह इसको सफलता पूर्वक करवाएंगे। वही अगर यह फ्यूजन हो गया तो पूरी दुनिया को ऊर्जा की समस्या से समाधान मिल जाएगा।