आध्यत्मिक- जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। जब हम बुरी परिस्थितियों का सामना करते हैं तो हमारे अपने हमारा सहारा बनते हैं। उनकी मदद से हम आपकी परिस्थितियों से उभरने का हर सम्भव प्रयास करते हैं। लेकिन महान गुरु आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने मदद के परिपेक्ष्य में कुछ ऐसा कहा है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे।
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दूसरों से ये लेना सबसे दुखदाई
आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि कोई आपका कितना भी हितैषी हो लेकिन उससे अपने बुरे वक्त को साझा करने से बचना चाहिए। अगर कोई निस्वार्थ आपकी मदद कर रहा है तो उससे आप मदद ले सकते हैं। लेकिन अगर कोई आपकी मदद के बाद उसका एहसान दिखाता है। तो आपको ऐसे लोगों से परहेज करना चाहिए।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का मानना है कि जिस प्रकार व्यक्ति की मूर्खता उसको दुख देती है, जवानी उसके दुखों का कारण बनती है। अज्ञानता उसको असफल बनाती है। उसी प्रकार अगर आप अपनी बुरी परिस्थितियों में किसी के घर जाते हैं और उससे मदद लेते हैं। तो यह आपके लिए दुखदाई होता है। लोग आपपर एहसास जताते हैं और जीवन भर आप उनके एहसान को चुकाने में असमर्थ होते हैं। -
आज का राशिफल- तनाव से घिरे रहेंगे इस राशि के जातक
मेष-
मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन कुछ खास नहीं रहेगा। पूरे दिन तनाव को झेलना पड़ सकता है। किसी अपने का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। आपको मानिसक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। नौकरी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। अपनों से सावधान रहें धोखा मिलने की संभावना है।वृष-
आज पारिवारिक स्थिति बेहतर बनी रहेगी। धन लाभ के संकेत प्राप्त हो रहे हैं। घर मे खुशहाली आएगी। यात्रा के संकेत मिल रहे हैं। किसी दोस्त की आज आप सहायता कर सकते हैं। रुका हुआ धन वापस मिलेगा।मिथुन-
व्यवसाय में तरक्की के आसार हैं। आपको आज कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। पुत्र पक्ष से कोई खुशखबरी मिलने के आसार हैं। आपका अधिक समय आज आपके परिजनों के साथ व्यतीत होगा।कर्क-
आज आपको आर्थिक समस्या से जूझना पड़ सकता है। धन की हानि होगी। घर मे कलह हो सकती है। थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है। मित्र पक्ष के सहयोग से आज आप अपनी परेशानियों से निजात पा सकते हैं।सिंह-
जॉब मिलने के आसार हैं। धन में बरकत होगी। किसी धार्मिक कार्य मे जाना पड़ सकता है। अपने आस पास के लोगों से सावधान रहें। आसार बन रहे हैं कि कोई आपका हितैसी आपके साथ ठगी करेगी। कोर्ट कचेहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।कन्या-
रुके हुए कार्य मे सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न रहेगा। जीवन साथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी की चाहत पूरी होगी और वर्षों से रुका धन वापस मिलेगा। किसी अपने के सहयोग से धर्मिक कार्य मे जाएंगे। संकेत हैं कि आज आप किसी के लिए उसका मार्ग दर्शक बन सकते हैं।तुला-
स्वास्थ्य के साथ लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है। सावधान रहने की आवश्यकता है वाहन से चोट लगने की आशंका है। धन हानि हो सकती है। जीवन साथी के साथ किसी बात को लेकर विवाद होने की संभावना हैं। सावधान रहें और पूजा पाठ में अपना ध्यान लगाएं।वृषिक-
आप अपने मनोबल से अपने प्रयोजन के सफलता हासिल करेंगे। पिता का समर्थन मिलेगा। घर मे कोई मंगल समाचार आएगा। शादी के योग बन रहे हैं। प्रेम में सफलता मिलेगी।धनु-
आपको प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। धन हानि की संभावना है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। आपको स्वास्थ्य हानि की संभावना है। सावधान रहें अन्यथा बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।मकर-
आज आपका सम्बंध राजनीति से है तो आपको लाभ मिलेगा। जीवन में धन की बरसात होगी। मित्रों के साथ यात्रा का संयोग बन रहा है। जमीन सम्बंधित विवाद खत्म होगा।कुम्भ-
नौकरी पेशा लोगों का दिन आज बेहतर होगा। तरक्की की संभावना बन रही हैं। बॉस आज आपके कार्य से प्रसन्न होगा। विदेश यात्रा के आसार हैं। जीवन मे रुके कार्य पूर्ण होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।मीन-
आपसी विवाद खत्म होगा। जीवन में नए साथी का आगमन होगा। वर्षों पुराना धन वापस मिलेगा। बुजुर्गों के मार्गदर्शन से आज आप अपने लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे। दोस्तों से सावधान रहें यह आपके बनें हुए काम बिगाड़ सकते हैं। -
आज है कामदा एकादशी जरूर करें यह काम
धर्म- आज कमादा एकादशी है। इस बार एकादशी का दिन शनिवार है। आज के दिन अगर आप भगवान विष्णु की पूजा में तिल का उपयोग करते हैं तो आपके ऊपर से शनि का प्रभाव खत्म हो जाएगा।
आध्यायम के मुताबिक आज के दिन आप सफेद तिल को गंगाजल में मिलाकर विष्णु जी का जलाभिषेक करें। तिल युक्त मिठाई का भगवान को भोग लगाएं। पीले वस्त्र धारण कर भगवान की आराधना करें। इसके आपके जीवन में सुख-समृद्धि का वास होगा।इसके अलावा आज अगर आप एक मुट्ठी काले तिल पानी में प्रवाहित कर देते हैं। तो इससे आपके ऊपर लगी साढ़े साती उतर जाती है और रोग दोष से आपको छुटकारा मिलता है। -
आज है राम नवमी, जानें क्यों हुआ था राम का जन्म
आध्यात्मिक- चैत्र नवरात्र आज खत्म हो रहे हैं। नवरात्र का समापन राम नवमी के साथ होता है। आज राम जन्मभूमि में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। क्योंकि आज प्रभु श्री राम, हिन्दू ह्रदय सम्राट का जन्मदिन है। आध्यात्म के मुताबिक आज के दिन प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था।
कहतें हैं श्रीराम त्रेता युग में वासंतिक नवरात्र के नौवें दिन मध्य दोपहर में कर्क लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र में पैदा हुए थे। भगवान राम विष्णु भगवान के सातवें अवतार थे। इनका जन्म अयोध्या नरेश दशरथ जी के घर मे हुआ था। यह कौशल्या के पुत्र थे।राम के जन्म के साक्ष्य आपको रामायण में मिल जाएंगे। ऋषि मुनियों का कहना है कि पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ गए थे। दैत्यों के अत्याचार से हर तरफ ताहिमाम मचा हुआ था। धार्मिक अनुष्ठान करना मुश्किल हो रहा था। लोग अधर्म के मार्ग पर आगे बढ़ते जा रहे थे। संसार के कल्याण के लिए प्रभु ने धरती पर रामनवमी के दिन जन्म लिया था। -
पत्नी को पति के साथ करना चाहिए यह काम
आध्यात्मिक- आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने जीवन को सही दिशा देने के कुछ मूलभूत नियम बताए हैं। अगर कोई व्यक्ति संसार मे सुखी रहना चाहता है। तो उस व्यक्ति को अपने जीवन मे चाणक्य के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है व्यक्ति यदि अपने जीवन को व्यवस्थित ढंग से जीता है तो उसके जीवन में कभी भी दुखों का पहाड़ नहीं टूटता है।
वहीं आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने पूजा के संदर्भ में कुछ विशेष बातें कहीं हैं। उनका मानना था कि अगर कोई व्यक्ति ब्राह्मण कुल में जन्म लेता है तो उसे अग्नि की पूजा जरूर करनी चाहिए। सभी लोगों को ब्राह्मण का सम्मान करना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए।वहीं अगर किसी व्यक्ति का विवाह हो गया है तो उसकी पत्नी को किसी अन्य की पूजा नहीं बल्कि अपने पति की पूजा करनी चाहिए। वहीं अगर आपके घर मे कोई दोपहर के भोजन के लिए आता है तो उस व्यक्ति की पूजा प्रत्येक व्यक्ति को करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इस नियम को मानता है तो यह उसके जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और व्यक्ति अपने जीवन में सुखी रहता है। -
जानें कौन है आपका मित्र
आध्यायम– दोस्ती करना आसान है लेकिन किसी के साथ दोस्ती निभाना बेहद मुश्किल। क्योंकि दोस्ती का अर्थ सिर्फ किसी के साथ खड़े होकर उससे चार बातें करना नहीं है। क्योंकि दोस्ती और समर्पण है।
आज कल लोग दोस्तों के बड़े-बड़े झुंड बनाकर चलते हैं। लेकिन जब किसी को अपने मित्र की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तो दोस्तों के उन झुंड में कोई एक ऐसा व्यक्ति मिलता है जो हमारे लिए खड़ा होता है। वहीं कई बार इस भीड़ में एक भी व्यक्ति हमारे समर्थन के लिए आगे नहीं आता।वहीं आध्यायम में सच्चे मित्र को लेकर कई तीन ऐसी बातों का वर्णन किया गया है। जो अगर आपके मित्र में हैं तो आपको किसी अन्य मित्र की आवश्यकता नहीं है। आपका यह एक मित्र 100 लोगों के झुंड से बेहतर है।जानें आध्यायम के मुताबिक कौन है सच्चा मित्र-
आध्यायम के मुताबिक आपका मित्र सिर्फ आपका मित्र होना चाहिए। अगर आपका मित्र आपके साथ धन या आपकी उपलब्धि देखकर नहीं जुड़ा है। तो वह आपका सच्चा मित्र होगा।अगर कोई आपके पास ऐसा है जो आपके साथ न होकर भी आपके लिए खड़ा है। उसे आपके अवगुण से कोई फर्क नहीं पड़ता। आप जैसे हैं उसने आपको वैसे ही स्वीकार लिया है। जो आपको सुनने का स्मार्थ्य रखता है और आपकी आर्थिक, मानसिक परेशानियों में आपकी मदद करता है। तो यह आपका सच्चा मित्र है।आध्यायम में बताया गया है मित्र वही होता है जो आपका सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। लेकिन अगर आप किसी समस्या में है और उसे पता है कि आपसे गलत हुआ है तब भी वह आपका साथ देगा और अपना स्वार्थ देखकर बीच रास्ते मे आपको नहीं छोड़ेगा। -
क्यों मनाया जाता है गुड़ फ्राइडे
लाइफस्टाइल– आज गुड़ फ्राइडे है। आज ही के दिन यीशु को क्रॉस पर चढ़ाने का षड्यंत्र यरूशलम द्वारा रचा गया था। कहा जाता है यीशु के साथ उनकी शिष्य ने विश्वास घात किया और यहूदियों ने उनको फांसी पर लटका दिया था।
गुड़ फ्राइडे का पर्व ईसाई धर्म के लोगों के लिए दुख का पर्व है। इस दिन लोग गिरजाघर का घण्टा भी नही बजाते हैं। गुड़ फ्राइडे से 40 दिन पहले ईसाई व्रत करते हैं। मान्यता है कि यीशु ने लोगों को सकारात्मक मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने से पूर्व 40 दिन का व्रत किया था।गुड़ फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म के अनुयायी गिरजाघर में उपस्थित होते हैं। सभी मिलकर प्रार्थना करते हैं। बाइबल पढ़ी जाती है। लोगों को उपदेश दिया जाता है। लोगों को प्रेम, प्यार, कल्याण, त्याग के विषय में बताया जाता है। -
हनुमान जी की बरसेगी कृपा अगर पढ़ लेंगे राम स्तुति
आध्यात्मिक– हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हैं। अगर आप हनुमान जी की कृपा चाहते हैं तो आपको सबसे पहले भगवान राम की पूजा करनी चाहिए। आध्यात्म के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति भगवान राम की पूजा करता है, उनके मंत्रों का उच्चारण कर रामायण का पाठ करता है। तो उस व्यक्ति पर भगवान हनुमान की कृपा होती है।
वहीं यदि आपके पास समय की कमी है। तो आप रोजाना भगवान राम की स्तुति पढ़ सकते हैं। राम स्तुति से आपको भगवान की कृपा प्राप्त होगी और आपने भाव से संकटमोचन हनुमान जी आपसे काफी प्रसन्न हो जाएंगे।राम स्तुति-
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमनहरण भवभय दारुणं ।नव कंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं || 1 ||कन्दर्प अगणित अमित छविनव नील नीरद सुन्दरं ।पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचिनोमि जनक सुतावरं || 2 ||भजु दीनबन्धु दिनेश दानवदैत्य वंश निकन्दनं ।रघुनन्द आनन्द कन्द कोशलचन्द दशरथ नन्दनं || 3 ||शिर मुकुट कुंडल तिलकचारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।आजानु भुज शर चाप धरसंग्राम जित खरदूषणं || 4 ||इति वदति तुलसीदास शंकरशेष मुनि मन रंजनं ।मम् हृदय कंज निवास कुरुकामादि खलदल गंजनं || 5 ||मन जाहि राच्यो मिलहि सोवर सहज सुन्दर सांवरो ।करुणा निधान सुजान शीलस्नेह जानत रावरो || 6 ||एहि भांति गौरी असीस सुन सियसहित हिय हरषित अली।तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनिमुदित मन मन्दिर चली || 7 ||॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सियहिय हरषु न जाइ कहि ।मंजुल मंगल मूल वामअङ्ग फरकन लगे।श्री राम स्तुति की रचना श्री गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी।
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इस एक मंत्र को जीवन में उतार कर प्राप्त कर सकते हैं लक्ष्य
ज्ञान– भय हमें कभी आगे ही नहीं बढ़ने देता। हमारी हार का सबसे बड़ा कारण हमारा भय है। हम इतने भयभीत रहते हैं कि हम आगे बढ़ने का प्रयास ही नहीं करते हैं। भय के कारण हम अपने जीवन मे कभी भी अपने लिए कुछ नहीं कर पाते। भय हमें इतना असहाय बनाता है कि हम स्वयं के लिए लड़ना ही भूल जाते हैं।
जब हमारे आसपास बैठा व्यक्ति यह कहता है कि यार मुझसे नहीं होगा। मैं हार चुका हूं। मुझे पता है मेरे भाग्य में यही लिखा है। मैं अपने प्रतियोगी के सामने बेहद कमजोर हूं। तो यह वह व्यक्ति नहीं उस व्यक्ति का भय कहता है। क्योंकि वह अपने आस-पास की चीजों से संघर्ष करने की जगह डर जाता है और यह डर उसके उसके आगे बढ़ने के सभी द्वार बंद कर देता है।उदाहरण के लिए समझें तो कौरव 100 भाई थे। महाभारत युद्ध के समय उनके पास भगवान कृष्ण की पूरी सेना थी। उनके पास कई महारथी थे।कौरवों की तुलना में पांडवों के पास कुछ भी नहीं था। लेकिन युद्ध मे विजय पांडवों की हुई। क्योंकि पांडवों के मन मे भय नहीं था। उसने मन मे दृढ़ संकल्प था अपने लक्ष्य की प्राप्ति का।अगर कोई व्यक्ति इस संसार मे सब कुछ अपने मन का पाना चाहता है। तो उस व्यक्ति को अपने भय पर विजय प्राप्त करनी होगी। व्यक्ति के लक्ष्य का सबसे बड़ा रोड़ा उसका भय है। -
जानें क्या है सच्ची सेवा
ज्ञान – सेवा एक भाव है इस सम्पूर्ण संसार में कोई भी व्यक्ति किसी को आपने अधीन नहीं रखना चाहता और न ही उसकी यह अभिलाषा होती है कि एक व्यक्ति अपना पूरा जीवन उसकी सेवा में ही व्यतीत कर दे। लेकिन वास्तव में जो व्यक्ति अपने मन में सेवा का भाव रखता है वह सुखी रहता है।
सेवा का अर्थ यह कतई नहीं है कि आप किसी की जी हुजूरी करें सेवा का अर्थ सुख है। जब आप अपने कर्तव्यों से किसी व्यक्ति को खुश रखते हैं, उसके मुस्कुराने की वजह बनते हैं, उसके दुःख को बांटने का सामर्थ्य रखते हैं और विकट परिस्थितियों में उसका समर्थन देते हैं तो यही सेवा है।
सेवा एक ऐसा भाव है जो व्यक्ति के मन में मानवता को जीवित रखता है। जो व्यक्ति सेवा भाव से परिपूर्ण होता है किसी के प्रति निस्वार्थ प्रेम रखता है और उसके समर्थन में बिना किसी लोभ के खड़ा हो जाता है। वही सच्चा सेवक है और ईश्वर उस व्यक्ति को ही अपनी सबसे सुंदर रचना मानते हैं।
यदि हम धर्म ग्रंथों के सार को समझें तो उनके मुताबिक सेवा निःस्वार्थ प्रेम,सत्य, समर्पण और कर्म है। जिससे हमारे व्यक्तित्व का निर्माण होता है और हमारा चरित्र सुंदर बनता है। इस संसार का सबसे सुन्दर भाव सेवा से जिससे आप किसी का भी ह्रदय जीत सकते हैं।