Category: religious

  • आज से शुरू हुआ माघ महीना, जाने कब होगी शिवरात्रि

    आध्यत्मिक- आज दान पुण्य और गंगा स्नान का पवित्र महीना माघ महिना शुरू हो रहा है। माघ माह का आरंभ आज यानी 6 फरवरी से होगा और यह 18 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन पर्व के साथ समाप्त होगा।
    हिन्दू धर्म के मुताबिक माघ माह में गंगा स्नान करने से आपके सभी पाप दूर हो जाते हैं और आपको विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस महीने में भगवान विष्णु एवं सूर्य देव की आराधना की जाती है। कहते हैं जो भी विधि पूर्वक माघ माह में स्नान करता है और ब्राह्मण को दान पुण्य करता है उसे काफी पुण्य मिलता है और उसके सभी दुख खत्म हो जाते हैं।
    जाने माघ माह के प्रमुख पर्व-
    मकर संक्रांति-14 या 15 जनवरी 2023
    मौनी अमावस्या- 21 जनवरी 2023
    माघी पूर्णिमा- 5 फरवरी 2023
    महाशिवरात्रि- 18 फरवरी 2023

  • Tulsi Puja: भूलकर भी मत करना ये गलती, नहीं तो हो जाएगा सब कुछ खत्म

    डेस्क। Tulsi Puja: हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र बताया जाता है। साथ ही ज्यादातर घरों में तुलसी का पौधा जरूर होता है। और जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां कभी परेशानी नहीं आती है।
    साथ ही मान्यता यह भी है जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां हमेशा बरकत होती रहती है। साथ ही वास्तु शास्त्र (Vaastu Shaastra)में तुलसी का पौधा रखने के कुछ खास नियम भी बताए गए हैं और इनका पालन ना करने पर घर में परेशानियां आती ही रहती हैं।
    इस कड़ी में तुलसी के पास कुछ चीजों को रखना सख्त मना है। इससे घर में कंगाली आती है तो आइए जानते हैं तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ खास नियमों के बारे में सबकुछ।
    तुलसी के पास ना रखें ये चीजें
    -तुलसी का पौधा बहुत ही पवित्र होता है इसलिए कभी भी इसके पास गंदगी ना फैलाएं और तुलसी के गमले के आस-पास कूड़ादान नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में दरिद्रता आती है।
    -तुलसी के आस-पास कभी भी जूते या चप्पल नहीं रखना चाहिए क्योंकि तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। और ऐसा भी माना जाता है कि तुलसी के पास जूते-चप्पल रखने से माता लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
    –तुलसी के गमले में कभी भी शिवलिंग को नहीं रखना चाहिए। ऐसी मान्यता है जिसके मुताबिक पूर्व जन्म में तुलसी का नाम वृंदा था जो जालंधर नाम के एक राक्षस की पत्नी थी और इस राक्षस का अंत भगवान शिव ने किया था। तभी से शिव जी को तुलसी दल से दूर ही रखा जाता है।
    -तुलसी का पौधा बेहद ही पवित्र और पूजनीय होता है जबकि झाड़ू का इस्तेमाल साफ-सफाई के लिए किया जाता है। इसलिए तुलसी के पास भूलकर भी झाड़ू को नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है यह करने से घर में कंगाली आती है।
    -घर में कांटेदार पौधे भी नहीं लगाने चाहिए। अगर आपने घर में कोई ऐसा पौधा रखा भी है तो इन्हें तुलसी के पौधे के पास तो बिल्कुल भी ना रखें इससे घर में नकारात्मक प्रभाव पड़ने लग जाते हैं।

  • क्यों कभी नहीं नहाते जैन साधु और साध्वी

    डेस्क। जैन दो तरह के होते हैं और दोनों ही पंथों के साधू और साध्वियां दीक्षा लेने के बाद कठोर जीवन व्यापन करते हैं। साथ ही वो सही मायनों में मर्यादित और अनुशासित जीवन भी जीते हैं और इसमें किसी भी तरह के भौतिक और सुविधापूर्ण संसाधनों का इस्तेमाल भी नहीं करते। साथ ही श्वेतांबर साधु और साध्वियां शरीर पर केवल एक पतला सा सूती वस्त्र ही धारण करते हैं। (courtesy jain community)
    वहीं दिगंबर साधु तो वस्त्र भी धारण नहीं करते हां इस पर जैन पंथ की साध्वियां जरूर एक सफेद वस्त्र साड़ी के तौर पर धारण करती हैं और कड़ाके की ठंड में भी वो इसी तरह के वस्त्र पहनते हैं। बता दें दिगंबर साधु तो बर्फीली ठंड में भी कोई वस्त्र किसी हालत में नहीं पहनते। हां श्वेतांबर साधु और साध्वियां अपने साथ रहने वाली 14 चीजों में एक कंबल को भी रखती हैं जो बहुत पतली होती है और इसे वो केवल सोते समय ही ओढ़ते हैं।
    ये सभी साधु और साध्वियां चाहे कोई मौसम हो जमीन पर ही सोते हैं, बता दें ये जमीन नंगी भी हो सकती है या लकड़ी वाली भी हो सकती है। वहीं वो चटाई पर भी सो सकते हैं। पर सोने के लिए वो सूखी घास का भी इस्तेमाल करते हैं और इन साधु और साध्वियों की नींद बहुत कम भी होती है। साथ ही दिगंबर साधुओं के बारे में तो कहा जाता है कि वो केवल करवट बहुत कम नींद ही लेते हैं। (courtesy jain community)
    आपको ये भी बात हैरान कर सकती है पर ये सच है कि दीक्षा लेने के बाद जैन साधु और साध्वियां कभी नहीं नहाते और ऐसा भी माना जाता है कि उनके स्नान करने पर सूक्ष्म जीवों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। साथ ही इसी वजह से वो नहाते नहीं और मुंह पर हमेशा कपड़ा लगाए रखते हैं ताकि कोई सूक्ष्म जीव मुंह के रास्ते से उनके शरीर में न पहुंच जाए। (courtesy jain community)
    ऐसा भी कहा जाता है कि स्नान मुख्य तौर पर दो तरह का होता है – बाहरी और आंतरिक।
    इसमें सामान्य लोग आमतौर पर पानी से नहाते हैं लेकिन जैन साधु और साध्वियां आंतरिक स्नान यानि मन और विचारों की शुद्धि के साथ ध्यान में बैठकर ही आंतरिक स्नान कर भी लेते हैं। साथ ही उनके स्नान का मतलब होता है भावों की शुद्धि और जीवन पर्यंत वो इसी का पालन भी करते है। (courtesy jain community)
    बता दें साधु और साध्वी ये जरूर करते हैं कि कुछ दिनों के अंतर पर गीला कपड़ा लेकर अपने शऱीर को उससे पोंछ लेते जिससे उनका शरीर हमेशा तरोताजा और शुद्ध भी लगता है। (jain community)

  • Shani Gochar 2023 : इन तीन राशियों को होगा विशेष स्वास्थ्य लाभ, बरसेगा धन

    डेस्क। दिल्ली :Shani Gochar 2023 : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर ग्रह अपने निश्चित समय पर गोचर भी करता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह बताया जाता है।
    आपको बता दें कि एक ग्रह में शनि ढाई साल तक विराजमान रहते हैं और उस हिसाब से उन्हें उसी ग्रह में फिर से वापस गोचर करने में 30 साल का समय भी लगता है। आपको बता दें कि नए साल के शुरुआत माह में शनि कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
    Shani Gochar 2023 : आपको बता दें कि शनि फिल्हाल मकर राशि में संचरण कर रहे हैं और 17 जनवरी को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश भी कर जाएंगे और इसी के साथ कुछ राशि के जातकों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंभ राशि में शनि 30 साल बाद गोचर कर रहे हैं। और ऐसे में ये 3 राशि के जातक खूब लाभ कमाएंगे।
    जानिए ये हैं तीन भाग्यशाली राशियां
    मिथुन राशि
    Shani Gochar 2023 : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि के कुंभ राशि में गोचर करने से सबसे ज्यादा फायदा मिथुन राशि के जातकों को होने वाला है। आपको बता दें कि इस राशि के नवम भाव में शनि गोचर करने जा रहे हैं। साथ ही इसे भाग्य और विदेश यात्रा का स्थान भी माना गया है। साथ ही साल 2023 में मिथुन राशि के जातकों की किस्मत चमकने भी वाली है। और इस दौरान खास धन लाभ होगा वहीं विद्या से जुड़े मामलों में भी शुभ फलों की प्राप्ति होगी। और आपको अचानक से खूब धनलाभ होगा।
    मीन राशि
    Shani Gochar 2023 : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मीन राशि के जातकों के लिए भी ये गोचर काफी अच्छा परिणाम लेकर आ रहा है। आपको बता दें कि शनि इस राशि के 12 वें भाव में गोचर कर ने जा रहे हैं और इस दौरान मीन राशि के लोगों को फिजूल खर्चों पर नियंत्रण लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। इतना ही नहीं, इस राशि के जातकों की पद प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होने भी जा रही है। और अगर आप इस दौरान धन का निवेश सही जगह करेंगे, तो ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने में भी आप कामयाब होंगे।
    सिंह राशि
    Shani Gochar 2023 : शनि देव भी इस राशि के जातकों पर विशेष कृपा बरसने वाली है। और पूरे साल इस राशि के लोगों को खूब लाभ भी होगा। वहीं इस दौरान इन राशि वालों को भाग्योदय होगा और रुके हुए कार्य भी पूरे होंगे। 
    आपको बता दें कि शनि इस राशि के सातवें भाव में विराजमान होने जा रहे हैं और इसे विवाह और जीवन का साथी भी माना जाता है। ऐसे में व्यवसायिक समझौतों में लाभ होगा और नौकरी करने वाले लोगों के लिए भी ये समय किसी वरदान से कम नहीं है।

  • भाग्य से नहीं मिलती सफलता करना होगा यह काम

    प्रेरक- यदि आप अपने जीवन मे सफल होने का सपना देख रहे हैं और आपको लगता है कि आपके भाग्य में यदि सफलता लिखी है। तो आपको सफलता मिलेगी तो यकीन मानिए आप अपने जीवन मे कभी सफल नहीं हो सकते। 
    क्योंकि ज्ञानी पुरूषों का कहना है कि इस संसार मे कोई भी व्यक्ति भाग्य के भरोसे सफल नहीं होता है। सफल होने के लिए आपको संघर्ष करना होगा और आपने पसीने और मेहनत के बलबूते पर अपने जीवन मे आगे बढ़ते हैं।
    ज्ञानात्माओं का कहना है कि यदि आप संघर्ष करते हैं और सफल होने के लिये निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तो आप अपने भाग्य को मात देते हैं और अपनी मेहनत के बलबूते पर अपना भाग्य रचते हैं।

  • इस दिन पड़ेगी मौनी अमावस्या, जानिए महत्त्व

    डेस्क। These zodiac signs will earn money and become rich on Mauni Amavasya : मौनी अमावस्या का इंतजार लोग पूरे साल ले लिए करते हैं। बता दें माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं।
    इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना बहुत ही पुण्य माना जाता है। इस अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन लोग पिंडदान भी देते हैं। माघी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करना अच्छा माना गया है। मौनी अमावस्या 21 जनवरी को उदया तिथि में है। और मौनी अमावस्या 2023 को बन रहा शुभ योग सुबह 6 बजकर 30 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट पर रहेगा ।
    मिथुन राशि
    शुक्र और शनि की मकर राशि में युति से मिथुन राशि वाले लोगों को अनुकूल परिणाम भी प्राप्त होंगे। इस दौरान आपकी धन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होंगी और सुख-समृद्धि में वृद्धि भी होगी। पूर्व में किए गए निवेश से बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा आय के नए स्रोतों से अच्छा लाभ प्राप्त करने में सफलता भी मिलेगी।
    कन्या राशि
    कन्या राशि के लोगों को शुक्र और शनि की युति से शुभ फल की प्राप्ति भी होगी। इसके परिणामस्वरूप आप अच्छे समय का खुलकर आनंद भी ले सकेंगे। आपको जीवन की सभी परेशानियों का समाधान भी मिलना शुरू हो जाएगा वहीं जिसके कारण आप तनाव मुक्त महसूस करेंगे। और किसी भी कार्य में की जा रही मेहनत रंग भी लाएगी और इससे आपको आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
    मकर राशि
    शुक्र देव का गोचर मकर राशि में ही हुआ है और ऐसे में इस राशि के लोगों के लिए शुक्र गोचर लाभप्रद साबित हो सकता है। वहीं आप इस दौरान अधिक धन अर्जित करने में भी सफल होंगे। नए स्रोतों से अच्छी आमदनी होगी जिसके परिणामस्वरूप आपकी आर्थिक समस्याएं भी दूर होंगी। साथ ही, आपका फंसा हुआ या उधार दिया हुआ धन भी आपको वापस मिलेगा।

  • धैर्य ही जीवन है:- आचार्य चाणक्य

    आध्यत्मिक– यदि आप छोटी छोटी बातों से नाराज हो जाते हैं। कुछ आपके मन का नहीं होता है तो आपकी व्याकुलता बढ़ जाती है और आप शांत होकर विचार करने में असमर्थ रहते हैं। तो आपको अपने जीवन मे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्योंकि व्यक्ति के सुखी और बेहतर जीवन के लिए धैर्य सबके अधिक महत्वपूर्ण है।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति धैर्य रखना जानता है। तो वह अपने जीवन मे सफल होना जानता है। धैर्य व्यक्ति के सफल होने और उसके जीवन मे सुख समृद्धि का आगमन करने में अहम भूमिका निभाता है। धैर्य आपके जीवन का सबसे अहम आयाम है जो आपको सकारात्मक बनाता है और आपके आगे बढ़ने के सभी मार्ग खोलता है।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि आप धैर्य रखते हैं और आपको जीवन मे जो हासिल होता है उससे संतुष्ट रहते हैं तो आपको जीवन मे कभी दुखों का सामना नहीं करना पड़ता है। वहीं आप अपने धैर्य के बलबूते पर अपनी सफलता का मार्ग बनाते हैं और दुख से दूर रहकर सदैव सकारात्मक चीजों के साथ आगे बढ़ते हैं।

  • चाणक्य नीति: महिलाओं को काफी पसंद होती हैं पुरुषों की ये आदतें

    डेस्क। चाणक्य ने अपनी किताब में स्त्री और पुरुष के बारे में कई बातें बोलीं हैं। और ये बातें आज भी सच ही साबित होती हैं। वहीं चाणक्य नीति पुस्तक में बताई गई बातें आज के जीवन में भी मर्दों व औरतों पर लागू होती हैं।
    बता दें आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन को अच्छे से जीने के कुछ उपाय भी बोले हैं। साथ ही जो महिला और पुरुष दोनों के लिए बहुत जरूरी भी है। वहीं अगर आप इन नियमों को अपने जीवन में अपनाएंगे तो आपको हर कदम पर सफलता भी मिलेगी और आपका रिश्ता भी मजबूत होता जाएगा। 
    आज इस लेख में हम आपको चाणक्य नीति के अनुसार पुरुषों की कुछ ऐसी खूबियों की जानकारी दे रहे हैं जो महिलाओं को काफी पसंद भी आती हैं। वहीं हर महिला अपने पार्टनर में ऐसी खूबियां देखना भी चाहती है।
    ईमानदार शब्दों को सुनना जीवन में जितना महत्वपूर्ण है उतना ही अच्छा भी है। चाणक्य नीति के मुताबिक रिश्तों में ईमानदारी रखनी बेहद जरूरी है। 
    मर्दों को खासतौर पर इस बात का खास ख्याल भी रखना चाहिए कि वफादारी आपके रिश्ते को और भी मजबूत बना सकती है। साथ ही महिलाएं ईमानदार पुरुषों की तरफ जल्दी आकर्षित हो जाती हैं। और अगर एक आदमी ईमानदार है, तो उसकी प्रेमिका और पत्नी उसे जीवन भर प्यार भी करेंगे।
    साथ हीं अच्छा व्यवहार करना सभी के लिए जरूरी भी है क्योंकि आपका व्यवहार आपके व्यक्तित्व को निखारता भी है। साथ ही चाणक्य नीति के मुताबिक हर महिला के लिए पुरुष का व्यवहार बहुत महत्वपूर्ण ही होता है।
    क्योंकि आप किसी के साथ कैसा व्यवहार करते हैं यह आपके विचारों को भी व्यक्त करता है। हर महिला को अच्छा व्यवहार करने वाला पुरुष ही पसंद होता है और प्रत्येक महिला अपने पार्टनर से अच्छे व्यवहार की उम्मीद भी करती है।
    साथ ही चाणक्य नीति यह भी बताती है कि महिलाएं उन मर्दों की ओर आकर्षित होती हैं जो महिलाओं की हर बात पर ध्यान देते हैं क्योंकि हर महिला यह चाहती है कि उसका पार्टनर उसकी हर बात ध्यान से सुने भी।

  • Chanakya Niti: पति पत्नी ऐसे रखें अपने रिश्ते को मजबूत

    Chanakya Niti for Wife Husband: महान अर्थशास्‍त्री और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) अपनी नीतियों में स्त्री पुरुष को लेकर कई नियम और बातें बताई हैं और जिसको फॉलो कर के शादीशुदा लाइफ को खुशहाल भी बनाया जा सकता है।
    इसी के साथ चाणक्य नीति (Chanakya Niti) में उन बातों का जिक्र किया गया है, जिनका पालन करने से मैरिड लाइफ खुशहाल हो जाती है। साथ ही आचार्य चाणक्य ने बताया है कि अगर पति 3 चीजों की मांग करता है तो पत्नी को हर हाल में पूरा भी करना चाहिए।

    पति को हमेशा दें सुकून

    कोई भी पुरुष जब सबसे ज्यादा परेशान होता है तो वह अपनी पार्टनर से खास तरह का सपोर्ट चाहता है और चाणक्य नीति में इसका भी जिक्र किया गया है। साथ ही आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) के अनुसार, पत्नी का कर्तव्य है कि वह पति की सभी चीजों का ध्यान रखे और जब वह उदास हो तो उसके मन को शांत करने की कोशिश भी करे। साथ ही पति जब भी किसी बात को लेकर परेशान हो तो पत्नी का कर्तव्य है कि वह उसे सुकून भी दे और ऐसा नहीं करने से रिश्ता खराब होता है।

    पति को प्रेम से करे संतुष्ट
    आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) के अनुसार, पति-पत्नी का रिश्ता तभी सफल हो पाता है जब दोनों एक दूसरे के सुख-दुख का ख्याल रखें वहीं चाणक्य नीति (Chanakya Niti) में यह बताया गया है कि पति के प्रेम की चाहत को पूरा करना पत्नी का कर्तव्य होता है और उसे हमेशा अपने प्रेम से संतुष्ट भी करना चाहिए । साथ ही पति का भी कर्तव्य होता है कि वह पत्नी की चाहत को पूरा करे और ऐसा नहीं करने पर पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े भी होते हैं और रिश्ता खराब होता है।

    वैवाहिक जीवन के दरार को करे खत्म

    खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए जरूरी है कि पति और पत्नी एक दूसरे के बीच कभी भी दूरी ना आने दें और चाणक्य नीति (Acharya Niti) के अनुसार, पत्नी का कर्तव्य होता है कि वह कभी भी वैवाहिक जीवन में दरार ना पैदा होने दे। हालांकि, आचार्य चाणक्य (Acharya chankya) ने अपनी नीतियों में इस बात का भी जिक्र किया है कि पति को भी अपनी पत्नी के प्रति ऐसा ही व्यवहार करना भी चाहिए।

  • Unlucky Plants In The House : इन पेड़ों को घर में लगाना पड़ सकता है भारी

    डेस्क। Unlucky Plants In The House : पेड़-पौधों का हमारे जीवन में बहुत ही विषेश महत्व हैं। साथ ही इतना ही नहीं घर में प्लांट्स लगाने से चारों तरफ हरियाली भी रहती है। और ज्यादातर लोग अपने घर की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए तरह – तरह के पौधे भी लगाते हैं।
     वहीं कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जो घर के लिए ही मुसीबत बन जाते हैं। साथ ही वास्तु शास्त्र के अनुसार इन पेड़-पौधों को घर के अंदर कभी नहीं लगाना चाहिए क्योंकि ये प्लांट्स बर्बादी का कारण बन सकते हैं।
    वहीं कई बार कुछ लोग अनजाने में गलत पौधे भी लगा देते हैं जिसका पछतावा उन्हें बाद में होता है। और आपके साथ ऐसी गलती ना हो, इसलिए आज हम यहां आपको कुछ ऐसे ही पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें वास्तु शास्त्र में अशुभ बताया गया है।
    तो आईये डालते हैं इसपर एक नजर :
    इमली का पेड़
    वास्तु के अनुसार इमली का पेड़ घर में नकारात्मक प्रभाव लेकर आता है और इसलिए इस पौधे को घर में भी नहीं लगाना चाहिए।
    वास्तु के अनुसार इमली का पेड़ घर में नकारात्मक प्रभाव पैदा करता है, इसलिए इस पौधे को घर में नहीं लगाना हो सही होता है।  
    घर में इमली का पेड़ लगा होने से नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर लगने का डर भी रहता है। वहीं इस वजह से इस पौधे को घर में लगाने से वर्जित भी किया गया है।
    बोनसाई का पौधा
    वास्तु शास्त्र के हिसाब से बोनसाई का पौधा आपके बिजनेस और करियर में मुश्किलें भी पैदा करता है। वहीं इसलिए इस पौधे को घर में लगाने से मना भी किया जाता है।
    काटेदार पेड़-पौधों को भी ना लगाएं
    वास्तु शास्त्र के अनुसार नीम्बू, कैक्टस जैसे पौधों को घर में नहीं लगाना चाहिए। वहीं इसके साथ ही ऐसे पौधे जिनसे दूध निकलता है उन्हें भी घर या फिर गार्डन में नहीं लगाने की सलाह दी जाती है।