Category: religious

  • तुलसी बन सकती है आपके दुर्भाग्य का कारण

    डेस्क।  Planting Van Tulsi- घर में तुलसी का पौधा लगाना और इसकी पूजा करना बेहद ही शुभ माना जाता है। साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में तुलसी (Tulsi Plant) के होने से बरकत भी आती है।
    धर्मशास्त्रों के अनुसार इससे नकारात्मक शक्तियां घर से दूर होती हैं। और इसके अलावा शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि रोजाना तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाकर दीपक जलाने से मां लक्ष्मी आपसे प्रसन्न होती हैं।

    इसलिए घर में तुलसी का पौधा लगाकर नित्य विधि सहित उसकी पूजा जरूर करनी चाहिएT(Tulsi Puja)। इसी के साथ तुलसी का एक पौधा  है जिसे घर पर लगाने से कलह की स्थिति बन जाती है (Astrology Tips)। इसलिए घर में तुलसी का पौधा लगाते समय इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि तुलसी का एक पौधा ऐसा भी होता है  जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है, तो चलिए जानते हैं इससे जुड़ी जानकारी-
    घर में भूलकर भी न लगाएं वन तुलसी 

    हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार घर में कभी भी वन तुलसी को (Van Tulsi) नहीं लगाना चाहिए। इस कड़ी में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वन तुलसी घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा आती है जिसकी वजह से घर में कई तरह की परेशानियां भी पैदा होती हैं साथ ही  घर में कलह की स्थिति पैदा होती है जिस कारण से घर में तुलसी का पौधा लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

    बढ़ जाती है पारिवारिक कलह

    धर्म शास्त्रों के अनुसार घर में वन तुलसी लगाने से पारिवारिक कलह और भी बढ़ जाती है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव की स्थिति पैदा होती है। साथ ही कई तरह की परेशानियों का घर में वास होता है और इसके अलावा किसी काम में सफलता प्राप्त भी नहीं होती है।

    बढ़ता है राहु का दोष

    घर में वन तुलसी लगाने से वास्तु दोष तो होता ही है। साथ में कुंडली में राहु की दशा भी बिगड़ सकती है। इसके अतिरिक्त इसका बुरा असर बच्चों के फ्यूचर पर भी पड़ सकता है और घर में वन तुलसी लगाने से पारिवारिक, आर्थिक स्थिति बिगड़ने भी लगती है।  

  • इन 3 लोगों से कभी मत करना झगड़ा, जाने वजह

    आध्यात्मिक– गुस्सा हमारे रिश्तों को खराब करता है। यदि हम बात बात पर गुस्सा करते हैं तो यह हमारे जीवन मे कलह बन जाती है। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने गुस्से में किसी से भी कुछ बोल देते हैं जो बाद में उन्हें भारी पड़ता है।
    वहीं आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि आप अपने जीवन मे सफल होना चाहते हैं। तो आपको इस तरह के लोगों पर कभी भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। क्योंकि अगर आप इन लोगों पर गुस्सा करते हैं तो यह आपके जीवन को दुखों से भर देता है और आप हमेशा परेशान रहते हैं।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक आपको कभी भी अपने परिवार के लोगों से झगड़ा नहीं करना चाहिए। वहीं अगर किसी बात को लेकर परिवार के लोगों के साथ मतभेद हो जाता है तो उसे सहूलियत से सुलझा लेना चाहिए। क्योंकि परिवार से जब आप झगड़ा करते हैं और उनसे अलग रहते हैं तो इसका फायदा उठाकर लोग आपके जीवन में कलह उत्पन्न करते हैं।
    आचार्य चाणक्य के अनुसार कभी भी अपने उन मित्रों पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। जो आपके बुरे वक्त में आपका साथ निभाते हैं और जब आपके पास कोई नहीं होता है तो वह आपके साथी बनकर आपके साथ खड़े रहते हैं। आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि आप अपने हितैषी दोस्तों से झगड़ा करते हैं और बार बार उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं तो यह आपके रिश्ते को खराब करता है और आप अपने जीवन में अकेले रह जाते हैं।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक- आपको कभी भी ऐसे लोगों से झगड़ा नहीं करना चाहिए। जो लोग बिना तर्क की बातें करते हैं और बेवजह का झगड़ा उत्पन्न करते हैं। क्योंकि यह लोग मूर्ख होते हैं। इन लोगों से झगड़ा करना यानी स्वयं को मूर्ख समझना होता है।

  • जाने क्यों हिन्दू धर्म मे जलाई जाती है भगवान के सामने अगरबत्ती

    आध्यत्मिक- हिन्दू धर्म मे पूजा पाठ का अपना एक विशेष महत्व है। कहते हैं कि यदि आप व्यवस्थित ढंग से भगवान की पूजा अर्चना करते हैं तो आपको ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
    वहीं हमने अक्सर देखा होगा की पूजा पाठ के दौरान हम भगवान के सामने अगरबत्ती लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगरबत्ती लगाने से क्या फायदा होता है और हिन्दू धर्म मे भगवान के सम्मुख अगरबत्ती क्यों लगाते हैं।
    ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक यदि आप भगवान के सामने अगरबत्ती लगाते हैं तो यह शुभ माना जाता है। वहीं इससे आपके घर का वातावरण शुद्ध होता है। इसके साथ ही इसकी सुगंध से देवी देवता प्रसन्न होते हैं और आपके ऊपर ईश्वर की कृपा सदैव बरसती रहती है।
    वहीं अगरबत्ती से सुख समृद्धि का निवास होता है और इसके जलाने से घर मे सुखी वातावरण रहता है। इसके साथ ही अगरबत्ती के धुंआ से जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और बीमारियों से भी बचाव होता है।

  • Tulsi Pujan Diwas Wishes 2022: तुलसी दिवस की अपने दोस्तों रिश्तेदारों को ऐसे दें बधाई

    डेस्क। Tulsi Pujan Diwas Wishes 2022: वैसे 25 दिसंबर को पूरे दुनिया क्रिसमस डे के रूप में मानती है। उसे भारत में 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस के तौर पर मनाया जाता है और खासकर कुछ सालों से तो इसका प्रचलन बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है तो आज क्रिसमस के साथ तुलसी पूजन दिवस भी है जिसपर नीचे कुछ ऐसे ही मैसेज दिए गए हैं जो आप अपने दोस्त और रिश्तेदारों को भेज सकते हैं। 
    तुलसी पूजन के मौके पर यहीं प्रार्थना है कि मां तुलसी आपको और आपके परिवार को जीवन के हर सुख से परिपूर्ण करें। जय मां तुलसी। 
    हर घर के आंगन में तुलसी बड़ी ही महान
    जिस घर में ये तुलसी रहती वो घर स्वर्ग के सामान
    आपको तुलसी पूजन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
    देवी के पराक्रम के आगे,
    हर दैत्य शक्ति हारी हो जाए 
    सांवरे के छप्पन भोग पर भी
    एक तुलसी की पत्ती ही भारी है,
    आपको तुलसी पूजन दिवस की बहुत – बहुत शुभकामनाएं
    सबसे सुन्दर वो नज़ारा होगा
    जब दीवारों पर दीयों की माला होगी
    हर आंगन में तुलसी मां विराजेगी
    और मां तुलसी का पूजन भी होगा
    तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
    बस इतनी बात पर मां शहर आने को नहीं राजी हैं
    अगर वो गांव छोड़ेगी, तो आंगन की तुलसी सूख जायेगी
    आपको तुलसी पूजन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
    तुलसी एक औरत थी
    पतिव्रता नारी की वो मूरत थी
    तप का था उसे इतना ज्ञान
    भगवान को देना पड़ा था वरदान
    आपको तुलसी पूजन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
    आप सभी को तुलसी पूजा की बधाई हो आज के दिन तुलसी का पौधा घर में जरुर लगाएं।
    सभी भाइयों को तुलसी पूजन दिवस की हार्दिक बधाइयां और बहुत शुभकामनाएं।

  • महिलाओं के इस गुण के आगे पुरुष हो जाते हैं नतमस्तक

    आध्यात्मिक- आचार्य चाणक्य ने पुरूष और महिलाओं के कुछ ऐसे विशेष गुणों का जिक्र किया है जिनके सामने इस संसार का हर व्यक्ति हार मानता है। आचार्य चाणक्य का कहना है कि यदि किसी स्त्री में उनके बातए हुए गुण होते हैं तो वह स्त्री काफी प्रभावशाली होती है और उसे इस संसार मे वह हर चीज हासिल होती है जिसकी उसे अभिलाषा होती है।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि महिलाओं में पुरूष को टक्कर देने का सामर्थ्य होता है और वह हर परिस्थिति में अपने बलबूते पर खड़ी रहती है। तो इस संसार मे उस महिला को कोई नहीं हरा सकता है।
    आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि कोई महिला शक से अधिक सर्वोत्तम करने का विचार करती है। तो इस तरह की महिलाएं पुरुषों का दिल जीत लेती हैं और पुरुष इस प्रकार की महिलाओं के आगे नतमस्तक हो जाते हैं।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक हिम्मती महिलाएं काबिल और सुलझी हुई होती हैं। यह परिवार को जोड़कर चलती हैं और संदेह करने की जगह परिस्थितियों को समझने में निपुण होती हैं।

  • Mata Vaishno Devi: नए साल के मौके पर माता के दर्शन को भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

    डेस्क। Mata Vaishno Devi: माता वैष्णो देवी मंदिर में मत्था टेकने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु नए साल के मौके पर पहुंच रहे हैं। इसी के साथ शनिवार 31 दिसंबर को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कटरा की त्रिकोटा पहाड़ी पर देखी भी गईं है।
    साथ ही इस भारी भीड़ देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, रियासी जिला प्रशासन और पुलिस ने यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम भी किए हैं। साथ ही आपको बता दें, यात्रा ट्रैक और भवन पर 500 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
    वहीं इतना ही नहीं, प्रत्येक तीर्थयात्री को रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पत्र (RFID) जारी भी किया जा रहा है। साथ ही बिना RDID कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा नहीं करने दिया जा रहा है। वहीं माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की मानें तो वो नए साल की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करना चाहते हैं और बच्चों सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले भक्तों को “जय माता दी” का जयकार लगाते हुए भी देखा जा रहे है।
    माता वैष्णों देवी के दरबार पहुंचे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी मनीष कुमार ने यह कहा, ‘मुझे अच्छी अनुभूति हो रही है। मैं हर नए साल की पूर्व संध्या पर यहां जरुर आता हूं। साथ ही मैं यहां 5-6 साल से माता देवी के दर्शन के लिए आता रहा हूं। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।’ साथ ही, एक अन्य भक्त पूनम शर्मा ने कहा, “मेरी कामना है कि ‘माता रानी’ सभी पर अपनी कृपा बरसाएं और सभी खुश रहें। एवं नया साल अच्छा बीते और सभी के लिए खुशियां लेकर भी आए।”
    पंजाब से अपने परिवार के साथ आई श्रद्धालु रंजन ने सभी के लिए खुशियों की कामना भी की है। साथ ही मैं बहुत खुश महसूस कर रहा हूं और भगवान सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।
    जानकारी के लिए बता दे कि है कि पिछले साल 1 जनवरी, 2022 को माता वैष्णो देवी के भवन में भगदड़ मच गई थी। और इस हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि 16 श्रद्धालु घायल भीं हो गए थे। बता दें पिछले साल जैसी स्थिति को रोकने के लिए इस साल श्राइन बोर्ड तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। और COVID-19 की संभावित लहर को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने भक्तों को COVID प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह भी दी है।

  • जाने क्यों ज्ञानी पुरुष कहते हैं गलती करना गलत नहीं

    ज्ञान– गलती होना स्वाभाविक है। लेकिन उस गलती को स्वीकार करना बेहद मुश्किल काम। ज्ञानी पुरुषों के मुताबिक इस सम्पूर्ण संसार मे महान वही व्यक्ति बनता है जो अपने ज्ञान के बलबूते पर सम्पूर्ण संसार को जीतने का स्मार्थ्य रखता है और जब उससे कोई गलती हो जाती है तो उसे स्वीकार करना जनता है।
    जानकारों के मुताबिक यह गुण बहुत कम लोगों में होता है कि वह अपनी गलती को सुधार लें और यदि उनसे कुछ गलत हुआ है तो उसे सभी के सामने बिना तर्क किए स्वीकार करें। लेकिन जो भी व्यक्ति इस गुण से परिपूर्ण होता है और अपनी गलती को आसानी से स्वीकार कर लेता है। उसे जीवन मे कभी कष्टों से नहीं जूझना पड़ता है और वह अपने जीवन मे सदैव आगे बढ़ता है।
    ज्ञानात्माओं का कहना है कि यदि आप ज्ञानी हैं तो आपको उसका प्रदर्शन करने के लिए गलत मार्ग पर चलने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि जब आप गलत करते हैं तो आप असफलता की ओर आगे बढ़ते हैं। वहीं यदि आप अपनी गलती को सुधारना और उसे स्वीकार करना जानते हैं तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है।

  • जाने किस प्रकार का सम्बंध है सर्वश्रेष्ठ

    ज्ञान- जीवन में रिश्ते बनाना आसान होता है। लेकिन रिश्तों को निभाना हर किसी के वश का नहीं होता है। कुछ इस संसार मे रिश्ता सिर्फ अपने हित को ध्यान में रखते हुए बनाते हैं। तो कुछ लोग आपसे सम्बंध प्रेम और समर्पण के उद्देश्य से बनाते हैं।
    वैसे तो इस सम्पूर्ण विश्व मे कोई भी ऐसा रिश्ता नहीं है जो निस्वार्थ हो और आप उस रिश्ते में बिना किसी उद्देश्य से जुड़े हों। लेकिन इस सबके बाद भी कई बार आप अपने ही रिश्तों के कारण दुख झेलते है। कलयुग में जहां प्रत्येक चीज स्वार्थ पर टिकी है वही जब आप किसी व्यक्ति से रिश्ता बनाएं तो उसमें धन पर अभिलाषा की जगह समर्पण को महत्व दें।
    ज्ञानात्माओं का कहना है कि जब आप किसी के साथ ह्रदय का सम्बंध बनाते हैं और उस व्यक्ति से उम्मीद, धन और किसी प्रकार की हितकारी अभिलाषा न रखते हुए अपने रिश्ते के प्रति प्रेम, सत्य और निस्वार्थ भाव के साथ समर्पित हो जाते हैं। तो आपके सम्बंध न सिर्फ मजबूत रहते हैं। बल्कि इस कलयुग में आप ठगी से बच जाते हैं और आपको किसी भी प्रकार के दुख से जूझना नहीं पड़ता।
    क्योंकि व्यक्ति को तकलीफ कोई रिश्ता नहीं देता। अपितु तकलीफ का कारण उस रिश्ते से जुड़ी हमारी उम्मीद और उस व्यक्ति से जुड़ा स्वार्थ होता है। वहीं जब आप किसी के साथ निस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं तो आपको तकलीफ से नहीं जूझना पड़ता है और आप अपने जीवन में सुखी रहते हैं।

  • लंबी यात्रा पर जाने से पहले गाड़ी के आगे क्यों रखते हैं नींबू

    डेस्क। जब भी कोई व्यक्ति लंबी यात्रा पर जाने का प्लान करता है तो वह पहले से ही इसकी तैयारियां भी शुरू कर देता है। साथ ही ये यात्रा अगर फोर व्हीलर यानी चौपहिया वाहन से करनी हो तो भी कई बातों का आपको विशेष ध्यान रखना चहिए।
     हर कोई यही चाहता है कि उसकी यात्रा बिना किसी मुश्किल के संपन्न हो। कुछ लोग तो यात्रा पर जाने से पहले मुहूर्त भी देखते हैं ताकि किसी तरह की कोई भी परेशानी न उठानी पड़े। वहीं इस यात्रा पर निकलने से पहले वाहन के अगले पहिए के नीचे नींबू भी जरूर रखा जाता है। और ऐसा भी कहा जाता है कि इसके बारे में कम ही लोगों को ही पता है। वहीं आगे जानिए इस परंपरा से जुड़ी खास बातें।
     
    इस कारण से वाहन के आगे रखते हैं नींबू
    नींबू का उपयोग तंत्र-मंत्र में विशेष रूप से होता है। नजर उतारने के लिए भी नींबू का उपयोग किया जाता है। और यात्रा पर जाने से पहले भी वाहन के नीचे नींबू रखा जाता है साथ ही इसके ऊपर से वाहन आगे ले जाया जाता है ताकि नींबू पूरी तरह से कुचला जा सके। और इसके पीछे कोई धार्मिक या वैज्ञानिक कारण नहीं है बल्कि मनोवैज्ञानिक कारण छिपा हुआ है। माना जाता है कि नींबू को वाहन के नीचे कुचलने से सभी तरह की बाधाएं शांत हो जाती हैं और यात्रा में भी कोई परेशानी नहीं आती।
    घर और दुकान के आगे नींबू मिर्ची क्यों टांगी जाती हैं?
    हम अक्सर देखते हैं कि लोग अपनी दुकान, मकान या वाहन के आगे भी नींबू-मिर्ची लटकाते हैं। इनमें मिर्चीयों की संख्या 7 और नींबू की एक 1 बताई जाती है। इसके पीछे मान्यता यह है कि नींबू-मिर्ची में निगेटिविटी सोखने की क्षमता काफी अधिक होती है और जब भी कोई व्यक्ति नकारात्मक एनर्जी से देखता है तो उसे नींबू-मिर्ची बाहर से ही सोख लेते हैं और घर या दुकान में प्रवेश भी नहीं करने देते। 

  • बुढ़ापे में कभी मत छोड़ना यह आदतें नहीं तो झेलना होगा कष्ट

    धर्म- आचार्य चाणक्य ने जीवन से जुड़े कई विशेष पहलुओं पर लोगों का मार्गदर्शन किया है। आचार्य चाणक्य का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन मे कुछ विशेष नियमों को मानता है तो उसे कभी भी कष्टों से नहीं जूझना पड़ता है।
    आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बढ़ती उम्र के साथ अपने आचरण को नहीं बदलना चाहिए। वहीं बुजुर्गों को कभी भी अपने जीवन से इन तीन विशेष आदतों को नहीं जाने देना चाहिए।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि आप बुढ़ापे की ओर बढ़ रहे हैं तो आपको कभी भी अनुसाशन नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि जब आप अनुशासन छोड़ते हैं तो आपके बच्चे आपका सम्मान नहीं करते हैं और बात बात पर वह आपको यह एहसास दिलाते हैं कि आपकी उम्र ढल चुकी है और अब आप महत्वपूर्ण नहीं हैं।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति को बुढ़ापे के साथ धन का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि अगर आप धन का साथ छोड़ देते हैं तो आपको जीवन मे तकलीफ का सामना करना पड़ता है। वहीं जीवन के अंतिम पड़ाव में आपके अपने ही आपको नीचा दिखाने के प्रयास करते रहते हैं।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं ढलती उम्र के साथ किसी भी व्यक्ति को कभी भी लोगों की मदद करने से नहीं कतराना चाहिए। क्योंकि आप जो करते हैं आपको बदले में वही हासिल होता है।