ये फूल उस एक रात में कुछ ही घंटों के लिए खिलता है और सूर्योदय होने से पहले मुरझा भी जाता है। वहीं मेक्सिको, मध्य अमेरिका और एटलीज में ये फूल उगते हैं और इसे देखने के लिए दूसरे देशों से लोग आते हैं।ये इतना दुर्लभ है कि लोगों का मानना है कि जो इसे खिले हुए देख लेता है उसकी किस्मत चमक जाती है। कई लोगों ने तो फूल को खिले आजतक नहीं देखा है बावजूद इसके कि उनके घर में ये पौधे उगा है। इस बात का पता लगाना तो मुश्किल है कि ये फूल किस वक्त उगेगा मगर जिन लोगों ने इसे उगे देखा है, उनका दावा है कि ये गर्मी की रातों को और वसंत के मौसम में उगता है। कुछ लोगों का मानना है कि ये पूर्णिमा की रात को ही उगता है वहीं कुछ का कहना है कि ये भारी बारिश के बाद खिलता है।
वहीं इसकी खुशबू इतनी ज्यादा होती है कि कुछ दूरी से ही इसे सूंघा भी जा सकता है पर ये सिर्फ 1-2 घंटे के लिए ही उगते है।
तो अब चलिए आपको बताते हैं भारत में इस फूल का क्या महत्व है। इसे भारत में ब्रह्म कमल के नाम से जाना जाता है जो उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी इलाकों में होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म कमल वही फूल है जिस पर भगवान शिव ने जल छिड़क कर भगवान गणेश को जीवित कर दिया था। यही वजह है कि इस फूल को जीवन देने वाला फूल भी बोला जाता हैं। ऐसे में मान्यता है कि यदि किसी बीमार व्यक्ति के पास इस फूल को रख दिया जाए तो उसकी सेहत में सुधार होता है।
साथ ही एक मान्यता ये भी है कि अगर कोई ब्रह्म कमल को खिला हुआ देख ले तो उसकी किस्मत ही पलट जाती है। कहते हैं कि खिलते हुए ब्रह्म कमल को देखने से व्यक्ति का भाग्य उदय होता है।