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  • एक बार साल में खिलता है ये फूल, सोई किस्मत जाएगी जाग

    वैसे तो दुनिया में बहुत सी चीजें इतनी अजीबोगरीब हैं कि जब उनके बारे में लोगों को पता चलता है तो वो दंग ही रह जाते हैं। बता दें ऐसा ही एक फूल भी दुनिया में मौजूद है। जो आमतौर पर साल में कई समय तक के लिए खिलते हैं।कुछ फूल साल के खास वक्त में नजर हैं पर जिस फूल की हम बात कर रहे हैं वो इतना अनोखा है कि वो साल में सिर्फ 1 ही रात के लिए खिलता है वहीं इस दुर्लभ फूल को लोग रात की रानी भी कहते हैं।
    ऑडिटी सेंट्रल न्यूज वेबसाइट की एक रिपोर्ट के अनुसार एपिफिलम ऑक्सीपेटलम असल में कैक्टस की प्रजाति का एक पौधा है जो सफेद रंग के बेहद ही खूबसूरत फूलों को उगाने के लिए भी जाना जाता है। इसी कड़ी में ये फूल साल में सिर्फ 1 रात के लिए हो उगते हैं। इस फूल को क्वीन ऑफ द नाइट के नाम से भी जाना जाता है। 
    ये फूल उस एक रात में कुछ ही घंटों के लिए खिलता है और सूर्योदय होने से पहले मुरझा भी जाता है। वहीं मेक्सिको, मध्य अमेरिका और एटलीज में ये फूल उगते हैं और इसे देखने के लिए दूसरे देशों से लोग आते हैं।ये इतना दुर्लभ है कि लोगों का मानना है कि जो इसे खिले हुए देख लेता है उसकी किस्मत चमक जाती है। कई लोगों ने तो फूल को खिले आजतक नहीं देखा है बावजूद इसके कि उनके घर में ये पौधे उगा है। इस बात का पता लगाना तो मुश्किल है कि ये फूल किस वक्त उगेगा मगर जिन लोगों ने इसे उगे देखा है, उनका दावा है कि ये गर्मी की रातों को और वसंत के मौसम में उगता है। कुछ लोगों का मानना है कि ये पूर्णिमा की रात को ही उगता है वहीं कुछ का कहना है कि ये भारी बारिश के बाद खिलता है। 
    वहीं इसकी खुशबू इतनी ज्यादा होती है कि कुछ दूरी से ही इसे सूंघा भी जा सकता है पर ये सिर्फ 1-2 घंटे के लिए ही उगते है।
    तो अब चलिए आपको बताते हैं भारत में इस फूल का क्या महत्व है। इसे भारत में ब्रह्म कमल के नाम से जाना जाता है जो उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी इलाकों में होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म कमल वही फूल है जिस पर भगवान शिव ने जल छिड़क कर भगवान गणेश को जीवित कर दिया था। यही वजह है कि इस फूल को जीवन देने वाला फूल भी बोला जाता हैं। ऐसे में मान्यता है कि यदि किसी बीमार व्यक्ति के पास इस फूल को रख दिया जाए तो उसकी सेहत में सुधार होता है। 
    साथ ही एक मान्यता ये भी है कि अगर कोई ब्रह्म कमल को खिला हुआ देख ले तो उसकी किस्मत ही पलट जाती है। कहते हैं कि खिलते हुए ब्रह्म कमल को देखने से व्यक्ति का भाग्य उदय होता है।

  • आचार्य चाणक्य के मुताबिक कष्टों से घिरा रहता है इन लोगों का जीवन

    आध्यत्मिक– मनुष्य का जीवन संघर्ष से सुंदर बनता है। यह बात तो हम सभी जानते हैं। लेकिन अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए मनुष्य को क्या क्या संघर्ष करने चाहिए यह हम शायद नहीं जानते हैं। 
    वही अगर हम बात आचार्य चाणक्य की करें तो इन्होंने जीवन को बेहतर बनाने हेतु कई अहम उपाय बताए हैं। जो एक व्यक्ति के जीवन को न सिर्फ बेहतर बनाते हैं बल्कि जो उन नियमों के मुताबिक अपना जीवन यापन करता है उसे अपने जीवन मे सुख प्राप्त होता है।
    लेकिन आज हम आचार्य चाणक्य की उन बातों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। जो यह बताती है कि अगर उनका आपके जीवन में वास हुआ तो आपका जीवन कष्टों से घिरा रहेगा।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति कर्ज में डूबा हुआ है। तो उसका जीवन कष्टों से घिरा रहेगा और उसे अपने जीवन मे कभी भी तरक्की नहीं मिलेगी। चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति को कम में अपना गुजारा करना चाहिए लेकिन किसी भी व्यक्ति से कर्ज नहीं लेना चाहिए।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक अगर परिवार में बच्चों के साथ परिजन अलग अलग तरह का व्यवहार करते हैं। तो यह सुखमय जीवन को दुख में बदल देता है। घर मे परिजनों का यह व्यवहार कलह बन जाता है और बच्चे अपनो का सम्मान नहीं करते हैं।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो संतान अपने माता पिता का आदर नहीं करती है और झूठ बोलती है। वह कभी भी अपने जीवन मे सफल नहीं हो सकती है। वही उसका यह व्यवहार परिवार के लिए समस्या बनाता है और परिजन समेत पूरा घर परेशानियों से जूझता रहता है।

  • धन के लिए व्यक्तित्व में उतारें यह 2 बातें- आचार्य चाणक्य

    आध्यत्मिक– आज के समय मे ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जिसे पैसे की लालसा न हो। हर व्यक्ति चाहता है उसके पास अपार सम्पति हो और उसके धन में निरंतर वृद्धि होती रहे। लेकिन आचार्य चाणक्य ने धन के संदर्भ में कुछ ऐसी चीजो का उल्लेख किया है। जिन्हें अगर आप अपने जीवन मे उतार लेते हैं। तो आपको अपने जीवन मे कभी भी समस्याओं से नहीं जूझना पड़ता है।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो व्यक्ति संतोषजनक होता है और उसे दूसरों के धन से अधिक अपनी चीजों से प्रेम होता है। उसे कभी भी धन के संकट से नहीं जूझना पड़ता है। वही अगर आप अपने धन और अपने भोजन में सन्तुष्ट हो जाते हैं और आपको दूसरों की चीजो से कोई फर्क नहीं पड़ता तो आप इस संसार मे सबसे अधिक खुश रहते हैं।
    इसके अलावा आचार्य चाणक्य के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति दूसरों की चीजों को त्याग देता है और अपने ज्ञान को बढ़ाता है। तो वह बिना प्रयास के अपने ज्ञान के बलबूते पर चीजों को हासिल करता है और उसे अपने जीवन मे सफलता और धन स्वतः ही उसके ज्ञान के आधार पर हासिल हो जाता है।

  • लक्ष्य तक पहुंचने का सबसे सरल तरीका है चाणक्य का यह उपाय

    आध्यत्मिक– दुनिया मे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो वह अपना लक्ष्य हासिल करना चाहता है। लेकिन लक्ष्य हर किसी को हासिल नहीं होता। कई लोगों को जब उनका लक्ष्य हासिल नहीं होता तो वह अपनी किस्मत को दोष देने लगते हैं। वही कई लोग अपने जीवन मे कुछ बदलाव करके पुनः प्रयास करते हैं और उन्हें सफलता हासिल होती है। 
    लेकिन आज हम आपको लक्ष्य हासिल करने के परिपेक्ष्य में आचार्य चाणक्य द्वारा कहे उन तीन मूल तत्वों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें अगर आप अपने जीवन मे उतार लेते हैं तो आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचने से कोई भी नहीं रोक सकता है।

    रणनीति-

    आचार्य चाणक्य के मुताबिक अगर आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए पहले से रणनीति बना लेते हैं। और उसी के आधार पर कर्म करते हैं तो आपको न सिर्फ आपका लक्ष्य हासिल होता है बल्कि आप अपने जीवन मे कभी भी असफल नहीं होते हैं।

    सत्य-

    आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो व्यक्ति उम्दा रणनीति बनाता है और सत्य के साथ उसपर काम करता है। उसे उसका लक्ष्य भेदना आसान हो जाता है। उसे कभी भी असफलताओं का मुह नहीं देखना पड़ता है और वह अपने जीवन मे अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेता है।

    संघर्ष-

    आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो व्यक्ति अपने जीवन मे संघर्ष करता है और सत्य पर उम्दा रणनीति के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़ता है। उसे उसका लक्ष्य हासिल करने में कभी कोई कठिनाई नहीं होती है और वह आसानी से सफलता के चीर पर आगे बढ़ता जाता है।

  • पौष शुरू होते ही लग जाएगी सभी मांगलिक कार्यों पर रोक

    डेस्क। मार्गशीर्ष माह बहुत जल्द ही खत्म होने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार से इस महीने के बाद से ही पौष महीने की शुरूआत हो जाती है और हिंदू धर्म में पौष का महीना (paush month 2022-23) भगवान सूर्य को समर्पित होता है।
    ऐसी मान्यता है, कि इस महीने में भगवान सूर्य की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा भी प्राप्त होती है। आपको बता दें इस महीने में पिंडदान एवं श्राद्ध जैसे भी कार्य भी किये जाते हैं। वहीं हिन्दू शास्त्र में इस महीने को (Poos Mahina 2022) पितृपक्ष के रूप में भी मनाया जाता है।
    ऐसा भी कहा जाता हैं कि इस माह में श्राद्ध या पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति भी मिलती हैं और व्यक्ति को बैकुंठ की प्राप्ति होती हैं। इसके अलावा आपको बता दें इस महीने में कुछ लोग भगवान सूर्य को अर्घ्य भी देते हैं। वहीं ज्योतिषियों के अनुसार पौष के महीने (paush month 2022 in hindi) में भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 
    इसी कारण से सभी मांगलिक कार्य कुछ दिनों के लिए रूक जाएगे और ऐसे में यदि आपके घर में कोई मांगलिक कार्य करने की योजना बन रही हैं, तो आपको उससे पहले पौष का महीना (when will paush month end 2022) कब से कब तक रहेगा इसे भी जरूर जान लेना चाहिए।
    तो अब आप बिना देर किए हुए जान लें कि पौष का महीना कब से कब तक रहने वाला हैं।
    हिंदू पंचांग की माने तो साल 2022 में पौष का महीना 9 दिसंबर 2022, से शुरू होने ही वाला है। जिसकी समाप्ति 7 जनवरी 2023 में होगी। और आपको बता दें इस दौरान आप कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य भी नहीं कर सकते हैं।
    जानिए पूस के महीने के नियम
    पौष यानी पूस के महीने में शुभ काम करने की मनाही बताई गई है। पंडितों के अनुसार ऐसे समय में व्यक्ति को भगवान सूर्य की पूरी भक्ति से पूजा आराधना भी करनी चाहिए। ऐसा करने से आपका तेज, बल, बुद्धि, यश, विद्या और धन भी बढ़ सकता हैं। और आप चाहें तो इस दौरान रविवार का उपवास रखकर भी सूर्य देव की आराधना आराम से कर सकते हैं।

  • Vivah Muhurt 2023: अगले साल आपको मिलेंगे ये शुभ विवाह मूहर्त

    डेस्क। Vivah Muhurt 2023: विवाह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। वहीं यह न सिर्फ दो लोगों का मिलन होता है, बल्कि दो आत्माओं, परिवार का मिलन भी होता है। वहीं यह समाज की एक इकाई को जन्म देने की प्रक्रिया होती है।
    सनातन परंपरा में इसे सबसे पवित्र और खास बताया गया है और यह इतना संवेदनशील बंधन होता है कि इसके साक्षी न सिर्फ लोग होते हैं, बल्कि ग्रह-नक्षत्र समेत अपने पांच तत्वों के साथ पूरी प्रकृति भी इसमें शामिल हो रही होती है। इसके अलावा साल 2023 में विवाह के कई मुहूर्त हैं। और फिर भी हर मुहूर्त में सभी की शादी नहीं हो सकती है इसलिए कुछ विशेष मुहूर्त भी होते हैं जिनको अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है तो आज जानिए 2023 के स्पेशल विवाह मुहूर्त के बारे में।
    बसंत पंचमी 2023 का विवाह मुहूर्त – 
    26 जनवरी, गुरुवार को ज्योतिष में मान्यता है कि बसंत पंचमी वह शुभ तिथि होती है, जिसमें विवाह के मुहूर्त के बिना भी शादी, सगाई या फिर अन्य कोई भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इसे वसंत ऋतु का बताया गया है, जिसे कामदेव का दिन भी बोला जाता है। यह आपके दांपत्य में मधुर रस को भरता है।
    अक्षय तृतीया 2023 का विवाह मुहूर्त – 
    22 अप्रैल, शनिवार। विवाह के लिए अक्षय तृतीया को भी बहुत ही शुभ तिथि बताया जाता है। वहीं इस दिन बिना मुहूर्त का विचार किए शादी भी की जा सकती है और ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो भी जोड़ा सात फेरे लेता है उसका बंधन कई जन्मों तक के लिए मजबूत होता चला जाता है और इस दिन परशुराम जयंती भी होती है और अक्षय नाम होने से सुहागिनों को अक्षय सुहाग का आशीर्वाद भी मिलता है। 
    देव उठानी एकादशी 2023 विवाह मुहूर्त (23 नवंबर, गुरुवार)
    इस दिन को हिंदू धर्म में बेहद ख़ास भी माना जाता है। वहीं ऐसी मान्यता है कि इसी दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम जी के साथ हुआ है और यह एक शुभ तिथि भी मानी जाती है जिसमें विवाह का मुहूर्त विचारे बिना ही शादी भी की जा सकती है। और आप शुभ तिथि पर शुभ मुहूर्त के अनुसार विवाह की योजना बनाएंगे तो वैवाहिक जीवन सदैव खुशहाल रहने वाला है।

  • जाने सुख के लिए क्या है संघर्ष की भूमिका

    आध्यत्मिक– व्यक्ति का जीवन संघर्ष से ही बेहतर बनता है। कहते हैं जो व्यक्ति अपने जीवन मे संघर्ष करता है उसी को सुख और सफलता हासिल होती है। वही जो व्यक्ति संघर्ष से दूर भागता है और अपने भाग्य के भरोसे बैठा रहता है। उसे जीवन मे न तो सुख मिलता है और न ही सफलता।
    वही सफलता को लेकर आचार्य चाणक्य कहते हैं- अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन मे ऊपर उठाना चाहता है और सफल होगा चाहता है। तो उसे अपने जीवन मे कठिन संघर्ष करना चाहिए और संघर्ष से नहीं भागना चाहिए। 
    जो व्यक्ति संघर्ष से भागता है वह अपने जीवन में निश्चित तौर पर हार जाता है। वही जो व्यक्ति खुशी मन के साथ संघर्ष करता है और कई बार हारने के बाद भी जीतने का साहस रखता है। उसे जीत हासिल होती है ओर वही व्यक्ति अपने जीवन ने निखरता है और बेहतर बनकर उभरता है।

  • गरुण पुराण: रोज सुबह करो ये काम, घर आएगी सुख समृद्धि

    डेस्क। गरुण पुराण में कई ऐसी बातें बताई गई है जिनको करने से जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ते है। वहीं यह भी बताया गया है कि किन कार्यो को करने से जीवन पर प्रतिकूल और बुरा प्रभाव पड़ता है।

    तो आइए जानते हैं कि गरुड़ पुराण के अनुसार किन कार्यो को रोज सुबह करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

    रोजाना कैसे करें कुल देवता की पूजा

    किसी के भी कुल देवता के रुष्ट होने पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गरुड़ पुराण के अनुसार नियमित रूप से कुल देवता या कुल देवी की पूजा हमें करनी चाहिए। इससे घर में खुशहाली बनी रहने के साथ ही आर्थिक समृद्धि भी आती है।

    भोजन ग्रहण करने से पहले याद से करें ये काम

    गरुड़ पुराण में भोजन ग्रहण करने के भी नियम पर बात की गई हैं। भोजन ग्रहण करने से पहले भगवान और कुल देवता को भोग जरूर लगाना चाहिए। इसके बाद ही भोजन को ग्रहण करें। मान्यता यह भी है कि ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा की कृपा आप के ऊपर बनी रहती है और घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती।

    रसोई की भी करें पूजा

    हिंदू धर्म में रसोई को बहुत ही पवित्र बताया गया है। वहीं पुराण में खाना बनाने से पहले रसोई की पूजा करने का प्रावधान बताया गया है और खाना बनने के बाद सबसे पहले रसोई को भोग भी लगाएं। इससे मां लक्ष्मी के पसन्न होने की मान्यता है। साथ ही ऐसा करने से उनकी कृपा से आर्थिक समृद्धि भी आती है।

    नियमित रूप से करें पूजा अर्चना 

    सभी को नियमित रूप से देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए और धार्मिक ग्रंथो का पाठ भी करना चाहिए। इससे ज्ञान की प्राप्ति होने के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है। इससे जीवन में कई कठिनाइयों के भी कम होने की मान्यता है। 

    गाय को जरुर खिलाए खाना 

    गरुड़ पुराण के अनुसार रोजाना कुछ न कुछ अन्न दान जरुर करना चाहिए। वहीं गाय और जरूरतमंद लोगों को खाना भी खिलाना चाहिए। साथ ही गरीबों की भी मदद करनी चाहिए।

  • Akhuratha Sankashti Chaturthi 2022: ये तीन योग खोल देंगे आपकी किस्मत के बंद ताले

    डेस्क। Akhuratha Sankashti Chaturthi 2022: पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी मनाने की भी परंपरा है। बता दें हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गणेश और चंद्रमा की विशेष पूजा अर्चना करने का विधान है।
    जो भी यह व्रत रखता है उसे चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोलना होता है। आपको तो बता दें, इस बार अखुरथ संकष्टी चतुर्थी दिनांक 11 दिसंबर 2022 दिन रविवार को है।  साथ ही  इस दिन तीन शुभ योग भी बन रहा है। वहीं इस दिन जो भी व्यक्ति भगवान गणेश की सच्चे मन से पूजा करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान गणेश के आशीर्वाद से उन्हें जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि भी मिलती है।
     तो आइए आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का पूजा मुहूर्त क्या है और कौन से तीन शुभ योग बन रहे हैं साथ ही इसके अलावा इस दिन कौन सा उपाय करना चाहिए, जिससे आपके सारे संकट भी दूर हो जाते हैं। 
    जानिए अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त कब है
    अखुरथ संकष्टी चतुर्थी दिनांक 11 दिसंबर 2022 दिन रविवार को शाम 04:14 मिनट से लेकर अगले दिन यानी की दिनांक 12 दिसंबर 2022 को शाम 06:48 मिनट तक मनाई जानी है। साथ ही इस दिन चंद्रमा का खास महत्त्व भी होता है।
    क्या आप जानते हैं इस दिन तीन शुभ योग जैसे ब्रह्म योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग बनने भी जा रहा है।
    1.सर्वार्थ सिद्धि योग- रात 08:36 मिनट से लेकर अगले जिन दिनांक 12 दिसंबर 2022 को सुबह 07:04 मिनट तक रहने वाला है। साथ ही ऐसी मान्यता है कि इस दिन आप जो भी काम करते हैं, आपको उसका दोगुना फल भी मिलता है।
    2.रवि पुष्य योग- रवि पुष्य योग का समय सर्वार्थ सिद्धि योग के समय बन रहा है।
    3.ब्रह्म योग- ब्रह्म योग सुबह 4 बजकर 50 मिनट से लेकर अगले दिन 05:15 मिनट तक रहने वाला है।

  • रक्त से नहीं व्यवहार से मजबूत बनते हैं रिश्ते

    आध्यत्मिक– रिश्ता कोई भी हो उसे अपने पन के पानी से सींचना पड़ता है। जो जैसा खाद और पानी अपने रिश्ते में डालता है। उसका रिश्ता उतना ही बेहतर बनता है। वही आचार्य चाणक्य ने जीवन के कई सत्यों से पर्दा उठाया है आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति के रिश्ते अच्छे रक्त सम्बंध से नहीं अपितु उसके व्यवहार से बनते हैं।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि रिश्ते में अहंकार आ जाता है तो रिश्ते में दरार आना शुरू हो जाती है। व्यक्ति के रिश्ते में कभी भी अहंकार का व्यवहार नहीं आना चाहिए। क्योंकि यह रिश्ते को दीमक की भांति खा लेता है।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि रिश्ते में विश्वास की अहम भूमिका होती है। यदि आप अपने अपनो पर विश्वास नहीं करते हैं और बार बार उसपर शक करते रहते हैं। तो आपका रिश्ता कमजोर होता है। 
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक रिश्तों की नींव सत्य की बुनियाद पर खड़ी हो तो वह लम्बे समय तक चलती है। वहीं अगर आप अपने रिश्ते को झूठ के बलबूते पर मजबूत बनाना चाहते हैं तो यह आपके रिश्ते को कमजोर बनाता है और आपका रिश्ता खटास से भरा रहता है।