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  • भारत मे कब होगा सूर्य ग्रहण, जाने समय

    देश– आज दिवाली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण है। सूर्य ग्रहण शाम को शुरू होगा। लेकिन सूर्य ग्रहण से पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। सूतक काल सूर्य ग्रहण के 12 घण्टे पहले लग जाता है। 
    आज होने वाले सूर्य ग्रहण के लिए सूतक काल सुबह 4 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो गया है। सूतक काल के दौरान पूजा पाठ नही किया जाता है और सभी मंदिरों के पट बन्द रहते हैं।
    वही अगर हम भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई देने की बात करे। तो यह शाम 4 बजकर 22 मिनट से दिखाई देगा और 5 बजकर 42 मिनट तक दिखेगा। भारत मे सबसे पहले सूर्य ग्रहण श्री नगर में दिखाई देगा।
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज भारत मे कई जगहों पर सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से दिखाई देगा। कही इसका आंशिक रूप दिखेगा। वही कई जगह ऐसी होंगी जहां सूर्य ग्रहण बिल्कुल नही दिखाई देगा।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाम 4 बजकर 41 मिनट से शुरू होगा और 5 बजकर 38 मिनट पर ये सर्वोच्च स्तर पर होगा. इंदोर में ये ग्रहण शाम 4 बजकर 42 मिनट पर दिखाई देगा और 5 बजकर 53 मिनट पर समापन होगा।

  • Surya Grahan 2022: क्या करने पर होगी पाबंदी

    डेस्क। Surya Grahan 2022 आज साल 2022 का आखिरी सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। वहीं अक्‍टूबर माह की 25 तारीख, दिन मंगलवार को लग रहा यह सूर्य ग्रहण कई मायनों में खास होने वाला है।
    दिवाली के अगले दिन लग रहे इस सूर्य ग्रहण के बारे में ज्‍योतिषविदों का यह मानना है कि इसका दूरगामी प्रभाव देखने को मिलने वाला है। वहीं शाम चार बजकर 29 मिनट से करीब डेढ़ घंटे तक ग्रहण का प्रभाव रहने वाला है।
    साथ ही सूतक काल का ग्रहण के दौरान खास महत्‍व भी है। भारत में सूर्य ग्रहण शाम 6 बजकर 9 मिनट के बाद समाप्‍त हो जाएगा। सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले ही सूतक काल प्रभाव में आ गया है। सूर्य ग्रहण के चलते इस बार गोवर्धन पूजा 26 अक्‍टूबर को मनाई जानी है।
    खगोलविदों की माने तो 25 अक्टूबर को लग रहा यह सूर्य ग्रहण आइसलैंड में भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजकर 29 मिनट पर शुरू हो जाएगा। सूर्य ग्रहण 2022 शाम 6 बजकर 20 मिनट पर अरब सागर में खत्म होगा वहीं पंचांग के अनुसार भारत में यह सूर्य ग्रहण सायं करीब 4 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 9 मिनट तक रहने वाला है।
    ज्‍योतिषविदों की मानें तो इस बार दिवाली भी ग्रहण के साये में मनाई जाएगी। क्‍योंकि इस नक्षत्र का दोष ग्रहण के एक दिन आगे और एक दिन पीछे तक माना जाता है। 24 अक्‍टूबर को रात में अमावस्‍या होने के कारण और अगली तिथि 25 अक्‍टूबर को भोर से ही सूतक काल लगने के चलते इस बार सूर्य ग्रहण को लेकर ज्‍योतिषी कह रहे हैं कि 27 साल के बाद ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है।
    सूर्य ग्रहण के दौरान क्‍या करें और क्‍या न करें: 
    सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ वर्जित है।
    सूर्य ग्रहण के दौरान रसोई में न जाएं।  
    गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें।
    साथ ही बच्‍चे और बुजुर्ग भी अतिरिक्‍त सावधानी बरतें।
    ग्रहण के दौरान कोई शुभ कार्य न करें।
    सूतक काल प्रभावी रहने पर भगवान का ध्‍यान जरुर करें।
    ध्यान दें सूतक काल में मंदिर का पट बंद हो जाता है।
    सूतक काल में कहीं की यात्रा न करें।
    सूर्य ग्रहण के दौरान अराध्‍य देव का मंत्र जाप जरूर करें।
    सूर्य ग्रहण के बीच गायत्री मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।

  • पुरुषों की इन आदतों पर फिदा हो जाती है महिलाएं

    धर्म– चाणक्य नीति मनुष्य के जीवन से जुड़े कई रहस्यो का खुलासा करती है। यदि आप चाणक्य नीति के मुताबिक अपना जीवन यापन करते हैं तो आपके जीवन से दुख का विनाश होता है और आपके जीवन मे खुशियां आती है। 
    आचार्य चाणक्य ने स्त्री और पुरुष के व्यवहार पर काफी कुछ लिखा और बताया है। वही उन्होंने पुरुषों की उन आदतो का जिक्र किया है जिन्हें महिलाओ द्वारा खूब पसंद किया जाता है 
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि कोई पुरूष प्रोटेक्टिव है और महिला का खयाल रखता है। तो उन पुरुषों को महिलाएं खूब पसंद करती है। ऐसे पुरुषों के साथ महिलाएं लम्बे समय तक के लिए जुड़ी रहती है और उनका वैवाहिक जीवन बेहतर रहता है।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि कोई पुरुष सत्य बोलता है और महिला की बातों पर विश्वास करता है। उन्हें सुनता है और उनसे सवाल करने से पहले उन्हें समझने की कोशिश करता है। तो ऐसे पुरुषों पर महिलाएं खूब विश्वास करती है और उनके साथ वह अपनी जिंदगी बिताना चाहती है।

  • दीपावली की पूजा में मत करना ये गलती वर्ना आपको पड़ेगा भारी

    डेस्क। क्या आपको पता है दीपावली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। ये पर्व कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 24 अक्टूबर सोमवार को है। वहीं दीपावली की शाम को देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान श्रीगणेश और ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।
    इस पूजा में अनेक चीजों (Diwali 2022 Pujan Samagri List) का उपयोग भी किया जाता है। अक्सर जल्दबाजी में लोग कुछ न कुछ चीजें भूल भी जाते हैं। इसके अलावा पूजा करते समय भी कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। आज हम आपको बता रहे हैं लक्ष्मी पूजा में किन-किन चीजों का होना जरूरी है और पूजा करते किन बातों का विशेष ध्यान रखें।
    दीपावली पूजा में ये चीजें होनी चाहिए (Diwali 2022 Pujan Samagri List)
    – मां लक्ष्मी, भगवान श्रीगणेश और देवी सरस्वती की प्रतिमा कुछ स्थानों पर उनकी प्रतिमाओं की पूजा की जाती है तो कहीं चित्रों की। आप अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं।
    – इसके बाद रोली, कुमुकम, चंदन, सिंदूर, अबीर, गुलाल, चावल, पान, सुपारी (पूजा की), नारियल, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, कलावा, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, अगरबत्ती, दीपक, रूई ये सभी चीजें होना भी आवश्यक है।
    – इनके अलावा जनेऊ, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, आसन, थाली, चांदी का सिक्का, बैठने के लिए आसन आम के पत्ते और 11 दीपक भी अपनी लिस्ट में शामिल कर लें।
    – भोग के लिए पंचामृत, फल खीर, मेवे, खील-बताशे, गन्ना आदि चीजें भी लिस्ट में नोट कर लें। इन सभी चीजों को पूजा के समय निकालकर रख लें।
    किन बातों का रखें ध्यान
    1. पूजा स्थल पर देवी लक्ष्मी की दो मूर्तियां कभी न रखें। ऐसा होना वास्तु शास्त्र की दृष्टि से बहुत ही अशुभ माना जाता है।
    2. स्थापित की गई मूर्ति या चित्र कहीं से खंडित यानी कटा-फटा नहीं हो, ऐसी प्रतिमा या चित्र की पूजा करना शुभ नहीं।
    3. पूजा करते समय प्रसन्न रहें, किसी भी तरह के गलत विचार मन में न लाएं और पुरे परिवार के साथ बैठकर पूजा करें।
    4. पूजा के दौरान शुद्ध घी का एक बड़ा दीपक जरूर लगाएं, जो अगले दिन तक के लिए जलते रहना चाहिए। अगले दिन इसे शुभ मुहूर्त देखकर थोड़ा सा खिसका भी दें।
    5. पूजा के दौरान उपयोग की गई पूजन सामग्री को सम्मान पूर्वक किसी नदी में प्रवाहित कर दें और भूलकर भी उसका अपमान न होने पाए।

  • गलती से भी मत खरीदना ऐसे लक्ष्मी गणेश, नहीं खत्म होंगी परेशानियां

     

    Diwali Ganesh Laxmi Ki Puja: दिवाली के त्यौहार की शुरुआत धनतेरस के दिन से ही हो जाती है वहीं इस दिन लोग बाजारों से लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा भी खरीदकर घर लाते हैं। इस प्रतिमा को घर पर स्थापित करके लोग विधि विधान से पूजा भी करते हैं।
    विद्वानों की मानें तो इस दिन लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा खरीदते समय कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए, नहीं तो मां लक्ष्मी की पूजा का फल नहीं मिलता और आप पूरे साल परेशान भी रहेंगे। 
    गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का रखें ख्याल
    यदि आप आज भगवान गणेश की प्रतिमा खरीद रहे हैं तो इस बात का ख्याल रखें कि गणेश जी की सूंड बाई तरफ मुड़ी हुई हो और उनके हाथ में मोदक और पैर के पास चूहा भी बना हो। इसके साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें की मुर्ति में कहीं भी काला रंग न लगा हो।
    मां लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय इन बातों का रखें खास ख्याल
    मां लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय आप इस बात का विशेष ख्याल रखें कि जो प्रतिमा खरीदें मां लक्ष्मी कमल या हाथी पर विराजमान हों इसके अलावा उनके एक हाथ में कमल और दूसरे हाथ से वह आशीर्वाद दे रही हों। मां लक्ष्मी की गुलाबी रंग की मूर्ति खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। ध्यान रहे कि यह प्रतिमा पूरी सफेद या काली न हो।
    भूल से भी न खरीदें ऐसी प्रतिमा
    धनतेरस पर मूर्ति खरीदते समय इस बात का ख्याल रखें की लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा ऐसी न हो जिसमें दोनों ही एक में जुड़े हो।
    मां लक्ष्मी की ऐसी मूर्ति भीं न खरीदें जिसमें वो उल्लू पर सवार हो या खड़ी मुद्रा में हों क्योंकि ऐसी मूर्ति खरीदने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं और घर में दरिद्रता का वास भी होता है।

  • धनतेसर पर जरुर खरीदे झाड़ू और करे यह उपाय होंगे मालामाल

    धर्म– हिन्दू धर्म का महापर्व शुरू हो गया है। वही आज सभी लोग धनतेरस का त्योहार मना रहे हैं। कहा जाता है कि अगर आप धनतेरस के दिन खरीदारी करते हैं तो यह काफी लाभदायक होती है। इससे आपको सौभाग्य प्राप्त होता है। 
    वही अगर आप इस दिन अपने घर मे झाड़ू खरीदकर लाते हैं तो आपको माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है और आपके घर मे सुख समृद्धि का वास होता है। हिन्दू धर्म के मुताबिक झाड़ू माता लक्ष्मी का प्रतीक है।
    कहते हैं अगर आप धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते हैं तो आपकी दरिद्रता दूर होती है। आपके घर मे सुख समृद्धि आती है और आपको कभी भी धन की कमी नही होती। वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं झाड़ू के उपयोग से जुड़ी कुछ अमुख बाते जो आपके लिए रामबाण साबित होंगी और आपके घर की आर्थिक समस्या दूर हो जाएगी।
    अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं। तो आपको धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदनी चाहिए और उसे अपने पूजा घर मे रखना चाहिए। इससे आपकी आर्थिक समस्या दूर होती है।
    अगर आप धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीद रहे हैं और पुरानी झाड़ू फेक रहे हैं। तो इससे आपसे माता लक्ष्मी रूठ सकती है। धनतेरस में दिन कभी भी घर से पुरानी झाड़ू नही फेकनी चाहिए।
    अगर आप धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते हैं तो आपको उसका इस्तेमाल दीवाली के दिन जरूर करना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
    वास्तु के मुताबिक झाड़ू धन का प्रतीक मानी जाती है। इसे घर मे खुले में न रखकर छुपाकर रखना चाहिए।
    घर मे शाम को कभी भी झाड़ू नही लगानी चाहिए।मान्यता है कि ऐसा करने पर मां लक्ष्मी नराज हो जाती है, इसलिए प्रयास करें कि शाम या सूर्यास्त के बाद झाड़ू न लगाएं।

  • Kuber Maharaj Ji Ki Aarti: ये आरती खोल देगी धन के भंडारे

    डेस्क।Bhagwan Kuber Maharaj Ji Ki Aarti: हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है वहीं कुबेर जी को धन का देवता भी माना जाता है।
    कहते हैं कि इनकी पूजा से घर में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। वहीं खासतौर से इनकी पूजा धनतेरस वाले दिन की जाती है। साथ ही मान्यता है जो व्यक्ति धनतेरस पर कुबेर देवता की विधि विधान से पूजा करके उनकी इस आरती को गाता है उसके जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। 
    कुबेर आरती (Kuber Aarti)
    ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,
    स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।
    शरण पड़े भगतों के,
    भण्डार कुबेर भरे ।
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
    स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
    दैत्य दानव मानव से,
    कई-कई युद्ध लड़े ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    स्वर्ण सिंहासन बैठे,
    सिर पर छत्र फिरे,
    स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
    योगिनी मंगल गावैं,
    सब जय जय कार करैं ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    गदा त्रिशूल हाथ में,
    शस्त्र बहुत धरे,
    स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
    दुख भय संकट मोचन,
    धनुष टंकार करें ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
    स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
    मोहन भोग लगावैं,
    साथ में उड़द चने ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
    स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
    मोहन भोग लगावैं,
    साथ में उड़द चने ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    बल बुद्धि विद्या दाता,
    हम तेरी शरण पड़े,
    स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
    अपने भक्त जनों के,
    सारे काम संवारे ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    मुकुट मणी की शोभा,
    मोतियन हार गले,
    स्वामी मोतियन हार गले ।
    अगर कपूर की बाती,
    घी की जोत जले ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    यक्ष कुबेर जी की आरती,
    जो कोई नर गावे,
    स्वामी जो कोई नर गावे ।
    कहत प्रेमपाल स्वामी,
    मनवांछित फल पावे ॥
    ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
    जानिए माता लक्ष्मी की आरती: धनतेरस पर कुबेर देवता के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। इसलिए इस दिन माता लक्ष्मी की आरती करना न भूलें।

  • अगर चाणक्य नीति की इन बातों को नही माना तो जीवन भर लोग बनाएगे आपका मजाक

    धर्म– आचार्य चाणक्य ने व्यक्ति के जीवन से जुड़े हर उस पहलू पर बात की है। जिससे व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बना सकता है और अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकता है। चाणक्य नीति में उन्होंने सुखी वैवाहिक जीवन से लेकर सफलता तक का मंत्र बताया है।
    वही आचार्य चाणक्य ने इंसान की उन गलतियों का भी जिक्र चाणक्य नीति में किया है। जिन गलतियों की वजह से इंसान को कई बार भरी सभा मे शर्मिंदा होना पड़ता है। चाणक्य कहते हैं कि यदि मनुष्य अपनी कुछ आदतो पर काबू पा लेता है और उन्हें लोगो से साझा नही करता। तो वह कभी भी हंसी का पात्र नही बनता है।

    बुराई-

    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब व्यक्ति का किसी अपने से झगड़ा हो जाता है। तो वह अपने अपनो की बुराई किसी अन्य व्यक्ति से करता है और अपने क्रोध में आकर बहुत कुछ ऐसा बोल देता है। जिसे सुनकर लोग उसकी हंसी बनाते है और आपके रिश्ते को खराब करने के लिए षड्यंत्र रचते हैं। व्यक्ति को अपने गुस्से पर काबू रखना चाहिए और अपनों की बुराइयां किसी अन्य व्यक्ति से नही करनी चाहिए।
     

    शारिरिक-

    अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ शरीरिक रिश्ते बनाता है। तो उसे इसे जगजाहिर नही करना चाहिए। आचार्य चाणक्य कहते हैं जब आप अपने शरीरिक रिश्ते के बारे में अपने मित्र को भी बताते हैं। तो वह आपकी हसी बनाता है और आपको नीचा दिखाने का हर सम्भव प्रयास करता है।

    मजाक-

    कई लोग ऐसे होते है जो थोड़ी सी खुशी के लिए अपना ही माजक उड़वाते है। चाणक्य कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति को ऐसा नही करना चाहिए। क्योंकि थोड़ी देर का माजक कई बार आपके लिए जीवन भर की समस्या बन जाता है।

    दान-

    चाणक्य नीति के मुताबिक यदि आप दान करते हैं या किसी व्यक्ति को कोई उपहार देते हैं तो आपको उसे जगजाहिर नही करना चाहिए। इससे न तो आपको उसका पुण्य मिलता है और बाद में वही लोग आपकी इस बात पर आपका माजक बनाते है। जिन लोगो के सामने आप इसे जगजाहिर करते हैं।

  • Shri Ram Janmabhoomi Mandir Ayodhya: भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य को मिली गति, जानिए कब तक पूरा होगा काम

    डेस्क। Shri Ram Janmabhoomi Mandir Ayodhya: भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य ने गति ली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को इसके निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था।
    वहीं मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण कार्य का मीडिया को भी अवलोकन कराया और निर्माण कार्य के बारे में उन्हें जानकारी भी दी।
    साथ ही प्रधानमंत्री के लौटने के बाद तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मीडिया को राम जन्मभूमि परिसर में आमंत्रित कर मंदिर निर्माण की गतिविधियों से अवगत कराया। वहीं इस मौके पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, सदस्य डॉ अनिल मिश्र सहित कार्यदाई संस्था एलएंडटी एवं टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स के अधिकारी उपस्थित भी रहे। भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य में लगे टाटा के इंजीनियर विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की देखरेख में कार्य ने गति पकड़ी है। वहीं उन्होंने कहा कि नवंबर 2023 तक काम पूरा हो जाएगा। और हमारा लक्ष्य इसको दिसंबर 2023 तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति को हैंडओवर कर दें।  
    करोड़ों राम भक्तों का चिर स्वप्न पूरी तीव्रता से साकार हो रहा है। वहीं राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए करोड़ों राम भक्तों ने 491 वर्षों तक तपस्या भी की, वह न केवल मुक्त हुई, बल्कि उसके बाद के तीन वर्ष में ही आस्था की यह विरासत भव्यता की पर्याय बन कर तैयार होने वाली है। 
    बता दें राम जन्मभूमि पर नागर शैली का जो भव्य दिव्य मंदिर निर्माणाधीन है, उसका 45 से 50 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो चुका है। साथ ही इन दिनों 26 फीट ऊंची आधार भूमि पर रामलला का वह आगार निर्मित हो रहा है, जिसमें रामलला स्वयं विराजमान होंगे। साथ ही इसमें न केवल रामलला का गर्भगृह अगले वर्ष अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा, बल्कि इसी के साथ संपूर्ण मंदिर का भूतल भी तैयार होगा। वहीं अन्य तैयारियों को ध्यान में रख कर रामलला को जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के अवसर पर गर्भगृह में स्थापित करने की तैयारी भी है।

  • आज है गोवर्धन पूजा, जाने पूजा विधि

    आध्यात्मिक– कल सूर्य ग्रहण के कारण हिंदूओ का प्रमुख त्योहार गोवर्धन पूजा आज यानी 26 अक्टूबर को है। हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण ने गोकुल वासियों की रक्षा हेतु अपनी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था। तभी से गोवर्धन पूजा का प्रवधान है।
    हिन्दू धर्म मे गोवर्धन पूजा को बड़े ही विधि विधान से किया जाता है। हर साल यह त्योहार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इस दिन घर मे गोबर से गोवर्धन बनाए जाते हैं।
    थाली में रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल और दीपक रखकर पूजा की तैयारी की जाती है। वही पूजा करके गोवर्धन की 7 बार परिक्रमा की जाती है और भगवान का स्मरण जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विधान है। 
    धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान को पंचामृत जरूर चढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही आज तराजू का उपयोग नही करना चाहिए। घर के गोबर को नही फेकना चाहिए।