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  • करवाचौथ पर इस साल बनेंगे पांच शुभ योग

    डेस्क। करवाचौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। वहीं इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखती हैं। साथ ही चांद निकलने तक अन्न, जल का त्याग करती हैं। वहीं मां पार्वती, भगवान शिव और गणेशजी की पूजा इस दिन करने का विशेष प्रावधान है। इस साल करवाचौथ का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा। साथ ही इस साल करवा चौथ पर बहुत ही शुभ संयोग भी बन रहे हैं। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। 
    ज्योतिष पंचांग के मुताबिक इस साल चतुर्थी तिथि 13 अक्टूबर को रात 01 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 14 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 07 मिनट पर खत्म भी हो जाएगी। इसलिए उदयातिथि को आधार मानते हुए करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा।
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा की पूजा करना विशेष मंगलकारी माना जाता है। पंचाग के मुताबिक करवाचौथ के दिन शाम में रोहिणी नक्षत्र 6 बजकर 41 मिनट पर शुरू हो रहा है। वहीं इस नक्षत्र में पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है। इस नक्षत्र में पूजा करने से चंद्रमा ग्रह का आशीर्वाद तो प्राप्त होता है। साथ ही घर में सुख- समृद्धि का वास बना रहता है।
    इस बार करवा चौथ पर सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। वहीं इस दिन की शुरुआत  सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रही है।  इस दिन शुक्र और बुध दोनों एक राशि यानी कन्या राशि में रहेंगे साथ ही  इस दिन लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण भी होगा। वहीं बुध और सूर्य बुधादित्य योग का भी निर्माण करते हैं। साथ ही गुरु और बुध अपनी स्वराशियों में स्थित रहेंगे।  इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होगा। इसलिए कुलमिलाकर इस दिन 5 विशेष संयोग बनेंगे जिस कारण से इस दिन का महत्व और भी बढ़ चुका है।

  • अगर छोड़ी नहीं यह आदत तो पुरी जिंदगी झेलना होगा दुःख

    आध्यात्मिक – हमारे जीवन पर हमारे धार्मिक ग्रंथो का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। यदि हम धार्मिक ग्रंथो में बताये गए नियमो के मुताबिक़ अपना जीवन यापन करते है तो हमारा सम्पूर्ण जीवन सुखमय व्यतीत होता है और हमारे जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते है। लेकिन कुछ लोग ऐसा भाग्य लेकर जन्म लेते है जो अनेको प्रयास के बाद भी सुखी नहीं रह पाते और उनका पूरा जीवन कष्ट में गुजर जाता है। तो आइये आज जानते है उन लोगो के बारे में जो अपने जीवन में झेलते है सबसे अधिक कष्ट। 
    धार्मिक ग्रंथो के अनुसार अगर कोई वव्यक्ति दुसरो से घृणा करता है और उसकी सफलता देखकर दुखी होता है। हमेशा उसके सुख और सौंदर्य को देखकर अपना मन जलाता रहता है उसे अपने जीवन में कभी सुख प्राप्त नहीं होता है। ऐसे व्यक्ति धन धान्य से परिपूर्ण होने के बाद भी दुःख झेलते है। 
    वही अगर कोई व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का निर्माण किसी अन्य की बुध्दि के आधार पर करता है तो उसका विनाश निश्चित है। ऐसे व्यक्ति को अपने जीवन में कभी भी सफलता हासिल नहीं होती है और यह हर वक्त दुखी रहते है। 
    धार्मिक ग्रंथो ने यह भी कहा गया है की अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में सुख प्राप्त करना चाहता है। तो उसे हमेशा खुश रहना चहिये दूसरो का सहारा बनना चहिये और सभी की सफलता में खुश होते हुए सभी के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण से खड़ा होना चहिये। यदि आप सभी की खुशी में बिना ईर्ष्या के भाव से खुश होते है तो आपपर ईश्वर की कृपा बनी रहती है और आपका जीवन सुखी रहता है. वही अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपको अपनेसम्पूर्ण जीवन में दुःख झेलना पड़ता है।

  • करवा चौथ के दिन अगर महिलाओ ने किया यह काम तो व्रत का नही मिलेगा फल

    आध्यात्मिक– आज महिलाओ का प्रमुख त्योहार करवा चौथ है। सभी महिलाएं अपने पति के दीर्घायु जीवन की कामना करवा माहारानी से करेंगी और पूरे दिन का निर्जला व्रत रखेंगी। शाम को विधि पूर्वक पूजा करने के बाद महिलाएं चांद को देखेगी और अपने पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलेंगी। 
    लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें करवा चौथ के दिन महिलाओ को नही करने चाहिए। अगर महिलाएं यह काम करती है तो इसका प्रभाव उनके जीवन पर देखने को मिलता है। 
    करवा चौथ के दिन वैसे तो महिलाएं खुद को सजाती और सवारती है। अपने हाथों में मेहंदी लगवाती है। लेकिन कुछ महिलाओं की आदत होती है कि वह दोपहर के समय सोती अवश्य है। लेकिन अगर हम नियमों की बात करें तो नियमों के अनुसार किसी भी महिला को करवा चौथ का दिन नही सोना चाहिए।
    करवा चौथ का दिन महिलाओ को अपने वस्त्रों का भी ध्यान रखना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करे। क्योंकि लाल रंग प्रेम का प्रतीक माना जाता है। करवा चौथ का दिन महिलाओ को काले और सफेद रंग के कपड़े नही पहनने चाहिए इसे अशुभ माना जाता है।
    करवा चौथ के दिन महिलाओं को कुछ भी बोलने से पहले विचार अवश्य करना चाहिए। क्योंकि बिना सोचे समझे जब आप कुछ बोलते हैं और कड़वी भाषा का प्रयोग करते हैं। तो इससे आपके वैवाहिक जीवन पर प्रभाव पड़ता है और आपके रिश्ते में समस्या आती है।
    कहा जाता है कि अगर करवा चौथ के पति पत्नी में विवाद होता है और वह बेवजह ही तर्क वितर्क करते हैं और आपस मे झगड़ते रहते हैं। तो करवा चौथ का फल नही प्राप्त होता है।

  • करवा चौथ के दिन हुई ये गलती तो व्रत हो जाएगा असफल

    डेस्क। आज पूरे देश में महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है। वहीं सुहागिन स्त्रियां आज कठिन निर्जला उपवास भी रखती है। महिलाएं सोलह ऋंगार कर पूरे मन से देवी मां की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
    पर पूजा अगर पूरे विधि विधान से नहीं किया गया तो उसका फायदा भी नहीं मिलता। यदि आप करवा चौथ के कुछ नियम का पालन नहीं करते हैं तो आपके कठिन व्रत पर मानो पानी फिर जाएगा क्योंकि आपको इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला।
    आपको करवा चौथ व्रत में नुकीली चीज के इस्तेमाल से बचना चाहिए। वहीं जो महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं उन्हें इस दिन सुई-धागे, कढ़ाई और सिलाई का कोई काम नहीं करना चाहिए।
    वहीं एक मान्यता के अनुसार हिंदू धर्म में व्रत के दौरान दान-पुण्य करने का बहुत महत्व होता है। ऐसे में करवा चौथ के व्रत के दौरान महिलाओ को सफेद रंग की वस्तुएं जैसे दूध, दही, सफेद कपड़े, चावल या सफेद मिठाई का दान नहीं देना चाहिए।
    साथ ही इन चीज़ों से करें परहेज, करवा चौथ व्रत के दौरान सुहागिन स्त्रियां काले अथवा सफेद रंग के कपड़े और श्रृंगार के समान न धारण करें, क्योंकि इस त्यौहार में काले और सफेद रंग को भी वर्जित माना गया है।

  • सोना भी आपके लिए होता है अशुभ, इन बातों का रखें ध्यान

    Astro Tips: सोना एक बहुत ही कीमती धातु है। यह सभी स्त्री-पुरुषों को बेहद प्रिय भी है। महिलाएं खुद को गोल्ड के गहनों से सजाना बहुत पसंद करती है। वहीं दुनिया कितनी भी आधुनिक क्यों न हो सोने की अहमियत आज भी बरकरार है।
    साथ ही मार्केट में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता ही रहता है। सोने की कीमतें आम तौर पर आपूर्ति और मांग से निर्धारित होती हैं। सोना खरीदना और इस्तेमाल करना बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोना खोना और किसी का खोया हुआ सोना मिलना बहुत अशुभ होता है।
    वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को स्वर्ण राशि का माना गया है। अपना खुद का सोना खोने, खोया हुआ सोना वापस पाने और खुद का गोल्ड कमाने में बृहस्पति ग्रह का बहुत योगदान होता है। आइए जानते हैं सोने से जुड़े शुभ और अशुभ बातें।
    सोने को देवी लक्ष्मी का रूप बताया जाता है। इसकी वजह से दिवाली की पूजा के लिए माता लक्ष्मी की एक सोने की मूर्ति भी रखी जाती है। साथ ही किसी करीबी को देवी की मूर्ति देने की प्रथा है। ज्योतिष शास्त्र में सोने की अंगूठी खोना बहुत ही अशुभ माना जाता है।
    यदि सोने की चेन खो जाए या चोरी हो जाए तो वैभव के नुकसान का खतरा होता है। सपने में खुद को सोने के गहनों से ढका हुआ देखना भी अशुभ माना जाता है। इसे वित्तीय संकट का खतरा बढ़ता है ऐसी मान्यता है।

  • Dhanteras 2022: इस उपाय से बन जाता है रुका हुआ काम साथ ही मिलता है बकाया पैसा

    डेस्क। वैसे तो अक्सर आपने देखा होगा कि आप खूब मेहनत करते हैं पर आपको उसका कोई फल नहीं मिलता। वहीं इसी तरह अगर मन लगाकर व्यवसाय या नौकरी करने के बाद भी पैसा घर में नहीं रुकता, तो अब आपको इसकी चिंता करने की कोई जरूरत भी नहीं है।
    क्योंकि हम आपके लिए कुछ ऐसे उपाय लेकर आएं हैं, जिन्हें करने से आपकी मुश्किलें हल होंगी और मां लक्ष्मी की कृपा से पैसा आपके पास ठहरेगा भी। पर ध्यान रखें कि आपको ये उपाय धनतेरस पर ही करने होते हैं।
    धनतेरस के दिन लक्ष्मी यंत्र को घर लाएं। इसके बाद दिवाली के दिन पूजन के दौरान यंत्र की भी विधि से पूजा करें। साथ ही लक्ष्मी जी के मंत्र का 108 बार जाप करें ऐसा करने से पैसा आपके घर ठहरेगा वहीं साथ ही आपको काम में उन्नति भी मिलेगी। 
    मंत्र : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” 
    वहीं अगर आपकी तरक्की काफी समय से रुकी हुई है, तो आपको ये उपाय जरूर करना चाहिए। इसमें आप बरगद के साफ पत्ते लें. फिर उसे गोल घुमाते हुए उस पर मौली बांध दें. जिसके बाद उस पर चंदन लगाएं लाल रंग का कपड़ा लेकर उसमें सिक्के और 5 कौड़ियां डाल दें। इसके बाद इसे लेकर उस जगह रख दें जहां पर आप पैसे रखते हो। 
    इसके अलावा अगर आपका पैसा अगर काफी समय से फंसा हुआ है, तो आपको गोमती चक्र का उपाय जरूर करना चाहिए। इसके लिए धनतेरस वाले दिन गोमती चक्र लें किसी चौराहे पर जाकर एक छोटा सा गड्ढा खोदें लें। फिर आपका पैसा काफी समय से न देने वाले इंसान का नाम लेकर मां लक्ष्मी का ध्यान करें और उस गोमती चक्र को गड्ढे में डालकर ढक दें।

  • सफलता पानी है तो गांठ बांध लें आचार्य चाणक्य का यह मंत्र

    आध्यात्मिक– चाणक्य नीति को जीवन का सार कहा गया है। कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहता है। तो वह आचार्य चाणक्य द्वारा जीवन के लिए बातए गए नियमो का पालन अवश्य करता है और उन्हीं नियमो के अनुरूप अपना जीवन यापन करता है।
    वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं आचार्य चाणक्य का वह मंत्र जो उन्होंने जीवन को सफल बनाने हेतु दिया था। आचार्य चाणक्य के मुताबिक अगर आप उनके द्वारा बताई गई जीचों का संग्रह करके रखते हैं तो आपको अपने जीवन मे असफलताओं का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक कभी भी व्यक्ति को अन्न का अपमान नहीं करना चाहिए और न ही अन्न बर्बाद करना चाहिए। अगर आप सुनिश्चित तरीके से अन्न का उपयोग करते हैं और यदि कोई आपसे भोजन मांगता है और आप सम्मान पूर्वक उसे भोजन करवाते हैं। तो आपपर माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को बिना मतलब के खर्चों से बचकर रहना चाहिए और किसी से भी उधार नही लेना चाहिए। अपने भविष्य के लिए व्यक्ति को हमेशा धन की बचत करनी चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप अपने जीवन मे हमेशा सफल रहते हैं।
    आचार्य चाणक्य कहते हैं व्यक्ति को अपना ज्ञान बेमतलब नही देना चाहिए। अगर आप अपने ज्ञान का उपयोग उचित जगह पर करते हैं तो इससे आपका जीवन सफल बना रहता है और आपको कभी भी किसी समस्या से नही जूझना पड़ता है।

  • Dhanteras 2022: ये संयोग खोल देंगा आपकी सोई किस्मत

    Dhanteras 2022: दीपावली (Diwali 2022) से एक दिन पहले यानि 23 अक्टूबर (Dhanteras 2022 Date) को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष पर धनतेरस मनाया जाना हैं।
    वहीं इसी दिन शनि प्रदोष हनुमान जयंती का व्रत भी रखा जाना है ऐसे 27 साल में पहली बार हो रहा है जब दोनों व्रत एक साथ रखे जाएंगे। बता दें धनतेरस पर ऐसा संयोग बनना बहुत ही खास है। एक पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इसी दिन वैघ भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन करके अमृत के साथ प्रकट हुए थे वहीं भगवान धन्वंतरि के साथ इस दिन लक्ष्मी इंद्र कुबेर भी प्रकट हुए।
    इस संयोग की वजह से ही इस साल धनतेरस का पर्व बेहद खास बताया जा रहा है इस दिन शनि की साढ़े साती ढ़ैया वालों के लिए शनि प्रगोष होने के कारण धनतेरस का पर्व शुभ बताया जा रहा है। 
    वहीं अलग अलग राशि वाले लोगों के लिए धनतेरस का पर्व बहुत शुभ है और सभी के लिए धनतेरस इस साल बहुत फायदेमंद है। 
    इसी दिन शनि प्रदोष हनुमान जयंती का व्रत भी रखा जाना है वहीं ऐसा 27 साल में पहली बार हो रहा है जब दोनों व्रत एक साथ रखे जाने हैं और धनतेरस पर ऐसा संयोग बनना बहुत ही खास बताया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन वैघ भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन करके अमृत के साथ प्रकट हुए थे। और भगवान धन्वंतरि के साथ इस दिन लक्ष्मी इंद्र कुबेर भी प्रकट हुए।

  • Narak Chaturdashi 2022: कैसे करें पूजा, जानिए शुभ मुहुर्त

    Narak Chaturdashi 2022: इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। 23 अक्टूबर को धनतेरस और 24 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी और दिवाली एक ही दिन पड़ रही है। नरक चतुर्दशी को नरक चौदस भी कहा जाता है।
    नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है। इस दिन किसकी पूजा की जाती है। पूजा विधि और मुहूर्त क्या है। आइए जानते हैं।
    नरक चतुर्दशी यानि की नरक चौदस मनाने के पिछे एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार नरकासुर नामक राक्षस ने अपनी शक्तियों से देवाताओं और ऋषियों को बहुत परेशान किया। उसने 16 हजार स्त्रियों को बंध बना लिया था। नरकासुर के आंतक से परेशान सभी देवता और ऋषी भगवना कृष्ण के पास गए। कहा जाता है कि उसे स्त्री के हाथ से मरने का वरदान प्राप्त था।
    भगवान कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की मदद से उसका वध किया और बंध सभी स्त्रियों को मुक्त कराया। इस खुशी में लोगों ने अपने घरों में दीपक जलाएं। जिस दिन नरकासुर का वध हुआ उस दिन कार्तिक मास की अमावस्या थी।
    इस कारण हर साल कार्तिक मास की अमावस्था को नरक चतुर्दशी मनाई जानें लगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन दिन भगवान कृष्ण और यमराज की पूजा की जाती है। इस बार दिवाली और नरक चौदस एक ही दिन पड़ रहा है।

    Narak Chaturdashi 2022 Puja Vidhi: नरक चतुर्दशी पूजा विधि

    शाम के समय भगवान कृष्ण कि पूजा करें और घर के मुख्य द्वार पर तेल का दीपक जलाएं। इस दिन दान करना भी शुभ होता है। भगवान कृष्ण की पूजा करें। यमराज के नाम से भी एक दीपक जलाएं। इस दिन यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का डर दूर हो जाता है।

    Narak Chaturdashi 2022 Muhurat: नरक चतुर्दशी मुहूर्त

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 23 अक्टूबर 2022 को शाम 6. 03 मिनट से शुरु होकर अगले दिन शाम 5.07 बजे खत्म होगी।

  • Vrindavan Thakur Banke Bihari Temple: 27 से बदल जाएगा दर्शन का समय, इतने बजे बंद होंगे कपाट

    Vrindavan Thakur Banke Bihari Temple: मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दिवाली एवं अन्नकूट आदि पर्वों को धूमधाम से मनाने की तैयारियां की जा रही हैं
    Thakur Banke Bihari Temple Timings: वृन्दावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भाई दूज (27 अक्टूबर) से दर्शन का समय बदला जाना है। वहीं मंदिर प्रबंधन की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई है कि मंदिर के महाप्रबंधक मुनीश शर्मा एवं प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि सात अक्टूबर से मंदिर में दर्शन की शरदकालीन समय सारणी लागू होने जा रही है, जो होली के तक चलेगी।
    उन्होंने यह भी बताया कि हर वर्ष दिवाली के बाद भाई दूज से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन के समय में बदलाव किया जाता है। साथ ही इसी परंपरा का पालन करते हुए मंदिर के दर्शन के समय में परिवर्तन भी किया जा रहा है। 
    जानिए यह होगा नया समय
    -27 अक्टूबर भाई दूज से ठाकुर बांकेबिहारी के पट सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर खुल जाएंगे।
    -आठ बजकर 55 मिनट पर श्रृंगार आरती के दर्शन आपको होंगे।
    – इसके बाद दोपहर 12 बजे ठाकुरजी का राजभोग आएगा ।
    -साढ़े 12 बजे फिर से ठाकुरजी के पट खुलेंगे और इसके बाद दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर भक्तों को राजभोग आरती के दर्शन भी होंगे। 
    – वहीं इसके बाद शाम को साढ़े चार बजे से पुन: ठाकुर जी के दर्शन होंगे। 
    -शाम साढ़े सात बजे शयन भोग। 
    -इसके बाद रात आठ बजे से ठाकुरजी का भक्तों को दर्शन मिलने लगेगा.
    -रात आठ बजकर 25 मिनट पर शयन भोग आरती के दर्शन भी होंगे।
    इसके अतिरिक्त मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दिवाली एवं अन्नकूट आदि पर्वों को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं इसी बीच 25 अक्टूबर को पड़ने वाले सूर्यग्रहण के दिन जन्मस्थान के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहने वाले हैं।