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  • नींबू नहीं वरदान है ये टोटके हर समस्या का समाधान हैं

     

    डेस्क। नीबू का उपयोग कई चीजों में किया जाता है, खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए, साफ-सफाई के लिए, स्किन प्रोडक्ट्स में और पूजा में भी। नींबू के जितने फायदे हैं और इसमें विटामिन मिनिरल्स पाएं जाते है उतना ही इसका धार्मिक महत्व भी है। नींबू आपकी किस्मत को भी चमका सकता है और इसमें अंधकार भी भर सकता है। नींबू के टोटके बुरी नजर, बुरी आत्माओं, भूत-प्रेत, काम मे बाधाओं को दूर रखने में बेहद कारगर होता है। 

    नींबू से चमकाएं अपना भाग्य

    आपने अक्सर देखा होगा की लोग बराबर की मेहनत करते हैं फिर भी सामान फल नहीं पाते, उनमें काफी अंतर होता है। आज के समय में ऐसे कई लोग हैं, जिनको सफलता बेहद कम मिलती हैं और असफलता उनका पीछा नहीं छोड़ती। पर तांत्रिक ग्रंथ में इसके कई इलाज बताएं गएं हैं। जिनके प्रयोग से व्यक्ति अपनी किस्मत को चमका सकता है। 

    बुरी नजर 

    तांत्रिक शास्त्र में घर में यदि किसी सदस्य को बुरी नजर लग गई है तो यह टोटका आपके लिए बहुत कारगर साबित होगा। आप पहले पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से सिर से पैर तक सात बार नींबू से उतारा कर लें। अब इस नींबू के खड़े-खड़े 4 टुकड़े कर दें और उसको किसी सूनसान जगह पर जाकर फेंक आएं। पर इस बात का ध्यान रखें कि नींबू के टुकड़े फेंकने के बाद किसी भी हालत में पीछे मुड़कर न देखे। ये टोटका ज्यादा असरदार बनाने के लिए इसे किसी सुनसान चौराहे पर फेकें।

    बिजनेस को दे किक

    किसी ने आपके व्यवसाय पर टोटका कर दिया है या कोई बुरी नज़र है तो उसे दूर करने के लिए रविवार के दिन दोपहर में पांच नींबू काटकर के व्यापारिक प्रतिष्ठान में रख दें। इसके साथ ही एक मुट्ठी काली मिर्च और एक मुट्ठी पीले सरसों भी रख दें। इसके बाद अगले दिन सुबह दुकान खोलने के बाद इन सभी सामानों को ले जाकर किसी सूनसान स्थान रख दें।

    नौकरी

    अगर आपको नौकरी चाहिए तो इसके लिए भी हम आपको उपाय बताएंगे। आपको दागरहित बड़ा नीबूं लेना है और रात बारह बजे उसे किसी चौराहे पर जाकर चार हिस्से में काटकर चारों दिशाओं में दूर-दूर फेंक देना है। तांत्रिक शास्त्र में इसे बेरोजगारी की समस्या समाप्त करने का सबसे कारगर उपाय बताया गया है।

    रुका काम बनांए नींबू और लौंग

    रविवार के दिन, एक नींबू के ऊपर चार लौंग गाड़ दें और ‘ॐ श्री हनुमते नम:’ मंत्र का 108 बार जप करके नींबू को अपने साथ लेकर जाएं। इससे आपका काम अवश्य बन जाएगा। 

  • कहीं आपने तो नहीं किया पूजा पाठ की इन चीज़ों का अपमान, गलती से भी जमीन पर मत रखना

    हर धर्म में ईश्वर की आराधना करने का अपना नियमित तरीका होता है। अगर बात हिंदू धर्म की करें तो स्नान के बाद सुबह और शाम को पूजा करने का विधान हिन्दू धर्म मे काफी प्रचलित है। ऐसे में हर व्यक्ति अपनी श्रद्धा भाव और जानकारी के अनुसार ईश्वर की पूजा करता है पर कई बार कुछ जातकों को उनके द्वारा की पूजा का उचित फल नहीं मिलता।

    इसकी प्रमुख वजह पूजा के दौरान जाने-अनजाने में की गई गलतियों होती हैं। आज हम आपको बताएंगे कि पूजा के दौरान आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    दीपक

    ज्योतिषी कहते हैं कि जिनको विधि-विधान से पूजा नहीं आती है, वे भी केवल भगवान के सामने दीपक जलाकर उनकी आराधना कर ईश्वर का आशीर्वाद पा सकते हैं। लेकिन हमेशा इस बात को याद रखें दीपक को मंदिर के अंदर ही रखें। इसे जमीन पर रखने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए। इसे हमेशा किसी थाली या फिर किसी स्‍टैंड पर रखना चाहिए। अन्यथा आपको पूजा का फल नहीं मिलेगा। 

    शंख

    पूजा-पाठ में शंख बजाना बेहद शुभ माना जाता है। घर के मंदिर में शंख रखना बहुत शुभ फलदायी होता है क्योंकि कहा जाता है कि शंख मां लक्ष्मी को अपनी ओर आकर्षित करता है। मान्यता है कि इसके घर में होने से धन की समस्याएं भी दूर होती है और जातक को कभी कोई आर्थिक समस्या नहीं झेलनी पड़ती। लेकिन इसे कभी भी जमीन पर नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मां लक्ष्मी जी नाराज हो सकती है और घर में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।

    मूर्ति

    भगवान की मूर्ति या तस्वीर कभी भी फर्श पर नहीं रखनी चाहिए। अगर आप मंदिर की साफ-सफाई भी कर रहे हैं तो इन्हें चौकी, किसी शुद्ध कपड़े या पूजा थाल में रखें कभी भी मूर्तियों को जमीन में न रखें। मूर्तियों को जमीन में रखने से देवी-देवताओं का अपमान होता है और घर की शांति भी भंग हो सकती है।

    आभूषण

    धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि सोना, चांदी, हीरा, मोती,आदि बहुमूल्य धातुओं और रत्नों को भी जमीन पर रखना अशुभ होता है क्योकि इनका सीधा संबंध किसी न किसी ग्रह से बताया जाता है। मान्यता हैं कि ऐसा करने से उस ग्रह का अपमान होता है। ऐसे में इसे जमीन पर रखने से उस ग्रह का प्रभाव कम हो सकता है या फिर दुष्प्रभाव भी पड़ सकता है। इसी कारण से इनको हमेशा किसी कपड़े पर ही रखन चाहिए।

  • हाथ में कलावा बांधते समय जरूर ध्यान रखना ये चीजें

     

    हिंदू धर्म में पूजा-पाठ से जुड़ी कई मान्यताएं हैं, जिनका संबंध हमारे व्यक्ति के सुख, सौभाग्य और आरोग्य से होता है। तमाम शुभ अवसरों और धार्मिक-मांगलिक कार्यक्रमों पर कलावा या फिर कहें तो रक्षासूत्र बांधने की परंपरा हिन्दू धर्म में काफी प्रचलित है। मंगलकामना के लिए व्यक्ति न सिर्फ अपने हाथ में बल्कि अपने वाहन एवं अन्य सामान आदि में भी कलावा (Kalawa) बांधता है, ताकि ईश्वर की कृपा हमेशा उसपर बनी रहे।

    कहा जाता है कि हाथ में बांधे जाने वाले कलावे के तीन धागे प्रजापिता ब्रह्मा, भगवान श्री विष्णु और देवों के देव महादेव का प्रतीक होते है। इस धागे को पवित्र मंत्र (Mantra) और मंगलकामना के लिए भी बांधने पर इन देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है इसे बंधने से व्यक्ति तमाम तरह की विपदाओं से बचा रहता है। 

    जानिए पौराणिक मान्यता

    हिंदू धर्म में जिस पवित्र कलावा को हाथ में बंधवाए बिना कोई भी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न नहीं होता है, उसके बारे में मान्यता है कि यह परंपरा पौराणिक काल से ही चलन में है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले वामन भगवान ने दानवीर राजा बली को अमृत्व देते हुए उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा था। वामन भगवान को श्री हरि विष्णु जी के अवतार कहा जाता है।

    कैसे बांधते हैं कलावा

    कलावा को किसी योगी कर्मकांडी पंडित से बंधवाने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा बताया गया है कि हाथ में कलावा को बांधने से पहले; व्यक्ति के दोनों हाथ को फैलाकर फिर उसके बांए हाथ की मध्यमा से लेकर दाएं हाथ की मध्यमा तक नाप लें और उसे तीन गुना कर लें। अब व्यक्ति की कलाई में मंत्र को बोलते हुए बांधें। कलावा को हमेशा पुरुष के दाएं हाथ में और महिलाओं के बाएं हाथ में बंधा जाता है।

    जानिए क्या है ​मंत्र

    सनातन परंपरा में पूजा-पाठ से जुड़े अलग-अलग कर्मकांड के लिए तमाम तरह के मंत्र बताए गए हैं। हाथ में कलावा बांधते समय नीचे दिए गए मंत्र को मंगल की कामना करते हुए मन में जपते हुए पढ़ना चाहिए।

    येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।

    तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

    कहा जाता है कि कलावा पहनने से व्यक्ति तमाम तरह की बुरी बलाओं और दुर्घटनाओं से बचा रहता है साथ ही उसे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में शुभता और सफलता भी प्राप्त होती है। साथ ही विज्ञान की दृष्टि से ऐसा माना जाता है कि कलावा को कलाई में बांधने से व्यक्ति के शरीर में त्रिदोष यानि वात, पित्त तथा कफ का संतुलन भी बना रहता है।

  • Vastu Shastra : तिजोरी में ये चीज रख दो पैसों से लबालब भर जाएगी

     

    डेस्क। कौन नहीं चाहता कि इसकी तिजोरी हमेशा धन से भरी रहे। हर व्यक्ति की दिली ख्वाहिश होती है कि उसकी तिजोरी कभी भी खाली न हो। वह हमेशा पैसों से भरी रहे और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद उन पर सदा के लिए बना रहे। मगर जब किस्मत साथ नहीं देती तो कई बार भरपूर मेहनत के बाद भी व्यक्ति को फल नहीं मिलता और आप चाहे जितने भी हाथ पैर मार ले आपको सफलता नहीं मिल पाती।

    पर क्या आप जानते हैं कि असफलता के पीछे कई वास्तु कारण भी हो सकते हैं। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि धन रखने की तिजोरी को कभी खाली नहीं छोड़ना चाहिए। इसके साथ इसमें कई आसे उपाय भी बताए गए हैं जिससे माता लक्ष्मी की कृपा आपकी तिजोरी पर सदैव बनी रहेगी। अगर आप इनमें से कोई एक चीज अपनी तिजोरी में रखेंगे तो आपकी तिजोरी हमेशा पैसों से लबालब भरी रहेगी। आप दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की मिलेगी।

    कमल का फूल

     मां लक्ष्मी का आसन और भगवान विष्णु के हाथ में रहने वाला फूल (कमल का फूल) तिजोरी में रखना बेहद ही शुभ और फलदायी होता है। माता लक्ष्मी की पूजा करते समय उन्हें कमल का फूल अवश्य चढ़ाएं और फिर इसे अपनी तिजोरी में रख दें। पर ध्यान रहे कि फूल सूखने के बाद इसे वहां से तुरंत हटा लें। कमल का फूल से धन में वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।

    लाल कपड़ा

    कहा जाता है कि मां लक्ष्मी को लाल रंग का कपड़ा बहुत पसंद है। इसलिए धन रखने वाली जगह पर 11या 21रुपये लाल रंग के कपड़े में बांधकर किसी शुभ दिन जैसे- पूर्णिमा, धनतेरस या दीपावली को तिजोरी में रखें। ऐसा करने से धन में वृद्धि होती है।

    हल्दी की गांठ

    हल्दी की एक गांठ आपकी आर्थिक तंगी को दूर करने में सहायक होती है। इसी कारण से इसे बहुत से धार्मिक कार्यों में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आप गुरुवार या फिर शुक्रवार को हल्दी की गांठ को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर धन वाले स्थान पर रखें इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी और धन समृद्धि में बढ़ोतरी भी होगी।

    पीली कौड़ी

    कहा जाता है कि पीली कौड़ी मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय हैं। इसी कारण से इसे धन की तिजोरी में रखना चाहिए। बता दें कि पीली कौड़ियां को दीपावली या धनतेरस के दिन पूजा करके तिजोरी में रखना चाहिए।

  • Vastu Shastra। पीतल का शेर आपको सच का शेर बना देगा

    Vastu Tips । वास्तु शास्त्र एक ऐसा शास्त्र है जो घर के अंदर मौजूद छोटे से छोटे कण के बारे में भी बताता है। इस शास्त्र में बताया गया है कि घर के अंदर जितनी भी चीजें होती हैं उनका लोगों के जीवन पर शुभ और अशुभ असर पड़ता है। आज हम बात करेंगे घर में रखे जाने वाले पीतल के शेर के बारे में।

    अक्सर आपने कई घरों में पीतल का शेर रखा हुआ देखा होंगा कई लोग इसको सिर्फ सजाने के पर्पस से रखते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि पीतल के शेर का शुभ असर आपके जीवन पर पड़ता है, यदि वह सही दिशा और सही तरीके से सही समय पर रखा जाए

    घर में रखने के ये हैं प्रमुख फायदे

    यदि आप अपने घर में पीतल का शेर रखते है तो यह बेहद ही शुभ माना जाता है। पीतल का शेर घर में रहने वाले लोगों के मन में आत्मविश्वास की कभी भी कमी नहीं होती। साथ ही करियर और व्यवसाय दोनों में ही तरक्की भी मिलती है। बता दें कि लोग अपने अंदर छुपे भय के कारण दूसरों का सामना नहीं कर पाते पर घर मे रखा यह शेर आपके आत्मविश्वास को और भी दृढ़ बनाएगा। 

    गुरु बृहस्पति का वास

    कहते हैं कि, पीतल की धातु से बना होने के कारण इस शेर में देव गुरु बृहस्पति का वास होता हैं। इसी कारण से जिनकी कुंडली में गुरु कमजोर होता है वह अपने घर में पीतल से बने शेर की मूर्ति लाकर रख सकते हैं। इससे आपके गृहों में सुधार आएगा।

    किस दिशा में रखें

    पीतल के शेर को उत्तर पूर्व या पूर्व दिशा में रखें। साथ जी ध्यान दें कि जब भी आप अपने घर में पीतल का शेर रखें तो वह घर के केंद्र में होना चाहिए। इसके साथ हीं पीतल के शेर पर जरा सी भी धूल मिट्टी या गंदगी नहीं बैठनी चाहिए क्योंकि इससे इसका अशुभ प्रभाव पड़ने लगता है। 

    क्या हो सकते हैं नुकसान

    पीतल का शेर न केवल आत्मविश्वास बढ़ाता है बल्कि यह आपको तरक्की भी देगा। लेकिन पीतल के शेर से आर्थिक संकट और मानहानि भी पैदा हो जाती है। इसी कारण से पीतल के शेर को अपने घर में स्थापित करते समय एक्सपर्ट से सलाह जरूरी लें।

  • शकुन शास्त्र| कौआ होता है शुभ-अशुभ का सूचक, मौत से जन्म तक सब कुछ बताता है

     

    डेस्क। आपके घर के छत या बालकनी पर अक्सर चीड़िया, कबूतर, कौए आदि आकर बैठ जातें होंगे।

    पर क्या आप जानते हैं कि कौआ एक ऐसा पक्षी है जिसे संसार में होने वाली अच्छी और बुरी घटनाओं के बारे में जानकारी बहुत ही पहले मिल जाती है।

    हिंदू धर्म के अनुसार इसे यम का दूत भी माना जाता है। बता दें कि घर में कौए का आना आपके जीवन में किस शुभ-अशुभ दोनों ही तरह के बड़े बदलाव लाने का संकेत हैं। आज हम आपको शकुन शास्त्र के अनुसार कौए के अलग-अलग व्यवहार और अच्छे और बुरे संकेत की पहचान के बारे में बताएंगे। 

    पानी पीता हुआ कौआ

    शकुन शास्त्र की माने तो अगर आपको कौवा क‌िसी बर्तन में पानी पीते हुए ‌द‌िख जाए तो यह बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। इसका मतलब होता है कि आपको भविष्य में बड़ा धन लाभ होने वाला है वर्ना आपको किसी बड़े कार्य में बड़ी सफलता मिलने जा रही है।

    कौए का झुंड

    घर पर कौए के झुंड का दिखना किसी आने वाले संकट का सूचक माना जाता है। अगर कौए का झुंड किसी की घर की छत पर आकर शोर मचाए तो ये किसी बड़ी अनहोनी होने का संकेत होता है। खासतौर पर इस तरह के संकेत घर के मुखिया के लिए अच्छे नहीं माने जाते।

    रोटी खाता 

    रोटी या मांस का टुकड़ा खाते हुए कौवा दिखना बहुत ही शुभ होता है। इसका मतलब होता है की जल्द ही आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी होगी। यह आपके लिए धन लाभ का संकेत हो सकता है और किसी बड़े काम में सफलता मिलने का भी।

    अगर कौआ आप पर बीट कर दे

    कौवा किसी व्यक्ति के ऊपर बीट कर दे तो यह अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि  ऐसा होने पर व्यक्ति को रोगों का सामना करना पड़ता है और बड़ा आर्थिक संकट भी आ सकता है।

    उत्तर-दक्षिण दिशा में कौए का बैठना

    आपके घर में कौआ दक्षिण दिशा की ओर बैठकर बोलता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपके घर में पितृ दोष है। शकुन शास्त्र के मुताबिक, अगर दोपहर के समय कौए की आवाज उत्तर दिशा या पूर्व दिशा की तरफ से सुनाई दे तो इसे स्त्री सुख का संकेत भी माना जाता है।

    कौए का अंडा

    अगर आप संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हों और कहीं आपको कौए के अंडे दिख जाए तो ये बेहद शुभ संकेत कहा जाता है। जल्द ही आपके घर में खुशखबरी आने वाली है।

  • घर में Negative Energy की पहचान कर ऐसे निकालें बाहर

     

    डेस्कNegative Energy। आप के चाहे अनचाहे भी निगेटिव एनर्जी (negative energy) आपके जीवन में आ ही जाती है। जिस कारण से आपके घर में खुशहाली भंग हो जाती है और चारों ओर नकारात्मकता छाने (negative energy in house) लगती है। आपको कुछ अच्छा नहीं लगता, किसी काम मे न तो मन लगता है ना ही सफलता मिलती हैं। हमेशा कोई न कोई समस्या बनी रहती है तो आप के ऊपर किसी बुरी शक्ति का प्रभाव हो सकता है।

    नकारात्मकता लोगों के जीवन का सुख-चैन छीन लेती हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि हम खुद ही नहीं जान पाते। कई बार गृहदोष के कारण भी ऐसा होता है। आज हम आपको बताएंगे कि किन चीजों से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और धन व सुख का अभाव भी बढ़ता है। और आपको घर में भूलकर भी इन कामों (negative energy remedies) को नहीं करना चाहिए।

    क्या नहीं करना चाहिए

    शास्त्रों की माने तो हमें रात में कभी भी सुगंधित चीजें जैसे परफ्यूम, इत्र आदि नहीं लगाना चाहिए। तेज सुंगध से नकारात्मक शक्तियां आपकी तरफ (get rid of negative energy) आती है। अगर आप ऐसा करेंगे तो नेगेटिव एनर्जी आपको अपना शिकार आसानी से बना लेगी। 

    बता दें कि ऐसा भी माना जाता है कि जहां पर नियमित रूप से भगवान का नाम लिया जाता है, दीपक जलता है, मंत्रों का जाप होता है वहां नेगिटिविटी कभी वास नहीं कर सकती। ऐसे में आपको घर में पूजा घर की स्थापना करनी चाहिए। क्योंकि जिस घर में ईश्वर का वास होता है वहां नकारात्मकता दूर-दूर तक नहीं आ सकती।

    आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि घर के किसी भी कोने में निरंतर अंधेरा न हो। कार्यस्थान ऑफिस आदि में भी लाइट जला कर ही रखें। ज्यादा समय तक यहां अंधेरा रहने से नकारात्मकता का वास हो जाता। इसलिए इस बात का भी ध्यान रखें। 

    बता दें जिस घर में गंदगी रहती है वहां भी नकारात्मकता का विकास बहुत जल्द ही होता है। इसलिए घर को और खुद को साफ रखें। जहां साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है, वहां न तो नकारात्मकता का न ही अलक्ष्मी का वास होता है वहां केवल सुख समृद्धि ही रहती है।

    क्या हैं घर में मौजूद नकारात्मकता के संकेत (sign of negative energy)

    अगर आपके घर में बिना बात के बार-बार मतभेद हो रहे हो या फिर लगातार कोई बीमार पड़ रहा है। तो, ये नकारात्मक ऊर्जा के बढ़ने के संकेत हैं।

    यदि घर के अंदर हर समय आप खुद को थका हुआ, प्रेरणारहित भ्रमित महसूस करते हो यह भी घर में नकारात्मक ऊर्जा के होने का इशारा करता है।

    नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है तो चीजें आपके अनुरूप नहीं होती। आखिरी पायदान तक पहुंचने के बाद भी काम रुक जाता है। कई आर्थिक दिक्कतें भी होती हैं।

  • Samudrik Shastra। बस उंगलियां बता देतीं हैं लड़कियों के बारे में ये हैरान करने वालीं बातें

    डेस्कSamudrik Shastra । सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति के हाथ-पैर और शरीर की बनावट के आधार पर उनके स्वभाव एवं गुण का आकलन किया जाता है। साथ ही इनको देखकर भविष्य के बारे में भी बताया जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हाथ की उंगलियां भी व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ व्यक्त करती हैं।

    सामुद्रिक शास्त्र में उंगलियों के बारे में कई ऐसी बातें भी बताई गई है, जो उसके व्यक्तित्व को लेकर काफी कुछ व्यक्त करती है। आज हम आपको लड़कियों की उंगलियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आदमी के जीवन पर काफी असर डालती हैं। सामुद्रिक शास्त्र में  लड़कियों की अंगुलियों की बनावट के आधार पर जाना जा सकता है कि वे अपने पति के लिए कितनी भाग्यशाली साबित होने वालीं हैं। 

    – सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लड़कियों की अंगुलियां काफी छोटी होती है। वह खर्चीले स्वभाव की बताई गईं है। ऐसी लड़कियों को महंगी वस्तु खरीदने का भी शौक होता है। पर इनको रिश्तों को निभाना अच्छे से आता है। साथ ही ये खुले विचारों वाली होती हैं।

    – जिन लड़कियों के हाथ की उंगली के आगे का हिस्सा पतला होता है। उनका दांपत्य जीवन काफी सुखमय जाता है। ऐसी लड़कियां काफी केयरिंग होती हैं। परिवार के लोगों का खासा ध्यान भी रखती हैं। वह पिता और पति दोनों के लिए लकी बताईं गईं हैं।

    – जिन युवतियों की उंगलियां गोल और लंबी हैं। वह पतियों के लिए बहुत ही सौभाग्यशाली होती हैं। यह अपने स्वभाव से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। और ये हर परिस्थिति में पति के साथ खड़ी रहती हैं। ये युवतियां बिजनेस माइंडेड भी होती हैं।

    – वहीं जिन लड़कियों की उंगलियां छोटी और पतली हैं उनको बेहद कंजूस बताया गया हैं। पैसे खर्च करने के मामले में यह हमेशा पीछे रहती हैं।

  • Vidur Niti के अनुसार इन चार लोगों को कभी मत देना पैसा

     

     

    Vidur Niti। महात्मा विदुर ने अपनी पुस्तक विदुर नीति (Vidur Niti) में लोगों के सामाजिक और आर्थिक सफलता को लेकर कई तरह के उपायों का वर्णन करते हुए लोगों का मार्गदर्शन किया है। वैसे तो महात्मा विदुर एक दासी पुत्र थे लेकिन उन पर भगवान की असीम कृपा बताई जाती है। उनको दिव्य दृष्टि प्राप्त थी। अच्छे और बुरे का ज्ञान उनको पहले ही हो जाता था। महाभारत काल में उन्हें नीति कुशल के रूप में जाना जाता था। बता दें कि उन्होंने अपने जीवन के अनुभव को अपनी एक पुस्तक में लिखा है जिसे विदुर नीति (Vidur Niti) के नाम से जाना जाता है जो लोगों का आज के समय भी मार्गदर्शन करती है। आज हम विदुर नीति(Vidur Niti) में बताए गए उपाय कि लोगों को अपनी आर्थिक उन्नति के लिए क्या करना चाहिए, इस बारे में बात करेंगे। आज हम बताएंगे कि किन लोगों को पैसा देना चाहिए और किसे नहीं। विदुर नीति ( Vidur Niti) के इन 4 लोगों को धन देने पर प्रतिबंद हैं।

    स्त्री

    महात्मा विदुर अपनी विदुर नीति (Vidur Niti) में बताते हैं कि स्त्रियों को अनावश्यक रूप से धन देने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि इससे उनमें खर्चे की प्रवृत्ति बढ़ती है। उनके अनुसार स्त्रियों को जिस सामान की आवश्यकता हो वह सामान उन्हें खरीद कर दे दिया जाना चाहिए। क्योंकि स्त्रियों के पास जरूरत से ज्यादा धन रखना हितकर नहीं होता है। 

    आलसी व्यक्ति

    विदुर नीति (Vidur Niti) में आलसी व्यक्तियों को भी धन देने पर मनाही है। क्योंकि इस तरह के लोग आपके धन का सदुपयोग नहीं कर पाते। आलसी लोग अनावश्यक रूप से आपके धन को खर्च कर देते हैं। जिसका कोई सार्थक लाभ प्राप्त नहीं होता। नीति के अनुसार ऐसे लोगों से दूर ही रहना चाहिए। 

    व्यसनी व्यक्ति

    वो व्यक्ति जो किसी प्रकार का नशा करता है या किसी गलत कामों में लिप्त रहता हो। विदुर नीति(Vidur Niti) में ऐसे लोगों को धन देने पर भी रोक है। क्योंकि वह आपके पैसे का मोल नही समझेगा और इसे गलत कामों में खर्च कर देंगे। ऐसे लोगों को धन देकर आप को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

    अधर्मी मनुष्य

    जो व्यक्ति धर्म के मार्ग से भटक चुका होता है। विदुर नीति के अनुसार वह किसी के द्वारा दिए गए धन का सदुपयोग करता। और वह धन को अनावश्यक रूप से खर्च कर देता है। साथ ही अधर्मी व्यक्ति पैसे को नीच और बुरे कार्य में खर्च कर देता है। 

  • Chanakya Niti में मिलती है जन्म से बुढ़ापे तक ये ना करने की सीख

     

    Chanakya Niti: आचार्य चाणक्‍य अपनी नीति में कहते हैं कि मानव जीवन में सुख और दुख धूप-छांव की तरह होते हैं। समय के साथ ये हम सभी के जीवन में आता-जाते रहते है। इसलिए मनुष्य को हर स्थिति में संघर्ष करने और आगे बढ़ने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

    आचार्य चाणक्‍य ने अपने नीतिशास्‍त्र में जीवन चक्र के बारे में भी बताया है जिसमें बाल्‍यावस्‍था, जवानी और बुढ़ापा मुख्‍य होते हैं। बाल्‍यवस्‍था जहां परिवार के संरक्षण में बीतता है, वहीं जवानी जीवन के लिए सुख-शांति, ऐश्वर्य और सम्मान पाने का एक मौका होता है। और अगर जवानी के समय कुछ बातों का ध्‍यान रखा जाए तो बुढ़ापा भी शानदार तरीके से बीतता है।

    आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, किसी व्‍यक्ति को अगर आज्ञाकारी पुत्र मिल जाए तो उसके लिए इससे बड़ा और कोई सुख नहीं हो सकता। वो कहते हैं कि बुढ़ापे में आपका सहारा औलाद नहीं, बल्कि उसको आपकी तरफ से दिए गए अच्छे संस्‍कार बनेंगे। तो अगर व्‍यक्ति अपने बच्चे के समक्ष खुद का अच्छा व्यक्तित्व नहीं पेश करेगा तो आपका बच्चा भी आपका कभी सम्मान नहीं करेगा। 

    आचार्य चाणक्‍य आगे कहते हैं कि, चरित्र जीवन को सहारा देने में अहम भूमिका रहता है। बुढ़ापे में आपका बेटा भी आपका साथ छोड़ सकता है पर आपका चरित्र स्वच्छ रहा है तो लोग आपका साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। अगर आपका चरित्र बेदाग होगा तो बुढ़ापे में लोग आपकी हमेशा ही इज्जत करेंगे।

    अपनी नीति में आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि, किसी भी व्‍यक्ति को कभी अपने पद पर घमंड नहीं करना चाहिए। जवानी में अक्सर व्यक्ति बड़े पद पर आने के बाद दूसरों को तुच्छ और छोटा समझने लगता है और अंहकार करने लगता है पर ये गलती लोगों को बुढ़ापे में भारी पड़ता है। ऐसे लोगों के पास जब तक पद और प्रतिष्ठा रहती है तब तक लोगों की लाइन तो लगी रहती है, लेकिन बाद में कोई उनके पास नहीं आता। बुढ़ापे के समय में ऐसे लोगों को एकांतवास की पीड़ाओं का सामना करना पड़ता है।  

    आचार्य चाणक्‍य यह भी बताते हैं कि, जीवन को आसान बनाने का सबसे आसान तरीका है दूसरों की मदद करना। अगर आज आप लोगों की मदद करेंगे तो कल लोग आपकी भी मदद करेंगे। व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए।