Aadyatmik:- भारत एक ऐसा देश है जहां के लोग सबसे बड़े धर्म हिन्दू धर्म मे विश्वास रखते हैं और वह धार्मिक शास्त्रों व ज्योतिष पर विश्वास ही नहीं करते बल्कि उसमे बताई गई बातों को अपने जीवन मे भी उतारते हैं। ज्योतिष शास्त्र का एक शास्त्र है सामुद्रिक शास्त्र जो की मनुष्य के शरीर पर मौजूद निशानों और उसके शरीरिक आकर के साथ साथ उसकी भाषा और उसके व्यवहार के विषय मे लोगो को जानकारी देती है। यह एक ऐसा शास्त्र है जो की मनुष्य के जीवन से जुड़े बड़े बड़े रहस्यों का खुलासा करता है और इसके द्वारा बताए गए उपायों से लोग अपनी किस्मत पलट सकते हैं।
सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक यदि महिला के बाएं हाँथ की हथेली में बीचों बीच तिल, मछली, वीणा, चक्र और कमल जैसी आकृति बनती है तो वह महिला अत्यधिक भाग्यशाली होती है और उसके पास कभी भी धन की कमी नहीं होती।
इसके अलावा अगर महिला के बाएं पैर में भवन, सिंघासन, शंक, जैसी आकृति होती है तो महिलाओं को भूमि का सुख प्राप्त होता है और उनके पास अपार सम्पत्ति रहती है।
जिन महिलाओं की भौहों के मध्य शंख की आकृति होती है वह सौभाग्यशाली होती है और उनपर लक्ष्मी की दया दृष्टि बनी रहती है।
ज्योतिष के मुताबिक जिन महिलाओं की नाभी गड्ढे में होती है उनको सौंदर्य प्राप्त होता है और वह रोमांटिक और मिलनसार होती है। वही जिन महिलाओं की नाभि वक्री और लंबी होती है वह स्वाभिमानी मिलनसार और आत्मनिर्भर होती है उन्हें किसी के समर्थन की आवश्यकता नहीं पड़ती वह अपने बलबूते पर अपनी पहचान बनाती है।
जिन महिलाओं के दाई आंख या गर्दन के बीच में तिल मौजूद होता है वह अपना वैवाहिक जीवन सुख के साथ व्यतीत करती है और उन्हें उनके पति से प्यार मिलता है।
जिन महिलाओं की नाभि के आस पास या ठीक नीचे तिल होता है वह अपने परिवार के लिए भाग्यशाली होती है और उनका जीवन सुख व संम्पन्नता के साथ व्यतीत होता है।