Category: religious

  • शनिश्चरी अमावस्या का महासंयोग, शनिदेव को खुश करने के लिए यह करें उपाय !

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    वैसे तो धार्मिक दृष्टि से हर अमावस्या का महत्व है. लेकिन शनिश्चरी अमावस्या17 मार्च को खास है यह शनिदेव को समर्पित है. शनिश्चरी अमावस्या का दिन शनि दोष, काल सर्प दोष, पितृ दोष, चंडाल दोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है.

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    शनिश्चरी अमावस्या का संयोग तब बनता है जब अमावस्या के दिन शनिवार पड़े. इस बार शनिश्चरी अमावस्या 17 मार्च 2018 (शनिवार) को है. सूर्यदेव के पुत्र शनिदेव को खुश करने के लिए शनिचरी अमावस्या के दिन तिल, जौ और तेल का दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है.

    ऐसा माना जाता है कि शनिश्चरी अमावस्या को दान करने से मनोवांछित फल मिलता है.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन राशियों के जातकों के लिए शनि अशुभ है, उन्हें उस अद्भुत संयोग पर शनिदेव की पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से उन्हें शनि की कृपा प्राप्त होती है और शनि-दोष से मुक्ति मिलती है.

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    इस दिन शनिदेव को तेल से अभिषेक करना चाहिए. साथ ही सुगंधित इत्र, इमरती का भोग, नीला फूल चढ़ाने के साथ मंत्र के जाप से शनि की पी़ड़ा से मुक्ति मिल सकती है. इस दिन शनि मंदिर में जाकर शनि देव के श्री विग्रह पर काला तिल, काला उड़द, लोहा, काला कपड़ा, नीला कपड़ा, गुड़, नीला फूल, अकवन के फूल-पत्ते अर्पण करना चाहिए.

    शनिश्चरी अमावस्या के दिन काले रंग का कुत्ता घर लें आएं और उसे घर के सदस्य की तरह पालें और उसकी सेवा करें. अगर ऐसा नहीं कर सकते तो किसी कुत्ते को तेल चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं. कुत्ता शनिदेव का वाहन है और जो लोग कुत्ते को खाना खिलाते हैं उनसे शनि अति प्रसन्न होते हैं. अमावस्या की रात्रि में 8 बादाम और 8 काजल की डिब्बी काले वस्त्र में बांधकर संदूक में रखें. ऐसा करने से शनिदेव की विशेष कृपा बनी रहती है.

    शनिश्चरी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी स्नान आदि से निवृत होकर सबसे पहले अपने इष्टदेव, गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लें. सूर्य आदि नवग्रहों को नमस्कार करते हुए श्रीगणेश भगवान का पंचोपचार (स्नान, वस्त्र, चंदन, फूल, धूप-दीप) पूजन करें.

  • नवरात्रि घटस्थापना से लेकर नवरात्रि पारण तक की तिथि, शुभ मुहूर्त

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    नवरात्रि यानी ‘नौ-रातें’। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है – चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि 18 मार्च 2018 से प्रारंभ होकर 26 मार्च तक चलेंगे।

    उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार वर्ष 2018 में चैत्र नवरात्रि 18 मार्च दिन रविवार से प्रारम्भ होकर 26 मार्च 2018 दिन सोमवार को दशमी तिथि पर समाप्त होंगे। हालांकि प्रतिपदा तिथि 17 मार्च की शाम 06 बजकर 5 मिनट से ही प्रारंभ हो जाएगी जो कि अगले दिन सायं 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगी किन्तु 18 मार्च को उदया तिथि के कारण नवरात्रि इसी दिन से प्रारंभ हुआ माना जाएगा।

    ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार पहले दिन यानी 18 मार्च को घटस्थापना का मुहूर्त सुबह सूर्योदय से सायं 06:06 से पूर्व प्रतिपदा तिथि में किया जा सकता परन्तु कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त लाभ एवं अमृत चौघड़िया तथा शुभ अभिजीत मुहूर्त सुबह 09 बजे से 12 बजे तक किया जाना अति उत्तम होगा। विकल्प के रूप में सम्पूर्ण प्रतिपदा तिथि में ही किया जा सकता है।

    कब से कब है नवरात्रि

    तिथि देवी रंग
    प्रतिपदा 18 मार्च घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा पीला
    द्वितीया 19 मार्च ब्रह्मचारिणी पूजा हरा
    तृतीया 20 मार्च चंद्रघंटा पूजा स्वर्ण
    चतुर्थी 21 मार्च कूष्मांडा पूजा संतरी
    पंचमी 22 मार्च स्कंदमाता पूजा सफेद
    षष्ठी 23 मार्च कात्यायनी पूजा लाल
    सप्तमी 24 मार्च कालरात्रि पूजा गहरा नीला
    अष्टमी, नवमी 25 मार्च महागौरी, सिद्धिदात्री पूजा गुलाबी, बैंगनी
    दशमी 26 मार्च नवरात्रि पारण गहरा लाल

    पंचांग के अनुसार इस बार नवरात्रि का त्योहार 9 नहीं बल्कि 8 दिन तक चलेगा। 25 मार्च दिन रविवार को सुबह 7 बजकर 3 मिनट तक अष्टमी तिथि होगी और उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। इसीदिन नवरात्रि संबंधी हवन-पूजन किया जाएगा। नवरात्रि का पारण दशमी तिथि 26 मार्च दिन सोमवार को प्रातः काल किया जाएगा। 25 मार्च 2018 दिन रविवार को प्रभु श्रीराम की जयंती यानी ‘रामनवमी’ भी मनाई जाएगी।

  • जानें, कैसा रहेगा आपका आज का दिन – 11 March Rashifal

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    मेष (Aries) च, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ :

    आपको जिस काम से उम्मीदें थीं, उसका नतीजा अच्छा रहेगा। आपकी जिम्मेदारी बढ़ेगी। आज की गई कोशिशों का नतीजा आपके फेवर में रहेगा। कोई संवेदनशील जानकारी मिल सकती है। आमतौर पर आपका कॉन्फिडेंस अच्छा रहेगा। कुछ समस्याओं का समाधान अचानक मिलेगा और स्थितियां आपके अनुरूप रहेगी। आज आप उन मामलों पर ध्यान दें, जिनसे आपको प्रसन्नता मिलती हो। बिजनेस में फायदा होगा। संतान पर पूरा ध्यान दें। मान-सम्मान में वृद्धि होने से आप बहुत प्रसन्न रहेंगे, जीवन साथी से अगर कोई मनमुटाव चल रहा है तो आज ये वैचारिक मतभेद दूर होंगे।

    वृषभ (Taurus) ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो ब बो :

    आज आप पूरे दिन सक्रिय रहेंगे। आज आप को फायदा भी हो सकता है। कोई भी बात आज आप नापतोल पर करें। कुछ लोगों का आप से विरोध हो सकता है। आज शायद आपको अपने मित्रों व सहकर्मियों से कोई मदद ना मिले। इससे आपको शायद निराशा भी हो, लेकिन याद रखें कि हर किसी की अपनी कुछ सीमाएं भी होती हैं। बिना सोचे समझे जल्दबाजी में कोई निर्णय ना लें। आप बिना भयभीत हुए निर्णय ले जो की आपके भविष्य के लिए अछा साबित हो। आप किसी अच्छे जानकर से भी अपने पैसे और अपने पेशे से संबंधित सुझाव ले सकते है जो की आज फायदेमंद साबित होगा।

    मिथुन (Gemini) का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह :

    आज परिवार में आनंद और उत्साह का वातावरण रहेगा। माताजी की तरफ से लाभ होगा। गृह सजावट का कार्य हाथ में लेंगे। उच्च पदाधिकारियों द्वारा काम की सराहना होगी और वे आपके प्रेरणा स्रोत बनेंगे। सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। अपनी इच्छा के विपरित कार्य होने से क्रोध की अधिकता रहेगी। जोखिम के कार्यों को न करें। नुकसान हो सकता है। मेहमानों का आगमन होगा। पारिवारिक सुखों को भोगने का समय आ गया है। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फायदा दिलायेगा। संबंधी आपके उदार स्वभाव का गलत फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

    कर्क (Cancer) ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो :

    आज नए कार्यों से सम्बन्धित सफल आयोजन आप कर सकेंगे। व्यापारी वर्ग और नौकरी वालों के लिए आज का दिन लाभदायी निकलेगा, ऐसा गणेशजी कहते हैं। उच्च अधिकारियों की कृपादृष्टि से पदोन्नति की संभावना दिखाई देगी। व्यापार में लाभ की संभावनाएं हैं। गृहस्थ जीवन में आनंद का माहौल रहेगा। कुटुंब में भी प्यार रहेगा। पिता की तरफ से लाभ मिलने के संयोग बन रहे हैं। आप तन और मन से स्वस्थ और प्रफुल्लित रहेंगे। परिजनों के साथ घर के प्रश्नों के सम्बंध में चर्चा करेंगे। मित्रों के साथ प्रवास का आयोजन करेंगे। आर्थिक मामलों पर अधिक ध्यान देंगे आपको हरेक कार्य में सफलता मिलेगी।

    सिंह (Leo) मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे :

    आज आप दुविधा में रहेंगे। आपका दुविधापूर्ण व्यवहार आपको मुश्किल में डाल सकता है। अपने जिद्दी स्वभाव को आज त्याग दें, नहीं तो किसी के साथ विवाद होने की संभावना है। आज बनाए हुए प्रवास की योजना को रद्द करने की स्थिति आएगी। आज लेखक, कारीगर और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। अनिर्णायक परिस्थिति में नया काम शुरू करने से बचना होगा, अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। आज के दिन आपकी कोशिश किसी भूमि में अपना अधिकार प्राप्त करने की होगी। इस दिशा मे आपको अपने घर परिवार के लोगों का सहयोग मिलने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं।

    कन्या (Virgo) ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो :

    आज आप परिवार के लिए समय निकालने में सक्षम साबित होंगे। आज मोर्चे पर आपको किसी के मदद की जरुरत पड़ने वाली है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य की समस्या और बढती नजर आ रही है। परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें तो आपके लिए अच्छा रहेगा। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। दूसरों से असहमती हो सकती है। पुरानी समस्याएं हल हो सकती है। वित्तीय मोर्चे पर किसी अन्य की सलाह पर चलना जोखिम भरा हो सकता है। आपको कई अप्रत्याशित सुखद समाचार मिलेंगे। पारिवारिक सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ सुखमय दिन गुजरेगा।

    तुला (Libra) रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते :

    आज के दिन आपके स्वभाव की उग्रता किसी के साथ मनमुटाव करा सकती है। हितशत्रु विघ्न उपस्थित कर सकते हैं, सचेत रहें। आज नए कार्य की शुरुआत स्थगित करना उचित होगा। जलाशय से दूर रहना हितकर है। अत्यधिक खर्च होने की संभावना है। गूढ़ विद्याओं और रहस्यमय बातों में रुचि जगेगी। आज आप किसी शांत जगह पर आत्म-चिन्तन करें। आप लंबे समय से बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं ये ब्रेक आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। अपने प्रयासों में सफलता पाने के लिए आपको मेहनत के साथ-साथ अपनी बुद्धि से भी काम लेना होगा तभी जाकर सकारात्मक परिणाम मिलने के आसार बनेंगें।

    वृश्चिक (Scorpio) तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू :

    आज जिम्मेदारियां आपके काम में रुकावट बन सकती हैं। आज किसी को उधार पैसा न दें, नहीं तो वापस मिलने की संभावना कम ही है। कुछ कामों में आपको कन्फ्यूजन रहेगा। इस वजह से परेशान हो सकते हैं। किसी ऐसे व्यक्ति से आपकी मुलाकात हो सकती है जिसके साथ आप पूरा जीवन बिताना चाहें। कोई भी फैसला लेने पहले एक बार विचार जरुर कर लें। आज आप किसी खास व्यक्ति के साथ की कमी महसूस कर रहे हैं। आज आपका कम्यूनिकेशन और काम करने की क्षमता असरदार सिद्ध होंगे। आपका जीवनसाथी आपकी जरूरतों को अनदेखा कर सकता है, लेकिन उनपर नाराज ना हो।

    धनु (Sagittarius) ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे :

    आज समय बिताने का कोई नया तरीका दिमाग में आएगा। धन लाभ होगा। पुराना रुका हुआ पैसा मिल सकता है। सेहत पर ध्यान दें। कोई नया काम करने से पहले किसी अनुभवी की सलाह जरूर लें। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। कार्यक्षेत्र की सभी समस्याएं दूर होंगी। आपका लापरवाह रवैया आपके माता-पिता को दुःखी कर सकता है। आज आपको संभलकर चलना होगा, अन्यथा किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। घर में परिवारजनों का आप के प्रति विरोध रहेगा। कार्यों को प्रारंभ करने के बाद वे अपूर्ण रहेंगे। शारीरिक अस्वस्थता और मानसिक व्यग्रता का अनुभव होगा। परंतु मध्याह्न के बाद आप में कार्य करने का उत्साह बढ़ेगा।

    मकर (Capricorn) भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी :

    आज आपको आराम करने की जरूरत है। आप घरेलू मामलों के कारण परेशान हो सकते हैं। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। दांपत्य जीवन के विवादों का समाधान होगा। निवेश करने से बचना चाहिए। अपनी नई परियोजनाओं के लिए अपने माता-पिता को विश्वास में लेने का सही समय है। सेहत पर ध्यान दें। काम के बोझ के कारण थकान भी महसूस होगी। एकाग्रता से जुड़ी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। रुपये-पैसे की अधिक चिन्ता नहीं रहेगी। आय के नए स्रोतों को खोजने की ओर आपका रुझान रहेगा।

    कुंभ (Aquarius) गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा :

    आज आप अपने कल्पनाशील व महत्वाकांक्षी मन को दूसरों की प्रगति से हीनता का शिकार न होने दें। विषम स्थितियों के मध्य परिश्रम व लगन से प्रगति की ओर अग्रसर होंगे। वकील के पास जाकर कोई भी कानूनी सलाह लेने के लिए आज का दिन अच्छा है। कोई भी समाज कार्य में धन खर्चा होगा, आपका खर्चा और आपकी आय दोनों को संतुलन बना कर चले। परिवार के प्रति आपका मन उदारता भरा रहेगा। विवाहित जीवन या दाम्पत्य जीवन में खुशाली बनी रहेगी और आप के प्रति आपके प्रेमी का लगाव बढ़ सकता है। शारीरिक तथा मानसिक स्थिति मजबूत रहेगी। नई योजना के प्रत्येक पहलू का गहराई से विचार करके ही निर्णय लें।

    मीन (Pisces) दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची :

    आज रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक हालात में सुधार आएगा। कुछ पुराने मामले फिर सामने आ सकते हैं। अपने काम और शब्दों पर गौर करें क्योंकि आधिकारिक आंकड़े समझने में मुश्किल होंगे। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज देखने को मिल सकता है। जिन दोस्तों से अरसे से मुलाकात नहीं हुई है, उनसे मिलने के लिए सही समय है। अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। आज किसी बात को लेकर ज्यादा उदारता न बरतें, बिना वजह परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी काम में आप लगे रहे फल अवश्य मिलेगा।

  • जानें, कैसा रहेगा आपका आज का दिन – 13 March Rashifal

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    मेष – आज ईश्वर की आराधना करने से आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। बेवजह किसी से मतभेद होने की संभावना है या परिवार के किसी सदस्य को स्वास्थ्य से संबंधित परेषानी हो सकती है।

    वृषभ – आपको घर के बडे लोगों का अच्छा साथ मिलेगा। बेवजह किसी से वाद-विवाद परेषानी उत्पन्न कर सकता है। आप अपनी वाणी के प्रभाव से और अपनी योग्यता से अपने कार्य को सफल बनाएंगे।

    मिथुन- आज के दिन कामकाज में सफलता मिलेगी परंतु आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है। परीक्षा आदि में निराशाजनक परिणाम मिल सकते हैं। वाद.विवाद से बचें।

    कर्क-  आज आपके स्वभाव में गुस्से की अधिकता रहेगी। मन में जरूरत से ज्यादा भटकाव देखने को मिलेगा, काल्पनिक वहम भी पैदा हो सकते हैं। आपको पेट से संबंधित तकलीफें पेश आ सकती है।

    सिंह- आज परिवार का उत्तम सहयोग बना रहेगा। कामकाज में लाभ होगा। मन में नवीन उत्साह एवं जोष देखने को मिलेगा। माता-पिता का अच्छा स्नेह मिलेगा। गृहस्थ सुख भी अच्छा बना रहेगा।

    कन्या- आप अपने काम को अपनी इच्छानुसार पूरा करेंगे। आपके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना हो सकती है। मिथ्या आरोप भी लग सकते है।

    तुला-  आज जो भी काम करेंगे उसमें जोष एवं उत्साह देखने को मिलेगा। धन की बरकत होगी। परिवार के लोगों का अच्छा साथ मिलेगा। यात्राएं हो सकती है।

    वृश्चिक- कामकाज में लाभ होगा। मन में नवीन उत्साह एवं जोष देखने को मिलेगा। यात्राएं होने की संभावना है। आपके लोगों के साथ अच्छे संबंध बनेंगे।

    धनु- आज परिवार के सदस्यों की तरफ से सुख और सहयोग मिलेगा। आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली बना रहेगा। कामकाज में बरकत होगी। घूमने का प्लान बन सकता है।

    मकर- कामकाज में नवीन लोगों से संपर्क स्थापित होंगे। मांगलिक कार्यक्रम में षामिल हो सकते है। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।

    कुंभ- किसी व्यक्ति के सहयोग और सहायता से कामकाज में लाभदायक फलों की प्राप्ति होगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। षरीर में चुस्ती-फूर्ति देखने को मिलेगी। किसी भी महत्तवपूर्ण काम को करने से पहले बड़ों की सलाह अवष्य लें।

    मीन- किसी षुभ कार्य में षामिल होंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखे अन्यथा किसी से विवाद उत्पन्न हो सकते है। आपको पेट से संबंधित तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। भाई-बहनों से वाद विवाद हो सकता है।

  • जानें, कैसा रहेगा आपका आज का दिन – 17 March Rashifal

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    मेष- आज परिवार तथा मित्रो के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में बरकत होगी। चुस्ती-फूर्ति बनी रहेगी। बेवजह खर्चे बढ़ेंगे।

    वृषभ –कामकाज में सफलता मिलेगी। मन में नया जोश  और चुस्ती-फूर्ति बनी रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रह सकते हैं।

    मिथुन–  शिक्षा के क्षेत्र में मनवांछित सफलता मिलेगी। कामकाज अच्छे स्तर का बना रहेगा। स्वभाव में गंभीरता बनी रहेगी।

    कर्क- कामकाज में सफलता मिलेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। पारिवारिक सुख अच्छा बना रहेगा। शुभ समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

    सिंह- यात्रा करने के अवसर मिल सकते है। खर्चो की अधिकता रहेगी। परिवार में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।

    कन्या- आज के दिन घर-परिवार या किसी मित्र-रिश्तेदार के यहां कोई मांगलिक आयोजन हो सकता है। आपके ऊपर बिना किसी कारण आरोप भी लग सकता है। घर में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।

    तुला- आज आपका दूसरों पर पडने वाला प्रभाव अच्छा बना रहेगा। परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में सहकर्मियों के साथ तालमेल अच्छा बना रहेगा।

    वृश्चिक- परिवार के सदस्यों से सहयोग की प्राप्ति होगी। शरीर में आलस्य की प्रधानता बनी रहेगी, आपका पढ़ाई लिखाई में पूरी तरह से मन नहीं लग पाएगा। वादविवादों से बचें अन्यथा परेशानी  बढ़ेगी।

    धनु-  अमत्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में दिक्कते आ सकती है। बेवजह किसी से वाद-विवाद परेषानी उत्पन्न कर सकता है। अपने क्रोध पर नियंत्रण रखे।

    मकर – आज के दिन कामकाज में सफलता मिलेगी परंतु आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है। परीक्षा आदि में निराशाजनक परिणाम मिल सकते हैं। यात्राओं में किसी प्रकार की अनहोनी घटना हो सकती है।

    कुंभ- शिक्षा-प्रतियोगिता के क्षेत्र में परिश्रम के अनुरूप सफलता मिलेगी। किसी से विवाद भारी पड़ सकता है। मिथ्या आरोप लग सकते है। आर्थिक परेषानियां भी बढ़ सकती है।

    मीन- परिवार की तरफ से संभव सहायता मिलती रहेगी। आप अपनी जिम्मेदारियां अच्छे से निभाने में सफल होंगे। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता मिलेगी।

  • जानें, कैसा रहेगा आपका आज का दिन – 14 March Rashifal

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    मेष- आपको परिवार का उत्तम सुख प्राप्त होगा। भाग्य से आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। घर-परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते बन सकती है। धन का सदुपयोग करें।

    वृषभ- आज परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करेंगे। कामकाज अच्छा बना रहेगा। परिवार में परिस्थितियां अनुकूल न होने से किसी से अनबन हो सकती है।

    मिथुन-  कोई शुभ   समाचार मिल सकता है। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। परिवार की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभायेंगे। परिवार में किी को स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कते आ सकती है।

    कर्क-  नवीन कार्य करने की सोच सकते है। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते आयेंगी या अचानक कहीं से अषुभ समाचार मिल सकता है।

    सिंह- कामकाज में धन-लाभ होगा। धार्मिक कार्य की ओर मन आकर्शित होगा। धन को लेकर मानसिक तनाव बढ सकता है।

    कन्या- परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। आपके ऊपर किसी प्रकार का आरोप लग सकता है। आपको स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है।

    तुला – पारिवारिक सुख अच्छा मिलेगा। शरीर में भी फुर्तीला पन देखने को मिलेगा। आज शिक्षा एवं प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता नही मिलेगी।

    वृश्चिक- आज परिवार के लोगों के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। बेवजह किसी से विवाद परेषानी का कारण बनेगा। मन में गुस्से की प्रवृत्ति भी बन सकती है।

    धनु- कामकाज में नया करने की सोच सकते है। यात्राएं होंगी। किसी से अनबन हो सकती है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। विद्यार्थी हो तो आज पढ़ाई में मन नहीं लगेगा।

    मकर-  किसी मांगलिक कार्यक्रम में षामिल हो सकते है। कार्यक्षेत्र में नवीन मित्र बनेंगे। अचानक कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

    कुंभ- आज के दिन आप अपने काम को अपनी इच्छानुसार पूरा करेंगे। परिवार तथा मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। खर्चे बढ़ सकते है।

    मीन- कामकाज में लाभदायक फल प्राप्त होंगे। परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। षरीर में फृर्तीला पन देखने को मिलेगा। वैवाहिक जीवन में अनबन हो सकती है।

  • जानें, कैसा रहेगा आपका आज का दिन – 16 March Rashifal

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    मेष- माता-पिता का भरपूर स्नेह मिलेगा। आपको हर कार्य में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। आपके लिए सामान्य हालात बने रहेंगे।

    वृषभ – आज घर के बड़े-बुजुर्गों का अच्छा सुख प्राप्त होगा। कार्य करने के प्रति जोश  बढ़ेगा। पढ़ाई-लिखाई में रूचि बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी।

    मिथुन- नवीन कार्य में रूचि बनेगी। भाई-बंधुओं का सहयोग मिलेगा। स्वभाव में गंभीरता के साथ-साथ तनाव भी देखने को मिलेगा। घर-परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कते हो सकती है।

    कर्क- आज पढ़ाई-लिखाई से संबंधित क्षेत्रों में आपको मेहनत के अनुसार सफलता हासिल होगी। कामकाज में बरकत होगी। आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

    सिंह- मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। किसी से विवाद हो सकता है। आपके परिवार में किसी सदस्य का स्वास्थ्य खराब रहेगा तथा आपको पेट से संबंधित तकलीफें हो सकती है।

    कन्या- आपका परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। शरीर में फुर्तीलापन देखने को मिलेगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। आपको कामकाज में लाभदायक फल प्राप्त होंगे।

    तुला- कामकाज में नवीन लोगों से मित्रता होगी। परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। धन का अधिक व्यय होगा। स्वभाव में नरमी रखें।

    वृश्चिक- कामकाज में बाहरी व्यक्तियों के साथ संबंध लाभकारी होंगे। भाग्य की संभव सहायता प्राप्त होगी। दूसरों पर अच्छा प्रभाव बना रहेगा।

    धनु- मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। शरीर  में चुस्ती-स्फूर्ति बनी रहेगी। कामकाज में लाभदायक फल प्राप्त होंगे। धार्मिक कार्य की तरफ झुकाव रहेगा। आपकी मेहनत और भाग्य का सहयोग हर तरह से उत्तम प्राप्त होगा।

    मकर- आज कामकाज में सफलता मिलेगी। आपको पेट से संबंधित तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने ही प्रियजनों से किसी न किसी प्रकार की परेशानी मिल सकती है।

    कुंभ- आज मांगलिक कार्यक्रम में षामिल होने का अवसर मिल सकता है। खर्चों की अधिकता बनी रहेगी। मित्रों का अच्छा साथ मिलेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।

    मीन- घर-परिवार में आज अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में धन लाभ होगा। किसी से अनबन हो सकती है। व्यक्तित्व प्रभावषाली बना रहेगा परंतु क्रोध पर नियंत्रण रखें।

  • नवरात्र : हिन्दु जन समुदाय की शक्ति जागरण का महापर्व

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    शक्ति ही दुर्गा है और दुर्गा में ही महाकाली, महालक्ष्मी तथा महासरस्वती की समस्त शक्तियां है अंतर्निहित

    मानव में यही शक्तियां कुंडलिनी शक्ति के रूप में निवास करती है। कलयुग में आज जब पाप, ताप और भौतिकी का तांडव चरम पर पहुंच गया है। हर व्यक्ति ईष्र्या, द्वेष, कलह, कंुठा, ग्लानि एवं निराशा से त्रस्त है और नफरत का बीज बोने तथा दिलों को बांटने का सिलसिला अनवरत जारी है तो ऐसे में मन की शांति और कल्याण के लिए दुर्गा मां की उपासना ही उन कठिनाइयों पर विजय पाने का एक मात्र साधन है। शास्त्रों में भी स्पष्ट घोष किया गया हैं ‘‘क्लों चंडी विनायकौ’’ की उपासना ही है।

    नवरात्र हिन्दु जन समुदाय की शक्ति जागरण का महापर्व है। इस पावन पर्व पर घर-घर में मंगलमयी दुर्गा का पाठ होता है। भारत वर्ष के कोने-कोने में मां भवानी की आराधना होती है।

    नवरात्र में मां भवानी की भक्ति करके भक्तजन अपने लिए मुक्कित का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नवरात्र के पर्व पर हिन्दु घरों में मां की पूजा का विधा है। ही सामान्य दिनों में भी मां की स्तुति का स्वर वातावरण में सुगंध बिखेरता रहता है।

    नवरात्र से अच्छा और श्रेष्ठ फल देने वाला कोई व्रत नहीं है भगवान राम ने यहीं व्रत करके मां महामाया से वरदान प्राप्त कर रावण का वध किया था । श्री कृष्ण और अर्जुन ने भगवती जगदम्बा की उपासना करके ही दिव्य शक्तियां अर्जित की थी और अपना मनोरथ पूर्ण किया था।

    नवरात्र में व्रत व पूजन करने से मानव की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। उसकी आत्मा को बल मिलता है। मां महामाया की उपासना की शक्ति से मनुष्य संसार की छोटी बड़ी सभी प्रकार की समस्याओं को अपने अनुकूल कर सकता है।

    नवरात्र का समय शक्ति के उस वेग की धारा, जो सृष्टि के उद्भव और विनाश का कारण है, अधिक तीव्र हो जाती है और पूजा, उपासना एवं आराधना में महाशक्ति का आहवान अधिक सुगम हो जाता है। इस कालवधि में इड़ा एवं पिंघला में वायु की गति समान रहती है आर ऐसी अवस्था में कुण्डलिनी शक्ति का जागरण तथा उध्र्व गति सरल हो जाती है।

    इसीलिए नवरात्र के दिनो का महत्व वैष्णव, शैव एवं शाकत् सभी स्वीकारते हंै। वर्ष भर में चार नवरात्र आते हैं। चैत्र, आषाढ़, अश्विन एवं माघ माह में इन पर्वाे को मनाने की परम्परा शास्त्रों में वर्णित है। इन चारों महीनों में यह पर्व शुक्ल तिथि तक चलता है। आम हिन्दू समुदाय को मूल रूप से केवल दो नवरात्रों की जानकारी है और उन्हें शक्ति जागरण एवं कल्याणर्थ महापर्व के रूप में मनाया जाता है।

    बासंतिक नवरात्र से गेहूं अर्थात अग्नि और शारदीय नवरात्र से चावल अर्थात सोम की प्राप्ति होती है। इन दोनों नवरात्रों में हमें प्रकृति माता जीवन पोषक तत्व अग्नि एवं सोम का उपहार देती है इस समय ऋतु परिवर्तन के कारण नवरात्रि की कालवधि मानव मात्र नहीं वरन् प्रणिमात्र के लिए रोगकारक होती है।

    इसीलिए इन कालवधि में हमारे मनीषियों ने शक्ति के जागरण पूजन नमन अर्चना वेदना व्रत और उपासना का प्रावधान किया है। जिससे जनसमुदाय प्राणी का अमंगल न हो। नवरात्र के महापर्व के रूप में मनाए जाने का यही कारण है।

    इस कलयुग में इसीलिए मां की भक्ति, उनकी उपासना प्रत्येक व्यक्ति के लिए सरल और आवश्यक हो गयी है। पुत्र की प्राप्ति, नौकरी तथा सुख-शांति एवं मंगल की प्राप्ति के लिए भगवती दुर्गा की शरण में शरणागत होने से अच्छा कोई दूसरो उपाय इस कलयुग में नहीं है। मां दुर्गा प्रसन्न रहने पर सब रोगों का नाश कर देती है और क्रुद्ध होने पर सभी कामनाओं को नष्ट कर देती है।

    परन्तु जो मां की शरण में जा चुके है उन पर विपत्तियां आती नहीं । सच तो यह है कि जो भगवती की शरण में जाता है वह स्वयं दूसरों को शरण देने में सक्षम हो जाता है। इसीलिए कहा गया है- ‘विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं, विश्वात्मिका धरयकीति विश्वम्। विश्वेशवद्या भगवती भवति विश्वाश्रया ये त्वचि भक्तिनम्रा।

    अर्थात् हे विश्वेश्वरी ! तुम विश्व का पालन करती हो, विश्वरूपा हो और इसीलिए सम्पर्ण विश्व को धारण करती हो। तुम भगवाना विश्वनाथ की भी वंदनीया हो। जो लोग भक्तिपूर्वक तुम्हारे सामने नतमस्तक होते है वे सम्पूर्ण विश्व को आश्रम देने वाले होते है।

  • जानें, कैसा रहेगा आपका आज का दिन – 15 March Rashifal

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    मेष- कामकाज में सफलता मिलेगी। आज अचानक कहीं से शुभ समाचार मिल सकता है। यात्राएं होंगी। आर्थिक स्थिति उत्तम बनी रहेगी।

    वृषभ- धार्मिक कार्य की तरफ रूचि बढेगी। परिवार में किसी को शारीरिक कष्ट  हो सकते है। कर्जा भी लेना पड़ सकता है। कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

    मिथुन-  आज मन में जोश  तथा नया उत्साह देखने को मिलेगा। भाग्य की संभव सहायता मिलेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। गृहस्थ जीवन ठीकठाक रहेगा।

    कर्क-  कामकाज अच्छा बना रहेगा। जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता मिलेगी। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्यक्रम होनें की संभावना है। घर-परिवार के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे।

    सिंह- शिक्षा-प्रतियोगिता के क्षेत्र में लाभ होगा। लोगों के साथ मेलजोल बढ़ेगा। मन प्रसन्न रहेगा। बेवजह किसी से विवाद न करें।

    कन्या- कोई शुभ  समाचार मिल सकता है। भाई-बंधुओं से अनबन होगी। घर में किसी को स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कते आएंगी। रूपए-पैसे की चिंता बनी रहेगी।

    तुला-  यात्रा करने की योजनाएं बनेंगी। आपके घर या रिश्तेदार के यहां कोई मांगलिक कार्य हो सकता है।  मानसिक तनाव बन सकता है। स्वास्थ्य के प्रति या वाहन चलाते हुए लापरवाही न बरतें।

    वृश्चिक- कामकाज में अच्छा धन लाभ हो सकता है। अचानक बेवजह किसी से वाद-विवाद परेषानी उत्पन्न करेगा। मानसिक तनाव बढ़ेगा। गृहस्थ जीवन में कलह उत्पन्न हो सकता है।

    धनु-   कामकाज में सफलता प्राप्त होगी। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। मन में प्रसन्नता देखने को मिलेगी। षुभ समाचार मिल सकता है।

    मकर- आपको अपनी बुद्धिमता एवं योग्यता का पूरा लाभ हासिल होगा। शरीर में चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी। आप हर काम समझदारी से करेंगे। आप बड़ों की बाते मानने वाले होंगे।

    कुंभ- कामकाज में लाभ होगा। मित्रों का अच्छा सहयोग मिलेगा। शरीर   में चुस्ती-फूर्ति बनी रहेगी। कुछ नया करने की सोच सकते है।

    मीन- परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी। घर में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। मानसिक चिंताएं बढ़ेंगी। आर्थिक चिंताएं परेशानी  का कारण बन सकती है।

  • नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं-माता ‘शैलपुत्री’

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    मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप ‘शैलपुत्री’ के नाम से प्रचलित है। जगदम्बा शैलपुत्री स्वरूप में पर्वतराज हिमालय के घर पत्री रूप में अवतरित हुई थीं। इसी कारण इन्हें ‘शैलपुत्री’ कहा जाता है। ‘शैलपुत्री माताजी वृषभ पर सवार रहती है। । माता के दाहिने हाथ में शूल, और बायें हाथ में कमल का पुषप शोभायमान होता है।

    पूर्व जन्म में प्रजापति दक्ष के घर में इन्होंने कन्या के रूप में जन्म लिया । जहां यह ‘सती के नाम से जानी जाती थीं और भगवान शंकर की अर्धागिनी बनी। एक बार की बात है प्रजापति दक्ष ने एक बहुत बड़े रूज्ञ का आयोजन किया। प्रजापति ने सबको आमंत्रित किया, परंतु अपने दाम।द भगवान शंकर को नहीं आमंत्रित किया। जब सती को यह पता चला कि उनके पिता एक विशाल एवं पुनीत यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे हैं तो मायके जाने के लिए उनका मन व्यकुल हो उठा।

    अपनी इस आंशक्षा से उन्होने शंकर जी का परिचित कराया। सारी बातें सुनने के बाद भगवान शंकर ने कहा प्रजापति किसी कारणवश हमसे रूष्ट है। अपने इस पुनीत एवं अनुपम यज्ञ अनुष्ठान में उन्होंने सभी देवताओं को आमंत्रित किया। उनके यज्ञ भाग भी उन्हें समर्पित किये हैं । परंतु हमें नहीं बुलाया गया। ऐसा अनेजाने में नहीं बल्कि जानबूझ कर हुआ है। हमारे पास एक सूचना तक न पहुंची ।

    ऐसी स्थिति में तुम्हारा वहां जाना किसी भी प्रकार श्रेयस्कर नहीं होगा। शंकर जी के इस उपदेश से सती को प्रबोध नहीं हुआ। पिता द्वारा आयोजित इस यज्ञ को जाकर देखने , अपनी माताओं , बहनेा तथा प्रियजनों से उनकी मिलने की उत्सुकता इतनी तीव्र हो गयी कि उसपर अंकुश लगाना कठिन हो गया।

    उनके इस आग्रह का देखकर भगवान शंकर ने कहा कि तुम्हें जाना हो तो जोओं मैं आमंत्रण के नहीं जाऊंगा। परंतु पिता केघ्ज्ञर पहंचकर सती को अपनी गलती का अहसास हुआ। क्योंकि किसी ने उनका सम्मान नहीं किया। और तो किसी ने उनसे प्रेम के दो बोल भी न बोले। उनको देखकर सभी लोग मुंह फेर लेते। यदि किसी ने स्नेह किया तो सिर्फ उनकी माता ने। उनका देखतेही उनकी माता जी ने स्नेह से उनको गले लगा लिया। बहनों की बातों में व्यंग्य और उपहास के भाव ही भरेे थे।

    इनके सिवा कहीं भी अपनत्व की भावना नहीं दिख रही थी। बहनों तथा परिजनों द्वारा किये जा रहे इस दुव्र्यवहारे से उनका मन ग्लानि से भ्र उठा। इतना ही नहीं उन्होंनें यह भी देखा कि संपूर्ण वातावरण को देखकर सती का हृदय क्षोभ, ग्लानि और क्रोध से भर उठा। तब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि भगवान शंकर मुझे यहां आने से रोक रहे थे, तो उचित कर रहे थे। यहां आकर मैंने बहुत बड़ी गलती की।

    मायके के प्यार का एहसासस मेरी बहुत बड़ी भूल थी। अपने पहत भगवान शंकर के इस अपमान को वह सहन न सकीं और हवनकुंड में कूदकर उन्होंने अपना सती रूप जलाकर भस्म कर दिया। सती द्वारा वियोगाग्नि में जलकर भस्म होेने की सूचना से शंकर कुद्ध हो गये और उन्होंने अपने गणों को भेजकर दक्ष के उस यज्ञ का पूर्णतः विध्वंश करा दिया।

    इसके पश्चात सती ने अगले जन्म में शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया । अब वह अपने इसी नाम अर्थात शैलपुत्री स्वरूप में भी दुर्गा का भगवान शंकर से ही पाणिग्रहण संस्कार हुआ। पूर्व जन्म की भांति इस जन्म में भी शंकर की अर्धागिनी रहीं।

    नवदुर्गाओं में प्रथम शैलपुत्री दुर्गा का महत्व और शक्तियां अनंत है। नवरात्रि पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। इस प्रथम दिवस की उपासना में योगी अपने मन को मूलाधार चक्र में स्थित करते हैं। यहीं से उनकी योग साधना का प्रारम्भ होता है।

    कालान्तर में जगदम्बा इसी स्वरूप में पार्वती के नामसे दवाधिदेव भगवान शंकर की अद्र्धागिनी हुई। नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री के इसी स्वरूप की पूजा अर्चना होगी। भक्तजन पूरी श्रद्धा व भक्ति के साथ ‘¬ ऐं हृीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे। प्रथम देव्यै नमः।। मंत्र के जाप से उसकी आराधना करेंगे।

    जीव के जीवन का परम लक्ष्य परम सात्विकोद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है। इसका सबसे सरल मार्ग मां के नाम की स्तुति है। मां की स्तुति के लिये नवरात्र से बढ़कर पवित्र अवसर क्या हो सकता है ? मां के नाम के जापक को मोक्ष जैसी दुर्लभ वस्तु भी हस्तामलक है।

    दुर्गे दुर्गेति दुर्गाया: दुर्गे नाम परम् मनुम्।
    यो भजेत् सततं चाण्डि। जीवन्मुक्त। सः मानवाः।।