Category: politics

  • रवि किशन बोले जनसंख्या नियंत्रण बिल लेकर आएंगे, लोगों ने कहा खुद के हैं चार बच्चें

    डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने शुक्रवार को कहा कि वह लोकसभा में जनसंख्या नियंत्रण पर एक निजी सदस्य विधेयक पेश करना चाहते हैं।

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निर्वाचन क्षेत्र के सांसद किशन जो यह विधेयक लेकर आना चाहते हैं उनके चार बच्चे हैं, एनडीटीवी ने बताया।

    उन्होंने (रवि किशन) कहा, ‘यह विकास का बिल है।  “जिस दिन यह पारित हो जाएगा, राष्ट्र एक ‘विश्वगुरु’ बनने की ओर उड़ जाएगा।  मैं विधेयक को केवल विकास के पहलू से देख रहा हूं न कि जाति या धर्म के पहलू से। “विश्वगुरु”, या विश्व नेता, एक शब्द है जिसका इस्तेमाल अक्सर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा सदस्यों द्वारा यह सुझाव देने के लिए किया जाता है कि वर्तमान राजनीतिक शासन के तहत वैश्विक मंच पर भारत का कद बेहतर हुआ है।

    बता दें कि शुक्रवार को रवि किशन ने कहा कि भारत की आबादी को नियंत्रण में लाना महत्वपूर्ण है।

    जनसंख्या पर रवि किशन बोले  “जिस तरह से यह बढ़ रही है, हम विस्फोट की ओर बढ़ रहे हैं,” उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया गया था।  “मैं विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि मुझे विधेयक पेश करने दें और सुनें कि मैं इसे क्यों लाना चाहता हूं।”

    किशन का यह बयान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार द्वारा मंगलवार को दिए गए बयान की कड़ी है जिन्होंने कहा था कि भारत की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई भी विधायी उपाय पर विचार नहीं कर रहा है।

    राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में, पवार ने कहा था कि सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अनुरूप 2045 तक देश की आबादी को स्थिर करना चाहती है।

     पवार ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण -5 के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा था कि कुल प्रजनन दर 2015 और 2016 के बीच 2.2 से घटकर 2019 और 2021 के बीच 2.0 हो गई थी। उन्होंने कहा, यह प्रतिस्थापन स्तर से नीचे था। बता दें कि कुल प्रजनन दर एक महिला द्वारा अपने जीवनकाल में जन्म देने वाले बच्चों की औसत संख्या है।

  • भाजपा नेता ने किया ट्वीट लोग बोले क्या भाषा है जनाब पद की गरिमा बनाए रखये

    Delhi: दिल्ली की आबकारी नीति को लेकर केजरीवाल सावालो के घेरे में है। विपक्ष लगातार अपने शाब्दिक बाणों से उन्हें मुर्छित करना चाहता है। वही उपराज्यपाल द्वारा आबकारी नीति की सीबीआई जांच के आदेश के बाद अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है और अब उनको भी गिरफ्तार करने वाले हैं, ये सिसोदिया को फंसाने की साजिश है हमे जेल से डर नही लगता तुम सावरकर की तो हम भगत सिंह की औलाद है।

    वही अब इस मामले पर भाजपा नेता मनोज तिवारी ने ट्वीट किया है केजरीवाल सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि बिना विभाग का CM बिना नियम क़ानून के सरकार चला रहा है .. पकड़े गए तो भटका रहे हो .. तू इधर उधर की बात ना कर ये बता शराब नीति में करोड़ों कैसे पार किए ? मनोज तिवारी के ट्वीट पर यूजर्स जमकर अपनी राय दे रहे हैं।
    https://twitter.com/ManojTiwariMP/status/1550480625970294789?t=btiS8F6iun1luiMUEieFaA&s=19

     

    एक यूजर लिखता है कि दिल्ली में आप की सरकार ने कुछ तो अच्छा किया था जो दोबारा सत्ता में आई थी , पर अगली बार का पता नही अभी आयेंगे या नही। एक यूजर कहता है कि बिना विभाग के सारे मज़े और जो करे सो भरे,साथ-साथ में प्रभावी व्यक्ति को ठिकाने लगा दो कि आगे चलकर पार्टी में चैलेंजर ही न बचे ! जो आपा को आप कर सकता वह कुछ भी कर सकता है ! 
    वही एक यूजर मनोज तिवारी की भाषा को लेकर उनकी लताड़ लगाते हुए कहता है कि माननीय संसद सदस्य मनोज जी, आपकी भाषा कौशल अत्यंत उच्च कोटि की है, कृपया एक संवैधानिक पद ( मुख्यमंत्री) पर आसीन व्यक्ति के लिए तू तड़ाक की भाषा का प्रयोग न करे। आपके श्रीमुख से यह उचित नही। वही एक अन्य यूजर बोलता है श्रीमान अब आप सांसद हैं.इस पद की गरिमा और मर्यादा को बनाये रखिए.”तू-तड़ाक “वाली भाषा का प्रयोग अशोभनीय है.करोड़ों का हिसाब पूछने का काम सी.बी.आई. को सौपा गया है, आपको नहीं.आपका काम अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता की सेवा करना है।

  • Rahul Gandhi Detained: राहुल गांधी को पुलिस ने लिया हिरासत में जाने वजह

    दिल्ली: मनी लांड्रिंग मामले में सोनिया गांधी से प्रवर्तन निदेशालय लगातार पूंछताछ कर रहा है। वही कांग्रेस इसके विरोध में प्रदर्शन कर रही है। वही अब खबर है कि प्रदर्शन में शामिल हुए राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। राहुल को पुलिस ने विजय चौक से हिरासत में लिया है।

    जानकारी के लिये बता दें आज सोनिया गांधी ने ईडी दूसरे राउंड की पूंछताछ कर रही है। इसी सन्दर्भ में कांग्रेस नेता सड़को पर उतरे है। पहले दिल्ली में कांग्रेस सांसदों ने ED की पूछताछ के विरोध में संसद परिसर से विजय चौक की ओर मार्च निकाला था। इस मार्च में राहुल गांधी भी शामिल थे। पुलिस ने राहुल के साथ कई अन्य सांसदों को भी हिरासत में लिया है।

     

    गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने कहा कि मेरे साथ यहां कई कांग्रेस सांसद भी आये हैं। हमने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को उठाया। पुलिस हमे यहां बैठने नही दे रही है। संसद के अंदर हम इस मुद्दे पर बात नही कर सकते ओर यहां अगर हम यह मुद्दा उठा रहे हैं तो हमे हिरासत में लिया जा रहा है।

  • द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना सिर्फ संयोग तो नही, जाने भाजपा का दांव

    President of India: द्रौपदी मुर्मू भारत की 15 वीं राष्ट्रपति बन गई है। द्रौपदी मुर्मू की जीत से पूरा भाजपा परिवार काफी खुश हैं। विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने द्रौपदी मुर्मू को जीत की बधाई देते हुए कहा था कि उम्मीद करता हूँ वह भारत के संवैधानिक पद पर बिना पक्षपात के काम करेंगी द्रौपदी मुर्मू संथाल जनजाति की महिला है। यह भारत की सबसे पुरानी ओर बड़ी जनजातीय समूह है। 

    भारत मे आजादी के बाद पहली बार इतने बड़े संवैधानिक पद पर कोई आदिवासी महिला पहुंची है। द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना वास्तव में मिशाल है। लेकिन द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना महज संयोग नही है। इसके पीछे बड़े राजनीति दाव पेज है। भारत मे संथाल जनजति की आबादी जनजति में सबसे अधिक है। साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार भारत मे संथाल जनजाति की आबादी 8 फीसदीं है। मिज़ोरम, नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में राज्य की जनसंख्या में इनकी हिस्सेदारी 40 फ़ीसदी से ज़्यादा है।
    वही साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने को हैं। राजनीति विशेषज्ञयों का कहना है कि भाजपा की आदिवासी समुदाय पर पकड़ मजबूत नही थी। यह समाज भाजपा से रुष्ट था लेकिन अब द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से आदिवासी समाज में भाजपा की उम्दा धाक बन रही है। आकड़े बताते हैं कि 2014 से आदिवासी समाज ने अपनेवोट बैंक और अपनी राजनीतिक में पकड़ को मजबूत किया है। यह हमेशा से कांग्रेस के पक्ष में रहे हैं कई बार भाजपा को इसके चलते मुह की खानी पड़ी है।
    लेकिन समय से साथ परिस्थितियों में परिवर्तन हुआ। भाजपा ने कांग्रेस के आदिवासी वोट बैंक में सेंध लगाना शुरू किया। जिसके परिणामस्वरूप 2019 के लोकसभा चुनाव में एसटी के लिए आरक्षित 47 लोकसभा सीटों में बीजेपी को 31 सीटें मिली ओर 4 सींटो पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। बाकी की बची हुई सींटें अन्य के पास गई। कहा जा रहा है द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने के पीछे भाजपा की बड़ी राजनीति है।
    भाजपा द्रौपदी मुर्मू के बलबूते पर महज 2024 नही भेदना चाहती है अपितु भाजपा की कोशिश है कि वह द्रौपदी के जरिए गुजरात मे रूठे आदिवासी समाज को अपने खेमे में कर ले। बता दे तापी नर्मदा प्रोजेक्ट के चलते गुजरात मे आदिवासी समाज भाजपा से रुष्ट है। इस साल के अंत मे गुजरात मे चुनाव होने को है ओर ऐसे में आदिवासी समाज का कांग्रेस के साथ खड़ा होना भाजपा के लिए बड़ा संकट बन सकता है भाजपा किसी भी कीमत पर गुजरात मे अपने 30 साल के विजय चक्र को नही तोड़ना चाहती है।

  • केंद्र पर भड़की ममता बोलीं खाड़ी को पार करना होगा और मगरमच्छ तुम्हें काट लेंगे फिर रॉयल बंगाल टाइगर से होगा सामना

     

    डेस्क। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला किया है और कई सवाल भी उठाए हैं। बता दें इस समय कई कारणों को लेकर दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर हमलावर हैं। ममता ने सवाल किया है कि उनके गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी को भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान क्यों ले जाया गया। उन्होंने इसको लेकर कहा कि यह बंगाल के लोगों का “अपमान” है, जिसे भाजपा महाराष्ट्र के बाद अपने अधिकार में लेने की कोशिश में लगी है।

    ममता बोलीं, “आपको उन्हें ऐसे अस्पताल में क्यों ले जाना है जो केंद्र सरकार से जुड़ा है? ईएसआई अस्पताल क्यों? कमांड अस्पताल क्यों? इरादा क्या है, क्या यह बंगाल के लोगों का अपमान नहीं है? आपको क्या लगता है? क्या केंद्र निर्दोष है और सभी राज्य चोर हैं? उन्होंने आगे कहा कि आप(केंद्र) राज्यों की वजह से हैं.” 

    एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती पार्थ चटर्जी को वहां से भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया है जिसको लेकर TMC के कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

    ममता बनर्जी ने आगे एक और चेतावनी देते हुए बीजेपी से कहा कि  महाराष्ट्र इस बार नहीं लड़ पाया है. वे कहते हैं कि महाराष्ट्र के बाद यह छत्तीसगढ़, झारखंड और बंगाल होगा पर यहां आने के लिए आपको बंगाल की खाड़ी को पार करना होगा और मगरमच्छ काट लेंगे तुमको फिर सुंदरबन में रॉयल बंगाल टाइगर तुम्हें काटेगा। उत्तरी बंगाल में हाथी तुम्हारे ऊपर लुढ़केंगे”।

    बता दें कि सीएम बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया ने दावा पेश किया है कि ममता ने गिरफ्तारी के बाद पार्थ चटर्जी की कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह “भ्रष्टाचार या किसी भी गलत काम” का समर्थन नहीं करती हैं और भाजपा गलत है अगर उसे लगता है कि वह एजेंसियों का उपयोग करके मेरी पार्टी को तोड़ सकती है तो सच्चाई “बाहर आनी चाहिए, लेकिन एक समय सीमा के भीतर रहिए।

  • राष्ट्रपति मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह कांग्रेस नेता बुरे फसे

    कांग्रेस: पश्चिम बंगाल से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी भारत की महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह कर विवादों में घिर गए हैं। सत्ताधारी दल भाजपा लगातार उनकी इस टिप्पणी की आलोचना कर रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा जब से द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति पद के लिये घोषित हुआ है कांग्रेस को उनसे समस्या होने लगी है। कांग्रेस ने शुरुआत से उनका उपहास किया है उन्हें कठपुतली कहा है।

    उन्होंने आगे कहा कांग्रेस इस बात को हजम नही कर पा रही है कि भारत के सर्वोच्च पद पर कोई आदिवासी महिला पहुंच गई है। सोनिया गांधी द्वारा नियुक्त नेता ने आज द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी के रूप में सम्बोधित किया है। जानकारी के लिये बता दे मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने सदन में जमकर हंगामा किया। वही कांग्रेस से माफी मांगने को कहा है।
    जानकारी के लिये बता दें इस मामले में अधीर रंजन ने अपनी सफाई प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा है कि, मैं जानता हूं कि भारत की राष्ट्रपति चाहे कोई भी हो वे हमारे लिए राष्ट्रपति ही हैं। ये शब्द बस एक बार निकला है। ये चूक हुई है। लेकिन सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोग राई का पहाड़ बना रहे हैं। उन्होंने कहा मैं कल से राष्ट्रपति भवन जाना चाह रहा हूँ मैंने यह बात पहले भी कही है। कि मुझे राष्ट्रपति से मिलना है। यह शब्द कल मुझसे गलती से निकल गया लेकिन भाजपा अब राई का पहाड़ बना रही है।

     

  • कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना शर्मनाक व अति-निन्दनीय

    राजनीति: द्रौपदी मुर्मू को लेकर कांग्रेस नेता द्वारा दिये बयान पर राजनीति उफना गई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी सफाई देते हुए कहा है कि वह द्रौपदी मुर्मू से माफी मांग लगे। लेकिन भाजपा और कई अन्य राजनीतिक दल उनकी इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि कई लोग ऐसे है जिन्हें यह हजम नही हो रहा है कि भारत के सर्वोच्च पद को एक आदिवासी महिला शुशोभित कर रही है। 

    उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भारत के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की पहली महिला के रूप में द्रौपदी मुर्मू जी का शानदार निर्वाचन बहुत लोगों को पसंद नहीं। इसी क्रम में लोकसभा में कांग्रेस के नेता श्री अधीर रंजन चौधरी द्वारा उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना अति-दुःखद, शर्मनाक व अति-निन्दनीय है। अर्थात इनके द्वारा माननीया राष्ट्रपति जी को टीवी पर ’राष्ट्रपत्नी’ कहने का विरोध करते हुए संसद की कार्यवाही भी आज बाधित हुई है। उचित होगा कि कांग्रेस पार्टी भी इसके लिए देश से माफी माँगे तथा अपनी जातिवादी मानसिकता का परित्याग करे। 

     

    मायावती के ट्वीट पर यूजर की प्रतिक्रिया:-

    एक यूजर बोलता है कि कांग्रेस के साथ साथ आप भी जातिवादी मानसिकता का परित्याग करे बहन जी क्योंकि आपको हम ब्राह्मणों ने जितवाया था चुनाव में और आपकी सरकार में हम ब्राह्मणों के ऊपर ही फर्जी हरिजन एक्ट के मुकदमे दर्ज हुए एससी एसटी एक्ट खत्म करो निर्दोष सवर्ण और ओबीसी भी जेल जाते है इसके कारण। वही एक अन्य यूजर कहता है कि सदियों से इन सबकी दलित,आदिवासी,महिला विरोधी मानसिकता के शिकार थे ही,लेकिन अबतक इन सबको अपनी घटिया मनुवादी,जातिवादी,महिलाविरोधी कुंठित मानसिकता मे सुधार लाना चाहिए था। देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद की गरिमा व आदिवासी महिला पर अभद्र टिप्पणी करने कांग्रेस को देश से माफी मांगनी होगी।
    एक यूजर कहता है कि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा आदिवासी समाज से आने वाली “महामहिम राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू जी” को ( राष्ट्रपत्नी ) बोलकर सभी भारतीयों खासतोर से आदिवासी समाज का अपमान किया है ,कांग्रेस को ऐसे नीच किस्म के नेता को पार्टी से बाहर निकालकर स्वयं पूरे देश से माँफी मांगनी चाहिए।

  • कर्नाटक में लागू करना होगा यूपी मॉडल वाले बयान पर बोले शफीकुर्रहमान बर्क , कर्नाटक सरकार अपने यहां अपना मॉडल लागू करे

    Yogi Model in Karnataka: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के एनकाउंटर नीति की तारीफ करते हुए कहा था कि अब कर्नाटक में अपराधों पर लगाम लगाने के लिये योगी मॉडल लागू करना होगा। उनके इस बयान पर अब कर्नाटक में राजनीति शुरू हो गई है सत्ताधारी दल और विपक्ष आपस मे भिड़ गए हैं।

    उत्तर प्रदेश के संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कर्नाटक सीएम के बयान पर कहा कि कर्नाटक सरकार को अपने यहां अपना मॉडल लागू करना चाहिए। क्योंकि यूपी में बुलडोजर मॉडल लागू है लोगो का शोषण हो रहा है। पिछडो, दलितों और मुस्लिम की आवाज को दबाया जा रहा है। लोगो को जुबान खोलने से रोका जा रहा है बात बात पर यहां बुलडोजर चल रहा है।
    उन्होंने कहा, नफरत पनप रही है नफरत की इस आग को खत्म करना होगा। यह देश किसी एक का नही बल्कि सबका है। हम देश का विकास चाहते हैं और देश का विकास तब ही सम्भव है जब सभी को एक निगाह से देखा जाए और सबकी बातों को समान तबज्जुब दिया जाए। सपा सांसद के बयान पर बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक ने कहा की कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने उत्तरप्रदेश की तारीफ की यह गर्व की बात है। 2017 से पहले यूपी के जो हालात थे वह सभी जानते हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त ही हर कोई परेशान था। जाति धर्म के नाम पर सरकार चल रही थी। लेकिन अब सबको समान नजर से देखा जा रहा है।
    जानकारी के लिये बता दें कर्नाटक में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील दक्षिण कन्नड़ जिले में 26 जुलाई की रात भारतीय जनता युवा मोर्चा के 32 साल के कार्यकर्ता प्रवीण नेत्तारू की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने यह बयान दिया था।

  • Partha Chatterjee TMC:- क्या ममता की सादगी पर भारी पड़ेगी शाही जिंदगी

    राजनीति: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सादगी के लिये जानी जाती है। उनकी सादगी उन्हें अन्य राजनेताओं से बिल्कुल अलग बनाती है। वह हमेशा सूती साड़ी, साधारण कार, हवाई चप्पल में दिखाई देती है। उन्हें लाइमलाइट से ज्यादा जनता से जुड़कर राजनीति करने में दिलचस्पी रहती है। ममता बनर्जी ने अपनी सादगी से पश्चिम बंगाल की जनता के दिल मे अपनी अलग जगह बना रखी है।

    ममता बनर्जी आम आदमी की तरह सड़को पर पद यात्रा करने निकलती है। उन्हें जनता का अच्छा समर्थन मिलता है और उनके पीछे लाखो कीं भीड़ चल देती है। साल 2021 में जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पहुंची तो उन्होंने कहा कि उनके पास खुद का मकान नही है। वह आम जनता की तरह जीना चाहती है उनकी समस्याओं से जुड़कर रहना चाहती है। ममता का यह अंदाज लोगो को खूब पसंद आया और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिये कोई नेता नही उभर पाया।
    लेकिन अब एक सवाल हर किसी के मन मे उठ रहा है कि सादगी से जीने वाले ममता बनर्जी के मन्त्री शाही जीवन जी रहे हैं। यह सवाल तब उठा जब ईडी ने पार्थ चटर्जी को हिरासत में लिया। उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से करोड़ों की नकदी बरामद हुए। ईडी ने दावा किया है कि अर्पिता के घर से उन्हें 55 करोड़ कैश मिल चुका है। वही जब इस मामले का खुलासा हुआ तो ममता बनर्जी शान्त थी उन्होंने इस मामले पर कुछ नही बोला।
    ममता की चुप्पी जनता को परेशान कर रही थी लोगो के मन मे सवाल था की दीदी ने मौन क्यों धारण कर रखा है। भाजपा लगातार ममता बनर्जी सरकार को सावालो के घेरे में खड़ा कर रही थी उनके खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन वह चुप होकर सब देख रही थी। लेकिन कल ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया। 
    ममता बनर्जी ने कहा कि पैसा एक महिला के घर से मिला है मैं अभी इस मामले में कुछ नही बोलूंगी। क्योंकि यह बड़ा खेल है। अब सवाल यह उठता है कि ममता बनर्जी की चुप्पी और पार्थ चटर्जी की शाही जिंदगी क्या पश्चिम बंगाल मे ममता की सादगी को आहत करेगी। क्या अब पश्चिम बंगाल की जनता के मन मे ममता की सादगी पर संदेह होगा क्या पार्थ की गलती ममता बनर्जी की साधारण सोच पर भारी पड़ेगी और उनके राजनीतिक सफर को प्रभावित करेगी।

  • Rashtrapatni Remark: स्मृति की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने किया करारा पलटवार

    Rashtrapatni Remark। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग करने के बाद लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस अध्यक्ष और भाजपा नेता स्मृति ईरानी घिरे हुए हैं। 

    इसी कड़ी में दोनों ओर से लगातार जुबानी हमले हो रहे हैं। अधीर रंजन पर हमला बोलने की अगुवाई लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने की थी। ऐसे में 29 जुलाई, शुक्रवार को अधीर रंजन ने केंद्रीय मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि सबसे पहले उनको अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए।

    अधीर रंजन ने कहा, “कल जिस मंत्री(स्मृति ईरानी) को अगुवाई के लिए लोकसभा में भेजा गया था। आप उनका जरा बयान सुनिए की वो क्या कहती हैं। उन्होंने आगे कहा राष्ट्रपति जी को राष्ट्रपति जी कहा जाता है, उनका नाम नहीं पुकारा जाता इसलिए कहता हूं कि अपने गिरेबां में झांककर देखो। दूसरों पर आरोप लगाना बहुत आसान होता है।”

    उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्मृति ईरानी ने खुद सदन में राष्ट्रपति जी को द्रौपदी मुर्मू के नाम से पुकारा था। सदन के अंदर उन्होंने कई बार राष्ट्रपति को नाम भी लिया लेकिन उसपर कोई सवाल नहीं हो रहा है।

    बता दें एक ओर कांग्रेस जहां अधीर रंजन के बचाव में है वहीं केंद्र सरकार के कई मंत्री अधीर रंजन से माफी की मांग कर चुके हैं। पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी सोनिया गांधी और अधीर रंजन से माफी की मांग की है।