Category: politics

  • Mahua Moitra Cash For Query Case: किसी के इशारे पर हो रहा काम, महुआ से हुए आपत्तिजनक सवाल

    Mahua Moitra Cash For Query Case: तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा बीते कई दिनों से सुर्खियों में बनी हुई हैं। ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में उनसे लगातार पूछताछ हो रही है। 2 नवम्बर को महुआ मोइत्रा इस मामले में लोकसभा की एथिक्स कमेटी के सम्मुख पेश हुईं। महुला मोइत्रा से बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी को अपनी संसद लॉगिन आईडी देने और उसके बदले पैसा लेने के संदर्भ में कई बड़े सवाल पूछे गए। महुआ मोइत्रा का दावा है कि लोकसभा एथिक्स कमेटी में उनसे कई आपत्तिजनक सवाल किये गए उनसे पूछा गया वह रात में किससे बात करती हैं। एथिक्स कमेटी के आपत्तिजनक सवालों से परेशान होकर विपक्षी सांसदों ने सदन से वर्कआउट किया। हालांकि विपक्षी सांसदों की इस गतिविधि पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि विपक्षी सांसदों का वॉकआउट करना महुआ के मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश है। 

    कब हुई एथिक्स कमेटी के सम्मुख पेशी:

    महुआ मोइत्रा की कल 11 बजे एथिक्स कमेटी के सामने पेशी हुई थी। एथिक्स कमेटी की अध्यक्षता बीजेपी सांसद विनोद कुमार सोनकर के पास थी। कमेटी में पांच सांसद विपक्ष के थे। महुआ मोइत्रा एथिक्स कमेटी के सामने पूरी तैयारी के साथ पेश हुई थीं। उनके हाथ में तीन बैग थे। महुआ मोइत्रा से तकरीबन एक घंटे तक एथिक्स कमेटी ने सवाल किये। लेकिन उसके बाद उन्होंने एथिक्स कमेटी का बहिष्कार किया और वहां से बाहर निकल गई। उनका कहना है कि कमेटी ने उनसे आपत्तिजनक सवाल किये। महुआ को विपक्ष के सांसदों का समर्थन मिला। समिति के सदस्य एन उत्तम कुमार रेड्डी और बसपा के दानिश अली सहित पांचों विपक्षी सांसदों ने महुआ के साथ कमेटी से वॉकआउट कर दिया। 

    क्या बोले विपक्ष के सदस्य:

    कांग्रेस के एन उत्तम कुमार रेड्डी, बसपा के दानिश अली और जद (यू) के गिरधारी यादव सहित विपक्षी सदस्यों ने कमेटी के अध्यक्ष सोनकर के व्यवहार पर सवाल उठाए। सभी ने मिलकर कहा- महिला के जीवन से जुड़े निजी सवाल पूछे गए। कमेटी अध्यक्ष किसी के इशारे पर काम कर रहे हैं। जिस तरह के सवाल एक महिला से किये जा रहे वह बेहद बेहूदे और अशोभनीय थे। 

    हालांकि अपना पक्ष रखते हुए सोनकर ने कहा- विपक्षी सांसद मुझपर इस तरह के आरोप इसलिए लगा रहे हैं ताकि वह महुआ मोइत्रा को बचा सकें। उन्होंने कहा कि महुआ से बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी को लेकर ही सवाल किए गया। कमेटी की सदस्य अपराजिता सारंगी ने कहा कि जब मोइत्रा से हीरानंदानी के हलफनामे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ‘क्रोधित, दंभ भरा और अहंकारी’ व्यवहार किया। 

    क्या बोले निशिकांत दुबे :

    एथिक्स कमेटी महुआ मोइत्रा से पूछताछ करना चाहती है। लेकिन विपक्ष को इससे समस्या है। वह कमेटी के कार्य में बाधा डालने और कमेटी की छवि बिगाड़ने के लिए ऐसा कर रहे हैं। जो सबूत महुआ मोइत्रा के खिलाफ दिए गए हैं उनके बाद अब उनको कोई अन्य ताकत बचा नहीं सकती। कमेटी के अध्यक्ष ओबीसी समाज से आते हैं विपक्ष को यह बात हजम नहीं हो रही है। 

  • Delhi Liquor Policy Case: क्या अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की होगी गिरफ्तारी

    Delhi Liquor Policy Case: आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। दिल्ली के शराब नीति केस (Delhi Liquor Policy) में आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और AAP सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) पुलिस हिरासत में हैं। वही अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली के शराब नीति केस (Delhi Liquor Policy) में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की गिरफ्तारी जल्द ही होगी। 

    क्यों अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की जताई गई आशंका:

     दिल्ली के शराब नीति केस (Delhi Liquor Policy) में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले इस मामले में सीबीआई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई ने तकरीबन 9 घंटे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से पूंछताछ की थी। 

    वही अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के द्वारा भेजे गए नोटिस पर राजनीति शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष का दावा है कि घोटाले बाजों पर कार्यवाही हो रही है तो आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है यह सब पहले से प्लांड है जो हो रहा है वह राजनीतिक लाभ की सिद्धि के लिए हो रहा है। 

    आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के नेता सौरभ भारद्वाज ( Saurabh Bhardwaj) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को मिले प्रवर्तन निदेशालय के नोटिस को पोलिटिकल स्क्रिप्टेड बताया है। उन्होंने कहा- मनोज तिवारी ने एनआई से बातचीत के दौरान पहले ही कहा था कि अगला नम्बर अरविंद केजरीवाल का है। मुझे नहीं समझ आता उनको पहले से कैसे पता था कि केजरीवाल को ईडी का नोटिस मिलने वाला है यह सब राजनीतिक ताना बाना है। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) आम आदमी पार्टी के नेता हैं हम सब आगे भी उनके अधीन काम करते रहेंगे। 

    जानकारी के लिए बता दें पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। AAP नेता सिसोदिया पर दिल्ली शराब नीति में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। उन्हें 26 फरवरी को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। 

  • Mahua Moitra Row: मेरे वस्त्र हरण पर मौन रहीं बीजेपी सांसद को धन्यवाद

    Mahua Moitra Row: महुआ मोइत्रा घुस लेने के मामले में सवालों के घेरे में हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने सदन में सवाल पूछने के लिए घुस ली है। लगातार इस संदर्भ में महुआ मोइत्रा से सवाल किये जा रहे हैं। बीते दिन लोकसभा की एथिक्स कमेटी में महुआ मोइत्रा की पेशी हुई। लगभग एक घंटे तक उनसे सवाल पूछे गए और उसके बाद उन्होंने कमेटी का बहिष्कार कर दिया। महुआ का दावा है कि कमेटी में उनसे बेहद निजी और आपत्तिजनक सवाल किये गए। महुआ मोइत्रा को कमेटी में मौजूद विपक्ष के सांसदों का समर्थन भी मिला। 

    क्या बोली महुआ मोइत्रा:

    तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- उनके साथ एथिक्स कमेटी का व्यवहार अशोभनीय था। आपत्तिजनक सवालों की सीमा लांघी गई। कमेटी के सवालों की तुलना महुआ ने द्रौपदी के चीर हरण से करते हुए कहा- इतने भद्दे सवालों पर भी कमेटी में मौजूद बीजेपी की महिला सांसद मौन रहीं। उन्होंने कहा- एथिक्स कमेटी ने सवालों के जरिए मेरा वस्त्र हरण किया। मैं बीजेपी की उन महिला सांसदों को धन्यवाद देना चाहती हूँ जो एथिक्स कमेटी में मौजूद थीं और इस प्रकार के आपत्तिजनक सवालों पर मौन रहीं। मैं उनकी आभारी हूँ कि उन्होंने इस अनैतिक व्यवहार का मौन होकर समर्थन किया। 

    बता दें एथिक्स कमेटी में बीजेपी की महिला सांसद अपराजिता सारंगी और सुनीता दुग्गल शामिल थीं। सवाल-जवाब समाप्त होने के तुरंत बाद, भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, महुआ का व्यवहार अशोभनीय था। उन्होंने सदन में असभ्य भाषा का प्रयोग किया। हीरानंदानी के हलफनामे पर सवाल हुए तो वह उग्र हो गई। 

  • Mahua Moitra Row: मेरे वस्त्र हरण पर मौन रहीं बीजेपी सांसद को धन्यवाद

    Mahua Moitra Row: महुआ मोइत्रा घुस लेने के मामले में सवालों के घेरे में हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने सदन में सवाल पूछने के लिए घुस ली है। लगातार इस संदर्भ में महुआ मोइत्रा से सवाल किये जा रहे हैं। बीते दिन लोकसभा की एथिक्स कमेटी में महुआ मोइत्रा की पेशी हुई। लगभग एक घंटे तक उनसे सवाल पूछे गए और उसके बाद उन्होंने कमेटी का बहिष्कार कर दिया। महुआ का दावा है कि कमेटी में उनसे बेहद निजी और आपत्तिजनक सवाल किये गए। महुआ मोइत्रा को कमेटी में मौजूद विपक्ष के सांसदों का समर्थन भी मिला। 

    क्या बोली महुआ मोइत्रा:

    तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- उनके साथ एथिक्स कमेटी का व्यवहार अशोभनीय था। आपत्तिजनक सवालों की सीमा लांघी गई। कमेटी के सवालों की तुलना महुआ ने द्रौपदी के चीर हरण से करते हुए कहा- इतने भद्दे सवालों पर भी कमेटी में मौजूद बीजेपी की महिला सांसद मौन रहीं। उन्होंने कहा- एथिक्स कमेटी ने सवालों के जरिए मेरा वस्त्र हरण किया। मैं बीजेपी की उन महिला सांसदों को धन्यवाद देना चाहती हूँ जो एथिक्स कमेटी में मौजूद थीं और इस प्रकार के आपत्तिजनक सवालों पर मौन रहीं। मैं उनकी आभारी हूँ कि उन्होंने इस अनैतिक व्यवहार का मौन होकर समर्थन किया। 

    बता दें एथिक्स कमेटी में बीजेपी की महिला सांसद अपराजिता सारंगी और सुनीता दुग्गल शामिल थीं। सवाल-जवाब समाप्त होने के तुरंत बाद, भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, महुआ का व्यवहार अशोभनीय था। उन्होंने सदन में असभ्य भाषा का प्रयोग किया। हीरानंदानी के हलफनामे पर सवाल हुए तो वह उग्र हो गई। 

  • Ram Mandir Ayodhya: राहुल-मोदी राम और श्याम, ओवैसी के बयाना पर मचा घमासान

    Ram Mandir Ayodhya: मध्य प्रदेश में चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। वैसे -वैसे जाति- धर्म के नाम पर नेताओं के बयाना तीव्रता से आने प्रारम्भ हो गए हैं। बीते दिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह ने बाबरी को लेकर बयाना दिया और उनके बयाना को आड़े हाथ लेते हुए AIMIM प्रमुख असुद्दीन ओवैसी उनपर भड़क उठे। उन्होंने कांग्रेस के सेकुलेरिज्म के चोले पर सवाल उठाए और मोदी-राहुल की जोड़ी राम- श्याम की जोड़ी बता डाली। ओवैसी के बयाना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। क्योंकि ओवैसी का बयाना यह इंगित कर रहा है कि कांग्रेस प्रत्यक्ष न सही लेकिन हिंदुत्व के पक्ष में सदैव खड़ी रही है। 

    क्या बोले ओवैसी:

    बाबरी मस्जिद को गिरवाने में जितनी अहम भूमिका बीजेपी और आरएसएस की थी। उतनी ही भूमिका कांग्रेस की रही। कमलनाथ का बयाना बता रहा है कि बाबरी विध्वंस में कांग्रेस भी जिम्मेदार रही है। उन्होंने आरोप लगाए कि रात में चोरों की तरह IDOL रखे गए थे। उस समय किसकी सरकार थी। जब मंदिर में पूजा की अनुमति दी गई तब किसकी सरकार थी। मंदिर के ताले खुलवाए गए तब किसकी सरकार थी। बाबरी के विध्वंस में बीजेपी नहीं कांग्रेस भी शामिल है। कांग्रेस से मेरा सवाल है जब आप बीजेपी की भांति हिंदुत्व की राह पर चलते हैं तो आपने SECULARISM का चोला क्यों पहन रखा है। आखिर इसकी जरूरत क्या है। 

    क्या था कमलनाथ का बयाना: 

    बता दें कमलनाथ लगातार एमपी चुनाव के लिए प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। कमलनाथ ने हिन्दू वोट बैंक को अपने खेमे में करने के लिए राम मंदिर के संदर्भ में बयाना दिया था। उन्होंने कहा- राम मंदिर का ताला राजीव गांधी ने खुलवाया था। हमें इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए। राम मंदिर किसी पार्टी विशेष का नहीं है। राम मंदिर भारत के नागरिकों का है। भारत का है। बीजेपी राम मंदिर का श्रेय नहीं ले सकती है। 

  • Nitish Kumar’s Discontent and the India Alliance: What’s Brewing in State Elections?

    India Alliance: In a significant turn of events, elections are currently underway in 5 states, including MP and Rajasthan. While the Congress party appears to be dominant in these states, other parties in the India Alliance don’t share the same level of influence. This disparity in power distribution has raised concerns, leading to discontent among key political figures. First, it was Akhilesh Yadav, and now, Nitish Kumar has voiced his dissatisfaction. During a recent CPI rally, Nitish Kumar publicly criticized the Congress party’s approach to the India Alliance. In response to this growing tension, Congress Chief Mallikarjun Kharge reached out to Nitish Kumar via a phone call.

    Why is Nitish Kumar Upset with Congress?

    It’s worth noting that Congress National President Mallikarjun Kharge had a conversation with Bihar’s CM, Nitish Kumar, discussing not only the India Alliance but also their collaboration in upcoming state elections. During a CPI rally, Nitish Kumar expressed his disappointment with the Congress’s lack of attention to the India Alliance. The Congress party has shown interest in the legislative elections of five states but seems unconcerned about advancing the opposition’s agenda.

    Advice from D. Raja to Congress

    On the other hand, D. Raja, the National Secretary of the CPI, advised the Congress party to be more accommodating towards its allies. In addition to this, Tejashwi Yadav also targeted the Congress party. He expressed hope that after the upcoming elections in the five states, there would be renewed momentum in the activities of the opposition alliance.

    Akhilesh Accuses Congress of Betrayal

    Meanwhile, there is another significant development concerning the India Alliance. Samajwadi Party President Akhilesh Yadav has launched a scathing attack on the Congress party, accusing them of betraying the India Alliance. He claimed that the Congress’s betrayal has been witnessed by the people of Madhya Pradesh as well. Akhilesh Yadav made these remarks during a campaign event in Chhatarpur, Madhya Pradesh. This revised article increases the use of relevant keywords for improved Google ranking while providing a unique perspective on the topic.

  • Chhattisgarh Election: बीजेपी आदिवासी को समझती वनवासी

    Chhattisgarh Election: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तिथि नजदीक आ रही है। कांग्रेस सत्ता में पुनः वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में एक रैली को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- बीजेपी, आरएसएस और मोदी ने आदिवासियों के लिए नया शब्द निकाला है।

    वह लोग आदिवासियों को वनवासी कहते हैं। आदिवासी और वनवासी में अंतर है। दोनों अगल हैं। अभी हाल ही में एमपी का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में एमपी के एक बीजेपी नेता ने आदिवासी के ऊपर पेशाब की। बीजेपी वाले आदिवासियों को जानवर समझते हैं। इसलिए ही शायद वह आदिवासियों को वनवासी कहते हैं। 

    क्या बोले राहुल गांधी:

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा- आदिवासी भारत के पहले निवासी हैं। यह जमीन,जंगल सब आदिवासियों का है। यह सब उनसे ले लिया गया। देश की जमीन जंगल जो कभी आपकी हुआ करती थी। बीजेपी कभी आदिवासियों के विषय में बात नहीं करती। उन्होंने आदिवासियों के लिए कभी बात नहीं की। उनको आदिवासियों की चिंता नहीं है। उन्होंने आदिवासियों को वनवासी कहकर सम्बोधित किया यह कांग्रेस स्वीकार नहीं करती है। 

    उन्होंने आगे कहा- हमने अडानी के प्रोजिकेट को रद्द करवाया। कांग्रेस जनता के हिट में कार्य कर रही है। कांग्रेस की वजह से अब मोदी आदिवासी को वनवासी नहीं कहते। लेकिन उनकी सोच तो वनवासियों वाली है। पीएम मोदी कहते हैं सभी की एक जाति गरीबी है। तो फिर पीएम स्वयं को ओबीसी क्यों बोलते हैं। मोदी के राज में गरीब- पिछडो और ओबीसी का उत्पीड़न हो रहा है। 

  • Chhattisgarh Election: बीजेपी आदिवासी को समझती वनवासी

    Chhattisgarh Election: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तिथि नजदीक आ रही है। कांग्रेस सत्ता में पुनः वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में एक रैली को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- बीजेपी, आरएसएस और मोदी ने आदिवासियों के लिए नया शब्द निकाला है।

    वह लोग आदिवासियों को वनवासी कहते हैं। आदिवासी और वनवासी में अंतर है। दोनों अगल हैं। अभी हाल ही में एमपी का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में एमपी के एक बीजेपी नेता ने आदिवासी के ऊपर पेशाब की। बीजेपी वाले आदिवासियों को जानवर समझते हैं। इसलिए ही शायद वह आदिवासियों को वनवासी कहते हैं। 

    क्या बोले राहुल गांधी:

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा- आदिवासी भारत के पहले निवासी हैं। यह जमीन,जंगल सब आदिवासियों का है। यह सब उनसे ले लिया गया। देश की जमीन जंगल जो कभी आपकी हुआ करती थी। बीजेपी कभी आदिवासियों के विषय में बात नहीं करती। उन्होंने आदिवासियों के लिए कभी बात नहीं की। उनको आदिवासियों की चिंता नहीं है। उन्होंने आदिवासियों को वनवासी कहकर सम्बोधित किया यह कांग्रेस स्वीकार नहीं करती है। 

    उन्होंने आगे कहा- हमने अडानी के प्रोजिकेट को रद्द करवाया। कांग्रेस जनता के हिट में कार्य कर रही है। कांग्रेस की वजह से अब मोदी आदिवासी को वनवासी नहीं कहते। लेकिन उनकी सोच तो वनवासियों वाली है। पीएम मोदी कहते हैं सभी की एक जाति गरीबी है। तो फिर पीएम स्वयं को ओबीसी क्यों बोलते हैं। मोदी के राज में गरीब- पिछडो और ओबीसी का उत्पीड़न हो रहा है। 

  • नीतीश ने सदन में सेक्स पर दिये बयाना के लिए मांगी माफी

    बीते दिन जनसंख्या नियंत्रण पर बयाना देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा की गरिमा को लाँघ दिया। उन्होंने सेक्स के प्रोसेस पर सदन में खूब ज्ञान दिया। उनके बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई। वही अब उन्होंने अपने बयाना पर खेद प्रकट करते हुए माफी मांग ली है। उन्होंने कहा मैंने महिला शिक्षा की बात कही थी। हमारी सरकार ने महिला हित हेतु खूब काम किया है। 

    क्या बोले नीतीश कुमार:

    नीतीश कुमार ने कहा- बीते दिन सदन में मैंने जो बयाना दिया उसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ। मैंने सिर्फ महिला शिक्षा की बात की। मेरा उद्देश्य किसी को आहात करना नहीं था। हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए खूब काम किया है। अभी तक लोग मेरे काम से सहमत थे लेकिन आज उसकी आलोचना कर रहे हैं। शायद ऊपर से आदेश आया होगा आप लोग इसलिए ऐसा कर रहे हैं। लेकिन मैं महिलाओं के हित हेतु काम करूंगा। जो लोग मेरी आलोचना करते हैं उनका मैं अभिवादन करता हूँ। अपने शब्दों के लिए माफी मांगता हूँ और सदन में जो बयाना दिया उसे वापस लेता हूँ। 

    उन्होंने आगे कहा- हमने इंटर तक लड़कियों की शिक्षा के लिए काम किया। हम उनके उत्थान की बात कर रहे थे। अगर सदन में मेरे मुख से लड़का-लड़की के सोने की बात कही तो उसके लिए मैं माफी मांगता हूँ। मेरा उद्देश्य किसी को आहात करना नहीं था। 

  • Telangana Election: पीएम पर बरसे ओवैसी

    Telangana Election: तेलंगाना में इस महीने के अंत में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। बीजेपी तेलंगाना में अपनी विजय पताका लहराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पीएम समेत बड़े-बड़े नेता तेलंगाना में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। वही बीते दिन पीएम ने अपने भाषण में पिछड़ी जाति का जिक्र छेड दिया। उन्होंने कहा- बीजेपी में पिछड़ी जाति का सीएम चुनने के लिए चर्चा शुरू हो रही है। 

    पीएम के इस बयाना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में अब मुद्दों से अधिक जाति महत्व रखती है और राजनीति में जाति का महत्व आज भी उसी स्तर का है। बड़े-बड़े नेता जाति के नाम पर अपना वोट बैंक मजबूत करने की कवायद में जुटे हैं। वही पीएम के पिछड़े सीएम को चुनने वाले बयाना पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कटाक्ष किया है। 

    क्या बोले ओवैसी :

    ओवैसी ने कहा- पीएम ने जाति के आधार पर तेलंगाना में वोट मांगे। लेकिन उन्होंने ओबीसी समाज का हित नहीं देखा। उन्होंने कहा- पीएम ने पिछड़े मुस्लिमों के लिए आरक्षण खत्म करने का वादा किया. आरक्षण पर 50% की सीमा नहीं हटाई और 27% ओबीसी कोटा को बढ़ाने का विरोध किया। उन्होंने कहा- मैं हमेशा से कहता रहा हूँ कि भारतीय राजनीति में मुस्लिम का प्रतिनिधित्व कम है। मेरे बयाना पर लोग आलोचनात्मक हो जाते हैं। मुझे साम्प्रदायिक बतातection: तेलंगाना में इस महीने के अंत में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। बीजेपी तेलंगाना में अपनी विजय पताका लहराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पीएम समेत बड़े-बड़े नेता तेलंगाना में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। वही बीते दिन पीएम ने अपने भाषण में पिछड़ी जाति का जिक्र छेड दिया। उन्होंने कहा- बीजेपी में पिछड़ी जाति का सीएम चुनने के लिए चर्चा शुरू हो रही है। 

    पीएम के इस बयाना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में अब मुद्दों से अधिक जाति महत्व रखती है और राजनीति में जाति का महत्व आज भी उसी स्तर का है। बड़े-बड़े नेता जाति के नाम पर अपना वोट बैंक मजबूत करने की कवायद में जुटे हैं। वही पीएम के पिछड़े सीएम को चुनने वाले बयाना पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कटाक्ष किया है। 

    क्या बोले ओवैसी :

    ओवैसी ने कहा- पीएम ने जाति के आधार पर तेलंगाना में वोट मांगे। लेकिन उन्होंने ओबीसी समाज का हित नहीं देखा। उन्होंने कहा- पीएम ने पिछड़े मुस्लिमों के लिए आरक्षण खत्म करने का वादा किया. आरक्षण पर 50% की सीमा नहीं हटाई और 27% ओबीसी कोटा को बढ़ाने का विरोध किया। उन्होंने कहा- मैं हमेशा से कहता रहा हूँ कि भारतीय राजनीति में मुस्लिम का प्रतिनिधित्व कम है। मेरे बयाना पर लोग आलोचनात्मक हो जाते हैं। मुझे साम्प्रदायिक बताते हैं।