Category: politics

  • मोदी है तो मुमकिन है , जून में गई 1.3 करोड़ लोगों की नौकरी, बीजेपी सांसद भड़के

    राजनीति:- पीलीभीत से भाजपा सांसद वरूण गांधी आय दिन अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते है। यह वैसे तो भाजपा परिवार का हिस्सा है लेकिन यह अक्सर भाजपा का विरोध करते पाए जाते हैं। वरुण गांधी ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का विरोध किया यह किसान आंदोलन से लेकर अग्निपथ योजना के लिए अक्सर सरकार को खरी खोटी सुनाते नजर आए। वरुण गांधी देश की आर्थिक स्थिति का मुद्दा अक्सर सोशल मीडिया पर उठाते रहते है ओर केंद्र सरकार से बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल करते हैं।

    वही अब वरुण गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर पर एक खबर को शेयर करते हुए देश के विकास पर सवाल उठाए हैं। असल मे भाजपा आय दिन विकास की गाथा गाती रहती है अब ऐसे में वरुण का यह ट्वीट भाजपा के विरोध में कई सवाल खड़े कर रहा है। वरुण ने जो खबर शेयर की है वह बेरोजगारी के आंकड़े को दर्शाती है। उस खबर के मुताबिक 1.3 करोंड लोग बेरोजगार हुए हैं। वरुण ने खबर साझा करते हुए लिखा आंकड़ें जो डराते हैं: देश में बेरोजगारी दर – 7.80%, हरियाणा – 30.6%, राजस्थान – 29.8%, असम -17.2%, जम्मू-कश्मीर -17.2%, बिहार -14%, 1.3 करोड़ लोगों की नौकरियां गई। करोड़ों खेतिहर मजदूरों और श्रमिकों के पास कोई रोजगार नहीं। क्या इन आंकड़ों के साथ हम देश के विकास की गाथा लिखेंगे? 

     

     

    वरुण के ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर भरभराकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर लिखता है कि मोदी जी सिर्फ अपने प्रचार में व्यस्त हैं, ये सिर्फ पोस्टरों में भारत को विश्वगुरु बनाने में लगे हैं, जबकि देश के हालात बद्तर होते जा रहे हैं। दूसरा यूजर कहता है कि जबसे सत्ता में आये हैं तरह तरह के टैक्स वसूली और लोगो को पैदल करना इनकी आदत है। एक यूजर मोदी पर भड़कते हुए कहता है कि अब कितने अच्छे दिन चाहिए युवाओं ,अब तो खुश हो आप ,चलो ज़ोर से बोलिए मोदी है तो मुमकिन है। वही एक यूजर वरुण से आंदोलन करने की गुजारिश करते हुए कहता है कि आप से गुजारिश है की सड़क पर आकर आंदोलन करे जिस तरह से अन्ना जी ने कांग्रेस के खिलाफ किया था। आप जैसे लोग की इसवक्त बहुत जरूरत हे तभी देश संभाल सकता है। बीजेपी का एक सांसद अपनी ही पार्टी की नाकामियों का लेखाजोखा जनता के समक्ष पेश करता है लेकिन ना तो गवर्नमेंट को कोई फर्क पड़ता है और ना ही अंधभक्तों को | धन्य है देश की जनता भी जो इतना धैर्य रखे हुए है |

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्री लंका के राष्ट्रपति की तरह अपना पद त्याग कर भागना पड़ेगा

    भारत:- श्री लंका इस समय भीषण अर्थिक संकट से जूझ रही है। जनता सरकार के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया है ओर अब राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ओर रानिल विक्रमसिंघे अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार है। श्री लंका की इस दशा को इंगित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा आज जो हालात श्री लंका की है वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी होने वाली है।

    टीएमसी विधायक इदरीस अली ने एक बयान देते हुए कहा, श्री लंका के राष्ट्रपति के साथ जो हुआ वह पूरे विश्व ने देखा। आगामी समय मे वही मोदी जी के साथ भी होगा। आज भारत मे जो हालात हैं वह बेबदतर है। मोदी जी हर दिशा में फेल साबित हुए हैं। देश की दशा श्री लंका से खराब होगी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्री लंका के राष्ट्रपति की तरह अपना पद त्याग कर भागना पड़ेगा। उन्होंने यह बात एनआईए समाचार एजेंसी के रिपोर्टर से बातचीत के दौरान कही। 

     

    देखे उनके बयान पर क्या बोले यूजर्स:-

    एक यूजर कहता है कि यदि तुम्हारी दृष्टि अच्छी है तो सारा संसार तुम्हें अच्छा लगेगा यदि तुम्हारी वाणी अच्छी है तो सारे संसार को तुम अच्छे लगोगे निजी जीवन से देश बड़ा होता है हम मिटते हैं तब देश खड़ा होता है सुभाष चंद्र बोस जी। मोदी जी सैल्यूट। दूसरा यूजर कहता है कि इसको पता नहीं कि श्री लंका का बुरा हाल एक परिवार के सत्ता में बने रहने के कारण हुआ है। भारत परिवारवाद के खिलाफ है। भारत बहुत मजबूत है।‌ श्री लंका वाले भी चाहते होंगे कि उनका देश भारत जैसा हो। 
    एक यूजर कहता है कि मोदीजी विरोध बड़ा लाजवाब है TMC का, श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ जो हुआ,वही भारत के PM मोदीजी के साथ होगा,बड़े ही होनहार हैं इनके व सभी विपक्षी नेताओं के विचार, जिसके बारे में सोच रहे हैं ये उनका नाम भारत के मोदी है, श्री लंका के नही,जो भाग जाएंगे बेस्ट बंगाल।

  • कांग्रेस की पुस्तैनी सींट में सेंध लगाने को तैयार भाजपा

    गुजरात चुनाव:- गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को है। अभी तक गुजरात मे केवल दो दलों भाजपा और कांग्रेस की धाक बनी हुई थी। वही इस बार यहां आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम की राजनीति में एंट्री हुई है जो सींधे तौर पर गुजरात के मुख्य दल भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक पर डंका डालने की योजना बना रहे है। लेकिन इन सबके बीच गुजरात मे कुछ विधानसभा सींटें ऐसी है जहां लम्बे समय से भाजपा ओर कांग्रेस का अधिपत्य है ओर यहां की जनता इन दलों पर आंख मूंद कर विश्वास जताती है। ऐसी ही एक सींट है गुजरात के बनासकांठा जिले के वाव विधानसभा सींट। इस सींट पर मतदान किसी विशेष दल के समर्थन में नही है बल्कि यहां का मतदान पार्टी में अपने इंटरेस्ट के आधार पर अपनी विधानसभा के प्रत्याशी को वोट देती है।

    साल 2017 में इस सींट पर कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के उम्दा प्रदर्शन के चलते इस सींट पर कांग्रेस की महिला प्रत्याशी ठाकोर गेनीबेन नाग जी को जीत हासिल हुई। माना जाता है इस सींट का वोटर इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस पर विश्वास करता आया है ओर उसके लिए कांग्रेस सबसे पहले है। लेकिन अगर हम बनासकांठा लोकसभा सींट की बात करे तो यह भाजपा के खेमे में है। वही साल 2022 में भाजपा जाति आधारित समीकरण स्थापित कर इस सींट को अपनी ओर करना चाह रही है।
    अगर हम इस सींट के वोटरों को जाति के आधार पर समझे तो इस सींट पर दलित ओर पिछड़ा समाज अधिक रहता है। इस सींट पर कांग्रेस ने काफी समय तक राज किया था। साल 2017 में यह सींट कांग्रेस के खेमे में थी। 2012 और 2007 में इस सींट पर भाजपा को जीत हासिल हुई लेकिन उससे पहले इस सींट पर कांग्रेस का दबदबा था। इस सींट पर करीब 3 लाख 70 हजार मतदान है। इसमे 90 फीसदीं मतदान ग्रामीण इलाके में रहते हैं। यहां पर सबसे ज्यादा मतदान अनुसूचित जाति के है। इसके अलावा यहां पिछड़ा वर्ग का वोट बैंक अधिक है। ठाकोर मतदान इस सींट पर काफी अधिक संख्या में है। राजनीतिक विशेषज्ञयों का कहना है कि भेले इस सींट पर कांग्रेस का दबदबा हो लेकिन अल्पेश ठाकोर के भाजपा में शामिल होने से इस सींट पर कही न कही भाजपा का समर्थन बढ़ रहा है।

  • नरेंद्र मोदी की कथनी में आदिवासी हित दिखावा है, लेकिन करनी में आदिवासियों के साथ छलावा है

    National:- प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने वन संरक्षक कानून को छलावा बताया है और कहा कि वन अधिकार कानून ने आदिवासियों को उनका हक दिया, ग्रामसभा व आदिवासी स्वराज की आवाज को महत्व दिया वन संरक्षण कानून के नए नियम आदिवासी स्वराज-ग्रामसभा के अधिकारों पर हमला हैं। नरेंद्र मोदी की कथनी में आदिवासी हित का दावा व दिखावा है, लेकिन करनी में आदिवासियों के साथ छलावा है।

    जानकारी के लिए बता दें यह बात प्रियंका गांधी ने तब कही है जब नरेंद्र मोदी सरकार ने वन संरक्षक कानून के नियमो में परिवर्तन किया है। केंद्र सरकार के यह नए नियम जो निजी डेवलपर्स को बिना वनवासियों की सहमति लिए जंगल काटने की अनुमति देते। यह ऐसे नियम है जो कि वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है। 

     

    जाने क्या है प्रियंका के बयान पर यूजर्स की प्रतिक्रिया:-

    एक यूजर कहता है कि कांग्रेस पार्टी भारतवर्ष का DNA है कांग्रेस ही भारत को प्रगति के रास्ते पर ले जाती है 
    भारत मे जो कुछ भी बना है सब कांग्रेस की देन है कांग्रेस के सिवा दूसरा कोई विकल्प है ही नही भारत की राजनीति के लिए विकास और समृद्ध भारत के लिये कांग्रेस के साथ चलो। वही दूसरा यूजर कहता है कि भाजपा सरकार हर कीमत पर आदिवासियों का दमन करना चाहती है उसका आदिवासी प्रेम केवल वोट बटोरने के लिए होता है। 
    वही एक अन्य यूजर आदिवासियों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इंगित करते हुए कहा कि आदिवासी राष्ट्रपति तो ले आए पर उनके गांव में आज तक बिजली न है कई ऐसे गांव है जहा न सड़क है न बिजली बस 8 साल में नफरत और शौचालय के अलावा इस सरकार ने कुछ न दिया। 
    कुछ यूजर प्रियंका के ट्वीट पर भड़कते हुए बोले , मैडम आदिवासियों के देवी-देवता और पुरखें पेड़ों और जंगलों में निवास करते हैं. हर आदिवासी समाज के लिए, एक न एक वन्यजीव देव स्वरुप होता है. लेकिन इन पेड़ों को, इन जंगलों को खदानों के नाम पर उजाड़ने मे हाथ नही कांपे थे क्या जो अब ज्ञान दे रही हो तुम लोग। वही दूसरा यूजर उन्हें चुनाव के दौरान लड़की हूँ लड़ सकती हूं को याद दिलाते हुए बोला कि लड़की हूं लड़ सकती हूं मगर अपने विधायक नहीं संभाल सकती हूं। गोवा कांग्रेस विधायक नौ दो ग्यारह हो गए वह बीजेपी में शामिल हो रहे हैं ए हो क्या रहा है कांग्रेसमें जब से सत्य ग्रह हुआ है कब से कांग्रेसियों की भरमार बीजेपी में हो गई।

  • चंडीगढ़ पर गरमाई सियासत, विधानसभा भवन बनाने को लेकर हरियाणा-पंजाब में अनबन

     

     

    डेस्क। जयपुर में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की घंटों चली बैठक के बाद ही पंजाब के सीएम भगवंत मान ने शनिवार को केंद्र से अलग पंजाब विधानसभा के लिए चंडीगढ़ में जमीन के टुकड़ा की मांग की है। इस मांग ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। 

    बता दें कि उनकी मांग तब आई जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की चंडीगढ़ में अलग राज्य विधानसभा बनाने की इसी तरह की मांग को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरी झंडी दिखाई हैं। 

    इस कड़ी में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने चेतावनी दी कि हरियाणा सरकार को चंडीगढ़ में विधानसभा की नई बिल्डिंग नहीं बनने देंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि हरियाणा सरकार चाहे तो पंचकूला, फरीदाबाद या कुरुक्षेत्र में कहीं भी विधानसभा भवन बना ले।

    साथ ही जौड़ामाजरा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का है और पंजाब का ही रहेगा। हरियाणा भी पंजाब से ही गया है और चंडीगढ़ पहले से पंजाब का हिस्सा है। आगे उन्होंने कहा कि विधानसभा भवन भी पंजाब का है बस यह भाईचारे के तौर पर हरियाणा को दिया गया है। 

    सीएम मान ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब की विधानसभा के लिए भी चंडीगढ़ में जमीन दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लिए अलग हाई कोर्ट की इसी तरह की मांग लंबे समय से लंबित चल रही है।

    बता दें कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 ने अविभाजित पंजाब से हरियाणा राज्य को अलग कर दिया था साथ ही केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में चंडीगढ़ का नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था और पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों को भी हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया था।

    पंजाब की राजधानी (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1952 में यह पंजाब और हरियाणा दोनों की सामान्य राजधानी बन गई और संपत्तियों को 60:40 के अनुपात में राज्यों के बीच विभाजित किया जाता आया है।

  • खाने ओर जनंसख्या बढाने का काम तो जानवर करते हैं, मनुष्य के पास… दिमाग

    भारत:- विश्व जनंसख्या दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने भारत की चिंता को बढ़ा दिया है। क्योंकि इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाले 2 से 3 साल में भारत की जनसंख्या चीन से ज्यादा होगी ओर भारत सबसे अधिक जनसंख्या वाला राष्ट्र होगा। संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट ने मानो भारत मे हलचल मचा दी हो ओर देश की बढ़ती जनंसख्या को लेकर राजनेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं। अभी हाल ही मे जहाँ योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती जनसंख्या का ठीकरा एक विशेष वर्ग पर फोड दिया। वही भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री अब्बास नकवी ने कहा कि बढ़ती जनंसख्या देश के लिए चिंता का विषय है लेकिन इसे वर्ग विशेष कहना ठीक नहीं।

    लेकिन अब बढ़ती जनंसख्या पर संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान सामने आया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कर्नाटक की एक जनसभा में थे जहां उन्होंने बयान दिया कि सिर्फ खाने ओर जनंसख्या बढाने का काम तो जानवर करते हैं। भागवत ने कर्नाटक के कलबुर्गी में स्थित श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस के पहले दीक्षांत समारोह में सभा को सम्बोधित करते हुए कहा, यह सत्य है कि अगर मनुष्य का पास दिमाग नही होता तो वह इस संसार का सबसे कमजोर प्राणी होता। लेकिन सोचने की शक्ति मनुष्य को मिली। इस सोचने की शक्ति ने मनुष्य के जीवन को सरल बनाया। सर्वश्रेष्ठ बनाया। 
    उन्होंने आगे कहा, मनुष्य को अपने संज्ञानात्मक ज्ञान से यह पता चला कि उसका काम सिर्फ खाना नही बल्कि आगे बढ़ना है। यह जंगल का कानून है यहां वही जी सकता है जो संघर्ष करता है। जो खुद को ताकतवर दिखाता है। लेकिन मनुष्य की व्याख्या एक ताकतवर जानवर के रूप की गई है एक ऐसा जानवर जो कि दूसरों को जीने मदद करेगा। जानकारी के लिए बता दें संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया था कि 2023 तक भारत जनसंख्या वृद्धि के मामले में चीन को पछाड़ कर आगे निकल जायेगा। अभी चीन की आबादी 1.426 अरब और भारत की आबादी 1.412 अरब है. लेकिन अनुमान है कि भारत जल्द चीन के इस आंकड़े को पार कर आगे निकलेगा।

  • कैसे भाजपा भारत को कर रही नष्ट

    राजनीति:- असंसदीय शब्दो मे कुछ नए शब्द जोड़े गए हैं जिसको लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार को घेरा है। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, बैठ जाएं। बैठ जाइये। प्रेम से बोलें। लोकसभा और राज्यसभा की नई असंसदीय शब्दों की सूची में संघी शब्द शामिल नहीं है। मूल रूप से सरकार ने विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी शब्दों के इस्तेमाल को रोकने के लिए यह काम किया है। कैसे भाजपा भारत को नष्ट कर रही है और उन पर प्रतिबंध लगा रही है।

     

     

    वही प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह पुराना मीम याद आ गया। अगर करें तो करें क्या, बोलें तो बोलें क्या? सिर्फ वाह मोदी जी वाह! यह मीम अब हकीकत सा लगता है!’ जानकारी के लिए बता दें संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्दों को लेकर नई बुकलेट जारी की है। इसमें जुमलाजीवी, बाल बुद्धि, कोविड स्प्रेडर और स्नूपगेट, यहां तक आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले शर्म, दुर्व्यवहार, विश्वासघात, भ्रष्ट, ड्रामा, पाखंड और अक्षम जैसे शब्द अब लोकसभा और राज्यसभा में असंसदीय माने जाएंगे। 
    इसके अलावा संसद में शकुनि, जयचंद, लॉलीपॉप, चांडाल चौकड़ी, गुल खिलाए, पिट्ठू जैसे आदि शब्दों का भी दोनों सदनों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी नई बुकलेट के अनुसार, ऐसे शब्दों के प्रयोग को अमर्यादित आचरण माना जाएगा और ये सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे।

    खबर:- अमर उजाला

  • कैसे भाजपा भारत को कर रही नष्ट

    राजनीति:- असंसदीय शब्दो मे कुछ नए शब्द जोड़े गए हैं जिसको लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार को घेरा है। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, बैठ जाएं। बैठ जाइये। प्रेम से बोलें। लोकसभा और राज्यसभा की नई असंसदीय शब्दों की सूची में संघी शब्द शामिल नहीं है। मूल रूप से सरकार ने विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी शब्दों के इस्तेमाल को रोकने के लिए यह काम किया है। कैसे भाजपा भारत को नष्ट कर रही है और उन पर प्रतिबंध लगा रही है।

     

     

    वही प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह पुराना मीम याद आ गया। अगर करें तो करें क्या, बोलें तो बोलें क्या? सिर्फ वाह मोदी जी वाह! यह मीम अब हकीकत सा लगता है!’ जानकारी के लिए बता दें संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्दों को लेकर नई बुकलेट जारी की है। इसमें जुमलाजीवी, बाल बुद्धि, कोविड स्प्रेडर और स्नूपगेट, यहां तक आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले शर्म, दुर्व्यवहार, विश्वासघात, भ्रष्ट, ड्रामा, पाखंड और अक्षम जैसे शब्द अब लोकसभा और राज्यसभा में असंसदीय माने जाएंगे। 
    इसके अलावा संसद में शकुनि, जयचंद, लॉलीपॉप, चांडाल चौकड़ी, गुल खिलाए, पिट्ठू जैसे आदि शब्दों का भी दोनों सदनों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी नई बुकलेट के अनुसार, ऐसे शब्दों के प्रयोग को अमर्यादित आचरण माना जाएगा और ये सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे।

    खबर:- अमर उजाला

  • भारत मे बढ़ती जनंसख्या को धार्मिक और राजनीतिक चश्मे से देखा जाना चिंताजनक:- उद्धव ठाकरे

    महाराष्ट्र:- देश की बढ़ती जनंसख्या को लेकर जब से संयुक राष्ट्र संघ की टिप्पणी सामने आई है राजनेता लगातार इस मुद्दे पर अपना अपना पक्ष रख रहे हैं। कोई बढ़ती जनसंख्या के लिए किसी एक विशेष धर्म को जिम्मेदार बता रहा है तो कोई देश की बढ़ती जनंसख्या पर चिंता जाहिर कर रहा है। वही अब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से बढ़ती जनसंख्या का जिक्र किया ओर सरकार पर तंज कसा। 

    उन्होंने कहा कि आय दिन यह घोषणा की जाती है कि हमारा देश जल्द ही महाशक्ति बन जायेगा। खास तौर पर अगर हम बीते चार पांच सालों की बात करे तो इन सालों में यह दावा ज्यादा किया गया है। लेकिन अब यह तय है कि देश महाशक्ति बने न बने लेकिन जल्द ही देश जनसंख्या वृद्धि में महाशक्ति बन जायेंगे। उन्होंने कहा अगले दो सालों में हम जनंसख्या वृद्धि के मामले में चीन से आगे होंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ की जो रिपोर्ट सामने आई है यह भारत के लिए बड़ी चेतावनी है। 
    भारत की वर्तमान जनंसख्या वर्द्धि दर 0.9 फीसदीं है। इस रफ़्तार को देखकर यह निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि भारत 2023 मे जनंसख्या के मामले में चीन को पछाड़ देगा। अभी हमारे देश की जनंसख्या 140 करोंड 60 लाख के आसपास है वही चीन की जनसंख्या 142.60 करोंड है। अगर हम आकड़ो पर गौर करे तो हम चीन के आसपास ही है ओर जल्द ही हम चीन को पछाड़ कर उससे आगे होंगे। यह चेतावनी ही है हमारे लिए। आज जहाँ हमे बढ़ती जनंसख्या के लिए लोगो को जागरूक करना चाहिए वही हम खुद जनंसख्या वर्द्धि में आगे बढ़ रहे हैं। 
    भारत अब जनंसख्या वृद्धि के मामले में चीन से आगे पहंचने वाला है। अब इस मुद्दे पर किसे दोष दिया जाए। क्या यह सरकार की असफलता है या जनता की लापरवाही। बढ़ती जनंसख्या वास्तव में हमारे देश के लिए बड़ा दर्द साबित हो सकती है। लेकिन फिर भी इसे रोकने के लिए कोई सुचारु उपाय नही खोजा जा रहा है। हमारे देश मे बढ़ती जनंसख्या को सामाजिक दृष्टिकोण से नही देखा जाता बल्कि इसे धार्मिक ओर राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है।

  • वाह रे मोदी जी गरीबो के लिए GST कर ओर अमीर मित्रों के लिए मेवा कल्चर

    Breakingnews: आज से कई चीजो की जीएसटी में परिवर्तन हुआ है जिसके चलते रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हुई है। बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष एक बार पुनः बलिख उठा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के खरबपति दोस्तो को फायदा देने के लिए आगामी समय मे बिजली महंगी करेंगे।

    उन्होंने ट्वीट कर कहा, पहले पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस महंगी की। आज से आटा, अनाज, दही भी महंगा हो गया। मोदी जी के खरबपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए आने वाले समय में बिजली महंगी होगी। कुछ लोगों के लिए अंधाधुंध कमाई का इंतजाम हो रहा है, लेकिन “रेवड़ी कल्चर” बोलकर बदनाम गरीब व मध्यवर्ग को किया जा रहा है। उन्होंने ट्वीट के साथ एक तस्वीर साझा की है जिसमे लिखा है कि गरीबो के लिए सेवा कर अमीर मित्रों के लिए मेवा कल्चर। प्रियंका गांधी के ट्वीट पर यूजर्स जमकर बयानबाजी कर रहे हैं।

     

    एक यूजर लिखता है कि कितनी चालाकी से लखनऊ के लूलू मॉल के मामले को बढ़ा-चढ़ाकर राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया है.. ख़ासकर मीडिया ने .. पुलिस ने अपना काम कर दिया है.. लूलू मॉल ने सफ़ाई दे दी है.. हद है अब आज तो कम से कम आटा, पनीर आदि पर बढ़े टैक्स पर चर्चा होनी चाहिए। वही दूसरा यूजर कहता है कि मैडम जी किसी बाहरी को कमान देकर कांग्रेस को जिन्दा करो ताकि मोदी की मनमानी रुके, तुमसे और राहुल से कुछ ना होगा, तुम तो इलेक्शन के समय बहुरूपिए की तरह भेष बदलकर कर प्रचार को निकलोगी, कोई जमीनी स्तर पर काम करने वाले को ढूंढो।