Category: politics

  • कर्नाटक चुनाव ने दिया संकेत हम इस तरह बीजेपी को दे सकते हैं मात

    राजनीति- कर्नाटक में कांग्रेस की बम्फर जीत के बाद विपक्ष लगातार बीजेपी पर हमलावर है. विपक्ष का दावा है कि कर्नाटक से बीजेपी के पतन काल का अध्य्याय आरम्भ हुआ है वहीं अब इस परिपेक्ष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है. पवार ने कहा- कर्नाटक में जो हुआ वह अन्य राज्यों में भी हो सकता है. अब समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ मिलकर काम करना होगा.

    उन्होंने आगे कहा- बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए समान विचारधारा वाले लोगों को एकसाथ आना चाहिए.यह परिवर्तन का संकेत हैं हम यदि कर्नाटक जैसा कमाल अन्य राज्यों में दिखा पाए तो यह बदलवा का बेहतर विकल्प होगा.कर्नाटक में कांग्रेस मजबूत थी कांग्रेस ने अपने बलबूते से बीजेपी को हराया.जनता ने कांग्रेस का समर्थन दिया लेकिन अन्य राज्यों में हमे एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा यही बीजेपी को सत्ता से बाहर फेकने का बेहतरीन विकल्प है .

    बता दें राकांपा  की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने रविवार को कहा कि कर्नाटक में भाजपा की पराजय से महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को बल मिला है और वह छोटी पार्टियों को साथ लेकर 2024 में सत्तारूढ़ दल को संयुक्त चुनौती देगी।

  • Lok Sabha Election 2024: इस रणनीति से भाजपा लहराएगी अपनी जीत का ध्वज

    देश- कर्नाटक में बीजेपी को हार का मुह देखना पड़ा वहीं निकाय चुनाव में बीजेपी ने बम्फर जीत दर्ज की. अब इस बीच राजनीतिक गलियारों में साल २०२४ में होने वाले लोकसभा चुनाव की चर्चा तेज हो गई है.जानकारों का दावा है कि विपक्ष की ओर से अब राहुल गांधी प्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को टक्कर देंगे.वहीं बीजेपी ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियां आरम्भ कर दी हैं .

    राजनीतिक जानकारों का दावा है कि- बीजेपी इस बार शहरी इलाकों पर अधिक ध्यान केन्द्रित कर सकती है. भाजपा ने इस बार सभी 17 नगर निगमों, 199 में से 89 नगर पालिकाओं और 544 में से 191 नगर पंचायतों में अपना परचम लहराया है। जो बताता है कि भाजपा की सबका साथ-सबका विकास की परियोजना शहरों में खूब चम चमा रही है. भाजपा को कर्नाटक हार के बाद यह भली-भांति पता चल गया है कि यदि अपनी पैख सत्ता  में जमाए रखना है तो हमें जनता से प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर राजनीति करनी होगी.

    इसके साथ ही निकाय चुनाव में अपनी जीत के बाद भाजपा ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ गाँव -गाँव तक पहुँचाने की मुहीन अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से चलवाई है.भाजपा नेताओं का यह भी मानना है कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने जनता काफी खुश है जनता को विकास दिखाई दे रहा है.हम जब प्रत्यक्ष रूप से जनता से जुड़ेंगे तो जनता हमारा न सिर्फ समर्थन करेगी अपितु  हमारी सरकार पुनः बनायेगी.

  • कर्नाटक फतेह के बाद पद के लिए शुरू हुई खींचातानी

    राजनीति- कर्नाटक में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत से सरकार तो बना ली लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर उनका मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री की रेस में पूर्व सीएम सिद्दरमैया व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार हैं लेकिन सूत्रों का दावा है पद को लेकर पार्टी में कलह मची हुई है। बताया यह भी जा रहा है पूर्व सीएम सिद्दरमैया व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार दोनों ही दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया व राहुल गाँधी से मुलाक़ात कर सकते हैं। 

    कर्नाटक के एआईसीसी प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा- हम जल्दबाजी में निर्णय नहीं ले सकते हैं हम विचार-विमर्श करके इस संदर्भ में कोई निर्णय लेंगे। इस संदर्भ में रिपोट सौंप दी गई है। कांग्रेस के बड़े नेताओं की रजामंदी के मुताबिक़ पार्टी अध्यक्ष जो निर्णय लेंगे वही सबके लिए मान्य होगा। 

    डीके सुरेश ने कहा, ‘हां, वह कल आएंगे।’ सीएम पद के लिए उनका और सिद्धारमैया का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या के बारे में विभिन्न दावों के बीच, शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि उनकी ताकत 135 है, क्योंकि राज्य में उनकी अध्यक्षता में पार्टी ने सीटें जीती थीं। शिवकुमार के इस कदम को कई लोग शीर्ष पद पर अपना दावा जताने के लिए “दबाव की रणनीति” के रूप में देख रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि दक्षिणी राज्य में नेतृत्व की जंग अभी खत्म नहीं हुई है।

  • एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने क्लाउड सर्विस मार्किट में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी की हासिल

    टॉप तीन क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स अमेजॉन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), माइक्रोसॉफ्ट एज्योर और गूगल क्लाउड ने पहली तिमाही में सामूहिक रूप से 22 प्रतिशत की वृद्धि की और ग्राहक खर्च में 64 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की। मार्केट रिसर्च फर्म कैनालिस के अनुसार, अमेजॉन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) पहली तिमाही में लीडिंग क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर था, जो साल-दर-साल 16 प्रतिशत बढ़ने के बाद कुल खर्च का 32 प्रतिशत दर्ज किया गया।

    माइक्रोसॉफ्ट एज्योर 23 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर बना रहा, जबकि इसमें साल-दर-साल 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मार्च तिमाही में गूगल क्लाउड 30 प्रतिशत बढ़ा और बाजार में 9 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। 2023 की पहली तिमाही में दुनिया भर में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस पर खर्च 19 फीसदी बढ़कर 66.4 अरब डॉलर हो गया। जबकि क्लाउड आईटी मार्किट के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है, पहली बार 20 प्रतिशत से नीचे की वृद्धि के साथ लगातार मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितताओं के कारण ग्राहक निवेश धीमा हो रहा है। सभी क्लाउड हाइपरस्केलर्स प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए थे, उनकी वृद्धि पिछली तिमाही से चार प्रतिशत अंक गिर गई थी।

    धीमी वृद्धि के जवाब में, उन्होंने अपने क्लाउड डिवीजनों में कर्मचारियों की छंटनी और अन्य आंतरिक लागत में कटौती की घोषणा की। क्षेत्रीय रूप से, एपीएसी ने सबसे कमजोर परफॉर्मेंस देखा क्योंकि मुख्यभूमि चीन में ग्राहक खर्च कम हो गया, जिससे कई चीनी हाइपरस्केलर प्रभावित हुए। कैनालिस को उम्मीद है कि 2023 की दूसरी छमाही तक वैश्विक क्लाउड सेवाओं का खर्च धीमा रहेगा।  कैनालिस के वीपी एलेक्स स्मिथ ने कहा, हाइब्रिड क्लाउड मॉडल से उद्यम लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन ऑन-प्रिमाइसेस और क्लाउड प्लेटफॉर्म के बीच काम का बोझ बढ़ाना उनके लिए महंगा हो सकता है।
     

  • भाजपा ने कांग्रेस से ली यह सीख और जुट गई काम पर

    राजनीति- कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को मिली करारी हार के बाद पार्टी में खलबली मच गई है। क्योंकि कर्नाटक में बीजेपी में अपने दिग्गज नेताओं की सम्पूर्ण ताकत लगा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धमाकेदार रैलियां करवाईं, जय बजरंग बली के नारे लगे लेकिन जनता ने मुद्दों को महत्व देते हुए कांग्रेस पर विश्वास जताया। कर्नाटक हार के बाद बीजेपी अब काफी सजग हो गई है और जमीनी स्तर पर अपनी रणनीतियों में परिवर्तन करने की कोशिश में जुट गई है। 

    इसी कड़ी में बीजेपी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से सम्पर्क साधा है, नेताओं को पार्टी की ओर से निर्दश हैं कि वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े व कार्यकर्ताओं के मन में पार्टी को लेकर जो भी समस्याएं हैं उनका जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। जानकारों का यह भी कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि पार्टी उन नेताओं को अधिक महत्व दे रही है जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और जो आरम्भ से भाजपा के पक्ष में हैं उनपर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। 

    बीजेपी लगातार अपने कार्यकर्ताओं की समस्या जानकर उन्हें सुलझाने की कोशिश कर रहे है। इसके साथ ही अपने कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय करना और उन्हें केंद्र की योजनाओं की संपूर्ण जानकारी जनता तक पहुंचाने की बात कर रही है। बीजेपी का यह भी मानना है कि बिना जनता से जुड़े सत्ता में अपनी धाक जमा पाना आसान नहीं है यदि हमें सत्ता में बना रहना है तो हमें जनता से जुड़ा रहना होगा। सिर्फ बड़े नेताओं के बलबूते पर चुनावी रण जीत पाना संभव नहीं हैं। 

    राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ का मानना है कि कर्नाटक हार से बीजेपी ने सबक लिया है। बीजेपी को यह मालूम हो गया है कि कार्यालय पर मीटिंग करने और धर्म के नाम पर भाषण देने से हम अपनी जीत सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं. वहीं बड़े नेताओं को तुरुप का इक्का समझ कर हम जनता को भ्रमित नहीं कर सकते  जनता को जीतने के लिए हमें उनके कल्याण की बात करनी होगी। 

     

  • Karnataka Election Results 2023: बजरंग बली का आशीर्वाद हमें मिला

    राजनीति- कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस खेमे में ख़ुशी की लहर है। वहीं अब जीत पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहते हैं- बजरंग बली का आशीर्वाद कांग्रेस को मिला है वह भाजपा के साथ नहीं हमारे साथ हैं। 

    उन्होंने आगे कहा- बजरंग बली धर्म की रक्षा करते हैं वह अन्याय के खिलाफ खड़े होते हैं कर्नाटक में यही हुआ है बजरंग बली ने अधर्म,अन्याय को मात दी है यही आगे भी होगा। 

    उन्होने एएनआई से बातचीत के दौरान कहा- बजरंग बली हमेशा धर्म के साथ हैं और बजरंग बली हमेशा अन्यायी और अत्याचारियों को परास्त करते रहे हैं, कर्नाटक में यही हुआ है और आगे भी यही होने वाला है। बीजेपी के साथ तो बजरंग बली नहीं हैं…बजरंग बली का आर्शीवाद तो हमें मिला है। 

    https://twitter.com/AHindinews/status/1657659697250574337?s=20

  • Karnataka Election Results: जनता कांग्रेस का छल जानती है कर्नाटक में बनेगी कांग्रेस की सरकार

    राजनीति – कर्नाटक विधानसभा चुनाव हेतु १० मई को मतदान हुआ और आज नतीजे घोषित हो रहे हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक़ कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बन रही है वही बीजेपी का दावा है कि एग्जिट पोल सिर्फ एक अनुमान है इसपर विश्वास नहीं किया जा सकता। बीजेपी नेता भास्कर राव ने कांग्रेस की जीत के दावे पर कहा, आप नतीजे से पहले कुछ नहीं कह सकते किसी को भी विजेता घोषित नहीं किया जा सकता है। जनता का विश्वास बीजेपी के साथ है जनता ने ३० साल से कांग्रेस  का छल देखा है। जीत बीजेपी की होगा क्योंकि जनता बीजेपी के साथ है। 

    जानकारी के लिए बता दें कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों के लिए 10 मई को एक ही चरण में वोट डाले गए थे। कई बड़े समाचार चैनलों ने दावा किया है कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रही है अनुमान है कि कांग्रेस को ११२ सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं आज सुबह ८ बजे कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे का पहला रुझान आने लगेगा। 

    एबीपी न्यूज़-सी वोटर के एग्जिट पोल के अनुसार, कर्नाटक में कांग्रेस को 100-112 सीटें मिलने की संभावना है. बीजेपी को 83-95 सीटें, जेडीएस 21-29 सीटें और अन्य के खाते में 2-6 सीटें जाने का अनुमान है। 

  • मोदी सरकार के 9 वर्ष – भाजपा एक महीने तक देश भर में चलाएगी विशेष जनसंपर्क अभियान

    मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा देश भर में एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक महीने तक चलने वाले इस मेगा जनसंपर्क अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को एक बड़ी रैली से करेंगे और यह अभियान 30 जून तक चलाया जाएगा।

    वैसे तो भाजपा देश के सभी लोक सभा क्षेत्रों में यह मेगा जनसंपर्क अभियान चलाएगी लेकिन इसमें से पार्टी लोक सभा की लगभग चार सौ सीटों पर विशेष फोकस रखने जा रही है।

    बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी राज्यों – राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना या मध्य प्रदेश ( जहां इस वर्ष विधान सभा का चुनाव होना है ) में से किसी एक राज्य में 30 मई को बड़ी रैली कर इस मेगा जनसंपर्क अभियान और इसके तहत होने वाली रैलियों की शुरूआत करेंगे, हालांकि उनके कार्यक्रम पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है। इसके अलावा महीने भर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री कई अन्य राज्यों में भी रैलियां कर सकते हैं। भाजपा की योजना देश के लगभग चार सौ लोक सभा क्षेत्रों को टारगेट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा समेत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, पार्टी के दिग्गज नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ऐसी 51 बड़ी रैलियां आयोजित करने की है। इसके अलावा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के 10 लाख से ज्यादा बूथों पर कार्यकर्ताओं को सीधे संबोधित भी करेंगे।

    एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत भाजपा नेता देशभर में एक लाख विशिष्ट और प्रभावशाली परिवारों जिनमें प्रसिद्ध खिलाड़ी, उद्योगपति, कलाकार एवं देश सेवा के दौरान शहीद हुए लोगों के परिजनों जैसे परिवार होंगे से संपर्क साध कर बातचीत करेंगे। पार्टी की योजना हर लोक सभा क्षेत्र में कम से कम 250 ऐसे परिवारों से संपर्क साधने की है।

    इस मेगा जनसंपर्क अभियान की शुरूआत से एक दिन पहले यानी 29 मई को मोदी सरकार के मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, भाजपा के उपमुख्यमंत्री, जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें नहीं है, वहां विधान सभा में भाजपा के नेता और अन्य दिग्गज नेता देशभर में एक साथ प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। पार्टी नेता देशभर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से भी संवाद करेंगे। जून में एक से 22 तारीख के बीच भाजपा नेता देश के सभी लोक सभा क्षेत्रों में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे, संपर्क साधेंगे, क्षेत्र विशेष के प्रबुद्ध ,प्रभावशाली और इंफ्लुएंसर्स लोगों के साथ मुलाकात करेंगे, सभाएं और सम्मेलन करेंगे। इस दौरान भाजपा अपने सभी सातों मोचरें का संयुक्त सम्मेलन करेगी। लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए इससे जुड़े सम्मेलन भी किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्टी 20 से 30 जून के दौरान घर-घर संपर्क अभियान भी चलाएगी।

    इस अभियान के दौरान पार्टी के तमाम नेता मोदी सरकार की 9 वर्ष की उपलब्धियों को लोगों को बताने का काम करेंगे। मोदी सरकार की योजनाओं से लोगों को किस तरह का लाभ मिला है और किन लोगों को मिला है, यह भी बताया जाएगा।

  • राजस्थान के मंत्री ने कहा, गहलोत सरकार भाजपा की 40 प्रतिशत कमीशन वाली कर्नाटक सरकार जैसी

    राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुधा ने सोमवार को अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह कर्नाटक में भाजपा की 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार में भ्रष्टाचार की दर 40 फीसदी के पार है। मंत्री ने कहा, हमारी राजस्थान सरकार गलत रास्ते पर चल चुकी है। बिना पैसे के कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती है। गुधा ने राज्य के शहरी विकास और आवास (यूडीएच) मंत्री शांति धारीवाल पर भी तंज कसते हुए उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

    उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गहलोत की कथित सांठगांठ पर भी कटाक्ष किया और कहा, वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत एक-दूसरे से मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सचिन पायलट हमारे नेता हैं, आप जो भी फैसला लेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे। 2023 का फैसला जनता तय करेगी। गुढ़ा पायलट की जन आक्रोश यात्रा में बोल रहे थे जो सोमवार को जयपुर में इसके समापन के दौरान एक सभा में परिवर्तित हो गई।

  • भाजपा जब से सत्ता में आई तब से लोगों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा जब से सत्ता में आई है तब से लोगों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। समाज का हर वर्ग परेशान है। किसान और गरीब सभी महंगाई की मार झेल रहे हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शुक्रवार को अपने जारी बयान में कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकारें जनता को सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही हैं। जनता अब समझ चुकी है और वह भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है। परेशान जनता अब बस चंद महीनों के बाद ही होने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का इंतजाम कर रही है।

    उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही चुनाव समाप्त हुए खाद्य सामग्री लोगों की पहुंच से बाहर होने लगी है। अरहर की दाल 30 रुपए महंगी हो गई। बेसन, चीनी, रसोई गैस के भी दाम बढ़ गए। किसान को फसल की लागत भी नहीं मिल रही है जबकि खाद, बीज, कीटनाशक आदि के दाम बढ़ रहे हैं। अब लोग क्या करें? कैसे अपनी जिंदगी चलाएं?

    अखिलेश यादव ने कहा कि किसान की तो बहुत ही दुर्दशा है। खेती-किसानी अब मुनाफे का धंधा नहीं रह गयी है। किसाने हमेशा घाटे में रहते हैं। भाजपा सरकार एमएसपी का बहाना क्यों करती है? जबकि किसानों को उसकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कभी नहीं मिला है। गेहूं, धान के क्रय केंद्रों पर किसान की फसल की खरीद में तमाम अड़चने लगाई जाती हैं। घटतौली, समय से भुगतान न होने की शिकायतें आम हैं।

    क्रय केंद्रों की अव्यवस्था के चलते निराश किसान अपनी फसल को बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हो जाता है। भाजपा सरकार द्वारा इस बार लक्ष्य से भी कम गेहूं की खरीद की गई है। किसान को अनावृष्टि, ओले से क्षति की मार भी झेलनी पड़ती है। खेत, खलिहानों में अग्निकांड की भी घटनाएं होती हैं। किसान की इस तबाही में राहत के नाम पर भाजपा सरकार सिर्फ फरेब करती है।