Category: politics

  • आप नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत की सराहना की

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के लोगों के साथ न्याय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया और कहा कि विकास की गति कई गुना बढ़ जाएगी। केजरीवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट से हिंदी में एक ट्वीट करते हुए लिखा, दिल्ली के लोगों के साथ न्याय करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से शुक्रिया। इस निर्णय से दिल्ली के विकास की गति कई गुना बढ़ेगी। जनतंत्र की जीत हुई। सीएम केजरीवाल की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को सिविल सेवकों के तबादलों और पोस्टिंग पर प्रशासनिक नियंत्रण के संबंध में राज्य सरकार और केंद्र के बीच एक मामले में दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद आई है।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार का एनसीटी की विधायी शक्तियों के बाहर के क्षेत्रों को छोड़कर सेवाओं के प्रशासन में नौकरशाहों पर नियंत्रण होना चाहिए। अदालत ने कहा कि उपराज्यपाल भूमि, सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस से संबंधित मामलों को छोड़कर एनसीटी सरकार की सहायता और सलाह से बंधे हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि लोकतंत्र और संघवाद का सिद्धांत बुनियादी ढांचे का एक हिस्सा है। संघवाद विविध हितों के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है और विविध आवश्यकताओं को समायोजित करता है।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर सेवाओं पर विधायी शक्ति है। पीठ ने कहा कि यदि सेवाओं को विधायी और कार्यकारी डोमेन से बाहर रखा जाता है, तो मंत्रियों को उन सिविल सेवकों को नियंत्रित करने से बाहर रखा जाएगा जिन्हें कार्यकारी निर्णयों को लागू करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आप मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे दिल्ली सरकार के मंत्रियों के साथ भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे। राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भाजपा को करारा तमाचा था। दिल्ली सरकार के दफ्तर को हड़पने का काम केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल और गृह मंत्रालय के जरिए किया था।

    भाजपा सरकार सरकारों को अस्थिर करके लोकतंत्र को अंधेरे में धकेल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने रोशनी दिखाने का काम किया है। इस बीच, आप मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली के लोगों के अधिकार छीनने के लिए तमाचा मारा है। राय और आतिशी के साथ पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के लोग सीजेआई चंद्रचूड़ जी के सामने झुकते हैं, उन्होंने लोगों के अधिकार लौटाए हैं। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ देश में एक नायक के रूप में उभरे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की जनता की जो लड़ाई 2014 से चली आ रही थी उसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जीत हुई है। भारद्वाज ने कहा कि देश पर जब भी विपदा आएगी और संविधान को ताक पर रखा जाएगा तो एक संस्था है (सुप्रीम कोर्ट) जो व्यवस्था स्थापित करेगी और देश को बचाएगी। इस फैसले को याद रखा जाएगा।

    आप सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा कि अगर चुनी हुई सरकार की शक्तियां छीन ली जाती हैं, तो जनता के वोट का कोई मतलब नहीं है। आज सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा सरकार को तमाचा मारा है। अगर केंद्र सरकार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार की शक्तियां छीन लेंगे तब सुप्रीम कोर्ट संविधान बचाने के लिए खड़ा है। आज सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र और संविधान को बचा लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उपराज्यपाल को केवल कागज देखने का अधिकार है, इस पर निर्णय लेने का अधिकार उन्हें नहीं है।

  • राहुल को राजनीति में जमाने के लिए 20 साल से अकेले लड़ रहीं सोनिया : असम सीएम

    असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि सोनिया गांधी पिछले दो दशकों से अपने बेटे राहुल गांधी को राजनीति में जमाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन सोनिया गांधी के प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकला है। सीएम सरमा भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रचार के लिए बेंगलुरु में हैं। सीएम ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।

    सीएम ने कहा, उनकी मां को राहुल गांधी की चिंता है कि उन्हें मजबूती से कैसे राजनीति में जमाया जाए। इसके लिए सोनिया गांधी पिछले 20 वर्षों से इसके लिए अकेले लड़ रही हैं। राहुल गांधी कर्नाटक में प्रचार कर रहे हैं और कांग्रेस के सत्ता में आने पर राज्य में बेरोजगार युवाओं को 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि आगामी कांग्रेस सरकार किसानों के कल्याण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

    कांग्रेस के शीर्ष नेता पर हमला बोलते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ”आज राहुल गांधी कर्नाटक के लोगों को गारंटी दे रहे हैं। लेकिन उनकी गारंटी कौन लेगा? एक दिन वह लंबी दाढ़ी के साथ दिखाई देते हैं और दूसरे दिन वह क्लीन शेव हो जाते हैं। कभी वह आलू बनाने वाली मशीनों की बात करते हैं तो कभी अन्य चीजों का जिक्र करते हैं।”

    सीएम ने केरल की वायनाड सीट से पिछला लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भी राहुल गांधी की आलोचना की। सीएम ने कहा कि केवल एक हार के बाद राहुल गांधी अमेठी और उत्तर प्रदेश छोड़कर केरल चले गए। पिछले पांच सालों में, वह कभी अमेठी नहीं गए। वहां के लोग अभी भी भ्रमित हैं कि उन्होंने इतने लंबे समय तक गांधी परिवार को वोट क्यों दिया।

    असम के मुख्यमंत्री ने दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के कांग्रेस के चुनावी वादे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हिंदू कभी भी आतंकवादी नहीं होते। कांग्रेस, बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से इसलिए करना चाहती थी ताकि पश्चिमी मीडिया को यह बताया जा सके कि हिंदू भी आतंकवादी होते हैं।

  • मणिपुर हिंसा को लेकर लालू ने मोदी, शाह पर साधा निशाना

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शनिवार को पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हुई हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की आलोचना की। लालू प्रसाद ने एक ट्वीट में कहा, मणिपुर जल रहा है। हिंसा में 54 लोग मारे गए। जम्मू-कश्मीर में वीर जवान शहीद हो रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री उनके लिए कोई शोक संदेश तक नहीं दे रहे हैं।

    मणिपुर सरकार ने शांति बहाल करने और पिछले चार दिनों से राज्य में तबाही मचाने वाली मौजूदा जातीय हिंसा को शांत करने के लिए शनिवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि बैठक में राज्य की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई और मणिपुर में शांति और स्थिरता लाने के तरीके खोजने के लिए कुछ उपायों को अपनाया गया। लालू प्रसाद ने अपने ट्वीट में कई अन्य मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा।

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा के सदस्य खिलाड़ियों, किसानों, गरीबों, महिलाओं, बेरोजगारों के बारे में कुछ नहीं कहते। वे पीड़ित हो रहे हैं, लेकिन हमारे देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चुनाव प्रचार में लगे हैं और हमारे करदाताओं के करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी और अमित शाह 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं।

  • नीतीश-नवीन के मुलाक़ात राजनीतिक नहीं

    राजनीति- बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार लगातार विपक्ष को एकजुट करने की कवायद में जुटे हुए हैं. वहीं बीते दिन इस कड़ी में उन्होंने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से मुलाक़ात की. लोग कयास लगा रहे हैं यह मुलाकत महा गठबंधन के परिपेक्ष्य में थी. लेकिन नवीन पटनायक ने इस बात को नकार दिया.

    नवीन पटनायक ने कहा, हमारी दोस्ती बहुत पुरानी है हम किसी राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से नहीं मिले थे. हमने कई बार साथ काम किया है आज की हमारी मुलाक़ात महा गठबंधन के परिपेक्ष्य में नहीं थी. हालाकि उन्होंने इस बात से पर्दा नहीं उठाया है कि उनके और नीतीश के बीच किस बात पर चर्चा हुई है.

    बता दें नीतीश कुमार विपक्ष के कई बड़े नेताओं से मुलाक़ात कर चुके हैं. बीते दिन नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव की राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड्गे, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के साथ मुलाकात की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियाँ बटोरीं थीं.

  • कर्नाटक को देश से अलग करना चाहती है कांग्रेस- मोदी

    राजनीति- कर्नाटक चुनाव नजदीक आ रहा है. बीजेपी और कांग्रेस जनता को लुभाने की कवायद में जुटे हुए हैं. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लगातार कर्नाटक में जनसभा को सम्बोधित कर रहे हैं वहीं बीते दिन मैसूर में जनसभा को सम्बोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमला बोला- उन्होंने कहा कांग्रेस कर्नाटक को देश से अलग करना चाहती है यह भयभीत हो गई थी बड़े-बड़े नेताओं को अपनी रैलियों में ला रही है.

    उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा- कर्नाटक ही नहीं, मैं बहुत दर्द के साथ पूरे देश को यह बताना चाहता हूं कि इस चुनाव में कांग्रेस का ‘शाही परिवार’ कल कर्नाटक आया और कहा कि वे कर्नाटक की ‘संप्रभुता’ की रक्षा करना चाहते हैं. क्या आप जानते हैं कि इसका क्या मतलब है, जब कोई देश स्वतंत्र हो जाता है, तो उस देश को एक संप्रभु देश कहा जाता है. कांग्रेस जो कह रही है उसका मतलब यह है कि कांग्रेस का मानना ​​है कि कर्नाटक भारत से अलग है.

    उन्होंने आगे कहा- जब भारत के हितों के खिलाफ काम करने की बात आती है तो कांग्रेस का शाही परिवार सबसे आगे होता है.’ उन्होंने कहा कि वह एक गंभीर मुद्दे के बारे में बोलना चाहते हैं. ऐसी हरकत को यह देश कभी माफ नहीं कर सकता. यह परिवार देश की राजनीति को प्रभावित करने के लिए विदेशी ताकतों को दखल देने के लिए उकसा रहा है.

  • मणिपुर जल रहा, पीएम मोदी कर्नाटक में चुनावी रैलियां कर रहे

    Manipur Violence: मणिपुर में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर शुक्रवार (5 मई) को हमला किया. उन्होंने कहा कि सरकार मणिपुर की स्थिति संभाल नहीं पा रही. 

    सीएम अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना में मोहल्ला क्लीनिक के उद्घाटन के दौरान कहा, ”पंजाब में कानून व्यवस्था इतनी अच्छी है, जितनी इतिहास में कभी नहीं थी. कुछ लोग हमारा मजाक उड़ाते थे कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है. ऐसे में यह आम आदमी पार्टी नहीं संभाल पाएगी लेकिन हमसे यह बॉर्डर स्टेट तो संभाल लिया. इनसे (केंद्र सरकार) आज मणिपुर नहीं संभल रहा. मणिपुर में आग लगी है, लेकिन वे (पीएम मोदी) कर्नाटक में चुनावी रैलियां कर रहे हैं.”

    स्थिति संभालने के लिए क्या किया जा रहा है?

    मणिपुर पुलिस के डीजीपी पी. डोंगल ने कहा कि स्थिति को संभालने के लिए सेना को बुलाया गया है. राज्य सरकार ने भी विषम परिस्थितियों में हिंसा करने वालों वालों पर गोली चलाने के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती हम सभी लोगों को घर पर रहने की सलाह देते हैं. हमने 23 पुलिस स्टेशनों को चिन्हित करके आईजी स्तर के अधिकारियों को इन पुलिस स्टेशनों का इंचार्ज बनाया है. ऐसा इसलिए किया गया ताकि लोगों का विश्वास जीत सकें. 

    मामला क्या है?

    बहुसंख्यक मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के फैसले के खिलाफ आदिवासी समूह पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसमें बुधवार को हिंसा भड़क गई. इसके बाद ये मामला देखते ही देखते काफी बढ़ गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स के कई दलों को तुरंत तैनात किया गया. 

    इसके बाद मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को कहना पड़ा है कि लोग शांति के लिए सरकार का सहयोग करें. उन्होंने कहा कि राज्य में दो समुदायों के बीच हिंसा गलतफहमी के कारण हुई है. ऐसे में जो भी हिंसा करता हुए मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्ऱवाई करेंगे.

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राज्यपाल, चुनाव आयोग व सरकार की भूमिका को किया उजागर, शिंदे दें इस्तीफा : ठाकरे

    शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राज्यपाल, भारत के चुनाव आयोग और वर्तमान राज्य सरकार की भूमिका को उजागर कर दिया है। ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट के बहुप्रतीक्षित फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, फैसले के मद्देनजर, अगर मौजूदा सरकार में कोई नैतिकता बची है, तो उसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, जैसा कि मैंने अपना इस्तीफा जून 2022 में दिया था। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले ने तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की भूमिका को भी उजागर कर दिया है और कैसे उन्होंने पद का दुरुपयोग किया गया।

    ईसीआई पर, उन्होंने कहा कि यह एक ‘दिव्य निकाय’ नहीं है और यह दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित (शिवसेना) पार्टी का नाम-प्रतीक नहीं ले सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के व्हिप (सुनील प्रभु) के फैसले और शिंदे गुट के व्हिप (भारत गोगावाले) को बरकरार रखा। ठाकरे ने कहा, हम अब अध्यक्ष (राहुल नार्वेकर) से 16 विधायकों की अयोग्यता पर जल्द से जल्द फैसला लेने का अनुरोध करेंगे।

    वरिष्ठ नेता अनिल परब ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, अध्यक्ष को विधानमंडल का सत्र बुलाना चाहिए और शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता पर अपना फैसला सुनाना चाहिए और कहा कि यह सरकार जल्द ही गिर जाएगी। इससे पहले, शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य प्रवक्ता, सांसद संजय राउत ने कहा कि इसका मतलब है कि फैसले के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान अवैध शिंदे सरकार को नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

  • डीयू हॉस्टल जाने पर हॉस्टल प्रशासन ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अब दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एक हॉस्टल द्वारा नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस बीते दिनों उनके डीयू हॉस्टल दौरे से संबंधित है। दिल्ली विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएशन मेन्स हॉस्टल के अध्यक्ष (प्रोवोस्ट) केपी सिंह ने राहुल को यह नोटिस भेजा है। प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि तीन वाहनों के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के राहुल गांधी का हॉस्टल परिसर में प्रवेश तय नियमों का उल्लंघन है। नोटिस में छात्रावास की सूचना और नियमों का हवाला दिया गया है। इन नियमों के मुताबिक कोई भी निवासी हॉस्टल परिसर में अकादमिक और निवासी परिषद गतिविधियों के अलावा किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

    राहुल गांधी ने बीते सप्ताह हॉस्टल का दौरा किया था। हॉस्टल प्रशासन का कहना है कि अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के यह दौरा किया गया। प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस में नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय पार्टी के जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता का ऐसा आचरण मर्यादा से परे है। प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए राहुल गांधी को समय रहते अपने इस दौरे से पहले विश्वविद्यालय या फिर हाउसफुल प्रशासन को सूचित करना चाहिए था।

    गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली में आम लोगों से मुलाकात करने के लिए बीते दिनों चार स्थानों पर जा चुके हैं। राहुल गांधी नई दिल्ली स्थित टिक्की चाट की एक दुकान पर गए थे। इसके बाद वह जामा मस्जिद इलाके में गए, जहां उन्होंने एक पुराने प्रसिद्ध रेस्टोरेंट में खाना खाया और इस दौरान लोगों से मुलाकात की। लोगों से मुलाकात के सिलसिले को जारी रखते हुए राहुल गांधी बीते दिनों दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके भी गए, जहां उन्होंने सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहे कई छात्रों से मुलाकात की थी।

    इसी क्रम में राहुल गांधी ने बीते शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित पीजी मेंस हॉस्टल का भी दौरा किया। उन्होंने यहां कई छात्रों के साथ बातचीत की थी। इसके बाद राहुल गांधी ने छात्रों के साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टल में लंच भी किया था। राहुल गांधी ने यहां छात्रों से रोजगार और बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा की थी। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में मुद्दों पर भी बात की थी।

    दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टल के अध्यक्ष केपी सिंह द्वारा राहुल गांधी को दो पेज का नोटिस भेजा गया है। इस नोटिस में हॉस्टल प्रशासन ने कहा है कि यह घटना एक तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। साथ ही प्रशासन ने राहुल गांधी से भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने की अपील भी की है।

  • बिहार कांग्रेस ने खड़गे को ‘धमकी’ देने के आरोप में कर्नाटक के भाजपा नेता पर एफआईआर दर्ज कराई

    बिहार में कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में सोमवार को कर्नाटक भाजपा नेता मणिकांत राठौर के खिलाफ पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में एक कथित ऑडियो क्लिप के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें राठौर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए सुना जा सकता है। सिंह ने कहा, हम इस तरह के ऑडियो क्लिप से डरे हुए हैं, जिसमें भाजपा नेता मणिकांत राठौड़ ने मल्लिकार्जुन खड़गे को धमकी दी है। हमें अप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भाजपा नेता दूसरों को ठेका देकर हमें खत्म करने की कोशिश कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा, भाजपा नेतृत्व पचा नहीं पा रही है कि कैसे दलित मजदूर का बेटा खड़गे कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया। भाजपा इस बात से नाराज है कि कर्नाटक के ‘धरती पुत्र’ को आम लोगों का समर्थन मिल रहा है। भाजपा को कर्नाटक में हार का डर सता रहा है। सिंह ने कहा, हमने मणिकांत राठौड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और पुलिस से धमकी भरे ऑडियो क्लिप की जांच करने और भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

  • ममता बनर्जी हैं नए जमाने की जिन्ना

    फिल्म द केरला स्टोरी को लेकर विवाद जारी है जहाँ बीजेपी शासित राज्यों में फिल्म का जोरदार समर्थन हो रहा है, फिल्म टैक्स फ्री की जा रही है वहीं विपक्ष लगातार इस फिल्म का विरोध कर रहा है. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सरकार ने फिल्म पर प्रतिबन्ध लगा दिया है.

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कहती हैं – फिल्म कश्मीर फाइल्स आई इसमें एक विशेष वर्ग के लोगों को बदनाम किया गया. नफरत को बढ़ावा दिया गया अब फिल्म द केरला स्टोरी आई है यह भी इसी तरह की कहानी से घिरी हुई है. ममता का बयान सुनकर बीजेपी उनपर बरस पड़ी है.

     बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नए जमाने की जिन्ना यानी मोडर्न जिन्ना हैं. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर  कहते हैं द केरला स्टोरी को पश्चिम बंगाल में बैन किया गया यह बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है.

    उन्होंने आगे कहा-  वहां अभी एक मासूम बच्ची का रेप और हत्या हुई है. इस पर तो ममता बनर्जी कुछ नहीं बोलती, लेकिन फिल्म को बैन कर रही हैं. इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने कहा कि तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का यह खेल भारत की बेटियों की ज़िंदगी की बर्बाद कर रहा है.