Category: politics

  • कर्नाटक चुनाव: जद (एस) करेगी दूसरी सूची की घोषणा, पारिवारिक कलह खत्म होने की उम्मीद

    जद(एस) द्वारा कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा करने की संभावना है और टिकट बंटवारे को लेकर आंतरिक पारिवारिक विवाद खत्म होने की उम्मीद है। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा की बहू भवानी रेवन्ना देवेगौड़ा और उनका परिवार अब भी हासन टिकट के लिए अड़ा हुआ है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी उन्हें टिकट जारी करने को तैयार नहीं हैं। भवानी रेवन्ना कुमारस्वामी की भाभी हैं। देवेगौड़ा ने रविवार रात परिवार के सदस्यों के साथ बैठक की और सूत्रों ने कहा कि हासन टिकट का मुद्दा अब भी विवादित बना हुआ है। भवानी रेवन्ना बैठक के पहले 15 मिनट में ही बाहर चली गईं और उन्होंने मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया।

    सूत्र बताते हैं कि दोनों पक्ष हासन के टिकट पर अड़े हैं। जद (एस) अरासीकेरे निर्वाचन क्षेत्र में मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए भी गंभीरता से काम कर रहा है, जहां पार्टी के पिछले उम्मीदवार शिवलिनेज गौड़ा कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार हैं। अरकालागुडु से जद (एस) विधायक ए.टी. रामास्वामी बीजेपी में शामिल हो गए थे।पार्टी भाजपा मंत्री के.गोपालैया के कब्जे वाली महालक्ष्मी लेआउट सीट पर भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। गोपालैया, जो 2018 के चुनावों में जद (एस) के टिकट पर जीते और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

    कुमारस्वामी ने कहा था कि चुनाव के बाद राष्ट्रीय पार्टियों को गठबंधन की गुहार लगाते हुए उनके दरवाजे पर आना होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय दलों का आलाकमान पहले से ही उनके संपर्क में है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय दलों, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने हाल के दिनों में जद (एस) पर तीखी टिप्पणियां और मार्मिक हमले बंद कर दिए हैं। जद (एस) के आंतरिक सर्वेक्षणों ने संकेत दिया है कि पार्टी के पास चुनाव में 25 से 35 सीटें जीतने का अच्छा मौका है।

  • शीजान खान ने तुनिषा शर्मा के लिए लिखी एक कविता, एक परी उतरी फलक से..

    टीवी एक्टर शीजान खान ने अपने शो ‘अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल’ के सेट से अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड तुनिषा शर्मा के साथ कुछ यादगार पल शेयर किए। बता दें कि 24 दिसंबर, 2022 को एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले तुनिषा और शेजान डेटिंग कर रहे थे। इस मामले में शीजान को हिरासत में ले लिया गया था।

    शीजान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट की, जिसमें दोनों साथ में पोज देते हुए और मस्ती करते हुए नजर आ रहे है। उन्होंने तुनिषा के लिए एक कविता भी लिखी, जिसमें उन्होंने एक्ट्रेस को परी कहा। उन्होंने कैप्शन में जोड़ा: मेरी और सिर्फ मेरी टुन्नी उन्होंने लिखा, एक परी उतरी फलक से शफक की लाली लिए, कहकशा जैसी उसकी आंखें गजब की अदाएं लिए। तुनिषा की मां द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद शीजान को 25 दिसंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था और उसे 4 मार्च को जमानत मिल गई थी। जमानत के बाद, उसकी बहनों, फलक नाज और शफक नाज ने उसके साथ कई तस्वीरें पोस्ट कीं। जेल से छूटने के बाद अभिनेता ने तुनिषा के साथ कुछ यादगार पलों को याद किया।

  • ममता बनर्जी और नीतीश कुमार वोट बैंक के लिए समाज को बांटने का काम कर रहे : अनुराग ठाकुर

    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पश्चिम बंगाल और बिहार के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज को बांटने का काम कर रहे हैं भगवान महावीर जन्म (कल्याण) जयंती पर आयोजित किए गए विश्व शांति सद्भावना दिवस समारोह में बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि दुनिया के एक हिस्से में जहां लंबे समय से युद्ध चल रहा है। वहीं भारत में, जहां एक तरफ शांति का वातावरण है, वहां पर भी राम नवमी की शोभायात्रा को शांति से नहीं निकलने देने की घटनाएं भी सामने आती हैं। उन्होंने आगे कहा कि, जहां भारत के एक हिस्से में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री यह कह देती हैं कि हिंदू इस इलाके में न जाएं, तो क्या मुख्यमंत्री ही समाज और क्षेत्र को बांटने पर आ गई है, यह अपने आप में चिंता का विषय खड़ा हो जाता है।

    केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि दुनिया के किसी दो देशों के बीच में युद्ध चल रहा हो तो यह एक अलग बात है। लेकिन अपने ही देश में पश्चिम बंगाल और बिहार में इस तरह की स्थिति पैदा कर दी गई है कि राम नवमी के समय भी शोभायात्रा को शांतिपूर्वक ढंग से नहीं निकालने दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री दुनियाभर के देशों को यह संदेश देते हैं कि ‘यह युद्ध का समय नहीं है’ और दुनियाभर के देश उनकी बात को मानते भी हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ अपने ही देश के दो राज्यों के मुख्यमंत्री इस तरह की बातें करते हैं और पक्षपात करने का काम करते हैं। यह अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है कि क्या इस हिंसा के पीछे एक वर्ग है या तुष्टिकरण की राजनीति उनको और हवा देने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या वोट बैंक की राजनीति में अशांति फैलाने का काम इस तरह से भी किया जाता है ? ठाकुर ने राजीव गांधी फाउंडेशन पर चीन से पैसा लेने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर से कांग्रेस और राहुल गांधी की भी आलोचना की।

  • अगर कामयाब हुई अखिलेश की चाल तो यूपी में टूटेगा बीजेपी का विश्वास

    राजनीति– साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी आरंभ हो गई है। सत्ताधारी दल और विपक्ष जनता के बीच अपनी सकारात्मक छवि स्थापित करने की कवायद में जुट गए हैं। 

    वहीं उत्तरप्रदेश में चुनाव की तैयारी का अलग रंग देंखने को मिल रहा है। मुख्य विपक्षी दल सपा और भाजपा बसपा के वोट को अपने खेमे में करने की कवायद में जुट गए हैं। इन दोनों दलों की राजनीतिक चालों से अगर सबसे अधिक नुकसान किसी को होते दिखाई दे रहा है तो वह है बसपा।

     उत्तरप्रदेश में बीजेपी का विश्वास- 

    उत्तरप्रदेश में 80 लोकसभा सींटें हैं। वर्तमान में इन सभी सींटो पर भाजपा का कब्जा है। वहीं बीजेपी नेताओं का दावा है कि बीजेपी पुनः उत्तरप्रदेश में अपनी जीत दर्ज करेंगी। 
    बीजेपी नेता और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विकास हुआ है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से जनता को लाभ हुआ है। इससे बीजेपी को लाभ होना निश्चित है।
    भाजपा नेताओं को यह विश्वास है कि विपक्ष की लुटिया डूब गई है। अब अगर जनता किसी को पसन्द कर रही है तो वह बीजेपी है। जनता के समर्थन से 2024 में पुनः बीजेपी की सरकार बनेगी।

    क्या है विपक्ष की तैयारी-

    विपक्ष नेता बार-बार विपक्ष एकता की बात कर रहे हैं। लेकिन अभी तक इस बात पर मुहर नही लग पाई है कि विपक्ष बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर मैदान में उतरेगी। वहीं अगर उत्तरप्रदेश की बात करें तो यहां मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी है। सपा को लेकर विशेषज्ञ का कहना है कि वह कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगे।
    हालाकि एक बात स्पष्ट है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मायावती के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में लग गए हैं। यूपी में पूरे नारों का शोर सुनाई देने लगा है। बार – बार मिले मुलायम काशीराम हवा में उड़ गए जय..? का जिक्र हो रहा है। समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव दलितों से संपर्क साध रहे हैं। सपा का कहना है कि अगर दलित वोट बैंक उनके खेमे में आ जाता है तो वह अकेले दम पर यूपी में बीजेपी का किला हिलाने का दम रखती है।
    समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि भाजपा ओबीसी वोट बैंक को अपने खेमे में करने की कवायद में जुटी हुई है। लेकिन ओबीसी के लोग उनकी हकीकत से परिचित हैं। वह बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे। ओबीसी वोट बैंक सपा के साथ है अब सपा अगर दलित वोट बैंक पर अपना कब्जा जमा लेती है तो भाजपा की रीढ़ यूपी में टूट जाएगी।

  • चिराग की घोषणा से हिली बिहार की राजनीति

    राजनीति- बिहार में लोकसभा चुनाव की चर्चा खूब हो रही है। महागठबंधन का दावा कि बिहार की जनता बीजेपी की चाल बाजियों से परिचित हैं। लोकसभा की 40 सींटो पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिन यह ऐलान कर दिया बीजेपी बिहार में 40 लोकसभा सींटो से चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी।

    बीजेपी की ओर से हुए इस ऐलान के बाद अब विपक्ष की राजनीतिक गलियों में हलचल मच गई है। बीजेपी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान ने साफ कर दिया है कि वह भी बिहार में 40 सींटो पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी को उतारेंगे। उन्होंने यह पुष्टि इशारों में की है।
    उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा- ऐसी कोई पार्टी नहीं होगी जो अपना विस्तार नहीं करना चाहती। हम भी अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। बीते दिन बीजेपी ने घोषणा की वह 40 सींटो पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे। हम भी अपनी पार्टी के लिए यह सोच सकते हैं। हम जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। हम जनता से जुड़कर जनता का दिल जीतेंगे।
    आज लोकशक्ति यूनिट के बिहार के हर लोकसभा क्षेत्र में एक यूनिट है। हम काम कर रहे हैं। वही चाचा से मिलने की बात पर चिराग कहते हैं- यह इस जन्म में सम्भव नहीं है। हम अकेले ही अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे। हम जनता के बीच जाकर स्वयं को मजबूत करेंगे।

  • हनुमानजी की प्रेरणा से कर रहे हैं काम, 2024 में भाजपा को कोई हरा नहीं सकता : पीएम मोदी

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा स्थापना दिवस पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हनुमान जयंती के अवसर पर बजरंग बली को याद करते हुए कहा कि हनुमान जी का जीवन आज भी भारत की विकास यात्रा में प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा भी हनुमान जी की प्रेरणा से काम कर रही है और लोगों ने अभी से यह कहना शुरू कर दिया है कि 2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता, यह बात सही भी है। हनुमान जयंती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने विरोधी दलों पर भी जमकर निशाना साधते हुए कहा कि, जब हनुमान जी को राक्षसों का सामना करना पड़ा था तो वो उतने ही कठोर भी हो गए थे। इसी प्रकार से जब भ्रष्टाचार की बात आती है, जब परिवारवाद की बात आती है, कानून व्यवस्था की बात आती है तो भाजपा उतनी ही संकल्पबद्ध हो जाती है।

    भारतीय जनता पार्टी के 44वें ‘स्थापना दिवस’ पर देश के 10 लाख 72 हजार 945 स्थानों पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओ को वर्चुअली संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, आज हम देश के कोने-कोने में भगवान हनुमान जी की जन्म जयंती मना रहे हैं। हनुमान जी का जीवन और उनके जीवन के प्रमुख प्रसंग आज भी हमें पुरषार्थ के लिए प्रेरित करते हैं। भारत की विकास यात्रा के लिए प्रेरणा देते हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि, कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम्ह पाही’ यानी ऐसा कोई भी काम नहीं है जो पवन पुत्र हनुमान कर नहीं सकते। जब लक्ष्मण जी पर संकट आया तो पूरा पर्वत ही उठा लाए। भाजपा भी इसी प्रेरणा से परिणाम लाने में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती रही है, करते रहना है, करते रहेंगे।

    उन्होंने कहा कि, हनुमान जी के पास असीम शक्ति है लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल वो तभी कर पाते हैं जब स्वयं पर से उनका संदेह समाप्त हो जाता है। 2014 से पहले भारत की भी यही स्थिति थी, लेकिन आज भारत बजरंगबली जी की तरह अपने भीतर सूक्त शक्तियों का आभास कर चुका है। आज भारत समंदर जैसी विशाल चुनौतियों को पार करने और उनका मुकाबला करने में पहले से ज्यादा सक्षम है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस समेत तमाम विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से दो अहम पड़ावों- भाजपा के 50 साल और 2047 में देश की आजादी के 100 साल पर विकसित भारत के विजन को लेकर काम करने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि लोगों ने अभी से यह कहना शुरू कर दिया कि 2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता है, यह बात सही भी है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं को अति आत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है और पार्टी कार्यकर्ताओं को सिर्फ चुनाव जीतने तक ही सीमित नहीं रहना है बल्कि देश के हर नागरिक का दिल जीतना है। भाजपा को 21वीं सदी की भविष्य की पार्टी बनाना है।

    प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की कोख से जन्म लिया है, भाजपा लोकतंत्र के अमृत से पोषित है और भाजपा देश के लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करते हुए समर्पण भाव से दिन-रात देश के लिए ही काम कर रही है।

    इससे पहले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय एक्सटेंशन में और पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने देशभर में सभी 37 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों, 978 जिलों, 15 हजार 923 मंडलों और देश के 10 लाख 56 हजार 2 बूथों पर ध्वजारोहण कर पार्टी की स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की शुरूआत की।

  • मनीष तिवारी ने सरकार के नए स्पाइवेयर की खोज पर दिया स्थगन नोटिस

    कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार को लोकसभा में एक स्थगन नोटिस दिया है जिसमें सरकार द्वारा नए स्पाईवेयर की खोज की रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की और आरोप लगाया कि यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है। नोटिस में कहा गया है कि भारत सरकार नए स्पाइवेयर की तलाश कर रही है। पेगासस बनाने और बेचने वाली कंपनी एनएसओ को कुछ देशों ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

    रिपोर्ट से पता चलता है कि सरकार 120 मिलियन डॉलर या लगभग 1000 करोड़ रुपये तक खर्च करने को तैयार है। लगभग एक दर्जन स्पाइवेयर विक्रेता बोली लगा सकते हैं। संसदीय निरीक्षण के बिना ऐसी निगरानी प्रौद्योगिकी की खरीद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार पर गंभीर प्रभाव डालती है। इन परिस्थितियों में, सदन को कथित तौर पर पेगासस जैसी निगरानी तकनीक की खरीद के लिए सरकार की मंशा पर चर्चा करनी चाहिए।

  • देशद्रोही की विचारधारा है कांग्रेस की, ज्योतिरादित्य सिंधिया का राहुल गांधी पर बड़ा हमला

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी पर देश के ओबीसी समुदाय का अपमान करने और अदालत पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की अब कोई विचारधारा नहीं बची है। कांग्रेस पार्टी की केवल एक विचारधारा है और वह देशद्रोही की विचारधारा है। सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर देश के खिलाफ काम करने और देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद को नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि माफी मांगने से कोई व्यक्ति छोटा नहीं हो जाता है। लेकिन यहां माफी मांगने की बजाय व्यक्तिगत कानूनी लड़ाई को लोकतंत्र की कानूनी लड़ाई में बदला जा रहा है।

    राहुल गांधी द्वारा जमानत के लिए मुख्यमंत्रियों और नेताओं की फौज के साथ जाने की आलोचना करते हुए सिंधिया ने कहा कि यह राहुल गांधी और कांग्रेस के न्यायालय पर दबाव डालने और धमकी देने की विचारधारा को बताता है। उन्होंने कहा कि देश कांग्रेस की इस विचारधारा को पहचान गया है और देश की जनता ने एक बार नहीं कई बार इसका जवाब दिया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सदन में कांग्रेस के उप नेता के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि, कांग्रेस राहुल गांधी को विशेष सत्कार दे रही है कांग्रेस पार्टी के लिए कुछ लोग ‘फस्र्ट क्लास सिटिजन’ हैं और हम और आप ‘थर्ड क्लास सिटिजन’ हैं। सिंधिया ने आगे कहा कि, यह पहली बार नहीं है जब किसी संसद की सदस्यता गई हो, पिछले 10 वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ऐसा कई व्यक्तियों के साथ हो चुका है।

    उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाते हुए कहा कि 2013 में मनमोहन सिंह की सरकार के समय जब तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल इसे लेकर अध्यादेश लाए थे, उस समय राहुल गांधी ने स्वयं यह कहा था कि इस अध्यादेश को फाड़कर कचरे की टोकरी में फेंक देना चाहिए। तो आज यह हिप्पोक्रेसी क्यों दिखाई जा रही है। कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए।  उन्होंने आगे कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी ने पिछड़े वर्ग को कलंकित और अपमानित करने का काम किया है, चीन के सैनिकों द्वारा सीमा पर भारत के सैनिकों की पिटाई हुई जैसा बयान दिया है, ऐसी कांग्रेस पार्टी की कोई विचारधारा नहीं बची है। इनकी केवल एक विचारधारा बची है और वह है- देशद्रोही की विचारधारा, देश के विरूद्ध काम करने की विचारधारा।

    कांग्रेस की लड़ाई को लोकतंत्र नहीं एक व्यक्ति विशेष को बचाने और स्वार्थ की लड़ाई बताते हुए सिंधिया ने पूछा कि देश में एक माहौल बनाया जा रहा है। शहर-शहर में ट्रेनें रोकी गईं, आमजन को परेशानी हुई, क्या ये गांधीवाद का सिद्धांत है? एक व्यक्ति विशेष (राहुल गांधी) के लिए ऐसा क्यों हो रहा है? कांग्रेस और राहुल गांधी पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के उस बयान पर सबसे ज्यादा आश्चर्य जताया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह गांधी हैं और गांधी कभी माफी नहीं मांगता है।

  • भारत के मुसलमानों की तुलना पाकिस्तान से करने पर ओवैसी का सीतारमण पर हमला

    एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर निशाना साधा, सीतारमण ने कहा था कि, भारत में मुसलमान पाकिस्तान से बेहतर कर रहे हैं। हैदराबाद के सांसद ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और विकास पर चर्चा के दौरान पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स (पीआईआईई) में अमेरिका में की गई सीतारमण की टिप्पणियों का खंडन करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। ओवैसी ने लिखा, विश्वगुरु के वित्त मंत्री के लिए, बेंचमार्क पाकिस्तान है! संघ परिवार की संविधान विरोधी विचारधारा के बावजूद भारत में मुसलमान फले-फूले हैं। मुसलमान कब तक पाकिस्तान से जुड़े रहेंगे? हम पाकिस्तान के खिलाफ बंधक या मैस्कॉट्स नहीं हैं। हम नागरिक हैं। हम सम्मान और न्याय के साथ व्यवहार करना चाहते हैं।

    ओवैसी से पूछा- यदि हिंदुओं का एक वर्ग बेहतर जीवन स्तर की मांग करता है, तो क्या आप उन्हें चुप रहने के लिए कहेंगे क्योंकि सोमालिया में अधिकांश लोग बदतर स्थिति में हैं?। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल का लोकसभा में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है। यह हानिकारक है। लेकिन भाजपा इसे सम्मान समझती है। उन्होंने आगे ट्वीट किया- आबादी जनसांख्यिकीय कारकों के आधार पर बढ़ती या घटती है, न कि किसी सरकार के परोपकार या द्वेष पर। हालांकि मान लें कि सरकार की भूमिका है, तो जनगणना के बाद होने वाली जनगणना भारत में मुस्लिम आबादी के विकास में गिरावट दर्शाती है। क्या इसका मतलब यह होगा कि सरकार पुरुषवादी है?

    ओवैसी ने लिखा, जनसंख्या वृद्धि या गिरावट ही अल्पसंख्यकों के इलाज का एकमात्र पैमाना नहीं है। आज के भारत में नरसंहार धर्म संसद को सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जाता है; सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने आर्थिक बहिष्कार का आह्वान किया और लोगों से ‘हथियार’ रखने के लिए कहा, अकेले महाराष्ट्र के एक राज्य में 50 मुस्लिम विरोधी घृणा रैलियां हुईं। जब मुस्लिम लिंचिंग और हिंसा का सामना करते हैं तो राज्य दूर दिखता है। इसके बजाय, मुसलमानों को बुलडोजर और सरकार से झूठे कारावास का सामना करना पड़ता है। सरकारी डेटा का हर टुकड़ा मुस्लिम शिक्षा की दयनीय स्थिति की ओर इशारा करता है। मुस्लिम खतरनाक गरीबी के कारण शिक्षा में पिछड़ जाते हैं। यह एक क्रूर मजाक है कि जब सरकार ने मौलाना आजाद फेलोशिप बंद कर दी और गरीब अल्पसंख्यकों के लिए प्री और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रतिबंधित कर दी, तो वित्त मंत्री ने फेलोशिप का उल्लेख किया। अल्पसंख्यक मामलों के बजट में 40 प्रतिशत की कटौती की गई है! कर्नाटक में, आपकी पार्टी की सरकार ने हिजाब का विरोध करने के लिए एक अभियान चलाया है, शिक्षा और रोजगार में गरीब मुसलमानों के आरक्षण को हटा दिया है। मुसलमानों के व्यवसायों को सरकारी नीतियों और भीड़ शासन द्वारा लक्षित किया गया है।

    उन्होंने लिखा- वित्त मंत्री का कहना है कि कानून और व्यवस्था एक राज्य का मुद्दा है लेकिन जिन राज्यों में मुसलमानों ने सबसे खराब हिंसा और भेदभाव का सामना किया है, वह भाजपा शासित हैं। गैर-बीजेपी राज्यों में, हिंसा के मुख्य दोषी सभी संघ परिवार के सहयोगी हैं। ओवैसी ने कहा कि असम में, मुसलमानों को अतिक्रमण के नाम पर बड़े पैमाने पर विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है और यहां तक कि राजधानी शहर में भी मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार के नारे लगाए गए हैं। बिहार से गुजरात तक, मुसलमानों ने भयानक आगजनी और हिंसा का सामना किया है। यह छोटा-मोटा कानून और व्यवस्थाका मुद्दा नहीं है। आप नाराज हो गए और तेलंगाना में किसी राशन की दुकान पर मोदी की तस्वीर की मांग की। मोदी की तस्वीर की तुलना में मुस्लिम विरोधी हिंसा निश्चित रूप से आपके ध्यान का अधिक हकदार है।

  • लड़कियां ऐसे कपड़े पहनती हैं कि शूर्पणखा लगती हैं- बीजेपी नेता

    राजनीति- बीजेपी नेता कौशल विजयवर्गीय लड़कियों को लेकर दिए अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। 

    कौशल विजयवर्गीय कहते दिख रहे हैं कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि मन करता है उनको उतर कर थप्पड़ मार दें। वह एकदम शूर्पणखा लगती हैं।
    उन्होंने कहा, मैं जब निकलता हूँ तो देखता हूँ नौजवान लड़के-लड़कियां ऐसे झूमते है कि उनको पांच-सातदे दूं कि उनका सारा नशा उतर जाए। 
    महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं कि वह शूर्पणखा लगती हैं। हम लड़कियों को देवी कहते हैं लेकिन उनमें ऐसा नहीं दिखाई देता।
    उन्होंने आगे कहा, यार आप लोग जरा सुंदर कपड़े पहन लो। भगवान ने सुंदर शरीर दिया है। कपड़े पहन लो यार। बच्चों को संस्कार दीजिए। मैं बड़ा चिंतित हूँ।