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  • अमित शाह ने त्रिपुरा आदिवासी पार्टी प्रमुख को बताया, 27 मार्च तक वार्ताकार नियुक्त करेगी सरकार

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) सुप्रीमो प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देब बर्मन को सूचित किया कि केंद्र सरकार टीएमपी की मांगों के ‘संवैधानिक समाधान’ का अध्ययन करने के लिए 27 मार्च तक एक वार्ताकार नियुक्त करेगी। अप्रैल 2021 में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) पर कब्जा करने के बाद से, पार्टी ‘ग्रेटर तिप्रालैंड राज्य’ या संविधान के अनुच्छेद 2 और 3 के तहत एक अलग राज्य देकर स्वायत्त निकाय के क्षेत्रों को ऊपर उठाने की मांग कर रही है।

    पार्टी प्रमुख ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया, “शाह ने मुझे फोन किया कि टीएमपी की मांगों के ‘संवैधानिक समाधान’ का अध्ययन करने और हल करने के लिए 27 मार्च तक एक वार्ताकार नियुक्त किया जाएगा।” साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “मेरे स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ करने के लिए माननीय गृह मंत्री अमित शाह के सुबह-सुबह फोन आया। उन्होंने मुझे स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि इस महीने की 27 तारीख तक त्रिपुरा के हमारे स्वदेशी लोगों के लिए संवैधानिक समाधान के संबंध में हमारी वार्ता के लिए एक वार्ताकार की घोषणा की जाएगी।”

    “मुझे उम्मीद है कि गृह मंत्री टिप्रसा की भावनाओं को समझेंगे और उन्होंने मुझे जो प्रतिबद्धता दी है, उसका सम्मान करेंगे।” 16 फरवरी को हुए विधानसभा चुनावों में ‘ग्रेटर टिप्रालैंड राज्य’ के मुद्दे को सबसे शीर्ष विषय बनाते हुए, 42 सीटों पर उम्मीदवार डालकर पहली बार चुनाव लड़ रहे टीएमपी ने 60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में आदिवासियों के लिए आरक्षित 20 में से 13 पर जीत हासिल की थी।

    भाजपा के बाद टीएमपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसने 32 सीटें हासिल कीं, जबकि उसके सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) को एक और विपक्षी सीपीआई-एम और कांग्रेस को क्रमश: 11 और तीन सीटें मिलीं। लेकिन पिछले हफ्ते, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक बार फिर टीएमपी द्वारा उठाई गई ‘ग्रेटर टिप्रालैंड राज्य’ की मांग को खारिज कर दिया था और कहा था कि राज्य सरकार आदिवासियों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेगी, जो त्रिपुरा की 40 लाख आबादी का एक तिहाई हिस्सा हैं।

    8 मार्च को अगरतला में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ दो घंटे की लंबी बैठक के बाद, देब बर्मन ने कहा था कि केंद्र सरकार तीन महीने के भीतर टीएमपी की मांगों का अध्ययन करने और उन्हें हल करने के लिए जल्द ही एक वार्ताकार नियुक्त करेगी। उन्होंने मीडिया को बताया कि शाह ने आश्वासन दिया था कि नागालैंड के मामले की तरह तीन महीने या एक विशिष्ट समय सीमा के भीतर टीएमपी की मांगों को देखने और हल करने के लिए एक वार्ताकार नियुक्त किया जाएगा।

    बैठक में शाह के अलावा, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा के उनके समकक्ष माणिक साहा और टीएमपी के सभी 13 विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा, विपक्षी माकपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दल ‘ग्रेटर टिप्रालैंड राज्य’ की मांग का कड़ा विरोध कर रहे हैं।

  • अयोग्यता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- सिर्फ राष्ट्रपति के पास है पावर

    कांग्रेस ने शुक्रवार को लोकसभा से राहुल गांधी की अयोग्यता पर सवाल उठाया और कहा कि केवल राष्ट्रपति के पास ऐसा करने की शक्तियां हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि भारत के संविधान के तहत सिर्फ राष्ट्रपति के पास किसी सांसद को अयोग्य ठहराने का अधिकार है। सीओआई के तहत एक सांसद को अयोग्य घोषित करने की शक्तियाँ राष्ट्रपति के पास होती हैं- अनुच्छेद 103 यदि अनुच्छेद 102 (1) (ई) के तहत अयोग्यता होती है। लोकसभा से अयोग्य होने के बाद, चुनावी राजनीति में राहुल गांधी का भाग्य अब केवल उस कानूनी राहत पर निर्भर करता है जो उन्हें अदालतों से मिल सकती है क्योंकि चुनाव आयोग उनकी सीट को खाली घोषित कर सकता है और चुनावों की घोषणा कर सकता है।

    कांग्रेस ने यह मुद्दा उठाया है कि सिर्फ राष्ट्रपति ही किसी सांसद को अयोग्य घोषित कर सकता है, लेकिन कानूनी जानकारों का कहना है कि दोषसिद्धि ही अयोग्यता को गतिमान कर देती है।  पूर्व सांसद और कानूनी विशेषज्ञ मजीद मेमन ने कहा, अगर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 389 के तहत अदालत में अपील के बाद राहुल की सजा निलंबित कर दी जाती है, तो लोकसभा से उनकी अयोग्यता को टाला जा सकता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि ’23 मार्च को फैसला और 24 मार्च को अयोग्यता। जिस गति से व्यवस्था चलती है वह आश्चर्यजनक है। प्रतिबिंब, समझने या कानूनी समीक्षा के लिए समय की अनुमति देने पर कोई समय बर्बाद नहीं होता है, जाहिर है, भाजपा पार्टी या सरकार में संयम की कोई आवाज नहीं है, शुद्ध परिणाम यह है कि संसदीय लोकतंत्र को एक और क्रूर झटका लगा है।

    वहीं कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, हम इस लड़ाई को कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह से लड़ेंगे। हम भयभीत या चुप नहीं रहेंगे। पीएम से जुड़े अडानी महा मेगा घोटाले में जेपीसी के बजाय, राहुल गांधी अयोग्य हैं। भारतीय लोकतंत्र ओम शांति। लोकसभा सचिवालय ने अपनी अधिसूचना में कहा कि सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में सजा सुनाए जाने के मद्देनजर केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गांधी को शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया गया। यह आदेश शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किया गया और इस पर लोकसभा के महासचिव ने हस्ताक्षर किए। गुजरात की सूरत जिला अदालत ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 2019 में उनकी कथित ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी ठहराया था।

  • मोदी ने गांधी परिवार और कांग्रेस के खिलाफ दिए अनगिनत भाषण

    राजनीति- राहुल(Rahul Gandhi) के समर्थन में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress president mallikarjun khadge)कहते हैं राहुल गांधी ने देश से काला धन लेकर भागने वाले भगोड़ों का मुद्दा उठाया। उन्हें सजा हुई। कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन करेगी। हम बोलने की आजादी को जिंदा रखेंगे। मैं सभी विपक्षी दलों का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने राहुल गांधी का समर्थन किया।

    उन्होंने आगे कहा, राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने मोदी सरनेम पर भाषण दिया। उनपर मानहानि का केस हुआ। कोर्ट ने उनको सजा दी। ऐसे तो मोदी जी ने गांधी परिवार और कांग्रेस के खिलाफ अनगिनत भाषण दिए हैं। उनको कब का मानहानि का केस लगाकर सबक देना चाहिए था।
    हमने सदन के लिए नया नारा तैयार किया है मोडानी हम सदन में इसकी जंग लड़ेंगे और तनाशाही सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। 
    उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा शुरू हुईं। बीजेपी राहुल की लोकप्रियता से भयभीत हुई। बीजेपी ने उनके इरादे कमजोर करने के लिए साजिश रची। उनके पास साजिश का इतिहास है। वह अडानी पर सवाल का जवाब नहीं देते।

  • न थीसिस लिखीं, न एग्जाम दिया, हिम्मत है तो दिखाएं सर्टिफिकेट

    देश– बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी(subrahmanyam Swami) ने बिना नाम लिए राहुल गांधी(Rahul Gandhi) पर ऐसा कुछ ट्वीट कर दिया कि वह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ट्वीट में वह राहुल गांधी(Rahul Gandhi) को बुद्धु और फेलियर बताते नजर आ रहे हैं।

    उन्होंने ट्वीट में लिखा- बुद्धु केवल चार महीने हावर्ड यूनिवर्सिटी में रहा। चार साल में वहां 8 सेमेस्टर होते हैं। उसने एक सेमेस्टर को पूरा किये बिना यूनिवर्सिटी को छोड़ दिया। अपनी थीसिस नहीं लिखीं एमफिल का एग्जाम पास नहीं किया।
    उन्होंने आगे लिखा- अगर हिम्मत है तो बुद्धू अपनी कैम्ब्रिज और हावर्ड यूनिवर्सिटी की डिग्री को सामने रखे। सुब्रमण्यम स्वामी ने किसी का नाम नहीं लिया है लेकीन यह ट्वीट राहुल गांधी को हुई 2 साल की सजा और संसद सदस्यता रद्द होने के बाद आया है। तो इसे उनसे जोड़कर देखा जा रहा है।

  • कायर है देश का प्रधानमंत्री कायर है, सत्ता के पीछे छुपा है देश का प्रधानमंत्री कायर है

    राजनीति– बीते दोनों लोकसभा(Loksabha election) के सभापति ने कांग्रेस लीडर(Congress leader) और वायनाड से सांसद राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की सदस्यता रद्द कर दी। राहुल(Rahul Gandhi) की सदस्यता रद्द होते ही कांग्रेस(Congress) बीजेपी(BJP) पर हमलावर हो गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल(Rahul Gandhi) की लोकप्रियता से केंद्र सरकार(Central government) घबरा रही है। 

    वहीं अब राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की बहन और कांग्रेस लीडर प्रियंका गांधी ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) पर हमला बोला है और उनको कायर, अहंकारी बताया है। प्रियंका गांधी(Priyanka Gandhi) के बयान का वीडियो सोशल मीडिया(social media) पर जमकर वायरल हो रहा है।
    वीडियो में प्रियंका गांधी(Priyanka Gandhi) कहते दिख रही हैं- कायर है इस देश का प्रधानमंत्री(PM Narendra Modi), लगा दो केस मुझपर, जेल ले जाओ मुझे भी, लेकिन सच्चाई ये है देश का प्रधानमंत्री(PM narendra modi) कायर है अपनी सत्ता के पीछे छुपा है, अहंकारी है, देश की पुरानी परंपरा है, हिन्दू धर्म की पुरानी परंपरा है। अहंकारी राजा को जनता जवाब देती है। 

    देखें वीडियो- 

     

  • राहुल ने कहा, वह सावरकर नहीं, माफी नहीं मांगेंगे

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह वीर सावरकर नहीं हैं और न ही माफी मांगेंगे। मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराए जाने व संसद से निष्कासन के एक दिन बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, मैं गांधी हूं, सावरकर नहीं और गांधी परिवार माफी नहीं मांगता। वायनाड के पूर्व सांसद ने विपक्ष को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी अयोग्यता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ एक हथियार होगी।

    राहुल गांधी ने कहा, मुझे खुशी है कि उन्होंने अब तक का सबसे अच्छा उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि देश ने मुझे प्यार और सम्मान दिया है और आरोप लगाया कि उनकी अयोग्यता इसलिए ह,ै क्योंकि प्रधानमंत्री संसद में उनके अगले भाषण से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अयोग्यता का सीधा संबंध प्रधानमंत्री से है, जो नहीं चाहते कि वह अदानी समूह के साथ अपने संबंधों के बारे में बोलें। राहुल ने कहा कि जनता जानती है कि गौतम अदानी भ्रष्ट हैं और अब सवाल यह है कि मोदी उन्हें तमाम जांचों से क्यों बचा रहे हैं.

    उन्होंने यह भी कहा कि वह डरे हुए नहीं हैं और मोदी-अदानी संबंधों के बारे में सवाल पूछना बंद नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मैं पीछे नहीं हटने वाला हूं और सिद्धांत पर कायम रहूंगा और अगर मैं जीवन भर के लिए अयोग्य भी हो जाता हूं, तो भी मैं सवाल उठाता रहूंगा और लोगों के लिए लड़ता रहूंगा।

  • राहुल की रद्द हुई सदस्यता ने कर दिखाया यह बड़ा काम..विपक्ष

    राजनीति- कांग्रेस नेता राहुल गांधी(CONGRESS LEADER RAHUL GANDHI) की कल लोकसभा स्पीकर(LOKSABHA SPEAKAR) ने संसद की सदस्यता रद्द कर दी। लोकसभा स्पीकर(LOSABHA SPEAKAR) के इस फैसले से हर कोई हताश दिखा। कांग्रेस नेताओं (CONGRESS LEADER)ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए कहा, लोकतंत्र ओम शांति। जगह – जगह मोदी सरकार(MODI GOVERNMENT) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी(CONGRESS LEADER RAHUL GANDHI) को विपक्ष का साथ मिला।

    विपक्ष के बड़े नेताओं ने राहुल गांधी के पक्ष में बयान दिये। राहुल की सदस्यता जाते हैं पहली बार कांग्रेस को विपक्ष का ऐसा समर्थन मिला है। विपक्ष के समर्थन से साफ है कि कहीं न कहीं विपक्ष के मन मे कांग्रेस के प्रति लगाव है और लोकसभा चुनाव में विपक्ष कांग्रेस के विपक्ष एकता की नीति पर विचार कर रहा है। लेकिन बयानों के आधार पर यह कहना कि विपक्ष कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा अनुचित है। क्योंकि विपक्ष का यह समर्थन बीजेपी की नीतियों के विरोध में है।

    जानें क्या बोला विपक्ष-

    अरविंद केजरीवाल(ARVIND KEJRIWAL)- आज देश मे जो चल रहा है। वह गलत है। विपक्ष को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। वन नेशन वन पार्टी वातावरण बन रहा है। ये तनाशाही है।देश के लोगों से मेरी अपील है कि हमको आगे आना होगा। हमें मिलकर जनतंत्र और देश बचाना है।

    राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी। यह मुश्किल दौर है। पूरा देश भयभीत है। 130 करोड़ जनता को अब अहंकारी सत्ता के खिलाफ आवाज उठानी होगी। 

    वहीं अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे कम पढ़ा लिखा प्रधानमंत्री बताते नज़र आ रहे हैं। वीडियो में केजरीवाल करते हैं- भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है जब देश का प्रधानमंत्री इतना कम पढ़ा लिखा है। आपने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी। आप तो बड़ा डरते हैं।

    अखिलेश यादव(AKHILESH YADAV)- राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट करते हुए अखिलेश यादव लिखते हैं- संसद की सदस्यता के अपहरण से राजनीतिक चुनौती ख़त्म नहीं हो जाती. सबसे बड़े आंदोलन संसद नहीं; सड़क पर लड़कर जीते गये हैं।जिन महोदय ने मानहानि का दावा किया है दरअसल ये उन्हें अपने उन लोगों पर करना चाहिए जो अपने देश को धोखा देकर विदेश भाग गये, जिससे उनके नाम-मान को हानि पहुँची है।

    ममता बनर्जी- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM NARENDRA MODI) के न्यू इंडिया में उनका  निशाना विपक्ष। अपराधी नेताओं को भाजपा विधान मंडल में शामिल करती है। विपक्ष के नेताओं के भाषण अयोग्य हो जाते हैं। आज हमने लोकतंत्र का निम्न स्तर देखा है।

    बता दें विपक्ष जहां राहुल के समर्थन में खड़ा रहा। वहीं दलित हितैसी बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीम मायावती(BSP SUPREMO MAYAWATI) ने इस मामले पर मौन धारण कर लिया। कई लोग इसका अर्थ बीजेपी ने बसपा की मिली भगत से निकाल रहे हैं। बसपा के साथ एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने भी राहुल की रद्द हुई सदस्यता पर चुप्पी साध ली।

  • पिछड़ों को देते हैं गाली, नहीं मांगते माफी, कांग्रेस का अहंकार बड़ा है

    राजनीति- कांग्रेस नेता राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) की लोकसभा(loksabha) की सदस्यता रद्द होने के बाद कांग्रेस(Congress) नेताओं ने हल्ला बोल दिया है। पूरे देश में संकल्प सत्याग्रह(sankalp satyagraha) किया जा रहा है। बीजेपी सरकार(BJP government) कटघरे में है। कटाक्षों की बारिश हो रही है। कांग्रेस(Congress) का आरोप है कि राहुल गांधी(Rahul Gandhi) और उनके परिवार को बदनाम करने के लिए यह सब किया जा रहा है।

    वहीं कांग्रेस के वार पर पलटवार करते हुए बीजेपी (BJP)ने कहा, कांग्रेस नेताओं(Congress leader) का अहंकार बड़ा है। यह पिछड़ों को जातिसूचक गाली देते हैं लेकिन माफी नहीं मांगते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा(JP nadda) कहते हैं कांग्रेस अहंकार में डूबी हुई है। इनके लिए अहंकार समझदारी से बडा है।
    कांग्रेस सत्याग्रह कर रही है। यह पिछड़ों को जाति सूचक गाली देते हैं। कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी मांगने को बोला। लेकिन हठ देखो उन्होंने माफी नहीं मांगी। उनकी संसद सदस्यता रद्द हो गई। रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया।
    बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी(sudhanshu) कहते हैं – राहुल गांधी और कांग्रेस नेता कानून को नहीं मानते। यह लोग कोर्ट और संविधान के फैसले के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
     
    योगी आदित्यनाथ(Yogi adityanath)- उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के संकल्प सत्याग्रह पर सवाल उठाते हुए कहा, जो असत्य की राह पर चल रहा है जो सत्याग्रह कैसे कर सकता है। जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं वो सत्याग्रह कैसे कर सकते हैं।

  • आरएसएस प्रमुख से मिलने वाले मुस्लिम बुद्धिजीवी निराश

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सुप्रीमो मोहन भागवत के साथ बैठक करने वाले मुस्लिम बुद्धिजीवी हिंदू संगठनों द्वारा नफरत भरे भाषणों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज हैं। सात मार्च की बैठक के बाद मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने एक पत्र में कहा, नफरत फैलाने वाले भाषणों, मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार और हिंसा के कृत्यों में कोई कमी नहीं आई है।

    यह पत्र छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हिंदू संगठनों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ मुस्लिम विरोधी मार्च की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। मुस्लिम नेताओं ने आरएसएस प्रमुख से इस मुद्दे पर बोलने और राज्य सरकार से नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। पत्र एसवाई कुरैशी, जू शाह, नजीब जंग, सईद शेरवानी और शाहिद सिद्दीकी ने लिखा है।

    सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिक्रिया प्रख्यात मुस्लिम नागरिकों और धार्मिक संगठनों द्वारा मार्च में दिल्ली के पूर्व एलजी नजीब जंग के आवास पर आरएसएस नेताओं से मुलाकात और समुदायों के बीच सद्भाव के मुद्दे पर चर्चा के बाद आई है।

    मुस्लिम पक्ष खुले तौर पर आरएसएस और उसके सहयोगियों से लिंचिंग के खिलाफ एक अपील चाहता है, साथ ही टेलीविजन चैनलों पर नफरत फैलाने वाले प्रचार को भी समाप्त करना चाहता है। आरएसएस की ओर से इंद्रेश कुमार, कृष्ण गोपाल और राम लाल ने प्रतिनिधित्व किया। बैठक के दौरान, आरएसएस ने गोहत्या और भारत में बहुसंख्यकों के लिए ‘काफिर’ शब्द के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था। इसके लिए, मुस्लिम पक्ष ने इस मुद्दे पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का सुझाव दिया और कहा कि वे अपने समुदाय से ‘काफिर’ शब्द का सार्वजनिक रूप से उपयोग नहीं करने के लिए कहेंगे।

  • संसद में संयुक्त रणनीति के लिए विपक्ष की बैठक में शामिल हो सकती है तृणमूल

    लोकसभा से राहुल गांधी की अयोग्यता के बाद सोमवार को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई विपक्ष की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के शामिल होने की संभावना है। विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस सांसद सदन की रणनीति बनाने के लिए जुटेंगे। तमिलनाडु से कांग्रेस के लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर ने रविवार को इस्तीफा देने का संकेत दिया, उन्होंने कहा कि वह अपने नेता राहुल गांधी को अयोग्य घोषित किए जाने से बाद निराश हैं।

    तमिलनाडु के विरुधनगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले टैगोर ने ट्विटर पर लिखा, माननीय अध्यक्ष ने मेरे नेता राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया। 2009 में मुझे लोकसभा में प्रवेश करने का अवसर देने वाले राहुल गांधी अब खुद वहां नहीं रहेंगे, तो मेरा वहां होना गलत है, उनके साथ हुए अन्याय से मैं आहत हूं। टैगोर को राहुल गांधी का करीबी कहा जाता है। वह गोवा के पार्टी प्रभारी हैं।

    गुजरात की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। गुजरात की सूरत जिला अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को 2019 में उनकी कथित ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी ठहराया था।