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  • कांग्रेस ने राहुल गांधी की जेल की सजा का विरोध किया

    महाराष्ट्र कांग्रेस ने गुरुवार को यहां सूरत की एक अदालत द्वारा पार्टी सांसद राहुल गांधी को सुनाई गई जेल की सजा का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘दंड’ दिया जा रहा है। महाराष्ट्र अध्यक्ष नाना पटोले, मुंबई अध्यक्ष भाई जगताप, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार, सुनील केदार, नसीम खान, चरण सिंह सपरा, अतुल लोंढे, विधायक और अन्य के नेतृत्व में कांग्रेस नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

    उन्होंने राहुल गांधी के समर्थन में तख्तियां और पोस्टर लिए और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही कहा कि उनके खिलाफ ‘दबाव’ में कार्रवाई की जा रही है। नाना पटोले ने कहा, राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बात कि थी और नीरव मोदी और ललित मोदी जैसे भगोड़ों की भूमिका को उजागर किया था। यह सच है कि वे बैंकों के माध्यम से जनता का पैसा लूटकर भारत से भाग गए थे।

    पटोले ने केंद्र पर दबाव की रणनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि वह राहुल गांधी के बढ़ते प्रभाव से डर रहे हैं, हार का डर है और उसी के चलते वे उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नीरव मोदी और ललित मोदी जैसे घोटालेबाजों के खिलाफ बोलना अपराध है, तो कांग्रेस पूरे महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरकर और ‘जेल भरो’ आंदोलन कर अपना विरोध तेज करेगी।

    अशोक चव्हाण ने कहा कि यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद पूरे भारत में कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से भाजपा चिंतित है और अब वे विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का प्रतिकार कर रहे हैं। पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई दुर्भावना से की गई है, और वह भी गुजरात से। आगे कहा कि सूरत कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी।

  • Rahul Gandhi 2 Years Jail Sentence: चार साल पुराना है मामला, सरनेम पर दिया था बयान

    डेस्क। Rahul Gandhi 2 Years Jail Sentence: 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को सूरत की कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने 2 साल की सजा भी सुनाई है।
     2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक की एक रैली में राहुल गांधी ने एक बयान दिया था कि सभी चोरों का ( Rahul Gandhi Modi Surname Speech) सरनेम मोदी क्यों होता है? इसे लेकर बीजेपी विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया था। सजा का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी को जमानत पर रिहा भी कर दिया गया है। फिलहाल कोर्ट ने 30 दिन के लिए सजा पर रोक लगाई है।
    तो वहीं सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी इस मामले को लेकर ऊपरी अदालत में चुनौती देने वाले हैं।

    आखिर क्या है पूरा मामला?

     

     

    कर्नाटक में राहुल गांधी ने चुनावी रैली के दौरान कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेन्द्र मोदी का सरनेम कॉमन है? सभी चोरों का सरनेम मोदी ही क्यों होता है? इस मामले में राहुल गांधी की तीन बार कोर्ट में पेशी हो चुकी थी और कोर्ट में इस मामले को लेकर कर्नाटक के कोलार के तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी और भाषण को रिकॉर्ड करने वाले निर्वाचन आयोग के वीडियो रिकॉर्डर के बायन भी दर्ज किए गए थे।
    सूरत कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार कर दिया था। राहुल गांधी ने कोर्ट से कहा कि चुनावी रैली में क्या कहा वह उन्हें याद नहीं है और राहुल गांधी को आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया गया है।
    साथ ही उन्हें इस मामले में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है और इस मामले में दोषी को दो साल की कैद या जुर्माना या एक साथ दोनों की सजा का प्रावधान होता है।

  • दिल्ली में पोस्टर वॉर शुरु, केजरीवाल को बताया तानाशाह

    डेस्क। Arvind Kejriwal Poster: दिल्ली में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने के बाद अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं और दिल्ली में मंडी हाउस के पास कई पोस्टर लगाए भी गए हैं। इन पोस्टर में अरविंद केजरीवाल को बेईमान, रिश्वतखोर और तानाशाह भी बताया गया है।
    इन पोस्टरो पर सीएम केजरीवाल की तस्वीर भी लगी है। इस पर लिखा है ‘अरविंद केजरीवाल को हटाओ, दिल्ली बचाओ’। इन पोस्टर पर नीचे निवेदक के तौर पर बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम लिखा हुआ है।
    बीजेपी नेता मनजिंदर सिरसा ने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ‘अरविंद केजरीवाल कट्टर बेईमान हैं, उन्होंने शराब तस्करी में पैसे लिए हैं। स्कूल घोटाले में बस घोटाले में और लोकसभा राज्यसभा की टिकट बेचने में भी पैसे लिए हैं।
    उन्होंने एमएलए से लेकर मंत्री तक के लिए पैसे लिए हैं और जब आदमी सच बोलता है तो उसे अपना नाम छिपाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। इसलिए मैंने आज अपने नाम के साथ दिल्ली में पोस्टर लगाए हुए हैं। जब इंसान सच बोलता है तो उसे अपना नाम छुपाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। ‘

  • Rahul Gandhi Jail Sentence: क्या पूरे आठ साल राहुल होंगे राजनीति से दरकिनार

    डेस्क। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी को चार साल पुराने एक बयान पर गुजरात की सूरत सेशन कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो साल की सजा का फैसला लिया है। कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत तो दे दी है, पर दो साल की सजा होने की वजह से उनकी लोकसभा सदस्यता पर संकट भी गहरा गया है।
    राहुल गांधी को ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिलती है तो उन्हें अपनी सदस्यता भी गवांनी पड़ सकती है?
    जनप्रतिनिधि कानून के मुताबिक अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा हुई है तो ऐसे में उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) रद्द हो जाएगी और इतना ही नहीं सजा की अवधि पूरी करने के बाद छह वर्ष तक चुनाव लड़ने के लिए वो अयोग्य भी होते हैं।
     

    ये बयान बना है मुसीबत

    राहुल गांधी ने साल 2019 में एक बयान कर्नाटक में भी दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी ही क्यों होता है?’ राहुल के इसी बयान को लेकर बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था और सूरत के सेशन कोर्ट ने गुरुवार को राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है। राहुल को कोर्ट से तुरंत 30 दिन की जमानत भी मिल गई थी।
    सूरत के सेशन कोर्ट के फैसले की कापी को अगर प्रशासन लोकसभा सचिवालय को भेज देता है तो इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष उसे स्वीकार करते ही और राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म हो जाएगी। राहुल गांधी को दो साल की सजा हुई है, जिसके बाद छह साल तक वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इस तरह से राहुल गांधी अब कुल आठ साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

    राहुल के पास ये है विकल्प?

    राहुल गांधी को अपनी सदस्यता को बचाए रखने के सारे रास्ते बंद नहीं हुए हैं वो अपनी राहत के लिए हाईकोर्ट में इसे चुनौती भी दे सकते हैं, जहां अगर सूरत सेशन कोर्ट के फैसले पर स्टे लग जाता है तो सदस्यता बच जाएगी। हाईकोर्ट अगर स्टे नहीं देता है तो फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा और ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से अगर स्टे मिल जाता है तो भी उनकी सदस्यता बच सकती है।

  • सरनेम की राजनीति:- जब राहुल को जेल तो मोदी से क्यों प्रेम

    राजनीति– कांग्रेस नेता राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) पर मानहानि का केस हुआ। उन्हें मोदी सरनेम पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में सूरत की एक अदालत में 2 साल की सजा सुनाई गई। हालाकि राहुल गांधी(Rahul Gandhi) को तुरंत बेल भी मिल गई।

    राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक(Karnataka) में चुनावी रैली के दौरान बनाया दिया था कि सभी चोर का सरनेम मोदी(Modi) क्यों होता है। अपने बयान में राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने नीरव मोदी(Nirav modi), ललित मोदी(lalit modi) और नरेंद्र मोदी (narendra modi)का जिक्र किया था।
    राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के खिलाफ बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी(BJP MLA puresh Modi) ने केस दायर किया था। उनका दावा था कि उनके बयान से पूरे मोदी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। सूरत की कोर्ट ने राहुल को मानहानि मामले में दोषी करार दिया। लेकिन देश की राजनीति में सरनेम की सियासत का सिलसिला सिर्फ राहुल गांधी तक ही सीमित नहीं है। 
    देश के बड़े-बड़े नेता सरनेम को इंगित करते हुए एक दूसरे पर कटाक्ष करते हैं। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर नेहरू सरनेम को लेकर टिप्पणी की थी। लेकिन इस बात पर न कोई ज्यादा सियासत हुई। न किसी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया। न किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची न किसी ने मानहानि का केस दर्ज किया। लेकिन राहुल गांधी ने रैली में मोदी सरनेम उपयोग किया तो उनको दो वर्ष की सजा हुई।

    आखिर सरनेम की राजनीति कहां से शुरू हुई- 

    राजनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि पुरातन काल मे किसी का सरनेम नहीं होता था। लोग अपने कार्य के मुताबिक सम्मान पाते थे। लेकिन धीरे-धीरे देश की आबादी बढ़ी। लोगों की पहचान उनके सरनेम से होने लगी। व्यक्ति का सरनेम उसके काम, उसके रहने के स्थान, उसकी बातों से निर्धारित होने लगा।
    धर्म ग्रंथो में कहा गया है कि व्यक्ति का सरनेम उसका उपनाम है। अगर कोई अपने आप नहीं बना सकता। व्यक्ति अपने माता पिता के कर्म और व्यवहार से इसे प्राप्त कर सकता है। वहीं मनुस्मृति में भी सरनेम का जिक्र मिलता है. इसमें लिखा है, ब्राह्मणों को अपने नाम के बाद ‘सरमन’ (खुशी या आशीर्वाद), क्षत्रियों को ‘वर्मन’ (शक्ति और सुरक्षा), वैश्यों को ‘गुप्ता’ (समृद्धि) और शूद्रों को ‘दास’ (गुलाम या निर्भरता) लगाना चाहिए।
    सरनेम की राजनीति मुख्य रूप से भारत मे तब से आरंभ हुई जब गांधी परिवार ने नेहरू सरनेम का उपयोग न करके गांधी सरनेम करने लगा। बीजेपी के नेताओं से आरम्भ से ही गांधी परिवार को इंदिरा गांधी के पिता नेहरू के सरनेम को लेकर उनपर हमला किया है।
    वहीं मोदी सरकार ने बीते दिनों नेहरू सरनेम को लेकर हमला किया। राज्य सभा मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था मुझे नहीं समझ आता कि एक पीढ़ी नेहरू सरनेम का उपयोग करने से क्यों डर रहा है उनको क्या शर्मिंदगी है।

  • मोदी पर दर्ज होगा मानहानि का केस मुझे कहा था शूर्पणखा

    राजनीति– कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत ने मोदी सरनेम केस में दो साल की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस नेता आग बबूला हों गए। जगह-जगह राहुल गांधी के समर्थन में प्रदर्शन किए गए।

    वहीं कांग्रेस नेता नेता रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मानहानि का केस दर्ज करवाउंगी। साल 2018 में जब मैं संसद में गई तो उन्होंने मुझपर शूर्पणखा कहकर टिप्पणी की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्बंधित एक क्लिप भी साझा की है।
    वह ट्वीट करते हुए कहती हैं सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको शूर्पणखा कहा था। अब मैं उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करवाउंगी। देखते हैं कोर्ट इस मामले पर कितनी तेजी से काम करता है।

    जानें क्या था मामला- 

    राज्य सभा मे कार्यवाही चल रही थी। कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी 2018 में राज्य सभा की कार्यवाही के दौरान ठहाका लगाकर हस रही थीं। सभापति वेंकैया नायडू ने उन्हें इसके लिए रोका था। क्योंकि उनके ठहाकों से राज्य सभा की कार्यवाही बाधित हो रही थी। इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभापति से अनुरोध करते हुए कहा था कि आपसे प्रार्थना है कि रेणुका जी को कुछ मत कहिए रामायण सीरियल के बाद ऐसी हंसी सुनने का आज सौभाग्य मिला है।

  • राहुल गांधी का मामला क्या हैं – अनुराग ठाकुर

    देश – कांग्रेस लीडर राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में दो साल की सजा सुनाई गई। वहीं आज उनकी लोकसभा से सदस्यता ख़त्म कर दी गई। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर बरसते हुए कहा, राहुल गांधी का मामला क्या है।  वह पहले से ही नेशनल हेराल्ड केस में भ्रष्टाचार मामले में जमानत पर हैं। 

    उन्होंने आगे कहा, वह सदन में सच्चाई से दूर  भागते हैं उनके पास आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज़ नहीं होता है। ठाकुर ने कहा, “उन्होंने 2019 में कहा था कि ‘सारे चोर मोदी हैं’.  उन्होंने इसे बार-बार कहा. उनके ख़िलाफ़ सुशील मोदी की ओर से दाख़िल एक मामला पटना हाईकोर्ट में लंबित है, जिसमें वो ज़मानत पर हैं.”

    ठाकुर के अनुसार, “एक अन्य मामला सूरत की एक अदालत में पूर्णेश मोदी ने दाख़िल किया, जिसमें उन्हें सज़ा दी गई. अदालत के फैसले में साफ़ कहा गया कि वो इस तरह के आरोप लगाने के आदी हैं.”

     

  • राहुल की बढ़ी लोकप्रियता – मोदी सरकार को नहीं हुई हजम

    देश – मोदी सरनेम पर टिप्पणी किये जाने के मामले में सूरत की एक अदालत में राहुल गांधी को दोषी बताया गया और २ साल की सजा सुनाई गई। वहीं आज राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई है। यह फैसला लोकसभा स्पीकर द्वारा लिया गया। 

    स्पीकर के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने कहा, राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ी है – मोदी सरकार को यह हजम नहीं हो रहा है। 

    उन्होंने आगे कहा, बीजेपी की नीति है कि अब राहुल गांधी की आवाज को बंद किया जाए। अगर राहुल गांधी बोलते रहे तो बीजेपी सरकार से बाहर हो जाएगी। 

  • लड़ाई जारी है, लोकतंत्र ओम शांति

    Politics – आज 24 मार्च को कांग्रेस नेता राहुल गांधी(CONGRESS LEADER RAHUL GANDHI) की लोकसभा(LOKSABHA) की सदस्यता रद्द की गई। अब राहुल गांधी(RAHUL GANDHI) सांसद नहीं रहे और न ही वह अगले 6 साल तक चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल गांधी(RAHUL GANDHI) की सदस्यता रद्द होने के बाद कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच सरकार के खिलाफ गुस्सा है।

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश में इसे भारतीय लोकतंत्र ओम शांति लिखकर गुस्सा जाहिर किया। ट्वीटर पर जयराम रमेश लिखते हैं- हम डरने या अब चुप रहने वाले नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अडानी मामले में संयुक्त समिति की बजाय राहुल को सदन से अयोग्य घोषित किया गया है। उन्होंने आगे भारतीय लोकतंत्र को इंगित करते हुए कहा- ,लोकतंत्र ओम शांति।

    वहीं कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए इसे षड्यंत्र बताया गया है। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द की गई है। वह देश के लिए लगातार सड़क से सदन तक लड़ रहे थे। लोकतंत्र बचाने की कोशिश में जुटे थे। हर षड्यंत्र के बावजूद वह लड़ाई जारी रखेंगे इस मामले में न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे। लड़ाई जारी है।

  • प्रदेश भाजपा के ‘सम्राट’ बने सम्राट के सामने भाजपा की अकेले सरकार बनाना बड़ी चुनौती !

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी को बिहार भाजपा का अध्यक्ष बनाकर कई समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश जरूर की है। वैसे, चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिहार में भाजपा के अकेले की सरकार बनाने और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी के लक्ष्य 36 से अधिक सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों की जीत दिलाने की है। बिहार में भाजपा सरकार में रही है, लेकिन भाजपा का नेता कभी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी एनडीए को बहुमत मिला और एनडीए में भाजपा को सबसे अधिक सीट भी मिली, लेकिन पूर्व घोषणा के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने।

    बिहार में जदयू के महागठबंधन के साथ जाकर सरकार बनाने के बाद भाजपा संगठन को न केवल मजबूत करने में जुटी है, बल्कि बिहार में अकेले दम पर सरकार बनाने की कवायद में भी जुटी है। अध्यक्ष बनने के बाद सम्राट चौधरी भी मानते हैं कि उनकी सबसे बड़ी चुनौती भाजपा की सरकार बनाने की है। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता पार्टी को विस्तार देते हुए बिहार में भाजपा की सरकार बनाना है। साथ ही हम अपने कार्यकर्ताओं के मान सम्मान की रक्षा करेंगे।

    इस बयान से तय है कि चौधरी अपने नेतृत्व में न केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार करेंगे, बल्कि उनमें नई ऊर्जा का संचार कर महाठबंधन से आमने सामने की सियासी लड़ाई लड़ेंगे। चौधरी की पहचान आक्रामक नेता की रही है। चौधरी के समक्ष प्रदेश कमिटी को स्ंतुलित बनाने की भी होगी, जिससे पार्टी मे गुटबाजी की शुरूआत नहीं हो। चौधरी के हाथ में कमान मिलने के बाद तय है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव और 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव इनके हो कार्यकाल में होगा। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि प्रदेश कमिटी में अनुभवी और युवा का तालमेल देखने को मिलेगा।