देश– इंडिया टीवी(India TV) के लोकप्रिय कार्यक्रम आप की अदालत में पहुँची केंद्रीय मंत्री और अमेठी से लोकसभा सांसद स्मृति ईरानी (union minister and Mp ismriti Irani)ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi)को लेकर पूछे सवाल का जवाब देते हुए कहा, राहुल गांधी(Rahul Gandhi) महान हैं। महाभारत में जीएसटी सिर्फ वही खोज सकते हैं। गीता का उपदेश न सुनकर भगवान कृष्ण(lord Krishna) से नोटबंदी पर व्याख्या की बात उनको ही समझ आ सकती है।
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क्यों स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को बताया महान…?
वहीं कांग्रेस (Congress)द्वारा उनकी पुरानी तस्वीर गैस सिलेंडर वाली को लेकर किये जा रहे हमले पर उन्होंने कहा, मुझे लगता है मैं कांग्रेस(Congress) की सबसे बड़ी समस्या हूँ। मुझसे उनको जीवन भर दर्द रहेगा। कारण है क्योंकि पहली बार मुझसे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने ही गढ़ में चुनाव हारे हैं।उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस नेता(Congress leader) स्वयं का चरित्र हरण करते हैं। यह उनके यहां प्रमोशन का माध्यम है। जो नेता ऐसा करता है गांधी परिवार उससे प्रसन्न होकर उसे प्रमोशन देता है। साल 2024 के चुनाव में गांधी परिवार से अमेठी में चुनाव कोई भी लड़े लेकिन चुनाव जीतने का सौभाग्य मुझे ही मिलेगा। -
कांग्रेस है नए जमाने की मुगल, यह देश को कर रही कमजोर
देश- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा(Asam chief minister Himant biswas Sharma) ने कांग्रेस(Congress) पर हमला बोलते हुए कहा, कांग्रेस(Congress Mughal) दूसरी मुगल है। यह एक बार पुनः देश को कमजोर करने का काम कर रही है। पहले मुगलों ने देश को तोड़ने का काम किया था। आज नई मुगल देश को कमजोर करने में जुटी है। जब राम मंदिर(Ram mandir) का निर्माण होता है तो इन लोगों को समस्या होती है क्या आप मुगल के बच्चे हैं।
उन्होंने आगे कहा, जब दिल्ली के किसी अन्य का शासन था तो मंदिर तोड़े जाते थे। लोगों को मंदिर से समस्या है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)के नेतृत्व में मंदिरों के निर्माण हो रहे हैं। पीएम मोदी(PM narendra modi) के काल मे नए भारत का निर्माण हुआ है। कांग्रेस(Congress) को नए भारत से समस्या है। कांग्रेस(Congress leader) नए भारत को कमजोर कर रही है। कांग्रेस मुगलों की नीति पर चल रही है। यह नए मुगल हैं।कांग्रेस और कम्युनिस्ट(Congress and communist) ने सदैव यही बताया है कि भारत का इतिहास मुगल, औरंगजेब(Aurangzeb, बाबर bawar का रहा है। लेकिन सत्य यह नहीं है। भारत का इतिहास शिवजी(shivaji), गुरु गोबिंद सिंह(Guru govind singh) का है। औरंगजेब(Aurangzeb) ने सनातन संस्कृति(sanatan dharm) पर प्रहार किया था।उसे खत्म करने के लिए लोगों को भयभीत किया था कई लोगों को इस्लाम धारण करवाया था। लेकिन उन्होंने हमारे सनातन को खत्म नहीं कर पाया। लोग कहते हैं कि औरंगजेब ने पूरे भारत पर कब्जा किया था। वास्तव में यह झूठ है उसने पूरे भारत पर कब्जा नहीं किया। -
इतना घमंड ठीक नहीं, हालात सुधार लो नहीं तो राजस्थान भी हाथ से जाएगा
देश– राजस्थान(Rajsthan election) में चुनाव होने को है। वैसे तो यहां कांग्रेस सत्ता में है। लेकिन पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (chief minister Ashok Gehlot)और सचिन पायलट(Sachin pilot) के मध्य जारी विवाद से हर कोई चिंतित है। विशेषज्ञ का कहना है कि अगर जल्द ही कांग्रेस(Congress) इस विवाद को खत्म नहीं करती है तो राजस्थान में कांग्रेस (Rajasthan Congress)की स्थिति बेहद बिगड़ सकती है।
वहीं अब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सचिन पायलट के ससुर फारुख अब्दुल्ला(Farooq Abdullah) ने अशोक गहलोत(Ashok Gehlot) को नसीहत देते हुए कहा, किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि सब उनके साथ से हो रहा है और उनके बिना सब रुक जाएगा। इतना घमंड अच्छा नहीं है। अगर राजस्थान कांग्रेस(Rajasthan Congress) की आपसी गुटबाजी नहीं ठीक हुई तो कांग्रेस के हाथ से राजस्थान भी निकल जाएगा।उन्होंने आगे कहा, राजस्थान की गहलोत सरकार ने बेहतरीन काम किया है। उनकी योजनाएं जनकल्याकारी हैं। लेकिन उनको कांग्रेस के सभी नेताओं को साथ लेकर चलना चाहिए। पार्टी मजबूत एक व्यक्ति से नहीं होती। पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है।केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए फारुख अब्दुल्ला कहते हैं, देश में 22 करोड़ की आबादी मुसलमान की है। लेकिन एक समुदाय के खिलाफ नफ़रत फैलाई जा रही है। क्या मुसलमान को समंदर में फेकना है। हिन्दू को मुसलमान का दुश्मन बनाया जा रहा है। मुसलमान को एकजुट होने की आवश्यकता है। भारत बड़ा देश है यहां हिंसा होती रहती है लेकिन हिंदुस्तान सुरक्षित है और यह सदैव सुरक्षित ही रहेगा। -
घोषणा- 2024 में नरेंद्र मोदी बनेंगे प्रधानमंत्री
राजनीति- साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव(Loksabha election) को लेकर बीजेपी नेता(BJP leader) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (union minister Amit Saha)ने बड़ा बयान दिया है। अमित शाह(Amit Saha) ने कहा, बीजेपी(BJP) एक मजबूत गठबंधन के साथ है। केंद्र में पुनः एनडीए(NDA) की सरकार बनेगी। जनता का विश्वास मोदी(PM Narendra Modi) के साथ है। मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
उन्होंने आगे कहा, नरेंद्र मोदी(narendra modi) ने सत्ता में आते ही देश की अमुख समस्याओं का समाधान किया। पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक से भारत मजबूत हुआ। भारत की नीतियों से अब विदेश वाकिफ हैं। अब विदेशी ताकत हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती।यह जनता का मत होगा कि देश की बागडोर किसके हाथ मे होगी। जनता तय करेगी भारत मे किसकी सरकार बनेगी। मैने कई राज्यों का दौरा किया है। जनता ने यह विश्वास दिलाया है कि उनका समर्थन विकास के साथ है। केंद्र में पुनः एनडीए का राज होगा और मोदी जी देश के प्रधानमंत्री होंगे।यह ऐतिहासिक जीत होगी। क्योंकि 1970 के बाद अब कोई प्रधानमंत्री तीसरी बार देश की बागडोर संभालेगा। हम इस बार 302 से अधिक सींटो पर जीत हासिल करेंगे। यह क्रांति होगी विकास की। मोदी के नेतृत्व में नए भारत का सपना साकार हो रहा है। जनता मोदी पर विश्वास करती है। तीसरी बार जनता मोदी का साथ देकर अपने विश्वास की जीत सुनिश्चित करेगी। -
मन की नहीं काम की बात, मोदी पर इस अंदाज में बरसे नीतीश कुमार
राजनीति– साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव(Loksabha election) के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। वहीं बिहार की महागठबंधन सरकार ने अपनी रणनीति तैयार कर ली हैं। जेडीयू नेता(JDU leader) अलग-अलग नारों के माध्यम से जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Chief minister Nitish Kumar) ने केंद्र सरकार(Central government) पर जमकर हमला किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) को खुली चुनौती दी है। नीतीश कुमार(Nitish Kumar) की पार्टी की तरफ से केंद्र के वादे और दावों पर वार किया गया है।नीतीश(Nitish Kumar) के कार्यालय पर लगे पोस्टर में एक स्लोगन लिखा है ” मन की नहीं काम की बात” यह पोस्टर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)के कार्यक्रम मन की बात पर हमला है। वहीं दूसरा नारा जुमला नहीं हकीकत है जैसे नारे मोदी (modi government)पर प्रहार कर रहे हैं।क्या है नीतीश कुमार की रणनीति-
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Bihar chief minister Narendra Modi) बीते कई दिनों से विपक्ष को एकजुट करने की कवायद में लगे हुए हैं। नीतीश कुमार(Nitish Kumar) का कहना है कि अगर विपक्ष एक साथ आ जाए और केंद्र सरकार के खिलाफ मैदान में उतरे तो दिल्ली में परिवर्तन देंखने को मिलेगा।नीतीश कुमार(Nitish Kumar) की इस रणनीति में अभी कोई खास प्रोग्रेस नहीं दिखाई दे रहा है। हालाकि नीतीश अपने प्रयास में लगे हुए हैं और विपक्ष के साथ संपर्क साध कर उसे एक साथ लाने के लिए प्रयासरत हैं। -
अगर मुझे मौका मिला तो मैं जरूर बोलूंगा
देश- अडानी समूह को लेकर अमेरिकी रिसर्च फर्म (Adani group) हिंडनबर्ग(Hindunburg report) की रिपोर्ट से केंद्र सरकार ने किनारा कर लिया है। वहीं विपक्ष लगातार सरकार(government) पर हमलावर है। राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) ब्रिटेन से वापसी के बाद सदन गए। सदन से निकलने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी (Rahul Gandhi press conference)ने कहा, अगर मुझे सदन में बोलने का मौका मिलेगा तो मैं अपना पक्ष रखूंगा और बोलूंगा।
जानकारी के लिए बता दें राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी(Cambridge University) में भाषण दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने भारत के लोकतंत्र पर प्रहार हो रहा है ऐसी बात भी कही है और ब्रिटेन(Britain) में यह भी कहा कि सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के इन बयानों को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस लीडर(Congress leader) राहुल गांधी (Rahul Gandhi)पर हमलावर है। -
मल्लिकार्जुन खड़गे का सवाल, जेपी नड्डा का रिमोट किसके पास
देश – बीजेपी और कांग्रेस के मध्य बयानबाजी की जंग जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बरसते हुए कहा, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का रिमोट कंट्रोल किसके पास है।
उन्होंने कहा, मोदी बेलगावी आए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष बन गए हैं। मेरा रिमोट कंट्रोल किसी और के पास है। ठीक है यह भी लेकिन जेपी नड्डा का रिमोट कंट्रोल कहां है। यह किसके रिमोट के नियंत्रण में बोलते हैं। हमारे पास आपके लिए बोलने को बहुत कुछ है। हम आपकी कमियां दिखा सकते हैं। लेकिन आपके भीतर साहस की कमी है।उन्होंने आगे कहा, यह लोकतंत्र है। क्या यह कहना उचित है कि लोकतंत्र सही नहीं चल रहा है। क्या यह कहना अनुचित है कि देश मे जाति वाद है। आप हमको सच नहीं बोलने देते। लेकिन आप सरासर झूठ बोलते हैं। आपके ईडी सीबीआई हमपर हावी नहीं हो सकते। हम डरते नहीं हैं आपसे। राहुल गांधी न कभी डरे हैं न डरेंगे क्योंकि वह सच बोलते हैं। -
सावरकर समझा है क्या नाम राहुल गांधी है
देश- कांग्रेस (Congress)और बीजेपी (BJP)के बीच तना-तनी जारी है। कांग्रेस नेता(Congress leader) लगातार बीजेपी(BJP) पर हमलावर हैं। वहीं अब सोशल मीडिया पर राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की एक तस्वीर से बीजेपी आग बबूला हो गई है।
राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) की तस्वीर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर की गई। राहुल (Rahul Gandhi vs veer savarkar)की तुलना वीर सावरकर से की गई है। ट्वीटर अकाउंट पर लिखा गया है कि सावरकर समझा है क्या नाम राहुल गांधी(Rahul Gandhi) है। राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के इस ट्वीट पर बीजेपी नेताओं के मध्य बवाल मच गया है।कानून मंत्री किरण रिजिजू(Kiren rijju) कहते हैं कृपया महान आत्मा वीर सावरकर(veer savarkar) का अपमान न करें। आपसे हाथ जोड़कर बिनती है।बता दें बीते दिनों से राहुल गांधी(Rahul Gandhi) द्वारा भारत जोड़ो यात्रा(Bharat jodo Yatra) के दौरान महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले को उठाया गया था। अब 45 दिन बाद दिल्ली पुलिस उनके बयान को सीरियस ले रही है और उन्हें 16 मार्च को नोटिस भेजकर सवाल किया गया कि उन महिलाओं का नाम बताएं। वहीं बीते दिन दिल्ली पुलिस राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के घर पहुँच गई।दिल्ली पुलिस के इस एक्शन के बाद कांग्रेस नेता(Congress leader) आगबबूला हो गए। कई बड़े कांग्रेस नेता बीते दिन राहुल के घर पहुँच गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार राहुल गांधी को डराने की कोशिश कर रही है लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं। -
क्या टूट जाएगा कांग्रेस का सपना बिखरेगी विपक्ष एकता
राजनीति– कांग्रेस नेता राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) ने भारत जोड़ो यात्रा (Bharat jodo Yatra)के माध्यम से जनता से सीधा संपर्क साधा और विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम छेड़ी। कांग्रेस का प्रयास था कि भारत जोड़ो यात्रा(Bharat jodo Yatra) के माध्यम से वह विपक्ष को एक सूत्र में बंध लें और केंद्र(Central government) से एनडीए की सरकार (NDA government)को उखाड़ फेंके।
लेकिन अब जब लोकसभा चुनाव(loksabha election) नजदीक आ रहा है तो विपक्ष एकता चितर बितर नजर आ रही है। क्षेत्रीय स्तर की सभी पार्टियों ने कांग्रेस से दूर रहना उचित समझा है। अभी तक कोई दल कांग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार नहीं हुआ है। अब ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि लोकसभा चुनाव(Loksabha election) में राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) के नेतृत्व में कांग्रेस कैसा प्रदर्शन करेगी।कहां गई विपक्ष एकता-
राहुल गांधी(Rahul Gandhi) विपक्ष को एकजुट करने की कवायद में लगे हैं। लेकिन कई बड़े नेता ऐसे हैं जो राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की कांग्रेस से हाथ मिलाने से कतरा रहे हैं। विपक्ष ऐसा राहुल और कांग्रेस(Congress) की जमीनी स्थिति देखकर कर रहा है। राज्य स्तर के राजनीतिक दलों को यह अंदाज है कि कांग्रेस अब जमीनी स्तर पर अपनी पहचान खोते जा रही है।भारत जोड़ो यात्रा (Bharat jodo Yatra)से भले ही राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने लोगों से प्रत्यक्ष संवाद किया है और उनकी समस्याओं को सुना है। राहुल के संघर्ष से कांग्रेस(Congress) के प्रति जनता सहानुभूति दिखा सकती है लेकिन इस यात्रा से उनका वोट बैंक मजबूत होगा यह कहना अनुचित है। कांग्रेस(Congress) की बिगड़ी स्थिति के चलते विपक्ष कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है और एक अलग गठबंधन तैयार करने की फिराक में है।सूत्रों का दावा यह भी है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(West Bengal chief minister Mamta Banerjee) विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद की दावेदार होंगी। यह इंदिरा गांधी के बाद पहली दफा होगा जब कोई महिला केंद्र के लिए ताल ठोकेगी। ममता ने कांग्रेस और बीजेपी की विचारधारा से अलग दलों को एकजुट होने का निमंत्रण दिया है। ममता के रुख से यह स्पष्ट है कि वह कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगी और कांग्रेस विरोधी दलों को एकजुट करने का प्रयास करेंगी।कितने दल हो सकते हैं कांग्रेस से अलग-
सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एकजुट होकर तीसरा गठबंधन तैयार करने की कवायद में जुटे हुए हैं। यह गठबंधन कांग्रेस के बिना तैयार होगा। बताया जा रहा है इसी सिलसिले में आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ओडिसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मिलने वाली हैं।ममता बनर्जी का मानना है कि अभी नए नेताओं को राजनीति की समझ कम है। ममता अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी और अखिलेश यादव को राजनीति का नया खिलाड़ी मानती हैं। ममता का मानना है कि यह अभी राजनीति की गेंद को घूमना नहीं जानते हैं। लेकिन इसके बाद भी ममता कांग्रेस से अलग होकर नया गठबंधन बनाने की कोशिश में लगी हैं।हालाकि ममता बनर्जी की यह नीति कितना सफल होगी इसका खुलासा जल्द ही होगा। लेकिन अगर ममता बनर्जी कांग्रेस के बगैर मैदान में उतरती हैं तो यह विपक्ष एकता के धागे में बड़ी गांठ होगी। क्योंकि कांग्रेस के बिना विपक्ष को देखना असंभव है। राजनीतिक विशेषज्ञ के मुताबिक कांग्रेस के बिना विपक्ष की कल्पना करना असंभव है। -
लोक सभा की कार्यवाही फिर 2 बजे तक स्थगित
लंदन में दिए गए राहुल गांधी के बयान पर माफी की मांग और अडानी मसले पर जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी घमासान की वजह से गुरुवार को भी लोक सभा की कार्यवाही सुचारू ढंग से नहीं चल पाई। हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। गुरुवार को सुबह 11 बजे लोक सभा की कार्यवाही शुरू होने पर सबसे पहले शहीद दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन में अपने जीवन का बलिदान देने वाले अमर शहीदों- भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को पूरे सदन की तरफ से श्रद्धांजलि दी गई। लोक सभा के सभी सांसदों ने इन अमर शहीदों की वीरता, शौर्य, देशभक्ति और शहादत को नमन करते हुए सदन की तरफ से मौन रहकर श्रद्धांजलि दी। सदन ने तीन पूर्व सांसदों के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।इसके बाद लोक सभा अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की, सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी खड़े होकर कुछ बोलते नजर आए। नारेबाजी के बीच लोक सभा स्पीकर बिरला ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी माननीय सदस्य को सदन में बोलने से नहीं रोका है। नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत सदस्य ने पहले भी अपनी बात सदन में रखी है और आगे भी इन्ही नियमों और प्रक्रियाओं के तहत वे बोलने की इजाजत देंगे।
दोनों पक्षों की तरफ से लगातार चल रही नारेबाजी के बीच उन्होंने बार-बार अनुरोध किया कि सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही को सुचारू ढंग से चलने दिया जाए, इसके बाद वो बोलने का मौका देंगे। बिरला ने बार-बार सदन चलने देने की अपील करते हुए कहा कि देश चाहता है सदन चले, उनके मुद्दों पर चर्चा हो, उनकी कठिनाइयों पर चर्चा हो। लेकिन क्या आप (हंगामा कर रहे सांसद) नहीं चाहते कि यह सदन चले? लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों की तरफ से लगातार नारेबाजी होती रही और इसके बाद बिरला ने यह कहते हुए लोक सभा की कार्यवाही को दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया कि आप लोग (हंगामा कर रहे सांसद) सदन चलाना नहीं चाहते हैं।