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  • अखिलेश में भाजपा को हराने की काबिलियत नहीं: ओवैसी , लोगो ने पूंछा कितने पैसे लिए

    उत्तरप्रदेश:- कल यूपी में हुए 2 लोकसभा सींटो के चुनाव में भाजपा को जीत हासिल हुई है। भाजपा की जीत से जहां पार्टी में जश्न का माहौल है वही विपक्ष सपा को खुब खरी खोटी सुना रहा है। क्योंकि यह दोनो सींटें सपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और यहां की जनता सपा के समर्थन में हमेशा खड़ी रहती है। लेकिन इस बार रामपुर और आजमगढ़ की हवाओ का रुख बदल गया है यहाँ भाजपा की जीत हुई। भाजपा की जीत ओर सपा की हार पर भड़के ओवैसी बोले जो नतीजे आए हैं वह सपा की काबिलियत का सबूत है अब स्पष्ट है कि सपा भाजपा को हराने की काबिलियत नहीं रखती है।

    एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने एक ट्वीट कर सपा पर अपनी भड़ास निकाली उन्होंने कहा कि रामपुर और आज़मगढ़ चुनाव के नतीजे से साफ़ ज़ाहिर होता है कि सपा में भाजपा को हराने की न तो क़ाबिलियत है और ना क़ुव्वत। मुसलमानों को चाहिए कि वो अब अपना क़ीमती वोट ऐसी निकम्मी पार्टियों पर ज़ाया करने के बजाये अपनी खुद की आज़ाद सियासी पहचान बनाए और अपने मुक़द्दर के फ़ैसले ख़ुद करे।

     

    ओवैसी ने ज्यों ही सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव को कटघरे में उतारा लोग उनके ट्वीट पर जमकर प्रतिक्रिया देने लगे। एक यूजर लिखता है अब से सभी राजनीतिक पार्टियां अखिलेश यादव जी से आज्ञा लेकर अपने प्रत्याशी उतारा करें। मायावती औवेसी प्रत्याशी न उतारे तो दिक्कत,प्रत्याशी उतारें तो दिक्कत। यादव वोट देते नही और मुस्लिम वोट अकेला कुछ कर नही सकता।बाद मे हार का ठीकरा दूसरी पार्टीयों पर फोड़ दो। वही एक अन्य यूजर लिखता है आखिर #मुसलमान क्यो #भाजपा को हराना चाहेगी.. क्या उसपर जुल्म हो रहा है? क्या उसे सरकारी योजना का लाभ नही मिल रहा है? क्या उसे दंगो की आग में जलना पड़ रहा है? क्या उसके लिये अतिरिक्त प्रयास अल्पसंख्यक योजनाओं के तहत नही हो रहा है? मुस्लिमों को बहकाना बन्द करिये वे आपके गुलाम नही है।
    एक यूजर ओवैसी को इंगित करते हुए कहता है कि ज़ब तक आप जैसे लोग है तब तक ऐसा यही होगा, आपने मायावती को समर्थन दिया मायावती के गुड्डू जमाली ने डेढ़ लाख के करीब वोट लकेर भाजपा को जिताया और वही मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव मे भाजपा को वोट देने की घोषणा की है. क्या यही है तुम्हारा मुस्लिम के लिये आवाज उठाना. कितने पैसे लिये।

  • निरहुआ कब सिनेमा से चले राजनीति की राह पर

    Politics:- उत्तरप्रदेश की 2 सींट आजमगढ़ और रामपुर पर हुए उपचुनाव में भाजपा को जीत हासिल हुई और सपा के हाँथो से उसकी मजबूत सींट चली गई। भाजपा की ओर से आजमगढ़ सींट से मैदान में उतरे भोजपुरी फिल्म अभिनेता और बीजेपी उम्मीदवार दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ ने अपनी जीत से सभी को चौंका दिया। जीत के बाद लोग जहां निरहुआ के फिल्मी करियर से लेकर राजनीतिक करियर को जानना चाहते हैं वही भाजपा की जीत से ज्यादा लोग सपा की हार पर दुःख व्यक्त कर रहे हैं। 

    अगर हम बात दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ के राजनीतिक करियर की करे तो इन्होंने वर्ष 2019 में राजनीति की दुनिया मे कदम रखा। 27 मार्च 2019 को निरहुआ ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। वही 3 अप्रैल को पार्टी ने उन्हें समाजवादी क़िला कहे जाने वाले आज़मगढ़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया था। निरहुआ ने उसी दौरान अखिलेश यादव को लेकर एक बयान दिया और कहा कि अखिलेश यादव वैसे तो हमारे भाई जैसे है। लेकिन यह बिल्कुल आवश्यक नहीं है कि यादव होने के नाते मैं उनके साथ खड़ा रहूं। मैं अखिलेश भक्त नहीं बल्कि एक देश भक्त हूँ और जो देश हित के लिए खड़ा है मैं उसके लिए खड़ा रहूंगा।
    निरहुआ ने फिल्मों से अपनी समझ विकसित की ओर कई लोकप्रिय भोजपुरी फिल्मों में काम किया। निरहुआ के काम ने न सिर्फ उनको लोगो के बीच पहचान दिलाई अपितु वह अपने लिए प्रेरणा बने। यह वैसे तो छोटे से गांव से आते थे लेकिन इन्होंने अपने टैलेंट के बलबूते पर लोगो को जीत लिया। वही जब यह भाजपा से जुड़कर आजमगढ़ से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने के लिए उतरे तो इन्हें न सिर्फ जनता का समर्थन प्राप्त हुआ। बल्कि इन्होंने सपा से उसका गढ़ छीन लिया।

  • अग्निपथ योजना भाजपा का स्कैम, तीस्ता सीतलवाड़ और जबैर की गिरफ्तारी निंदनीय :- ममता

    Politics:- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक जुबैर मोहम्मद और तीस्ता सीतलवाड़ को इंगित करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और केंद्र की अग्निपथ योजना का जमकर विरोध किया। ममता बनर्जी ने केंद्र की अग्निपथ योजना को स्कैम बताते हुए कहा, कि 2024 में होने वाले चुनाव से पूर्व यह सरकार का बड़ा स्कैम है। इस योजना के माध्यम से सरकार 2024 के चुनाव को क्रैश करने का विचार कर रही है। लेकिन युवा उनकी नीतियों को भली भांति जानता है और अब वह उनके जुमलों में नहीं फसेगा।

    वही ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक और तीस्ता सीतलवाड़ को इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि इससे काफी हताहत हूँ। इन लोगो की गिरफ्तारी का कोई औचित्य नहीं है। यह अपने व्यक्तिगत लाभ हेतु करवाई गई है। सरकार ने फैक्ट चेकर जुबैर और तीस्ता सीतलवाड़ को क्यों गिरफ्तार किया। इसका जवाब है क्या। यह सरकार उन लोगो पर कार्यवाही क्यों नही करती जो हिंसा और नफ़रत फैलाते हैं।
    जानकारी के लिए बता दें कल दिल्ली पुलिस ने ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक जुबैर को धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में हिरासत में लिया है। वही तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात एटीयस ने गुजरात दंगे के दौर में जकिया जाफरी की भावनाओं का शोषण करने की बात कही और उन्हें हिरासत में लिया। कोर्ट ने गुजरात दंगे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी ओर कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगे आरोप अर्थहीन है।

  • हार्दिक के पुराने बोले, नई राजनीति: हिन्दू मुस्लिम का चश्मा हटाकर देखो भाजपा नंगी और बेशर्म दिखेगी

    गुजरात का रण:- गुजरात मे जहां इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने वाला है। वही अपने राजनीतिक करियर को उड़ान देने के लिए कांग्रेस के युवा नेता और पाटीदार आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले हार्दिक पटेल ने भाजपा का दामन थाम लिया है। हार्दिक ने भाजपा तो ज्वाइन कर ली लेकिन हार्दिक पटेल की समस्याओं का हल अभी तक नहीं हुआ। जहां एक ओर हार्दिक पटेल लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, सीआर पाटिल , जेपी नड्डा की तरीफ के पुल बांध रहे हैं वही दूसरी और उनके पुराने ट्वीट उनके लिए नासूर बन गए हैं।

    हार्दिक पटेल ने जब भाजपा ज्वाइन की ओर यह बयान दिया कि वह भाजपा के साथ ठीक वैसे ही काम करेंगे जैसे राम ने जब रामसेतु बनाया था तब गिलहरी ने किया था। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या हार्दिक पटेल अब कभी राजनीति नहीं ज्वाइन करेंगे क्योंकि ऐसा उन्होंने पाटीदार आंदोलन के दौरान कहा था। वर्ष 2015 में जब हार्दिक पटेल आंदोलन कर रहे थे उन्होंने अमित शाह को जनरल डायर कहा था क्योंकि 1919 में जनरल डायर ने भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था। वही अमित शाह ने 2015 में आंदोलन कर्ताओं पर लाठियां बरसाई थी। 
    वही 30 सितंबर 2017 को हार्दिक पटेल ने कहा था कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसने सही लोगो को सम्मान नहीं दिया। भाजपा में जो अमित शाह के पैरों की जूती बनकर रहता है भाजपा में उसी को आगे आने का मौका मिलता है। जो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेड कर रहा है और हार्दिक के नए बयानों से उनके पुराने बयानों की तुलना की उनके नए भाजपा पक्ष के बयानों से की जा रही है। उनके इस बयान के अलावा अन्य कई बयान सुर्खियों में है…… हार्दिक पटेल ने 3 अक्टूबर 2018 को एक बयान दिया था जिसमे उन्होंने कहा हिन्दू मुस्लिम का चश्मा हटाकर देखो भाजपा आपको नंगी और बेशर्म नजर आएगी। इसके अलावा जब जब हार्दिक ने कहा था कि हार जीत का पाला व्यापारी बदलते हैं लड़ूंगा, जीतूंगा लेकिन मरते दम तक मैं कांग्रेस में रहूंगा।

  • अखिलेश बोले नुपुर शर्मा के मुख को नहीं, शरीर को माफी मांगनी चाहिए, लोग बोले आज भी जहर उगल रहे….

    राजनीति:- पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद से नुपुर शर्मा सावालो के घेरे में है। मुस्लिम पक्ष लगातार नुपुर का विरोध कर रहा है। वही कल सुप्रीम कोर्ट ने नुपुर शर्मा को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आज देश का जो माहौल है उसके नुपुर शर्मा जिम्मेदार है। नुपुर शर्मा को टीवी चैनलों पर जाकर माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट का बयान सामने आते ही विपक्षी दल भाजपा पर हावी हो गए और नुपुर शर्मा को इंगित करते हुए भाजपा पर कटाक्ष करने लगे।

    इसी कटाक्ष की कड़ी में उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम तब जुड़ गया जब उन्होंने ट्वीट कर भाजपा पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा, सिर्फ़ मुख को नहीं शरीर को भी माफ़ी मांगनी चाहिए और देश में अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की सज़ा भी मिलनी चाहिए। अखिलेश के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स खूब प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। जहाँ कुछ यूजर5अखिलेश के समर्थन में खड़े हैं वही कई लोग इन्हें इनके बयान को लेकर ट्रोल कर रहे हैं।

     

    अखिलेश के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर कहता है कि रस्सी जल गई ऐंठन नहीं गया,रही सही ऐंठन भी चली जायेगी। क्योंकि हिन्दू अब एक हैं अब जातिवाद की राजनीति करने वाली पार्टियां हमें स्विकार्य नहीं। वही एक अन्य यूजर कहता है कि आप तो रहने ही दो टीपू भैया आपकी पार्टी के नेता ने भगवान शिव पर अभ्रक टिप्पणी करी और कोई कार्यवाही तो दूर आपके मुंह से उनके खिलाफ एक शब्द तक नहीं निकला.. आप और आपकी पार्टी सनातन धर्म का कितना सम्मान करते है इसी से साबित हो जाता है।
    वही एक अन्य यूजर अखिलेश से सवाल करते हुए कहता है कि अभी तक कौन से बिल में छुपे थे आप महानुभाव, कन्हैया जी को बीच बाजार में धारदार हथियार से कत्ल कर दिया जाता है तब आप कहां गुम हो जाते हैं उस समय आपके मुंह मे दही जम जाता है क्या? 2 शब्द उन जाहिलो के लिए भी बोल दीजिये जिनके ऊपर आपका वरद हस्त है। वही एक अन्य यूजर कहता है कि आज भी जहर उगल रहे हो आज तो आप का जन्म दिन आज तो सही बात कर लो। रहा सवाल माफी का तो अगर माफी का बात आ ही गया है तो पहले अपने पिता श्री माफी मगवा लो बच्चे है गलती हो जाती है ।आजम खांन जया जी जो बोला उसके लिए माफी मगवाओ। और माफी बहुत तो मांगना पडेगा इस हिन्दुस्तान मे फिर याद रहे।

  • सरकार पलटते ही शरद पवार को मिला आयकर विभाग का नोटिस संयोग या कुछ ओर

    महाराष्ट्र:- महाराष्ट्र में मचे सियासी युद्ध पर अब विराम लग गया है। उद्धव ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वही एकनाथ शिंदे अब महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। वही महाविकास आघाडी सरकार गिरते ही एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार को आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिल गया है। सूत्रों का कहना है शरद पवार को जो नोटिस मिला है वह हलफनामे को लेकर है। वही आईटी मुंबई ने अब तक इस नोटिस का खंडन नहीं किया है।

    इस नोटिस के बारे मे जानकारी देते हुए एनसीपी चीफ प्रवक्ता महेश भारत तपासे ने कहा, महाराष्ट्र सरकार में बदलाव के तुरंत बाद शरद पवार को 2004, 2009, 2014 और 2020 के चुनावी हलफनामों के लिए आयकर विभाग नोटिस देता है। यह सन्योग है या कुछ ओर। वही इस खबर का अब तक खंडन नहीं किया गया है। 

     

    जानकारी के लिए बता दें जब उद्धव ठाकरे की सरकार गिरी और शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया। तो एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा उम्मीद नहीं थी शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री होंगे और भाजपा उन्हें यह मौका देगी।

  • नुपुर को लेकर चल रही थी डिबेट, ओवैसी नेता बोले आप यहां बैठकर गली दिलवाइए, भड़की एंकर

    Nupur sharma:-भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा विवादित बयान को लेकरसुप्रीम कोर्ट ने उन्हें लताड़ लगाई है। कोर्ट ने उन्हें हिदायत दी है कि उन्हें टीवी डिबेट में जाकर अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट के बयान के बाद आज विपक्षी दल के नेता भाजपा पर।हमलावर है। जहां अखिलेश में ट्वीट कर कहा है कि नुपुर शर्मा को सिर्फ मुख से नहीं बल्कि शरीर से भी माफी मांगनी चाहिए। वही अब इस मामले पर एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने एक टीवी चैनल में इसी मुद्दे पर हो रही डिबेट के दौरान ऐसा बयान दिया कि समाचार एंकर तिलमिला उठी।

    जी न्यूज में हो रही टीवी डिबेट के दौरान आदिति त्यागी ने असीम से सवाल किया कि असदुद्दीन ओवैसी सुप्रीम कोर्ट को लेकर सिलेक्टिव दिखाई दे रहे हैं? उनके सवाल का जवाब देते हुए असीम वकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो भी कहा गया है, उसे गहराई से समझने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान के हर मजहब में अच्छे और बुरे लोग शामिल हैं। 
    उन्होंने आगे कहा, अगर हमारे मजहब में कुछ बुरे लोग हैं तो यह आपके मज़हब में भी है। वही जब भारत मे मुसलमान के खिलाफ इस तरह की घटना होती है तो कोई आवाज नहीं उठाता है। वही जब एंकर ओवैसी नेता से पथराव के मुद्दे पर सवाल करने लगी तो उन्होंने कहा कि आप यहां बैठकर बारी बारी से हमे गाली दिलवाइए। नेता की बात सुनकर एंकर भड़क उठी और कहने लगी आप यहां बैठकर आप और हम करना बंद करिए।

  • राहुल ने की जोड़ने की बात लोग बोले देश विभाजन भूल गए आप देश का सबसे बड़ा दंगा……

    Social media:- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी आय दिन संघ और भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते रहते हैं। वही अगर हम वर्तमान समय की बात करे तो इस समय पूरा देश हिन्दू मुस्लिम की आग में धधक रहा है। नुपुर के बयान के बाद लोग लगातार विरोध कर रहे हैं और मौत की ऐसी घटनाएं सामने आ रही है जो लोगो के दिल को दहला कर रख देती है। 

    देश मे मची इस हिंसा पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक दफा पुनः भाजपा को घेरा है। राहुल गांधी ने कहा है कि दुष्प्रचार और झूठ ही भाजपा-RSS की नींव है। 
    देश को नफ़रत की आग में झोंक कर हाथ सेंकने वाली भाजपा-RSS का इतिहास पूरा हिंदुस्तान जानता है। ये देशद्रोही चाहे जितना तोड़ने का काम कर लें, कांग्रेस उससे ज़्यादा भारत जोड़ने का काम करती रहेगी
    राहुल के इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। जहाँ कई लोग राहुल के इस बयान पर उनका समर्थन कर रहे हैं वही कई लोग ऐसे हैं जो इसपर राहुल से सवाल कर रहे हैं। कवि अमित शर्मा नाम का यूजर राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहता है कि पहले कांग्रेस को ही जोड़ लें, भारत बाद में जोड़ लीजो। वही एक अन्य यूजर बोलता है कि देश विभाजन भूल गए आप देश का सबसे बड़ा दंगा तभी तो हुआ था तब भी भाजपा आरएसएस जिम्मेदार था ?या इन दोनों का अस्तित्व ही नहीं था ?
    वही अर्जुन महर नाम का यूजर कहता है कि अगर वो झूठ फैला रहे है तो आपकी दो राज्यों में सरकार है..! वहाँ की सरकारों और कार्यकर्ताओं को बोलिए कि झूठ फैलाने वाले लोगों पर FIR करवाओ..! आप लोगों की कमी यह है कि आप और आपकी पार्टी झूठ फैलाने वालों पर कार्यवाही करने की जगह ट्विटर या Facebook पर टाइमपास कर लेते है..! आख़िर क्या वजह है कि राजस्थान सरकार ने सुदर्शन न्यूज़ के मालिक सुरेश चव्हाणके और अमन चोपड़ा पर कोई कठोर कार्यवाही नहीं की..! इस देश में नफ़रत फैलाने वालों के ख़िलाफ़ आपकी सरकार कोई कार्यवाही नहीं करती है, जबकि संविधान और लोकतंत्र की बात करने वाले RSS एवं भाजपा विरोधी लोगों को भाजपा की सरकारें जेलों में डाल देती है..! आप कम से कम ग़लत काम करने वालों को जेल में तो डालिए..!

  • कई बार हिन्दू देवी देवताओं का अपमान हुआ लेकिन कभी पत्थर नहीं चले:- आरिफ मोहम्मद खान

    उदयपुर:- उदयपुर हत्याकांड को लेकर राजनेता अपनी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड के लिए नुपुर शर्मा के बयान को जिम्मेदार ठहराया है। वही अब इस मामले पर केरल के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने आज तक की एंकर अंजना ओम कश्यप के सावालो अपनी प्रतिक्रिया दी है। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, उदयपुर में जो हुआ वह बेहद निंदनीय घटना है ऐसी घटना को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। लेकिन यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि मदरसों में उन्हें नफ़रत का पाठ पढ़ाया जाता है और वह नफरत के साथ जीने लगते हैं। 

    जब आरिफ से अंजना ने उदयपुर हत्याकांड की वजह पूँछी तो वह बोले जब ऐसा अपराध होता है तो अपराध के बाद हम अपराधी के चेहरे पर एक गलती का भाव देखते है। लेकिन इस घटना के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि इनकीं इंसानियत की मौत पहले ही हो चुकी थी। मुझे इस घटना पर कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि यह बात मैंने पहली बार 2008 मे उठाई थी। इस विषय में मैंने देवबंद को पत्र लिखते हुए कहा था कि आप लोग गलत पढ़ा रहे हैं।
    उन्होंने आगे कहा, भारत विविधताओं का देश है यह अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहाँ कई धर्मो के लोग रहते हैं जो अपनी इच्छा अनुसार अपने इष्ट को पूजने के लिए स्वतंत्र है। भारत मे कई बार हिन्दू देवी देवताओं की मान्यताओं पर सवाल उठाए गए लेकिन किसी ने पत्थर नहीं उठाया। वही धार्मिक मान्यताओं के सवाल पर वह बोले कि हम लोकतांत्रिक देश मे रहता है। हम सब स्वतंत्र है ऐसे में किसी विद्यालय को यह इजाजत कैसे हो सकती है कि वह किसी धर्म विशेष के विषय मे पढ़ाए।

  • कांग्रेस को हुआ मोदी फोबिया

    राजनीति:- जहां इस समय पूरे देश मे बीजेपी की धाक जमी हुई है। वही गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आगामी 30 से 40 साल तक भारत मे भाजपा की सत्ता रहेगी और भारत विश्व गुरु बनेगा। अमित शाह बोले की कई राज्य ऐसे हैं जहाँ भाजपा सत्ता से दूर है लेकिन यह दूरी जल्द ही मिटेगी ओर इन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार बनेगी। अमित शाह ने हैदराबाद में कार्यसमिति की बैठक के दौरान राजनीति प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए अपनी बात को आगे बढ़ाया ओर जातिवाद, वंशवाद की राजनीति को खत्म करने की बात कही।

    उन्होंने आगे कहा आज भारत नए दौर में प्रवेश कर रहा है। विपक्षी दल चितर बितर पड़े हैं। सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी में आपसी कलह मची हुई है उनके लोग लोकतंत्र स्थापित करने के लिए आपस मे ही लड़ रहे हैं। वही राहुल गांधी पारिवारिक भय के कारण अध्यक्ष का चुनाव नहीं करवा रहे हैं। बता दें अमित शाह के इन तथ्यों की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमन्त बिस्वा ने दी। 
    सीएम बिस्वा के मुताबिक भारत आज तक जिन समस्याओं को झेल रहा था उसका एकमात्र अहम कारण भारत मे फैला जातिवाद और वंशवाद था। आज कांग्रेस अंदर से टूटी हुई है और जब इसकी इस मर्ज का इलाज नहीं हो पा रहा है तो वह केंद्र सरकार की हर योजना का विरोध कर रही है। कांग्रेस ने एयर स्ट्राइक से लेकर कोरोना के भीषण संकट के दौरान कोविड के टीके का जमकर विरोध क़िया। कांग्रेस की इन हरकतों से स्पष्ट है कि उसे इस समय मोदी फोबिया हुआ है। वह आज मोदी सरकार के प्रत्येक निर्णय से हताश और निराश है।