Category: politics

  • जब तक हैं मोदी राहुल नहीं बनेगी प्रधानमंत्री

    राजनीति– असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा(Assam chief minister Himant biswas Sharma) ने कर्नाटक में अपने सम्बोधन के दौरान कांग्रेस(Congress) पर हमला बोला और कहा अब हमें बाबरी मस्जिद नहीं चाहिए। हमें अब राम मंदिर चाहिए। इसलिए हम सबको भाजपा पर विश्वास जताना है और उसे सत्ता में लाना है।

    उन्होंने राहुल पर बरसते हुए कहा- राहुल गांधी विदेश जाते हैं और भारत की आलोचना करते हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं वह कभी भी देश के पीएम नहीं बन सकते हैं। 
    राहुल गांधी ने मातृभूमि का अपमान किया है। वह देश विरोधी हैं। मोदी जब कहीं जाते हैं तो भारत की सराहना करते हैं। लेकिन राहुल विदेश में संसद का अपमान करते हैं।

  • भारत के विषय मे विदेश में बोलना अनुचित, वरुण ने ठुकरा ऑक्सफोर्ड का निमंत्रण

    देश- एक तरफ राहुल गांधी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी(Rahul Gandhi speech in Cambridge University) में भाषण देने गए और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) की वहां आलोचना भी की। वहीं अब जब राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के भाई और बीजेपी सांसद वरुण गांधी(BJP leader Varun Gandhi) को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University)में भाषण देने के लिए निमंत्रण भेजा गया तो उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया।

    वरुण गांधी(, Varun Gandhi Oxford University) ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के निमंत्रण का जवाब देते हुए कहा, यह हमारे देश की बातें हैं। देश की अंदरूनी बातों को अंतरराष्ट्रीय मंच (international stage)पर साझा करना अनुचित है। बता दें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University)ने वरुण गांधी (Varun Gandhi)को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) के नेतृत्व में भारत सही मार्ग पर है या नहीं। इस विषय पर भाषण देने के लिए आमंत्रित किया था।
    वरुण गांधी ने कहा, देश के प्रत्येक नागरिक के पास अपने विचार रखने का अधिकार है। लोकतंत्र में सभी को स्वतंत्रता मिली है। लेकिन ऐसे अंतराष्ट्रीय मंच पर देश की बात करना अनुचित है। यह मुख्य रूप से देश का अपमान होगा। देश के आंतरिक मुद्दों को विदेशी जमीन पर उठाना अनुचित है। भारत आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। भारत सही मार्ग पर है। इस तरह भारत के विषय अन्य देश मे बात करना अनुचित है।

  • टेंडर घोटाले के लिए रिश्वत : कर्नाटक बीजेपी ने बदला अमित शाह के कार्यक्रम का स्थान

    कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक के स्थान को स्थानांतरित कर दिया है, पार्टी के विधायक मदल विरुपक्षप्पा को निविदा घोटाले के रिश्वत मामले में मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है, पार्टी सूत्रों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। कार्यक्रम पहले दावणगेरे जिले के होनाली शहर में तय किया गया था। विरुपक्षप्पा दावणगेरे जिले में चन्नागिरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी ने शमिर्ंदगी के डर से 27 मार्च को चित्रदुर्ग शहर में कार्यक्रम करने का फैसला किया है।

    पार्टी ने होन्नाली शहर में केंद्र और राज्य में भाजपा सरकारों द्वारा शुरू किए गए विभिन्न कार्यक्रमों के लाभार्थियों का मेगा कार्यक्रम आयोजित किया था। चन्नागिरी होन्नाली के करीब स्थित है। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों ने कहा कि विपक्ष द्वारा पार्टी और केंद्रीय नेताओं पर हमले शुरू करने के बाद पार्टी ने यह फैसला लिया है। कार्यक्रम उसी जिले में हो रहा था, जहां भाजपा विधायक को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत मामले में मुख्य आरोपी बनाया है।

    सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है और पार्टी मतदाताओं पर अधिक से अधिक प्रभाव डालना चाहती है, और विपक्षी दलों द्वारा आलोचना के लिए कोई जगह नहीं देना चाहती है। पार्टी उस दिन रैली के लिए 10 लाख लोगों को लाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    मदल विरुपाक्षप्पा के बेटे प्रशांत मदल, सरकारी अधिकारी, को लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु में रिश्वत के रूप में 40 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। अधिकारियों ने भाजपा विधायक के आवास और कार्यालयों से 8 करोड़ रुपये भी बरामद किए हैं।

  • हिंदू धर्म और आर्य समाज के अनुयायी कभी संकुचित नहीं हो सकते: अमित शाह

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित आर्य समाज के 148वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी देश जागरण का जो काम कर रहे हैं उसकी मूल कल्पना महर्षि दयानंद के जीवन और कार्यों से मिलती है। उन्होंने ये भी कहा कि हिंदू धर्म और आर्य समाज के अनुयायी कभी संकुचित हो ही नहीं सकते क्योंकि हम तो पूरे ब्रह्मांड को अपना मान कर चलने वाले लोग हैं।

    अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना करके महर्षि दयानंद ने सालों से सोई हुई इस देश की आत्मा को जागृत करने और वेद व्यास के बाद वेदों के उद्धार और उन्हें मूल स्वरूप में लाने का काम किया। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद ने देश के सांस्कृतिक और बौद्धिक जागरण की बहुत तीव्र गति से शुरूआत की, अनेक क्रांतिकारियों के प्रेरणास्त्रोत रहे और देश में अनेक सामाजिक सुधारों के जनक रहे।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और वे महर्षि दयानंद ही थे जिन्होंने पहली बार स्वतंत्रता का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि स्वराज, स्वभाषा और स्वधर्म का प्रचार प्रसार करके अनेक लोगों को उसके साथ जोड़ने का काम महर्षि दयानंद ने किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार महर्षि दयानंद की 200वीं जयंती मनाने का निर्णय कर चुकी है।

    शाह ने कहा कि महर्षि दयानंद ने अंध श्रद्धा से घिरे हुए देश को झंझोड़कर जागृत किया, कई कुरीतियों से मुक्त किया और सत्य को सत्यार्थ प्रकाश के माध्यम से पूरी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने अंग्रेजी शासन के सामने निर्भीकता के साथ अनेक लोगों को आजादी के लिए लड़ने का हौंसला दिया। उन्होंने आर्य समाज के रूप में एक ऐसी परंपरा की स्थापना की जो अनेक वर्षों तक भारत की उन्नति और विश्व के कल्याण का कारण बनेगी।

    अमित शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती से ना केवल पृथ्वी और मिट्टी का कल्याण होने वाला है बल्कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन से पूरी दुनिया का कल्याण होने वाला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भी प्राकृतिक खेती का पूरा समर्थन करके लाखों किसानों को यूरिया और डीएपी से मुक्त करके एक बार फिर से पृथ्वी माता को गुणवत्ता से भरपूर बनाना और मानव शरीर को रोगमुक्त करने का अभियान चलाया है।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि स्वदेशी और स्वभाषा का स्वाभिमान पहली बार निर्भीकता के साथ रखने का काम महर्षि दयानंद ने किया। अमित शाह ने कहा कि भारत की आजादी का इतिहास आर्य समाज के योगदान का उल्लेख किए बिना नहीं लिखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अनेक क्रांतिकारियों को बनाने का काम आर्य समाज के गुरूकुल की श्रंखलाओं ने किया।

    अमित शाह ने आगे कहा कि आर्यसमाज ने बंग-भंग का भी पुरजोर विरोध किया और हैदराबाद मुक्ति संग्राम और गोवा मुक्ति संग्राम में भी आर्य समाज झंडा उठाकर सबसे आगे था। शाह ने कहा कि 1857 की क्रांति की विफलता के बाद एक प्रकार से पूरा देश बिखर गया था, उस वक्त महर्षि दयानंद ने इस बात को समझ लिया था कि इस देश की एक भाषा तय करनी होगी और संपर्क भाषा बढ़ानी होगी और इसीलिए उन्होंने बोला, लिखा और जिया भी हिन्दी में।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म और आर्य समाज के अनुयायी कभी संकुचित हो ही नहीं सकते क्योंकि हम तो पूरे ब्रह्मांड को अपना मान कर चलने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के काम को भी एक नई गति देने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए एक आशा की किरण यह है कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार चल रही है और सरकार के सारे इनीशिएटिव आर्य समाज के मूल में हैं।

  • टीएसपीएससी पेपर लीक : एसआईटी ने आरोपों पर कांग्रेस नेता को नोटिस भेजा

    टीएसपीएससी में प्रश्नपत्र लीक की जांच कर रहे तेलंगाना पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राज्य कांग्रेस प्रमुख ए. रेवंथ रेड्डी को नोटिस जारी कर मामले के बारे में उनके पास जो भी जानकारी है, उसे साझा करने को कहा है। एसआईटी ने 9 आरोपियों से पूछताछ कर जांच तेज कर दी है, और इस मामले में आरोप लगाने वालों को भी नोटिस जारी कर रही है। हालांकि, रेवंथ रेड्डी ने कहा कि उन्हें अभी तक एसआईटी का नोटिस नहीं मिला है। रेड्डी ने कहा कि वह एसआईटी के नोटिस से डरने वाले नहीं हैं और अगर मामले में न्यायिक जांच का आदेश दिया जाता है तो उनके पास जो भी सबूत होंगे, वह साझा करेंगे।

    इससे एक दिन पहले रेवंथ रेड्डी ने गंभीर आरोप लगाया था कि राज्य के मंत्री के टी रामा राव के निजी सहायक भी पेपर लीक में शामिल थे। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष ने रविवार को कहा था कि केटीआर के निजी सहायक (पीए) तिरुपति और मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक राजशेखर रेड्डी दोस्त थे।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि तिरुपति ने राजशेखर रेड्डी को आउटसोसिर्ंग के आधार पर तेलंगाना स्टेट टेक्नोलॉजिकल सर्विसेज (टीएसटीएस) में नौकरी दिलाने में मदद की और बाद में यह सुनिश्चित किया कि वह तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (टीएसपीएससी) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। राजशेखर रेड्डी टीएसपीएससी के उन दो कर्मचारियों में से एक हैं जिन्हें पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    कामारेड्डी जिले में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेता ने रविवार को यह भी दावा किया था कि जगतियाल जिले के मलयाला मंडल में पड़ोस के गांवों से ताल्लुक रखने वाले तिरुपति और राजशेखर दोस्त हैं और मल्याल मंडल के 100 लोगों ने ग्रुप-1 प्रीलिम्स में 100 से अधिक अंक हासिल किए हैं। उन्होंने मांग की थी कि टीएसपीएससी को 100 से अधिक अंक लाने वाले 100 लोगों के नामों का खुलासा करना चाहिए।

    टीपीसीसी प्रमुख ने 2016 के ग्रुप-1 के नतीजों में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि उस परीक्षा के टॉपर मधुर अमेरिका से सीधे परीक्षा देने आए और पहली रैंक हासिल की। टीएसपीएससी के एक कर्मचारी रजनीकांत रेड्डी ने उस परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की थी।

    रेवंत रेड्डी ने उच्च न्यायालय के एक सिटिंग जज द्वारा जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाने के लिए कि प्रश्न पत्र किस वर्ष से लीक हो रहा था, इसकी गहन जांच की आवश्यकता है।
    टीएसपीएससी ने विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में सहायक इंजीनियर, नगरपालिका सहायक इंजीनियर, तकनीकी अधिकारी और जूनियर तकनीकी अधिकारी की 833 रिक्तियों के लिए 5 मार्च को परीक्षा आयोजित की थी। कुल 55,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी।

    हालांकि, आयोग को प्रश्नपत्र के लीक होने का संदेह था और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। 13 मार्च को पुलिस ने टीएसपीएससी के दो कर्मचारियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी और इस महीने के अंत में होने वाली अन्य परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया। इस संदेह के बीच कि आरोपियों ने कुछ अन्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक किए होंगे, आयोग ने शुक्रवार को ग्रुप क प्रीलिम्स सहित तीन अन्य परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया।
     

  • महू कांड पर विधानसभा में हंगामा

    मध्य प्रदेश विधानसभा में इंदौर के महू में हुई युवती की संदिग्ध मौत और उसके बाद पुलिस फायरिंग में युवक की मौत के मामले पर कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। साथ ही सरकार पर आदिवासियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। विधानसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    बजट सत्र के 10 वें दिन कार्यवाही शुरू होते ही महू कांड गूॅजा और कांग्रेस विधायकों ने आदिवासी युवती की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर प्रकरण दर्ज करने को लेकर जमकर हंगामा किया। इसके चलते विधानसभा की कार्यवाही भी स्थगित करना पड़ी।

    कांग्रेस की वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ तो सदन में रोने लगीं और उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार आदिवासियों और महिलाओं के साथ अन्याय कर रही है।

    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि, जिस लड़की की हत्या हुई या फिर सुसाइड किया पीड़ित परिवार के खिलाफ ही 307 का मामला दर्ज कर लिया गया है। युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मृतक के परिजन कोई बयान न दे पाए, इसलिए उनके ऊपर दबाव बनाने की कोशिश की गई है। फरियादी पर ही पुलिस ने एफआईआरदर्ज की है। इस तरह से भाजपा ने इंसाफ किया है। सीबीआई जांच की मांग को लेकर कमलनाथ ने कहा, कोई भी जांच हो नतीजा निकल कर आना चाहिए।

    संसदीय कार्य मंत्री और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि, मेरी और नेता प्रतिपक्ष के चर्चा हुई थी। इसमें सदन को आगे चलाने की बात हुई थी। आज शुक्रवार का दिन अशासकीय संकल्प का दिन रहता है, बाकी विषयों पर आगे के दिनों में भी चर्चा हो जाएगी

  • राहुल बन रहे विपक्ष के लीडर, जानें क्या है बीजेपी की चाल

    देश– एक ओर विपक्ष एकजुट होकर लोकसभा चुनाव (Loksabha election)लड़ने की रणनीति बना रहा है। वहीं कांग्रेस (Congress)और तृणमूल कांग्रेस(Tranmul Congress) के मध्य का मतभेद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दोनों दलों के नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (chief minister Ashok Gehlot)ने कांग्रेस(Congress) पर भड़कते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(chief minister Ashok Gehlot) कहती हैं- बीजेपी कांग्रेस नेता राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) के बयान को उठाकर सदन की कार्यवाही में रोड़ा लगा रही है। वह उन्हें हीरो बनाकर लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने की कोशिश में जुटी हुई है। क्योंकि अगर राहुल गांधी विपक्ष के लीडर बन रहे हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई निशाने पर नहीं ले सकता।
    उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस बीजेपी से नहीं लड़ पाई। वह बीजेपी को टक्कर देने में नाकाम रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के साथ उनकी मौन सहमति है। यह सब कई ओर इशारा कर रहा है।
    तृणमूल सांसद अबु ताहिर(Tranmul MP Abu Tahir) ने ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) का हवाला देते हुए कहा, बीजेपी अपने हित के लिए राहुल को विपक्ष का हीरो बना रही है। बीजेपी चाहती है अन्य विपक्षी दल कोई मुद्दा न उठा पाएं और वह अपने मंसूबों में कामयाब रहें। इस कारण यह लोग राहुल पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।

  • ममता बनर्जी होंगी 2024 में प्रधानमंत्री पद की दावेदार

    राजनीति- साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव(Loksabha election) की तैयारी शुरू हो गई है। सत्ताधारी दल बीजेपी(BJP) और विपक्ष जनता को लुभाने की कोशिश में लग गए हैं। एनडीए(NDA) पुनः सत्ता काबिज के लिए जनता के बीच अपने विकास और मोदी (PM Narendra Modi)की नीतियों के बलबूते मैदान में खड़ा है।

    वहीं विपक्ष अलग-अलग दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी में लग गया है। कांग्रेस(Congress) लगातार इस कोशिश में लगी है कि वह विपक्ष को एक साथ लाकर खड़ा कर दे और केंद्र (Central government)से बीजेपी(BJP) को उखाड़ फेंके। लेकिन इस सबके बीच ममता बनर्जी (Mamta Banerjee)की रणनीति अलग रुख में दिखाई दे रही है। ममता बनर्जी की नीतियों से स्पष्ट है कि वह विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री(pm modi) पद का चेहरा बनना चाहती हैं और कांग्रेस(Congress) व बीजेपी(BJP) से अलग एक मजबूत गठबंधन तैयार कर चुनावी मैदान में उतरना चाहती हैं।
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यदि बात करें तो मानता बनर्जी(Mamta Banerjee) कांग्रेस(Congress) के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव(loksabha election) में ताल नहीं ठोंकेगी। वह बीजेपी(BJP) और कांग्रेस(Congress) दोनों से रूष्ट हैं। ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) की नीति है कि वह गैर कांग्रेसी और गैर बीजेपी नेताओं को एकजुट कर लें और प्रधानमंत्री(prime minister) पद की दावेदारी पेश कर लोकसभा चुनाव(loksabha election) में ताल ठोके। 
    क्या कहते हैं जानकार-
    राजनीति के जानकारों का कहना है कि विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन होगा यह निर्धारित नहीं हुआ है। अभी तक इस पद के लिए राहुल गांधी(Rahul Gandhi), नीतीश कुमार(Nitish Kumar), अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)समेत कई नाम सामने आ चुके हैं। लेकिन अब जब ममता बनर्जी का नाम प्रधानमंत्री(PM) पद के लिए सामने आया है तो यह बात भी साफ है कि ममता कांग्रेस(Congress) के साथ मैदान में नहीं हैं। 
    ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) अपना अलग गठबंधन तैयार करने की रणनीति बना रही है। वहीं अगर विपक्ष किसी तरह ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) को मना लेता है और उनको प्रधानमंत्री(prime minister) पद का दावेदार बनाता है। तो विपक्ष की ओर से ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) मजबूत चेहरा हो सकती हैं। क्योंकि इंदिरा गांधी के बाद पहली बार ऐसा होगा जब एक महिला प्रधानमंत्री पद की दावेदार होगी और बंगाल की राजनीति में जिसका अहम योगदान होगा।
    अगर बात ममता बनर्जी की करें तो यह राजनीति में काफी निपुण हैं। बंगाल की जनता को ममता बनर्जी पर विश्वास है। ममता बनर्जी अपने साधारण स्वभाव के लिए भारत मे जानी जाती हैं। यह राजनीति बेहद सादगी के साथ करती है और ममता बनर्जी जनता से प्रत्यक्ष जुड़कर रहती हैं। ममता का यह स्वभाव बीजेपी के लिए समस्या बन सकता है और विपक्ष की एक कड़ी को मजबूत कर सकता है।

  • BJP leader:- कोई मुझे वोट न दे तो लानत, मारना चाहिए चप्पल से

    देश- बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री किरण खेर अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं। वहीं अभी हाल ही में उन्होंने मतदाताओं को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।

    वीडियो में वह कहते दिख रही है कि चंडीगढ़ दीप काम्प्लेक्स में यदि उन्हें कोई एक व्यक्ति वोट न दे तो लानत है। ऐसा करने पर उन्हें जूतों मारना चाहिए। यह बयान उन्होंने दीप काम्प्लेक्स में अपने द्वारा करवाए गए काम के आधार पर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने अपना पैसा लगाकर इलाके में काफी काम करवाया है।

  • सीएम के लिखित बयान पढ़ने के बाद ओडिशा विधानसभा में हंगामा

    गृह एवं सामान्य प्रशासन विभाग के लिए अनुदान की मांग पर चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा सदन में लिखित बयान पढ़ने पर आपत्ति जताते हुए विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने बुधवार को ओडिशा विधानसभा में हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने प्रस्तुत किया कि मंत्री बजट दस्तावेजों को पढ़ सकते हैं, भाषण के दौरान पुस्तकों, समाचार पत्रों और दस्तावेजों का उल्लेख कर सकते हैं, लेकिन लिखित भाषण नहीं। इस मुद्दे का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की थी।

    इसको लेकर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता नरसिंह मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष बिक्रम केशरी अरुखा को विशेषाधिकार नोटिस जारी किया। शून्य काल के दौरान, उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उन्हें एक लिखित बयान पढ़ने के लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस पेश करने की अनुमति दी जाए।

    हालांकि, अध्यक्ष ने उन्हें यह कहते हुए नोटिस पेश करने की अनुमति नहीं दी कि यह अभी भी विचाराधीन है। मिश्रा ने कहा, मैं मानता हूं कि चूंकि विशेषाधिकार नोटिस मुख्यमंत्री के खिलाफ था, इसलिए एक अलग विचार है। इससे पहले कई मौकों पर मुझे इस तरह का नोटिस देने की अनुमति दी गई थी।

    विपक्ष के नेता जयनारायण मिश्रा ने उनका समर्थन करते हुए अध्यक्ष से आग्रह किया कि कांग्रेस नेता को नोटिस पेश करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने सवाल किया कि हमारे सिस्टम के अनुसार, कोई भी अध्यक्ष के पूर्व अनुमोदन के बिना एक लिखित बयान नहीं पढ़ सकता है। सीएलपी नेता को सदन में विशेषाधिकार नोटिस पेश करने की अनुमति देने में क्या समस्या है?

    अध्यक्ष ने कहा कि वह उचित जांच के बाद नोटिस पर विचार करेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री निरंजन पुजारी ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा, मंत्री सदन में भाषण और अन्य दस्तावेज पढ़ सकते हैं।

    पुजारी ने कहा, मेरे पास वित्त विभाग का पोर्टफोलियो भी है। क्या मैं सदन में बजट भाषण नहीं पढ़ रहा हूं? यह परंपरा लोकसभा और देशभर में है। इस पर कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने कहा, मंत्री भाषण के दौरान बजट दस्तावेज पढ़ सकते हैं, किताबें, अखबार और दस्तावेज देख सकते हैं, लेकिन लिखित भाषण नहीं पढ़ सकते हैं।

    कांग्रेस विधायक ने अध्यक्ष से इस मुद्दे पर फैसला देने का आग्रह किया क्योंकि विधानसभा में विवाद पैदा हो गया था। इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गए और विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    सत्तारूढ़ पार्टी (बीजू जनता दल) के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने की अनुमति नहीं है क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने शून्यकाल का अधिकतम समय लिया है। बाद में, अध्यक्ष ने बीजद सदस्यों अरुण साहू और देवी प्रसाद मिश्रा को शून्य काल के दौरान बोलने की अनुमति दी।

    ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने महानदी नदी से संबंधित मुद्दों पर विधानसभा में हंगामा किया और फैसला सुनाने की मांग की। बाद में अध्यक्ष ने जल संसाधन मंत्री को इस मुद्दे पर सदन में बयान देने का निर्देश दिया।