Category: politics

  • विपक्ष एकता का नेतृत्व नहीं कर रही कांग्रेस

    राजनीति- साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव(Loksabha election) के लिए पक्ष विपक्ष(opposition) अपनी कमर कस चुका है। वहीं विपक्ष लगातार एकजुट होने की बात कर रहा है। बीते दिनों यह बात सुर्खियों में थी कि कांग्रेस(Congress) ने नेतृत्व अपने हाथ मे रखने की बात कही है। डीएमके(DMK chief) के मुखिया और सीएम एमके स्टालिन के जन्मदिन पर बुधवार को रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे(Congress president mallikarjun khadge) ने बड़ा बयान दिया है।

    मल्लिकार्जुन खड़गे(mallikarjun khadge) ने कहा, कांग्रेस(Congress) ने कभी यह नहीं कहा की कौन लीड करेगा। हम एकता चाहते हैं। समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों(opposition parties) को एक होना चाहिए। हमारा उद्देश्य बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकना है। हम एकजुट(unity) होकर लडना चाहते हैं। हमारी इच्छा एकता की है। लीडरशिप के लिए हम कुछ नहीं सोचते।

  • एक भारतीय विदेशी धरती पर जाता है और पीएम की आलोचना करता है, यह सब फिक्स ..?

    देश- राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी(Rahul Gandhi on Cambridge University) में भाषण दिया और विदेशी धरती पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) की जमकर आलोचना की। वहीं अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा(Assam chief minister Himant biswas Sharma attack Rahul Gandhi) ने राहुल गांधी पर बरसते हुए कहा, राहुल गांधी ने यूनाइटेड किंगडम(United Kingdom) की कैम्ब्रिज बिजनेस यूनिवर्सिटी(Cambridge business University) में भाषण दिया। लेकिन भाषण में उन्होंने जो कहा वह भारत(India) को बदनाम करने की उनकी एक कोशिश थी।

    उन्होंने, जार्ज सोरोस(Jorge sorean) को इंगित करते हुए कहा- एक विदेशी एजेंट(foreign agent) पहले हमारे देश के खिलाफ साजिश रचता है। फिर भारत का एक नेता विदेशी धरती पर जाता है और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM narendra modi) की आलोचना करता है। यह सब फिक्स है। 
    कांग्रेस नेता राहुल गांधी(Rahul Gandhi) कहते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा(Bharat jodo Yatra) के दौरान उनको आतंकवादियों ने दूर से देखा। एक व्यक्ति आके उन्हें इसका इशारा करता है। राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने इस बात की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं दी है। राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने पुलवामा हमले(pulwama attack) पर सवाल उठाए। उन्होंने भारत के जवानों का अपमान किया है।
    उनकी हिम्मत यह कहने की कैसे होती है कि पुलवामा हमले(pulwama attack) में जवानों की गाड़ी में बम नहीं था। उन्होंने पुलवामा हमले के साथ पाकिस्तान(Pakistan) का नाम लेने से इनकार किया। क्या कांग्रेस की आतंकवादी(Terrorist) के साथ समझ का हिसा है।
    उन्होंने आगे कहा, पहले एक विदेशी एजेंट हमपर निशाना साधता है। फिर हमारे देश का नेता हमें बदनाम करता है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी(Cambridge University) में राहुल गांधी(Rahul Gandhi) का भाषण कुछ नहीं था। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी( PM narendra modi) की आड़ में भारत(India) को बदनाम करने की योजना थी।

  • पीएम पर पवन खेड़ा की टिप्पणी पर असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- ‘देश को नीचा दिखाने, अस्थिर करने की साजिश’

    असम सरकार(ASSAM GOVERNMENT) ने सुप्रीम कोर्ट(SUPREME COURT) के समक्ष दलील दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM NARENDRA MODI) के खिलाफ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा(CONGRESS LEADER PAWAN KHERA) का बयान देश को नीचा दिखाने और अस्थिर करने की व्यापक साजिश का हिस्सा है और उनके खिलाफ तीन एफआईआर(FIR) को एक जगह ट्रांसफर करने की उनकी याचिका का भी विरोध किया। हलफनामे में, असम सरकार(ASSAM GOVERNMENT) ने कहा: उच्च संवैधानिक पदाधिकारी पर मौखिक मानहानि का हमला राष्ट्र को नीचा दिखाने और अस्थिर करने की एक व्यापक साजिश का हिस्सा है। शुरूआत में बताया गया कि आपराधिक अपराध करने के लिए कोई माफी नहीं हो सकती है, यह स्पष्ट है कि केवल याचिकाकर्ता के वकील ने कहा है कि याचिकाकर्ता माफी मांगता है। इस अदालत द्वारा 23 फरवरी, 2023 को आदेश पारित किए जाने के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका में कोई माफी नहीं मांगी है।

    हलफनामे में कहा गया है कि अदालत के सामने माफी मांगना स्पष्ट रूप से बिना किसी वास्तविक पछतावे के निवारक आदेश प्राप्त करने के लिए सामरिक प्रस्तुति प्रतीत होती है। उपलब्ध ऑडियो वीडियो पर करीब से नजर डालने से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि याचिकाकर्ताने शरारतपूर्ण तरीके से शब्दों का उच्चारण किया है, न केवल अत्यधिक गैर-जिम्मेदाराना तरीके से, बल्कि बोलने के स्तर को निम्नतम स्तर पर गिरा दिया है।

    हलफनामे में कहा गया है कि असम एफआईआर का दायरा व्यापक है और इसे प्रमुख एफआईआर के रूप में माना जा सकता है और अन्य एफआईआर (यूपी में पंजीकृत दो) को स्थानांतरितऔर क्लब किया जा सकता है। लखनऊ में प्राथमिकी के साथ असम प्राथमिकी के हस्तांतरण और क्लबिंग का विरोध करते हुए हलफनामे में कहा गया है- यह देखा गया है कि दीमा हसाओ, असम में दर्ज एफआईआर लखनऊ और वाराणसी में दर्ज एफआईआर की तुलना में भिन्न है। इस प्रकार, यहां तक कि जांच का दायरा भी, विशेष रूप से आपराधिक साजिश एक अलग अपराध होने के नाते, स्वतंत्र रूप से जांच करने की आवश्यकता होगी।

    लखनऊ एफआईआर के संदर्भ में हलफनामे में कहा गया है: एफआईआर में कहा गया है कि प्रधान मंत्री के स्वर्गीय पिता का नाम जानबूझकर गौतम दास के रूप में याचिकाकर्ता द्वारा लिया गया है और उन्होंने आगे जानबूझकर व्यंग्यात्मक रूप से कहा है कि नाम है ‘दामोदर दास’ लेकिन उनका काम ‘गौतम दास’ के समान है। इसमें कहा गया है कि लखनऊ और वाराणसी की जांच एजेंसियां सच्चाई का पता लगा रही हैं और इस प्रक्रिया में शिकायतकर्ताओं और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियां आपराधिक प्रक्रिया संहिता में निहित कानून के साथ-साथ शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए फैसलों का पालन कर रही हैं।

    खेड़ा की याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए, हलफनामे में कहा गया है, यह प्रस्तुत किया गया है कि अनुच्छेद 32 के तहत याचिका सीआर.पी.सी के तहत उपलब्ध नियमित सामान्य प्रक्रिया से हटने का प्रयास है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को दी गई अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी और मामले की आगे की सुनवाई 17 मार्च के लिए सूचीबद्ध कर दी। 27 फरवरी को, असम का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने मामले में अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करने के लिए समय मांगा था। शीर्ष अदालत ने तब अंतरिम जमानत 3 मार्च तक बढ़ा दी थी। 23 फरवरी को, सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा की रक्षा करते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने पर अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा और अंतरिम राहत मंगलवार तक है।

    शीर्ष अदालत ने तब खेड़ा का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से कहा था कि: हमने आपकी रक्षा की है लेकिन बातचीत का एक स्तर होना चाहिए..। अदालत सभी प्राथमिकियों को एक ही स्थान पर एकत्रित करने की खेड़ा की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। खेड़ा को रायपुर जाने के लिए इंडिगो की फ्लाइट से उतरने के लिए मजबूर करने के बाद गिरफ्तार किया गया था, रायपुर में कांग्रेस का पूर्ण सत्र आयोजित किया जा रहा था। खेड़ा को फ्लाइट में चढ़ने से रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया था। घंटों के भीतर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया गया और मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

  • अखिलेश बोले, प्रशासकीय मशीनरी होली के रंग को बदरंग करने पर तुली

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि होली का त्योहार हर्ष उल्लास और रंगों का पर्व माना जाता है। लेकिन भाजपा सरकार को यह गंवारा नहीं कि सामान्य व्यक्ति भी यह पर्व हंसी खुशी मना सके। प्रशासकीय मशीनरी होली के रंग को बदरंग करने पर तुली है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को अपने जारी बयान में कहा कि वाराणसी से वृंदावन तक लाठी से पुलिसिया होली खेलने का नया दौर आया है। हजारों संविदा कर्मियों को कई-कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने और हाल में मुख्यमंत्री ने भी होली-दीवाली पर उज्‍जवला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त में एक-एक गैस सिलेण्डर देने का वादा किया था। अभी तक तो गैस सिलेण्डर बंटे नहीं। जो सरकार होली जैसे बड़े त्योहार पर भी अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे सके उसे सत्ता में बने रहने का क्या अधिकार है। एक रंगी सोच वाले भाजपाइयों को बहुरंगी पर्व कैसे सहन होगा?

    उन्होंने कहा कि कन्नौज जनपद भाजपा सरकार की आंखों में किरकिरी बन गया है। यहां तमाम विकास योजनाएं ठप्प हो गई हैं और भाजपा सरकार लगभग 10 हजार संविदा कर्मियों के घरों पर अंधेरा करने पर उतारू है। यहां संविदा कर्मियों को कई-कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। स्वास्थ्य महकमे में कार्यरत संविदा कर्मियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। महज आश्वासन मिला, वेतन नहीं।

    अखिलेश ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने वाले रसोइयों को गत तीन माह से वेतन नहीं मिला। उन्हें मात्र दो हजार रुपये मासिक मिलता है वह भी समय से नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह नगर पालिका और नगर पंचायतों में काम करने वाले सफाईकर्मी भी समय से वेतन न मिलने से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कन्नौज में पावर सबस्टेशनों में कार्यरत बिजली कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिला है। मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स से भर्ती 350 कर्मचारियों को 6 माह से वेतन के लिए भटकाया जा रहा है। भाजपा सरकार ने नौजवानों को रोजगार के नाम पर सिर्फ धोखा दिया है। स्थाई रोजगार तो दूर की बात है अस्थायी व्यवस्था में भी उन्हें समय से वेतन अथवा मानदेय नहीं मिल रहा है।

  • अदानी मामले पर क्यों सदन में नहीं दिया गया जवाब, प्रकाश जावड़ेकर ने बताई वजह

    देश:- समाचार चैनल जनसत्ता के सम्पादक मुकेश भारद्वाज से संवाद करते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने मोदी सरकार द्वारा किए कामों की जमकर सराहना की और देश के कई अमुख मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। 

    मुकेश भारद्वाज ने जब प्रकाश जावड़ेकर से पूछा आज भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है। विश्व के कई बड़े देशों की नजर हमारे देश पर है। संसद से लेकर बाजार तक जो सवाल आज खड़े हो रहे हैं। उन सवालों को आप किस प्रकार देख रहे हैं।
    प्रकाश जावड़ेकर कहते हैं। भारत आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। भारत ब्रिटेन को पछाड़ते हुए आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। दुनियाभर के निवेशक आज हमारे भारत में निवेश की रुचि दिखा रहे हैं। युक्रेन युद्ध मे मोदी जी की दखल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं रूस मोदी जी से मशवरा ले रहा है। हर तरफ भारत का गुणगान हो रहा है। अब आप ही इस परिपेक्ष्य में विचार करें की भारत की प्रतिष्ठा में बढोतरी हुई है या नहीं।
    वहीं जब जनसत्ता के मंच पर प्रकाश जावड़ेकर से पूछा गया कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है। वहां अदानी मुद्दे पर सवाल किए गये। लेकिन राज्य सरकार इसपर मौन रही। ऐसा क्यों?
    प्रकाश जावड़ेकर कहते हैं- अनेक कंपनियों के काम घटते हैं, बढ़ते हैं। यहां हिंडनबर्ग जैसी कई रिपोर्ट आती हैं, शार्ट सेलर होते हैं। वे नुकसान करते हैं, उनको फायदा होता है। यह शेयर बाजार का अपना मसला है। वहां यह सब चलता रहता है। एलआईसी और स्टेट बैंक कहते हैं उनका अदानी के साथ निवेश एक फीसदी से भी कम है। इस मामले में सेबी अपना काम कर रहा है। हम सबको इस मामले में धैर्य रखना चाहिए। जल्द ही इस मामले का आपको सब पता चल जाएगा।

  • भारत का नेता विदेश में बोल सकता है, लेकिन भारत में नहीं

    देश- कांग्रेस नेता राहुल गांधी(Congress leader Rahul Gandhi) ने लंदन में भारतीय मूल ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा, भारत के एक नेता को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी(Cambridge University) में भाषण देने का निमंत्रण मिलता है। यह ताज्जुब की बात है कि भारत का नेता विदेश की एक यूनिवर्सिटी(University) में बोल सकता है लेकिन वह भारत की किसी यूनिवर्सिटी(University) में नहीं बोल सकता। क्योंकि सरकार विपक्ष के विचार पर लोगों को चर्चा नहीं करने देना चाहती है।

    उन्होंने आगे कहा, यह सिर्फ विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। विपक्ष के विचार सदन में भी नहीं सुने जाते। हम देश के अमुख मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं कर सकते। पहले भारत में एक- दूसरे के विचारों का सम्मान होता था। लेकिन आज ऐसा नहीं होता है। अब भारत पहले वाला भारत नहीं रहा। अब पुराने माहौल को खराब कर दिया गया है।
    आगे राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने सावरकर पर हमला करते हुए कहा, उन्होंने अपनी किताब में लिखा कि एक दिन उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक मुस्लिम को पीटा। इससे उन्हें काफी खुशी मिली। यह वास्तव में शर्मनाक है कि कमजोर को सताया जाए और ताकतवर से डरा जाए। आज बीजेपी भी इसी विचारधारा के साथ काम कर रही है।
    राहुल गांधी कहते हैं कि हमारे विदेश मंत्री कहते हैं कि चीन हमसे मजबूत है। अगर हम उनकी बात पर गौर करें तो अंग्रेज भी हमसे मजबूत थे। क्या हमको उनसे नहीं लड़ना चाहिए था। अगर हम आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा पर चलते तो आज भी हम गुलाम होते और हमारे ऊपर अंगेजों का राज होता।

  • धनकड़ ने राहुल को लगाई फटकार कहा, भारतीय संसद में बन्द किए जाते यह कहना शर्मनाक

    देश- उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए कहा उन्होंने विदेशी धरती पर भारत का अपमान किया है। विदेश जाकर यह कहना कि भारतीय संसद में माइक बन्द कर दिया जाता है शर्मनाक है।

    उन्होंने कहा, आज भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। यह सम्पूर्ण भारत के लिए गौरव का क्षण है। अब इस समय भारत का कोई नेता अगर इस प्रकार की बातें विदेशी धरती पर करता है तो यह भारतीय संसद की और भारत की छवि धुमिल करने की बात है। यह भारत के संवैधानिक नियमों के विरुद्ध है।
    उन्होंने आगे कहा, मेरा लोगों से अनुरोध है कि वह इस प्रकार की ताकतों को बेनक़ाब कर उनकी योजनाओ को विफल करें। बता दें बीते दिनों राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अपना भाषण दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी धरती पर वह जमकर बरसे। राहुल अपने भाषण को लेकर बीजेपी के निशाने पर बने हुए हैं।

  • भारत की शिक्षा व्यवस्था पर आया मोहन भागवत का बड़ा बयान

    देश- संघ प्रमुख मोहन भागवत बीते कई दिनों से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। वहीं अब मोहन भागवत ने देश के एडुकेशन सिस्टम को लेकर बड़ा बयान दिया और कहा अंग्रेजों के शासन से पूर्व भारत में कोई बेरोजगारी नहीं थी।

    हरियाणा के करनाल पहुचे मोहन भागवत ने कहा, जब भारत में अंग्रेजों का राज नहीं था। तब भारत में शिक्षा का स्तर उच्च था। भारत की आबादी के 70 फीसदी लोग पढ़े लिखे थे। भारत में कोई बेरोजगार नहीं था। जब भारत में 70 प्रतिशत लोग शिक्षित थे तब इंग्लैंड में महज 17 प्रतिशत लोग पढ़े लिखे थे।
    लेकिन जब भारत में अंग्रेज आए। तो उन्होंने भारत को पीछे करने की साजिश रची। भारत की शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार किया। अपने देश की शिक्षा व्यवस्था हमारे देश में लागू की और हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को अपना बना लिया। उनके इस षड्यंत्र के कारण वो 70 प्रतिशत शिक्षित हो गए और हम महज 17 फीसदी रह गए।
    उन्होंने कहा, हमारे देश में शिक्षक सिखाता था। उसका धर्म ज्ञान बांटना और लोगों का पथ प्रदर्शक बनना था। हमारे देश में उस समय वर्ण और जातियों का भेद नहीं था। लोग अपना जीवन यापन करने के लिए काम करते थे। लेकिन आज हमारे देश के जो हालात हैं वह बदतर हैं। अब शिक्षा कमाई का साधन बन गई है। महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। आज शिक्षा व्यापार बन गई है लोग शिक्षा को स्वार्थ के रूप में देख रहे हैं।

  • 2024 तक सभी विपक्षी नेताओं के पर होगी सीबीआई की कार्यवाही

    देश– 2024 में लोकसभा चुनाव है। सत्ताधारी दल बीजेपी और विपक्ष जनता को लुभाने की कवायद में जुट गए हैं। विपक्ष नेता बार-बार विपक्ष एकता की बातें कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए हमें एकसाथ आना होगा।

    वहीं अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव रामगोपाल यादव ने बीजेपी सरकार पर विपक्ष के नेताओं को जेल में डालकर दवाब बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव से पूर्व विपक्ष के सभी नेताओं के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग और आयकर विभाग की जांच होगी। विपक्ष का कोई नेता नहीं बचेगा।
    उन्होंने आगे कहा, भाजपा ने इतिहास से कुछ नहीं सीखा और न वह अभी कुछ सीख पाई है। जब इंदिरा गांधी ने विपक्ष के नेताओं पर हमला किया। उन्हें जेल में डाला तो उनके हाथ से सत्ता चली गई। वहीं इस वक्त जिस तरह की कार्यवाही हो रही है उत्तरप्रदेश में वह सभी को मालूम है कि किसके नेतृत्व में हो रहा है।
    बता दें रामगोपाल यादव ने यह टिप्पणी बिहार में लालू प्रसाद यादव और रबड़ी देवी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यवाही पर टिप्पणी करते हुए दी है। लालू प्रसाद यादव के खिलाफ नौकरी के बदले जमीन के घोटले मामले में लालू प्रसाद यादव से सीबीआई ने दो सत्रों में पांच घंटे तक कार्यवाही की है।

  • आप भगवान नहीं हैं कि आपकी आलोचना देश की आलोचना हो गई

    देश- बीते कई दिनों से कांग्रेस(Congress) और बीजेपी(BJP) के बीच शाब्दिक कटाक्ष जारी है। वहीं अब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Congress leader pawan khera)ने खुलेआम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime minister Narendra Modi)पर हमला बोला। पवन खेड़ा ने कहा, आप बीते 9 साल से विपक्षियों की आलोचना कर रहे हैं। आप कहते हैं बीते 70 साल में कुछ नहीं हुआ। यह वास्तव में हमारी तीन पीढ़ियों का अपमान है। आप कहते हैं एक अकेला सबपर भारी लेकिन सदन में अपना बिगुल बजाते हैं।

    उन्होंने आगे कहा, जब आप विदेशी मीडिया पर छापा डलवाते हैं तब आपको देश की चिंता नहीं होती है। आप दक्षिण कोरिया जाते हैं और कहते हैं भारत मे जन्म लेना दुर्भाग्य है। तो भारत की बेज्जती नहीं होती है। प्रधानमंत्री जी आप जब लोकतंत्र पर वार करते हैं तभी इसपर बहस होती है।
    पवन खेड़ा ने आगे कहा, आपको अपने विषय मे बड़ी गलतफहमी है। आप सिर्फ प्रधानमंत्री हैं। आप भगवान या निर्माता नहीं हैं। आप सूरज नहीं उगाते। आपकी आलोचना देश की आलोचना कैसे हो सकती है। अपने मन की गलतफहमी को दूर कीजिए आप।