Category: politics

  • तृणमूल पर बयान को लेकर महुआ मोइत्रा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी(CONGRESS LEADER RAHUL GANDHI) ने तृणमूल कांग्रेस(TMC)को भाजपा(BJP) की बी टीम कहा था। अब पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा(Trinamool Congress MP Mahua Moitra) ने गुरुवार को इसके लिए राहुल गांधी(RAHUL GANDHI) पर निशाना साधा। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, देश की राजनीति में राष्ट्रीय दलों(NATIONAL PARTY) का एकाधिकार समाप्त हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर तृणमूल को दो-दलीय प्रणाली पर भरोसा करने के लिए मजबूर किया गया तो भारत में लोकतंत्र(DEMOCRACY) समाप्त हो जाएगा।

    उन्होंने कहा, तृणमूल9TMC) ने पिछले 34 सालों से माकपा से लड़ाई लड़ी है और हमने लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल(WEST BANGAL)जीता है। मोइत्रा ने राज्य की सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी और उसके पूर्व सहयोगी भाजपा के बीच हाल के वाकयुद्ध पर भी निशाना साधा। आज कॉनराड संगमा, अमित शाह(AMIT SAHA) के बारे में कुछ नकारात्मक कह सकते हैं, और केंद्रीय मंत्री(CENTRAL MINISTER) इस पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। लेकिन एक बार चुनाव खत्म हो जाने के बाद, वे फिर से मिल जाएंगे, उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया एनपीपी(NPP) और बीजेपी(BJP) के जाल में फंसना नहीं है। राज्य में एनपीपी-बीजेपी गठबंधन(NPP-BJP) के बावजूद, मेघालय ने पिछले पांच वर्षों में विकास नहीं देखा है। मोइत्रा के मुताबिक उनकी पार्टी मेघालय के लोगों को एक अच्छा विकल्प मुहैया कराएगी।

  • आपको क्या लगता है सत्ता सदैव मोदी के हाथ में रहेगी- शरद पवार

    देश– चुनाव आयोग पर विपक्ष हमलावर है। वहीं अब शरद पवार ने चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा- उन्हें क्या लगता है सत्ता सदैव भाजपा के हाथों में रहेगी। आज स्थिति बेहद दयनीय है। देश की संस्थाएं वही फैसला दे रही हैं जो सत्ताधारी दल चाहते हैं। देश के संग़ठन आज मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। उन्हें लगता है मोदी हमेशा रहेंगे।

    बता दें शरद पवार ने यह बात चुनाव आयोग के उस फैसले की आलोचना करते हुए कही है जिसमे उन्होंने शिवसेना का चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे गुट को दे दिया है। शरद पवार ने यह उदाहरण देते हुए कहा- देखो किस प्रकार संस्था एक संगठन का दुरुपयोग कर रही है। हमने चुनाव आयोग के इस तरह के फैसले को कभी नहीं देखा।
    उन्होंने आगे कहा, बालासाहेब ने अंतिम दिनों में कहा था कि शिवसेना की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे को मिलेगी। लेकिन किसी ने शिकायत की तो चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुना दिया। किसी अन्य को पार्टी और पार्टी का चुनाव निशान आवंटित कर दिया। यह राजनीतिक दलों पर बड़ा हमला है।

  • एमपी विधानसभा चुनाव में शाह ने कोल समुदाय का समर्थन मांगा

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Union Home Minister Amit saha) ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार(Madhyapradesh government) द्वारा सतना जिले में आयोजित ‘कोल महाकुंभ'(kol mahakumbha) (कोल आदिवासी सम्मेलन) को संबोधित किया। कोल आदिवासी समुदाय की आइकन, साबरी माता(sabri mata jayanti) की जयंती मनाने के लिए मेगा इवेंट का आयोजन किया गया था। मध्य प्रदेश(madhyapradesh) के विंध्य क्षेत्र के विभिन्न जिलों के कोल आदिवासी समुदाय के एक लाख से अधिक लोगों की सभा को संबोधित करते हुए, शाह ने आदिवासी समुदायों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाओं(profitable sceames) को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(Madhyapradesh chief minister shivraj singh) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार(Bjp government)की प्रशंसा की।

    शाह (Amit saha)ने कहा- यह डबल इंजन सरकार, केंद्र(central government) में पीएम मोदी(Prime minister Narendra modi) और यहां मध्य प्रदेश9madhyapradesh cm shivraj singh) में सीएम शिवराज ने आदिवासी लोगों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। मोदी ने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री(Pm narendra modi) बनने के बाद कहा था कि उनकी सरकार आदिवासियों, गरीबों और दलितों के लिए है और हम सब उसी ²ष्टि से काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे याद दिलाया कि पिछले साल जबलपुर की अपनी यात्रा के दौरान, मध्य प्रदेश सरकार ने एक दर्जन से अधिक आदिवासी-केंद्रित योजनाओं की घोषणा की थी और उनमें से अधिकांश को अब लागू किया जा चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (pmay), आयुष्मान भारत योजना(ayushmaan bharat yojna), उज्‍जवला योजना(ujjvala yojna) और कई अन्य सहित पीएम मोदी (pm narendra modi)के काम गिनाए। इस बीच, उन्होंने मध्य प्रदेश 9madhyapradesh government)के कोल समुदाय के लोगों से इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा(bjp) का समर्थन करने की अपील की। सतना जिले में अपने दौरे के दौरान शाह ने कई अन्य कार्यक्रमों में शिरकत की और 503 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। सतना में एक मेडिकल कॉलेज का भी उद्घाटन किया गया।

  • जानें जाति व्यवस्था पर क्या सोचते थे भगत सिंह

    देश– हमारे देश का इतिहास विचारणीय है। क्योंकि आज हम जिन समस्याओं पर बात कर रहे हैं। पुरातन काल मे महान पुरुषों ने इन समस्याओं पर गहन अध्ययन किया है। चाहें हम राजा(Raja Ram) राम की बात करें, चाहें हम कृष्ण (Shri Krishna)की बात करें सभी ने जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर मानवता का पाठ पढ़ाया।

    जब हम बात आजादी के दौर के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत(freedom fighter Bhagat Singh) सिंह की करते हैं। तो हमारे जहन में कई ख्याल मझने लगते हैं। एक तो भगत सिंह का स्वभाव, दूसरा आखिर भगत इतना परेशान क्यों रहते थे, क्या भगत (Bhagat Singh statment about caste system)जाति व्यवस्था से दुखी थे। वहीं आज हम आपको भगत सिंह के जाति व्यवस्था के परिपेक्ष्य में क्या विचार थे। इनपर बताने जा रहे हैं।

    क्या थे जाति व्यवस्था पर भगत के विचार-

    भारत अंग्रेजी(British government) हुकूमत के अधीन था। हर ओर अत्याचारों का बोलबाला था। किसी भारतीय का यह सामर्थ्य नहीं था कि वह अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में खड़ा हो सके। स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने संघर्ष के बलबूते भारत(Indian people) के लोगों के मन में आजादी की आग धधका दी थी। परंतु भारत अभी आजाद नहीं हुआ था। भारत कोड़ों की मार, काला पानी की सजा झले रहा था।
    भगत सिंह(, Bhagat Singh) जो भारत की दयनीय स्थिति देखकर व्याकुल हो रहे थे। उनका चित फटा जा रहा है कि अंग्रेजी हुकूमत भारत को अपने ही देश मे इतना दर्द दे रही है जो असहनीय है और भारत के लोग इतने असमर्थ हो गए हैं कि वह अपने हित के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
    वहीं भगत सिंह अपने दौर की सबसे बड़ी समस्या जातिय भेदभाव से बेहद परेशान थे। उनके मन मे हमेशा यह विचार रहता था कि जब भारत को एकजुट होकर भारतीय बनकर विदेशी हुकूमत(British government) का सामना करना है। तब भी भारत मे लोग जाति के नाम पर अपनों का शोषण कर रहे हैं।
    भगत(bhagat Singh) के दौर में जाति व्यवस्था उफान पर थी। उस दौर की सबसे बड़ी पार्टी भी लोगों को जाति व्यवस्था में बांटने के लिए प्रयासरत थीं । 1923 में कांग्रेस अधिवेशन काकीनाडा में हुआ था। उस अधिवेशन की अध्यक्षता तत्कालीन कांग्रेस नेता मोहम्मद अली जिन्ना ने की थी। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने अछूतों (वर्तमान में अनुसूचित जातियों) को हिन्दू और मुस्लिम मिशनरी संस्थाओं में बांट देना सुझाव दिया था।
    जिन्ना के भाषण से स्पष्ट है कि उस दौर में लोगों को वस्तु समझा जाता था। लोग उन्हें उनकी जाति के आधार पर विभक्त कर रहे थे। उनके साथ दोहरा व्यवहार हो रहा था। जाति व्यवस्था को बढ़ावा उस समय की राजनीतिक पार्टियों द्वारा मिल रहा था। वहीं इस बीच 1928 में ‘किरती’ नामक अखबार में विद्रोही अखबार आया। यह जाति व्यवस्था पर प्रहार कर रहा था।
    भगत सिंह ने जाति व्यवस्था का विरोध करते हुए लिखा- हम उस देश में रहते हैं जो आध्यात्म की बात करता है। लेकिन हम मनुष्य को मनुष्य की तरह नहीं देखते हैं। हम कहते हैं कि विदेशों में हमारे साथ दोहरा व्यवहार होता है। लेकिन हम आज आत्मा और परमात्मा उलझे है। हम बहज करते हैं कि जनेऊ किसको दिया जाएगा। वे लोग वेदों को पढ़ने का अधिकार रखते हैं या नहीं।
    उन्होंने समाज सुधारक मदन मोहन मालवीय की आलोचना की ओर कहा, कुत्ता जो हमारी गोद में बैठ सकता है, हमारे रसोईं घर मे जा सकता है, हमारे साथ खाने के स्थान पर बैठ सकता है लेकिन यदि एक व्यक्ति हमें स्पर्श कर ले तो हमारा धर्म नष्ट हो जाता है।अछूतों के प्रेमी पहले एक मेहतर के हाथों अपने गले मे हार डलवा लेते हैं और बाद में नहा कर अपने आप को शुद्ध करते हैं।

  • भाजपा ने नीतीश कुमार के लिए अपने दरवाजे बंद कर लिए हैं : शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Union Home Minister Amit Saha) ने शनिवार को कहा कि भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Bihar Chief Minister Nitish Kumar) के लिए अपने दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। शाह ने पश्चिम चंपारण जिले के लोहरिया गांव में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, बीजेपी ने नीतीश कुमार(Bjp Nitish Kumar) के लिए दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। नीतिश कुमार एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो हर तीन साल में प्रधानमंत्री(prime minister) की कुर्सी के बारे में सपने देखते हैं और ‘पलटीमार’ रणनीति का सहारा लेते हैं। उन्होंने पिछले साल अगस्त में भी ऐसा ही किया था और उनके पास गए थे, जिनका हमारा एनडीए शुरू से ही विरोध कर रहा था। हमने अब फैसला कर लिया है। शाह ने कहा, 2020 के विधानसभा चुनावों(vidhansabha election) के दौरान, राज्य के लोगों ने भाजपा(BJP)को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बना दिया था। लेकिन हमने अपने वादे का सम्मान किया और मुख्यमंत्री की कुर्सी नीतीश कुमार(chief minister Nitish kumar) को दी, लेकिन उन्हें गोल पोस्ट बदलने की आदत है।

    हमेशा जंगलराज के खिलाफ मुखर रहे नीतीश कुमार अब अपने जनक की गोद में बैठे हैं। भाजपा(bjp) 2025 में बिहार(bihar) में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी और यह प्रक्रिया 2024 में शुरू होगी। मैं राज्य के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे भाजपा को लाएं और जंगलराज लाने वालों को बाहर करें। शाह ने कहा, “नीतीश कुमार(Nitish kumar) ने लालू यादव(Lalu yadav) को उनके बेटे तेजस्वी यादव(Tejaswi yadav) को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन तारीख नहीं बता रहे हैं। अगर उन्होंने वादा किया है, तो उन्हें तेजस्वी को सीएम(cm) पद की पेशकश की तारीख बतानी चाहिए। राजद नेता हर दिन मांग कर रहे हैं। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।”

    सोनिया गांधी(soniya gandhi), लालू प्रसाद यादव(lalu prasad yadav), नीतीश कुमार(nitish kumar) ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को हटाने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि अगर ऐसा होता है तो कश्मीर घाटी में खून बहेगा। कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। नदी तो छोड़िए, कश्मीर में किसी की एक पत्थर तक फेंकने की हिम्मत नहीं हुई। प्रधानमंत्री मोदी(Pm Narendra Modi) ने इतनी सावधानी से सब कुछ संभालने में कामयाबी हासिल की और देश को गौरवान्वित किया है। राजद और जद (यू) का गठबंधन तेल और पानी की तरह है जो कभी जुड़ नहीं सकता। प्रधानमंत्री पद हासिल करने और बिहार का बंटवारा करने के लिए नीतीश कुमार राजद और कांग्रेस के साथ गए। बिहार में केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित कई परियोजनाएं हैं, जिनमें 15 हजार करोड़ रुपए की तीन राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। यूपीए सरकार के दौरान, केंद्र(central government) ने बिहार को 50,000 करोड़ रुपए दिए थे, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार(modi government) ने 2014 से 1.09 लाख करोड़ रुपए का अनुदान दिया है।

  • Happy birthday Shahid Kapoor:- 10 लड़कियों के साथ अफेयर, मीरा राजपूत से शादी जानें शाहिद कपूर की स्टोरी

    देश- बॉलीवुड(Bollywood) में अपने अभिनय के बलबूते स्वयं को स्थापित करने वाले कलाकार शाहिद(Shahid Kapoor birthday) कपूर आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। शाहिद कपूर का जन्म 25 फरवरी 1981 में हुआ था।

    शाहिद कपूर(Shahid Kapoor father) के पिता बॉलीवुड एक्टर पंकज कपूर(Bollywood actor pankaj Kapoor) और माता नीलम आज़मी(Neelam azami) है। फ़िल्म इंडस्ट्री(media industry) में अपना करियर बनाने के लिए शाहिद कपूर (Shahid Kapoor)को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी क्योंकि इंडस्ट्री (media industry) में एंट्री इन्हें विरासत में मिली थी।
    हालाकि शाहिद कपूर (Shahid Kapoor)को लोगों का दिल जीतने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी और अपने अभिनय का जलवा दिखाना पड़ा। शाहिद कपूर(Shahid Kapoor) ने अपनी पढ़ाई दिल्ली से पूरी की और बैक स्टेज डांसर(staze dancer) के रूप में अपने करियर को उड़ान दी।
    शाहिद कपूर(Shahid Kapoor) बेहद स्टाइलिश लुक के अभिनेता थे। पर्दे पर लोग इनकी मासूमियत के दीवाने थे। शाहिद कपूर(Shahid Kapoor) की शादी मीरा राजपूत(Meera Rajput) के साथ हुई है। शाहिद कपूर की लाइफ में 10 लड़कियां रही हैं। इनमें सोनाक्षी सिन्हा(Sonakshi Sinha), करीना कपूर(Kareena Kapoor), बिपाशा बसु(bipasha basu), प्रियंका चोपड़ा(Priyanka Chopra) का नाम शामिल हैं।
    शाहिद कपूर(Shahid Kapoor)ने कई लोकप्रिय फ़िल्म, आर राजकुमार, पद्मावती(R.rajkumae, padmawati, jab we met, ishk wishk, Vivah), जब वी मेट, इश्क विश्क और विवाह में काम किया है। शाहिद की फ़िल्म विवाह ने इन्हें लोगों के दिलों तक पंहुचा दिया और अपने किरदार से यह आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।

  • रायपुर अधिवेशन ने कांग्रेस को नई दिशा दी है : शिवकुमार

    कांग्रेस की कर्नाटक(Karnatka congress) इकाई के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार(D.K Shivkumar) ने सोमवार को कहा कि रायपुर(Raipur) अधिवेशन ने पार्टी को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि इस बात पर चर्चा हुई कि विपक्ष को एकजुट होकर कैसे आगे बढ़ना चाहिए और 2024 के लोकसभा चुनाव(Loksabha election 2024) की तैयारी कैसे की जाय। पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार(shivkumar) ने कहा कि सम्मेलन में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लिए गए निर्णयों को लागू करने के लिए भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, लेकिन, कर्नाटक(karnatka) से संबंधित मामलों पर चर्चा नहीं हुई। फोकस राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीति पर था।

    उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार के लिए कर्नाटक आएंगे। तीन से चार दिनों में सूची जारी कर दी जाएगी। शिवकुमार ने पीएम मोदी(Pm Narendra modi), अमित शाह(Amit saha) के बार-बार राज्य के दौरे का मजाक उड़ाते हुए कहा, पीएम (नरेंद्र) मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में आकर प्रशासन नहीं चलाएंगे। चुनाव प्रचार के लिए मोदी, शाह पंचायत, तालुक और जिलों में आएं, उनके पास डबल इंजन (सरकार) है, उन्हें ड्राइव करने दें।

  • आज के युवाओं के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण : कमलनाथ

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री(Madhyapradesh Former chief minister kamalnath) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ(kamalnath) ने शनिवार को कहा कि आज के युवाओं की स्थिति 50 साल पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है। छत्तीसगढ़(chattisgarh) के रायपुर(Raipur) में चल रहे 85वें कांग्रेस महाधिवेशन में आर्थिक प्रस्ताव पेश करते हुए कमलनाथ(kamalnath) ने कहा, आज के युवाओं की अपेक्षाएं और जरूरतें पांच दशक पहले की तुलना में कहीं अधिक हैं। आज की स्थिति बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण है क्योंकि देश बेरोजगारी से जूझ रहा है, जो अपने उच्चतम स्तर पर है।

    मैं आर्थिक प्रस्ताव के समर्थन में खड़ा हूं। आर्थिक प्रस्ताव में विभिन्न मुद्दों का उल्लेख किया गया है, लेकिन प्रमुख विषय हैं – बेरोजगारी, और देश की संस्कृति और संविधान के लिए खतरा। कमलनाथ ने 1972 में कोलकाता में पहली बार कांग्रेस के महाधिवेशन(congress mahadhiveshan) में हिस्सा लेने की बात कहते हुए कहा, ‘तब से पचास साल बीत चुके हैं और अब चीजें पहले जैसी नहीं हैं। भारत को ले जाने वाले युवाओं का भविष्य अगर खतरे में है, हम किस तरह के विकास की बात कर रहे हैं?

    यह दावा करते हुए कि देश में विदेशी निवेश लाना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है, दिग्गज कांग्रेसी नेता ने कहा, आज बड़ी संख्या में शिक्षित युवा बेरोजगार हैं। नौकरी के अवसर मंदिरों या मस्जिदों में जाने से नहीं, बल्कि निवेश से पैदा होंगे। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह(kamalnath and digvijay singh) के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कांग्रेस का 99 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया।

  • संसद में गतिरोध और हंगामे पर बोले लोक सभा अध्यक्ष – सदन को आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र न बनाएं

    लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला (Loksabha Speakar Om Birla) ने संसद और विधानमंडलों में गतिरोध और हंगामे पर चिंता जताते हुए कहा है कि सहमति-असहमति लोकतंत्र(Democracy) की विशेषता है लेकिन सदन में गतिरोध देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने संसद और विधानमंडलों को आरोप-प्रत्यारोप की बजाय चर्चा और संवाद का केंद्र बनाने की नसीहत देते हुए कहा कि जनता सब देख रही है। सिक्किम(sikkim) के गंगटोक(Gngtok)में आयोजित दो दिवसीय सीपीए भारत(cpa-India) क्षेत्र के 19वें वार्षिक जोन-3 सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष(Loksabha speaker) ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन के भीतर और बाहर अपने व्यवहार को संयमित और गरिमामय रखना चाहिए क्योंकि पूरा देश उनकी तरफ देखता है एवं वे जो कहते हैं, जो करते हैं, वह मिसाल बनती है। उन्होंने राजनीतिक विमर्श(political thinking) में असंसदीय व्यवहार एवं अवांछनीय शब्दावली के प्रयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से लोकतान्त्रिक संस्थाओं(Democracy) में जनता का विश्वास क्षीण होता है।

    बिरला(Loksabha speakar Om Birla) ने सम्मेलन में तीन विषयों पर हुई गहन चर्चा के बारे में बताते हुए कहा कि बैठक में संसद और विधान सभाओं को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाना, मादक पदार्थों का सेवन और इस समस्या से निपटने हेतु भावी योजना और साइबर बुलिंग(Cyber bulling) के विषय में गहन चर्चा की गई है। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में तकनीक में तेजी से बदलाव हो रहा है। संसद में महत्वाकांक्षी ‘डिजिटल संसद परियोजना(Digital Parliyament)’ पर कार्य चल रहा है, जिसका प्रमुख उद्देश्य संसद के कार्यकरण को लोगों के लिए और सुलभ बनाना तथा सांसदों एवं नागरिकों के बीच संपर्क का एक प्रभावी माध्यम बनाना है।

    मादक पदार्थों(Alcohol) को पूर्वोत्तर भारत के साथ ही पूरे देश की समस्या बताते हुए बिरला (Om birla)ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय समस्या (Ntional Problems) है, बॉर्डरलेस क्राइम(borderless crime) है, जो इस समस्या को अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना देता है। पूर्वोत्तर राज्यों से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं(International Border) तथा पहाड़ी भूभाग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार का खतरा अधिक है। इस खतरे से निपटने के लिए न केवल सभी ड्रग लॉ एंफोर्समेंट और खुफिया एजेंसियों के बीच बल्कि इस क्षेत्र के सभी सीमावर्ती जिलों तथा राज्यों के बीच समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से नशा मुक्त भारत बनाने में सहयोग करने और इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाने और इसे जनांदोलन बनाने की भी अपील की। साइबर-बुलिंग पर बोलते हुए बिरला ने असम सरकार(Assam government)के सुरक्षा अभियान(protection policy) हेतु यू-रिपोर्ट, इंटरैक्टिव डिजिटल टूल(intractive digital tools) की प्रशंसा करते हुए इस पहल को अन्य राज्यों में भी लागू किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने और साइबर बुलिंग(cyber bulling) से निपटने के लिए कठोर कानून पारित किए जाएंगे।

    बिरला(Om birla) ने सीपीए (CPA)भारत क्षेत्र जोन -3 की विधायी संस्थाओं के बीच नियमित चिंतन मंथन में सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अपार संभावनाओं से परिपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र व्यापक चर्चा संवाद के माध्यम से क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान निकाल रहा है और देश की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। केन्द्र सरकार (CENTRAL GOVERNMENT)की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए किए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों और क्षेत्र के लोगों के अथक प्रयासों के कारण गत कुछ वर्षों में इस क्षेत्र के आठ राज्यों ने अपनी विकास – यात्रा में लंबी छलांग लगाई है। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य(SIKKIM GOVERNOUR LAKSHMAN PRASAD), सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह (SIKKIM CHIEF MINISTER PREM SINGH) तमांग, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश(HARIVANSH) के साथ ही सीपीए भारत क्षेत्र जोन-3 में शामिल राज्यों के विधान सभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद रहे।

  • उमा भारती से मिले शिवराज

    मध्य प्रदेश(Madhyapradesh) में सियासी पारा लगातार बढ़ रहा है, इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान(chief minister shivraj singh) और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती(former chief minister uma bharti) की हुई मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। वैसे इस मुलाकात केा राज्य में जारी हुई आबकारी नीति से जोड़ा जा रहा है।

    राज्य की सरकार(state government) ने अभी हाल ही में आबकारी नीति जारी की है, जिसमें षराब दुकानों के करीब बनाए गए अहातों को बंद करने का प्रावधान है। उमा भारती लगातार अहातों को बंद करने के साथ अन्य मांगें करती रही है। उमा भारती ने 25 फरवरी को मुख्यमंत्री(chief minister) के सम्मान का ऐलान किया था, मगर सीधी में हुए हादसे के चलते उसे निरस्त कर दिया गया था।

    मुख्यमंत्री चौहान(shivraj singh) सोमवार को उमा भारती के आवास पर पहुॅचे जहां उमा भारती ने उनका स्वागत किया और फूलों की वर्षा भी की। उसके बाद उमा भारती ने ट्वीट कर कहा,सीधी जिले की दु:खद घटना के चलते शिवराज(shivraj) जी के अनुरोध पर उनका अभिनंदन समारोह स्थगित कर दिया था। अभिनंदन करने के लिए एक बार फिर शिवराज का समय मांगा है।

    उन्होंने आगे कहा, नई आबकारी नीति के बाद पहली बार शिवराज के मेरे घर आगमन पर उनका स्वागत सत्कार किया एवं आबकारी नीति में मध्य प्रदेश पूरे देश में मॉडल स्टेट बन गया है, इसके लिए नारी शक्ति की तरफ से उनका अभिनंदन किया।

    वहीं उमा भारती और मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को राज्य की सियासत के तौर पर अहम माना जा रहा है। इसकी वजह भी है क्योंकि इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले है। उमा भारती(uma bharti) की राज्य में लगातार सक्रियता बढ़ रही है, वहीं उनके बीच-बीच में हेाने वाले तल्ख तेवर से सरकार और पार्टी भी मुष्किल में पड़ जाती है, लिहाजा सरकार ने उन्हें मनाने पहल की है।