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  • लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सत्ता का हथोड़ा मार-मार कर ढहाना अब आम बात हो गई है: पवन खेड़ा

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को विदेश में कई सर्वोच्च सम्मानों से सुसज्जित किया गया है। तो जाहिर सी बात हैं कि एक भारतीय होने के नाते, हमें भी अच्छा लगा कि हमारे भारत के प्रधानमंत्री को उस ओहदे को सम्मानित किया गया। मोदी जी और भाजपा, अवॉर्ड तो बहुत खुशी से ले लेते हैं, पर अगर उनकी कोई जरा सी भी आलोचना करे तो वो उनको बर्दाश्त नहीं है। जब मोदी जी को कोई अवॉर्ड मिलता है, उसपर भाजपा धूम-धाम से ढिंढ़ोरा पीटती है। जब मोदी जी को मैडम तुसाद में मोम के बुत की तरह दर्शाया जाता है, वो भाजपा के लिए गर्व की बात होती है। जब वहीं लंदन वाला बीबीसी मोदी जी के पुराने कारनामों की कलई खोलने लगता है, तब मोदी जी देश की जाँच एजेंसियों को फ्रंटल ऑर्गनिजशन की तरह इस्तेमाल कर उसपर रेड या सर्वे करा देतें हैं। उसकी डॉक्यूमेंट्री, आपातकाल ताकतों के प्रावधानों के तहत बैन करा देतें हैं। ये कैसा न्याय है मोदी जी ?

    आगे पवन खेड़ा ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सत्ता का हथोड़ा मार-मार गर ढहाना अब आम बात हो गई है। मोदी जी ने वादा तो स्टार्ट अप इंडिया चलाने का किया था, पर अमृत काल में ये शट अप इंडिया बन गया है ! दबाव डालना, रेड्स डालना पिछले 8 साल से भारतीय मीडिया के साथ मोदी साहब करते आए हैं, विदेशी मीडिया के साथ भी अब शुरू कर दिया।

    कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि लंदन में, जहां बीबीसी स्थित है, वहां 2016 में मैडम तुसाद ने मोदी जी की मोम की प्रतिमा का अनावरण खुद मोदी जी ने किया था। बड़ी देर तक मोदी जी ने अपनी इस प्रतिमा को निहारा था, और पत्रकारों को तस्वीरें खींचने का मौका दिया था। मैडम तुसाद वैसे तो फ्रेंच कलाकार मैरी तुसाद ने बनाया है, पर उनका पहला म्यूजियम लंदन के बेकर स्ट्रीट में ही बना था। बीबीसी ने मोदी जी के बारे में कई सारे पॉसिटिव लेख भी लिखें हैं, जैसे – कैसे नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति को नया रूप दिया है, नरेंद्र मोदी भारत के आर्थिक रक्षक। क्यों भारत के सहस्राब्दी पीएम नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हैं।

    पवन खेड़ा ने कहा कि कल बीबीसी के मुंबई और दिल्ली के द़फ्तरों पर रेड या सर्वे होना कोई नई बात नहीं है। ये कोई ‘संयोग’ नहीं, सोचा समझा प्रयोग है। दैनिक भास्कर पर इनकम टैक्स का देशव्यापी छापा, न्यूज क्लिक पर 114 घंटे तक ईडी का छापा फिर आयकर का छापा ,भारत समाचार पर इनकम टैक्स छापा एनडीटीवी पर इनकम टैक्स छापा ,द क्विंट पर इनकम टैक्स छापा, न्यूज ल़ॉन्ड्री के द़फ्तरों पर इनकम टैक्स छापा ,द न्यूज मिनट पर इनकम टैक्स छापा ,द वायर पर दिल्ली पुलिस का छापा ,एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क पर इनकम टैक्स का छापा।

    कांग्रेस प्रवक्ता ने बीबीसी रेड पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि जब मोदी जी इस देश के प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे थे, तब वो इसी बीबीसी, इसी मीडिया के मुरीद थे। 8 अप्रैल 2013 में उन्होंने कहा – जब तक डीडी, आकाशवाणी थी, लिमिटेड अखबार थे, तब तक आम लोग क्या चर्चा करते थे- वह कहते ते ये मैंने बीबीसी पर हमने सुना.. यानी डीडी, आकाशवाणी पर कोई भरोसा नहीं थाअप्रैल 2014 में मोदी जी ने कहा था लोकतंत्र में अगर मीडिया ताकतवर नहीं होगा तो लोकतंत्र चलेगा नहीं।सत्ता का सुख पाते ही, मोदी जी की भाषा बदल गई।

  • अमित शाह ने बताया क्यों हटाया गया राहुल गांधी का भाषण

    देश- अदानी मामले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला कर रहा है। वहीं समाचार एजेंसी एनआईए को दिए एक इंटरव्यू में अमित शाह कहते हैं- मैं संसद का सदस्य हूँ। 

    इसके नातें मुझे इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। वहीं यदि हम बात बीजेपी की करें तो उसके लिए कुछ छुपाने को नहीं है और न ही डरने की कोई बात है।
    उन्होंने आगे कहा, संसद में कार्यवाही हुई। संसद में संसदीय भाषा की गरिमा बनाए हुए बात करनी चाहिए। बहज नियमों के मुताबिक होनी चाहिए। उन्होंने आपने भाषण में अदानी और अम्बानी का मुद्दा उठाया और उनका नाम लिया। इसलिए उनके भाषण का कुछ अंश हटाया गया।
    वहीं अगर हम साल 2024 के लोकसभा चुनाव के परिपेक्ष्य में बात करें तो देश मोदी के साथ आगे बढ़ रहा है। जनता ने विकास को चुना है। अभी तक जनता ने किसी को भी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में नहीं रखा है। 
    पीएम मोदी का काम सराहनीय है। यह पूरे भारत का गौरव है। आज मोदी के नेतृत्व में जी20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है। इसे बेहतर तरीके से उन्होंने सम्पन्न करवाया। इसका सम्पूर्ण श्रेय मोदी जी को प्राप्त होना चाहिए।

  • भारत का हुआ विकास, हमने 100 देशों को भिजवाए टीके, विपक्ष करता है बांटने का काम

    देश– बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मेघालय के झालुपारा इलाके में एक रैली को सम्बोधित करते हुए कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। आज हर ओर भारत की सराहना हो रही है। आज हम किसी पर निर्भर नहीं हैं। बल्कि आज हम लोगों को दे रहे हैं।

    उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा- अतीत में जब कोई वायरस आक्रमण करता था तो उसके बचाव का टीका बनाने में सालों लग जाते थे। लेकिन भारत ने कुछ महीने में ही कोविड का टीका विकसित किया। हमने 100 देशों की मदद की उन्हें कोविड का टीका मुहैया करवाया। 48 देश ऐसे थे जिन्हें हमने मुफ्त टीका दिया।

     टीएमसी पर बरसे नड्डा-

    बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, टीएमसी लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास कर रही है। यह लोग दूसरे देश से लोगों को बुलाकर वोट बनवाने वाले लोग हैं। वहीं अगर हम कांग्रेस की बात करें। तो यह किसी के नहीं हैं। कांग्रेस को सिर्फ सत्ता और कुर्सी से प्रेम है। अब यह न इधर के रह गए हैं और न उधर के रह गए हैं।

  • बाघेश्वर धाम का सवाल, हिन्दू राष्ट्र पर योगी आदित्यनाथ ने दिया बड़ा बयान

    Uttarpradesh:- बीते कई दिनों से भारत मे हिन्दू राष्ट्र की मांग उठ रही है। मध्यप्रदेश के छतरपुर में स्थित बाघेश्वर धाम के स्वामी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की मांग उठाई है। उनका बयान सोशल मीडिया पर तूल पकड़े है। वहीं अब उनके बयान को इंगित करते हुए उत्तरप्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है।

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल में जब साक्षात्कार देते हैं और पत्रकार द्वारा उनसे पूंछा जाता है हिन्दू राष्ट्र पर आपका क्या मत है। तो वह कहते हैं भारत हिन्दू राष्ट्र था और आगे भी हिन्दू राष्ट्र ही रहेगा। हिन्दू का सम्बंध किसी मजहब या सम्प्रदाय से नहीं है। क्योंकि हिन्दू एक शब्दावली है जो भारत के प्रत्येक नागरिक पर फिट बैठती है।
    उन्होंने आगे कहा, जब भारत से कोई नागरिक हज के लिए जाता है। तो कोई उसे इस्लामी या मुस्लिम के नाम से नहीं जानता। वहां लोग उसे हिन्दू के रूप में पहचानते हैं। जब किसी को वहां इससे समस्या नहीं है तो इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। भारत हिन्दू राष्ट्र है क्योंकि यह भारत के नागरिकों की पहचान है। भारत का प्रत्येक नागरिता हिन्दू है। हिन्दू का सम्बंध किसी एक जाति या समुदाय से नहीं है।
    हिन्दू राष्ट्र से भारत में किसी को परहेज नहीं होना चाहिए।

  • CM केजरीवाल ने मेयर चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सराहना की, कहा- ‘Democracy की जीत’

    सुप्रीम कोर्ट (SC) ने शुक्रवार को कहा कि मनोनीत सदस्य मेयर के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते हैं, इसके बाद दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने इस आदेश को ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया। CM ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश ने साबित कर दिया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल (L-G) वी.के. सक्सेना और BJP अवैध और असंवैधानिक आदेश पारित कर रहे थे।

    केजरीवाल ने ट्वीट में कहा- SC का आदेश DEMOCRACY की जीत है। SC को बहुत-बहुत धन्यवाद। दिल्ली को अब ढाई महीने बाद मेयर मिलेगा। यह साबित हो गया है कि कैसे एलजी और बीजेपी मिलकर दिल्ली में अवैध और असंवैधानिक आदेश पारित कर रहे थे।

    भारत के CHIEF JUSTICE डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने महापौर, उप महापौर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे में दिल्ली नगर निगम की पहली बैठक बुलाने का नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया है।

    BJP और AAM ADMI PARTY (AAP) के पार्षदों के बीच हंगामे के बाद 6 और 24 जनवरी और 6 फरवरी को हुई पिछली तीन बैठकों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना बाकी है। एमसीडी पार्षदों की 6 फरवरी को हुई पिछली बैठक को एल्डरमैन के मताधिकार को लेकर नारेबाजी और हंगामे के बीच अगली तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

    एमसीडी के पीठासीन अधिकारी ने कहा था कि मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव एक साथ होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि डीएमसी अधिनियम के अनुसार, एल्डरमैन मेयर और डिप्टी मेयर चुनावों में मतदान करने के पात्र हैं।

  • पूर्व मंत्री सुधाकर के जरिये नीतीश पर कुर्सी छोड़ने का दबाव बना रहे लालू : सुशील मोदी

    पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह और विधायक प्रोसेसर चंद्रशेखर के जरिये नीतीश कुमार पर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, इसलिए इनके आपत्तिजनक बयानों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। मोदी ने शुक्रवार को कहा कि तीन महीने से सुधाकर सिंह की बयानबाजी जारी है, लेकिन उन्हें सिर्फ नोटिस दिया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए तेजस्वी यादव अधिकृत हैं, इसमें लालू प्रसाद की जरूरत नहीं।

    उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद नीतीश कुमार सिर्फ केयर टेकर मुख्यमंत्री रह गए हैं। वे राजद की कृपा पर इतने निर्भर हैं कि कोई फैसला नहीं कर सकते। मोदी ने कहा कि कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है, लेकिन नीतीश कुमार अब इसे भी तेजस्वी यादव के लिए छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने न अपना दुराग्रही बयान वापस लिया, न मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पाये। मोदी ने कहा कि सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार की निंदा में जिन शब्दों का प्रयोग किया, वैसे शब्द विपक्ष भी इस्तेमाल नहीं करता।

  • अखिलेश बोले यूपी में का बा, जवाब आया यूपी में बाबा बा

    देश– यूपी में का बा गाना सुर्खियों में है। नेहा सिंह राठौर ने अपने संगीत के माध्यम से यूपी सरकार पर कटाक्ष किया और अब यूपी पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए उनसे 7 सवालों के जवाब मांगे हैं। वहीं अब इस मामले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई है।

    अखिलेश यादव ने बजट सत्र शुरू होने से पूर्व राज्य सरकार को निशाने पर लिया और ट्वीट करते हुए कहा,
    यूपी में का बा
    यूपी में झुठ्ठे केसों की बहार बा
    यूपी में गरीब-किसान बेहाल बा 
    यूपी में पिछड़े-दलितों पर प्रहार बा
    यूपी में कारोबार का बंटाधार बा
    यूपी में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार बा
    यूपी में बिन काम के बस प्रचार बा
    यूपी में अगले चुनाव का इंतज़ार बा
    यूपी में अगली बार भाजपा बाहर बा
    उनका यह ट्वीट राज्य सरकार पर संगीन आरोप लगाते हुए नजर आ रहा है। उनके मुताबिक यूपी में दलित, गगरीब किसान, और भ्रष्टाचार की बहार है और आगामी चुनाव में बीजेपी सत्ता से बाहर होने वाली है।

    ट्वीट पर प्रतिक्रिया-

    एक यूजर लिखता है- यूपी में बाबा बा 
    यूपी में ताजमहल बा
    यूपी में मथुरा बा
    यूपी में काशी बा
    यूपी में संगम बा
    यूपी में अलीगढ़ विश्वविद्यालय,बीएचयू बा
    यूपी में संघर्ष से निकलल @bspindia बा
    यूपी में समाजवादी जनता पार्टी से टूटल
    मुलायम सिंह यादव से लूटल @samajwadiparty बा।

    वहीं एक अन्य यूजर कहता है- 

    यूपी में “सब मौज पार्टी” राम द्रोही बा
    यूपी में “सब मौज पार्टी” इस्त्री विरोधी बा
    यूपी में “सब मौज पार्टी” यादव मुस्लिम एक बा
    यूपी में “सब मौज पार्टी” हर बार साफ बा
    यूपी में “सब मौज पार्टी” आवत नही जब तक बाबा और bulldozer बा

  • गंठबंधन में बाधा बनी कांग्रेस, शर्त सुनकर विपक्ष हिला

    राजनीति:- साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं। विपक्ष केंद्र में सत्ता परिवर्तन के लिए लगातार विपक्ष एकता का नारा दे रहा है। लेकिन विपक्ष एकता से पूर्व नेतृत्व की बात समाने आई है। 

    कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि नेतृत्व उनके हाथ मे होगा। कांग्रेस की इस मांग ने विपक्ष एकता के सूत्र में मानो गांठ डालने का काम किया है। अब अगर सभी विपक्षी दल इसे नहीं स्वीकार करते हैं तो विपक्ष का एकजुट होकर एनडीए गठबंधन को टक्कर देने का सपना टूट जाएगा।
    कांग्रेस की इस मांग को कई विपक्षी दलों ने स्वीकार किया है। लेकिन कई दल ऐसे हैं जो अभी तक इस शर्त पर मौन हैं। क्योंकि हर कोई कांग्रेस के हाथ मे नेतृत्व नहीं देखना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि भले ही विपक्ष एकता और एकजुटता का संदेश दे रहा है। लेकिन उनके बीच नेतृत्व को लेकर खटास जारी है। कांग्रेस के हाथ मे नेतृत्व।देना हर किसी को मंजूर नहीं है। 
    अगर हम स्पष्ट तौर पर इसे समझें तो मुख्य विपक्ष एकता के सूत्रधार, जेडीयू, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी नेतृत्व को लेकर मौन हैं। क्योंकि बार-बार जेडीयू की ओर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया गया है ओर कहा गया है कि वह एक अनुभवी और इस पद के लिए उपर्युक्त व्यक्ति हैं।
    वहीं तृणमूल की ओर से ममता बनर्जी को इस पद के लिए परफेक्ट बताया गया है। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि ममता बनर्जी ने संघर्ष से खुदको स्थापित किया है। ममता बनर्जी एक मात्र ऐसी महिला प्रधानमंत्री होंगी जो देश हित के लिए काम करेंगी और पूरा देश उन्हें स्वीकार करेगा।
    इसके अलावा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की चाहत किसी से छुपी नहीं है। वह कई बार यह कह चुके हैं हो सकता है आगामी समय मे केंद्र में उनकी सत्ता हो।
    अब ऐसे में अगर कांग्रेस ने नेतृत्व अपने हाथ मे रखने की बात कही है और विपक्ष कांग्रेस की इस शर्त से इत्तेफाक नहीं रखता है। तो विपक्ष एक मजबूत गठबंधन कभी नहीं तैयार कर पाएगा।

  • ईडी ने विजयन के कार्यालय का दरवाजा खटखटाया, करीबी सहयोगी को सोमवार को पेश होने को कहा

    प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन(CM PINAARAI VIJAYAN) के एक करीबी सहयोगी को नोटिस जारी कर उन्हें सोमवार को उनके कार्यालय में पेश होने को कहा है। विजयन के सहायक निजी सचिव, सी.एम. रवींद्रन को विजयन सरकार के लाइफ मिशन परियोजना(MISSION SCEAM) में रिश्वतखोरी की जांच में पेश होने के लिए कहा गया है- परियोजना का उद्देश्य 2018 की विनाशकारी बाढ़ में अपने घर खो चुके गरीबों को घर उपलब्ध कराना है। ईडी द्वारा विजयन के पूर्व प्रधान सचिव एम. शिवशंकर से तीन दिनों तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए जाने के बाद रवींद्रन को जल्द पेश होने के लिए कहा गया है। शिवशंकर की ईडी हिरासत शुक्रवार को खत्म हो रही है और यही वह समय है जब रवींद्रन को पेश होने के लिए कहा गया है।

    सहायक निजी सचिव, रवींद्रन को विजयन के कार्यालय में खुली छूट थी, यानी वह जो चाहते थे वह होता था। उनके और सोने की तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के बीच चैट संदेश सामने आए हैं, जो जीवन मिशन रिश्वत मामले में भी आरोपी है, जिससे साफ होता है कि, दोनों बेहद करीबी थे। 2020 में जब यह मामला सामने आया तो विजयन ने अपने कार्यालय की भूमिका से साफ इनकार कर दिया था। ईडी ने लाइफ मिशन के तत्कालीन सीईओ- अब सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी यू.वी. जोस से पूछताछ की थी, सूत्रों के अनुसार, जिन्होंने जांच अधिकारियों को बताया कि उन्हें लाइफ मिशन के वाडाकंचेरी परियोजना में समझौते की कोई जानकारी नहीं थी।

    इससे पहले, ईडी ने शिवशंकर के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट और स्वप्ना सुरेश के साथ संयुक्त लॉकर रखने वाले वेणुगोपाला अय्यर से भी पूछताछ की थी, ईडी ने 1 करोड़ रुपये भी बरामद किए थे। परियोजना के निर्माण के लिए पैसा संयुक्त अरब अमीरात में स्थित एक चैरिटी संगठन से आया था और जोस को परियोजना के विवरण की कोई जानकारी नहीं थी, उन्हें ठेके के विवरण की जानकारी और उस पर हस्ताक्षर करने के लिए कुछ ही घंटे मिले।

    जोस और अय्यर दोनों के बयान और रवींद्रन और स्वप्ना सुरेश के चैट मैसेज रविंद्रन की भूमिका की ओर इशारा करते हैं और स्वप्ना सुरेश ने यह भी दावा किया था कि अगर उनसे पूछताछ की जाती है तो विजयन और उनके परिवार की संलिप्तता का पता चल जाएगा। अब सभी की निगाहें रवींद्रन पर टिकी हैं क्योंकि 2020 में, जब उन्हें सोने की तस्करी मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच के लिए पेश होने का नोटिस दिया गया था, तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फिर वह कोविड पॉजिटिव निकले और बाद में जांच टीम के सामने आए और अब यह देखा जाना बाकी है कि क्या वह सोमवार को पेश होंगे।

  • शिवसेना के चुनाव चिन्ह से शिंदे से अधिक बीजेपी खुश, सब अमित शाह की मेहरबानी

    राजनीति- बीते दिन शिवसेना के चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग का फैसला आया और चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे समूह का हो गया। अब शिवसेना पर उद्धव ठाकरे का अधिकार नहीं बचा और गृह मंत्री अमित शाह ने भाषण के दौरान कहा, चुनाव आयोग ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। सत्य की जीत हुई है। झूठ के हुंकार हार गई। अब सबको पता चल गया है सत्य किसके साथ है।

    वहीं उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे का बयान सामने आया है। समाचार पत्र सामना में उद्धव ठाकरे के कहा, खरीद लिया न्याय। शिंदे से अधिक इस फैसले से बीजेपी खुश हैं। यह वैसा ही है जैसे किसी की दुकान से चना और मूंगफली खरीद ली गई हो। उन्होंने शिवसेना का चुनाव चिन्ह खरीद लिया।
    आज शिवसेना का चुनाव चिन्ह शिंदे को मिला है। यह सब अमित शाह की मेहरबानी है। यह किसी से छुपा नहीं है कि यह व्यक्ति महाराष्ट्र के लोगों का शत्रु है। कल कोई अदानी, अंबानी, नीरव मोदी उठेगा और इसी तरह विधायक-सांसद खरीदकर पूरी पार्टी, सरकार पर अपना मालिकाना हक जताएगा। देश की सरकारें रोज पत्ते के बंगले (ताश के महल) की तरह गिराई जाएंगी।