देश– राम का नाम सत्य है। हिन्दू धर्म मे राम को परमपिता कहा जाता है। मान्यता है कि राम के नाम मात्र से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। राम सत्य और सर्वश्रेष्ठ हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक राम का नाम व्यक्ति के जीवन से जुड़ा है। व्यक्ति प्रत्येक परिस्थिति में राम का नाम लेता है। अगर कोई न भी चाहे तो उसके मुख से राम का नाम निकलता है।
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ढोल, गंवार शूद्र, पशु, नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी प्रसंग का समझें अर्थ
कहते हैं कि तुलसी दास की राम चरित मानस ने राम के नाम को घर- घर पहुंचाया। लोग वाल्मीकि रामायण को नहीं पढ़ पाए क्योंकि यह संस्कृत भाषा मे लिखी थी। वहीं जब वाल्मीकि रामायण का तुलसी दास ने अनुवाद किया तो राम का गुंजन हर ओर होने लगा और राम के नाम से जीवन जुड़ गया।परन्तु आज कुछ विशेष समुदाय से जुड़े लोग रामचरित मानस में उपयोग हुए शब्दों पर सवाल उठा रहे हैं। एक ओर जहां राम चरित मानस को सबसे महान धर्मिक ग्रंथ का दर्जा मिला है वहीं इसकी चौपाइयों को जाति सूचक बताया जा रहा है। लेकिन राम चरित मानस पर सवाल उठाना हिंदूओ की आस्था पर सवाल उठाने जैसा है।राम चरित मानस की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में की थी। यह हिंदुओ का सबसे प्रिय ग्रंथ है इससे हिंदूओ की भावनात्मक आस्था जुड़ी हुई हैं। इसे महाकाव्य का दर्जा प्राप्त है। रामचरितमानस में 12,800 पंक्तियाँ हैं, जो 1,073 दोहों और सात कांड में विभाजित हैं। यह भक्ति आंदोलन से जन्मा है। इसे 1574 में लिखना शुरू किया गया था।बीते दिनों से यह सवाल चर्चा में है। बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा राम चरित मानस समाज मे नफ़रत फैला रहा है। उनका कहना है कि यह ग्रन्थ समाज को बांट रहा है। तुलसी दास की चौपाईइन दोनों प्रसंगों जिक्र करके दावा किया जा रहा है कि यह दलित और महिलाओं का विरोधी ग्रंथ है। अगर हम इसे सरसरी नजर से देखेंगे तो इसमे समस्या ही दिखेगी। लेकिन इसका अर्थ बिना जाने यदि आप राम चरित मानस पर सवाल उठाते है तो यह आपके ज्ञान का परिचय नहीं देता है। लेकिन अधम जाति मैं बिद्या पाए, भयउँ जथा अहि दूध पिआए’। इस दोहे का प्रसंग यह है रामचरितमानस के उत्तर कांड में गरुड़ और काकभुशुण्डि के बीच संवाद का है। इसमें काकभुशुण्डि मतलब कौवे से है।इसमें काकभुशुण्डि ख़ुद स्वीकार करते हुए कहते हैं कि उन्होंने थोड़ी विद्या क्या हासिल कर ली कि अपने गुरु की अवज्ञा कर बैठे। कौवे की प्रतिष्ठा गरुड़ के सामने तो कुछ भी नहीं है। काकभुशुण्डि अपने भटकाव को स्वीकार रहे हैं और इसी क्रम में ख़ुद को अधम बताते हैं।राम लंका के रास्ते में हैं। बीच में समंदर पड़ता है।तीन दिनों से समंदर से रास्ता मांगते हैं, लेकिन समंदर सुनता नहीं है। राम नाराज़ हो जाते हैं और लक्ष्मण से अग्निबाण निकालने का आदेश देते हैं । राम समंदर को सुखाने की हद तक नाराज़ हो जाते हैं। राम इसी ग़ुस्से में कहते हैं-अग्निबाण छूटने से पहले ही समंदर राम के सामने प्रकट होता है और कहता है, ‘प्रभु हम तो जड़ हैं। प्रार्थना समझ में नहीं आती है। समंदर इसी प्रसंग में राम से कहता है- ‘ढोल, गंवार शूद्र, पशु, नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी। यह चौपाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं जुड़ी है इसमे समुद्र अपनी यथा स्थिति को प्रभु श्री राम में समाने बयां कर रहा है और ताड़ना का अर्थ यहां मोक्ष से है।यदि हम प्रभु श्री राम की बात करें तो राम ने सर्वस्त्र जनता को समान भाव से देखा। उनके लिए स्त्री, दलित और समाज मे रहने वाला प्रत्येक प्राणी समान है। नारी उनके लिए माता समान रही है। राम ने किसी को ऊंच नीच के भाव से नहीं देखा। उन्होंने प्रेम पूर्वक सवरी की जूठे बेर खाए और केवट को ह्रदय से लगाया। राम न तो नारी विरोधी थे और न दलित क्योंकि राम सत्य थे। जिनका कर्तव्य जनता को हित और सभी को सुखी रखना था। -
जेपी नड्डा 11 फरवरी को बस्तर में रैली को संबोधित करेंगे
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस साल के अंत में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में अपनी पहली चुनावी रैली के लिए 11 फरवरी को बस्तर का दौरा करेंगे। जेपी नड्डा आदिवासी क्षेत्र पर पकड़ बनाने के लिए 11 फरवरी को जगदलपुर के रेलवे ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए बस्तर पहुंचेंगे। भाजपा के एक सूत्र के मुताबिक, ‘जगदलपुर में जनसभा से पहले नड्डा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ सिलसिलेवार बैठकें करेंगे।’
सूत्र ने कहा कि नड्डा बस्तर में पार्टी कार्यकतार्ओं से मिलने और उन्हें संबोधित करने सहित अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। आदिवासी क्षेत्र का विश्वास जीतने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ रही है, क्योंकि बस्तर डिवीजन की 12 सीटें छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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भाजपा पिछड़ों दलितों का आरक्षण खत्म कर रही – अखिलेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा कर रही है। भाजपा सरकार साजिश के तहत पिछड़ों, दलितों के आरक्षित पद खत्म कर रही है। अखिलेश यादव ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि आरक्षण को खत्म करने के लिए रणनीति के तहत निजीकरण को बढ़ाया दिया जा रहा है। सरकारी विभागों में जो नौकरियां और भर्तियां निकलती है उनमें भी पिछड़ों और दलितों की कोई न कोई कारण बताकर भर्ती नहीं की जा रही है। बाद में सरकार इन खाली पदों पर अपने चहेतां की भर्तियां कर लेती है। कहा कि भाजपा पिछड़ों और दलितों का आरक्षण खत्म कर रही है।
बोले कि सामाजिक न्याय की विरोधी भाजपा हर कदम पर दलितों, पिछड़ों के साथ भेदभाव कर रही है। पिछले दिनो लखनऊ पीजीआई में आरक्षण के नियमों को दर किनार कर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों को खाली छोड़ दिया गया। सपा मुखिया ने कहा कि प्रदेश में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति में भी दलितों, पिछड़ों की उपेक्षा की गयी है। प्रदेश में पिछले वर्षो में हुई नियुक्तियों में भाजपा सरकार ने पिछडों, दलितों को उनका हक नहीं दिया। 69 हजार शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई। पिछड़ों को उनका हक नहीं मिला।
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों और दलितों के इसी हक और सम्मान को दिलाने के लिए लम्बे समय से जातीय जनगणना की मांग करती आ रही है। लेकिन भाजपा सरकार जातीय जनगणना का विरोध कर रही है। भाजपा जातीय जनगणना से डरती है। जबकि पिछड़ों, दलितों के हक और सम्मान दिलाने, उनके साथ हो रहे भेदभाव और अन्याय को खत्म करने के लिए जातीय जनगणना और सभी जातीयों का आंकड़ा होना बेहद जरूरी है। जातीय आंकड़े होने से सरकारी योजनाएं बनाने में आसानी होगी।
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हिमाचल सीएम ने 57.72 करोड़ रुपये के हिमाचल निकेतन का शिलान्यास किया
दिल्ली आने वाले छात्रों और दूसरे लोगों को रहने की सुविधा देने के लिए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को यहां द्वारका में 57.72 करोड़ रुपये के पांच मंजिला हिमाचल निकेतन के निर्माण की आधारशिला रखी। हिमाचल निकेतन में दो वीआइपी कमरों के अलावा, विशेष रूप से छात्रों के लिए 36 सामान्य कमरे और 40 सामान्य सुइट होंगे। कर्मचारियों के लिए तीन कमरों का छात्रावास भी होगा। इसमें 53 वाहनों और 87 दोपहिया वाहनों को बेसमेंट में पाकिर्ंग की भी सुविधा होगी। कुल मिलाकर 81 कमरे होंगे।
हिमाचल के सीएम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मौजूदा हिमाचल भवन और हिमाचल सदन के अलावा एक अतिरिक्त सुविधा होगी, जो नई दिल्ली में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं के इच्छुक छात्रों को आवास सुविधा प्रदान करेगी। हिमाचल निकेतन विशेष रूप से छात्रों के लिए आरामदायक रहने और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा हिमाचल भवन, हिमाचल सदन के अलावा, हिमाचल निकेतन चिकित्सा सेवाओं सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए नई दिल्ली आने वाले हिमाचल प्रदेश के लोगों को ठहरने की सुविधा प्रदान करेगा, यह ठहरने का तीसरा विकल्प होगा।
हर साल हिमाचल से काफी संख्या में लोग देश के दूसरे राज्यों में शीतकालीन अवकाश बिताने के लिए जाते हैं। नई दिल्ली में उनके ठहरने के लिए हिमाचल निकेतन एक अतिरिक्त विकल्प होगा। लोक निर्माण विभाग को इसे 2025 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने हिमाचल निकेतन को समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया है।
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भारत ही इस्लाम की जन्मस्थली! मदानी के समर्थन में स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान
डेस्क। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य(Swami Prasad Maurya) ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulema E Hind) के चीफ महमूद मदनी (Mahmood Madani) के समर्थन में अपना बयान दिया है। आपको बता दें स्वामी प्रसाद मार्य ने मदनी के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि देश में सबसे पहले बौद्ध धर्म आया और उसके बाद ईसाई धर्म और फिर इस्लाम धर्म आया और इसके बाद बाकी धर्म पैदा हुए।आपको बता दें कि मदनी ने यह कहा था कि भारत ही इस्लाम की जन्मस्थली रही है।आपको बता दें मीडिया से बात करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘जो सबसे पुराना धर्म है वही सनातन धर्म है। और जो ऐतिहासिक साक्ष्य अब तक आए हैं, ईसा से 250 साल पहले भगवान बुद्ध का धर्म आया था, वहीं उसके बाद ईसाई धर्म आया, ईस्लाम धर्म आया तथा उसके बाद तमाम धर्म और पंथ पैदा होते ही चले गए।’वहीं इससे पहले शुक्रवार को भारत के ‘इस्लाम की जन्मस्थली’ होने का दावा करते हुए प्रतिष्ठित मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम समूह) के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को कहा कि अल्लाह के पहले पैगम्बर का जन्म यहीं यानी भारत में ही हुआ था और यह ‘मुसलमानों का पहला वतन’ भी है। -
क्यों विपक्ष पर बरस उठे योगी आदित्यनाथ
देश:- देश मे बयानबाजी की राजनीति तेज हो गई है। राहुल गांधी आय दिन भाजपा को अपने सवालों से घेरते नजर आते हैं। वहीं अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया है। यह कटाक्ष उन्होंने सदन की कार्यवाही सुचारू ढंग से न चलने पर की है।
उन्होंने कहा, विपक्ष की सोच नकारात्मक है। वह नकारात्मक तरीके से काम कर रहे हैं और लोगों के मध्य अफवाह और दुष्प्रचार फैला रहे हैं। उनके पास देश के लिए कोई सुचारू योजना नहीं है।विपक्ष सिर्फ स्वार्थ साधक है। विपक्ष के पास कोई योजना नहीं है। वह अपने फायदे के लिए इस तरह के बयान देता है और सदन की कार्यवाही को बाधित करता है। इनका उद्देश्य माहौल खराब करना है। -
जया बच्चन ने दिखाई उपराष्ट्रपति को उंगली, मच गया बवाल
डेस्क। बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस जया बच्चन (Jaya Bachchan) की गिनती 90 के दशक की शानदार अभिनेत्रियों में करी जाती है। वहीं एक्ट्रेस ने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम भी किया है। वहीं एक्ट्रेस अब बॉलीवुड से ज्यादा राजनीति में सक्रिय हैं।अभिनेत्री एवं राज्यसभा सांसद जया बच्चन अपने गुस्से के लिए काफी मशहूर भी हैं। एक्ट्रेस अक्सर अपने बर्ताव को लेकर सुर्खियों में भी बनी रहती हैं। इतना ही नहीं कई बार उन्हें पापराज़ी पर भड़कते हुए भी देखा गया है। साथ ही एक बार फिर जया का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें उनका एक एग्रेसिव अवतार देखने को मिला है। साथ ही इस वीडियो को देखने के बाद लोगों का कहना है कि उन्होंने सारी सीमाएं भी पार कर दी हैं।जानिए आखिर क्या है पूरा मामलादरअसल हाल ही में राज्यसभा (Rajya Sabha) सत्र से दिग्गज अभिनेत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। वहीं जिसमें वह सदन में चेयर की ओर उंगली उठा कर कुछ कहती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो में राज्यसभा में उस वक्त समाजवादी पार्टी के सांसद को माननीय उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति श्री जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) चेयर पर नजर भी आ रहे हैं। वीडियो में यह भी साफ देखा जा सकता है कि राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ सीट से खड़े होकर अन्य लोगों से अपनी सीट पर बैठने को भी कह रहे हैं। और इसी दौरान सामने से जया बच्चन गुजर रही हैं और अपना गुस्सा जाहिर करती हुई भी दिख रही हैं। -
बाघेश्वर धाम को बताया बहरूपिया, राम देव का है संकेत लश्कर ए तैयबा से, पीएम को डर लगता है पाकिस्तान से
देश:- जेडीयू नेता बीते कई दिनों से अपने बयानों को लेकर विवाद में घिरे हुए हैं। वहीं अब जेडीयू के पूर्व एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने पीएम मोदी, बाघेश्वर धाम के शास्त्री और बाबा रामदेव पर कटाक्ष किया है।
उन्होंने कहा, बाबा रामदेव भारत के नहीं हैं। उनका रिश्ता पाकिस्तान से है। वह लश्कर ए तैयबा से सम्बंधित हैं। इस बात की जांच होनी चाहिए। आखिर इनके पास इतनी सम्पत्ति आई कहां से।आज रामदेव बाबा व्यापारी हैं। वह तरह-तरह के प्रोडक्ट बेच रहे हैं। यह जांच होंना आवश्यक है कि उनके पास यह सब कहां से आ रहा है।वहीं जब मीडिया कर्मियों ने उनसे बाघेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़ा सवाल किया और कहा वह भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं। तो वह बोले मैं उन्हें नहीं जानता। भारत मे सिर्फ संविधान की अदालत चलती है। इस तरह के बहरूपिया की भारत मे कोई जगह नहीं है। वह अपने कपड़ों और मेकअप से देश को गुमराह नहीं कर सकते हैं।जानें पीएम पर क्या बोले नेता जी-
गुलाम रसूल बलियावी ने कहा, पीएम को पाकिस्तान से डर लगता है। अगर वह डर गए हैं तो 30 फीसदीं फौज में मुसलमानों को जगह दी जाए। जब पाकिस्तान हमें मिशाइल बनाकर दिखा रहा था। तब कोई बाबा नहीं आए थे उसको जवाब देने। तब आया था एक मुसलमान जिसका नाम था एपीजे अब्दुल कलाम। -
IT Raid on BBC: बीबीसी दफ्तर पर पड़ा छापा, होने लगी राजनीति भाजपा का आया बयान विपक्ष ने केंद्र को बताया जिम्मेदार
IT Raid on BBC:- बीते दिनों जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी की डाक्यूमेंट्री आई तो बवाल मच गया। साल 2002 में हुए गुजरात दंगे का इतिहास ताजा हो गया। भारत सरकार ने आईटी नियमों के तहत बीबीसी की डाक्यूमेंट्री को बैन करवा दिया। लेकिन इसके बाद भी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री की स्कीनिंग कई यूनिवर्सिटी में की गई।लेकिन आज टैक्स चोरी के मामले में बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्यालय पर आयकर विभाग का छापा पड़ा। यह छापा करीब 11:30 बजे पड़ा। दफ्तर में मौजूद सभी कर्मचारियों के फोन को सीज कर दिया गया और जांच आरम्भ हुई। दफ्तर में मौजूद कम्प्यूटर को खंगाला गया।ब्रिटेन की सरकार ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हम इसपर अपनी नजर गढ़ाए हुए हैं। जांच के बाद मामले का खुलासा हो जाएगा। बीबीसी ने दूसरी शिफ्ट में आने वाले कर्मचारियों को आज जांच के चलते छुट्टी पर भेज दिया है। अब अगले आदेश तक बीबीसी की टीम वर्क फ्रॉम होंम करेगी।क्या बोला आयकर विभाग-आयकर विभाग का कहना है कि बीबीसी द्वारा ट्रांसफर प्रोसेसिंग नियम द्वारा गैर अनुपालन हस्तांतरण मूल्य निर्धारण मानदंडों का उल्लंघन किया गया है। इसके साथ ही जानबूझकर मुनाफे की राशि को डायवर्ट किया गया है। बीबीसी वर्षों से नियमों का उल्लंघन कर रही है। उसी के फलस्वरूप बीबीसी को नोटिस जारी किए गए हैं और आयकर विभाग का छापा उनके ऑफिस पर पड़ा है।क्यों हो रही है राजनीति-विपक्ष का दावा है कि बीबीसी ने गुजरात दंगे के परिपेक्ष्य में डाक्यूमेंट्री बनवाई थी। केंद्र सरकार इसी के फलस्वरूप बीबीसी पर हमलावर है। बीबीसी के दफ्तर में हुए छापेमारी का सीधा संबंध डाक्यूमेंट्री से है।कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा- विनाशकाले विपरीत बुद्धि। जयराम रमेश कहते हैं कि हम अदानी मामले में उक्त जांच की मांग कर रहे हैं। लेकिन लोग बीबीसी के पीछे पड़े हैं।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोलते हैं- मोदी सरकार ने कई बार प्रेम की स्वतंत्रता पर हमला किया है। यह बुलंद आवाजों को दवाने का प्रयास है। अगर संस्थाओं का उपयोग विपक्ष और मीडिया पर हमला करने के लिए किया जा रहा है तो लोकतंत्र को जीवित नहीं रखा जा सकता है। लोग इसका प्रतिरोध करेंगे। यह अघोषित आपातकाल है।क्या बोली बीजेपी-बीजेपी ने बीबीसी को सबसे भ्रष्ट कॉर्पोरेशन बताया है। बीबीसी पर जो भी कार्यवाही हो रही है वह संविधान के नियमों के तहत है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इंदिरा गांधी के दौर को याद करते हुए कहा- उन्होंने भी बीजेपी पर प्रतिबंध लगाया था।उन्होंने आगे कहा, भारत संविधान के मुताबिक चलता है। भारत मे कानून व्यवस्था है। आयकर विभाग को पिजरे का तोता नहीं है। केंद्र में मोदी सरकार है। आयकर विभाग अपना काम कर रहा है। भारत मे मीडिया स्वतंत्र हैं। अगर मीडिया ने कुछ गलत नहीं किया है तो उन्हें डर किस बात का है।अगर हम ध्यान दें तो बीबीसी का थीम कांग्रेस के थीम से मिलता जुलता है। बीबीसी पर कार्यवाही चल रही है तो विपक्षी दल जमकर इसपर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह बात समस्त भारत वासियों के लिए चिंता का विषय है। -
सरकारी योजनाओं को सभी तक पहुंचाना ही सच्ची धर्मनिरपेक्षता : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सच्ची धर्मनिरपेक्षता यह सुनिश्चित कर रही है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सभी लाभार्थियों तक पहुंचे। मोदी ने उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा, हमने टेक्नोलॉजी की ताकत से वर्किं ग कल्चर को बदला है। हमारा फोकस स्पीड बढ़ाने और स्केल बढ़ाने पर है।
प्रधानमंत्री ने कहा- कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभार्थी लाभ उठाएं और शत-प्रतिशत लाभ उन तक पहुंचे, इसके लिए हमने ‘सैचुरेशन’ का रास्ता चुना। हमारी सरकार ईमानदारी के ऐसे रास्ते पर चलती है कि उसके लिए ‘सैचुरेशन’ ही सच्चा ‘धर्मनिरपेक्षता’ है।
पीएम ने कहा, ‘सैचुरेशन’ प्राप्त करने का अर्थ है कोई भी भेदभाव नहीं, क्योंकि भेदभाव भ्रष्टाचार को जन्म देता है। हम ‘सैचुरेशन’ के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां हम चाहते हैं कि हर योजना का लाभ 100 फीसदी लाभार्थियों तक पहुंचे। यह सच्ची ‘धर्मनिरपेक्षता’ है और हम इसे हासिल करने की दिशा में ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
मोदी ने आगे कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम ने लाभार्थियों के खातों में 27 लाख करोड़ रुपये के हस्तांतरण को सक्षम किया है। उन्होंने कहा, इस पारदर्शिता ने देश के दो लाख करोड़ रुपये को ‘गलत इकोसिस्टम’ में जाने से बचा लिया है। जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) ट्रिनिटी वास्तव में परिवर्तनकारी रही है।
मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रौद्योगिकी की ताकत से कार्य संस्कृति को बदल दिया है। हमारा ध्यान स्पीड बढ़ाने और स्केल बढ़ाने पर है। इस अमृत काल में, हमारा उद्देश्य योजनाओं की 100 प्रतिशत संतृप्ति है।