Category: politics

  • गुजरात मंथन में जुटी आप ने किशोरभाई देसाई को बनाया प्रदेश अध्यक्ष

    गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को हैं। जहां सभी राजनीतिक दल मैदान में उतर चुके हैं वही आम आदमी पार्टी गुजरात के लक्ष्य को भेदने की कवायद में तेजी से लगी हुई है। आप प्रमुख लगातार गुजरात का दौरा कर रहे हैं और आप के कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनसे संपर्क साधते हुए उन्हें आप की नीतियों से अवगग करवाते हुए अपनी पार्टी की और आकर्षित करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। वही अब आम आदमी पार्टी ने गुजरात के नेता इसुदान गढ़वी (Isudan Gadhvi) को पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव के रूप में नियुक्त किया है।

     

    इनके अलावा आप ने इंद्रनील राजगुरु को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, ‘आप’ ने गुजरात के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा की। किशोरभाई देसाई को राज्य अध्यक्ष (फ्रंटल संगठन) और मनोज सोरथिया को राज्य महासचिव नियुक्त करते हैं। जानकारी के लिए बता दें अरविंद केजरीवाल ने अपने रोड शो के तुरंत बाद इस बात की घोषणा की थी कि वह अब गुजरात मे पार्टी संगठन को पुर्नगठित करेंगे। सूत्रों का कहना है कि आप ने गुजरात संयोजक गोपाल इटालिया के अलावा सभी पदाधिकारियों को हटा दिया है। 

     

    सूत्रों के मुताबिक बीते दिनों को कई नेताओं ने आप का दामन थाम है। आप संयोजक केजरीवाल ने ऐसा इसलिए किया है ताकि वह उन्हें कोई पद दे सके और अपने संगठन को मजबूत कर सके। क्योंकि आप संयोजक भली भांति जानते हैं कि अगर उन्हें गुजरात मे अपनी धाक जमानी है तो उन्हें अपनी रणनीति में परिवर्तन करना होगा और जनता की पसन्द के मुताबिक नेताओ के नाम घोषित करने होंगे।

  • सबको मुगलों का इतिहास दिखा अब हम अपना इतिहास खुद लिखेंगे:- अमित शाह

    Politics:- इस समय भारत का परिदृश्य बिल्कुल बदला हुआ है हर और हिन्दू मुस्लिम का विवाद जारी है। वही आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बयान देते हुए कहा है कि हमे भारत का इतिहास रचने से कोई नहीं रोक सकता है। अमित शाह के इस बयान के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं और लोगो का कहना है कि यह भाजपा की ओर से बड़ा संकेत है।

    बता दें आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराणा सहस्र वर्ष का धर्मयुद्ध’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहा कि हमारे इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है उसे विकृत करके रख दिया गया है और मैं इस मामले में अलग विचारधारा रखता हूँ। जिन लोगो ने इसे तोड़ मरोड़ कर लिखा और प्रस्तुत किया वह उनका दृष्टिकोण था लेकिन अब हम अपना इतिहास लिखेंगे और हमे ऐसा करने से कोई नहीं रोक पाएगा। 
    टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अमित शाह ने अपने सम्बोधन के दौरान बयान दिया कि अब उन्हें अपना इतिहास लिखने से कोई नहीं रोक सकता है। क्योंकि इतिहास कभी भी हार जीत का उल्लेख नहीं है बल्कि बल्कि इतिहास तो उस घटना ने अंत मे क्या परिणाम छोड़ा उसपर लिखा जाता है। 
    उन्होंने आगे कहा कि हमारे यहाँ के कई इतिहासकारों ने सिर्फ मुगलों को तबजुब दिया है और उनके विषय मे भर भर कर लिखा है लेकिन उन्होंने चोल साम्राज्य, गुप्त काल और पृथ्वीराज का वर्णन थोड़े में ही कर दिया है और उनको मुगलों से कम तबज्जुब दिया है। लेकिन हजारों वर्षों की सांस्कृतिक लड़ाई व्यर्थ नहीं गई है आज भारत का युवा अपनी संस्कृति के लिए दुनिया के सामने डटकर खड़ा है और उसे महत्व दिलाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
    अमित शाह ने आगे कहा कि मेरा इतिहासकारो से अनुग्रह है कि वह इन टीका टिप्पणी से दूर हट कर वास्तविक इतिहास को जनता के सामने लाए। क्योंकि जब हम सच को सामने लाने का प्रयत्न करते हैं तो झूठ अपने आप दब जाता है। वही हम स्वाधीनता के साथ है हमारा इतिहास हम स्वयं लिख सकते हैं और हम अपना इतिहास लिखेंगे। 
    इतिहासकार कई है इस समाज मे लेकिन इतिहास लिखने वाले केवल मुगलों का इतिहास लिखते रहे हैं। किसी को भारतीय राजाओं का संघर्ष नहीं दिखा और न ही उन्होंने किसी को तबज्जुब दिया लेकिन अब समय बदल गया है और अब हम अपना इतिहास न सिर्फ लिखेंगे बल्कि उसे सबके सामने भी लाएंगे।

  • ईडी बेकार में राहुल को कर रही परेशान:- पी चिदंबरम

    Politics:- हेराल्ड केस में ईडी लगातार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से पूंछताछ कर रही है। कांग्रेस नेता के पक्ष में कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वही अब इस मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि ईडी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है और जिस प्रकार से ईडी उनसे लगातार पूंछताछ कर रही है वह गलत है और उन्हें परेशान करने का तरीका है। 

    उन्होंने ईडी की कार्यवाही पर सवाल करते हुए कहा की ईडी की पुरानी आदत है लोगो को परेशान करना और उनके समय को खराब करने की। यह लोग किसी भी व्यक्ति को बुलाते है और उससे 10 से 12 घण्टे पूंछतांछ करते हैं। 30 से 40 सवाल करते हैं और हर बार 5 से 6 सवाल के बाद यह बड़ा गैप लेते हैं दूसरे कमरे में जाते हैं सीढ़ियों पर टहलते है और वापस पुनः सवाल करने के लिए उनके पास आ जाते है। 
    उन्होंने कहा इस मामले में सब कुछ रिकॉर्ड है और उन्होंने कोई धांधली नहीं की उन्होंने पूरा टैक्स भरा है जिसका एफिडेविट सुप्रीम कोर्ट को दिया गया है। मुझे नहीं पता यह लोग क्या कर रहे है और उनसे क्या पूंछ रहे हैं। इन्होंने अभी तक इस मामले की एफआईआर भी नहीं दिखाई है हालाकि इस मामले में कोर्ट में सुनवाई जारी है जल्द ही इस मामले में स्पष्ट निर्णय आएगा।

  • ईडी की जांच पर बैखलाये गांधी परिवार का रवैये चोर मचाए शोर सा:- केशव प्रसाद मौर्य

    Politics:- ईडी लगातार राहुल गांधी से पूंछताछ कर रही है। वही कांग्रेस इस जांच का विरोध कर रही है और भाजपा सरकार पर कटाक्ष कर रही है। वही अब इस मामले पर केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा है कि जिस तरह से कांग्रेस जमकर प्रदर्शन कर रही है और ईडी की जांच पड़ताल में विध्न डाल रही है वह ठीक वैसा ही है जैसे चोर मचाए शोर । 

    आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ईडी पर भाजपा द्वारा दवाब बनाने की बात कर रहे हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि भाजपा राज में सब स्वतंत्र है और भाजपा ने अपने सत्ता के दौर में शुरुआत से अब तक किसी पर कोई काम करने का दवाब नहीं बनाया है। लेकिन आज जब ईडी ने राहुल गांधी से पूंछताछ की है तो गांधी परिवार तिलमिला उठा है और उसने पूरे कांग्रेस को सड़क पर उतार दिया है। जो उनके आचरण को परिभाषित कर रहा है। 
    उन्होंने आगे कहा गांधी परिवार वैसे तो देश हित की कई बड़ी बड़ी बातें करता है लेकिन उनके लिए देश नहीं व्यक्ति बड़ा है। देश में न्यायालय मौजूद है जिसे ईडी के फैसले से समस्या है वह न्यायालय की शरण मे जा सकता है लेकिन इस तरह हंगामा करने से कोई फायदा नहीं है। उनका तरीका बिल्कुल गलत है क्योंकि सत्य को चीखने चिल्लाने से नहीं छुपाया जा सकता है।

  • अग्निपथ योजना युवाओं के लिए मोदी सरकार का छलावा

    Agneepath scheme:- केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम का पूरे भारत मे विरोध हो रहा है। छात्र जगह जगह उपद्र मचाए हुए हैं। कई जगहों पर स्टूडेंट्स ने चक्का जाम कर दिया है वही अगर हम बात उत्तरप्रदेश की करें तो आज जहाँ जुमे के चलते यहां हाई अलर्ट था वही यूपी के कई जिलों में अग्निपथ योजना के प्रदर्शन ने हंगामा मचा दिया। गुस्से छात्रों ने बलिया में ट्रेन को आग लगा दी। इसके अलावा लखनऊ आगरा एक्सपेस वे जाम कर दिया। लेकिन अब इस परिपेक्ष्य में राजनीति आरम्भ हो गई है और विपक्षी दल केंद्र की मोदी सरकार पर बरस पड़े हैं।

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस मामले में कहा कि भाजपा सरकार को इस योजना पर तुरंत विचार करना चाहिए। क्योंकि पूरा देश इसका विरोध कर रहा है युवा सड़क पर उतर आए हैं और जगह जगह माहौल खराब है जो सीधे तौर पर संकेत दे रहा है कि सरकार ने यह योजना जल्दबाजी में लागू की है और आप इसे जबरन युवाओं पर थोपा जा रहा है सरकार को अब इसे जल्द वापस ले लेना चाहिए। 
    उन्होंने आगे कहा सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की आँखों में देशसेवा, माँ-बाप की सेवा, घर परिवार और भविष्य के तमाम सपने होते हैं नई सेना भर्ती योजना उन्हें क्या देगी? 4 साल बाद न हाथ में नौकरी की गारंटी, न पेंशन की सुविधा= नो रैंक, नो पेंशन @narendramodi जी युवाओं के सपनों को मत कुचलिए। भाजपा सरकार सेना भर्ती को अपनी प्रयोगशाला क्यों बना रही है? सैनिकों की लंबी नौकरी सरकार को बोझ लग रही है? युवा कह रहे हैं कि ये 4 साला नियम छलावा है। हमारे पूर्व सैनिक भी इससे असहमत हैं। सेना भर्ती से जुड़े संवेदनशील मसले पर न कोई चर्चा, न कोई गंभीर सोच-विचार। बस मनमानी? 
    24 घंटे भी नहीं बीते कि भाजपा सरकार को नई आर्मी भर्ती का नियम बदलना पड़ा मतलब, योजना जल्दबाजी में युवाओं पर थोपी जा रही है @narendramodi जी
    इस स्कीम को तुरंत वापस लीजिए एयरफोर्स की रुकी भर्तियों में नियुक्ति और रिजल्ट दीजिए। सेना भर्ती को (आयु में छूट देकर) पहले की तरह कीजिए।

  • कांग्रेस नेता बोले हिटलर की तरह होगी मोदी की मौत यूजर्स बोले ये काँग्रेसियों का सत्याग्रह नहीं है, गांधी का हत्याग्रह है

    राजनीति:- पूरे देश मे इस समय मोदी सरकार की आलोचना हो रही है। विपक्ष लगातार नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष कर रहा है। वही अब इस बीच कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय ने नरेंद्र मोदी को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने नरेंद्र मोदी की तुलना जर्मनी तनाशह हिटलर से की है और कहा है कि अगर नरेंद्र मोदी हिटलर की राह पर चल रहे हैं तो उनकी मौत भी हिटलर की तरह होगी।

     

     

     

    उनके इस आलोचनात्म बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़क उठे है और एक यूजर कांग्रेस नेता के इस बयान को लेकर कहता है कि करोड़ो हिंदुओ के आराध्य श्री राम जी के मंदिर निर्माण की नीव रखने वाले मोदी जी के लिए गांधी परिवार की कांग्रेस नेता का ये शर्मनाक बयान तो इस कांग्रेस के दिल में हिंदुओ के लिए क्या सोच होगी। वही एक अन्य यूजर कहता है कि विरोध बहाना है, विपक्षी को हिंसा भड़काना है, अरे ये काँग्रेसियों का सत्याग्रह नहीं है, बल्कि गांधी का हत्याग्रह है।

     

    एक यूजर कांग्रेस नेता के बयान की आलोचना करते हुए कहता है कि यह शर्मनाक वक्तव्य है सुबोध कांत सहाय का मैं इस देश कि जनता इस नेता और कांग्रेस दोनों की कड़ी निन्दा करती हूं अग्निवीर एक बेहतरीन स्कीम है युवाओं के लिए। कांग्रेस झूठ बोलती है। मैं उन सभी कांग्रेसियों की भी कड़ी निन्दा करती हूं जो सोनिया परिवार के भरष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं।

     

  • अग्निपथ:- जयंत ने किया युवा पंचायत का ऐलान यूजर बोला यह पंचायत नहीं आपकी राजनीतीक यात्रा है

    Agneepath scheme Live:- अग्निपथ योजना के विरोध में जहां युवा सड़को पर हंगामा मचाए हुए हैं। वही राजनीति दल लगातार इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं और युवाओं के समर्थन में खड़े हो गए हैं। अभी हाल ही में जहाँ राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने केंद्र की इस योजना का विरोध किया वही अब राष्ट्रीय लोकदल जयंत चौधरी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से अग्निपथ को वापस लेने की मांग उठाई है।

    जयंत चौधरी ने ट्वीट कर कहा है कि, जब नाम फ़िल्मी ही रखने हैं, तो फिर ध्यान से…. अमिताभ बच्चन की अग्निपथ (1990) के पहले शहंशाह (1988) आइ थी और बाद में कोहराम भी (1999)!! इसके अलावा उन्होंने एक अन्य ट्वीट में अग्निपथ योजना का विरोध किया ओर लिखा माफी वीर आदर्श जुमला वीर प्रचारक, भाषण वीर नेता
    भारतीय सेना को अग्नि वीर मत बनाओ! 
     

     

     

    जयंत चौधरी के इस ट्वीट पर यूजर्स जमकर प्रतिक्रिया कर रहे हैं और अपना अपना पक्ष रख रहे हैं। एक यूजर लिखता है कि यह युवाओं के जीवन और देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है सैनिक की कीमत लगाना बहोत भारी पड़ेगा bjp को यह होश की उम्मीद न करे जोश के सामने खड़ी नही हो पायेगी झूठी सरकार। वही एक अन्य यूजर कहता है कि भाजपा लगातार देश को बर्बाद करने में लगी हुई हैं कुछ दिनों पहले काला कानून लाकर देश के किसानों को परेशान किया अब देश के लिए जान न्यूछावर करने वाले वीर जवानों का अपमान कर रही हैं ढोंगी देशभक्त। 

     

    वही जयंत की युवा पंचायत को इंगित करते हुए एक यूजर कहता है कि ये पंचायत नहीं आपकी राजनीतीक है यात्रा है, आपको भी युवाओं से कोई लेना देना नहीं है, अगर आप सच में गंभीर होते तो आज आप युवाओं के साथ होते सङको पर.. और सुनो विरासत में मिली है राजनीति आपको,,, ये जयादा दिन नहीं चलती है विरासत वाली राजनीति।

  • जाने NDA की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) का इतिहास

    राजनीति:- राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पक्ष और विपक्ष ने अपने उम्मीदवार की घोषणा की है। जहां विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। वही अगर हम NDA की बात करे तो इसने राष्ट्रपति पद के लिए महिला उम्मीदवार की घोषणा कर विपक्ष को चौंका दिया है। NDA ने द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) को अपना उम्मीदवार बनाया है। इनके नाम की घोषणा से पहले NDA ने एक संसदीय बोर्ड की बैठक की थी जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे।

    संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने द्रौपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) को NDA की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। द्रौपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) एक जनजातीय महिला है जिन पर NDA ने दांव लगाया है। चलिए जानते हैं द्रौपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) के बारे में विस्तार से…..

     द्रौपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) का इतिहास:-

    द्रौपदी मुर्मू(Draupadi Murmu) एक जनजातीय महिला है इनका जन्म ओडिसी में 20 जून 1958 में हुआ था। इनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू था। वही इनका विवाह श्याम चरम मुर्मू से हुआ था। द्रौपदी मुर्मू ओडिशा में मयूरभंज जिले के कुसुमी ब्लॉक के उपरबेड़ा गांव के एक संथाल आदिवासी परिवार से आती हैं। इन्होंने रामा देवी विमेंस कॉलेज से बीए की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करके इन्होंने ओडिसा के जिला सचिवालय में नौकरी की थी। वही यह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल भी बनी।
    अगर हम इनके राजनीतिक करियर की बात करें तो इन्होंने 1997 में राजनीति के गलियारों में कदम रखा और इन्हें ओडिशा के रायरंगपुर जिले में पार्षद चुना गया। उसी साल वह रायरंगपुर की उपाध्यक्ष बनीं. ठीक तीन साल बाद, वह रायरंगपुर के उसी निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा के लिए चुनी गईं। इन्होंने वर्ष 2002 से 2004 के बीच नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में परिवहन और वाणिज्य विभाग और मत्स्य पालन और पशुपालन में मंत्री पद संभाला। 2007 में ओडिशा विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए “नीलकांठा पुरस्कार” मिला। द्रौपदी मुर्मू ने 2002 से 2009 तक और फिर 2013 में मयूरभंज के बीजेपी जिलाध्यक्ष के रूप में कर्यरत रही।

  • राष्ट्रपति चुनाव:- विपक्ष ने इस वजह से लगाया यशवंत पर दांव

    Politics:- कांग्रेस , एनसीपी समेत सभी विपक्षी दलों ने एकमत होकर अपनी ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हेतु यशवंत सिन्हा के नाम की घोषणा की है। इनके नाम की घोषणा से पूर्व विपक्ष ने ट्वीटर के माध्यम से यह संकेत दिए थे कि वह यशवंत को विपक्ष का राष्ट्रपति बना सकते हैं। जब यशवंत सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कहा तो उन्होंने एक ट्वीट कर ममता बनर्जी का शुक्रिया अदा किया और कहा कि मैं ममता बनर्जी का आभारी हूँ। उन्होंने मुझे तृणमूल कांग्रेस में बहुत सम्मान दिया। लेकिन अब उन्होंने मुझे पार्टी से हटाकर विपक्ष एकता के लिए बड़ा काम करने हेतु चुना है। मुझे यकीन है वह इस कदम को स्वीकार करती है। 

    ट्वीट के कुछ देर बात शरद पवार के घर पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में यशवंत सिन्हा के नाम की घोषणा जयराम रमेश ने कर दी और कहा यशवंत विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार होंगे। यशवंत का नाम राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से घोषित होने के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। लोग यह जनना चाहते है कि विपक्ष ने आखिर क्यों यशवंत के नाम पर मुहर लगाई है। राजनीति विशेषज्ञयों का कहना है कि विपक्ष ने सिन्हा को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार इसलिए बनाया है क्योंकि वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं और एक जाने माने चेहरे के रूप में विख्यात है। उन्हें भूतकाल की राजनीति से लेकर आज के राजनीतिक परिदृश्य की समझ है और वह जानते हैं कि भूतकाल, वर्तमान और भविष्य को कैसे संतुलित रखना है। 
    विपक्ष ने यशवंत से पहले राष्ट्रपति पद के लिए शरद पवार, गोपालकृष्ण गांधी और फ़ारूक़ अब्दुल्ला के नामों पर चर्चा की थी। लेकिन इन सभी राजनेताओं ने इस चुनाव ताल ठोकने से मना कर दिया और विपक्ष ने यशवंत सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी। जहां विपक्ष को एक मजबूत और राजनीतिक की समझ रखने वाले नेता की आवश्यकता थी वहीं सिन्हा विपक्ष की इन उम्मीदों पर खरे उतरते दिख रहे हैं। क्योंकि इन्हें राजनीति के उन चुनिंदा नेताओ में गिना जाता है जिन्होंने अपनी उम्दा रणनीति से राजनीति में धमक बनाई है और राजनीतिक में एंट्री करने से पहले इन्होंने प्रशासक के रूप में काम किया।

  • एकनाथ शिंदे पर बोले आप नेता संजय सिंह , यह बाला साहेब” का प्यार है या “शाह साहेब” का डर?

    महाराष्ट्र:- महाराष्ट्र में जारी सियासी संग्राम के बीच उद्धव ठाकरे की सरकार का गिरना निश्चित हो गया है। बागी नेता एकनाथ शिंदे ने सिर्फ शिवसेना से अलग हुए बल्कि वह अपने साथ शिवसेना की सरकार भी लेकिन चले गए हैं। अभी कल ही एकनाथ शिंदे के पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। जिसके बाद आप नेता संजय सिंह ने एकनाथ शिंदे का एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया है और कहा है कि एकनाथ शिंदे जी 2015-16 में BJP गठबंधन से दुःखी थे, बोले “ मैं पहले शिव सैनिक हूँ बाद में मंत्री BJP के साथ पाँव में पाँव जोड़कर नही बैठ सकता” जो पाँव जोड़कर नही बैठ सकता वो हाथ जोड़कर क्यों खड़ा है? “बाला साहेब” का प्यार है या “शाह साहेब” का डर? 

     

     

    एकनाथ शिंदे के इस ट्वीट पर अब सोशल मीडिया यूजर्स जमकर प्रतिक्रिया कर रहे हैं। एक यूजर संजय सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहता है कि ऐसे दलबदलू और दोगले नेताओं को जनता के बीच जाने का कोई हक नहीं है..जनता को भी चाहिए कि ऐसे दोगले नेताओं को अपने यहां घुसने ना दे। वही एक अन्य यूजर एकनाथ शिंदे पर भड़ते हुए बोलता है डर का माहौल है… उधर मायावती का दलित प्रेम ED , INCOME TAX वालो ने हर लिया
    इधर हिंदुत्व का झंडा बुलंद करने वाले शिव सैनिकों ने केंद्र सरकार के डर से सरेंडर कर दिया है, रोज दहाड़ने वाले छुप छुप कर भागे भागे फिर रहे हैं… ये औकात कर दी इनकी केंद्र ने… बाला साहब का नाम मिट्टी…
    एक अन्य यूजर उद्धव ठाकरे के सरकारी आवास छोड़ने पर बोलता है कि उद्धव ठाकरे ने सरकारी आवास छोड़ दिया है। क्या ED/CBI जांच करेगी कि इतने विधायकों को सूरत और वहाँ से गुवाहाटी ले जाने का आपरेशन कितने दिन पहले शुरू हुआ। पैसा किसका है, कितना पैसा, किसको मिला? वही एक अन्य यूजर कहता है कि कांग्रेस ने तुझे 50 साल में इतना दे दिया की तू उसे smartphone पर उसी को गाली दे रहा है, काश कांग्रेस तुझ जैसो को afghanishan या पाकिस्तान type country देती तु पेट भरने के लिए रोता, मगर तु निराश ना हो आज बीजेपी नौकरी खतम कर 5 किलो राशन पर लाई है कल तेरे बच्चे दाने दाने को तरसेंगे।