Category: politics

  • भाजपा ने कर्नाटक में धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया

    भाजपा ने केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी ने तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को सह-प्रभारी भी नियुक्त किया है। प्रधान ने 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के कार्यकाल के दौरान कर्नाटक प्रभारी के रूप में काम किया था।

    अन्नामलाई, जो कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी थे, उनको राज्य का अच्छा ज्ञान है। उन्होंने पूरे राज्य में सेवाएं दी थीं और जनता के बीच अच्छा नाम कमाया था। लोगों ने उनकी नियुक्ति की मांग की और राज्य में उनके तबादलों का विरोध किया था।

    प्रधान ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में चुनाव प्रभारी के रूप में काम किया है। दोनों नेता राज्य की जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं की नब्ज से वाकिफ हैं। राज्य में सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे पर लड़ना चाहती है। नेताओं ने ऐलान किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर कर्नाटक में वोट मांगेंगे।

    चूंकि चुनाव दो महीने से भी कम समय में होने हैं, इसलिए राजनीतिक दलों ने राज्य में चुनावी बिगुल फूंक दिया है। प्रमुख दलों द्वारा प्रचार अभियान शुरू कर दिया गया है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य के लगातार दौरे को देखते हुए बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

  • पीयूष गोयल कर्नाटक में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार संबंधी सवालों को टाल गए

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को मीडिया द्वारा कर्नाटक में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में पूछे गए सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया, जिसमें बहुचर्चित ’40 फीसदी कमीशन शुल्क’ भी शामिल है। गोयल ने मीडियाकर्मियों द्वारा भ्रष्टाचार पर पूछे गए सवालों को टाल दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर बाद में चर्चा की जा सकती है, अभी यह बजट पर चर्चा करने का समय है।

    हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भ्रष्टाचार को खत्म करने का फैसला किया है। मंत्री ने कहा, “सरकार पर लगे किसी भी आरोप की जांच की जाएगी। पीएम मोदी 40 फीसदी कमीशन चार्ज पर कार्रवाई शुरू करेंगे। उन्होंने कर्नाटक में भाजपा को फिर से सत्ता में लाने का फैसला किया है।”

    उन्होंने कहा, “हम राज्य में भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। लोग कांग्रेस पार्टी के प्रचार से परेशान नहीं होंगे। जनता आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता देगी। कैबिनेट विस्तार का काम सीएम बसवराज बोम्मई पर छोड़ दिया गया है।” गोयल ने अडानी समूह के शेयरों में गिरावट के बारे में बात करते हुए कहा कि शेयर बाजार नियामक प्राधिकरण इस मामले को देखेंगे।

    एसबीआई और एलआईसी ने पहले ही अपनी राय दे दी है और कहा है कि उनका निवेश बरकरार है। उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या अडानी समूह द्वारा शेयरों के गिरने के मुद्दे का इस्तेमाल पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

    पूर्व सीएम बी.एस. येदियुरप्पा के बारे में उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा पार्टी में सर्वोच्च और वरिष्ठ नेता हैं। वह केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्य भी हैं।
    उन्होंने कहा, “वह पार्टी के सभी फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पार्टी इस समय उनके साथ पूरे सम्मान के साथ व्यवहार कर रही है और भविष्य में भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। उनके मार्गदर्शन में ही चुनाव लड़ा जाएगा।”

  • अडानी समूह के मामले को देखा जाना चाहिए : नीतीश

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि अडानी समूह के मामलों पर गौर किया जाना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अब तो सब कुछ प्रकाश में आ गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को अपनी समाधान यात्रा के तहत किशनगंज जिले का दौरा कर रहे हैं।

    इस दौरान उन्होंने पत्रकारों द्वारा संसद की कार्यवाही के दौरान अडानी समूह मामले में जांच को लेकर हो रहे हंगामे के विषय में पूछे जाने पर कहा कि इस मामले की जानकारी है। उनके काम का कोई खास मतलब नहीं है। अब सब कुछ प्रकाश में आ गया है तो उसे देखना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि जदयू सहित विपक्ष अडानी समूह पर हिंडनबर्ग शोध रिपोर्ट की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या भारत के प्रधान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग कर रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि अडानी फर्मों में निवेश किए गए एलआईसी और एसबीआई के सार्वजनिक धन डूबने का खतरा है और सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है।

  • क्यों नीतीश ने उपेन्द्र कुशवाहा से कहा पार्टी छोड़ने को

    राजनीति- जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं अब नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी छोड़ने को कह दिया है।

    नीतीश कुमार ने समाधान यात्रा के दौरान कहा, यदि कोई हमारी पार्टी में आता है और पार्टी को छोड़ देता है। तो ऐसे लोगों को दल से अलग हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुशवाहा ने दो दफ़ा पार्टी को छोड़ दिया था और पुनः पार्टी में वापस आए।
    उन्होंने आगे कहा, उनके राजनीतिक करियर का निर्माण मैंने किया। उन्हें विधायक बनाया और उन्होंने पार्टी छोड़ दी। लेकिन जब वह वापस आए तो उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया सम्मान दिया। लेकिन पुनः उन्होंने हमारा साथ छोड़ा। अब तीसरी बार उन्होंने हमारा विरोध किया।
    मैं नहीं जानता क्या हुआ है वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। मैं उनसे बात करने का प्रयास कर रहा हूँ। लेकिन वह बात नहीं कर रहे। वहीं अगर कोई बार-बार मेरे खिलाफ बोल रहा है। तो यह साफ इशारा कर रहा है कि उन्होंने किसी अन्य पार्टी के विचारों से समझौता कर लिया है।

  • भाजपा ने दूध के दाम और बस, ऑटो के किराये बढ़ाकर घरेलू अर्थव्यवस्था चौपट की : अखिलेश

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने दूध के दाम और बस-ऑटो का किराया बढ़ाकर घरेलू अर्थव्यवस्था को चौपट करने का जनविरोधी काम किया है। मंगलवार को जारी बयान में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि पहले अमूल ने अपने दूध उत्पादों के दाम बढ़ाए फिर पराग ने भी दाम बढ़ा दिए। इससे बच्चों के दूध में कटौती होगी। भाजपा सरकार में सफर भी मंहगा हो गया है। सामान्य बस सेवाओं का किराया 25 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर बढ़ाने से अब परिवहन सेवाओं की दर में 1 रुपये 30 पैसे प्रतियात्री प्रतिकिलोमीटर की बढ़ोतरी हो गई है।

    सपा मुखिया ने कहा कि केंद्रीय बजट के साथ भाजपा की डबल इंजन सरकार ने जनता पर मंहगाई की मार पड़ना शुरू हो गई है। लोग त्राहि-त्राहि करने लगे हैं। लोग कैसे अपनी गृहस्थी चलाएं और कैसे जीवनयापन करें, यह सवाल अब सभी को परेशान कर रहा है। जनता को अब पूरा विश्वास हो चला है कि भाजपा सरकार पूंजी-घरानों की संरक्षक सरकार है, पूंजीपति मित्रों को बड़े-बड़े कर्ज देने वाली सरकार है, उससे देश की अर्थव्यवस्था भले ही बने या बिगड़े।

    उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों के साथ ही लखनऊ शहर में ऑटो का किराया भी बढ़ गया है। अब यात्रियों को प्रति किलोमीटर के लिए लगभग 10.58 रुपये किराया देना होगा। अखिलेश ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने जो हाल ही में बजट पेश किया है, उसमें महंगाई रोकने का कोई उपाय नजर नहीं आ रहा है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दामों में कोई कमी नहीं की गई। खाद्यान्न के दामों में बढ़ोतरी से आम जनता क्या खाए, क्या बचाए? जन-साधारण की दैनंदिन चिंताओं और परेशानियों पर भाजपा सरकार ने आंखें मूंद रखी हैं।

    उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों में सफर करने पर यात्रियों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। बसों का किराया 25 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से बढ़ा दिया गया है और सोमवार रात से बढ़ा हुआ किराया लागू कर दिया गया है। इससे रोडवेज को सालाना 30 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा।

  • प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं अडानी को मिलते हैं कॉन्ट्रैक्ट : राहुल गांधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल एक कॉपोर्रेट अडानी समूह का पक्ष ले रही है, ‘जिसे विदेशी सहित सभी अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) मिलते हैं’। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर कहा, पहले वे अडानी के विमान में यात्रा करते थे और अब अडानी मोदी जी के साथ उनके विमान में यात्रा करते हैं। पहले मामला गुजरात तक सीमित था और अब वह अंतरराष्ट्रीय हो गया है।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया, प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया गए और एसबीआई ने जादुई तरीके से अडानी को 1 अरब डॉलर का ऋण दिया। प्रधानमंत्री बांग्लादेश जाते हैं और फिर देश का बिजली विकास बोर्ड अडानी के साथ 25 साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करता है।

    राहुल गांधी ने पूछा कि अडानी ने पिछले 20 सालों में बीजेपी को कितना पैसा दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि 2022 में श्रीलंका बिजली बोर्ड के अध्यक्ष ने श्रीलंकाई संसदीय समिति को सूचित किया कि उन्हें राष्ट्रपति राजपक्षे द्वारा बताया गया था कि उन पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अडानी को पवन ऊर्जा परियोजना देने के लिए दबाव डाला गया था।

    राहुल ने आगे कहा कि यह भारत की विदेश नीति नहीं है। यह अडानी के कारोबार के लिए नीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लोगों ने उनसे पूछा कि 2014 से 2022 के बीच एक व्यक्ति अडानी की संपत्ति 8 अरब डॉलर से बढ़कर 140 अरब डॉलर कैसे हो गई और प्रधानमंत्री के साथ उनका क्या रिश्ता है।

    उन्होंने कहा, भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान हमने लोगों की आवाजें सुनीं और हमने भी अपनी आवाजें रखीं। हमने यात्रा के दौरान बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से बात की। हमने युवाओं से उनकी नौकरी के बारे में पूछा, जिसमें कई लोगों ने कहा कि वे बेरोजगार हैं या उबर ड्राइवर हैं।

    राहुल गांधी ने कहा कि किसानों ने पीएम-बीमा योजना के तहत पैसा नहीं मिलने और उनकी जमीन छीने जाने की बात कही, तो वहीं आदिवासियों ने ट्राइबल बिल की बात की।

    राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि जब हमने भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए पहली बार चलना शुरू किया, तो हम विपक्ष की भूमिका निभाना चाहते थे और लोगों को उनकी समस्याओं के बारे में बताना चाहते थे। हालांकि, जैसे-जैसे हम आगे बढ़े, 500-600 किलोमीटर के बाद, एक बड़ा बदलाव आया। लोगों को उनकी समस्याओं का कारण बताने के बजाय, उन्होंने हमें अपनी समस्याओं के बारे में बताना शुरू कर दिया।

  • बीजेपी, माकपा दोनों त्रिपुरा में हिंसा, भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार : ममता

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पार्टी में अराजक स्थितियों के कारण कांग्रेस छोड़ दी थी। आगे उन्होंनेन कहा, त्रिपुरा में हिंसा और भ्रष्टाचार के लिए भाजपा और माकपा दोनों ही बराबर जिम्मेदार हैं। रोड शो के बाद चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि लोगों को राहत देने के लिए उनकी तृणमूल एकमात्र वैकल्पिक पार्टी है क्योंकि कांग्रेस माकपा की बी-टीम है।

    उन्होंने कहा, कई साल पहले मैंने कहा था कि कांग्रेस सीपीआई-एम की बी-टीम है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में गठबंधन किया, अब वे त्रिपुरा में भी यही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपचार, शिक्षा या किसी अन्य उद्देश्य के लिए त्रिपुरा के लोगों का हमेशा बंगाल में स्वागत है।

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने भाजपा और केंद्र सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि वह देश और लोगों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं और हाल के बजट में लोगों को ठगने के लिए कई चीजों को अपनाया है। बनर्जी ने कहा कि बंगाल और त्रिपुरा दोनों की संस्कृति, भाषा, खान-पान और पहनावा एक जैसा है और बंगाल हमेशा त्रिपुरा के साथ खड़ा रहेगा।

    त्रिपुरा में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने बहुत कुछ करने का वादा किया था, लेकिन पांच साल तक उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में सत्ता में आने के बाद तृणमूल पश्चिम बंगाल की तर्ज पर त्रिपुरा का विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि, हम त्रिपुरा में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान, उद्योग, सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले स्कूल, कॉलेज और व्यापार केंद्र स्थापित करेंगे। बीजेपी हमेशा डबल इंजन का जिक्र करती है, दरअसल उनके पास दो इंजन हैं- ईडी और सीबीआई। जब सभी विकल्प विफल हो गए, तो उन्होंने (भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार) विरोधियों के खिलाफ सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल किया। लेकिन भाजपा को पता होना चाहिए कि तृणमूल किसी भी दबाव में नहीं झुकेगी। हम उनके खिलाफ और लोगों के विकास और कल्याण के लिए अंत तक लड़ेंगे।

    अपनी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर त्रिपुरा में तृणमूल सत्ता में आती है तो ये सभी योजनाएं राज्य में शुरू की जाएंगी। सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब भी आवश्यकता होगी वह भाजपा की साजिशों का सफाया करने और उनकी हिंसा को रोकने के लिए त्रिपुरा आएंगे।

    उन्होंने कहा, तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर किसी अन्य दल में भाजपा की आक्रामक गतिविधियों को मात देने की हिम्मत नहीं है और यह पिछले साल त्रिपुरा में स्थानीय निकायों के चुनाव में स्पष्ट था। तृणमूल कांग्रेस ने 60 सीटों में से तीन महिलाओं सहित 28 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी ने वरिष्ठ वकील अनंत बनर्जी को मुख्यमंत्री माणिक साहा के खिलाफ बारडोवली निर्वाचन क्षेत्र से उतारा है, जबकि पार्टी के हबील मिया धनपुर सीट से केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

    तृणमूल ने सबरूम निर्वाचन क्षेत्र में माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, लेकिन कैलाशहर सीट पर त्रिपुरा राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा के खिलाफ एमडी अब्दुल मतीन को उतारा।

  • बुलडोजर की कार्यवाही पर बोले- उमर अब्दुल्ला

    राजनीति- वैसे तो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा के नाम से जाना जाता है। लेकिन अब बुलडोजर की राजनीति ने पूरे देश मे अपने पैर पसार लिए हैं। 

    बीजेपी शासित राज्यों में बुलडोजर चलाना आम बात हो गई है। वहीं अब बुलडोजर की कार्यवाही पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बयान दिया है।
    उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में अतिक्रमण विरोधी अभियान चल रहा है। इस अभियान में बुलडोजर का उपयोग हो रहा है। लेकिन वास्तव में इसका उपयोग अंतिम उपाय के तौर पर किया जाना चाहिए। 
    यह पहला एक्शन नहीं होना चाहिए। मुझे नहीं समझ आ रहा है कि किस आधार पर बुलडोजर भेजा जा रहा है। क्योंकि ध्वस्त की जाने वाली सभी संपत्तियों की सूची अदालत ने फर्जी बताई हैं।
    हम कभी भी अवैध सम्पति का समर्थन नहीं करते हैं। लेकिन हम कार्यवाही के इस तरीके का साथ नहीं दे सकते। क्योंकि यह सही नहीं है। हम मांग करते हैं कि अवैध सम्पत्ति की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए। ताकी हम इसका दाव पेश कर सकें।

  • क्यों मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बाल विवाह रोको अभियान का विरोध कर रही हैं महिलाएं

    देश– असम में बाल विवाह के खिलाफ एक्शन लिया गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा आदेश मुताबिक पूरे राज्य में बाल विवाह रोकने के परिपेक्ष्य में अभियान चलाया जा रहा है। लगातार गिरफ्तारी हो रहीं हैं। विपक्ष इसे बीजेपी के प्रचार का हथकंडा बता रही है।
    वहीं राज्य के लोग लगातार सरकार की इस नीति का विरोध कर रहे हैं। लेकिन इस सबके बीच सबसे अधिक विचार की बात यह है कि मुख्यमंत्री इसे महिलाओं के हित का बता रहे हैं। वहीं महिलाएं इसका लगातार विरोध कर रही हैं। महिलाएं सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आई हैं।
    जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वह महिलाओं के पति और उनके रिश्तेदार हैं। महिलाओं का कहना है कि सरकार मनमानी ढंग से कुछ भी नहीं कर सकती है यह गलत है। लेकिन इस सबके बाद मुख्यमंत्री का कहना है कि यह कार्यवाही जारी रहेगी।
    हालाकि इस बीच एक आत्महत्या का मामला सामने आया है। मामला सामने आते हैं सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक लड़की अपनी शादी के वक्त नाबालिग थी और उसे आशंका थी कि कहीं उसके पिता को इसका जिम्मेदार मानते हुए गिरफ्तार न कर लिया जाए, इसलिए उसने खुदकुशी कर ली।
    वास्तव में यदि जमीनी स्तर की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए देखा जाए तो असम सरकार को इस निर्णय पर विचार करने की आवश्यकता है। क्योंकि उनका यह अभियान कई लोगों के बसे बसाए घर को उजाड़ कर राज्य में माहौल खराब कर सकता है।

  • महाराष्ट्र में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, एलआईसी-एसबीआई के अडानी समूह में किए निवेश की जांच की मांग

    महाराष्ट्र में कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एलआईसी के ठाणे कार्यालय और अन्य जगहों पर शोर-शराबे के साथ विरोध प्रदर्शन किया और संकटग्रस्त अडानी समूह से संबंधित उसके निवेश की जांच की मांग की। राज्य के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश के आम लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई को भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय स्टेट बैंक और अन्य बैंकों या वित्तीय संस्थानों में निवेश किया है।

    प्रदर्शन में खान की मांग- केंद्र सरकार के दबाव के कारण ही सारा सार्वजनिक पैसा एलआईसी और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा अडानी समूह में फिर से निवेश किया गया था। इसकी संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले पखवाड़े हिंडनबर्ग रिसर्च की हालिया रिपोर्ट ने अडानी समूह द्वारा किए गए कदाचार को उजागर किया है जिससे देश की बदनामी हुई है।

    खान ने विक्रांत चव्हाण और मनोज शिंदे जैसे नेताओं के साथ केंद्र पर जमकर हमला बोला और खुलासे को ध्यान में रखते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार से अडानी समूह की सभी कंपनियों की गहन जांच के लिए संसदीय आयोग गठित करने और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के निर्देशानुसार, कांग्रेस आंदोलन कार्यक्रम के तहत पूरे महाराष्ट्र में एलआईसी और एसबीआई के सभी कार्यालयों के बाहर इसी तरह के प्रदर्शन किए गए।